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आईसीसी टेस्ट रैंकिंग अपडेट: बल्लेबाजी में हैरी ब्रूक, गेंदबाजी में मिचेल स्टार्क बने दूसरे

नई दिल्ली  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग जारी की। ताजा रैंकिंग में इंग्लैंड के बल्लेबाज हैरी ब्रूक को फायदा हुआ है। वह तीन स्थान की छलांग लगाते हुए दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। आईसीसी की बल्लेबाजों की टेस्ट रैंकिंग में इंग्लैंड के जो रूट पहले स्थान पर बने हुए हैं। दूसरे स्थान पर हैरी ब्रूक हैं। तीसरे स्थान पर न्यूजीलैंड के केन विलियमसन और चौथे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड हैं। दोनों को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है। ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ पांचवें स्थान पर हैं, उन्हें दो स्थान का नुकसान हुआ है। श्रीलंका के कामिंदु मेंडिस छठे, दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा सातवें, और भारत के यशस्वी जायसवाल आठवें स्थान पर हैं। पाकिस्तान के सऊद शकील नौवें और भारत के शुभमन गिल दसवें स्थान पर हैं। शकील और गिल दोनों को एक-एक स्थान का फायदा हुआ है। यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल शीर्ष दस में शामिल भारत के 2 बल्लेबाज हैं। आईसीसी द्वारा जारी टेस्ट गेंदबाजों की रैंकिंग में जसप्रीत बुमराह शीर्ष पर कायम हैं। दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के मिचेल स्टार्क हैं। स्टार्क को एक स्थान का फायदा हुआ है। तीसरे स्थान पर पाकिस्तान के नोमान अली हैं। नोमान को दो स्थान का फायदा हुआ है। चौथे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस हैं। कमिंस को 2 स्थान का नुकसान हुआ हैा कमिंस एशेज सीरीज में सिर्फ एक टेस्ट खेल सके हैं। पांचवें स्थान पर न्यूजीलैंड के मैट हेनरी, छठे स्थान पर दक्षिण अफ्रीका के मार्को जानसेन, सातवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट बोलैंड हैं। बोलैंड को 2 स्थान का फायदा हुआ है। आठवें स्थान पर कगिसो रबाडा और नौवें स्थान पर जोश हेजलवुड हैं। दोनों को एक-एक स्थान का नुकसान हुआ है। हेजलवुड एशेज सीरीज से बाहर चल रहे हैं। दसवें स्थान पर ऑस्ट्रेलिया के नाथन लियोन हैं।

2026 में खेलों का इतिहास रचेगा! क्रिकेट वर्ल्ड कप से लेकर फीफा तक, हर इवेंट होगा धमाकेदार

