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अजमेर में पानी संकट के बीच अवैध कनेक्शन से पानी चोरी का मामला सामने आया

 माखुपुरा राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के विदा होते ही सूर्यदेव ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. अजमेर में पारा 36.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे जिले में पेयजल संकट गहराने लगा है. इस संकट के बीच, माखुपुरा इलाके में पानी चोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां जनता के पीने के पानी से खेतों की सिंचाई की जा रही थी. जिसकी भनक  जलदाय विभाग को लगते ही टीम ने  कार्रवाई करते हुए इस पूरे खेल का खुलासा कर दिया. खेत में टैंक बनाकर पीने के पानी का कर रहा था स्टोरेज मामला माखुपुरा इलाके का है जहां जलदाय विभाग ने  जांच के दौरान पाया की आरोपी ने न केवल मुख्य पाइपलाइन से कनेक्शन लिया, बल्कि खेत में टैंक बनाकर पानी का स्टोरेज भी कर रहा था. मामले की जांच कर रहे विभाग के जेईएन बीना मीणा ने जलापूर्ति निरीक्षण के दौरान इस अवैध कनेक्शन को पकड़ा. जांच के दौरान पाया कि माखुपुरा के रहने वाले लेखराज के खेत तक सीधे एक पाइपलाइन जोड़ी गई थी. जब उससे कनेक्शन के वैध दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका. जिसके बाद इसकी सूचना विभाग को दी. सूचना के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पहुंचकर एईएन सत्यवीर ने कार्रवाई की. आदर्श नगर थाने में आरोपी के खिलाफ  पानी की चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई.  मामले को लेकर विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि यह केवल पानी चोरी का केस नहीं है. बल्कि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग और आम जनता के हक पर डाका डालने जैसा है. इलाके में अवैध कनेक्शन की जांच में जुटा जलदाय विभाग फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. साथ ही यह पता लगाने का काम कर रहा है कि कहीं इस तरह के अवैध कनेक्शन इलाके में और तो नहीं हैं. यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब अजमेर में कई इलाकों में पानी की किल्लत बनी हुई है. ऐसे में पीने के पानी का दुरुपयोग और अवैध दोहन प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है.

समाज में न्याय और समानता की प्रेरणा देता रहेगा बाबा साहेब का जीवन : मुख्यमंत्री

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर के सामने स्थित डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर चौक में उनकी 21 फीट ऊंची पंचधातु से निर्मित भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समानता की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के नेतृत्व और उनके द्वारा निर्मित भारतीय संविधान ने वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। उनके विचार आज भी समाज को न्याय और समानता की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग दिखाते हैं। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की मांग पर मंगल भवन, सामुदायिक भवन सहित विभिन्न निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों के लिए 60 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह राशि स्थानीय स्तर पर सामाजिक गतिविधियों और जनसुविधाओं को सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्रदान किया है। इसी कारण आज समाज के सभी वर्गों को अपने जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी कोलंबिया विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त कर यह सिद्ध किया कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि आज देश के प्रत्येक कोने में बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जो उनके प्रति लोगों के अटूट सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक हैं। रायपुर सहित पूरे प्रदेश में उनकी जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई जा रही है, जिससे नई पीढ़ी निरंतर प्रेरणा प्राप्त कर रही है। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर बाबा साहेब के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी समाज की प्रगति वहां की महिलाओं की स्थिति से आंकी जाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार बाबा साहेब के सपनों को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, जनधन योजना और जल जीवन मिशन जैसी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत” के लक्ष्य के साथ छत्तीसगढ़ सरकार भी “विकसित छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, जिसमें बाबा साहेब के आदर्श मार्गदर्शक हैं। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करते हुए सामाजिक समरसता, समानता और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। इस अवसर पर कौशल विकास मंत्री खुशवंत साहेब, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक किरण सिंह देव, महापौर नगर पालिक निगम रायपुर श्रीमती मीनल चौबे, विधायक पुरंदर मिश्रा, अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।  

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक इकाइयां बंद, हाई पावर कमेटी के फैसले लागू

