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आपकी त्वचा भी हो सकती है बेदाग

अगर आपको मॉडल्स या अभिनेत्रियों की सुंदरता या फिर अपने दोस्तों व सहकर्मियों की बेदाग त्वचा को देखकर ईष्र्या होती हो और उनकी तुलना में खुद को अनाकर्षक समझती हों, तो अब आपको अपने कमियों को लेकर अपनी नींद गंवाने की जरूरत नहीं है। अगर आपने बड़ी ईमानदारी से क्लींजिंग, मॉयस्चराइजिंग व नियमित रूप से स्किन ट्रीटमेंट किया है, लेकिन उनसे कोई मदद नहीं मिली है, तो आपके पास और भी विकल्प है। इसके लिए आपको निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना होगा… अच्छी नींद लेना त्वचा की क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया कार्य के दौरान कठिन होती है, जबकि नींद के दौरान यह प्रक्रिया अच्छी तरह पूरी होती है। इसलिए अगर आप रात को पूरी नींद नहीं सोती है, तो न सिर्फ आपके रूप पर इसका असर होता है बल्कि आंखों के आसपास काले धब्बे भी आने लगते है। व्यायाम नियमित रूप से व्यायाम करने से न सिर्फ मन तरोताजा बना रहता है, बल्कि पूरे शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती है और रक्त का संचार तेज होता है। कहने की आवश्यकता नहीं है कि इससे त्वचा में भी निखार भी आता है या यूं कहे कि संपूर्ण स्वास्थ्य और सुंदरता पर गहरा असर होता है। लेकिन कुछ स्त्रियों में इसके विपरीत प्रभाव को भी देखा जाता है। जैसे- चेहरे के त्वचा का फटना, रैशेज पड़ना आदि के रूप में। यहां यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि इस प्रकार की त्वचा संबंधी समस्याएं व्यायाम के चलते नहीं होतीं। आपको वर्कआउट से पहले, इसके दौरान और इसके बाद में किस तरह त्वचा की देखभाल की जाए, आपको इसका पता होना जरूरी है। तनाव प्रबंधन हालांकि तनाव से त्वचा संबंधी समस्याएं सीधे तौर पर नहीं हो सकतीं, लेकिन पहले से मौजूद समस्याओं को बढ़ाने में इसका योगदान जरूर हो सकता है। वैसी तरकीब, जिनके इस्तेमाल से आपको तनाव से मुक्ति मिलती हो, उन्हे आजमाइए। आपको इसके लिए घंटों योग व ध्यान का अभ्यास करने की जरूरत नहीं है। बल्कि इसके लिए नियमित रूप से आप चंद लम्हे ऐसे निकालें, जिसमें खुद को रिलैक्स कर सकें। उचित खानपान संतुलित आहार, ताजे फल व ताजी सब्जियां खाने और निम्नलिखित बातों पर अमल करने से निश्चित रूप से आप स्वस्थ रहेगी व आपकी त्वचा चमकती रहेगी। स्वस्थ आहार में विटमिंस व मिनरल्स शामिल होते है। खास तौर पर विटमिन ए, सी व ई, जो कि मुलायम त्वचा के लिए बहुत जरूरी हैं। चॉकलेट व चिकनाईयुक्त भोजन संतुलित मात्रा में लें और जिन चीजों में आयोडीन की मात्रा अधिक हो, उनके अधिक इस्तेमाल से भी बचें, क्योंकि इससे त्वचा पर बुरा असर पड़ता है। धूम्रपान से हर हालत में बचें। यह त्वचा में निखार लाने की दिशा में दुश्मन की तरह काम करता है। खूब पानी पिएं एक सामान्य व्यक्ति के लिए कम से कम 12-14 ग्लास पानी प्रतिदिन पीना आवश्यक होता है जिसमें सभी प्रकार के पेय शामिल है। जीवन के लिए पानी अत्यावश्यक है और इसे उचित मात्रा में पीना सभी अंगों व तंत्रों, जिसमें त्वचा भी शामिल है, के लिए जरूरी है। प्यास के अलावा शरीर में पानी की कमी से शारीरिक थकान व त्वचा में निखार की कमी भी होती है। हार्मोस का प्रभाव तनाव के लिए जिम्मेदार कॉर्टिजॉल से लेकर एंड्रोजेन जैसे सेक्स हार्मोस का आपकी त्वचा पर जबरदस्त असर होता है। हार्मोस के स्त्राव में गड़बड़ी से तैलीय ग्रंथि सक्रिय होती है और अधिक मात्रा में सीबम का निर्माण होने लगता है, जिससे कील-मुंहासे वाले बैक्टीरिया को पनपने का मौका मिल सकता है। नियमित नुस्खा सप्ताह में कम से कम एक बार स्क्रबिंग व फेस मास्क के उपयोग के अलावा नियमित रूप क्लींजिंग, से टोनिंग और मॉयस्चराइजिंग कराना जरूरी है। अपूर्णता का प्रबंधन व इलाज कुछ दाग को पंच द्वारा निकाला जा सकता है। इस प्रक्रिया में दाग या धब्बों को सबक्यूटेनियस लेयर तक नीचे ले जाया जाता है, जिससे त्वचा में एक प्रकार का छिद्र हो जाता है और स्किन ग्रा़फ्ट द्वारा जिसे भरा जाता है। सबसाइजन एक ऐसी तकनीक है, जिसमें उन जगहों के ऊतकों, जहा पर किसी तरह के दाग या धब्बे नहीं होते, को लेकर सर्जिकल प्रोब किया जाता है और इस तरह दाग या धब्बों को मिटा दिया जाता है। चिकनाईमुक्त त्वचा चेहरे पर अगर कील-मुंहासे हों, तो खूबसूरती बुरी तरह प्रभावित होती है। इनसे छुटकारा पाने के लिए बोटॉक्स, रिस्टाइलेन/वैकल्पिक फिलर इंजेक्शन्स आदि तरह का इलाज किया जाता है। विभिन्न प्रकार के फॉर्मूलेशन्स, जिन्हे सुई के माध्यम से त्वचा के अंदर प्रवेश कराया जाता है, से काले धब्बों से मुक्ति मिलती है और चेहरे में निखार आ जाता है। गंभीर शल्य क्रियाएं त्वचा संबंधी समस्याओं के गंभीर मामलों में ट्रांसप्लांट जैसी तकनीक आजमाई जा सकती है, जिससे न सिर्फ घाव वाली जगहों को फायदा पहुंचता है, बल्कि चेहरे में निखार भी आता है। इस प्रक्रिया में एक तरह से मेडिकल ग्राफ्टिंग की जाती है। जिस ऊतक से ट्रांसप्लांट किया जाता है, उसे स्किन ग्राफ्ट कहते है, जिससे चोटिल त्वचा को बदल दिया जाता है। मल्टीक्लियर एक परिष्कृत फोटोथेरेपिटिक सिस्टम है, जिसमें कई प्रकार की गड़बड़ियों से निजात पाने के लिए डॉक्टर कंप्यूटर के इस्तेमाल द्वारा प्रकाश की वेंवलेंथ में अंतर लाते हुए इलाज करते है। अलग-अलग तरह की समस्याओं के लिए डॉक्टर उपयुक्त वेवलेंथ का प्रयोग करते है। इस विधि में चंद सेकेंड ही लगता है और इसमें किसी प्रकार की तकलीफ भी नहीं होती। इलाज की पूरी प्रक्रिया में कुल 5 से 8 मिनट का समय लगता है। स्टेच मार्क्स, विटिलिगो, सोरिएसिस व सफेद दाग आदि के इलाज के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है। त्वचा की देखभाल के लिए 20 मिनट का रुटीन… 1. अपनी त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त क्लींजिंग से अपने चेहरे को धोएं। इसका लोशन लगाने के लिएआप कॉटन बॉल या कपड़े को प्रयोग में ला सकती है। 2. दो मिनट तक अपने चेहरे पर गर्म पानी का भाप लें। 3. गर्म पानी से ही मास्क को उतारे फिर चेहरे पर मिनरल वॉटर का छींटा मारे। 4. पानी में ताजगी व रिलैक्स प्रदान करने वाले तेल की कुछ बूंदें डालने के बाद स्नान करे। आप अपनी आंखों पर इस्तेमाल की हुई हर्बल टी-बैग्स, खीरा या आलू के छिलके आदि का भी इस्तेमाल कर सकती है। ऐसी कुछ चीज … Read more