नई दिल्ली नया साल सिर्फ कैलेंडर बदलने का नाम नहीं होता, यह उम्मीदों का रीसेट बटन होता है. 2026 भी कुछ ऐसा ही साल है- जहां क्रिकेट का ट्रिपल वर्ल्ड कप होगा, फुटबॉल का महाकुंभ सजेगा और एशिया से कॉमनवेल्थ तक खेलों की सबसे बड़ी भिड़ंत देखने को मिलेगी. फैन्स के लिए यह साल इंतजार का नहीं, लगातार धड़कनों का होगा. – 2026: क्रिकेट का ट्रिपल वर्ल्ड कप जहां भविष्य भी खेलेगा, वर्तमान भी Under-19 Men’s Cricket World Cup (15 जनवरी–6 फरवरी)- जिम्बाब्वे और नामीबिया की धरती पर  साल की शुरुआत ही क्रिकेट के भविष्य से होगी. 50-50 ओवरों के इस वर्ल्ड कप में वैभव सूर्यवंशी, आयुष म्हात्रे जैसे उभरते हुए युवा सितारों पर करीब से नजर रखी जाएगी. यही वह मंच है, जहां आज के अनजान चेहरे कल के विराट, बुमराह या केन विलियमसन बनते हैं. भारत समेत कई देशों की निगाहें यहां से अगले दशक के सितारे तलाशने पर होंगी. … दबाव, रोमांच और पहचान Men’s T20 World Cup (7 फरवरी-8 मार्च) – भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में. फरवरी आते-आते क्रिकेट का सबसे तेज और सबसे बेरहम फॉर्मेट सुर्खियों में होगा.घरेलू परिस्थितियां, उम्मीदों का बोझ और करोड़ों फैन्स की निगाहें- यह टूर्नामेंट सिर्फ ट्रॉफी का नहीं, नर्व्स टेस्ट होगा. सूर्या ब्रिगेड टी20 विश्व कप में खिताब के बचाव के लिए उतरेगी. इसके बाद जून में बारी आएगी उस मंच की, जिसने महिला क्रिकेट की परिभाषा बदल दी है. Women’s T20 World Cup (12 जून–5 जुलाई) –  इंग्लैंड (England & Wales) में. यहां मुकाबला सिर्फ खिताब का नहीं, पहचान और बराबरी की आवाज का भी होगा. भारत समेत कई टीमें इतिहास रचने के इरादे से उतरेंगी. हरमनप्रीत कौर की टीम 2025-वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद यहां भी अपनी सफलता दोहराने के लिए उतरेगी. – फीफा महासंग्राम: जब दुनिया कुछ देर के लिए थम जाती है साल का सबसे बड़ा महाकुंभ होगा- FIFA World Cup (11 जून–19 जुलाई). अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में संयुक्त रूप से फीफा विश्व कप फुटबॉल का आयोजन होगा. यह सिर्फ फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं, बल्कि ऐसा महीना होता है जब टाइम जोन, ऑफिस टाइम और नींद… सब कुछ फुटबॉल के हिसाब से चलता है. नए हीरो जन्म लेंगे, पुराने टूटेंगे और इतिहास एक बार फिर लिखा जाएगा. – एशियाड और कॉमनवेल्थ: मेडल की असली परीक्षा सितंबर में एशिया की ताकत एक मंच पर सिमटेगी. Asian Games (19 सितंबर–4 अक्टूबर)- जापान के आइची प्रिफेक्चर और नागोया में. एथलेटिक्स, शूटिंग, बैडमिंटन, हॉकी- भारत के लिए यह मेडल टैली और दबदबा दोनों बढ़ाने का मौका होगा.  यहां हॉकी में गोल्ड मेडल जीतने वाली टीम को लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 का सीधा टिकट मिलेगा, जबकि निशानेबाजी में भी ओलंपिक कोटा स्थान दांव पर होंगे. ,,, और जुलाई में होगा परंपरा और प्रतिस्पर्धा का संगम-  Commonwealth Games (23 जुलाई–2 अगस्त)- ग्लासगो, स्कॉटलैंड. यहां हर मेडल सिर्फ धातु नहीं, इतिहास का हिस्सा बनता है. निशानेबाजी, कुश्ती और हॉकी जैसे खेलों को बजट में कटौती के लिए रोस्टर से हटा दिया गया है. –  क्यों खास है 2026? क्योंकि यह साल सिर्फ ट्रॉफियों का नहीं –  नई पीढ़ी के उभार का साल है, महिला क्रिकेट की मजबूत आवाज का साल है, और फैन्स के जुनून की सबसे लंबी परीक्षा भी. 2026 में खेल कैलेंडर नहीं, भावनाओं की कतार है. हर महीना, हर टूर्नामेंट- एक नई कहानी लिखने को तैयार. नया साल मुबारक- तैयार रहिए- क्योंकि 2026 खेलने वाला है, पूरे दम से. – अन्य खेल और टूर्नामेंट पर भी नजर डाल लीजिए जाहिर है भारतीय खेलप्रेमियों के लिए आने वाले महीने बेहद व्यस्त और रोमांचक रहने वाले हैं. फुटबॉल से लेकर शतरंज, मुक्केबाजी, बैडमिंटन और एथलेटिक्स तक- भारत की मौजूदगी लगभग हर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखेगी. ऑस्ट्रेलियाई ओपन 12 जनवरी से एक फरवरी के बीच आयोजित होगा, लेकिन भारत की चुनौती असरदार नहीं है. बैडमिंटन की ऑल इंग्लैंड चैम्पियनशिप तीन मार्च से शुरू होगी, जिसमें पीवी सिंधु और बाकी भारतीय खिलाड़ी 2025 की नाकामी से उबरना चाहेंगे. भारतीय फुटबॉलप्रेमियों के लिए सबसे अच्छी खबर यह है कि एक मार्च से ऑस्ट्रेलिया में शुरू हो रहे एएफसी महिला एशियाई कप में लंबे अंतराल के बाद भारतीय महिला टीम फिर से एक्शन में नजर आएगी. मार्च के आखिर से अप्रैल तक साइप्रस में कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट खेला जाएगा, जहां से अगले विश्व चैम्पियनशिप चैलेंजर का फैसला होगा. फिलहाल डी. गुकेश विश्व चैम्पियन हैं, ऐसे में भारतीय शतरंज की नजरें इस टूर्नामेंट पर टिकी रहेंगी.  इसी दौरान मंगोलिया में एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिप का आयोजन होगा. 28 मार्च से शुरू होने वाले कैंडिडेट्स शतरंज टूर्नामेंट में ओपन वर्ग में आर. प्रज्ञानानंद, जबकि महिला वर्ग में आर. वैशाली, कोनेरू हम्पी और दिव्या देशमुख भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी. शतरंज टूर्नामेंट 16 अप्रैल तक चलेगा, जबकि मुक्केबाजी चैम्पियनशिप 11 अप्रैल को समाप्त होगी. अप्रैल की शुरुआत में ही भारत की मेजबानी में एशियाई भारोत्तोलन चैम्पियनशिप का आयोजन होगा, जो एक से दस अप्रैल तक अहमदाबाद में खेली जाएगी. इसके बाद 24 अप्रैल से तीन मई तक प्रतिष्ठित थॉमस और उबेर कप बैडमिंटन टूर्नामेंट होगा. इसके कुछ ही दिनों बाद आईटीटीएफ विश्व टीम टेबल टेनिस चैम्पियनशिप फाइनल्स का आयोजन 28 अप्रैल से 10 मई तक लंदन में होगा, जिसके लिए भारतीय पुरुष और महिला- दोनों टीमें क्वालिफाई कर चुकी हैं. मई से एथलेटिक्स सत्र की शुरुआत डायमंड लीग से होगी, जहां एक बार फिर भालाफेंक सुपरस्टार नीरज चोपड़ा पर सबकी निगाहें होंगी. इसी महीने फ्रेंच ओपन और जून में विम्बलडन खेला जाएगा. इसके बाद अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में संयुक्त रूप से फीफा विश्व कप फुटबॉल का आयोजन होगा. भारतीय खेल कैलेंडर का एक बड़ा आकर्षण 17 अगस्त से दिल्ली में होने वाली विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप होगी. इसके ठीक पहले 14 अगस्त से नीदरलैंड और बेल्जियम में हॉकी विश्व कप खेला जाएगा. भारतीय पुरुष टीम एशिया कप जीतकर पहले ही क्वालिफाई कर चुकी है, जबकि महिला टीम मार्च में हैदराबाद में क्वालीफायर खेलेगी. इसी दौरान 22 अगस्त से भुवनेश्वर में विश्व एथलेटिक्स उपमहाद्वीपीय टूर (रजत स्तर) का आयोजन होगा. इसके बाद 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक जापान के नागोया में एशियाई खेल खेले जाएंगे. एथलेटिक्स में डायमंड लीग फाइनल चार और पांच सितंबर को ब्रसेल्स में होगा. वहीं, 46वां शतरंज ओलंपियाड सितंबर में ताशकंद में … Read more

