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कीवी टीम की नजर आखिरी-4 पर, स्पिनरों से इंग्लैंड की अग्निपरीक्षा

कोलंबो अपने स्पिनरों के दम पर पिछले मैच में श्रीलंका पर बड़ी जीत दर्ज करने वाला न्यूजीलैंड शुक्रवार को यहां टी20 विश्व कप के सुपर आठ के मैच में इंग्लैंड के खिलाफ अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रखकर सेमीफाइनल में जगह सुरक्षित करने की कोशिश करेगा। इंग्लैंड पहले ही अपने दोनों मैच जीतकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका है लेकिन यह मैच उसके लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीम का भी फैसला होगा। श्रीलंका के खिलाफ 61 रन की बड़ी जीत से न्यूजीलैंड सेमीफाइनल के करीब पहुंच गया है क्योंकि इससे उसका नेट रन रेट अच्छा हो गया है। न्यूजीलैंड का नेट रन रेट प्लस 3.050 है और उसे अगले मैच में बस यह सुनिश्चित करना है कि अगर वह इंग्लैंड से पराजित हो भी जाता है तो हार का अंतर न्यूनतम हो। इंग्लैंड से हार के बाद पाकिस्तान का नेट रन रेट माइनस 0.461 हो गया है। उसे नेट रन रेट में न्यूजीलैंड से आगे निकलने के लिए कीवी टीम की करारी हार के लिए दुआ करनी होगी और साथ ही सुपर आठ के अपने अंतिम मैच में श्रीलंका को बड़े अंतर से हराना होगा। लेकिन न्यूजीलैंड ने यह साबित कर दिया है कि वह श्रीलंका के खिलाफ छह स्पिनरों के साथ खेलने में सहज था जिसके दम पर उसने बड़े अंतर से जीत हासिल की। इस मैच में न्यूजीलैंड के स्पिनरों और इंग्लैंड के बल्लेबाजों के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। पाकिस्तान के खिलाफ शतक बनाने वाले कप्तान हैरी ब्रूक और ऑलराउंडर विल जैक्स दोनों ने ही साइम अयूब, मोहम्मद नवाज और शादाब खान जैसे स्पिनरों के सामने सहज प्रदर्शन किया। लेकिन अब उनके सामने न्यूजीलैंड की कड़ी चुनौती है, जिसके स्पिनर मिचेल सैंटनर, रचिन रविंद्र, ग्लेन फिलिप्स और कोल मैककॉन्ची पाल्लेकल की तुलना में प्रेमदासा स्टेडियम की अधिक चिपचिपी पिच पर बहुत उपयोगी साबित हो सकते हैं। ब्रूक अच्छी फॉर्म में हैं, लेकिन अनुभवी जोस बटलर को अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा। उन्होंने अब तक टूर्नामेंट में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। बटलर की अच्छी शुरुआत से इंग्लैंड निश्चित रूप से बेहतर स्थिति में आ जाएगा। दूसरी ओर जैक्स की ऑफ स्पिन और लियाम डॉसन की बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण हो सकती है। प्रेमदासा की पिच पर अगर स्पिनर गेंदबाजी कर रहे हों तो 165 से 175 के बीच का कोई भी स्कोर जीत के लिए पर्याप्त हो सकता है। न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर रविंद्र ने श्रीलंका के खिलाफ बल्लेबाजी और गेंदबाजी में अच्छा प्रदर्शन करने के बाद कहा कि भले ही उनका स्पिन आक्रमण मजबूत है लेकिन इंग्लैंड को कम करके आंकना गलती होगी। रविंद्र ने कहा, ‘‘इस तरह के मुकाबले में खेलने के लिए हमेशा आत्मविश्वास बना रहता है, विशेषकर जब हमें पता होता है कि पिच कैसी होगी। लेकिन मुझे लगता है कि किसी भी समय इंग्लैंड को कम करके आंकना मूर्खता होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित रूप से उनकी टीम काफी अच्छी है। उनके गेंदबाज अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं और उनके पास बल्लेबाजी क्रम में नीचे तक विश्व स्तरीय बल्लेबाज हैं।’’ लेकिन रविंद्र इस बात का पूरा अहसास है कि शुक्रवार एक नया दिन है और न्यूजीलैंड टीम के लिए यह एक नई चुनौती होगी। रविंद्र ने कहा, ‘‘श्रीलंका के खिलाफ जीत से हमारा मनोबल बढ़ा है लेकिन हम यह अच्छी तरह से समझते हैं कि दो दिन बाद हमारे सामने एक अलग तरह की चुनौती होगी। उम्मीद है कि हम इसके लिए पूरी तरह से तैयार रहेंगे।’’ टीम इस प्रकार हैं: इंग्लैंड: हैरी ब्रूक (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), टॉम बैंटन, जैकब बेथेल, फिल साल्ट (विकेटकीपर), बेन डकेट, सैम करेन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, रेहान अहमद, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद, जोश टोंग, लाइक वुड न्यूजीलैंड: मिचेल सैंटनर (कप्तान), फिन एलन, टिम सीफर्ट, डेवोन कॉनवे, मार्क चैपमैन, कोल मैककॉन्ची, डैरिल मिचेल, जेम्स नीशम, रचिन रविंद्र, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, इश सोढ़ी। मैच शुरू होने का समय: शाम सात बजे।  