नोएडा नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन को लेकर यूपी के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने कहा कि जिले में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। कहीं भी कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं है। उन्होंने बताया कि सभी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस को सोशल मीडिया, मीडिया और यूपी-112 के जरिए लगातार इनपुट मिल रहे हैं। हर सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने पहले ही एक हाई-पावर कमेटी का गठन किया था, जिसने मौके पर पहुंचकर सभी पक्षों से बातचीत की और अपनी घोषणाएं भी कर दी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री श्रमिकों के प्रति संवेदनशील हैं और उनकी उचित वेतन से जुड़ी मांगों पर निर्णय लिया गया है। कुछ व्यक्तियों और समूहों द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिनके खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक और CCTV सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। DGP राजीव कृष्ण ने श्रमिकों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें, किसी के बहकावे में न आएं और प्रशासन का सहयोग करें। उच्चाधिकार प्राप्त समिति की सिफारिशों पर बढ़ी न्यूनतम मजदूरी सरकार ने श्रमिकों व उद्यमियों से संवाद और औद्योगिक सौहार्द व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति बनाई है। समिति के अध्यक्ष औद्योगिक विकास आयुक्त हैं। अपर मुख्य सचिव (एमएसएमई), प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन विभाग) और श्रमायुक्त कानपुर इसके सदस्य हैं। आज औद्योगिक इकाइयां बंद समिति में श्रमिक संगठनों के पांच प्रतिनिधि एवं उद्यमी संघों के तीन प्रतिनिधि भी सदस्य हैं। समिति ने नोएडा पहुंचते ही पहला निर्णय किया कि शांति व्यवस्था बनाने और स्थिति संभालने के मकसद से मंगलवार को नोएडा और ग्रेटर नोएडा की सभी औद्योगिक इकाइयां बंद रहेंगी।  

मुख्यमंत्री साय बोले—संविधान की भावना हर नागरिक तक ले जाना हमारी जिम्मेदारी

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के शंकरनगर स्थित दुर्गा मैदान में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर   आयोजित समरसता भोज कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने जनप्रतिनिधियों और आमजन के साथ बैठकर भोजन किया तथा स्वयं लोगों को भोजन परोसकर सामाजिक समरसता का संदेश दिया। मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसके संविधान का निर्माण करने का गौरव बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को प्राप्त है। उन्होंने कहा कि यह संविधान देश के 140 करोड़ नागरिकों को समानता, अधिकार और गरिमा के साथ जीवन जीने का आधार प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने दृढ़ संकल्प और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर उच्चतम स्थान प्राप्त किया और समाज के वंचित, शोषित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने नारी शिक्षा और सम्मान के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले और माता सावित्रीबाई फुले द्वारा प्रारंभ किए गए नारी शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के अभियान को बाबा साहेब ने आगे बढ़ाया और उसे नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के जन्म, शिक्षा, दीक्षा, कार्य और समाधि स्थलों को “पंच तीर्थ” के रूप में विकसित कर उन्हें सच्चा और स्थायी सम्मान दिया जा रहा है।  इस अवसर पर मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि बाबा साहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और समरसता का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। समरसता भोज जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान के माध्यम से समाज के कमजोर और पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने की मजबूत व्यवस्था दी। आज मुख्यमंत्री साय और के नेतृत्व में अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। समरसता भोज कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा,  छत्तीसगढ़ खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष श्रीमती मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित  थे।

