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वायरल वीडियो पर CM भगवंत मान का जवाब, बोले- ‘बचपन के कट का निशान नहीं, इसलिए वीडियो फेक’

चंडीगढ़. पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीरवार को दावा किया है कि सोशल मीडिया पर जो कथित वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसमें वे नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को उनके चेहरे का मास्क पहनाकर वीडियो बनाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो मीडिया को दिखाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी कद काठी से मिलते व्यक्ति को उनके चेहरे का मास्क पहनाकर वीडियो शूट किए गए। मान ने कहा कि उनके गले के पास बचपन से ही कट का निशान है, लेकिन उनका फर्जी वीडियो बनाने वाले इस पर ध्यान देने से चूक गए। साजिश बेनकाब होगी। साजिश में जगमन समरा का है हाथ भगवंत मान ने एक और वीडियो दिखाते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इस साजिश में कनाडा में रहने वाले जगमन समरा का हाथ है, जिसने कार में मास्क की डिलीवरी ली और फिर हाथ में मास्क डालकर फेस ते फेस बोलता सुनाई दे रहा है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उन्हें धार्मिक तौर पर बदनाम करने की विपक्षी पार्टियों की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि वीडियो की सच्चाई सामने आने के बाद मुझे नहीं लगता कि अब इस बारे में कोई सफाई देने की जरूरत है। अब नानक नाम लेवा संगत का जो भी फैसला होगा, वह उन्हें मंजूर होगा। मान 2016 के बाद नहीं गए कनाडा मोहाली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मान ने दावा किया कि 2016 के बाद वे कभी कनाडा नहीं गए। वीडियो में दिखाया गया कमरा कनाडा के एबाट्सफोर्ड स्थित एक होटल का है। कमरे का डिजाइन दर्शाता है कि वह वर्ष 2017-18 के बाद का है। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने कनाडा में एक होटल का कमरा बुक कर उनकी कद काठी से मेल खाते व्यक्ति को मेरे चेहरे का मास्क पहनाकर इस वीडियो को शूट किया। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कई वीडियो उसी दिन यहां तैयार किए गए।

Cyber Fraud Case: केरल कनेक्शन वाले तीन आरोपी गिरफ्त में, ठगी गिरोह का भंडाफोड़

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा जिले के गीदम में 61 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम से बैंक खाते संचालित कर ठगी की रकम जमा करते थे और बाद में उसे क्रिप्टो करेंसी के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था. विशेष टीम ने केरल पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में कई बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं. एक आरोपी गिरफ्तारी के बाद फरार भी हुआ, लेकिन अगले ही दिन दोबारा पकड़ लिया गया. पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर बड़ी सफलता मानी जा रही है. साइबर ठगों के पास ₹7.5 लाख कैश ज्ञात हो कि रामपुर जिले के थाना पटवाई क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया था. इसी दौरान सोहना पुल रोड पर एक संदिग्ध थार गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी ली गई. गाड़ी में सवार तीन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं, जब पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुरादाबाद निवासी कैलाश सिंह और रामपुर निवासी विवेक कुमार और हरविंदर सिंह के रूप में हुई है. आरोपियों के कब्जे से करीब साढ़े सात लाख रुपये की नकदी बरामद की गई. इसके अलावा एक लैपटॉप, एक एटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की छह मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, चार अलग-अलग बैंकों की पासबुक, एक भारतीय पासपोर्ट और आधार और पैन कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं.

Badnagar Van Blast: पटाखों से किया धमाका, ‘फिर आ गए’ मैसेज की गुत्थी सुलझाने में जुटीं ATS और फोरेंसिक टीम