रिंकू सिंह के प‍िता का न‍िधन, लंबे समय से ल‍िवर कैंसर से थे पीड़ित

 नई दिल्ली Rinku Singh Father Death News: भारतीय क्रिकेटर र‍िंकू सिंह (Rinku Singh) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. उनके पिता खानचंद्र स‍िंह ( Khanchandra Singh) का स्टेज-4 लिवर कैंसर से  जंग के बाद निधन हो गया. टी20 वर्ल्ड कप के बीच यह खबर सामने आने से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है. रिंकू सिंह के पिता पिछले कुछ समय से स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे. हाल में ही उनको हालत गंभीर होने पर ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. डॉक्टरों की लगातार कोशिशों के बावजूद उनकी स्थिति में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार उन्होंने अंतिम सांस ली. प‍िता के न‍िधन की खबर सुनकर रिंकू सिंह चेन्नई से अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं.    अस्पताल ने की पुष्ट‍ि  यथार्थ हॉस्पिटल के पीआरओ ने समाचार एजेंसी ANI को बताया कि चौथे स्टेज के कैंसर से जूझ रहे क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता ने आज (27 फरवरी) सुबह 5 बजे यथार्थ हॉस्पिटल-ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में आखिरी सांस ली.  बेहद नाजुक थी रिंकू के प‍िता की हालत  रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह की तबीयत बेहद नाजुक बनी हुई थी. वो ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती थे और मैकेनिकल वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे. उन्हें लगातार रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी.  टूर्नामेंट छोड़कर तुरंत घर लौटे थे रिंकू पिता की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही रिंकू T20 वर्ल्ड कप के बीच टीम कैम्प से निकलकर चेन्नई से दिल्ली पहुंचे थे, जहां वे परिवार के साथ रहे. हालांकि वो गुरुवार (26 फरवरी) को ज‍िम्बाब्वे से खेलने के लिए टीम से जुड़ गए थे.    चेन्नई टी20 में ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ नहीं मिला मौका पारिवारिक शोक के चलते रिंकू के अगले मैचों में खेलने को लेकर सस्पेंस है. वो ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ मुकाबले में टीम से बाहर रहे थे और उनकी जगह संजू सैमसन को मौका दिया गया था. वहीं टीम में अक्षर पटेल की वॉश‍िंगटन सुंदर की जगह वापसी हुई थी. हालांकि ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ मुकाबले में फील्ड‍िंग करते हुए वो नजर आए थे.  मुश्किल दौर से गुजर रहे रिंकू सिंह  यह समय रिंकू सिंह के लिए व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों स्तर पर बेहद चैलेंज‍िंंग रहा  है. हालिया मैचों में उनका प्रदर्शन भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था, इस टी20 वर्ल्ड कप में र‍िंकू सिंह ने टीम इंड‍िया के ल‍िए ज‍िम्बाब्वे मुकाबलों में हिस्सा लिया है, लेकिन बल्लेबाजी क्रम में नीचे होने की वजह से उन्हें ज्यादा गेंदें खेलने का मौका नहीं मिला. अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ वह सिंगल डिजिट पर आउट हो गए. पाकिस्तान के खिलाफ जरूर उन्होंने 4 गेंदों में नाबाद 11 रन बनाकर तेज कैमियो दिखाया. नीदरलैंड्स के खिलाफ 3 गेंदों पर 6 रन जोड़े, जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ दो गेंद खेलकर खाता भी नहीं खोल सके. रिंकू ने पांच पारियों में 29 गेंदें खेलकर सिर्फ 24 रन बनाए थे. 