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही

भोपाल.  मध्यप्रदेश में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध पुलिस द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई के तहत विभिन्न जिलों में उल्लेखनीय सफलताएं प्राप्त हुई हैं। अलग-अलग जिलों में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1 करोड़ 37 लाख से अधिक के मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जप्त की हैं तथा तस्करी में संलिप्त आरोपियों को गिरफ्तार किया है। विदिशा: “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” के अंतर्गत विदिशा पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट के विरुद्ध प्रभावी संयुक्त कार्रवाई करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान कुल 92.01 ग्राम ब्राउन शुगर (अनुमानित कीमत 9 लाख 15 हजार रूपए), चार वाहन (मर्सिडीज C-220, स्विफ्ट डिजायर, मारुति अर्टिगा, सुजुकी एक्सेस) एवं 1 हजार 20 रूपए नगद सहित लगभग 1 करोड़ रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है। जांच में सामने आया कि यह गिरोह चार स्तरों में संगठित रूप से कार्य कर रहा था। किंगपिन (मुख्य सप्लायर): यह मुख्य स्रोत था, जो ब्राउन शुगर की थोक सप्लाई करता था। लोकल वितरक: ये थोक विक्रेता से माल उठाकर शहर में वितरित करते थे। डिलीवरी एजेंट: इनका कार्य माल को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाना और ग्राहकों से संपर्क करना था। लॉजिस्टिक टीम: ये माल की सुरक्षित आवाजाही के लिए वाहन और ड्राइविंग का प्रबंध करते थे। गिरोह राजस्थान से ब्राउन शुगर खरीदकर शहर में बेचते थे। गिरोह द्वारा फोन पे जैसे डिजिटल माध्यम एवं “डेड ड्रॉप” तकनीक के जरिए कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी कर पुलिस से बचने का प्रयास किया जा रहा था। जबलपुर: क्राइम ब्रांच एवं थाना खितौला पुलिस की संयुक्त टीम ने अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 20 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा (कीमत लगभग 10 लाख रूपए), 02 मोबाइल फोन, 700 रूपए नगद एवं एक टैंकर ट्रक जप्त किया है। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इंदौर: क्राइम ब्रांच इंदौर ने एमडी ड्रग्‍स के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 57.73 ग्राम अवैध मादक पदार्थ MD अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 5 लाख 80 हजार रूपये एवं 01 मोबाइल फोन जप्त किया। इसी प्रकार थाना सदर बाजार पुलिस ने चैकिंग के दौरान MD ड्रग्‍स की तस्‍करी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर लाखो रुपये की 12.74 ग्राम एमडी जब्‍त की है। एक अन्य कार्यवाही में थाना तेजाजी नगर पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 5.82 किलोग्राम गांजा एवं मोटरसाइकिल सहित 1 लाख 50 हजार की संपत्ति तथा पुलिस थाना छत्रीपुरा पुलिस ने आरोपिया से 3 किलो अवैध मादक पदार्थ (गांजा) जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रूपए का जब्‍त किया है। मंदसौर: थाना शामगढ़ पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए आरोपी के कब्जे से 86 किलोग्राम डोडाचूरा एवं एक कार सहित लगभग 7 लाख रूपए की संपत्ति जप्त की गई। उज्जैन: पंवासा थाना पुलिस एवं क्राइम टीम द्वारा संयुक्त कार्रवाई करते हुए महिला सहित 04 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 55 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित कुल लगभग 3 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जप्त की। भोपाल: थाना शाहजहाँनाबाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक मेडिकल संचालक को गिरफ्तार किया, जो बिना डॉक्टर पर्चे के नशीली दवा ऑनरेक्स का अवैध विक्रय कर रहा था। आरोपी के कब्जे से 211 शीशी ऑनरेक्‍स (कीमत लगभग 42 हजार 411 रूपए) जप्त की गई। एक अन्‍य कार्यवाही में क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा कार्रवाई करते हुए 1.630 किलोग्राम अवैध चरस जप्त कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से चरस, दोपहिया वाहन, मोबाइल फोन एवं इलेक्ट्रॉनिक तराजू सहित लगभग 7 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। खरगोन: थाना बलवाड़ा पुलिस द्वारा अवैध गांजा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 01 महिला आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 05 किलो 240 ग्राम गांजा (कीमत लगभग 52 हजार 400 रूपए) जप्त किया गया। राजगढ़: जीरापुर पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए 08.77 ग्राम स्मैक (कीमत लगभग 88 हजार रूपए) जप्त कर 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सीधी: थाना बहरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 ग्राम से अधिक स्मैक (कीमत लगभग 45 हजार रूपए) जप्त कर 03 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही एक स्कूटी, इलेक्ट्रॉनिक तराजू एवं मोबाइल फोन भी जप्त किए गए। टीकमगढ़: थाना दिगौड़ा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 23 हजार रुपए कीमत का 20 किलोग्राम से अधिक अवैध गांजे के पौधे जप्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध इस प्रकार की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। आमजन से अपील है कि नशे से दूर रहें एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।  

हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटन मामले में केस प्रक्रिया शुरू