स्मार्टफोन जगत में हलचल! Realme का नया हैंडसेट बना पावरहाउस, बैटरी बैकअप 90 दिन

नई दिल्ली Realme ने दो नए स्मार्टफोन्स का कॉन्सेप्ट पेश किया है, जो अनोखे और दमदार फीचर्स के साथ आते हैं. ब्रांड ने चीन में हुए 828 फैन फेस्टिवल में दोनों ही कॉन्सेप्ट फोन्स को रिवील किया है. इसमें एक फोन 15000mAh की बैटरी के साथ आता है. ये अब तक की किसी फोन में मिलने वाली सबसे बड़ी बैटरी है. ब्रांड ने इस साल की शुरुआत में भी एक कॉन्सेप्ट फोन को पेश किया था, जो 10000mAh की बैटरी से लैस था. कंपनी का कहना है कि 15000mAh बैटरी वाले फोन पर 50 घंटे तक वीडियो प्लेबैक किया जा सकेगा. साथ ही कंपनी ने Chill Fan फोन को पेश किया है. इस स्मार्टफोन में एक फैन लगा हुआ है. आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स. क्या है इन फोन्स में खास? Realme 828 फैन फेस्टिवल लाइवस्ट्रीम में कंपनी ने 15000mAh बैटरी वाला स्मार्टफोन दिखाया है. कंपनी इस फोन को पोर्टेबल पावर स्टेशन की तरह बता रही है. इस फोन का इस्तेमाल आप दूसरे स्मार्टफोन और वियरेबल को चार्ज करने में कर सकते हैं. रियलमी के वाइस प्रेसिडेंट Chase Xu की मानें, तो यूजर्स सिंगल चार्ज में इस फोन पर बैक-टू-बैक 25 मूवी देख सकते हैं. सिंगल चार्ज में इस डिवाइस पर 18 घंटे की वीडियो रिकॉर्डिंग की जा सकती है, 30 घंटे गेम खेल सकते हैं या 5 दिनों तक नॉर्मल यूज कर सकते हैं. फ्लाइट मोड में ये तीन महीने का स्टैंड बाय टाइम ऑफर करेगा. क्या होंगे स्पेसिफिकेशन्स? हालांकि, इस फोन के स्पेसिफिकेशन्स के बारे में कंपनी ने ज्यादा जानकारी नहीं दी है. रिपोर्ट्स की मानें, तो ये हैंडसेट Android 15 पर काम करेगा. इसमें MediaTek Dimensity 7300 प्रोसेसर दिया जाएगा, जो 12GB RAM और 256GB स्टोरेज के साथ आएगा. इसके साथ ही कंपनी ने Realme Chill फोन को अनवील किया है. इस फोन में बिल्ट-इन कूलिंग फोन होगा. ब्रांड इसे बिल्ट-इन AC बता रहा है. टीजर वीडियो में एक वेंट ग्रिल हैंडसेट के फ्रेम पर दिख रहा है. कंपनी की मानें, तो ये फैन स्मार्टफोन को 6 डिग्री सेल्सियस तक घंटा करेगा.

