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परशुराम जयंती पर खास पहल: आज शोभायात्रा का आयोजन, बिना हथियारों के शामिल होंगे भक्त

करगीरोड कोटा/रायपुर. भगवान परशुराम का जन्मोत्सव 19 अप्रैल को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा. कोटा ब्राम्हण समाज द्वारा 19 अप्रैल को शाम 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है. शोभायात्रा रेलवे स्टेशन से शिव मंदिर नाका चौक तक निकालना सुनिश्चित हुआ है. इस दौरान भक्तिमय संगीत एवं मंत्रोचारण का समावेश होगा. समाज द्वारा पुरुषों के लिए पीला, लाल या सफेद रंग का परिधान निर्धारित किया गया है. मातृशक्ति अपने वस्त्रों का चयन स्वयं करेंगी. समाज के प्रबुद्धजनों ने कहा है कि शोभायात्रा में बिना अस्त्र शस्त्र के निकालने पर विशेष ध्यान दिया जाए और जिसका पालन सभी विप्रजनों को करना है. समाज के सभी लोगों से इस शोभा यात्रा में शामिल होकर भगवान परशुराम के जन्मोत्सव को महोत्सव का स्वरूप देने का आग्रह किया गया है. शोभायात्रा के पश्चात भगवान की महाआरती एवं महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा.

महिला आरक्षण पर आक्रोश रैली का आयोजन, एक दिवसीय सत्र में होगी बहस; CM ने कहा- नारी का अपमान देश कभी नहीं भूलेगा

भोपाल  लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई है। पार्टी का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय हुआ है और अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाया जाएगा। राज्य के सभी संभागों और जिलों में प्रदर्शन, रैलियां, पदयात्राएं और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर भी प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।  विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र रविवार को भोपाल प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस विषय पर विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस मुद्दे को जनता की अदालत में लेकर जाएगे। जन-जन तक बात को पहुंचाएंगे। सोमवार को आक्रोश रैली निकाली जाएगी। हम बहनों को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे और जिन्होंने गलत किया है, उनका पर्दाफाश करेंगे। आने वाले दिनों में जिलों में प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की जाएंगी। हम रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह लोकतंत्र के लिए दुखद और निंदनीय है। यह महिलाओं को अधिकार देने का ऐतिहासिक अवसर था, जिसे विपक्ष के रवैये ने प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ राजनीति का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकार का प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे को भी राजनीतिक लाभ का साधन बना लिया। उन्होंने कहा कि देश नारी शक्ति के अपमान को नहीं भूलेगा।  डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 में जब यह विधेयक आया था, तब सभी दलों ने इसका समर्थन किया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने के समय विपक्ष पीछे हट गया। उन्होंने इसे अवसरवाद करार दिया।   कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ 2023 के बिल को लागू करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में ही स्पष्ट किया गया था कि 2029 तक महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाएगा। इसके लिए 2029 के चुनावों में जनगणना के आधार की आवश्यकता थी, इसलिए मजबूरी में 2011 की जनगणना को आधार बनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान जनगणना के आधार पर आकलन किया जाए, तो यह प्रक्रिया 2034 के बाद ही संभव हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ रहा है। सीएम ने कहा कि हमारा एकमात्र राज्य हैं, जहां 17 महिला कलेक्टर हैं। दिव्यांग संभागायुक्त हैं। 10 से ज्यादा जिले ऐस है, जहां एसपी और कलेक्टर महिला है। एक संभाग ऐसा है, जहां संभागायुक्त, कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत, जनपद पंचायत सभी महिलाएं हैं।  70 साल से अधिकार की लड़ाई भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि देश की महिलाएं पिछले 70 वर्षों से अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग लंबे समय से उठती रही, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में विपक्षी दलों ने केवल चुनावी मजबूरी में इस बिल का समर्थन किया, लेकिन अब इसके लागू होने की प्रक्रिया शुरू होते ही विरोध करने लगे।  विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी  प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि लोकसभा में हुआ घटनाक्रम केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा मुद्दा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर राहुल गांधी और उनके सहयोगियों की मानसिकता महिला विरोधी है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक मुद्दे पर विपक्ष का रुख उसकी वास्तविक सोच को दर्शाता है और बिल के गिरने पर जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है। 