पंचकूला हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। CLP लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं, क्योंकि औद्योगिक भूखंड आवंटन मामले में उनके खिलाफ केस चलाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। जानकारी के अनुसार, यह मामला औद्योगिक प्लॉट के आवंटन से जुड़ा हुआ है, जिसमें अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। अब इस मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई है और केस चलाने की अनुमति मिल गई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में HUDA (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के दो अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर सक्रिय हो सकता है। फिलहाल जांच एजेंसियां मामले की आगे की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं और आने वाले समय में इस केस में और भी खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। पंचकूला औद्योगिक भूखंड आवंटन मामले में ईडी की अभियोग शिकायत में हुड्डा को मुख्य साजिशकर्ता के रूप में शामिल किया गया है। एजेंसी ने आरोप लगाया कि उसने अवैध आवंटन की वास्तव में योजना बनाई और चयनित आवंटियों के हित में पात्रता मानदंडों में बदलाव किया। आरोपी आवंटियों को हुडा से जोड़ते हुए, ईडी ने कहा कि रेनू हुड्डा और नंदिता हुड्डा उनके पैतृक गांव सांघी की रहने वाली थी। कंवर प्रीत सिंह संधू उनके सहपाठी डीडी संधू के बेटे थे। मोना बेरी उनके ओएसडी बलदेव राज बेरी की बहू थी। डॉ. गणेश दत्त रतन उनके साथ टेनिस खेलते थे और प्रदीप कुमार उनके निजी सचिव सिंह राम के बेटे थे। ईडी ने आगे दावा किया कि आवंटन पाने वाले अशोक वर्मा के ससुर, अशोक काका, कांग्रेस शासन के दौरान एचएएफईडी के अध्यक्ष थे और हुड्डा उन्हें जानते थे। अमन गुप्ता के पिता रमेश गुप्ता थानेसर के पूर्व विधायक थे और हुड्डा से अच्छी तरह परिचित थे। लेफ्टिनेंट कर्नल ओपी दहिया (रिटायर) पूर्व कांग्रेस विधायक करण दलाल के रिश्तेदार हैं। डागर कात्याल के पिता सुनील कात्याल हरियाणा सेवा अधिकार आयोग में आयुक्त रह चुके थे और हुड्डा उन्हें जानते थे। मनजोत कौर न्यायमूर्ति एमएस सुल्लर (रिटायर) की बहू हैं, जो हुड्डा की परिचित थी। सिद्धार्थ भारद्वाज के पिता संजीव भारद्वाज 2004 में एचपीसीसी सचिव थे, 2005 में पार्टी छोड़ दी और 2016 में फिर से पार्टी में शामिल हो गए।

Recruitment Scam: झारखंड पुलिस भर्ती में फर्जीवाड़ा, हर कैंडिडेट से 15 लाख की वसूली

रांची. उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से संबद्ध फर्जी पेपर लीक मामले में झारखंड की रांची पुलिस ने गिरफ्तार 166 अभ्यर्थियों समेत गिरोह के सदस्यों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल भेज दिया है। अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि इस संगठित फर्जीवाड़े में झारखंड के 138 और बिहार के 21 अभ्यर्थी शामिल थे। इनमें सर्वाधिक संख्या झारखंड के ही गिरिडीह जिले के युवकों की बताई जा रही है। सभी अभ्यर्थियों को रांची के तमाड़ प्रखंड स्थित एक अर्द्धनिर्मित नर्सिंग होम में ठहराया गया था, जहां छापेमारी कर पुलिस ने उन्हें रविवार को गिरफ्तार किया था। एक कैंडिडेट से 15 लाख रुपये तक की वसूली रांची पुलिस के अनुसार, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड नर्सिंग होम का निर्माण करा रहा जमशेदपुर निवासी ठेकेदार गौरव सिंह है। उसने अभ्यर्थियों के रहने, खाने सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराईं और इसके एवज में उनसे प्रति अभ्यर्थी 10 से 15 लाख रुपये की वसूली की गई। इस पूरे प्रकरण में पटना निवासी चुनचुन की भूमिका भी महत्वपूर्ण पाई गई है, जो अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और उसके उत्तर उपलब्ध कराता था। वह दावा करता था कि परीक्षा लेने वाली एजेंसी से ही पेपर लीक हुआ है। गिरोह में विनोद कुमार, अरविंद चौधरी, विक्की साहू, गुलाब यादव, फिरोज, छोटू, अभिषेक यादव, आदित्य सिंह और अलफाज समेत कई शामिल थे, जो अभ्यर्थियों को लाने, ठहराने और पैसे वसूलने का काम करते थे। जांच में जुटी पुलिस  पुलिस ने क्रिस्टोफर नामक व्यक्ति को गिरोह का प्रमुख सदस्य बताया है, जो पैसों के लेन-देन और पूरी व्यवस्था संभालता था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अभ्यर्थियों को पहले रांची के नामकुम स्थित दुर्गा सोरेन चौक पर बुलाया गया, जहां से उन्हें अलग-अलग वाहनों में तमाड़ पहुंचाया गया। इधर, सभी आरोपितों को सोमवार को चार वाहनों से कोर्ट ले जाया गया। एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि जांच और तेज की जाएगी। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए झारखंड और बिहार के विभिन्न जिलों में छापेमारी जारी है। साथ ही ठेकेदार गौरव सिंह की तलाश में जमशेदपुर में भी कार्रवाई की जा रही है।

साड़ी गुणवत्ता पर सरकार सख्त, मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर जांच तेज