अफगानिस्तान की टी20 वर्ल्ड कप टीम का ऐलान, नवीन उल हक की वापसी, राशिद होंगे कप्तान

काबुल   आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है. इस मेगा टूर्नामेंट में एक बार फिर राशिद खान अफगानिस्तान की कप्तानी करते नजर आएंगे. भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए घोषित टीम में गुलबदीन नाइब और नवीन-उल-हक की वापसी सबसे बड़ी खबर रही. अफगानिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया था, जब टीम पहली बार सेमीफाइनल तक पहुंची थी. हालांकि सेमीफाइनल में उन्हें दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन उस प्रदर्शन ने अफगान क्रिकेट की बढ़ती ताकत को दुनिया के सामने रखा. अब टीम उसी लय को 2026 संस्करण में भी बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी. घोषित 15 सदस्यीय टीम 19 से 22 जनवरी के बीच यूएई में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज़ भी खेलेगी. यह सीरीज़ अफगानिस्तान के लिए वर्ल्ड कप से पहले अंतिम तैयारी मानी जा रही है. 7 फरवरी से 8 मार्च तक चलने वाले टूर्नामेंट से पहले यह सीरीज़ टीम संयोजन को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाएगी. जानें टीम की खासियत गुलबदीन नाइब की वापसी से टीम के मिडिल ऑर्डर को अनुभव और स्थिरता मिलेगी. वहीं, नवीन-उल-हक कंधे की चोट से उबरने के बाद टीम में लौटे हैं, जिससे अफगानिस्तान की तेज गेंदबाज़ी पहले से ज्यादा मजबूत हो गई है. इसके अलावा फज़लहक़ फारूकी की भी वापसी हुई है, जो हालिया बांग्लादेश सीरीज़ से बाहर थे और जिम्बाब्वे के खिलाफ सिर्फ अंतिम टी20 में खेले थे. युवा खिलाड़ियों पर भरोसा शाहिदुल्लाह कमाल और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ मोहम्मद इशाक ने अपने हालिया प्रदर्शन के दम पर टीम में अपनी जगह बरकरार रखी है. वहीं युवा तेज गेंदबाज़ अब्दुल्ला अहमदज़ई को मुख्य टीम में शामिल कर चयनकर्ताओं ने भविष्य पर भी नजर रखी है. स्पिन फिर बनेगा अफगानिस्तान की ताकत स्पिन गेंदबाज़ी अफगानिस्तान की सबसे बड़ी पहचान रही है. मुजीब उर रहमान की वापसी ने स्पिन विभाग को और धार दी है. हालांकि मुजीब को शामिल करने के चलते एएम ग़ज़नफ़र को मुख्य टीम से बाहर रहना पड़ा और उन्हें रिज़र्व खिलाड़ियों में रखा गया है. उनके साथ इजाज़ अहमदज़ई और ज़िया उर रहमान शरीफी भी रिज़र्व सूची में शामिल हैं. ग्रुप और पहला मुकाबला अफगानिस्तान को ग्रुप D में रखा गया है, जहां उनका सामना न्यूज़ीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, यूएई और कनाडा से होगा. टीम अपने अभियान की शुरुआत 8 फरवरी को चेन्नई में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ करेगी.  

ऑस्ट्रेलिया की टी20 वर्ल्ड कप टीम घोषित, एडम जाम्पा और मैथ्यू कुह्नमैन को मिली जगह