स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही के कारण युवक ने गवाई जान ,नाराज मृतक के परिजनों ने किया चक्का जाम

स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही के कारण युवक ने गवाई जान ,नाराज मृतक के परिजनों ने किया चक्का जाम राजेंद्र ग्राम  छबिलाल जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत करौंदा टोला में कल दिनांक 18 अप्रैल को सुबह 5:00 बजे एक युवक जिसका नाम छोटे सिंह नेम उम्र लगभग 32 वर्ष को गांव के लोगों ने रोड में अचेत अवस्था में पाया गया यह घटना अमरकंटक थाना क्षेत्र की बताई जा रही है अचेत अवस्था में पड़े युवक को उसके परिजनों ने सुबह 7:00 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ में भर्ती कराया जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया युवक के सिर में गहरी चोट होने से खून का रिसाव लगातार हो रहा था डॉक्टर ने घायल को जिला अस्पताल के लिए कागज में रेफर कर दिया लेकिन जिला अस्पताल पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा एम्बुलेंस नहीं दिया गया. जबकि एम्बुलेंस चिकित्सालय में उपलब्ध भी थी जब 108 में कॉल करने के बाद लगभग 9:45 में बुढार से एम्बुलेंस जिला चिकित्सालय 6 बजे भेजा गया जिला चिकित्सालय के डॉक्टर ने तुरंत घायल को जबलपुर अस्पताल के लिए घायल को राजेंद्र ग्राम मार्ग से जबलपुर ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में घायल ने दम तोड़ दिया जिसे पुणे पुष्पराजगढ़ स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया स्वास्थ्य विभाग के लापरवाही पूर्ण रवैया से नाराज मृतक के परिजनों ने मृतक को जोहिला पल में ले जाकर रीवा अमरकंटक मार्ग में चक जमकर दिया जिसके कारण रीवा अमरकंटक मार्ग बाधित रहा लगभग 5 घंटे से रोड जाम रहा है मौके पर पहुंचे पुलिस विभाग एवं तहसीलदार ईश्वर प्रधान नेम्रता के परिजनों को स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्यवाही करने एवं मृतक की मृत्यु का कारण जानने का लिखित आश्वासन देने को तैयार हैं लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों का मौके पर आकर आश्वासन देने की मांग की गई है.

सरकारी नौकरी का गोल्डन चांस! मध्य प्रदेश बिजली विभाग में 3000 पदों पर वैकेंसी, 10वीं पास कर सकते हैं आवेदन