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से एक वैन को लटकाकर उसमें ब्लास्ट किया गया है। वीडियो बड़नगर के अडान मोहल्ले का बताया जा रहा है। इसके बाद उज्जैन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 23 जून का है वीडियो घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। उज्जैन के बड़नगर स्थित अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया। वैन पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहराते रहे। इसके बाद वैन में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया। मुहर्रम के जुलूस के दौरान वैन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट करने का वीडियो देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आ गई हैं। जिले की बड़नगर पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर वैन और क्रेन को जब्त कर लिया है। आरोपियों का कहना है कि 8 हजार के पटाखों से विस्फोट किया। उज्जैन, उन्हेल, नागदा और महिदपुर पहले से संवेदनशील माने जाते हैं, इसलिए जांच में स्थानीय पुलिस के साथ एटीएस, यानी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड भी शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब तीन बड़े सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं-     विस्फोट के पीछे मकसद क्या था?     गाड़ी पर ‘ले, फिर आ गए’ क्यों लिखा था?     विस्फोटक कौन सा था और उसे कहां से लाया गया था? 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाकर उड़ाई थी वैन दरअसल, 23 जून की रात बड़नगर के अडान मोहल्ले से मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इसमें टाटा मैजिक गाड़ी को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया था। इसकी छत पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहरा रहे थे। वैन पर ‘ले, फिर आ गए’ लिखा था। जुलूस में शामिल कुछ लोगों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर भी यही मैसेज लिखा था। कुछ देर बाद वैन में विस्फोट कर दिया गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। मामले में शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खां और तपसील उर्फ तस्लीम को अरेस्ट किया गया है। वहीं, क्रेन के मालिक पर भी केस किया गया है। जाहिद-तपसील ने लहराए थे झंडे पुलिस के मुताबिक, शोएब ने अडान अखाड़े के बैनर तले मुहर्रम का जुलूस निकाला था। उसी ने कबाड़ में रखी गाड़ी को क्रेन पर लटकवाया था। विस्फोट के समय जाहिद और तपसील गाड़ी की छत पर मौजूद थे। वे ही झंडे लहराते दिखाई दिए थे। ब्लास्ट के पहले दोनों नीचे उतर आए थे। पुलिस को आरोपियों ने करीब 8 हजार रुपए के पटाखे खरीदने का बिल भी दिया है, जिसकी तस्दीक की जा रही है। 2500 रुपए किराए पर ली गई थी क्रेन क्रेन मालिक गोपाल राठौर ने पुलिस को बताया कि अडान अखाड़े के सदस्यों ने पुष्प वर्षा के लिए क्रेन किराए पर लेने की बात कही थी। 2500 रुपए किराया तय होने के बाद ड्राइवर समेत क्रेन भेज दी थी। राठौर का कहना है कि उन्हें वाहन में विस्फोट करने की कोई जानकारी नहीं थी। शुक्रवार को उज्जैन की फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ता (BDS) बड़नगर पहुंचकर वैन से सेंपल इकट्‌ठा करेंगे। भीड़भाड़ वाले इलाके में किया गया ब्लास्ट एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बड़नगर के जय स्तंभ चौक पर भीड़भाड़ वाले इलाके में ये विस्फोट किया गया था। ब्लास्ट के बाद गाड़ी के पार्ट्स, कांच और दूसरी चीजें नीचे गिरीं। इससे लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ। कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के साथ बड़नगर पहुंचे और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कहा- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गाड़ी में रॉकेट और सुतली बम लगाए गए थे। इसके कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट जैसी स्थिति बनी। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला, 75 सीएम श्री स्कूलों में मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के 75 सीएम श्री स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ सरकार ने उसका चेहरा बदलने का भी फैसला किया है। सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक्सपेंडिचर एंड फाइनेंस कमिटी (ईएफसी) की बैठक में इसके लिए करीब 264.90 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है। इंफ्रास्ट्रक्चर स्तर पर सुधार के साथ सीसीटीवी कैमरे आधुनिक सभागार, विज्ञान एवं आईटी पार्क और विशेष कैटिगरी के बच्चों के लिए खास सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता के साथ शिक्षा मंत्री आशीष सूद, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी इस बैठक में मौजूद रहे। यह पूरा काम अगले साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा? सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूल भवनों की मरम्मत कराना नहीं, बल्कि ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ, आधुनिक परिसर मिले। इस योजना के अंतर्गत स्कूलों के प्रवेश द्वारों का आधुनिक स्वरूप में निर्माण और सौंदर्याकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सीएम श्री स्कूलों की जर्जर इमारतों की समस्या दूर करना, वॉटरप्रूफिंग, बाहरी पेंटिंग, नया प्लास्टर, बाउंड्री वॉल एवं फेंसिंग का निर्माण व मरम्मत, टॉयलेट, पानी की व्यवस्था, सीवर एवं ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ खेल सुविधाओं का विकास, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, मल्टीपरपज हॉल विकसित किए जाएंगे। खराब एलईडी लाइट, सीलिंग फैन, एग्जॉस्ट फैन और पीए (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम को बदला जाएगा, ताकि पूरे परिसर में घोषणाएं और आपातकालीन सूचनाएं तेजी से प्रसारित की जा सकें। रेखा गुप्ता ने कहा कि स्कूल परिसरों का स्वरूप भी पूरी तरह बदला जाएगा। आधुनिक डिजाइन वाले सीएम श्री प्रवेश द्वार विकसित किए जाएंगे। खेल मैदानों में आधुनिक आउटडोर गैलरी विकसित की जाएगी, जिसका उपयोग आउटडोर कक्षाओं, मनोरंजन, इंटरैक्टिव गतिविधियों तथा सहयोगात्मक शिक्षण के लिए किया जा सकेगा। बास्केटबॉल कोर्ट में नया टर्फ बिछाया जाएगा। यह सारा कार्य अगल साल के अंत तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।  

