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BCCI से टकराव अब नहीं रुकेगा! बांग्लादेश को ‘NO’ का क्या असर पड़ेगा?

 नई दिल्ली बांग्लादेश क्रिकेट आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां से वापसी आसान नहीं. टी20 वर्ल्ड कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, यह वो मंच है, जहां टीमें अपनी पहचान, क्षमता और भविष्य गढ़ती हैं… और बांग्लादेश? वह आज वर्ल्ड क्रिकेट की मुख्यधारा से कटने की कगार पर है. सवाल सिर्फ इतना नहीं कि बांग्लादेश T20 वर्ल्ड कप खेलेगा या नहीं.असली सवाल यह है- खेलेगा तो कैसे? और न खेले तो फिर बचेगा क्या? सरकार की ‘ना’, BCB की मजबूरी और खिलाड़ियों के सपनों की बलि ढाका की काबिना ने सुरक्षा के नाम पर टीम को भारत भेजने से मना कर दिया है. BCB हाथ बांधे खड़ा है और खिलाड़ी? वे सिर्फ तमाशा देख रहे हैं- क्योंकि फैसला उनके हाथ में है ही नहीं. मेहदी हसन का बयान कि 'सरकार और BCB ही हमारे अभिभावक हैं. 'साफ समझाता है कि खिलाड़ियों के सपने किसी और की राजनीति में कुर्बान हो रहे हैं. 2000 में टेस्ट दर्जा पाया, अब क्या फिर हाशिए पर चला जाएगा? बांग्लादेश अभी तक कोई ICC खिताब नहीं जीत पाया. ऐसे में वर्ल्ड कप से बाहर होना सिर्फ एक टूर्नामेंट गंवाना नहीं-यह उनकी क्रिकेट इकोसिस्टम पर खुली चोट है. यह चोट सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं रहेगी-  – स्पॉन्सर हटेंगे – रैंकिंग गिरेगी – भविष्य के टूर्नामेंट खतरे में पड़ेंगे – 2031 में भारत के साथ संयुक्त मेजबानी का सपना भी धराशायी (इस विवाद की आंच 2031 ODI World Cup तक पहुंच सकती है, जिसे भारत और बांग्लादेश संयुक्त रूप से होस्ट करने वाले हैं.) ये चेतावनी कोई आम आलोचक नहीं- क्रिकेट इंडस्ट्री के अंदर बैठे लोग दे रहे हैं, जो जानते हैं कि वर्ल्ड कप जैसे मंच का ‘बैक-अप’ नहीं होता. ICC से टकराव, वैश्विक अलगाव का जोखिम…और समय निकलता जा रहा अगर बांग्लादेश मैदान में नहीं उतरा तो सबसे बड़ा सवाल उठेगा- आगे कैसे क्वालिफाई करेगा? निचली रैंकिंग वाले बोर्डों का हश्र सब जानते हैं. क्वालिफायर की कठिन राह, ICC से संबंधों में तनाव और वैश्विक क्रिकेट मंच पर कम होती मौजूदगी- ये दोनों खतरे बांग्लादेश के सामने खड़े हैं. खिलाड़ी सबसे बड़े शिकार- सपने टूट रहे, करियर डूब रहे सबसे ज्यादा नुकसान किसका? सरकार का? ICC का? नहीं, खिलाड़ियों का. परवेज इमोन, सैफ हसन- जिन्होंने कभी वर्ल्ड कप नहीं खेला… उनका सपना किसी और की लड़ाई में राख हो रहा है. और यह बात सच है- बांग्लादेशी खिलाड़ियों के पास IPL, BBL या काउंटी जैसी वैकल्पिक लीग नहीं. वर्ल्ड कप = एक्सपोजर + अनुभव + अस्तित्व…और वह छिन रहा है. क्या राजनीति ने क्रिकेट को निगल लिया? जवाब है- हां यह भ्रम छोड़ दीजिए कि खेल और राजनीति अलग हैं.यहाँ राजनीति ने क्रिकेट को सीधा जमीन पर पटक दिया है. सब कुछ तब शुरू हुआ जब KKR ने मुस्ताफिजुर रहमान को सुरक्षा के नाम पर IPL से बाहर किया. सरकार ने इसे राष्ट्रीय प्रतिष्ठा का सवाल बना दिया और अब पूरा बोर्ड उसी रास्ते पर खड़ा है. उधर, ढाका-नई दिल्ली रिश्तों में दरार अब क्रिकेट में भी छलक रही है— – भारत का पुरुषों का दौरा रद्द – महिला टीम का दौरा रद्द – अब वर्ल्ड कप पर ताला! पश्चिमी देशों के दोहरे मानदंड भी आग में घी BCB अंदर से कहां तर्क ले रहा है? वही जगह जहां पश्चिमी क्रिकेट बोर्डों की पाखंड राजनीति है-  – ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान दौरे बार-बार रद्द किए – ICC ने सिर हिलाया – सबने सुरक्षा को प्राथमिकता माना तो फिर बांग्लादेश सुरक्षा बोले तो अपराध क्यों? यही बांग्लादेश का सबसे बड़ा सवाल और शायद सबसे आक्रामक हथियार भी. क्रिकेट को आगे करना होगा- वरना देश क्रिकेट से पीछे छूट जाएगा. बांग्लादेश क्रिकेट हमेशा विवादों में रहा है, लेकिन मैदान पर कभी-कभार चमक भी दिखाई है गवर्नेंस हालांकि अस्थिर रही है. नजमुल हसन पापोन के 12 साल के कार्यकाल में बांग्लादेश ने वनडे विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई, चैम्पियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंचा और टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया तथा इंग्लैंड जैसी शीर्ष टीमों को हराने वाली उपलब्धियां दर्ज कीं.' लेकिन पिछले डेढ़ साल में प्रगति रुक गई. आज हालत यह है कि BCB, सरकार और ICC की तीन दिशाओं में खींचतान ने टीम को रस्साकशी की रस्सी बना दिया है.  यह सिर्फ बॉयकॉट नहीं, क्रिकेट का आत्मघात है विश्व क्रिकेट में अपनी जगह बनाना कठिन है, खोना बेहद आसान. बांग्लादेश इस समय उसी किनारे खड़ा है. अगर बांग्लादेश वर्ल्ड कप छोड़ता है, तो दुनिया कहेगी- 'खेल से नहीं, राजनीति से हार गए.'