इन्वर्टर बैटरी लगाने के सही नियम, छोटी गलती भी कर सकती है बड़ा नुकसान

नई दिल्ली हमारे-आपके घरों में इन्‍वर्टर लगा ही होता है और गर्मियों में इसकी सबसे ज्‍यादा जरूरत पड़ती है क्‍योंकि लगते कई पावर कट्स। बार-बार बिजली गुल होने पर इन्‍वर्टर काम आता है। लेकिन कभी आपने साेचा है कि इन्‍वर्टर को घर में किस जगह रखना चाहिए? कई लोग इन्‍वर्टर की बैटरी का मेंटनेंस खुद से करते हैं और उसमें बारिश का पानी भी इस्‍तेमाल करते हैं। क्‍या इससे बैटरी पर असर हो सकता है। आज यही हम आपको बताने जा रहे हैं। घर में कहां रखें इन्‍वर्टर की बैटरी हमने कई एक्‍सपर्ट से बात की और ट्रस्‍टेड मीड‍िया वेबसाइटों को खंगाला। टेस्‍लापावरयूएस के अनुसार, घर या ऑफ‍िस प्‍लेस में इन्‍वर्टर और उसकी बैटरी को ऐसी जगह पर रखना चाहिए जहां हवा आती-जाती हो। दरअसल, जब इन्‍वर्टर को चार्ज किया जाता है तो उसकी बैटरी गर्म होती है। हवादार जगह होने से बैटरी को जल्‍दी ठंड होने में मदद मिलेगी और यह आपके घर के लिए भी सेफ रहेगा। लाइट नहीं जाती, तो भी चलाएं इन्‍वर्टर बहुत से लोग इन्‍वर्टर लगा लेते हैं, जबकि उनके यहां पावर कट नहीं लगते। दिल्‍ली जैसे शहर में पावर कट बहुत कम लगते हैं। कई लोगों को यह कहते हुए सुना है कि हमारे इन्‍वर्टर खराब हो गए, क्‍योंकि लाइट जाती नहीं थी। अगर लाइट जाती नहीं थी तो इन्‍वर्टर खराब कैसे हो गए? वो इसलिए खराब हो गए क्‍योंकि उन्‍हें इस्‍तेमाल नहीं किया गया। एक्‍सपर्ट का कहना है कि अगर बिजली नहीं जा रही, तब भी महीने में एक बार इन्‍वर्टर इस्‍तेमाल करके उसे पूरा डिस्‍चार्ज करें और फ‍िर दोबारा चार्ज। बैटरी में डाल सकते हैं बारिश का पानी? बहुत से लोग यह सवाल पूछते हैं और कई ने तो आजमा कर भी देखा है इन्‍वर्टर की बैटरी में बारिश का पानी। लेकिन ऐसा करना गलत है। इन्‍वर्टर की बैटरी में हमेशा डिस्‍ट‍िल्‍ड वॉटर का इस्‍तेमाल करना चाहिए। नल के पानी या बारिश के पानी में मिनिरल्‍स होते हैं, जिससे बैटरी में खराबी आ सकती है। इसके अलावा, हमेशा बैटरी में पानी का लेवल चेक करते रहें। पानी ना तो बहुत ज्‍यादा, ना बहुत कम होना चाहिए। जहां बैटरी रखी हो, वहां साफ-सफाई जरूरी एक्‍सपर्ट कहते हैं कि घर-ऑफ‍िस में जिस जगह पर भी बैटरी को रखा जाता है, वहां साफ-सफाई का ध्‍यान रखना चाहिए। बैटरी के ऊपर धूल ना जमने दें। बैटरी के टर्मिनल्‍स को जंग लगने से बचाना चाहिए। एक्‍सपर्ट का कहना है कि जंग लगने के कारण बैटरी धीमे चार्ज होती है और जल्‍दी खराब हो जाती है। बैटरी खराब हो जाए तो उसे फौरन बदल लेना चाहिए।