हार्दिक की ताबड़तोड़ बल्लेबाजी और अर्शदीप का कमाल, जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत का ऑलराउंड प्रदर्शन

चेन्नई भारतीय टीम ने आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार (26 फरवरी) को जिम्बाब्वे के खिलाफ 72 रनों से जीत हासिल की. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में हुए इस मैच में भारतीय टीम ने जिम्बाब्वे को जीत के लिए 257 रनों का टारगेट दिया. इस विशाल टारगेट के सामने जिम्बाब्वे के बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आए. पूरे 20 ओवर खेलने के बावजूद जिम्बाब्वे की टीम 6 विकेट पर 184 रन ही बना सकी. ब्रायन बेनेट ने नााबाद 97 रन बनाए, लेकिन वो टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थे. भारतीय टीम अब इस जीत के साथ ही सेमीफाइनल में पहुंचने से सिर्फ एक कदम दूर है. भारतीय टीम को अब अपने आखिरी सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज का 1 मार्च को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में सामना करना है. भारतीय टीम यदि वेस्टइंडीज को हराती है तो वो सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. भारत की जीत के साथ ही साउथ अफ्रीका सेमीफाइनल में पहुंच गया. जबकि जिम्बाब्वे अंतिम-4 की रेस से  बाहर हो चुका है. भारतीय टीम को सुपर-8 में अपने पहले मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनो से हार झेलनी पड़ी थी. लेकिन उस हार से भारतीय टीम ने सबक लेते हुए जिम्बाब्वे के खिलाफ तीनों डिपार्टमेंट में दमदार खेल दिखाया. यानी भारतीय टीम का इस मुकाबले में कम्पलीट परफॉर्मेंस दिखा. अभिषेक का फॉर्म में लौटना सुखद सबसे प्लस प्वाइंट सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का फॉर्म में लौटना रहा. अभिषेक ने लगातार तीन पारियों में शून्य के स्कोर बनाए थे. जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ वो 15 रन बना पाए थे. मगर अभिषेक जिम्बाब्वे के खिलाफ पूरी तरह लय में दिखे. अभिषेक ने 30 गेंदों पर 55 रन बनाए, जिसमें चार छक्के और चार चौके शामिल रहे. अभिषेक ने इस दौरान संजू सैसमन के साथ मिलकर 48 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप की. ज‍िम्बाब्वे से जीतकर भी खुश नहीं सूर्या चेन्नई के एमए च‍िदम्बरम स्टेड‍ियम में ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे पर दमदार जीत दर्ज करने के बावजूद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) अपनी टीम की गेंदबाजी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखे. उन्होंने साफ कहा कि जीत अहम है, लेकिन नॉकआउट से पहले टीम को और क्लीन‍िकल बनना होगा. गुरुवार (26 फरवरी को) मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने शानदार वापसी करते हुए 4 विकेट पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. सुपर-8 के पहले मैच में साउथ अफ्रीका से मिली करारी हार के बाद यह प्रदर्शन टीम के लिए बेहद जरूरी था. हालांकि लक्ष्य का पीछा करते हुए ज‍िम्बाब्वे कभी भी जीत की स्थिति में नहीं दिखी, फिर भी उसने 6 विकेट पर 184 रन बना लिए. छठे गेंदबाज के तौर पर उतरे श‍िवम दुबे ने दो ओवर में 46 रन खर्च किए, जिसने भारतीय कप्तान को चिंतित किया. टीम इंड‍िया ने कैसे किया ज‍िम्बाब्वे के ख‍िलाफ प्रदर्शन कप्तान सूर्या ने यह भी बताया कि टीम ने इस अहम मैच से पहले पुरानी गलतियों को पीछे छोड़ने की कोशिश की. उन्होंने कहा- हमने लीग स्टेज या पिछले मैच के बारे में ज्यादा नहीं सोचा. हमारे वीडियो एनालिस्ट ने पिछले एक साल के सकारात्मक प्रदर्शन का प्रेजेंटेशन तैयार किया था. उससे हमें आत्मविश्वास मिला और हम पूरी स्पष्टता के साथ मैदान पर उतरे. उन्होंने बल्लेबाजी इकाई की सराहना करते हुए कहा कि टॉप ऑर्डर से लेकर नंबर सात तक सभी का योगदान रहा और प्रदर्शन लगभग संपूर्ण था. स‍िकंदर रजा ने टीम इंड‍िया से हारने की क्या वजह बताई? जिम्बाब्वे के कप्तान स‍िकंदर रजान ने माना कि बड़ी टीमों को चुनौती देने के लिए उनकी टीम को तीनों विभागों बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में एक साथ अच्छा प्रदर्शन करना होगा. उन्होंने कहा- हमारी टीम में कई युवा खिलाड़ी हैं, जो पहली बार वर्ल्ड कप और पहली बार भारत में खेल रहे हैं. यह बहाना नहीं है, लेकिन सीखने का प्राजारी है. अगर किसी एक विभाग में कमी रह जाए तो मैच हाथ से निकल जाता है.  जिम्बाब्वे ने लगातार दूसरे मैच में 250 से ज्यादा रन गंवाए, जिसने उसकी हार में बड़ी भूमिका निभाई. इस हार के साथ ही टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई. अब वह अपना आखिरी मैच 1 मार्च को दिल्ली में साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलेगी. तिलक नए रोल में ढल गए जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में तिलक वर्मा नए रोल में दिखे. तिलक मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में नंबर-3 पर संघर्ष करते दिखे थे. लेकिन इस मैच में उन्हे नंबर-6 पर उतारा गया. टीम मैनेजमेंट का ये दांव क्लिक कर गया.  तिलक ने महज 16 बॉल पर नाबाद 44 रनों की पारी खेली. इस दौरान तिलक ने चार छक्के और तीन चौके लगाए. हार्दिक पंड्या की हार्ड हिंटिंग ने भी भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मदद किया. हार्दिक ने चार छक्के और दो चौके की मदद से 23 बॉल पर नाबाद 50 रन कूट डाले. हार्दिक ने भारतीय पारी की आखिरी दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर ना सिर्फ अर्धशतकीय आंकड़ा टच किया, बल्कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मिली निराशा को भी कम किया. भारतीय टीम की गेंदबाजी काफी शानदार रही. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह ने तो मिडिल ओवरों में कमाल की बॉलिंग की और तीन विकेट झटके. अर्शदीप ने 4 ओवरों में सिर्फ 24 रन खर्चे. जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने विकेट तो नहीं लिए, लेकिन दोनों ने 3-3 ओवरों में एक समान 21 रन दिए. स्पिन गेंदबाजों वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल ने 35-35 रन खर्च किए, साथ ही एक-एक विकेट लिया. शिवम दुबे जरूर आउट ऑफ कलर दिखे और एक विकेट लेने के लिए 2 ओवरों में 46 रन लुटाए.