भोपाल सरकारी नौकरी की तलाश करने वालों के लिए बेहतरीन मौका है, जहाँ 10वीं पास और आईटीआई उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। रविवार रोजगार के तहत पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) ने वर्ष 2026 में असिस्टेंट लाइनमैन के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। यह बिजली विभाग में सरकारी नौकरी पाने का एक शानदार मौका है। इस भर्ती के तहत 3000 पद भरे जाएंगे। जो उम्मीदवार तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह खास अवसर है। इन पदों के लिए उम्मीदवार 6 मई तक ऑफिशियल वेबसाइट www.pspcl.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।   कैटेगरी वाइज वैकेंसी डिटेल्स कुल पदों की संख्या 3000 है, जिसका विवरण इस प्रकार है: जनरल- 600, ईडब्ल्यूएस- 154, एससी- 533, एससी- 64, एससी- 33, एससी- 535, एससी- 62, एससी- 32, सिर्फ बीसी- 345, बीसी- 53, एक्सएसएम- 108, पीडब्ल्यूडी- 336, एसपी- 130 और एफएफ- 15 पद शामिल हैं। योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास के साथ संबंधित क्षेत्र में आईटीआई की डिग्री अनिवार्य है। साथ ही उम्मीदवार ने 10वीं में पंजाबी एक भाषा के रूप में पढ़ी हो। आयु सीमा की बात करें तो न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 37 वर्ष निर्धारित है, जिसमें आरक्षित वर्ग को नियमानुसार छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रिया में रिटन एग्जाम, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जाम शामिल होगा। चयनित असिस्टेंट लाइनमैन को 19,900 – 63,200 रुपये (अनुमानित) वेतन के साथ डीए, एचआरए एवं अन्य भत्ते भी मिलेंगे। महत्वपूर्ण तिथियां और आवेदन शुल्क आवेदन की अंतिम तिथि 6 मई है, जबकि फीस जमा करने की अंतिम तिथि 11 मई तय की गई है। आवेदन शुल्क जनरल और अन्य कैटेगरी के लिए 1416 रुपये तथा एससी व पीडब्ल्यूडी कैटेगरी के लिए 885 रुपये निर्धारित है। आवेदन करने के लिए ऑफिशियल वेबसाइट www.pspcl.in पर जाएं। होम पेज पर भर्ती से संबंधित रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें और संबंधित नोटिफिकेशन को सिलेक्ट करें। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करें और रजिस्टर्ड कैंडिडेट्स लिंक के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर फीस जमा करें। भरे हुए फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर भविष्य के लिए रखें। तैयारी के लिए एक्सपर्ट टिप्स प्रतियोगी परीक्षाओं के शिक्षक एवं करियर काउंसलर मोहित शर्मा बताते हैं कि पीएसपीसीएल की यह भर्ती तकनीकी क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाने का बेहतरीन मौका है। वे सुझाव देते हैं कि ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को सर्वोच्च प्राथमिकता दें, क्योंकि लाइनमैन का मुख्य कार्य इसी क्षेत्र में होता है। ओवरहेड लाइन्स, इंसुलेटर्स के प्रकार, केबल्स, कोरोना इफेक्ट और सैग कैलकुलेशन से जुड़े कॉन्सेप्ट्स को गहराई से पढ़ें। अर्थिंग और इंडियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स कंठस्थ करें। सुरक्षा उपकरण, अर्थिंग के प्रकार (विशेषकर प्लेट और पाइप अर्थिंग के मानक) और सबस्टेशन वायरिंग के नियमों से सीधे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। तकनीकी विषयों पर फोकस मोहित शर्मा के अनुसार, कोर इलेक्ट्रिकल थ्योरी और न्यूमेरिकल्स पर पकड़ बनाना जरूरी है। ओम का नियम, किरचॉफ के नियम और एसी/डीसी सर्किट के फंडामेंटल न्यूमेरिकल्स का रोजाना अभ्यास करें। ट्रांसफार्मर और इलेक्ट्रिकल मशीन्स के लॉजिक को समझें। सिंगल-फेज और थ्री-फेज ट्रांसफार्मर की वर्किंग, लॉसेस, कूलिंग सिस्टम और डीसी/एसी मोटर्स की वाइंडिंग व कनेक्शन के सिद्धांतों को समझें। मापक यंत्र और लाइनमैन टूल्स जैसे एमीटर, वोल्टमीटर, वाटमीटर और मल्टीमीटर की वर्किंग की सटीक जानकारी रखें। टेक्निकल और सामान्य ज्ञान दोनों पर फोकस करें। हर सप्ताह कम से कम 1–2 टेस्ट दें और महत्वपूर्ण फॉर्मूले लिखकर बार-बार दोहराएं।