लखनऊ में कुर्सी रोड होगा छह लेन, पांच लाख लोगों की सफर की परेशानी होगी खत्म

पटना यूपी की राजधानी लखनऊ में लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। कुर्सी रोड पर बसे लोगों को आए दिन लगने वाले जाम से निजात मिलने वाली है। डंडहिया चौराहा से बेहटा तक 12.5 किमी लंबा यह मार्ग मौजूदा समय में चार लेन का है, जिसे शीघ्र ही छह लेन का किया जाएगा। सर्विस रोड पर हुए अवैध कब्जे भी हटाए जाएंगे। छह लेन की सड़क होने पर सरगम अपार्टमेंट से लेकर डंडहिया चौराहे तक अक्सर लगने वाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी। उनकी आवाजाही आसान हो जाएगी। कुर्सी रोड(लखनऊ-महमूदाबाद मार्ग) स्टेट हाईवे है। चार लेन के इस हाईवे के चौड़ीकरण की मांग क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की तरफ से सालों से उठाई जा रही है। इस बार पीडब्ल्यूडी ने अपनी कार्ययोजना में चौड़ीकरण का प्रस्ताव शामिल करते हुए शासन की स्वीकृति के लिए भेज दिया है। सहमति मिलते ही चौड़ीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस मार्ग के दोनों तरफ पचासों की संख्या में कॉलोनियां सहित सहित एलडीए के और निजी अपार्टमेंट बन चुके हैं। नहरिया रोड से भी इस मार्ग पर काफी संख्या में लोगों का आनाजाना होता है। चार लेन वाली इस सड़क पर ट्रैफिक का बोझ बढ़ा है, जिससे आए दिन पीक ऑवर में जाम की स्थिति बनती है। चौड़ीकरण से इस समस्या से राहत मिलेगी। 60 करोड़ की लागत से होगा चौड़ीकरण कुर्सी रोड के चौड़ीकरण का काम लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से कराया जाएगा। निर्माण कार्य का खाका पीडब्ल्यूडी ने तैयार कर लिया है। प्रस्ताव भी शासन को भेज दिया है। स्वीकृति का इंतजार है। दोनों तरफ 10.5-10.5 मीटर चौड़ी होगी सड़क कुर्सी रोड अभी फोर लेन है, जो कि 07-07 मीटर चौड़ी है। दोनों ही तरफ गुडंबा थाना तक सर्विस लेन भी है, जिस पर ठेलों और रेहड़ी वालों ने कब्जा कर रखा है। चौड़ीकरण के बाद यह सड़क दोनों तरफ 10.5-10.5 मीटर की हो जाएगी। इसके अतिरिक्त सर्विस लेन होगा। अधिकारियों के अनुसार मौजूदा समय में वहां सीवर और पेयजल पाइप लाइन डालने का काम चल रहा है। सड़क चौड़ीकरण के दौरान दोनों तरफ के अवैध कब्जे हटाए जाएंगे। पांच लाख से अधिक होंगे लाभांवित छह लेन की सड़क बनने के बाद कुर्सी रोड के दोनों तरफ बसी 50 से अधिक कॉलोनियों में रहने वाले, अपार्टमेंट के निवासियों सहित नहरिया रोड के लोगों को मिलाकर लगभग पांच लाख से अधिक की शहरी आबादी लाभांवित होगी। इसके अतरिक्त बेहटा तक के लोगों की लखनऊ तक आवाजाही आसान हो जाएगी।