रनों की आंधी में उड़ा विपक्ष, भारत का 256/4

चैनई  भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए टी20 मुकाबले में विस्फोटक प्रदर्शन किया और निर्धारित 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 256 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में उतरे बल्लेबाजों ने विपक्षी गेंदबाजों को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया। ओपनर अभिषेक शर्मा ने टीम को तेज शुरुआत दिलाते हुए शानदार 55 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद ईशान किशन ने 28 रन की उपयोगी पारी खेलकर रन गति को बरकरार रखा। कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अपने चिर-परिचित अंदाज में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 13 गेंदों पर 33 रन ठोक दिए, जिससे भारतीय टीम का स्कोर तेजी से आगे बढ़ता गया। मैच के आखिरी ओवरों में हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी कर रन गति को चरम पर पहुंचा दिया। हार्दिक ने सिर्फ 23 गेंदों में 55 रन की धमाकेदार पारी खेली, जबकि तिलक वर्मा ने 16 गेंदों पर 44 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम को 250 के पार पहुंचाया। दोनों के बीच हुई तेज साझेदारी ने मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया। भारतीय टीम की इस आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर विपक्ष के सामने 257 रन का मुश्किल लक्ष्य रखा गया है। अब नजरें भारतीय गेंदबाजों पर होंगी कि वे इस बड़े स्कोर का बचाव कर टीम को जीत दिला पाते हैं या नहीं।

रोमांचक बाजी के बाद गुकेश और नीमन ने अंक बांटे, प्राग में मुकाबला ड्रॉ

प्राग विश्व चैंपियन डी गुकेश ने मिडिल गेम में कुछ तनावपूर्ण क्षणों से गुजरने के बाद प्राग अंतरराष्ट्रीय शतरंज महोत्सव के मास्टर्स वर्ग के पहले दौर में अमेरिका के हैंस मोके नीमन के साथ ड्रॉ खेला। गुकेश सफेद मोहरों से खेल रहे थे लेकिन नीमन ने बर्लिन डिफेंस अपनाया। दोनों खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले की यह अच्छी शुरुआत थी। नीमन ने आक्रामक रुख अपनाया और 13वीं चाल पर ही एक मोहरे का बलिदान कर दिया, जिससे सफेद मोहरों से खेलने के बावजूद गुकेश बैकफुट पर आ गये। अमेरिकी खिलाड़ी ने इसके बाद हावी होने की कोशिश की लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने भी अच्छा खेल दिखाया और आखिर में बाजी ड्रॉ करने में सफल रहा। गुकेश को छोड़कर सफेद मोहरों से खेल रहे अन्य खिलाड़ियों ने पहले दौर में जीत हासिल की। भारत के मौजूदा चैंपियन अरविंद चिदंबरम काले मोहरों से खेल रहे थे और उन्हें पहले दौर में उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसात्तोरोव से हार का सामना करना पड़ा। अब्दुसत्तोरोव के हमनाम और हमवतन नोदिरबेक याकुब्बोएव ने स्पेन के डेविड एंटोन गुज्जरो को जबकि स्थानीय खिलाड़ी नवारा डेविड ने ईरान के परहम मगसूदलू को हराया। चैलेंजर्स वर्ग में महिला विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख ने हंगरी के शीर्ष वरीयता प्राप्त बेंजामिन ग्लेडुरा के साथ ड्रॉ खेला, लेकिन सूर्य शेखर गांगुली को नीदरलैंड के थॉमस बीर्डसेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा।  