मेलबर्न भारत और श्रीलंका की सहमेजबानी में होने वाले आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम का ऐलान 1 जनवरी (गुरुवार) को कर दिया गया. ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं ने एशियाई परिस्थितियों के मद्देनजर स्पिन गेंदबाजों पर ज्यादा भरोसा जताया है. मिचेल मार्श की अगुवाई वाली 15 सदस्यीय टीम से हॉबर्ट हरिकेन्स के ऑलराउंडर मिचेल ओवेन को बाहर रखा गया है, जो सबसे चौंकाने वाला फैसला माना जा रहा है. ओवेन ने पिछले छह महीनों में 13 टी20 इंटरनेशनल खेले हैं, लेकिन कैमरन ग्रीन की वापसी और अनुभवी मार्कस स्टोइनिस की मौजूदगी के चलते उन्हें टीम में जगह नहीं मिल सकी. ऑस्ट्रेलिया ने इस बार कोई भी लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज को टीम में शामिल नहीं किया है. मिचेल स्टार्क पहले ही टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं, जबकि स्पेंसर जॉनसन पीठ की चोट से जूझ रहे हैं. ऐसे में चयनकर्ताओं ने बेन ड्वारशुइस की जगह ब्रिस्बेन हीट के फास्ट बॉलर ज़ेवियर बार्टलेट को मौका दिया है. कूपर कोनोली की टीम में वापसी चौंकाने वाली रही है, क्योंकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की ओर से पिछले 12 टी20 इंटरनेशनल मुकाबले नहीं खेले थे. कोनोली एक उपयोगी स्पिन गेंदबाज हैं, शायद इसलिए उनकी एंट्री हुई है. इसके अलावा बैटिंग ऑलराउंडर मैथ्यू शॉर्ट, स्पिनर मैथ्यू कुह्नमैन और जेवियर बार्टलेट ऑस्ट्रेलिया के लिए टी20 वर्ल्ड कप डेब्यू कर सकते हैं. इन चोटिल खिलाड़ियों को भी जगह ऑस्ट्रेलिया के लिए कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस चिंता का विषय है. टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान पैट कमिंस की पीठ का स्कैन जल्द होगा, जो पिछले वर्ल्ड कप के बाद टीम में लौटे हैं. तेज गेंदबाज  जोश हेजलवुड और बल्लेबाज टिम डेविड हैमस्ट्रिंग इंजरी से उबर रहे हैं. हालांकि पूरी तरह फिट नहीं होने के बावजूद इन तीनों को स्क्वॉड में जगह मिली है. आईसीसी नियमों के मुताबिक 31 जनवरी तक टीम में बदलाव संभव हैं, ऐसे में मिचेल ओवेन, बेन ड्वारशुइस, सीन एबॉट, एरॉन हार्डी, एलेक्स कैरी और जोश फिलिप जैसे खिलाड़ी फिर से दावेदारी पेश कर सकते हैं. टीम में जोश इंग्लिस अकेले विकेटकीपर हैं. एलेक्स कैरी और जोश फिलिप को बैकअप के तौर पर नहीं चुना गया है. ऑस्ट्रेलिया के सभी ग्रुप स्टेज मुकाबले श्रीलंका में होंगे, जहां टी20 इंटरनेशनल में 43.5% विकेट स्पिनर्स लेते हैं और उनकी इकॉनमी रेट तेज गेंदबाजों से औसतन 1.25 रन प्रति ओवर कम रहती है. यही वजह है कि टीम में ज्यादा स्पिन विकल्प रखे गए हैं. चयन समिति के अध्यक्ष जॉर्ज बेली ने कहा, 'श्रीलंका और भारत की परिस्थितियों को देखते हुए टीम में सही संतुलन बनाया गया है. हमें भरोसा है कि कमिंस, हेजलवुड और टिम डेविड वर्ल्ड कप तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे.' टी20 वर्ल्ड कप के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम: मिचेल मार्श (कप्तान), जेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, पैट कमिंस, टिम डेविड, कैमरन ग्रीन, नाथन एलिस, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस (विकेटकीपर), मैथ्यू कुह्नमैन, ग्लेन मैक्सवेल, मैथ्यू शॉर्ट, मार्कस स्टोइनिस और एडम जाम्पा. टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के ग्रुप स्टेज मुकाबले 11 फरवरी: बनाम आयरलैंड, कोलंबो 13 फरवरी: बनाम जिम्बाब्वे, कोलंबो  16 फरवरी: बनाम श्रीलंका, पल्लेकेल 20 फरवरी: बनाम ओमान, पल्लेकेल

‘कोई शर्म नहीं…’, ओलंपिक मेडलिस्ट एलिशा न्यूमैन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म से कमाई की, ब्रांड पर नियंत्रण बनाए रखने की बात की