बच्चों की कलम से:सोशल मीडिया और हम

बच्चों की कलम से:सोशल मीडिया और हम रायपुर  आज के दौर में सोशल मीडिया हमारे जीवन का एक अहम हिस्सा बन चुका है। यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है कि इसका हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है—क्या यह लाभदायक है या केवल हानिकारक? और क्या यह वास्तव में आवश्यक है? आइए, इन सभी प्रश्नों पर विचार करें।सोशल मीडिया का प्रचलन दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहा है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग—हर वर्ग के लोग घंटों इसका उपयोग करते हैं। स्थिति यह है कि एक समय ऐसा भी आ सकता है जब युवा पीढ़ी इसे ही अपना सच्चा मित्र मानने लगे। इंस्टाग्राम या यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर कोई भी इन्फ्लुएंसर कुछ नया करता है, तो वह तुरंत वायरल हो जाता है। विशेषकर बच्चों को ऐसी चीजें बहुत आकर्षित करती हैं। धीरे-धीरे सोशल मीडिया उनके मनोरंजन का मुख्य साधन बनता जा रहा है। लेकिन यह स्थिति चिंताजनक भी हो सकती है, क्योंकि यदि युवा केवल मनोरंजन में ही उलझ जाएं, तो यह उनके भविष्य के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करता है। इसके साथ ही, कई लोगों में घबराहट, अवसाद और अनिद्रा जैसी समस्याएं भी देखी गई हैं। इसलिए इसका संतुलित उपयोग अत्यंत आवश्यक है। हालांकि, सोशल मीडिया के सकारात्मक पहलू भी हैं। इसके माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ी है और विश्वभर की घटनाओं की जानकारी आसानी से मिल जाती है। यह शिक्षा, शोध कार्यों और नई जानकारी प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। इसके अलावा, कई लोग सोशल मीडिया का उपयोग आत्मविकास और आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए भी कर रहे हैं। यह आत्मविश्वास बढ़ाने और सही-गलत की समझ विकसित करने में भी सहायक साबित हो सकता है। अंततः, सोशल मीडिया का प्रभाव पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि हम इसका उपयोग कैसे करते हैं। गलत उपयोग इसे बोझ और नुकसानदायक बना सकता है, जबकि सही उपयोग से यह सफलता की राह भी खोल सकता है। आज के समय में सोशल मीडिया आवश्यक तो है, लेकिन इसके प्रति सजग रहना और संतुलन बनाए रखना अत्यंत जरूरी है। यदि युवा इसका सही दिशा में उपयोग करें, तो वे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जान्हवी सिंह ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल

सकरी नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रेलर में लगी भीषण आग, मचा हड़कंप

सकरी नेशनल हाईवे पर खड़े ट्रेलर में लगी भीषण आग, मचा हड़कंप  सकरी सकरी नेशनल हाईवे पर रविवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सड़क किनारे खड़े एक ट्रेलर में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा ट्रेलर धू-धू कर जलने लगा। आग की लपटें दूर से ही दिखाई दे रही थीं, जिससे आसपास के लोग सहम गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर हाईवे किनारे खड़ा था, तभी अचानक उसमें से धुआं उठने लगा और कुछ ही देर में आग भड़क उठी। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में ट्रेलर का अधिकांश हिस्सा जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अंदेशा शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी को माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आसपास खड़े अन्य वाहनों और संपत्ति को नुकसान होने से बचाया जा सका। हादसे के दौरान ट्रेलर चालक और सहायक सुरक्षित बताए जा रहे हैं, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि, ट्रेलर में रखा सामान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। आग लगने की घटना के कारण कुछ समय के लिए नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सुचारू कराया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। प्रशासन ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों की नियमित जांच कराएं और सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके।

आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल में डिजिटल भुगतान की सुविधा सुचारु, नागरिकों को मिल रही त्वरित सेवा

रायपुर छत्तीसगढ़  राज्य के rtionline.cg.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन भुगतान (Online Payment) की सुविधा पोर्टल के प्रारंभ से ही उपलब्ध है। वर्ष 2023 में इस पोर्टल को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ एकीकृत करते हुए UPI भुगतान प्रणाली से जोड़ा गया, जिससे नागरिकों को सरल, सुरक्षित एवं तेज भुगतान का विकल्प प्राप्त हुआ।  01 जनवरी 2023 से 18 अप्रैल 2024 तक पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन एवं UPI भुगतान द्वारा कुल 7 लाख 03 हजार 42 रुपये की राशि प्राप्त हुई है, जो इस बात का प्रमाण है कि नागरिक डिजिटल माध्यमों का सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे हैं। राज्य शासन द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत सेवाओं को अधिक पारदर्शी, सुगम एवं तकनीक-आधारित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पोर्टल में समय-समय पर तकनीकी उन्नयन भी किए जा रहे हैं, ताकि आवेदकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यह भी उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार नागरिक सेवाओं के डिजिटलीकरण के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी पोर्टल को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल (User Friendly) एवं प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक सुधार किए जाते रहेंगे।

हरियाणा में बड़ा हेल्थ स्कैम: Panipat ESI रेफरल घोटाले की जांच ACB को, CM सैनी का एक्शन