व्हाट्सएप पर बिना इंटरनेट वीडियो कॉलिंग की सुविधा, गूगल का कमाल

नई दिल्ली  Google ने हाल ही में अपनी Pixel 10 सीरीज को वैश्विक बाजार में लॉन्च किया है, जिसमें एक बेहद उपयोगी और नया फीचर दिया गया है। कंपनी के दावे के अनुसार, यह दुनिया की पहली ऐसी स्मार्टफोन सीरीज है जो बिना किसी नेटवर्क के भी WhatsApp के माध्यम से ऑडियो-वीडियो कॉल की सुविधा प्रदान करती है। यह सीरीज 28 अगस्त से बिक्री के लिए उपलब्ध होगी। सैटेलाइट के जरिए होगी ऑडियो-वीडियो कॉल Google ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में बताया कि Pixel 10 सीरीज के यूजर्स जल्द ही सैटेलाइट कनेक्टिविटी के साथ WhatsApp पर कॉल कर पाएंगे। यह फीचर उन आपातकालीन स्थितियों में बहुत काम आएगा जहां कोई नेटवर्क या वाई-फाई उपलब्ध नहीं होता। इस तकनीक के माध्यम से यूजर्स अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स का उपयोग करके कम्यूनिकेट कर सकेंगे। Google के पोस्ट में एक टीजर भी दिखाया गया है, जिसमें सैटेलाइट कनेक्टिविटी के साथ ऑडियो-वीडियो कॉल की संभावना को दर्शाया गया है। हालांकि, यह सुविधा सिर्फ उन टेलीकॉम ऑपरेटरों के नेटवर्क पर ही काम करेगी जो सैटेलाइट सर्विस देते हैं। भारत में इस फीचर का लाभ लेने के लिए यूजर्स को अभी इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि देश में सैटेलाइट सर्विस की शुरुआत अभी तक नहीं हुई है। हालांकि, BSNL ने सोशल मीडिया पर इस सेवा के बारे में संकेत जरूर दिए हैं। सैटेलाइट के जरिए होगी ऑडियो-वीडियो कॉल Google ने अपने X (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में बताया कि Pixel 10 सीरीज के यूजर्स जल्द ही सैटेलाइट कनेक्टिविटी के साथ WhatsApp पर कॉल कर पाएंगे। यह फीचर उन आपातकालीन स्थितियों में बहुत काम आएगा जहां कोई नेटवर्क या वाई-फाई उपलब्ध नहीं होता। इस तकनीक के माध्यम से यूजर्स अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स का उपयोग करके कम्यूनिकेट कर सकेंगे।  Google के पोस्ट में एक टीजर भी दिखाया गया है, जिसमें सैटेलाइट कनेक्टिविटी के साथ ऑडियो-वीडियो कॉल की संभावना को दर्शाया गया है। हालांकि, यह सुविधा सिर्फ उन टेलीकॉम ऑपरेटरों के नेटवर्क पर ही काम करेगी जो सैटेलाइट सर्विस देते हैं। भारत में इस फीचर का लाभ लेने के लिए यूजर्स को अभी इंतजार करना पड़ सकता है, क्योंकि देश में सैटेलाइट सर्विस की शुरुआत अभी तक नहीं हुई है। हालांकि, BSNL ने सोशल मीडिया पर इस सेवा के बारे में संकेत जरूर दिए हैं। दुनिया का पहला फोन होने का दावा Google का दावा है कि Pixel 10 सीरीज सैटेलाइट के जरिए WhatsApp ऑडियो और वीडियो कॉल की सुविधा देने वाला दुनिया का पहला फोन होगा। हालांकि, कंपनी ने इस तकनीक के काम करने के तरीके के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है। अभी तक, सैटेलाइट सेवाओं का उपयोग केवल उन क्षेत्रों में ऑडियो कॉल और SMS भेजने के लिए होता है जहां कोई नेटवर्क नहीं होता। यह सेवा भी केवल उन्हीं देशों में उपलब्ध है जहां सैटेलाइट सर्विस शुरू हो चुकी है।  दुनिया का पहला फोन होने का दावा Google का दावा है कि Pixel 10 सीरीज सैटेलाइट के जरिए WhatsApp ऑडियो और वीडियो कॉल की सुविधा देने वाला दुनिया का पहला फोन होगा। हालांकि, कंपनी ने इस तकनीक के काम करने के तरीके के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है। अभी तक, सैटेलाइट सेवाओं का उपयोग केवल उन क्षेत्रों में ऑडियो कॉल और SMS भेजने के लिए होता है जहां कोई नेटवर्क नहीं होता। यह सेवा भी केवल उन्हीं देशों में उपलब्ध है जहां सैटेलाइट सर्विस शुरू हो चुकी है।

सस्ते दाम में स्मार्ट फीचर्स: OnePlus लेकर आया AI ईयरबड्स

मुंबई  OnePlus ने भारत में एक नया ऑडियो प्रोडक्ट लॉन्च कर दिया है, जो दमदार फीचर्स के साथ आता है. कंपनी ने Nord Buds 3r को लॉन्च किया है. ये ब्रांड का लेटेस्ट ईयरबड है, जो Nord Buds 2r का सक्सेसर है. कंपनी की मानें, तो इन बड्स में 54 घंटे की बैटरी लाइफ मिलती है. ये बैटरी लाइफ चार्जिंग केस के साथ है.  Buds 3r IP55 रेटिंग के साथ आते हैं, जिसका मतलब है कि ये डस्ट और वाटर रेजिस्टेंट हैं. Nord Buds 3r में 12.4mm का टाइटैनियम डायनैमिक ड्राइवर मिलता है. इसमें AI बैक्ड नॉयस कैंसिलेशन और डुअल डिवाइस कनेक्टिविटी जैसे फीचर दिए गए हैं. आइए जानते हैं इसकी कीमत और खास फीचर्स.  क्या हैं स्पेसिफिकेशन्स?  OnePlus Nord Buds 3r में 12.4mm का टाइटैनियम कोटेड डायनैमिक ड्राइवर दिया गया है, जिसकी वजह से आपको बेहतर ऑडियो एक्सपीरियंस मिलेगा. ये ईयरबड्स तीन प्रीसेट EQ मोड्स के साथ आते हैं. आप अपने हिसाब से भी इन बड्स को कस्टमाइज कर सकते हैं. इसके लिए आपको साउंड मास्टर EQ फीचर इस्तेमाल करना होगा.  बड्स में OnePlus 3D ऑडियो का सपोर्ट मिलता है. इसमें डुअल माइक दिया गया है. बेहतर कॉलिंग एक्सपीरियंस के लिए एनवायरमेंटल नॉयस कैंसिलेशन मिलता है. ये डिवाइस गूगल फास्ट पेयर फीचर के साथ आता है. साथ आप इसे एक साथ दो डिवाइस से भी कनेक्ट कर सकते हैं.  सिंगल टैप से आप वायस असिस्टेंट से कनेक्ट हो सकते हैं. इसमें आपको रियल टाइम लैंग्वेज असिस्टेंट के लिए AI ट्रांसलेशन का फीचर मिलता है. ये बड्स 54 घंटे की बैटरी लाइफ के साथ आते हैं.  OnePlus Nord Buds 3r की कीमत 1799 रुपये है. हालांकि, स्पेशल ऑफर के तहत आप इन TWS को 1599 रुपये में खरीद सकते हैं. ये ऑफर सीमित समय के लिए है. इसे आप अरोरा ब्लू और एश ब्लैक कलर में खरीद सकते हैं. OnePlus Nord Buds 3r को आप 8 सितंबर से खरीद पाएंगे. ये डिवाइस कंपनी के आधिकारिक स्टोर के साथ ऐमेजॉन, फ्लिपकार्ट और दूसरे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा.