विजय के रास्ते पर भारत! 2nd T20I में नजरें इन स्टार्स पर

रायपुर पहले मैच में बड़ी जीत से उत्साह से भरी भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ शुक्रवार को यहां होने वाले दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में अपनी जीत की लय बरकरार रखने के लिए मैदान पर उतरेगी जिसमें शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और ईशान किशन की भूमिका पर निगाह टिकी रहेगी। वनडे श्रृंखला में हारने के बाद भारत ने नागपुर में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में 48 रन से शानदार जीत हासिल की थी लेकिन उस मैच में सैमसन और किशन बल्ले से कोई कमाल नहीं दिखा पाए थे। सैमसन हाल में अंतिम एकादश से अंदर बाहर होते रहे हैं लेकिन अब अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप से पहले उन्हें निश्चित रूप से लंबा मौका मिलेगा। श्रृंखला के पहले मैच में आसानी से अपना विकेट गंवाने वाले सैमसन अपने विभिन्न तरह के शॉट का शानदार नमूना पेश करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे जिनके दम पर उन्होंने सबसे छोटे प्रारूप में तीन शतक बनाए हैं। एक और बल्लेबाज जिसे टीम प्रबंधन के भरोसे को सही साबित करने की जरूरत है, वह है किशन, जिन्हें विश्व कप के लिए टीम में शामिल किया गया है और नागपुर में पहले मैच में श्रेयस अय्यर पर उन्हें प्राथमिकता दी गई थी। कवर पर कैच आउट होने से पहले बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने अपनी संक्षिप्त पारी में अच्छा प्रदर्शन किया। भारत के अधिकतर खिलाड़ी शुरू में ही हर गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाने की कोशिश में पूरी ताकत से बल्लेबाजी करते हैं। किशन भी इसी निडर रवैये को जारी रखेंगे और उम्मीद कर सकते हैं कि इसका उन्हें फायदा मिले। आईसीसी टूर्नामेंट से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव के फॉर्म पर सबकी नजरें टिकी हुई थीं और भले ही वह कोई बड़ा योगदान नहीं दे सके, लेकिन 22 गेंदों में बनाए गए 32 रन ने उनके आत्मविश्वास को कुछ हद तक जरूर बढ़ाया होगा। पहले टी20 में मिली शानदार जीत से व्यक्तिगत तौर पर सुधार के कई क्षेत्र सामने आए, इसके बावजूद टीम के प्रदर्शन ने विश्व कप से पहले अपने प्रतिद्वंद्वियों को खतरनाक संकेत दिए हैं, जहां भारत मौजूदा चैंपियन के रूप में उतर रहा है। अगर भारत को टी20 विश्व कप खिताब का बचाव करने वाली पहली टीम बनना है तो अभिषेक शर्मा को बुधवार रात की तरह ही शीर्ष क्रम में आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखनी होगी। यह बाएं हाथ का बल्लेबाज अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नजर आ रहा है और उन्होंने लगभग हर गेंद को मैदान से बाहर पहुंचाने की शानदार क्षमता दिखाई है। निचले क्रम में रिंकू सिंह की टीम में वापसी और आते ही शानदार प्रदर्शन करना भारत के लिए एक और बड़ा सकारात्मक पहलू है। कुलदीप यादव की अनुपस्थिति में भी गेंदबाजी विभाग काफी संतुलित नजर आता है। अगर अर्शदीप सिंह और हार्दिक पंड्या पावरप्ले में विकेट लेते रहते हैं तो जसप्रीत बुमराह को पावरप्ले के बाद तीन ओवरों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जिससे टीम को बीच के ओवरों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिल जाएगा। भारत ने नागपुर में बड़ा स्कोर बनाया था जिससे वह ओस का प्रभाव कम करने में सफल रहा। यहां भी ओस पड़ने की संभावना है और कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं होगा, जैसा कि दक्षिण अफ्रीका ने पिछले महीने दिखाया था, जब उन्होंने एक वनडे मैच में भारत के खिलाफ 359 रन का पीछा काफी आसानी से कर लिया था। न्यूजीलैंड जानता है कि गेंदबाजी के मोर्चे पर उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं था लेकिन उसकी टीम जल्द ही संभल जाती है और इसलिए वह वापसी करने के लिए बेताब होगी। डेवोन कॉनवे के हाल में आउट होने के तरीके को लेकर वे थोड़ा चिंतित होंगे, जिसमें वे बाहर जाती हुई गेंदों पर स्लिप कॉर्डन में कैच आउट हो जाते हैं। टीम इस प्रकार हैं : भारत : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), इशान किशन, श्रेयस अय्यर, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, रिंकू सिंह, अर्शदीप सिंह, रवि बिश्नोई, हर्षित राणा। न्यूजीलैंड : मिचेल सैंटनर (कप्तान), डेवोन कॉनवे, बेवन जैकब्स, डैरिल मिचेल, ग्लेन फिलिप्स, टिम रॉबिन्सन, जिमी नीशम, ईश सोढ़ी, जैक फाउल्स, मार्क चैपमैन, माइकल ब्रैसवेल, रचिन रविंद्र, काइल जैमीसन, मैट हेनरी, जैकब डफी। समय : शाम 7 बजे।  