वनडे सीरीज में वापसी के लिए भारत को दिखानी होगी दमदार बल्लेबाजी

होबार्ट मौजूदा विश्व चैंपियन भारत को पहले मैच में बुरी तरह हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की वनडे श्रृंखला को अगर जीवंत रखना है तो उसे शुक्रवार को यहां होने वाले दूसरे महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में बल्लेबाजी में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। टी20 श्रृंखला 2-1 से जीतने के बाद भारतीय टीम वनडे श्रृंखला की अच्छी शुरुआत नहीं कर पाई और ब्रिस्बेन में खेले गए पहले मैच में छह विकेट से हार गई। भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कभी भी द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला नहीं जीती है। इस प्रारूप में इन दोनों देशों के बीच खेली गई श्रृंखलाओं में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा रहा है। दोनों टीमों के बीच अभी तक 11 द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला खेली गई हैं जिनमें सभी में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की। इनमें 2024 में 3-0 से और सितंबर 2025 में 2-1 से जीत भी शामिल है। लेकिन भारत 2025 में महिला वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर मिली पांच विकेट की जीत से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगा। वर्तमान श्रृंखला के पहले मैच में भारतीय बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की चुनौती का सामना करने में नाकाम रहे और पूरी टीम केवल 214 रन पर आउट हो गई। उप-कप्तान स्मृति मंधाना (58), कप्तान हरमनप्रीत कौर (53) और कासवी गौतम (43) को छोड़कर कोई भी अन्य भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारियां नहीं खेल सका। वे ऑस्ट्रेलिया की अनुशासित गेंदबाजी के सामने संघर्ष करते हुए नजर आए। प्रतिका रावल पारी की शुरुआत करते हुए खाता भी नहीं खोल पाई। शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। भारत को शुक्रवार को इन चारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। बड़े शॉट लगाने में माहिर विकेटकीपर ऋचा घोष को भी संघर्ष करना पड़ा और वह केवल 23 रन ही बना सकी। टीम को उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। गेंदबाजों में बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपने नौ ओवर में 41 रन देकर दो विकेट लिए लेकिन उन्हें बीच के ओवरों में दीप्ति शर्मा और कासवी जैसी गेंदबाजों से मदद की जरूरत है। लेकिन शुरुआती ओवरों में विरोधी टीम को नुकसान पहुंचाने की जिम्मेदारी तेज गेंदबाज रेणुका सिंह और क्रांति गौड़ पर होगी, जो पहले मैच में असफल रहीं। भारतीय टीम प्रबंधन ऑलराउंडर अमनजोत कौर और स्नेह राणा को टीम में शामिल करने पर भी विचार कर सकता है। भारत की सीनियर ऑलराउंडर दीप्ति को उम्मीद है कि टीम दूसरे वनडे में वापसी करके श्रृंखला बराबर करने में सफल रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन परिणाम हमारे अनुकूल नहीं रहा। हम अगले मैच में मजबूत वापसी करेंगे। हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं और अपने मजबूत पक्षों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’ दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की निगाह दूसरे मैच में ही श्रृंखला अपना नाम करके कप्तान एलिसा हीली को शानदार विदाई देने पर होगी। हीली अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में खेल रही हैं। उन्होंने पिछले मैच में अर्धशतक लगाया था। हीली और फोबे लिचफील्ड ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की और वे इसी लय को जारी रखना चाहेंगी। ऑस्ट्रेलिया के लिए लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान रहा। बेथ मूनी (76) और एनाबेल सदरलैंड (48 नाबाद) ने चौथे विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी करके टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया था। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी भी शानदार रही है, जिसमें मेगन शट, एशले गार्डनर, अलाना किंग, ताहिला मैकग्रा और सोफी मोलिनक्स सभी ने किफायती गेंदबाजी करते हुए विकेट भी हासिल किए। इन दोनों टीम के बीच वनडे श्रृंखला के बाद पर्थ में एक दिन रात्रि टेस्ट मैच खेला जाएगा। इन तीनों प्रारूप के प्रदर्शन को मिलाकर श्रृंखला की ट्रॉफी का फैसला अंकों के आधार पर किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक टी20 और 50 ओवर की जीत के लिए दो अंक और टेस्ट में जीत के लिए चार अंक होंगे। टीम इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, काशवी गौतम, हरलीन देयोल, प्रतिका रावल। ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान), सोफी मोलिनी (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फोबे लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिस पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। मैच सुबह 9.20 बजे शुरू होगा।  