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला, नालों की सफाई की निगरानी अब IAS और HCS अधिकारियों के जिम्मे

चंडीगढ़. हरियाणा में मानसून की तैयारियों तथा जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को नालों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में चल रहे नालों के सफाई कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन के भीतर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने क्षेत्रों में जल निकासी अवसंरचना का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। विशेष निगरानी अभियान के तहत प्रत्येक आईएएस और एचसीएस अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में कम से कम पांच किलोमीटर लंबाई के नालों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ तथा स्थलीय अवलोकन सहित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून की तैयारियां केवल कार्यालय में बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर डी-सिल्टिंग कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन करना होगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान करनी होगी। कमियों का पता लगाना होगा तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाले का निरीक्षण सुनिश्चित कर सभी रुकावटें दूर की जाएं। लंबित कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग ने भी अपनी बात रखी।

तरनतारन में ASI ने सर्विस रिवॉल्वर से की आत्महत्या, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप

तरनतारन. विधानसभा हलका पट्टी के गांव कैरो पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई अमरजीत सिंह ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। अमृतसर निवासी अमरजीत सिंह का शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि अभी तक आत्महत्या की वजह का पता नहीं चल पाया। एएसआई अमरजीत सिंह करीब 4 माह से पुलिस चौकी में पत्थर प्रभारी तैनात थे। उनके साथ चौकी में तीन अन्य कर्मचारी भी तैनात थे। गुरुवार की शाम को नाकाबंदी के बाद खाना खाकर 9:30 बजे रात अपने क्वार्टर में गए वहां विश्राम के दौरान कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। क्योंकि मैं तैनात आने कर्मी ने मौके पर जाकर देख के ऐसी अमरजीत सिंह लहू लुहान पड़े थे और हाथ में उनके सर्विस पिस्टल थी। अमरजीत ने खुद की कनपटी पर पिस्टल लगाकर गोली चलाई जो उनकी मौत का कारण बनी। सूचना मिलते ही डीएसपी रविशेर सिंह मौके पर पहुंचे आशी का कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल के शव ग्रह में रखवा दिया गया है। कम नफरी के बीच ड्यूटी का था बोझ एएसआई अमरजीत सिंह ने खुद को गोली क्यों मारी इस बाबत अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई। हालांकि सूत्रों का कहना है कि पुलिस चौकी में नौकरी की कमी के चलते एएसआई अमरजीत सिंह कई बार अपना तबादला करवाने लिए अधिकारियों को कह चुके थे। एक ही सब डिवीजन में दूसरी घटना अभी 15 जून को पट्टी की अदालती परिसर में सुरक्षा में तैनात एएसआई गुरमीत सिंह ने खुद को गोली मारी थी जिनकी 7 दिन बाद अमृतसर के निजी अस्पताल में मौत हुई है।डीएसपी रविशेर सिंह ने बताया कि सब कब्जे में लेकर विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है।