Apple का सरप्राइज! iPhone 17 आएगा 9 सितंबर को, जानें खास फीचर्स

मुंबई  ऐपल का सालाना इवेंट 9 सितंबर को होगा. इस इवेंट का टाइटल Awe Dropping रखा गया है. इवेंट Cupertino (Apple Park) से सुबह 10 बजे PT पर शुरू होगा, जो भारत में 9 सितंबर की रात लगभग 10:30 बजे IST पर लाइव दिखेगा. क्या लॉन्च होने की उम्मीद है? रिपोर्ट्स और टिपस्टर्स के मुताबिक Apple इस बार iPhone 17, iPhone 17 Pro और iPhone 17 Pro Max पेश कर सकता है. साथ ही एक नया, बेहद पतला और हल्का वर्ज़न iPhone 17 Air भी लिस्ट में है. यह मॉडल डिजाइन में काफी बदलाव और पतले बेज़ल के साथ आ सकता है. डिजाइन और स्पेसिफिकेशन्स? लीक्स में बताया जा रहा है कि iPhone 17 Air को बहुत पतला रखने पर जोर दिया गया है. हाल ही में सैमसंग ने भी Galaxy S25 Edge लॉन्च किया है जो बेहद पतला है. हालांकि इस पतले मॉडल को लोगों ने उतना पसंद नहीं किया. देखना दिलचस्प होगा Apple के पतले iPhone को लोग कितना पसंद करते हैं. प्रो मॉडल्स में बड़े कैमरा सेंसर, बेहतर ऑप्टिकल सिस्टम और अपग्रेडेड प्रोसेसर की उम्मीद जताई जा रही है. सॉफ्टवेयर में फिलहाल कोई खास फीचर्स नहीं देखने को नहीं मिलेंगे. क्योंकि लिक्विड ग्लास डिजाइन पुराना हो चुका है. इवेंट कैसे देखें? Apple अपना इवेंट ऑफिशियली Apple.com, Apple TV ऐप और YouTube पर लाइवस्ट्रीम करेगा. भारतीय यूजर्स इन प्लेटफॉर्म्स पर 9 सितंबर की रात लाइव देख सकते हैं. जो लोग मोबाइल या टीवी पर देखना चाहें, वे इन प्लेटफॉर्म्स पर लॉग-इन करके स्ट्रीम देख सकते हैं. हमारे प्लेटफॉर्म पर भी आपको इसकी पूरी कवरेज मिलेगी. भारत में कीमत और उपलब्धता? आधिकारिक कीमत और बिक्री की तारीख Apple इवेंट के बाद ऐलान की जाएगी. रिटेल लॉन्च आम तौर पर इवेंट के कुछ हफ्ते बाद होता है. भारत में कीमतों और प्री-ऑर्डर की जानकारी Apple के ऑफिशियल इवेंट के बाद आएंगी. iPhone 17 Leaks     iPhone 17 Air बेहद पतला और हल्का होगा. कुछ रिपोर्ट्स में इसकी मोटाई ~5.5-5.6mm बतायी जा रही है, जिससे यह Apple का अब तक का सबसे स्लिम फोन बन सकता है.      Air मॉडल में सिंगल  कैमरा सेटअप और पतले बेज़ल की बात कही जा रही है, हालांकि प्रो मॉडल में मल्टी सेंसर होगा.      सैटेलाइट कॉलिंग फीचर में भी कोई अपग्रेड दिया जा सकता है.     A19 सीरीज चिपसेट को कंपनी सभी iPhone 17 सीरीज में दे सकती है. हालांकि कई बार कंपनी पुराना चिप लगा कर भी ने आईफोन बेचती है.     कुछ रिपोर्ट्स में iPhone 17 के लिए प्री ऑर्डर 19 सितंबर से शुरू हो सकता है.   