चैंपियंस लीग में रियल मैड्रिड की जीत, विनीसियस की चमक से बेनफिका पस्त

मैड्रिड 15 बार के यूरोपीय चैंपियन रियल मैड्रिड ने शानदार वापसी करते हुए बेनफिका को 2-1 से हराया और कुल 3-1 की बढ़त के साथ यूईएफए चैंपियंस लीग के अंतिम-16 में प्रवेश कर लिया। सैंटियागो बर्नब्यू में खेले गए रोमांचक मुकाबले में विनीसियस जूनियर ने निर्णायक गोल कर टीम को जीत दिलाई। पहले चरण में 1-0 से पीछे चल रही बेनफिका ने आक्रामक शुरुआत की और 14वें मिनट में राफा सिल्वा के गोल से बढ़त बना ली। गोलकीपर थिबाउट कोर्टुआ ने पहले शानदार बचाव किया, लेकिन रिबाउंड पर राफा ने गेंद को जाल में पहुंचा दिया। हालांकि, रियल मैड्रिड ने तुरंत जवाब दिया। दो मिनट बाद फेडेरिको वाल्वेर्दे के पास पर औरेलियन त्चौआमेनी ने सटीक शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। मुकाबला बराबरी पर आने के बाद दोनों टीमों के बीच तेज़ टक्कर देखने को मिली। 32वें मिनट में आर्डा गुलर ने गोल किया, लेकिन वीएआर ने ऑफसाइड करार देते हुए उसे रद्द कर दिया। पहले हाफ के अंत तक बेनफिका ने भी कई मौके बनाए, लेकिन कोर्टुआ ने शानदार बचाव कर टीम को मैच में बनाए रखा। दूसरे हाफ में रियल ने लय पकड़ी। 60वें मिनट में एक चूक के बाद राफा सिल्वा का जोरदार शॉट क्रॉसबार से टकराया, जिससे रियल को बड़ा झटका लगते-लगते बचा। निर्णायक क्षण 80वें मिनट में आया, जब वाल्वेर्दे ने मिडफील्ड से सटीक पास दिया। विनीसियस जूनियर ने ऑफसाइड ट्रैप को भेदते हुए बॉक्स में प्रवेश किया और शांत दिमाग से गेंद को निचले कोने में पहुंचाकर स्कोर 2-1 कर दिया। इसी के साथ मुकाबले का फैसला हो गया। मैच के बाद त्चौआमेनी ने कहा, “हमने शुरुआत अच्छी नहीं की, लेकिन हमें भरोसा था कि गोल मिलेंगे। मैच के साथ हमने बेहतर प्रदर्शन किया। रक्षा में थोड़े सुधार की जरूरत है, लेकिन जीत सबसे अहम है।” अब अंतिम-16 के ड्रॉ में रियल मैड्रिड का सामना मैनचेस्टर सिटी या स्पोर्टिंग लिस्बन से हो सकता है।  

विश्व कप से श्रीलंका की विदाई पर संगाकारा का बड़ा बयान– ‘हम बेकार हो जाएंगे’

कोलंबो टी20 विश्व कप 2026 की सह-मेजबान श्रीलंका टूर्नामेंट से बाहर हो गई है। बुधवार को कोलंबो में खेले गए सुपर-8 के अपने दूसरे मुकाबले में श्रीलंका को न्यूजीलैंड के खिलाफ 61 रन से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही श्रीलंका विश्व कप से बाहर हो गई। सुपर-8 के पहले मैच में भी श्रीलंका को इंग्लैंड के हाथों 51 रन से हार का सामना करना पड़ा था। श्रीलंका के विश्व कप से बाहर होने के बाद पूर्व कप्तान कुमार संगाकारा निराश नजर आए। उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी निराशा व्यक्त की। संगकारा ने कहा कि 2014 में टी20 विश्व कप जीतने के बाद से श्रीलंका का लगातार पांचवीं बार सेमीफाइनल में न पहुंच पाना बेहद निराशाजनक है। कुमार संगाकारा ने एक्स पर लिखा, “हर तरफ बहुत दुख है। फैंस दुखी, निराश और गुस्से में हैं। खिलाड़ी भी बहुत दुखी हैं। मैं भी ऐसे ही ड्रेसिंग रूम में रहा हूं। यह आसान नहीं है, लेकिन यह जिम्मेदारी मैदान के साथ आती है। अपने देश और अपने लोगों का प्रतिनिधित्व करना एक बोझ के साथ ही बहुत बड़ा सौभाग्य है। सही रास्ते पर आने के लिए हर स्तर पर बहुत काम करना है। हम एक ही चीज बार-बार नहीं कर सकते और अलग नतीजों की उम्मीद नहीं कर सकते, जब हमारे आस-पास क्रिकेट की दुनिया इतनी तेजी से बदल गई है। हमने खुद को नहीं बदला है और खतरा यह है कि हम बेकार हो जाएंगे।” श्रीलंका टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 स्टेज से बाहर होने वाली पहली टीम बनी है। 2014 में विजेता बनने के बाद यह लगातार पांचवां मौका है, जब श्रीलंका सेमीफाइनल में नहीं पहुंची है। 2014 में भारत को हराकर टी20 विश्व कप का खिताब जीतने वाली टीम का संगाकारा हिस्सा थे। वे 2009 से 2014 के बीच टीम के स्वर्णिम दौर का हिस्सा रहे, जब श्रीलंका चार लगातार संस्करणों में कम से कम सेमीफाइनल तक पहुंचा, 2009 और 2012 में फाइनल खेला, और 2014 में खिताब जीता।  