बस्तर में धान खरीद व्यवस्था पर सवाल, उठाव में देरी से करोड़ों की फसल हुई खराब

सुकमा. सुकमा में धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. किसानों से समर्थन मूल्य पर खरीदा गया करीब 2 करोड़ 68 लाख रुपये मूल्य का धान या तो रिकॉर्ड से गायब मिला या फिर खुले में पड़े-पड़े अमानक हो गया. जिला स्तरीय सत्यापन में 1115.86 मीट्रिक टन धान रिकॉर्ड से कम पाया गया, जबकि 1295.90 मीट्रिक टन धान डेढ़ साल तक उठाव नहीं होने से खराब हो गया. यह वही धान था, जिसे मिलिंग के बाद गरीब परिवारों तक चावल के रूप में पहुंचना था. विभाग ट्रांसपोर्टिंग लक्ष्य पूरा होने का तर्क दे रहा है, लेकिन सवाल उठ रहा है कि लक्ष्य पूरा होने के बाद धान की सुरक्षा और समय पर उठाव की जिम्मेदारी किसकी थी? कई स्तरों की निगरानी व्यवस्था के बावजूद करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति का नुकसान प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन गया है. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि नुकसान की जिम्मेदारी तय होगी या नहीं. बस्तर संभाग में चार लाख क्विंटल धान असुरक्षित पड़ा धान खरीदी खत्म हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन प्रदेश के खरीदी केंद्रों में अब भी 10.76 लाख क्विंटल से ज्यादा धान पड़ा हुआ है। मानसून करीब है और समय पर बारिश शुरू होने की स्थिति में यह धान खराब हो सकता है। समर्थन मूल्य के आधार पर इसकी कीमत 333.74 करोड़ रुपए से अधिक है। खरीदी केंद्रों में अभी 7,48,310 क्विंटल मोटा, 1,21,020 क्विंटल पतला और 2,07,250 क्विंटल सरना धान का परिवहन बाकी है। परिवहन में लगातार हो रही देरी के कारण एक बार फिर करोड़ों रुपए के धान के खराब होने का खतरा पैदा हो गया है। साल 2025-26 में प्रदेश में कुल 14.10 करोड़ क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। इसमें से 12.34 करोड़ क्विंटल धान राइस मिलर्स को और 1.65 करोड़ क्विंटल धान संग्रहण केंद्रों में भेजा गया। नियम के अनुसार 31 मार्च तक खरीदी केंद्रों से धान का पूरा उठाव हो जाना चाहिए था, लेकिन समय-सीमा बढ़ाकर 31 मई कर दी गई। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में धान अब भी केंद्रों में जमा है। अब बारिश में खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।