चंडीगढ़. पानीपत के ईएसआइ अस्पताल से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने का खेल उजागर होने के बाद प्रदेश सरकार सख्त हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पूरे मामले की जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंपने का निर्देश दिया है। अनियमितताओं में संलिप्त पानीपत ईएसआइ अस्पताल के तीन कर्मचारियों को निलंबित करते हुए पांच चिकित्सा अधीक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। साथ ही छह निजी अस्पतालों को तुरंत पैनल से बाहर करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को समीक्षा बैठक में ईएसआइ हेल्थ केयर सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश जारी करते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। इन अस्पतालों ने वर्ष 2020-21 से 2023-24 के दौरान अत्यधिक रेफरल किए थे और रेफरल प्रपत्रों पर चिकित्सकों के हस्ताक्षरों में गड़बड़ी पाई गई। इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। प्रदेश भर में ईएसआइ के पैनल पर शामिल अन्य 133 निजी अस्पतालों के रिकार्ड की भी एसीबी द्वारा जांच कराई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता का समय रहते पता लगाया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पानीपत ईएसआइ अस्पताल की क्षमता को 75 बेड से बढ़ाकर 100 बेड किया जाए तथा वहां आपरेशन थिएटर का विस्तार किया जाए। इसी प्रकार जगाधरी ईएसआइ अस्पताल को 80 से 100 बेड और हिसार ईएसआइ डिस्पेंसरी को 12 से बढ़ाकर 50 बेड करने के निर्देश दिए गए। सभी अस्पतालों में आधुनिक तकनीक से युक्त उपकरण भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा बावल और बहादुरगढ़ में निर्माणाधीन 100-100 बेड के ईएसआइ अस्पतालों का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के श्रमिकों और आम नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि ईएसआइ हेल्थ केयर में डाक्टरों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहने दी जाएगी। आवश्यकतानुसार स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है, और इस दिशा में कोई भी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन ने भी अपनी बात रखी।

पंजाब में नशे पर बड़ा वार: Amritsar से 71 किलो हेरोइन के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार, ड्रोन भी जब्त

अमृतसर. पंजाब में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की तरफ से भेजी गई हेरोइन की बड़ी खेप के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल और बीएसएफ ने दो मामलों में कुल 71 किलो से अधिक हेरोइन, एक मारुति और एक ड्रोन बरामद किया है। आरोपितों ने माना कि यह खेप कुछ दिन पहले पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन के जरिये भेजी थी। वे इसे आगे सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। पहले मामले में पुलिस ने नाकाबंदी कर गांव माहल के पास दो तस्करों गांव अवान वसाउ के स्वर्ण सिंह और दयाल नगर निवासी शमशेर सिंह को 64 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार कर एक मारुति कार बरामद की। आरोपितों को शनिवार शाम न्यायाधीश गरिमा गुप्ता की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। एआईजी सुखमिंदर सिंह मान ने बताया कि यह खेप पुर्तगाल में बैठे हैंडलर ने पाकिस्तानी तस्कर मूसा के जरिये भिजवाई थी। 2019 में भारत पाकिस्तान सीमा पर कस्टम विभाग द्वारा पकड़ी गई 532 किलो हेरोइन के मामले में भी मूसा का नाम सामने आया था। दूसरे मामले में बीएसएफ ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित बीओपी पुल मोरां के पास एक बड़ा ड्रोन और सात किलो हेरोइन बरामद की। पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बरामद किए गए ड्रोन को जांच के लिए भेजा गया है। बता दें पहली जनवरी से लेकर अब तक सीमा पर कुल 48 ड्रोन बरामद हो चुके हैं।

Illegal Mining पर बड़ा एक्शन: छत्तीसगढ़ में Drone Surveillance और 10 ई-चेक गेट से होगी सख्त निगरानी

