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नारायणपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, हथियारों का डंप और 24 लाख कैश जब्त

नारायणपुर. नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत नारायणपुर पुलिस और सुरक्षा बलों को दो अलग-अलग सर्च ऑपरेशनों में बड़ी सफलता मिली है। थाना ओरछा क्षेत्र के टेकला जंगल-पहाड़ी में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया गया। वहीं, थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से 24 लाख रुपये की नकद राशि बरामद कर सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के हथियारों के साथ-साथ उनके आर्थिक नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया है। विश्वसनीय सूचना के आधार पर चलाए गए इन अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने जंगलों में छिपाए गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण सुरक्षित बरामद किए। पुलिस के अनुसार, यह सफलता लगातार चलाए जा रहे सर्च और एरिया डोमिनेशन अभियान का परिणाम है। टेकला जंगल-पहाड़ी में मिले जखीरे से एक INSAS रायफल, दो SLR रायफल, दो .303 रायफल, दो 30-ओसी बंदूक, एक BGL लॉन्चर और एक सिंगल शॉट बंदूक बरामद की गई। इसके अलावा बड़ी संख्या में मैगजीन, सैकड़ों जिंदा कारतूस, डेटोनेटर तथा बायोफेंग संचार उपकरण भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, यह डंप नक्सलियों की गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र था। एक अन्य अभियान के तहत 25 जून को थाना छोटेडोंगर क्षेत्र के तोयामेटा जंगल-पहाड़ी से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई 24 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई। सुरक्षा एजेंसियां इसे नक्सली संगठन के आर्थिक नेटवर्क के लिए बड़ा झटका मान रही हैं। बरामद राशि के स्रोत और उसके उपयोग की भी जांच की जा रही है। अभियान लगातार रहेगा जारी पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सर्च अभियान लगातार जारी रहेगा। जंगलों में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य संसाधनों की तलाश कर उन्हें जब्त करने की कार्रवाई आगे भी तेज की जाएगी, ताकि नक्सली संगठन की संचालन क्षमता को कमजोर किया जा सके। जनता से सहयोग की अपील नारायणपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, व्यक्ति या सूचना की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि आमजन के सहयोग से जिले में शांति, सुरक्षा और विकास की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाया जा सकेगा।

Ayodhya News: चंदा चोरी विवाद के बीच चंपत राय और अनिल मिश्रा ने छोड़ा राम मंदिर ट्रस्ट

अयोध्या  राम मंदिर दान प्रकरण में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख का असर साफ देखने को मिला है. राम जन्मभूमि ट्रस्ट के दो सदस्य चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है. एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट में कठोर संस्तुति के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया. एसआईटी की सिफारिश पर मामले में पहली एफआईआर पहले ही दर्ज की जा चुकी है. इस्तीफों को जांच में हुई कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है ।  सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख और एसआईटी की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया है. इससे पहले इसी मामले में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर पहली एफआईआर दर्ज की गई. एफआईआर में आठ लोगों को नामजद किया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।  एसआईटी फिलहाल कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है. जांच एजेंसी आरोपियों के बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल रिकॉर्ड और कथित लेन-देन की पड़ताल में जुटी है. सूत्रों का कहना है कि एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ कड़ी सिफारिशें की गई थीं, जिसके बाद जांच की रफ्तार और तेज हुई।  इसी क्रम में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों को भी जांच से जोड़कर देखा जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच के संकेत दे चुके हैं. सरकार का कहना है कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर अनियमितता या जिम्मेदारी तय होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।  फिलहाल इस पूरे मामले में कई सवालों के जवाब अभी आने बाकी हैं. क्या एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट में और बड़े खुलासे होंगे? क्या जांच का दायरा और बढ़ेगा? और क्या ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में कोई बदलाव देखने को मिलेगा? इन सभी सवालों के जवाब आने वाले दिनों में जांच के साथ सामने आएंगे।  चढ़ावे से जुड़े मामले में 8 लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ है केस राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित गड़बड़ी की जांच के बीच गुरुवार को बड़ा कदम उठाया गया. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण मोहन की शिकायत पर राम जन्मभूमि थाने में आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ. एफआईआर में राम शंकर यादव उर्फ टीनू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव को नामजद किया गया है।  इनके खिलाफ गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज है. सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव (गृह) को सौंपे जाने के बाद यह कार्रवाई हुई. पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है।  ट्रस्ट से जुड़े कृष्ण मोहन ने दर्ज कराई है मामले की शिकायत इस पूरे मामले की शिकायत कृष्ण मोहन ने दर्ज कराई, जो सितंबर 2025 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था. फरवरी 2025 में ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद उनकी जगह कृष्ण मोहन का चयन किया गया. हरदोई के रहने वाले कृष्ण मोहन ने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई की थी. इसके बाद उन्होंने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में करीब छह वर्ष तक काम किया और फिर भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर महाराष्ट्र कैडर में सेवाएं दीं. साल 2012 में रिटायर होने के बाद वह सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे। 

मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार तेज, शाजापुर-नर्मदापुरम में 2 इंच बारिश; भोपाल-उज्जैन में 48 घंटे में एंट्री

 भोपाल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं। संभावना है कि मानसून इसी दौरान भोपाल और उज्जैन संभाग तक पहुंच जाएगा। हालांकि ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में मानसून सबसे आखिर में दस्तक देगा। इस बीच शुक्रवार को प्रदेश के 45 जिलों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।  दो जिलों में ऑरेंज अलर्ट, कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना मौसम विभाग ने आगर-मालवा और सीहोर में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से आंधी और तेज बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह और छतरपुर समेत कई जिलों में हल्की से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके विपरीत ग्वालियर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क रहने और धूप निकलने के आसार हैं। शाजापुर में सबसे ज्यादा बरसात गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश हुई। सबसे अधिक 51 मिमी (दो इंच से ज्यादा) वर्षा शाजापुर में दर्ज की गई, जबकि श्योपुर और बालाघाट में भी करीब आधा इंच पानी गिरा। इंदौर, खंडवा, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, खरगोन और मैहर सहित कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हुई। बारिश से तापमान में आई गिरावट लगातार बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। खरगोन सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बैतूल, सिवनी, खंडवा, धार और नर्मदापुरम सहित कई जिलों में पारा सामान्य से नीचे रहा। बड़े शहरों में भोपाल का अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री, इंदौर 33.9 डिग्री, उज्जैन 33.8 डिग्री, जबलपुर 38.1 डिग्री और ग्वालियर 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 15 जिलों में हुई बारिश गुरुवार को शाजापुर और नर्मदापुरम में करीब 2 इंच बारिश हुई। श्योपुर, रायसेन और सागर में सवा इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं गुना में 1 इंच, पचमढ़ी में पौन इंच और बालाघाट में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा इंदौर, खंडवा, बैतूल, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, मैहर और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहा। बिजली गिरने से बुजुर्ग की मौत शाजापुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं लगातार बारिश को देखते हुए इंदौर के जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर 22 अगस्त तक पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। कई शहरों में तापमान गिरा बारिश के बाद प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया। खरगोन सबसे ठंडा रहा, जहां अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं भोपाल में 32.8 डिग्री, इंदौर में 33.9 डिग्री, उज्जैन में 33.8 डिग्री, जबलपुर में 38.1 डिग्री और ग्वालियर में सबसे अधिक 40.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अभी भी सामान्य से कम बारिश मानसून की सक्रियता बढ़ने से प्रदेश में वर्षा की कमी कुछ कम हुई है। एक जून से अब तक सामान्य रूप से 91.7 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, जबकि 52.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। यानी प्रदेश अभी भी सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश पर है। हालांकि 24 जून तक यह कमी 50 प्रतिशत थी, जिससे स्पष्ट है कि हाल की बारिश ने स्थिति में करीब सात प्रतिशत सुधार किया है। किन जिलों में कम और कहां ज्यादा बारिश अब तक अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, दतिया, देवास, धार, गुना, ग्वालियर, हरदा, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ़, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। वहीं भोपाल, अशोकनगर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, श्योपुर, बुरहानपुर, इंदौर, शाजापुर और सीहोर ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। 15 जिलों तक पहुंच चुका है मानसून अब तक मानसून प्रदेश के 15 जिलों-आलीराजपुर, इंदौर, हरदा, धार, बैतूल, खंडवा, बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, खरगोन, सिवनी, बालाघाट, मंडला, बड़वानी और डिंडौरी में प्रवेश कर चुका है। इन जिलों के कई क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई है। 