न्यूजीलैंड को T20 वर्ल्ड कप से पहले तगड़ा झटका, प्रमुख तेज गेंदबाज टीम से बाहर

 नई दिल्ली T20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज होने में कुछ ही दिनों का समय रह गया है। ऐसे में न्यूजीलैंड के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है। टीम के स्टार तेज गेंदबाज एडम मिलने चोट के चलते पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। न्यूजीलैंड क्रिकेट की रिलीज के अनुसार एडम मिलने को यह चोट SA20 लीग के दौरान लगी। उनके रिप्लेसमेंट के रूप में काइल जैमीसन को स्क्वॉड में शामिल किया गया है, जो इस समय भारत में 5 मैच की टी20 सीरीज खेल रहे हैं। जैमीसन पहले से ही न्यूजीलैंड की ट्रैवलिंग रिजर्व का हिस्सा थे। क्रिकेट न्यूजीलैंड ने अपना अपडेटेड स्क्वॉड भी जारी कर दिया है। न्यूजीलैंड टी20 वर्ल्ड कप में ग्रुप-डी का हिस्सा है। उनका पहला मैच 8 फरवरी को अफगानिस्तान के खिलाफ है। न्यूजीलैंड क्रिकेट की रिलीज के अनुसार, एडम मिलने बाएं हैमस्ट्रिंग में चोट के कारण ICC T20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गए हैं और उनकी जगह ब्लैककैप्स टीम में काइल जैमीसन को शामिल किया गया है। मिलने को रविवार को SA20 में बॉलिंग करते समय चोट लगी थी और बाद में स्कैन से चोट की गंभीरता का पता चला। जैमीसन, जो अभी भारत के ब्लैककैप्स व्हाइट-बॉल दौरे का हिस्सा हैं, उन्हें T20 वर्ल्ड कप टीम में शामिल किया गया है। पहले उन्हें भारत और श्रीलंका में फरवरी-मार्च में होने वाले टूर्नामेंट के लिए ट्रैवलिंग रिजर्व के तौर पर चुना गया था। ब्लैककैप्स के कोच रॉब वाल्टर ने मिल्ने के प्रति सहानुभूति जताई। उन्होंने कहा, "हम सब एडम के लिए बहुत दुखी हैं। उन्होंने टूर्नामेंट के लिए खुद को तैयार करने के लिए बहुत मेहनत की थी और ईस्टर्न केप सनराइजर्स के लिए अपने आठ मैचों में वह अपने बेहतरीन फॉर्म में दिख रहे थे। यह एडम के लिए दुर्भाग्यपूर्ण समय है और हम उनके जल्द ठीक होने की कामना करते हैं।" वाल्टर ने कहा कि जैमीसन एक काबिल रिप्लेसमेंट हैं। "यह बहुत अच्छी बात है कि काइल पहले से ही भारत में हमारे साथ हैं। वह हमारे पेस-बॉलिंग ग्रुप के एक अहम सदस्य हैं और इस दौरे पर उन्होंने शानदार शुरुआत की है। वह एक मेहनती खिलाड़ी हैं जिनके पास अच्छे स्किल्स और अनुभव हैं जो टूर्नामेंट में उनके काम आएंगे।" वाल्टर ने पुष्टि की कि T20 वर्ल्ड कप के लिए एक रिप्लेसमेंट ट्रैवलिंग रिजर्व की घोषणा जल्द ही की जाएगी। न्यूजीलैंड टी20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड- मिशेल सेंटनर (कप्तान), फिन एलन, माइकल ब्रेसवेल, मार्क चैपमैन, डेवोन कॉनवे, जैकब डफी, लॉकी फर्ग्यूसन, मैट हेनरी, काइल जैमीसन, डेरिल मिशेल, जेम्स नीशम, ग्लेन फिलिप्स, रचिन रवींद्र, टिम सीफर्ट, ईश सोढ़ी