28 अगस्त से बदल जाएगा वॉट्सऐप: बिना डाटा-पैक भी कर पाएंगे वीडियो कॉल

नई दिल्ली आज के समय में लोगों के लिए तब सबसे बड़ी मुश्किल हो जाती है, जब उनके फोन में नेटवर्क नहीं आता है और वे जरूरत पड़ने पर भी किसी को कॉल या मैसेज नहीं कर सकते हैं। हालांकि, अब काफी हद तक लोगों की यह परेशानी दूर हो जाएगी, क्योंकि वे बिना इंटरनेट के लोकप्रिय इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप व्हाट्सऐप के लिए वायस और वीडियो कॉल कर पाएंगे। जी हां, अगर आपको लग रहा है कि यह कैसे हो सकता है तो बता दें कि हाल ही में लॉन्च हुई Google Pixel 10 Series सीरीज के स्मार्टफोन्स में सैटेलाइट कॉल्स फीचर मिल रहा है। इसकी मदद से व्हाट्सऐप ऐप के जरिए बिना नेटवर्क के भी कॉल की जा सकती है। आइये, पूरी डिटेल जानते हैं। Google Pixel 10 से बिना नेटवर्क भी कर पाएंगे व्हाट्सऐप कॉल Google ने हाल ही में हुए इवेंट में Google Pixel 10, Pixel 10 Pro, Pixel 10 Pro XL और Pixel 10 Pro Fold स्मार्टफोन लॉन्च किए हैं। इन फोन्स को कई दमदार फीचर्स के साथ लाया गया है। अगर खासियत की बात करें तो व्हाट्सऐप के जरिए सैटेलाइट कॉल की सुविधा वाले ये पहले स्मार्टफोन्स हैं। इन सभी हैंडसेट्स में Bluetooth 6 दिया गया है। गूगल लोगों को अब इन डिवाइसेस के जरिए सर्कुलर नेटवर्क से काफी दूर होने पर भी व्हाट्सऐप कॉल करने की सुविधा दे रहे हैं। यह सुविधा देने वाली गूगल पहली कंपनी है। अभी तक ऐपल या फिर किसी अन्य कंपनी के स्मार्टफोन्स में यह फीचर नहीं मिलता है। अब तक स्मार्टफोन पर सैटेलाइट कनेक्टिविटी ज्यादातर इमरजेंसी टेक्स्ट मैसेज तक ही सीमित थी। वहीं, Pixel 10 के साथ Google इस टेक्नोलॉजी को व्हाट्सऐप में लेकर आया है। इसका मतलब है कि अब गूगल पिक्सल 10 सीरीज के फोन के साथ आप यात्रा के दौरान, पहाड़ों पर गांव में हर जगह व्हाट्सऐप कॉल कर सकते हैं, जहां नेटवर्क नहीं आ रहे हों। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह स्नैपड्रैगन सैटेलाइट प्लेटफॉर्म का यूज करते हुए गूगल और क्वालकॉम के बीच पार्टनरशिप के जरिए मुमकिम हुआ है। कब से मिलेगी यह सुविधा? गूगल ने एक्स पर एक ट्वीट करके इस फीचर की जानकारी दी है। यह सुविधा 28 अगस्त, 2025 से शुरू हो जाएगी। ट्वीट में एक वीडियो दिया गया है, जिसमें साफ-साफ दिख रहा है कि फोन में नेटवर्क नहीं हैं, लेकिन व्हाट्सऐप कॉल की जा सकती है। हालांकि, गूगल ने साफ कर दिया है कि यह पार्टनर कैरियर्स के जरिए उपलब्ध होगा। इस कारण अभी फीचर चुनिंदा लोगों के लिए ही आएगा। बता दें कि भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन को फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है, इस कारण भारत में अभी इस सुविधा की उपलब्धता के बारे में कुछ कह पाना मुश्किल है। हो सकता है आगे आने वाले समय में भारत में भी इस फीचर का यूज किया जा सके।