लंदन  पेरिस ओलंपिक 2024 में पोल वॉल्ट के आसमान को चीरती एलिशा न्यूमैन सिर्फ एक एथलीट नहीं थीं- वो एक घोषणा थीं. एक चुनौती. एक ऐसा सवाल, जिसने खेल की 'सभ्यता' और 'संस्कार' दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया. कनाडा को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली एलिशा न्यूमैन ने बाद में जो सच बताया, उन्होंने खेल जगत में भूकंप ला दिया- ओलंपिक तक पहुंचने का रास्ता OnlyFans से होकर गया था. हां, वही OnlyFans, जिसे लेकर फुसफुसाहटें होती हैं, भौंहें तनती हैं. एलिशा ने बिना झिझक कहती हैं ,'OnlyFans से जो पैसा आया, उसने मेरी ट्रेनिंग को सांस दी. वो किसी टॉप स्पॉन्सर से कम नहीं था- बल्कि ज्यादा ईमानदार था.' कनाडा सरकार के  Athlete Assistance Program से सालाना महज 21 हजार डॉलर (करीब 18 लाख रु.) एक ओलंपिक एथलीट के सपनों के लिए ये रकम मजाक जैसी है. ट्रैवल, कोच, इक्विपमेंट, रिकवरी- सब महंगा. ऐसे में एलिशा ने वही किया, जो बहुतों के लिए अस्वीकार्य था, लेकिन उनके लिए जरूरी. उन्होंने अपनी खूबसूरती को छुपाया नहीं- बेचा नहीं, बल्कि ब्रांड बनाया. खेल जगत में महिलाओं को अक्सर दो खांचों में बांटा जाता है- या तो 'सीरियस एथलीट' बनो, या 'ग्लैमरस चेहरा'. एलिशा ने दोनों को एक साथ जीने का ऐलान कर दिया- वह कहती हैं- 'मैंने तय किया कि मैं किसी एक पहचान में कैद नहीं रहूंगी….मेरी बॉडी मेरी है.. मेरी छवि मेरी है और कमाई भी मेरी होगी.' यहीं से शुरू हुआ विवाद- – आरोप लगे, 'ये महिला खिलाड़ियों को वस्तु बना रहा है.' – सवाल उठे, 'क्या ओलंपिक एथलीट को ऐसा करना चाहिए?' एलिशा का जवाब और ज्यादा धमाकेदार था-  'अगर लोग मुझे देख रहे हैं, तो मैं तय करूंगी कि कैसे देखें. मुझे सेक्शुअलाइज किया जाना कमजोर नहीं बनाता- मुझे ताकत देता है.' उनके शब्दों में कोई शर्म नहीं, कोई सफाई नहीं- सिर्फ आत्मविश्वास. 'Look good, feel good' मेरे लिए स्लोगन नहीं, रणनीति है. जब मैं खुद को लेकर कॉन्फिडेंट होती हूं, तो मुझे हराना आसान नहीं होता.' एलिशा न्यूमैन सिर्फ मेडल जीतने वाली खिलाड़ी नहीं रहीं, वो उस सिस्टम की पोल खोलने वाली आवाज बन गईं, जो खिलाड़ियों से देशभक्ति तो चाहता है, लेकिन आजादी से डरता है. वो साबित करती हैं कि आज की महिला एथलीट देह और दिमाग- दोनों की मालिक हैं. उनकी कहानी डॉक्यूमेंट्री ‘Big Feminine Energy’ का हिस्सा है, जहां ‘गर्लहुड’, ‘सॉफ्ट लाइफ’ और आधुनिक स्त्रीत्व पर खुलकर बात होती है. लेकिन एलिशा की मौजूदगी इस बहस को और तेज कर देती है- क्या खिलाड़ी सिर्फ खेलें, या अपनी शर्तों पर जिएं भी? ओलंपिक पोडियम पर चमकता ब्रॉन्ज मेडल अब सिर्फ जीत की निशानी नहीं-  वो एक संदेश है- खूबसूरती अपराध नहीं, और आजादी किसी की इजाजत से नहीं मिलती. एलिशा न्यूमैन की कमाई, जिसने ओलंपिक तक पहुंचने का रास्ता खोला एलिशा न्यूमैन 2021 में इस प्लेटफॉर्म से जुड़ीं और करीब £9 प्रति माह (लगभग 1,000 रु) वाले सब्सक्रिप्शन से होने वाली कमाई से उन्होंने पेरिस ओलंपिक की तैयारी का एक हिस्सा खुद फंड किया. न्यूमैन के पेज पर शुरुआत में थोड़ी सनसनीखेज तस्वीरें मुफ्त में दिखाई जाती थीं, जो बाद में निजी संदेशों के जरिए और अधिक स्पष्ट कंटेंट के लिए £50 (करीब 6,000 रु.) या उससे ज्यादा में उपलब्ध कराए जाते थे. 2024 की गर्मियों तक इस काम से उन्होंने £1,70,000 (करीब 2 करोड़ रु.) से अधिक की कमाई की थी. OnlyFans … आखिर क्या? OnlyFans एक पेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहां क्रिएटर अपने कंटेंट के बदले सीधे फॉलोअर्स से पैसे लेते हैं. यह इंस्टाग्राम या यूट्यूब जैसा ही है, फर्क सिर्फ इतना है कि यहां कंटेंट देखने के लिए सब्सक्रिप्शन देना होता है और कमाई का 80 फीसदी हिस्सा क्रिएटर को मिलता है.  हालांकि इसकी पहचान एडल्ट कंटेंट से बनी है, लेकिन OnlyFans पर फिटनेस, कुकिंग, म्यूजिक, एजुकेशन और स्पोर्ट्स से जुड़ा प्रोफेशनल कंटेंट भी मौजूद है. इसी वजह से कई खिलाड़ी इसे वैकल्पिक कमाई के प्लेटफॉर्म के तौर पर अपना रहे हैं. कुछ ट्रेनिंग वीडियो और फिटनेस टिप्स बेचते हैं, तो कुछ बोल्ड कंटेंट भी बनाते हैं. यह पूरी तरह उनकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है. भारत में यह प्लेटफॉर्म अभी बहुत लोकप्रिय नहीं है और सामाजिक-सांस्कृतिक कारणों से इसे लेकर झिझक और विवाद ज्यादा है, खासकर इसलिए क्योंकि खेल संगठनों और स्पॉन्सर्स इसे फैमिली-फ्रेंडली नहीं मानते. आसान शब्दों में, OnlyFans एक ऐसा डिजिटल टूल है जहां कंटेंट का पूरा कंट्रोल क्रिएटर के पास होता है और फैन सीधे उसके काम के लिए भुगतान करता है.