स्वस्थ बच्चे बनेंगे समृद्ध समाज का आधार : सीएम योगी आदित्यनाथ

स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्यप्रद व स्वच्छ आहार-विहार आवश्यक : मुख्यमंत्री  स्वस्थ बच्चे बनेंगे समृद्ध समाज का आधार : सीएम योगी आदित्यनाथ सीएम योगी ने राज्य सरकार के सहयोग से बने अक्षयपात्र फाउंडेशन के केंद्रीयकृत रसोईघर का किया उद्घाटन नए सत्र में गोरखपुर के एक लाख स्कूली बच्चों को मिलेगा गुणवत्तापूर्ण गर्मागर्म भोजन : सीएम योगी गोरखपुर,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए स्वास्थ्यप्रद एवं स्वच्छ आहार-विहार का होना आवश्यक है। कुपोषण से मुक्ति के लिए जरूरी है कि स्वच्छता का ध्यान रखते हुए बच्चों को पौष्टिक आहार मिले। समाजहित में यह कार्य अक्षयपात्र फाउंडेशन द्वारा किया जा रहा है। स्वच्छ और पौष्टिक आहार मिलने से स्वस्थ बच्चे समृद्ध समाज का आधार बनेंगे।   सीएम योगी गुरुवार शाम गोरखपुर में राज्य सरकार के सहयोग से बने, एक लाख बच्चों के लिए भोजन क्षमता वाले अक्षयपात्र फाउंडेशन के केंद्रीयकृत रसोईघर के उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के मिड डे मील के लिए अक्षयपात्र फाउंडेशन की तरफ से भोजन निर्माण में स्वच्छता, पोषण और गुणवत्ता का जो ध्यान रखा जाता है, वह सबके लिए सीखने लायक है।  सीएम योगी ने कहा कि मथुरा, लखनऊ, वाराणसी, आगरा, कानपुर में अक्षयपात्र फाउंडेशन के रसोईघर पहले से संचालित हैं। अब सरकार के सहयोग से गोरखपुर में केंद्रीयकृत रसोईघर का निर्माण कर इसे आगे बढ़ाया जा रहा है। नए शैक्षिक सत्र में 50 हजार से अधिक स्कूली बच्चों को फिर कुछ समय में ही 1 लाख बच्चों को यहां से गर्मागर्म भोजन मेन्यू के हिसाब से प्राप्त होगा। उन्होंने बताया कि खाद्यान्न और कन्वर्जन कास्ट सरकार उपलब्ध कराती है। बेहतर ढंग से भोजन बनाने और वितरण का कार्य अक्षयपात्र की तरफ से किया जा रहा है।  भोजन की क्वालिटी देखनी हो तो शुरुआत स्वच्छता से करें मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए सबको सोचना चाहिए। हम स्वस्थ तभी रहेंगे जब हमारा आहार स्वच्छ होगा। आहार स्वच्छ होगा तो वह स्वास्थ्यप्रद भी होगा। पौष्टक आहार से शरीर स्वस्थ होगा और शरीर स्वस्थ रहने पर ही मस्तिष्क भी स्वस्थ होगा। उन्होंने कहा कि घर हो या बाजार, भोजन की क्वालिटी देखनी हो तो शुरुआत स्वच्छता से करें। स्वच्छता में असावधानी होने पर ही फ़ूड पॉयजनिंग जैसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने भोजन तैयार और वितरण करने में स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के लिए अक्षयपात्र फाउंडेशन की सराहना की।  विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान करेंगे स्वस्थ बच्चे मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षयपात्र फाउंडेशन के सहयोग से गोरखपुर में 1 लाख बच्चे पौष्टिक भोजन प्राप्त कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुपोषण मिशन के लक्ष्य को प्राप्त कर विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बच्चे भी भविष्य में समृद्ध समाज और सशक्त राष्ट्र का आधार बनेंगे।  सशक्त समाज की मजबूत कड़ी है शिक्षा सीएम योगी ने कहा कि शिक्षा, समृद्ध समाज की आधारशिला और सशक्त राष्ट्र की मजबूत कड़ी है। शिक्षा से ही समाज का वर्तमान और भविष्य तय होता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के बेसिक स्कूलों में मिशन कायाकल्प से और माध्यमिक स्कूलों में प्रोजेक्ट अलंकार से ढांचागत सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने आज से शुरू हुए बेसिक शिक्षा के सत्र को लेकर शिक्षकों का आह्वान किया कि वे प्रयास करें कि एक भी बच्चा स्कूल आने से वंचित न रहे। विद्यालय में प्रवेश दिलाने के साथ उसे यूनिफॉर्म, बैग, जूता, मोजा आदि सभी उपलब्ध कराया जाए।  यूपी की शिक्षा के कायाकल्प को नीति आयोग से मिली सराहना मुख्यमंत्री ने कहा 9 साल में यूपी की शिक्षा के कायाकल्प को नीति आयोग ने सक्सेस स्टोरी माना है। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों को सुरक्षित वातावरण में अध्ययन के लिए पर्याप्त धनराशि दी गई। सीएम ने कहा कि पहले जहां बोर्ड परीक्षाओं और परिणाम में महीनों लग जाते थे, वहीं अब 15 दिन में नकलविहीन परीक्षा और 15 दिन में परिणाम आ जाते हैं। इससे 11 माह पढ़ाई के लिए उपलब्ध होते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अटल टिकरिंग लैब, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी बन रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सभी जिलों में अभ्युदय कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बढ़ी सुविधाओं से प्रदेश में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा नया कीर्तिमान स्थापित करेगी।  अक्षयपात्र फाउंडेशन ने भूमि और आर्थिक सहायता के लिए सीएम योगी का जताया आभार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी सहित सभी आगतों का स्वागत करते हुए अक्षयपात्र फाउंडेशन के सह संस्थापक एवं उपाध्यक्ष चंचलापति दास ने रसोईघर के निर्माण के लिए करीब 2.5 एकड़ भूमि और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि अक्षयपात्र फाउंडेशन का मिशन है कि कोई भी बच्चा भूख की वजह से शिक्षा से वंचित न रहने पाए। उन्होंने बताया कि अक्षयपात्र की यह रसोई पीएम पोषण योजना के तहत गोरखपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के बच्चों के लिए प्रतिदिन 1 लाख गर्म, पौष्टिक एवं संतुलित भोजन तैयार और वितरित करने की क्षमता रखती है। विशेषीकृत रसोई उपकरणों में दो रोटी मेकिंग मशीनें हैं, जिनकी संयुक्त क्षमता प्रति घंटे 40 हजार रोटियां तैयार करने की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के हाथों उद्घाटित केंद्रीयकृत रसोईघर की नई सुविधा अब 546 विद्यालयों के 55,000 बच्चों तक सेवाएं प्रदान करने में सक्षम होगी तथा चरणबद्ध तरीके से 1,570 विद्यालयों के 1 लाख बच्चों तक अपनी पहुंच का विस्तार करेगी। वर्तमान में यह सुविधा भोजन वितरण के लिए 23 इलेक्ट्रिक वाहनों के बेड़े का संचालन कर रही है, जिससे कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने और क्षेत्रीय स्कूल भोजन प्रणाली को सुदृढ़ करने में सहायता मिलती है।  कार्यक्रम की अध्यक्षता अक्षयपात्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं ट्रस्टी भरतर्षभ दास ने की। इस अवसर पर प्रमुख रूप से राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, राजेश त्रिपाठी, विपिन सिंह, महेंद्रपाल सिंह, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष … Read more