सावधान! पीरियड्स डिले करने की दवा बन सकती है जानलेवा, डॉक्टर ने बताई सच्चाई

नई दिल्ली हमारे आसपास ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जो किसी कारण से कभी-कभी पीरियड्स रोकने वाली दवाओं का सेवन करती हैं ताकि किसी खास दिन या मौके पर उन्हें पीरियड्स ना हों. कई बार इन दवाओं का सेवन महिलाएं डॉक्टर से पूछे बिना ही कर लेती हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि पीरियड्स रोकने वाली गोलियों का सेवन करना खतरनाक साबित भी हो सकता है. एक पॉडकास्ट में वैस्कुलर सर्जन डॉ. विवेकानंद ने अपने एक केस के बारे में बताते हुए कहा, 'कुछ समय पहले मेरे हॉस्पिटल में एक 18 साल की इंजीनियरिंग की छात्रा आई थी. उसे पैर और जांघ में काफी ज्यादा दर्द हो रहा था. रूटीन चेकअप के दौरान लड़की ने बताया कि वह 3 दिनों से पीरियड्स रोकने वाली दवा का सेवन कर रही थी क्योंकि उसके घर में पूजा थी.' 'चेकअप के दौरान उसके घरवालों को बुलाया और उन्हें बताया कि लड़की को डीप वेन थ्रोम्बोसिस की समस्या है और उसे अस्पताल में एडमिट करना होगा. लड़की के पेरेंट्स ने उसे एडमिट करने के लिए मना कर दिया और देर रात डॉक्टर के पास अस्पताल के इमरजेंसी वॉर्ड से फोन आया कि उस लड़की को अस्पताल में लाया गया है और उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है. लेकिन कुछ मिनटों के बाद ही उसकी मौत हो गई.' ये उनके लिए काफी मुश्किल मामला था. अब ऐसे में हर लड़की या महिला को बिना प्रिस्काइब के पीरियड्स रोकने वाली गोलियां नहीं खानी चाहिए. आज हम आपको बता रहे हैं कि पीरियड्स की दवाओं का सेवन महिलाओं को क्यों नहीं करना चाहिए, डीप वेन थ्रोम्बोसिस क्या है और इसके कारण और लक्षण क्या हैं? पीरियड्स रोकने वाली दवा से किन महिलाओं को खतरा? इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल की सीनियर कंसल्टेंट, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. नीलम सूरी का कहना है कि आजकल कई महिलाएं हार्मोनल पिल्स का इस्तेमाल पीरियड देरी करने या मासिक धर्म से जुड़ी अन्य समस्याओं के लिए करती हैं. ये पिल्स शरीर में हार्मोन्स का स्तर बदलकर काम करती हैं, जिससे पीरियड में बदलाव आता है. लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हार्मोनल पिल्स लेने से खून गाढ़ा हो सकता है, जो कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है. खून का गाढ़ा होना यानी ब्लड थिकनेस बढ़ जाना, खासकर उन लोगों में जो पहले से ही ब्लड क्लॉटिंग (थ्रोम्बोसिस) की समस्या से ग्रस्त होते हैं, खतरनाक साबित हो सकता है. जब खून गाढ़ा होता है तो ब्लड वेसल्स (रक्त वाहिकाओं) में थ्रोम्बस बन सकते हैं. ये थ्रोम्बस ब्लड के सामान्य प्रवाह को रोक देते हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है. यदि ये थ्रोम्बस टूटकर कहीं और चले जाएं, तो वे फेफड़ों की रक्त वाहिकाओं में अटक सकते हैं. इसे पल्मनरी एम्बोलिज्म कहते हैं, जो अचानक दिल की धड़कन रुकने (सडन कार्डियक अरेस्ट) या मृत्यु का कारण बन सकता है. इसलिए हार्मोनल पिल्स कभी भी खुद से या बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं लेनी चाहिए. डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री, रिस्क फैक्टर्स और आपकी सेहत का पूरा मूल्यांकन करके ही सही दवा और मात्रा तय करते हैं. सही दवा और सही डोज़ ही आपकी सेहत के लिए सेफ होती है. जो लोग सीधे केमिस्ट से पिल्स ले लेते हैं या बिना डॉक्टर से पूछे कोई भी मेडिकेशन शुरू कर देते हैं, उनमें ऐसे खतरनाक कॉम्प्लिकेशंस होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहें, और हार्मोनल पिल्स जैसी दवाइयों का इस्तेमाल हमेशा डॉक्टरी सलाह के बाद करें. क्या होता है डीप वेन थ्रोम्बोसिस (DVT)? डीप वेन थ्रोम्बोसिस का सामना तब करना पड़ता है जब हमारे  शरीर के अंदर मौजूद नसों में ब्लड क्लॉटिंग या खून के थक्के बनने लगते हैं. ऐसा तब होता है जब या तो आपको चोट लगी हो या आपकी नसों में बहने वाला खून काफी ज्यादा गाढ़ा हो. ये खून के थक्के खून के प्रवाह को रोक सकते हैं. आमतौर पर, डीप वेन थ्रोम्बोसिस की समस्या का सामना पैर के निचले हिस्से, जांघ या पेल्विस में करना पड़ता है, लेकिन ये समस्या शरीर के बाकी अंगों में भी हो सकती है. इसमें हाथ, ब्रेन, आंतें, किडनी और लिवर भी शामिल हैं. डीप वेन थ्रोम्बोसिस के लक्षण और कारण क्या हैं? यह समस्या आमतौर पर आपके पैरों या हाथों की नसों में होता है. DVT एक गंभीर स्थिति है, जिसके कारण खून का थक्का नस को बंद कर सकता है, जिससे खून का फ्लो रुक जाता है. कभी-कभी इस बीमारी के लक्षण इतने मामूली होते हैं कि लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि अन्य बार ये लक्षण अचानक और ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं. आइए जानते हैं डीप वेन थ्रोम्बोसिस केलक्षण क्या होते हैं- सबसे आम लक्षण पैरों या हाथों की सूजन है, जो कभी-कभी अचानक शुरू हो सकती है. इस सूजन वाले हिस्से में दर्द या टेंडरनेस भी महसूस हो सकती है, खासकर जब आप खड़े होते हैं या चल रहे होते हैं. सूजन वाली जगह का रंग लाल या भूरा हो सकता है, और वहां की स्किन नार्मल से गर्म लग सकती है. दबी हुई नसें भी थोड़ी सूजी हुई  दिख सकती हैं. कुछ मामलों में, जब क्लॉटिंग पेट की गहराई में मौजूद नसों पर असर डालती है, तो पेट या कमर में दर्द हो सकता है. अगर खून का थक्का दिमाग की नसों में बनता है, तो अचानक तेज सिरदर्द, दौरे या झटके जैसे लक्षण हो सकते हैं. कई लोगों को इसके लक्षण नहीं भी दिख सकते. पर कभी-कभी थक्का पैर या हाथ से निकलकर फेफड़ों में चला जाता है, जिससे फेफड़ों में ब्लॉकेज हो सकती है. इसे पल्मोनरी एम्बोलिज्म (PE) कहा जाता है. PE के लक्षणों में छाती में तेज दर्द, सांस लेने में तकलीफ, खून के साथ खांसी, चक्कर आना या बेहोशी शामिल हैं. डीप वेन थ्रोम्बोसिस का क्या कारण है? ये स्थितियां डीप वेन थ्रोम्बोसिस के खतरे को बढ़ा सकती हैं:     वंशानुगत (आनुवांशिक) स्थिति होने से खून के थक्के बनने का खतरा बढ़ जाता है.     कैंसर और कीमोथेरेपी होना.     अगर आपको या आपके परिवार में डीप वेन थ्रोम्बोसिस की हिस्ट्री रही हो.     चोट, सर्जरी  के कारण नसों में ब्लड का फ्लो सीमित होना.   … Read more

भारत में TikTok की एंट्री पर चर्चा तेज, कंपनी ने साफ किया स्टैंड

नई दिल्ली TikTok की भारत में वापसी! जी हां, आपने भी ये खबर पढ़ी या सुनी होगी कि भारत में चीनी ऐप टिकटॉक वापस आ रहा है। यह वही ऐप है, जिसने सालों पहले कई लोगों को स्टार बना दिया था और उसके बाद भारत में इसे प्राइवेसी के चलत बैन कर दिया गया था। अब एक बार फिर इसकी वापसी को लेकर खबरें आने लगी हैं, जिसे लोगों में काफी उत्साहिता देखने को मिल रही है। सोशल मीडिया के जरिए कई लोग दावा कर रहे हैं कि टिकटॉक की वेबसाइट को भारत में एक्सेस किया जा रहा है। इस कारण इसकी वापसी की उम्मीद लोगों में जग रही है, लेकिन कंपनी की ओर से यह कन्फर्म कर दिया गया है कि भारत में अभी भी टिकटॉक बैन है। आइये, पूरी डिटेल जानते हैं। TikTok ने कहा- नहीं हटा कोई बैन TechCrunch की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार, TikTok के एक प्रवक्ता ने बताया है कि भारत सरकार ने TikTok पर जो बैन लगाया था, वह अभी भी है। भारत में अभी भी TikTok यूज नहीं किया जा सकता है। प्रवक्ता ने TechCrunch को एक ईमेल लिखा है, जिसमें उन्होंने बताया है कि कंपनी ने भारत में TikTok को फिर से शुरू नहीं किया गया है। कंपन भारत सरकार के आदेश का पालन कर रहे हैं। भारतीय अधिकारी ने भी दी जानकारी इतना ही नहीं, भारत के IT मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी ने भी TechCrunch को बताया है कि सरकार ने TikTok पर लगे बैन को नहीं हटाया है। उन्होंने कहा है कि सरकार ने IT एक्ट के सेक्शन 69A के तहत जो बैन लगाया था, उसे अभी तक वापस नहीं लिया गया है। इस कारण अभी भी ऐप का यूज नहीं किया जा सकता है। कई मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि भारत में TikTok वापस आ रहा है। हालांकि, कंपनी और सरकार की तरफ से दिए गए इस बयान से साफ हो गया है कि अभी भी ऐप पर बैन कायम है और इसे हटाने की हाल फिलहाल कोई योजना नहीं है। अगर आपको नहीं पता है तो बता दें कि भारत सरकार ने जून, 2020 में TikTok के साथ और भी कई अन्य चीनी ऐप्स पर बैन लगा दिया था। यह बैन भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के कारण लगाया गया था। सरकार को डर था कि ये ऐप्स भारतीय यूजर्स का डेटा चीन को भेज सकते हैं।