पाकिस्तान की बढ़ी चिंता, टी20 वर्ल्ड कप में शाहीन शाह अफरीदी का खेलना संदेह के घेरे में

नई दिल्ली  पाकिस्तान के अनुभवी तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया से बुधवार को स्वदेश लौट रहे हैं और उनका भारत और श्रीलंका में अगले साल होने वाले टी20 विश्व कप में खेलना संदिग्ध है।   शाहीन को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने लाहौर स्थित हाई परफॉर्मेंस सेंटर में उपचार के लिये बुला लिया है। उन्हें बिग बैश लीग में ब्रिसबेन हीट के लिये फील्डिंग करते समय चोट लगी थी। बीबीएल में पदार्पण कर रहे शाहीन का प्रदर्शन औसत रहा है। वह 2021-22 में घुटने की सर्जरी के कारण लंबे समय क्रिकेट से दूर रहे थे। पीसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से बातचीत के बाद उन्हें वापस बुलाया गया है। उनकी चोट को लेकर प्रारंभिक फीडबैक यही मिला है कि उन्हें पूरे आराम की जरूरत है और चोट से उबरने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि चोट की गंभीरता और उससे उबरने में लगने वाले समय के बारे में बोर्ड के डॉक्टरों से मिलकर ही पता चल सकेगा। शाहीन ने बीबीएल टीम द्वारा जारी बयान में कहा, ‘ब्रिसबेन में खेलने में बहुत मजा आया और मुझे दुख है कि इस बार पूरे सत्र में नहीं खेल सकूंगा। उम्मीद है कि जल्दी मैदान पर लौटूंगा।’ शाहीन शाह अफरीदी अगर टी20 वर्ल्ड कप में नहीं खेलते हैं तो ये पाकिस्तान के लिए एक तगड़ा झटका होगा।  

अफगानिस्तान ने टी20 वर्ल्ड कप टीम से उठाया पर्दा, नवीन-उल-हक–गुलबदीन की वापसी, कप्तानी की जिम्मेदारी किसे मिली?

नई दिल्ली  अफगानिस्तान ने भारत और श्रीलंका में आयोजित होने वाले ICC पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा कर दी है, जिसकी कप्तानी राशिद खान करेंगे और इब्राहिम जादरान उप-कप्तान की भूमिका निभाएंगे। इस टीम में अनुभवी ऑलराउंडर गुलबदीन नइब और कंधे की चोट से उबरने वाले तेज गेंदबाज नवीन-उल-हक की वापसी हुई है। टीम में मुजीब उर रहमान, रहमानुल्लाह गुरबाज, मोहम्मद नबी और फजल हक फारूकी जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा गेंदबाज अब्दुल्ला अहमदजई को भी जगह मिली है, जबकि एएम गजनफर, एजाज अहमदजई और जिया उर रहमान शरीफी को रिजर्व खिलाड़ियों की सूची में रखा गया है।   बुधवार (31 दिसंबर) को जारी प्रेस रिलीज में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इस महत्वपूर्ण टूर्नामेंट के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान किया, इसमें 19 जनवरी, 2026 से शुरू होने वाली वेस्ट इंडीज के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला भी शामिल होगी। अफगानिस्तान टीम: राशिद खान (कप्तान), नूर अहमद, अब्दुल्ला अहमदजई, सेदिकुल्लाह अटल, फजलहक फारूकी, रहमानुल्लाह गुरबाज, नवीन उल हक, मोहम्मद इशाक, शाहिदुल्लाह कमाल, मोहम्मद नबी, गुलबदीन नइब, अजमतुल्लाह उमरजई, मुजीब उर रहमान, दरविश रसूली, इब्राहिम जादरान (उप-कप्तान)। रिजर्व: एएम ग़ज़नफ़र, इजाज अहमदजई और जिया उर रहमान शरीफी। बता दें कि टी-20 विश्व कप से पहले अफगानिस्तान की टीम यूएई में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलकर अपनी तैयारियों को और दुरुस्त करेगी। आगामी टूर्नामेंट में अफगानिस्तान को पूल D में न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्त अरब अमीरात और कनाडा के साथ रखा गया है, जहां वे अपना पहला मैच 8 फरवरी को चेन्नई में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेंगे। पिछले 2024 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली अफगान टीम से क्रिकेट बोर्ड को इस बार एशियाई परिस्थितियों में और भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। अफगानिस्तान के खिलाड़ी भारतीय उपमहाद्वीप की परिस्थितियों को समझते हैं और उनके पास शानदार स्पिन गेंदबाजी अटैक है। राशिद खान और मोहम्मद नूर जैसे आक्रामक स्पिन गेंदबाजी के सामने ग्रुप की अन्य टीमों को खासी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। नवील-उल-हक के टीम में वापस आने से और मजबूती आई है। भारतीय परिस्थितियों में दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड को अफगानिस्तान को टॉप-2 में जाने से रोकने के लिए कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