ब्रांड पुशिंग का असर, दिल्ली में बीयर बिक्री दोगुनी, आबकारी राजस्व में 17% की बढ़ोतरी

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग द्वारा बियर, शराब की ब्रैंड पुशिंग की नीति का फायदा दिखने लगा है। दिल्ली में शराब की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है, जिसके चलते मौजूदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीने में रेवेन्यू में 17% का इजाफा हुआ है। बियर के नेशनवाइड पॉपुलर बियर बैंड की बिक्री भी दोगुनी हो चुकी है। दो महीने में 885 करोड़ आबकारी विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहले दो महीने ( अप्रैल- मई) में शराब की बिक्री से कुल 885 करोड़ का रेवेन्यू मिला था, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष में इसी दौरान बढ़कर 1038 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में शराब की बिक्री से कुल वास्तविक रेवेन्यू 7148 करोड़ रुपये रखा था, जो इस साल बढ़ाकर 7200 करोड़ रुपये कर दिया है। सरकार का कहना है कि ब्रेड पुशिंग के चलते शराब व बियर की बिक्री में इजाफा हुआ है। इधर, सस्ती बीयर की डिमांड घटी अधिकारी के मुताबिक गर्मियों के दौरान बियर की बिक्री बढ़ जाती है। इसलिए हमने नेशन वाइज पॉपुलर बियर बैंड की पुशिंग 24% से बढ़ाकर 54% कर दी है। इससे बिक्री पर असर पड़ा है। पिछले साल मई 2025 में पॉपुलर ब्रैंड की बियर की बिक्री 2,47,143 थी, जो इस साल बढ़कर 5,96,351 हो गई है। इससे कम पॉपुलर ब्रेड की बिक्री जो 2025 में कुल बिक्री का 76% था, वह घटकर 46 फीसदी पर आ गई है। ब्रांड पुशिंग को लेकर बनाया दबाव अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली में आबकारी विभाग ने सभी चार निगमों को ब्रांड पुशिंग को लेकर लगातार दबाव बनाया। इसके अलावा ब्रांडेड शराब की बिक्री को लेकर निगरानी भी बढ़ाई। उसकी नतीजा है कि दिल्ली के जो लोग अच्छी बियर व शराब के लिए दिल्ली की सीमा से सटे दूसरे राज्यों में जाते थे, उन्होंने दिल्ली में ही खरीदारी की। इससे बियर की बिक्री बढ़ी।