CJI भड़के, Team India के नाम पर आपत्ति को BCCI के खिलाफ याचिका फालतू करार दी

नई दिल्ली BCCI यानी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के खिलाफ याचिका लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे याचिकाकर्ता को जजों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। एक ओर जहां याचिकाकर्ता की मांग थी कि नेशनल क्रिकेट टीम को भारतीय क्रिकेट टीम कहने से रोका जाए। याचिका पर सुनवाई कर रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने फटकार लगाई कि अदालतों पर बेकार का बोझ न डालें। साथ ही याचिका पर भी सवाल उठाए। याचिकाकर्ता क्या चाहता था याचिकाकर्ता रीपक कंसल इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट में भी याचिका दाखिल कर चुके हैं। वहां, भी जज ने उन्हें फटकार लगाई थी। कंसल का कहना था कि BCCI एक निजी संस्था है, जिसका रजिस्ट्रेशन तमिलनाडु सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट के तहत हुआ है। यह कोई सरकारी संस्था नहीं है। इसमें कहा गया कि कई बार RTI के जवाब में खेल मंत्रालय ने साफ किया है कि BCCI को नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के तौर पर मान्यता प्राप्त नहीं है। साथ ही इसे सरकार से कोई आर्थिक मदद नहीं मिलती है। याचिका में कहा गया कि इसके बाद भी सरकारी मीडिया प्लेटफॉर्म BCCI की क्रिकेट टीम को 'टीम इंडिया' या 'इंडियन नेशनल टीम' कहते हैं। साथ ही सवाल उठाया गया कि तिरंगे जैसे भारतीय प्रतीकों का इस्तेमाल प्रसारणों में किया जाता रहा है। सुप्रीम कोर्ट भड़का बेंच में सीजेआई के साथ जस्टिस जॉयमाला बागची भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट ने ऐसी ही याचिका पहले खारिज कर दी थी। साथ ही कहा कि हाईकोर्ट को जुर्माना लगाना चाहिए था। सीजेआई ने कहा, 'आप घर पर बैठे हैं और याचिकाएं तैयार कर रहे हैं। इसमें समस्या क्या है। नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल (National Sports Tribunal) के लिए भी एक नोटिफिकेशन आ गया है जिसमें बहुत ही काबिल सदस्य शामिल हैं। कोर्ट पर बोझ मत बढ़ाइए।' अदालत ने याचिका को फालतू करार दिया। उन्होंने कहा, 'हाईकोर्ट ने गलत दिया। मिसाल कायम करने वाला कोई जुर्माना नहीं लगाया गया। सुप्रीम कोर्ट में ऐसी फालतू याचिकाओं को आने से कैसे रोकेंगे।' बेंच ने कहा कि जुर्माना नहीं लगाए जाने के चलते ही याचिकाकर्ता को शीर्ष न्यायालय तक आने की हिम्मत मिली। दिल्ली हाईकोर्ट लगाने वाली थी जुर्माना अक्तूबर 2025 में यह मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा था। खबर है कि तब हाईकोर्ट 10 लाख रुपये जुर्माना लगाने वाला था, लेकिन वकील के अनुरोध के बाद इसे माफ कर दिया गया। हाईकोर्ट ने कहा था, 'क्या आप कह रहे हैं कि टीम भारत को रिप्रेजेंट नहीं करती। यह टीम जो हर जगह जाकर भारत का नाम बढ़ा रही है, आप कह रहे हैं कि वे भारत का प्रतिनिधित्व नहीं करते? क्या यह 'टीम इंडिया' नहीं है? अगर नहीं है, तो हमें बताइए कि यह 'टीम इंडिया' क्यों नहीं है।' चीफ जस्टिस उपाध्याय ने कहा कि यह याचिका कोर्ट के समय की सरासर बर्बादी है।

क्या टी20 विश्व कप तक फिट हो जाएंगे तिलक वर्मा? स्टार बल्लेबाज का इमोशनल मैसेज आया सामने

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया के लिए राहत भरी खबर है। पेट से जुड़ी समस्या की वजह से न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के शुरुआती तीन मैचों से बाहर हुए तिलक वर्मा तेजी से ठीक हो रहे हैं। फिलहाल बेंगलुरु में बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सिलेंस में रिहैब प्रॉसेस से गुजर रहे वर्मा ने सोशल मीडिया पर अपनी कुछ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करके जल्द कमबैक की उम्मीद जताई है। तिलक वर्मा ने ऐसे ही एक वीडियो क्लिप को शेयर किया है जिसमें वह एक्सरसाइज करते दिख रहे हैं। उसके साथ उन्होंने लिखा- कोई कसर नहीं छोड़ रहे, कमबैक सून। तिलक वर्मा काफी समय से भारतीय टी20 बल्लेबाजी का अहम स्तंभ बने हुए हैं। पिछले साल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होम सीरीज में भी उनकी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का जलवा दिखा था। सीरीज में वर्मा 187 रनों के साथ टॉप स्कोर रहे। इस दौरान उन्होंने 2 फिफ्टी भी जड़ी। 23 साल के तिलक वर्मा ने न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज की तैयारी के तहत विजय हजारे ट्रॉफी के 2 मैच भी खेले, जिसमें उन्होंने क्रमशः 109 और 34 रन की पारियां खेली। तिलक वर्मा न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज की तैयारी में जुटे हुए थे तभी उन्हें पेट से जुड़ी समस्या से जूझना पड़ा, जिसमें सर्जरी की जरूरत थी। इस वजह से वह न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैच की टी20 सीरीज के शुरुआती 3 मुकाबलों से बाहर हो गए। उनकी जगह पर श्रेयस अय्यर को स्क्वाड में जगह दी गई। बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा नंबर तीन पर भारत के लिए शानदार खेल दिखाते आए हैं। विश्व कप में उनकी मौजूदगी टीम इंडिया के लिए काफी अहम है। उनके अंदर दबाव को सोखने और परिस्थितियों के हिसाब से बल्लेबाजी करने की शानदार क्षमता है। इसका मुजाहिरा उन्होंने एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ किया था। तिलक वर्मा के टी20 इंटरनेशनल करियर पर निगाह डालें तो उन्होंने अब तक 40 मैचों की 37 पारियों में 49.29 की औसत से 1,183 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 144.09 है। टी20 इंटरनेशनल में उनके नाम 2 शतक और 6 अर्धशतक दर्ज हैं। नंबर 3 पर वह उसी तरह की भूमिका निभा रहे हैं जिस तरह की भूमिका विराट कोहली निभाया करते थे। उन्होंने नंबर 3 पर बल्लेबाजी करते हुए 15 पारियों में 60.22 की औसत और 160 के स्ट्राइक रेट से 542 रन ठोके हैं। टी20 इंटरनेशनल में उनके दोनों शतक तीन पर बल्लेबाजी करते हुए ही आएं हैं। इसके अलावा इस नंबर पर उन्होंने 3 अर्धशतक भी जड़े हैं।  