स्मार्टफोन की बैटरी लाइफ बढ़ाने के आसान और असरदार उपाय

मॉडर्न स्मार्टफोन यूजर्स के सामने अभी सबसे बड़ा इश्यू है-बैटरी लाइफ। वे दिन गए जब आप बिना चार्जिंग के कुछ दिन तक फोन को साथ रख सकते थे। इन दिनों विशेष तौर पर जब बाजार में मॉडर्न एंड्रायड स्मार्टफोंस उमड़ रहे हंा तो आपको चार्जर या माइक्रोयूएसबी केबल के आस-पास ही रहना होता होगा। यदि नहीं तो आपको बैटरी पैक या बैटरी केस को अपने साथ रखना होता होगा। वास्तव में आप ऐसा चाहते नहीं होंगे पर मजबूरी है फोन को बार-बार चार्ज करना। पर आपको इस चार्जर वाले झंझट से छुटकारा दिलाने को पेश हैं कुछ टिप्स जो आपके स्मार्टफोन को कम से कम एक दिन बिना चार्ज के रख सकती है। -अपना लोकेशन सेटिंग्स ऑफ करें। आपके फोन का जीपीएस हमेशा आपके पोजिशन पर लॉक-इन की कोशिश करेगा और इसमें काफी पावर खर्च होता है। कभी-कभी लोकेशन शेयरिंग ऑटोमैटिक ही ऑन होता है, इसलिए एंड्रायड फोन पर आपको सेटिंग मेन्यू में जाकर इसे ऑफ कर देना चाहिए। -अपने फोन के ब्राइटनेस लेवल को कम रखें। स्क्रीन जितना अधिक ब्राइट होगा, उतना ही अधिक बैटरी खर्च होगा। ब्राइट स्क्रीन अच्छा दिख सकता है लेकिन यह ज्यादा पावर खर्च करता है। आपको ऑटोमैटिक ब्राइटनेस लेवल कुछ इस तरह कनफिगर करना चाहिए जिससे कंटेंट स्पष्ट रूप से दिख पाएं, लेकिन यह ज्यादा ब्राइट न हो। -उपयोग में नहीं आने वाले एप्स को स्विच ऑफ रखें। एंड्रायड फोन पर यदि आप मल्टीपल एप्स पर स्विच कर रहे हैं जैसे कैमरा तो बैकग्राउंड में अन्य एप्स ऑन रहते हैं। ये सभी एप्स अधिक पावर कंज्यूम करते हैं और इसलिए आपके फोन की बैटरी लाइफ कम हो जाती है। -सेटिंग्स मेन्यू में आपको हमेशा एप्स या प्रोसेस पर हमेशा टैब रखना चाहिए, जो ढेर सारा बैटरी तो लेता ही है साथ में डाटा भी। यहां तक कि यदि कोई एप ज्यादा बैटरी नहीं ले रहा तो यह पूरी तरह से 3जी नेटवर्क का उपयोग कर रहा होगा, जो अंततः बैटरी की खपत तेजी से करेगा। फेसबुक एप व गूगल नाउ अच्छे उदाहरण हैं इसलिए अपनी बैटरी बचाने के लिए इन्हें ऑफ कर दें। -जब भी संभव हो वाई-फाई का उपयोग करें। ढेर सारे फोंस पर यह ऑटोमैटिक ही शुरू होता है लेकिन यदि ऐसा न हो तो आपको वाई-फाई नेटवर्क पर स्विच करना चाहिए, इससे बैटरी की खपत कम होती है। -मोबाइल नेटवर्क सेटिंग्स में जाकर 2जी पर स्विच करें। यदि आप डाटा का उपयोग नहीं करते हैं और कॉल व मैसेज के लिए फोन का उपयोग करते हैं तो 2 जी नेटवर्क आपके लिए बेहतर है। -यदि आप क्वालकॉम प्रोसेसर वाला फोन उपयोग करते हैं तो आप एंड्रायड के लिए क्वालकॉम बैटरी गुरु एप डाउनलोड कर सकते हैं। यह एप आपके उपयोग का विश्लेषण करेगी और फोन के सेटिंग को आप्टिमाइज करेगी। -आप अपने डिस्प्ले को हमेशा 15 सेकेंड के बाद स्लिप की सेटिंग पर रखें। कभी यदि आप फोन का उपयोग नहीं कर रहे तो इसका लाइट अप होना भी बैटरी की खपत करता है। -यदि आप सोनी एक्सपीरिया जेड 3, एचटीसी वन एम8 या सैमसंग गैलेक्सी नोट 4 जैसे हाई-एंड फोन का उपयोग करते हैं तो इनबिल्ट सॉफ्टवेयर पर आधारित बैटरी एंहांसमेंट मोड का उपयोग करें।