टेस्ट रैंकिंग में बड़ा उलटफेर: बुमराह पर स्टार्क की दबिश, टंग की एंट्री से सनसनी; ब्रूक ने स्मिथ और विलियमसन को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने बुधवार को पुरुष खिलाड़ियों की ताजा टेस्ट रैंकिंग जारी की है। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क गेंदबाजों की सूची में जसप्रीत बुमराह के पीछे पड़े हैं। स्टार्क संयुक्त रूप से दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं। उनके और पाकिस्तान के स्पिनर नोमान अली के खाते में 843 रेटिंग अंक हैं। बुमराह 879 अंकों के साथ शीर्ष पर काबिज हैं। स्टार्क ने मेलबर्न में इंग्लैंड के खिलाफ चौथे एशेज टेस्ट में चार विकेट चटकाए थे। ऑस्ट्रेलिया को बॉक्सिंग डे टेस्ट में चार विकेट से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, मेजबान ऑस्ट्रेलिया सीरीज में 3-1 से आगे है।   गेंदबाज जोश टंग ने किया दंग मेलबर्न में दो दिन के अंदर खत्म हुए टेस्ट में सभी 36 विकेट तेज गेंदबाजों ने झटके। इंग्लैंड के तीन पेसर्स को रैंकिंग में फायदा मिला है। जोश टंग ने दंग कर दिया है। वह 13 स्थान की छलांग लगाकर 30वें पर पहुंच गए हैं। उनके 573 अंक हैं। वह मेलबर्न टेस्ट में प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। उन्होंने पहली पारी में पांच और दूसरी पारी में दो शिकार किए। गस एटकिंसन ने भी जीत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने कुल तीन विकेट लिए और रैंकिंग में चार स्थान चढ़कर रवींद्र जडेजा की बराबरी कर ली। दोनों 698 अंकों के साथ 13वें नंबर पर हैं। ब्रायडन कार्स (638) ने पांच विकेट लिए और वह छह स्थान ऊपर 23वें पर आ गए। ब्रूक ने तीन प्लेयर को थकेला एटकिंसन को टेस्ट ऑलराउंडर रैंकिंग (238) में भी लाभ मिला है। वह आठवें स्थान पर चले गए हैं जबकि इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स (316) तीसरे स्थान पर कायम हैं। जडेजा लंबे समय से नंबर-1 टेस्ट ऑलराउंडर हैं। उनके 455 अंक हैं। वहीं, टेस्ट बल्लेबाजों की लिस्ट में इंग्लैंड के हैरी ब्रूक (46) तीन पायदान चढ़कर दूसरे पर पहुंच गए हैं। उन्होंने मेलबर्न में 41 और नाबाद 22 रनों की पारी खेली। ब्रूक ने न्यूजीलैंड के केन विलियमसन (822), ऑस्ट्रेलिया के ट्रैविस हेड (816) और स्टीव स्मिथ (811) को क्रमश: तीसरे, चौथे और पांचवें नंबर पर धकेल दिया है। इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट (867) की बादशाहत बरकरार है।  

शानदार जीत के बाद भी ईमानदार हरमनप्रीत कौर, श्रीलंका को हराने पर बोलीं— मेहनत बेहद कठिन थी

नई दिल्ली  हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने श्रीलंका का पांच मैचों की घरेलू टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप किया। भारत ने तिरुवनंतपुरम में 175/7 का स्कोर बनाने के बाद श्रीलंका से आखिरी मैच 15 रनों से जीता। हरमनप्रीत ने 43 गेंदों में 9 चौकों और एक छक्के की मदद से 68 रनों की पारी खेली। वह प्लेयर ऑफ द मैच चुनी गईं। महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 जीतने के बाद हरमन ब्रिगेड की यह पहली सीरीज थी। भारतीय कप्तान ने वनडे से टी20 मोड में शिफ्ट करने की सच्चाई से मुंह नहीं फेरा। भारत ने महिला टी20 इंटरनेशनल में तीसरी बार 5-0 से सीरीज अपने नाम की है। भारत ने इससे पहले 2019 में वेस्टइंडीज और 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ ऐसा किया था। वहीं, श्रीलंका टीम ने चार बार पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली और पहली बार 5-0 से हार झेली।   'साल 2025 हमारे लिए बहुत अच्छा रहा' श्रीलंका का सूपड़ा साफ करने के बाद हरमनप्रीत ने कहा, ''2025 हमारे लिए वाकई बहुत अच्छा रहा। हमें कड़ी मेहनत का परिणाम मिला। मुझे लगता है कि अब इन अच्छी आदतों को दोहराते रहना है। इस साल हमने जैसा किया, वैसा ही जीतते रहना है।'' जब हरमनप्रीत से पूछा गया कि क्या वनडे वर्ल्ड कप जीतने के बाद सोच में बदलाव करना आसान था तो उन्होंने कहा, ''हम सबने एकसाथ काफी टी20 क्रिकेट खेला है और सभी को खुद पर विश्वास था कि हम यह कर सकते हैं। हर कोई बहुत सकारात्मक था और सच में खुश थे कि एकजुटता के साथ खेले। हम अपने लिए स्टैंडर्ड सेट करना चाहते थे। आगे बढ़ते हुए हम इस सीरीज को देख सकते हैं, सोच सकते हैं कि हमने क्या किया और हम भविष्य में क्या कर सकते हैं।'' 'टी20 मोड में शिफ्ट करना आसान नहीं था' 36 वर्षीय भारतीय कप्तान ने ने एक बैटर और लीडर के तौर पर अपने बारे में कहा, ''बतौर बल्लेबाज यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं टीम की बैटिंग लाइनअप को मजबूती दूं। मैं हमेशा टीम की जरूरत के मुताबिक योगदान देना चाहता हूं। बतौर कप्तान जिस तरह से हमने यह सीरीज खेली, उससे मैं वाकई में खुश हूं। वनडे क्रिकेट के बाद टी20 मोड में शिफ्ट करना आसान नहीं था, लेकिन सभी बहुत पॉजिटिव थे। वर्ल्ड कप के बाद यह सीरीज खेलने के लिए हर कोई उत्साहित था। चीजें जिस तरह से रही, उससे काफी खुश हूं। हमम जद्दोजहद की और हमने अपना शत प्रतिशत दिया।'' 'उम्मीद है कि जिस तरह से वनडे क्रिकेट' अगले सात महीनों में बहुत सारा टी20 क्रिकेट खेला जाना है। हरमनप्रीत ने कहा, ''बिल्कुल। यह सीरीज हमारे लिए बहुत अहम थी। इसलिए हम चाहते थे कि सभी उपलब्ध रहें ताकि बाद में हम देख सकें कि चीजें हमारे लिए कैसी चल रही हैं। अब महिला प्रीमियर ली (WPL) होगा। सभी फिर से टी20 मोड में होंगे। उम्मीद है कि हम सभी अपना बेस्ट क्रिकेट खेलेंगे और लुत्फ उठाएंगे। अगले छह महीने हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। हम बस कड़ी मेहनत करते रहना चाहते हैं। उम्मीद है कि जिस तरह से वनडे क्रिकेट में चीजें हमारे लिए अच्छी रहीं, उसी तरह टी20 में भी चीजें अच्छी रहेंगी।''