डब्ल्यूपीजीटी 2026: दूसरे लेग के पहले दिन रिद्धिमा ने स्नेहा पर बढ़त बनाई

अहमदाबाद विमेंस प्रो गोल्फ टूर (डब्ल्यूपीजीटी) 2026 के पहले चरण में एक सप्ताह पहले उपविजेता रहीं रिद्धिमा दिलावरी ने अहमदाबाद के कल्हार ब्लूज एंड ग्रीन्स में खेले जा रहे दूसरे चरण के पहले राउंड में एक शॉट की बढ़त हासिल कर ली है। बुधवार को रिद्धिमा ने अंतिम 8 होल्स में संयमित खेल का प्रदर्शन किया। सीजन के दूसरे टूर्नामेंट की शुरुआत में रिद्धिमा ने दो बार लगातार बर्डी लगाईं। उन्होंने पहले 7वें और 8वें होल पर बर्डी लगाईं, जिसके बाद फिर 14वें और 15वें होल पर ऐसा किया। हालांकि, उन्होंने 5वें और 10वें होल पर एक-एक शॉट गंवाया, लेकिन इसके बावजूद वह 2 अंडर 70 के स्कोर के साथ राउंड पूरा करने में सफल रहीं। स्नेहा सिंह पहले लेग में अच्छे प्रदर्शन न कर पाने की भरपाई करना चाहती थीं। उन्होंने बोगी-फ्री राउंड खेला, लेकिन सिर्फ एक बर्डी के साथ, वह 1-अंडर 71 पर रहीं और रिद्धिमा से दूसरे स्थान पर रहीं। छह खिलाड़ी, जिनमें 2025 ऑर्डर ऑफ मेरिट विजेता वाणी कपूर, जहान्वी बख्शी, नयनिका सांगा, एमेच्योर महरीन भाटिया, करिश्मा गोविंद और रूकी प्रो सान्वी सोमू शामिल हैं, सभी 1-ओवर 73 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। रिद्धिमा इस साल वीमेंस प्रो गोल्फ टूर (डब्ल्यूपीजीटी) और आईजीपीएल के घरेलू इवेंट्स पर ध्यान केंद्रित करने की योजना बना रही हैं। उन्होंने पार-5 पांचवें होल पर एक शॉट गंवाने से पहले चार पार के साथ शुरुआत की। रिद्धिमा ने 7वें और 8वें होल पर बर्डी बनाकर इसकी भरपाई की। 10वें होल पर एक और शॉट गंवाने का मतलब था कि वह फिर से इवन पार पर थीं। 14वें और 15वें होल पर लगातार बढ़त ने अंडर-पार राउंड और बढ़त सुनिश्चित की। 2025 में दो खिताब जीत चुकीं स्नेहा सिंह ने लगातार 15 होल पार खेले, इसके बाद पार-3 16वें होल पर बर्डी लगाकर राउंड की अपनी एकमात्र बर्डी हासिल की। उन्होंने अंतिम दो होल भी पार खेले और 71 के स्कोर के साथ राउंड समाप्त किया। अमनदीप ने दो बर्डी लगाईं, हालांकि एक डबल बोगी के कारण उनका स्कोर प्रभावित हुआ, जबकि एमेच्योर जारा ने बोगी के साथ शुरुआत की और राउंड में 17वें होल पर एक और बोगी लगाई। संयुक्त रूप से पांचवें स्थान पर रहीं छह खिलाड़ियों में शामिल नयनिका सांगा ने सबसे ज्यादा पांच बर्डी लगाईं, लेकिन उनके नाम चार बोगी भी रहीं। इनमें से तीन बोगी पहले चार होल में आईं, इसके अलावा पार-3 सातवें होल पर उन्हें ट्रिपल बोगी का सामना करना पड़ा। वाणी कपूर की शुरुआत भी खराब रही, लेकिन नौवें और 11वें होल पर बर्डी लगाकर उन्होंने वापसी की। हालांकि, पार-5 14वें होल पर उन्होंने फिर एक शॉट गंवाया। पिछले सप्ताह की विजेता जैस्मिन शेखर की शुरुआत निराशाजनक रही। उन्होंने 7-ओवर 79 का स्कोर बनाया, जिसमें चार बोगी, दो डबल बोगी शामिल रहीं, जबकि उन्हें एकमात्र बर्डी आखिरी होल पर मिली।

ऑस्ट्रेलिया ओपन: स्वियातेक ने रचा नया इतिहास, सेलेखमेतेवा ने बाडोसा को दिया बड़ा झटका