रायपुर.  राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को वितरित की गई साड़ियों की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों पर छत्तीसगढ़ सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं। मंत्री राजवाड़े के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास विभाग के संचालक ने छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के प्रबंध संचालक को पत्र जारी कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में साड़ी वितरण के लिए जारी किए गए क्रय आदेश के तहत कुछ जिलों से गुणवत्ता में कमी और निर्धारित मापदंडों में विचलन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। विभागीय स्तर पर गठित जांच समिति द्वारा किए गए परीक्षण में कुछ स्थानों पर मानकों से विचलन की पुष्टि भी हुई है। इसके बाद अब मामले में कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संचालक महिला एवं बाल विकास द्वारा जारी पत्र में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर तकनीकी विशेषज्ञों की टीम गठित कर साड़ियों की पुनः गुणवत्ता जांच कराएं। यदि जांच में मापदंडों से किसी प्रकार का विचलन पाया जाता है, तो संबंधित एजेंसियों और आपूर्तिकर्ताओं के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, जिन स्थानों पर निम्न गुणवत्ता की साड़ियां वितरित हुई हैं, वहां उन्हें तत्काल वापस लेकर गुणवत्तापूर्ण नई साड़ियां उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ लोगों द्वारा इस मामले को लेकर भ्रामक एवं नकारात्मक प्रचार किया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि शासन स्तर पर पूरे मामले को संज्ञान में लेकर पारदर्शी ढंग से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को मिलेंगी नई ऊंचाइयां : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में महिलाओं की राजनीतिक सहभागिता और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को नई ऊंचाइयां देने के लिए राज्य सरकार द्वारा ऐतिहासिक पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' की मूल भावना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से प्रदेश भर में 10 से 25 अप्रैल तक "नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा" मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में 15 अप्रैल को शाम 4 बजे रवीन्द्र भवन में राज्य स्तरीय मुख्य कार्यक्रम होगा। इस दौरान "महिला नेतृत्व की यात्रा" विषय पर एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जो महिला शक्ति के गौरवशाली इतिहास और भविष्य की संभावनाओं को दर्शाएगी। इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव शामिल होंगे और शासन व्यवस्था में महिलाओं की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने और नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं में उनकी भूमिका को सुदृढ़ करने पर विशेष विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस अवसर पर प्रदेश की महिलाओं को संबोधित भी करेंगे और सरकार के उस संकल्प को दोहराएंगे, जिसके तहत मध्यप्रदेश की लोकतांत्रिक संस्थाओं में महिलाओं की आवाज और अधिक मुखर होगी। कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण की दिशा में सक्रिय प्रदेश की अग्रणी महिला नेत्रियां शामिल होंगी। समारोह में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा बागरी और श्रीमती राधा सिंह सहित प्रतिष्ठित शिक्षाविद सुशोभा पेठणकर की विशेष रूप से उपस्थिति रहेगी। जमीन से लेकर शिखर तक का प्रतिनिधित्व समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त महिलाओं को आमंत्रित किया गया है। इसमें पद्मसे सम्मानित विभूतियां, महिला चिकित्सक, वकील, कलाकार और इंजीनियर शामिल होंगी। साथ ही, समाज की मुख्यधारा को गति देने वाली लाड़ली बहना, लाड़ली लक्ष्मी, स्व-सहायता समूहों की सदस्य, मैदानी स्तर पर कार्य करने वाली पर्यवेक्षक एवं परियोजना अधिकारी और महिला मीडिया प्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनेंगी। गांव-गांव तक फैलेगी चेतना की लहर पखवाड़े के दौरान केवल भोपाल ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में जन-जागरूकता के अभियान चलाए जा रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाएं आयोजित हो रही हैं। जिनमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के महत्व पर ग्रामीण महिलाओं के साथ संवाद हुआ। साथ ही प्रत्येक विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में 'नारी शक्ति पदयात्रा' और शिक्षण संस्थानों में 'युवा संवाद' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को इस सामाजिक बदलाव से जोड़ा जा रहा है। शासन का मानना है कि महिलाओं की निर्णय क्षमता में वृद्धि होने से न केवल सामाजिक चेतना आएगी, बल्कि जन-विश्वास भी और अधिक गहरा होगा।  

मुख्यमंत्री साय ने सक्ती में वेदांता पावर प्लांट हादसे पर जताया गहरा शोक, जांच के दिए निर्देश

रायपुर.  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में बॉयलर फटने से हुई दुर्घटना पर  गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक बताते हुए मृतकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ प्रकट की हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस दुर्घटना में श्रमिकों के निधन एवं कई लोगों के घायल होने का समाचार अत्यंत व्यथित करने वाला है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें तथा उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं। वर्तमान में प्रशासन की निगरानी में तेजी से राहत कार्य संचालित किया जा रहा है और घायलों को त्वरित एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी घायलों के उपचार में किसी प्रकार की कमी न हो तथा आवश्यकतानुसार बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस दुर्घटना की गहन और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों की समीक्षा की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।