वेल्डिंग मिस्त्री की बेटी सिमरन प्रवीन ने बास्केटबॉल में जीता गोल्ड, राष्ट्रीय स्तर पर चमकी प्रतिभा

बीकानरे  कहा जाता है कि यदि इरादे मजबूत हों और मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो रास्ते की हर मुश्किल आसान हो जाती है. इसका एक जीता-जागता और प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है राजस्थान के बीकानेर की रहने वाली युवा बास्केटबॉल खिलाड़ी सिमरन प्रवीन ने. सिमरन ने अपने परिवार के बेहद सीमित संसाधनों और कमजोर आर्थिक हालातों के बावजूद अपनी कड़ी मेहनत और असाधारण प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी पहचान बनाई है. एक साधारण वेल्डिंग मिस्त्री की बेटी सिमरन अब तक दो राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और एक नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर बीकानेर जिले सहित पूरे प्रदेश का नाम रोशन कर चुकी हैं. वर्तमान में सिमरन प्रवीन 12वीं कक्षा की छात्रा हैं और वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ बास्केटबॉल के मैदान पर भी लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं. बेहद कम समय में राष्ट्रीय फलक पर अपनी चमक बिखेरने वाली सिमरन का अब अगला लक्ष्य भारतीय सीनियर बास्केटबॉल टीम का हिस्सा बनना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीतना है. तीन साल पहले शुरू हुआ था बास्केटबॉल का सफर सिमरन बताती हैं कि उन्होंने करीब तीन वर्ष पहले ही बास्केटबॉल खेलना शुरू किया था. शुरुआत में उन्हें इस खेल के नियमों और तकनीकों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन एक स्थानीय ट्रायल में भाग लेने के बाद बास्केटबॉल के प्रति उनका लगाव इतना बढ़ गया कि उन्होंने इसे ही अपनी जिंदगी का मुख्य लक्ष्य बना लिया. इसके बाद नियमित कड़े अभ्यास, अनुशासन और अपनी मेहनत के दम पर उन्होंने बहुत ही कम समय में राष्ट्रीय स्तर तक का एक सफर तय कर लिया, जो हर किसी के लिए प्रेरणादायक है. सिमरन ने बताया कि वे अब तक दो नेशनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं. हाल ही में जनवरी माह में राजस्थान के बाड़मेर में आयोजित स्कूली राष्ट्रीय खेलों में भी उन्होंने अपनी टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया. इससे पहले आयोजित हुई एक अन्य प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी अद्भुत खेल प्रतिभा का लोहा देश भर में मनवाया था. बहन से मिली प्रेरणा, कोच ने तराशा हुनर सिमरन अपनी इस शानदार सफलता का एक बड़ा श्रेय अपने कोच नरेंद्र कस्वा को देती हैं. उनका कहना है कि उनके कोच ने हमेशा उन्हें मैदान पर और मैदान के बाहर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है. वे खिलाड़ियों को केवल खेल की तकनीक और ड्रिबलिंग ही नहीं सिखाते, बल्कि जीवन में अनुशासन और लक्ष्य के प्रति पूर्ण समर्पण का महत्व भी गहराई से समझाते हैं. सिमरन बताती हैं कि कोच अक्सर सभी खिलाड़ियों से कहते हैं कि “मोबाइल में कुछ नहीं रखा है, खेलो और अपना भविष्य बनाओ.” कोच की यही बातें सिमरन के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बन गईं. इसके अलावा सिमरन ने बताया कि बास्केटबॉल खेलने की शुरुआती प्रेरणा उन्हें अपनी बड़ी बहन से मिली थी, जिन्होंने उन्हें इस खेल को अपनाने की सलाह दी थी. माता-पिता ने आर्थिक तंगी के बाद भी दिया पूरा साथ एक बेहद साधारण और मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली सिमरन के पिता यूसुफ अली वेल्डिंग का कार्य करते हैं, जिससे उनके घर का गुजारा चलता है, जबकि उनकी माता मन्नत बानो एक कुशल गृहिणी हैं. चार भाई-बहनों में सिमरन सबसे छोटी और सबकी लाडली हैं. परिवार की आर्थिक परिस्थितियां बहुत ज्यादा मजबूत नहीं होने के बावजूद उनके माता-पिता ने कभी भी सिमरन के कदमों को रुकने नहीं दिया और अपनी क्षमता से बढ़कर उनकी खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग दिया. मैदान पर जब सिमरन उतरती हैं, तो अपनी तेज रफ्तार, बेहतरीन बॉल कंट्रोल और शानदार शूटिंग स्किल के दम पर विपक्षी टीम के डिफेंस को पूरी तरह से ध्वस्त कर देती हैं. सिमरन का कहना है कि उनका सबसे बड़ा सपना भारतीय टीम की आधिकारिक जर्सी पहनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना है, जिसके लिए वे रोज घंटों पसीना बहा रही हैं.