भारतीय पहलवान सुजीत कलकल ने अल्बानिया में लहराया तिरंगा, रैंकिंग सीरीज में स्वर्ण पदक हासिल

तिराना अंडर-23 विश्व चैंपियन सुजीत कलकल ने मुहामेट मालो 2026 कुश्ती टूर्नामेंट में पुरुषों की 65 किग्रा फ्रीस्टाइल कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता। 23 साल के भारतीय पहलवान ने फाइनल में अजरबैजान के राशिद बाबाजादे को 10-0 से हराया। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में जॉर्जिया के नीका जकाशविली को 10-0 से हराने और अल्बानिया के एंड्रियो अवदली पर 16-4 की जीत के साथ अपने कैंपेन की शुरुआत करने के बाद सेमीफाइनल में अमेरिका के दो बार के पैन अमेरिकन चैंपियन जोसेफ मैककेना पर 11-0 से शानदार जीत हासिल की। इस महीने की शुरुआत में क्रोएशिया में जाग्रेब ओपन जीतने के बाद, यह 2026 यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग रैंकिंग सीरीज में उनका लगातार दूसरा स्वर्ण पदक है। सुजीत ने एंड्रियो अवदली पर 16-4 से जीत के साथ वार्म अप किया, जिन्होंने बाउट की शुरुआत में भारतीय खिलाड़ी को चार अंक पर पटक दिया था। नीका जकाशविली (जॉर्जिया) अगले 10-0 से हार गए, इससे पहले सुजीत ने जोसेफ मैककेना (अमेरिका) को 11-0 से हराया, यह स्कोर जाग्रेब ओपन के सेमीफाइनल जैसा ही था। राशिद, जिन्होंने सेमीफाइनल में विटाली अरुजाउ (अमेरिका) के खिलाफ 16-13 से जीत हासिल की थी, वे फाइनल में मुकाबला नहीं कर पाए। सुजीत ने उन्हें 10-0 से हराकर लगातार दूसरा रैंकिंग सीरीज स्वर्ण पदक जीता। कुल मिलाकर, यह यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग रैंकिंग सीरीज सर्किट में सुजीत का चौथा स्वर्ण पदक था। इससे पहले उन्होंने 2022 जैहैर शघायर और 2025 पोलाक इमरे और वर्गा जानोस मेमोरियल में टॉप स्थान हासिल किया था। इसी कैटेगरी में हिस्सा ले रहे भारत के मोहित कुमार क्वालिफाइंग राउंड से आगे नहीं बढ़ पाए। 57 किग्रा श्रेणी में अंकुश और आतिश टोडकर ने कांस्य पदक तक पहुंचने के लिए रेपेचेज में मुकाबला किया, लेकिन अपने-अपने मैचों में हार गए। इस बीच, सुमित (57 किग्रा), राहुल (61 किग्रा), सिद्धार्थ (70 किग्रा), परविंदर (74 किग्रा), और आर्यन (86 किग्रा) अपने-अपने वेट डिवीजन में मेडल राउंड तक पहुंचने में नाकाम रहे। भारत ने मुहामेट मालो 2026 के लिए 48 सदस्यों की कुश्ती टीम भेजी थी, जिसमें पुरुषों की फ्रीस्टाइल, महिलाओं की डिवीजन और ग्रीको-रोमन कैटेगरी में 16-16 लोग शामिल थे।  

श्रीलंका की हार के बाद कप्तान दासुन शनाका की अनोखी अपील, बोले- सरकार करे हस्तक्षेप