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलियन ओपन में वर्ल्ड नंबर 2 इगा स्वियातेक ने मैरी बुजकोवा के खिलाफ 6-2, 6-3 से सीधे सेटों में जीत हासिल करते हुए लगातार 24वें ग्रैंड स्लैम के तीसरे राउंड में जगह बनाई। सोमवार को स्वियातेक 2006–12 के दौरान स्वेतलाना कुजनेत्सोवा (26) के बाद लगातार 25 ग्रैंड स्लैम में दूसरे दौर में पहुंचने वाली पहली महिला बनीं। वह अब ओपन एरा में किसी भी दशक के पहले 24 मेजर्स में तीसरे दौर में पहुंचने वाली एकमात्र महिला हैं। वह पिछली बार यूएस ओपन 2019 के दौरान दूसरे दौर में बाहर हुई थीं। जहां उन्हें अनास्तासिजा सेवस्तोवा से हार का सामना करना पड़ा। जॉन केन एरिना में बुजकोवा के खिलाफ मुकाबले में स्वियातेक ने सर्व ब्रेक करके पहला सेट 6-2 से जीता। स्वियातेक का आक्रामक बेसलाइन खेल बेहद शक्तिशाली साबित हुआ, उनके ग्राउंडस्ट्रोक की गति 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंच रही थी, जिससे बुजकोवा लगातार डिफेंसिव पोजीशन में जाने के लिए मजबूर होती रहीं। पहले सेट की जीत ने स्वियातेक को पूरा कंट्रोल दे दिया, और उन्होंने शांत होकर सर्व करते हुए मैच खत्म किया। दूसरे सेट में 6-3 से जीत हासिल करके सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से जीत पूरी की। दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी ने शुरुआती कुछ तनाव भरे पलों के बावजूद मजबूत इरादे दिखाए। एक अनफोर्स्ड एरर से पहला प्वाइंट गंवाने के बाद, स्वियातेक ने शक्तिशाली सर्व और आक्रामक बेसलाइन खेल से कंट्रोल वापस हासिल कर लिया।हालांकि, बुजकोवा ने शानदार शॉट लगाकर दो मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन स्वियातेक की क्वालिटी निर्णायक साबित हुई। 9 शॉट की एक शानदार रैली फोरहैंड विनर के साथ खत्म हुई, जिससे ऑस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे राउंड में उनकी जगह पक्की हो गई। इसके बाद ओक्साना सेलेखमेतेवा ने अपने करियर की पहली टॉप 30 जीत दर्ज करते हुए ऑस्ट्रेलियन ओपन में पिछले साल की सेमीफाइनलिस्ट पाउला बाडोसा को हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम के तीसरे राउंड में जगह बनाई। सेलेखमेतेवा अब तीसरे राउंड में नंबर 6 वरीयता प्राप्त जेसिका पेगुला से भिड़ेंगी। वह अपने करियर में पहली बार टॉप 20 खिलाड़ी का सामना करने जा रही हैं। दूसरी ओर, लॉरा सीगमंड को 6-4, 6-7(3), 7-6 (7) से मात देकर लोकल क्वालीफायर मैडिसन इंग्लिस भी तीसरे राउंड में पहुंच गई हैं। यह मुकाबला 3 घंटे और 20 मिनट तक चला, जो टूर्नामेंट का दूसरा सबसे लंबा मैच था।

रिकॉर्ड ब्रेकर अभिषेक शर्मा, T20I में 34 मैचों में ही रच दिया नया इतिहास

नई दिल्ली नंबर-1 टी20 बल्लेबाज अभिषेक शर्मा का बल्ला न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 में जमकर हल्ला बोला। नागपुर में हुए पहले टी20 में अभिषेक ने भारत को तूफानी शुरुआत देते हुए 35 गेंदों पर 84 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली। इस पारी में उन्होंने एक बार फिर चौकों से ज्यादा छक्कों की बरसात की। अभिषेक ने अपने 84 रनों में 8 छक्के और 5 चौके लगाए। इसका मतलब है कि 68 रन उन्होंने बाउंड्री से बटौरे, जो 50 प्रतिशत से भी अधिक है। उनकी इस तूफानी शुरुआत के दम पर टीम इंडिया 238 के स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रही। न्यूजीलैंड निर्धारित 20 ओवर में 190 रन ही बना सका और भारत 48 रनों से मैच जीत गया। अभिषेक शर्मा को उनकी इस पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच के अवॉर्ड से नवाजा गया। अभिषेक शर्मा के छोटे से ‘इंपैक्टफुल’ टी20 करियर का यह 5वां प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड था। इस 25 साल के खिलाड़ी ने अभी तक भारत के लिए 34 ही टी20 मैच खेले हैं। अगर भारत के लिए सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ियों की बात करें तो अभिषेक शर्मा टॉप-5 में अपनी जगह बनाने के बेहद नजदीक हैं। फिलहाल उन्होंने भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह की बराबरी कर ली है। भारत के लिए T20I में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच जीतने का रिकॉर्ड विराट कोहली और सूर्यकुमार यादव के नाम है। इन दोनों स्टार खिलाड़ियों ने 16-16 बार टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई है। बता दें, कोहली 2024 टी20 वर्ल्ड कप के बाद संन्यास ले चुके हैं, उनको रिटायर हुए 2 साल हो चुके हैं, मगर अभी भी कोई उनसे नंबर-1 की गद्दी नहीं छीन पाया है। आईए एक नजर भारत के लिए T20I में सबसे ज्यादा प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीतने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट पर डालते हैं- 16-विराट कोहली, सूर्यकुमार यादव 14 – रोहित शर्मा 8- अक्षर पटेल 7- युवराज सिंह 6- हार्दिक पांड्या, जसप्रीत बुमराह, कुलदीप यादव 5 – अभिषेक शर्मा, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल 4-तिलक वर्मा, शिखर धवन, रवि अश्विन, दिनेश कार्तिक, भुवनेश्वर कुमार, केएल राहुल  