राजस्थान सरकार का बड़ा कदम, ऊर्जा बचाने वाले भवनों और ई-वाहनों को मिलेगा बढ़ावा

 जयपुर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने प्रदेश में ऊर्जा दक्ष भवनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रस्तावित राजस्थान एनर्जी कंजर्वेशन सस्टेनेबल बिल्डिंग कोड को अधिसूचित करने की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए हैं। इससे भवनों में ऊर्जा की खपत को कम किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने इस कोड के अनुपालन मैकेनिज्म को भी प्रभावी बनाने के निर्देश दिए ताकि प्रदेश में भवन निर्माण के क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्रोत्साहन दिया जा सके। मुख्य सचिव ने यह निर्देश गुरूवार को शासन सचिवालय में प्रदेश में एनर्जी ट्रांजिशन पर गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रदान किए।  कोड तथा इससे संबंधित रूल्स के प्रारूपों की समीक्षा करते हुए उन्होंने इसे जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा दिए जाने से ऊर्जा परिदृश्य में सकारात्मक बदलाव आया है और राजस्थान इसमें निरन्तर अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने पीएम ई— ड्राईव योजना के अन्तर्गत प्रदेश के प्रमुख शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशनों के लिए व्यापक रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स, ग्रिड स्थिरता और एनर्जी स्टोरेज परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि राजस्थान मजबूत एवं स्थिर ग्रिड तंत्र विकसित करने की दिशा में भी पूरी तरह प्रतिबद्धता से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन को और गति प्रदान करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने सरकारी भवनों में रूफ टॉप सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि इससे राजकीय कार्यस्थलों पर बिजली की बचत को प्रोत्साहन मिला है। बैठक में ऊर्जा सचिव सुश्री आरती डोगरा ने ग्रिड की स्थिरता, सौर ऊर्जा परियोजनाओं के क्रियान्वयन सहित ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

Haryana High Court का बड़ा फैसला, 396 दिन अनुपस्थित पुलिसकर्मी की अनिवार्य रिटायरमेंट कायम

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति दंड नहीं बल्कि जनहित में लिया गया प्रशासनिक निर्णय होता है और इसके लिए कर्मचारी के पूरे सेवा रिकॉर्ड को आधार बनाया जा सकता है। अदालत ने कहा कि पहले दी गई विभागीय सजा के बाद अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश अपने आप में दोहरी सजा नहीं माना जा सकता। जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने करनाल निवासी हरियाणा पुलिस के एक कर्मचारी की अपील खारिज करते हुए यह टिप्पणी की। हालांकि, अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि कर्मचारी के लंबित सेवा लाभ तीन माह के भीतर जारी किए जाएं। पुलिस कर्मी ने एकल पीठ के 11 फरवरी 2026 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी गई थी। उनका तर्क था कि उन्हें पहले ही 396 दिन तक ड्यूटी से गैर-हाजिर रहने के मामले में दंडित किया जा चुका है, इसलिए उसी आधार पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति देना दोहरी सजा के समान है। हाई कोर्ट ने अस्वीकार की दलील हाई कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि कानून स्पष्ट है कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं होती, बल्कि जनहित में यह तय करने का अधिकार नियोक्ता के पास है कि किसी कर्मचारी को आगे सेवा में बनाए रखना उचित है या नहीं। इसके लिए कर्मचारी के पूरे सेवा रिकॉर्ड का मूल्यांकन किया जा सकता है। अदालत ने पाया कि याची को अतीत में कई बार चेतावनी और निंदा जैसी सजाएं मिल चुकी थीं। वर्ष 2017 में उन्हें समय पर अदालत और महाधिवक्ता कार्यालय में उपस्थित नहीं होने पर निंदा की सजा दी गई थी। इसके अलावा 2018 और 2019 में भी विभिन्न मामलों में चेतावनी और निंदा के दंड दिए गए थे। रिपोर्ट में ईमानदारी पर उठे सवाल अदालत ने उनकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्टों का भी उल्लेख किया, जिनमें उन्हें कई अवसरों पर औसत से नीचे दर्ज किया गया था। एक रिपोर्ट में उनकी ईमानदारी को संदिग्ध बताया गया, जबकि व्यवहार, नेतृत्व क्षमता और सरकारी कार्यों में रुचि को भी संतोषजनक नहीं माना गया था। रिपोर्ट में उन्हें लापरवाह, गैर-जिम्मेदार और अविश्वसनीय कर्मचारी तक कहा गया था। खंडपीठ ने कहा कि इन सभी तथ्यों को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी के पास यह निष्कर्ष निकालने के पर्याप्त आधार थे कि कर्मचारी की आगे की सेवा जनहित में नहीं है और वह विभाग के लिए ''डेडवुड'' बन चुका है। अदालत ने माना कि अनिवार्य सेवानिवृत्ति का निर्णय उचित सामग्री पर आधारित था, इसलिए इसमें न्यायिक हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं बनता। इसी के साथ अपील को खारिज कर दिया गया।