कोलंबो श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने कहा कि उनकी टीम के टी20 विश्व कप से बाहर होने के लिए केवल फिटनेस और फॉर्म ही एकमात्र कारण नहीं थे, बल्कि इसके लिए 'बाहर का नकारात्मक माहौल' भी जिम्मेदार रहा। इसके अलावा उन्होंने सरकार से खिलाड़ियों को आलोचना से बचाने के लिए हस्तक्षेप करने की अजीबोगरीब मांग की। शनाका ने टी20 विश्व कप के सुपर आठ के मैच में न्यूजीलैंड से हारकर बाहर होने के बाद अपने देशवासियों से माफी मांगी और कहा कि वे उन्हें खुशी देने में असफल रहे। सह मेजबान श्रीलंका करो या मरो मुकाबले में न्यूजीलैंड से 61 रन से हार गया। इससे पहले वह इंग्लैंड से 51 रन से हार गया था, जिससे पाकिस्तान के खिलाफ उसका आखिरी मैच उसके लिए औपचारिक रह गया है। शनाका ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ''खिलाड़ी होने के कारण हमारे लिए बाहर हो रही बातों को नियंत्रित करना मुश्किल होता है। हम अधिकतर समय नकारात्मक बातें ही सुनते हैं। चाहे हम खिलाड़ी कितने भी सकारात्मक क्यों न हों, बाहर से नकारात्मक माहौल बन ही जाता है।'' उन्होंने कहा, ''यह श्रीलंका में क्रिकेट के लिए बड़ा नुकसान है। इस तरह की नकारात्मकता क्यों फैलाई जा रही है। ठीक है हम वर्ल्ड कप हार गए। हमें कारण पता हैं। हम सभी चिंतित हैं।'' शनाका ने कहा, ''मुझे लगता है कि हम खेलेंगे और आगे बढ़ेंगे। लेकिन कम से कम भविष्य के खिलाड़ियों के लिए अगर सरकार हस्तक्षेप करके इन्हें (नकारात्मक बातों को) रोक सकती है तो मुझे लगता है कि यह खिलाड़ियों के बेहतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत मददगार साबित होगा।'' श्रीलंका के कप्तान ने हालांकि टीम के लचर प्रदर्शन के लिए अपने देशवासियों से माफी मांगी। उन्होंने कहा, ''हमें इसका बहुत अफसोस है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच भी ऐसा ही था जिसे हम जीत सकते थे। अगर हम थोड़ा और समझदारी से खेलते तो वह मैच भी जीत सकते थे। यह मैच एकतरफा था। प्रशंसकों के लिए मेरे पास कहने को कुछ नहीं है। हमने उन्हें ऐसी कोई जीत नहीं दी जिस पर वे खुश हो सकें।'' उन्होंने कहा, '' हमारा एक मैच बाकी है और मुझे उम्मीद है कि कप्तान के तौर पर मैं कम से कम टूर्नामेंट का अच्छा समापन करूंगा।'' शनाका ने कहा कि यहां की पिचें उनकी उम्मीद के मुताबिक नहीं रहीं। उन्होंने कहा, ''टूर्नामेंट शुरू होने से पहले मैंने यह भी कहा था कि मुझे उम्मीद है कि विकेट अच्छे होंगे। श्रीलंका के पास जो सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं, वे टीम में हैं। घरेलू क्रिकेट से उन खिलाड़ियों को चुना गया है जिनका स्ट्राइक रेट अच्छा है और जिनमें खेलने की क्षमता है। यहां किसी को भी क्रिकेट खेलने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है। हम भी देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।'' शनाका ने कहा, '' जो कुछ हुआ उसके लिए हमें बहुत खेद है। कोई हारना नहीं चाहता। हर कोई अच्छा खेलने और टीम को जीत दिलाने के इरादे से मैदान पर उतरता है। कभी-कभी हम उन छोटी-छोटी गलतियों की वजह से मैच हार जाते हैं जिनके बारे में हम सोचते भी नहीं। इसलिए हमें इसका बहुत अफसोस है, एक खिलाड़ी के तौर पर हमें हारने पर बहुत दुख होता है।'' शनाका को लगता है कि श्रीलंकाई खिलाड़ियों की फिटनेस विश्व क्रिकेट के मानकों के अनुरूप नहीं है। इसके अलावा कुछ खिलाड़ियों के चोटिल होने से भी टीम को नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, ''हमारे लगभग चार से पांच खिलाड़ी चोटिल हैं, हमारे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बाहर हैं। इसलिए हमें फिटनेस को लेकर कुछ समस्याएं हैं। मेरा मानना ​​है कि देश के लिए खेलते समय फिटनेस सर्वोपरि होनी चाहिए। इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता।'' शनाका को पक्का भरोसा नहीं है कि इस हार के बाद वह अपनी कप्तानी बरकरार रख पाएंगे या नहीं। उन्होंने कहा, ''मैं नहीं जानता कि मैं कितने समय तक कप्तान बना रहूंगा। इसका फैसला श्रीलंका क्रिकेट और चयनकर्ताओं को करना है लेकिन मुझे खुशी है कि मुझे इतने लंबे समय तक कप्तानी करने का अवसर मिला। मुझे खुशी है कि मुझे कप्तान के रूप में विश्व कप में खेलने का मौका मिला।''