बांग्लादेश ने T20 वर्ल्ड कप से किया बहिष्कार, ICC को झटका, क्रिकेट में हलचल

  नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंस‍िल (ICC) की चेतावनी और अल्टीमेटम के बावजूद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) खिलाड़ियों और अंतरिम सरकार के खेल सलाहकार ने T20 वर्ल्ड कप को लेकर अपने रुख पर कायम रहने का फैसला किया है. बांग्लादेश ने साफ कर दिया है कि जब तक मैचों का वेन्यू भारत से बदलकर श्रीलंका नहीं किया जाता, तब तक टीम वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेगी. खिलाड़ियों के साथ अहम बैठक के बाद बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने ICC पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ICC ने बांग्लादेश के साथ न्याय नहीं किया है और खिलाड़ियों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है. आसिफ नज़रुल के मुताबिक- सरकार, क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ी तीनों एक मत हैं कि सुरक्षा से किसी भी हालत में समझौता नहीं किया जाएगा. आसिफ नज़रुल ने साफ शब्दों में कहा- हम किसी के दबाव में नहीं झुकेंगे. दुनिया को यह भी समझना चाहिए कि अगर बांग्लादेश वर्ल्ड कप नहीं खेलेगा तो उसके क्या नतीजे होंगे. हम अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते. बैठक के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भी दोहराया कि उनका फैसला अटल है. बोर्ड का कहना है कि मौजूदा हालात में भारत जाकर खेलना सुरक्षित नहीं है और इसलिए वेन्यू बदलकर श्रीलंका किया जाना चाहिए. हालांकि ICC ने पहले ही साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट के मैच भारत से बाहर नहीं ले जाए जाएंगे. ICC की इस सख्त चेतावनी के बाद भी बांग्लादेश ने अपने फैसले से पीछे हटने से इनकार कर दिया है. इस पूरे विवाद के चलते T20 वर्ल्ड कप पर संकट के बादल गहराते नजर आ रहे हैं. अब सबकी नजर ICC के अगले कदम और इस टकराव के समाधान पर टिकी हुई है. पाकिस्तान ने बांग्लादेश को दिया धोखा, कहा-टी20 वर्ल्ड कप से नाम वापस नहीं लेंगे  एक बार सांप पर भरोसा कर लेना लेकिन पाकिस्तान पर नहीं…अकसर पाकिस्तान के लिए ये बात कही जाती है लेकिन बांग्लादेश को शायद ये बात पता नहीं थी. टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के साथ खड़े होने का दावा करने वाला पाकिस्तान अब पलट गया है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड कह रहा था कि अगर बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हुआ तो वो भी इस टूर्नामेंट का बॉयकॉट करेंगे. अब ऐसे हालात बने हैं तो पाकिस्तान ने टूर्नामेंट से नाम वापस नहीं लेने का फैसला किया है. पाकिस्तानी मीडिया की खबरों के मुताबिक पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड टूर्नामेंट से हटने पर विचार नहीं कर रहा है. पाकिस्तान ने बांग्लादेश का समर्थन किया लेकिन… टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने बांग्लादेश के रुख का समर्थन तो किया लेकिन पीसीबी के अधिकारियों का मानना ​​है कि टूर्नामेंट के बहिष्कार का कोई ठोस आधार नहीं दिखता. उन्होंने कहा,’ पाकिस्तान अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रहा है, लेकिन आयोजन से हटना कभी भी एक विकल्प नहीं था और न ही इस पर विचार किया गया था.’ पीसीबी अधिकारियों ने इस बात पर भी जोर दिया कि पाकिस्तान के मैच पहले से ही एक तटस्थ मैदान पर हो रहे हैं, जहां सुरक्षा से जुड़ी कोई चिंता नहीं है. पीसीबी अधिकारियों ने ये भी कहा कि पाकिस्तान ने कभी भी आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से हटने की धमकी नहीं दी, और ये बात सिर्फ सोशल मीडिया में फैली थी. आईसीसी ने बांग्लादेश को दिया आखिरी मौका बता दें बांग्लादेश के मुद्दे पर आईसीसी ने बुधवार को वोटिंग कराई जिसमें 14 क्रिकेट बोर्ड ने भारत के समर्थन में वोट दिया. बांग्लादेश को सिर्फ दो वोट मिले. ऐसे में आईसीसी ने साफतौर पर कह दिया है कि बांग्लादेश को अपने टी20 मुकाबले भारत में ही खेलने होंगे. अगर वो ऐसा नहीं करता है तो टी20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड की टीम खेलेगी. अब बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अपनी सरकार से बात करेंगे. सरकार की इजाजत के बाद ही बांग्लादेशी टीम टी20 वर्ल्ड कप खेल पाएगी. आईसीसी के फैसले का विरोध आईसीसी के इस फैसले का बांग्लादेश और पाकिस्तान में विरोध हो रहा है. पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज कामरान अकमल ने आईसीसी के फैसले पर निराशा जताई. कामरान ने टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट से बातचीत में आरोप लगाया कि आईसीसी के ज्यादातर फैसला भारत के पक्ष में होते हैं. कामरान अकमल के मुताबिक अगर चैंपियंस ट्रॉफी के वेन्यू भारत के लिए बदले जा सकते हैं तो बांग्लादेश को भी ऐसी सुविधा मिलनी चाहिए. कामरान के मुताबिक भारत सबसे ज्यादा पैसा आईसीसी को देता है इसलिए उसके पक्ष में फैसले जाते हैं. ICC की इस सख्त चेतावनी के बाद भी बांग्लादेश ने अपने फैसले से पीछे हटने से इनकार कर दिया है. इस पूरे विवाद के चलते T20 वर्ल्ड कप पर संकट के बादल गहराते नजर आ रहे हैं. अब सबकी नजर ICC के अगले कदम और इस टकराव के समाधान पर टिकी हुई है. वैसे टी20 वर्ल्ड कप के शेड्यूल के मुताबिक पहले बांग्लादेश को ग्रुप C में रखा गया था. इसके  पहले तीन मैच कोलकाता में होने थे. इसके बाद  बांग्लादेश अपना आखिरी ग्रुप मैच 17 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ खेलना था.  बांग्लादेश का टी20 वर्ल्ड कप के लिए शेड्यल ऐसा था 7 फरवरी 2026: बांग्लादेश vs वेस्टइंडीज, दोपहर 3 बजे, ईडन गार्डन्स (कोलकाता) 9 फरवरी 2026: बांग्लादेश vs इटली, सुबह 11 बजे, ईडन गार्डन्स (कोलकाता) 14 फरवरी 2026: बांग्लादेश vs इंग्लैंड, दोपहर 3 बजे, ईडन गार्डन्स (कोलकाता) 17 फरवरी 2026: बांग्लादेश vs नेपाल, शाम 7 बजे, वानखेड़े स्टेडियम (मुंबई) क्यों बांग्लादेश ने क‍िया टी20 वर्ल्ड कप भारत में ना खेलने का फैसला  हाल के दिनों में भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तब तल्खी देखी गई जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार देखने को म‍िला. इसका असर बाद में क्रिकेट पर भी देखने को म‍िला. इसके बाद  मुस्ताफिजुर रहमान को कोलकाता नाइटराइडर्स फ्रेंचाइजी ने कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर आईपीएल 2026 से  बाहर कर दिया थ. इसके बाद बांग्लादेश ने भी आईपीएल प्रसारण पर बैन लगा द‍िया. बाद में टी20 वर्ल्ड कप के अपने मैच श्रीलंका में कराने की मांग तेज कर दी. जिसे ICC ने स्वीकार नहीं किया था.  22 जनवरी की बैठक के बाद BCB ने किया बायकॉट  ICC से 21 जनवरी को आधिकारिक संदेश मिलने के … Read more