वायरल वीडियो पर CM भगवंत मान का जवाब, बोले- ‘बचपन के कट का निशान नहीं, इसलिए वीडियो फेक’

चंडीगढ़. पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीरवार को दावा किया है कि सोशल मीडिया पर जो कथित वीडियो प्रसारित हो रहा है, उसमें वे नहीं, बल्कि किसी अन्य व्यक्ति को उनके चेहरे का मास्क पहनाकर वीडियो बनाया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल दो वीडियो मीडिया को दिखाए। उन्होंने दावा किया कि उनकी कद काठी से मिलते व्यक्ति को उनके चेहरे का मास्क पहनाकर वीडियो शूट किए गए। मान ने कहा कि उनके गले के पास बचपन से ही कट का निशान है, लेकिन उनका फर्जी वीडियो बनाने वाले इस पर ध्यान देने से चूक गए। साजिश बेनकाब होगी। साजिश में जगमन समरा का है हाथ भगवंत मान ने एक और वीडियो दिखाते हुए यह भी स्पष्ट किया कि इस साजिश में कनाडा में रहने वाले जगमन समरा का हाथ है, जिसने कार में मास्क की डिलीवरी ली और फिर हाथ में मास्क डालकर फेस ते फेस बोलता सुनाई दे रहा है। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि वीडियो पूरी तरह फर्जी है और उन्हें धार्मिक तौर पर बदनाम करने की विपक्षी पार्टियों की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने कहा कि वीडियो की सच्चाई सामने आने के बाद मुझे नहीं लगता कि अब इस बारे में कोई सफाई देने की जरूरत है। अब नानक नाम लेवा संगत का जो भी फैसला होगा, वह उन्हें मंजूर होगा। मान 2016 के बाद नहीं गए कनाडा मोहाली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मान ने दावा किया कि 2016 के बाद वे कभी कनाडा नहीं गए। वीडियो में दिखाया गया कमरा कनाडा के एबाट्सफोर्ड स्थित एक होटल का है। कमरे का डिजाइन दर्शाता है कि वह वर्ष 2017-18 के बाद का है। उन्होंने कहा कि विरोधियों ने कनाडा में एक होटल का कमरा बुक कर उनकी कद काठी से मेल खाते व्यक्ति को मेरे चेहरे का मास्क पहनाकर इस वीडियो को शूट किया। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कई वीडियो उसी दिन यहां तैयार किए गए।