विजय हजारे ट्रॉफी में स्टार्स की एंट्री! शुभमन गिल इस दिन खेलेंगे मैच, KL राहुल और जडेजा भी एक्शन में

नई दिल्ली  भारतीय वनडे और टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। वे घरेलू टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में जल्द ही शिरकत करते नजर आएंगे। गिल के अलावा, लोकेश राहुल और रवींद्र जडेजा भी अपनी-अपनी टीमों के लिए विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए जल्द ही नजर आएंगे।   3 जनवरी को एक्शन में होंगें भारतीय कप्तान क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, शुभमन गिल 3 जनवरी से विजय हजारी ट्रॉफी के मैचों में खेलते हुए नजर आएंगे। 3 जनवरी को पंजाब बनाम सिक्किम और 6 जनवरी को गोवा बनाम पंजाब के मैचों में शुभमन गिल के खेलने की उम्मीद है। वे पंजाब की टीम का हिस्सा होंगे। गिल की टीम को ग्रुप C में मुंबई जैसी मजबूत टीमो के साथ रखा गया है। दो मुकाबले खेलने के बाद गिल अपनी राज्य टीम छोड़कर भारतीय टीम से जुड़ जाएंगे, जो पहले वनडे से पहले 7–8 जनवरी को बड़ौदा में इकट्ठा होगी। कर्नाटक की टीम को मजबूती देंगे राहुल 3 जनवरी से होने वाले आगामी विजय हजारे ट्रॉफी के मैचों के लिए लोकेश राहुल भी ऐक्शन में देखे जा सकते हैं। कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) ने अभी तक केएल राहुल की भागीदारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन उनके 3 और 6 जनवरी को त्रिपुरा और राजस्थान के खिलाफ होने वाले मैचों में खेलने की उम्मीद है। लोकेश राहुल की टीम कर्नाटक को ग्रुप में रखा गया है और वह तीन मैचों में तीन जीत के साथ ग्रुप में दूसरे नंबर पर है। राहुल के शामिल होने से टीम की स्थिति और मजबूत होगी। जडेजा का है ये सीन हरफनमौला खिलाड़ी रवींद्र जडेजा भी विजय हजारे ट्रॉफी में खेलते हुए नजर आएंगे। स्टार ऑलराउंडर ने सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन (SCA) को सूचित कर दिया है कि वह 6 और 8 जनवरी को सर्विसेज और गुजरात के खिलाफ मुकाबले खेलेंगे। सौराष्ट्र ने अब तक अपने तीन में से एक मुकाबले में जीत हासिल की है और 8 टीमों के ग्रुप में 6वें स्थान पर है। ये स्टार पहले ही हो चुके हैं शामिल बता दें कि इस सीजन विजय हजारे ट्रॉफी में पहले ही कई स्टार खिलाड़ी शामिल हो चुके हैं। विराट कोहली और रोहित शर्मा अपने शुरुआती मैचों में एक्शन में दिखे थे। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) के अध्यक्ष रोहन जेटली ने सोमवार यानी 29 दिसंबर, 2025 को बताया कि विराट कोहली 6 जनवरी को रेलवे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे। ये मुकाबला भी बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (BCE) में ही खेला जाएगा। स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत भी दिल्ली के लिए मैदान पर दिख चुके हैं।