राशिद लतीफ का बड़ा बयान: पाकिस्तान ने नहीं मानी सलाह तो टी20 वर्ल्ड कप में होगी भारी बेइज्जती

नई दिल्ली बांग्लादेश टी20 वर्ल्ड कप 2026 के अपने सभी मैच भारत में खेलेगा या नहीं इस पर जल्द फैसला आने वाला है। इससे पहले पाकिस्तान की ओर से गीदड़ भभकी आई है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने अपनी टीम को बांग्लादेश का सपोर्ट कनरे के लिए टी20 वर्ल्ड कप को बॉयकॉट करने की सलाह दी है। भारत और बांग्लादेश के बीच जारी तनाव को देखते हुए बांग्लादेश आगामी टी20 वर्ल्ड कप का कोई मैच भारत में नहीं खेलना चाहता। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने आईसीसी को लेटर भी लिखा है, हालांकि आईसीसी ने उनकी इस मांग को ठुकरा दिया है। अब लतीफ का कहना है कि पाकिस्तान को बांग्लादेश का सपोर्ट करना चाहिए। अगर दोनों देश पीछे हटते हैं और वर्ल्ड कप खेलते हैं तो हर कोने से थप्पड़ पड़ेंगे। इस दौरान रशिद ने अमित शाह और जय शाह का भी नाम लिया। यूट्यूब चैनल CaughtBehindShow पर लतीफ ने कहा, “अगर पाकिस्तान और भारत का मैच नहीं होता है, तो आपका 50 परसेंट वर्ल्ड कप खत्म हो जाएगा। यह मौजूदा क्रिकेट सिस्टम को चुनौती देने का एक शानदार मौका है। पाकिस्तान को कहना चाहिए कि वे बांग्लादेश के साथ हैं और T20 वर्ल्ड कप खेलने से मना कर देना चाहिए। यह स्टैंड लेने का समय है। इसके लिए हिम्मत चाहिए।” लतीफ ने इस मामले को लेकर ICC के रवैये की आलोचना करते हुए कहा कि सुरक्षा को लेकर उसका भरोसा गलत था। उन्होंने कहा, "यह कोई अच्छा फैसला नहीं लगता। आज ICC कह रहा है कि भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को कोई खतरा नहीं है। दुनिया की कोई भी एजेंसी यह नहीं कह सकती कि कोई खतरा नहीं है – ICC ऐसा कैसे कह सकता है? सबसे सुरक्षित जगहों पर भी कोई ऐसी गारंटी नहीं दे सकता। उम्मीद है कि किसी भी टीम के साथ कुछ बुरा न हो।" लतीफ ने भारत के गृह मंत्री और ICC चेयरमैन जय शाह का जिक्र करते हुए कहा, "यह एक पॉलिटिकल चाल है – अमित शाह से लेकर जय शाह तक। ट्रम्प कार्ड अभी भी पाकिस्तान के पास है। बांग्लादेश का रुख सही है। पाकिस्तान को इससे बेहतर मौका नहीं मिलेगा।" लतीफ ने कहा कि पाकिस्तान को सिर्फ बयान देने के बजाय मजबूती से जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर पाकिस्तान नहीं खेलता है, तो यह वर्ल्ड कप रोकने जैसा होगा। पाकिस्तान ही मुख्य है। हां, पाकिस्तान को भविष्य में नुकसान हो सकता है। अगर पाकिस्तान ICC इवेंट्स में खेलने से मना करता है, तो उस पर बैन लग सकते हैं। लेकिन सिर्फ बातों का कोई फायदा नहीं है – अब यह दिखाने का समय है कि आप किसका साथ देते हैं।" दोनों देशों के बीच तालमेल की बात करते हुए लतीफ ने कहा, “अगर पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच भरोसा है, तो यह किया जा सकता है। देखते हैं कि ICC के अल्टीमेटम के जवाब में बांग्लादेश क्या फैसला लेता है।” उन्होंने चेतावनी दी कि पीछे हटने के नतीजे बुरे होंगे। उन्होंने कहा, “अगर वे झुक जाते हैं और वर्ल्ड कप खेलते हैं, तो पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों को हर तरफ से आलोचना झेलनी पड़ेगी, (“हर कोने से थप्पड़ पड़ेंगे”)।