Cyber Fraud Case: केरल कनेक्शन वाले तीन आरोपी गिरफ्त में, ठगी गिरोह का भंडाफोड़

दंतेवाड़ा. दंतेवाड़ा जिले के गीदम में 61 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा करते हुए पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग लोगों के नाम से बैंक खाते संचालित कर ठगी की रकम जमा करते थे और बाद में उसे क्रिप्टो करेंसी के जरिए आगे ट्रांसफर किया जाता था. विशेष टीम ने केरल पहुंचकर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया. पूछताछ में कई बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन से जुड़े अहम सुराग मिले हैं. एक आरोपी गिरफ्तारी के बाद फरार भी हुआ, लेकिन अगले ही दिन दोबारा पकड़ लिया गया. पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है. यह कार्रवाई साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क पर बड़ी सफलता मानी जा रही है. साइबर ठगों के पास ₹7.5 लाख कैश ज्ञात हो कि रामपुर जिले के थाना पटवाई क्षेत्र में पुलिस ने चेकिंग अभियान चलाया था. इसी दौरान सोहना पुल रोड पर एक संदिग्ध थार गाड़ी को रोककर उसकी तलाशी ली गई. गाड़ी में सवार तीन व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थीं, जब पुलिस ने गहनता से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मुरादाबाद निवासी कैलाश सिंह और रामपुर निवासी विवेक कुमार और हरविंदर सिंह के रूप में हुई है. आरोपियों के कब्जे से करीब साढ़े सात लाख रुपये की नकदी बरामद की गई. इसके अलावा एक लैपटॉप, एक एटीएम कार्ड स्वाइप मशीन, छह मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की छह मोहरें, चार बिल बुक, 18 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, चार अलग-अलग बैंकों की पासबुक, एक भारतीय पासपोर्ट और आधार और पैन कार्ड सहित कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं.

Badnagar Van Blast: पटाखों से किया धमाका, ‘फिर आ गए’ मैसेज की गुत्थी सुलझाने में जुटीं ATS और फोरेंसिक टीम

उज्जैन  मध्य प्रदेश के उज्जैन से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आया है। मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से एक वैन को लटकाकर उसमें ब्लास्ट किया गया है। वीडियो बड़नगर के अडान मोहल्ले का बताया जा रहा है। इसके बाद उज्जैन पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 23 जून का है वीडियो घटना 23 जून की रात की बताई जा रही है। उज्जैन के बड़नगर स्थित अडान मोहल्ले से निकले जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे। जुलूस में एक वैन को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर लटकाया गया। वैन पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहराते रहे। इसके बाद वैन में विस्फोट कर उसे उड़ा दिया गया। मुहर्रम के जुलूस के दौरान वैन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट करने का वीडियो देखने के बाद सुरक्षा एजेंसियां एक्शन में आ गई हैं। जिले की बड़नगर पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार कर वैन और क्रेन को जब्त कर लिया है। आरोपियों का कहना है कि 8 हजार के पटाखों से विस्फोट किया। उज्जैन, उन्हेल, नागदा और महिदपुर पहले से संवेदनशील माने जाते हैं, इसलिए जांच में स्थानीय पुलिस के साथ एटीएस, यानी एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड भी शामिल हो गई है। सुरक्षा एजेंसियां अब तीन बड़े सवालों के जवाब ढूंढ रही हैं-     विस्फोट के पीछे मकसद क्या था?     गाड़ी पर ‘ले, फिर आ गए’ क्यों लिखा था?     विस्फोटक कौन सा था और उसे कहां से लाया गया था? 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाकर उड़ाई थी वैन दरअसल, 23 जून की रात बड़नगर के अडान मोहल्ले से मोहर्रम का जुलूस निकाला जा रहा था। इसमें टाटा मैजिक गाड़ी को क्रेन की मदद से करीब 40 फीट ऊंचाई पर हवा में लटकाया गया था। इसकी छत पर दो युवक खड़े होकर लाल झंडे लहरा रहे थे। वैन पर ‘ले, फिर आ गए’ लिखा था। जुलूस में शामिल कुछ लोगों के हाथों में मौजूद तख्तियों पर भी यही मैसेज लिखा था। कुछ देर बाद वैन में विस्फोट कर दिया गया। इसका वीडियो भी सामने आया है। मामले में शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खां और तपसील उर्फ तस्लीम को अरेस्ट किया गया है। वहीं, क्रेन के मालिक पर भी केस किया गया है। जाहिद-तपसील ने लहराए थे झंडे पुलिस के मुताबिक, शोएब ने अडान अखाड़े के बैनर तले मुहर्रम का जुलूस निकाला था। उसी ने कबाड़ में रखी गाड़ी को क्रेन पर लटकवाया था। विस्फोट के समय जाहिद और तपसील गाड़ी की छत पर मौजूद थे। वे ही झंडे लहराते दिखाई दिए थे। ब्लास्ट के पहले दोनों नीचे उतर आए थे। पुलिस को आरोपियों ने करीब 8 हजार रुपए के पटाखे खरीदने का बिल भी दिया है, जिसकी तस्दीक की जा रही है। 2500 रुपए किराए पर ली गई थी क्रेन क्रेन मालिक गोपाल राठौर ने पुलिस को बताया कि अडान अखाड़े के सदस्यों ने पुष्प वर्षा के लिए क्रेन किराए पर लेने की बात कही थी। 2500 रुपए किराया तय होने के बाद ड्राइवर समेत क्रेन भेज दी थी। राठौर का कहना है कि उन्हें वाहन में विस्फोट करने की कोई जानकारी नहीं थी। शुक्रवार को उज्जैन की फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ता (BDS) बड़नगर पहुंचकर वैन से सेंपल इकट्‌ठा करेंगे। भीड़भाड़ वाले इलाके में किया गया ब्लास्ट एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि बड़नगर के जय स्तंभ चौक पर भीड़भाड़ वाले इलाके में ये विस्फोट किया गया था। ब्लास्ट के बाद गाड़ी के पार्ट्स, कांच और दूसरी चीजें नीचे गिरीं। इससे लोगों की जान को गंभीर खतरा पैदा हुआ। कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक करनदीप सिंह क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) के साथ बड़नगर पहुंचे और संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला। उन्होंने कहा- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गाड़ी में रॉकेट और सुतली बम लगाए गए थे। इसके कांच बंद होने के कारण गैस बनने से विस्फोट जैसी स्थिति बनी। हालांकि, वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।

रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला, 75 सीएम श्री स्कूलों में मिलेंगी हाईटेक सुविधाएं

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के 75 सीएम श्री स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के साथ सरकार ने उसका चेहरा बदलने का भी फैसला किया है। सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक्सपेंडिचर एंड फाइनेंस कमिटी (ईएफसी) की बैठक में इसके लिए करीब 264.90 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है। इंफ्रास्ट्रक्चर स्तर पर सुधार के साथ सीसीटीवी कैमरे आधुनिक सभागार, विज्ञान एवं आईटी पार्क और विशेष कैटिगरी के बच्चों के लिए खास सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। सीएम रेखा गुप्ता के साथ शिक्षा मंत्री आशीष सूद, पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी इस बैठक में मौजूद रहे। यह पूरा काम अगले साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा? सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूल भवनों की मरम्मत कराना नहीं, बल्कि ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जहां विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ, आधुनिक परिसर मिले। इस योजना के अंतर्गत स्कूलों के प्रवेश द्वारों का आधुनिक स्वरूप में निर्माण और सौंदर्याकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत सीएम श्री स्कूलों की जर्जर इमारतों की समस्या दूर करना, वॉटरप्रूफिंग, बाहरी पेंटिंग, नया प्लास्टर, बाउंड्री वॉल एवं फेंसिंग का निर्माण व मरम्मत, टॉयलेट, पानी की व्यवस्था, सीवर एवं ड्रेनेज व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ-साथ खेल सुविधाओं का विकास, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, मल्टीपरपज हॉल विकसित किए जाएंगे। खराब एलईडी लाइट, सीलिंग फैन, एग्जॉस्ट फैन और पीए (पब्लिक एड्रेस) सिस्टम को बदला जाएगा, ताकि पूरे परिसर में घोषणाएं और आपातकालीन सूचनाएं तेजी से प्रसारित की जा सकें। रेखा गुप्ता ने कहा कि स्कूल परिसरों का स्वरूप भी पूरी तरह बदला जाएगा। आधुनिक डिजाइन वाले सीएम श्री प्रवेश द्वार विकसित किए जाएंगे। खेल मैदानों में आधुनिक आउटडोर गैलरी विकसित की जाएगी, जिसका उपयोग आउटडोर कक्षाओं, मनोरंजन, इंटरैक्टिव गतिविधियों तथा सहयोगात्मक शिक्षण के लिए किया जा सकेगा। बास्केटबॉल कोर्ट में नया टर्फ बिछाया जाएगा। यह सारा कार्य अगल साल के अंत तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।