रायपुर. छत्तीसगढ़ में खदानों की निगरानी अब हाईटेक होने जा रही है. प्रदेश में अवैध खनन और ओवर माइनिंग पर लगाम के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग किया जाएगा. प्रमुख खदानों और आसपास ड्रोन कैमरे तैनात किए जाएंगे. ये कैमरे एरियल सर्वे और 3डी मैपिंग के जरिए खदानों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे. ड्रोन से खदानों का ऊपर से लगातार सर्वे किया जाएगा. इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि तय लीज क्षेत्र के भीतर ही खनन हो रहा है या सीमा से बाहर भी खुदाई की जा रही है. समय-समय पर मिलने वाले डेटा की तुलना कर ओवर माइनिंग यानी तय सीमा से अधिक खनिज निकालने की गतिविधियों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा. फिलहाल विभाग शुरुआती चरण में पांच ड्रोन कैमरे तैनात करने जा रहा है. इन्हें सर्विस मोड पर लिया जाएगा और इनके संचालन के लिए विशेषज्ञों की टीम भी तैनात रहेगी. ड्रोन को खासतौर पर रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, बिलासपुर इत्यादि जिलों की खदानों में लगाया जाएगा, जहां अवैध खनन की शिकायतें ज्यादा सामने आती रही हैं. इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि दुर्गम इलाकों जैसे जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में भी निगरानी आसान हो जाएगी. यहां फिलहाल पारंपरिक निरीक्षण में समय और संसाधन ज्यादा लगते हैं. ड्रोन से मिलने वाली हाई-रिजोल्यूशन तस्वीरें और मैपिंग डेटा सीधे विभाग तक पहुंचेगा, जिससे तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी. परिवहन गाड़ियों की डिजिटल निगरानी खनिज परिवहन को पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए 10 प्रमुख परिवहन रूट्स पर ई-चेक गेट सिस्टम लागू करने जा रहा है. यह पूरी तरह डिजिटल एंट्री-एग्जिट सिस्टम होगा. इसमें खदान से निकलने वाले हर ट्रक या वाहन का ऑनलाइन रिकॉर्ड तैयार होता है. जैसे ही वाहन चेक गेट से गुजरता है, उसकी जानकारी जैसे वाहन नंबर, खनिज का प्रकार, मात्रा और गंतव्य इत्यादि सिस्टम में दर्ज हो जाएगी. इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि ओवरलोडिंग और बिना रॉयल्टी खनिज परिवहन पर रोक लगाई जा सकती है. पहले जहां कागजी दस्तावेजों के जरिए हेरफेर की गुंजाइश रहती थी, वहीं अब डेटा सीधे सिस्टम में दर्ज होने से गड़बड़ी पकड़ना आसान हो जाएगा. ई-चेक गेट रियल टाइम ट्रैकिंग की सुविधा भी देता है. अधिकारी किसी भी समय यह देख सकते हैं कि कौन सा वाहन कहां से निकला और कहां तक पहुंचा. इससे अवैध खनिज परिवहन और टैक्स चोरी पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाता है. इन रूपों में होता है अवैध खनन 1. बिना लीज/परमिट के खनन : जमीन पर खनन शुरू कर दिया, लेकिन सरकार से अनुमति नहीं ली. 2. लीज एरिया से बाहर खनन : जहां तक खनन की इजाजत है, उससे बाहर खुदाई करना. 3. ओवर माइनिंग : तय सीमा से ज्यादा खनिज निकालना. 4. बिना रॉयल्टी/टैक्स के परिवहन : खनिज निकालकर बिना सरकारी शुल्क दिए बेच देना. 5. फर्जी कागजों से खनन : नकली परमिट या ट्रांजिट पास का इस्तेमाल. विभाग में अन्य कई प्रावधान खनिज नियमों में संशोधन कर रेत व गौड़ खनिजों के अवैध उत्खनन पर न्यूनतम 25 हजार रुपए जुर्माना माइनिंग सर्विलांस सिस्टम और सैटेलाइट मॉनिटरिंग से खदानों की रियल टाइम निगरानी कर कार्रवाई खनिज परिवहन में ऑनलाइन ट्रांजिट पास अनिवार्य किया गया, जिससे 5 साल में 84.47 करोड़ की वसूली सचिव खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद ने कहा कि प्रदेश में अवैध खनन को रोकने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर सख्त कदम उठाए गए हैं. खदानों की निगरानी और अवैध परिवहन रोकने के लिए ड्रोन कैमरे से निगरानी और ई-गेट चालान सिस्टम शुरू किया जा रहा है.