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खराब फॉर्म के बावजूद सूर्या और शुभमन सुरक्षित, उपकप्तान की छुट्टी क्यों? कैफ ने बताई असली वजह

नई दिल्ली  पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम को लेकर बात की, जिसमें कप्तान सूर्यकुमार यादव बहुत खराब फॉर्म के बावजूद बरकरार हैं, जबकि उपकप्तान शुभमन गिल का पत्ता साफ हो गया है। मोहम्मद कैफ का कहना है कि मैच विजेता खिलाड़ी सूर्यकुमार यादव की तुलना शुभमन गिल से नहीं होनी चाहिए। कैफ ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई और सिलेक्टर्स के फैसले का समर्थन किया, जिसमें उन्होंने उपकप्तान शुभमन गिल को टी20 वर्ल्ड कप के लिए टीम से बाहर रखा। मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि इस फॉर्मेट में सूर्यकुमार के पिछले प्रभुत्व ने उन्हें विस्तारित समर्थन दिलाया, कुछ ऐसा जो गिल अभी भी हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं। कैफ ने कहा, “गिल और सूर्या के केस में फर्क है। सूर्या T20s में एक प्रूवन मैच-विनर रहे हैं। वह ICC रैंकिंग में टॉप पर रहे हैं और उन्होंने मैच भी जिताए हैं। हम यहां दोनों की तुलना नहीं कर सकते। गिल को इंडियन टीम में इस फॉर्मेट में खुद को साबित करना था।” उन्होंने आगे विराट कोहली का उदाहरण दिया और कहा, "कोहली का उदाहरण लें, उन्होंने COVID के दौरान उन दो सालों में बहुत रन नहीं बनाए, लेकिन क्योंकि उनका पिछला रिकॉर्ड बहुत अच्छा था और वे लगभग 10 साल तक मैच विनर रहे, तो आपने उनकी रेप्युटेशन पर उनका साथ दिया और वे उस फेज से बाहर निकलकर फिर से रन बनाने लगे। सूर्या भी इसी कैटेगरी में हैं। गिल इस फॉर्मेट में सूर्या के आस-पास भी नहीं हैं। यह कहना कि अगर वे फॉर्म में नहीं हैं तो दोनों को हटा देना चाहिए, यह सही नहीं है। सूर्या ने यह कमाया है।" सूर्या को लेकर एक सवाल है… हालांकि, मोहम्मद कैफ ने कहा है कि सवाल यह है कि वह इस दौर से कैसे निकल सकते हैं? पूरे साल में उनसे टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक अर्धशतक तक नहीं निकला। क्रिकेटर से कमेंटेटर बने कैफ ने माना है कि कप्तानी सूर्यकुमार पर ज्यादा प्रेशर डालकर उनके परफॉर्मेंस पर बुरा असर डाल रही है। कैफ ने कहा, "उसे ड्रॉप नहीं किया जा सकता। सूर्या के मामले में, उसे सपोर्ट करना होगा। आपको इस बात पर फोकस करना होगा कि वह कहां गलतियां कर रहे हैं और वह स्कोर क्यों नहीं कर पा रहा हैं? क्या कैप्टेंसी वजह है? क्या उस पर प्रेशर पड़ रहा है? यही सवाल है।"  

सलाह के गोल से मिस्र ने जिम्बाब्वे को हराया

रबात (मोरक्को) स्टार स्ट्राइकर मोहम्मद सलाह के गोल की मदद से मिस्र ने जिम्बाब्वे को 2-1 से हराकर अफ्रीका कप ऑफ नेशंस फुटबॉल टूर्नामेंट में जीत के साथ शुरुआत की। विश्व रैंकिंग में 129वें स्थान की टीम जिम्बाब्वे ने मिस्र के सामने कड़ी चुनौती पेश की और एक समय वह मैच ड्रॉ कराने के करीब पहुंच गया था। ऐसे में सलाह में इंजरी टाइम में गोल करके मिस्र को जीत दिलाई। एक अन्य मैच में दक्षिण अफ्रीका ने अंगोला को 2-1 से हराया। यह दक्षिण अफ्रीका की अंगोला के खिलाफ पिछले छह मैचों में पहली जीत है। ⁠कैसाब्लांका में खेले गए एक अन्य मैच में पैटसन डाका ने स्टॉपेज टाइम में गोल किया जिससे जाम्बिया ने माली के खिलाफ मैच 1-1 से ड्रॉ कराया। मेजबान देश मोरक्को ने रविवार को कोमोरोस पर 2-0 से जीत हासिल की थी।  

नेरेस के दो गोल से नेपोली ने इटालियन सुपर कप जीता

रियाद डेविड नेरेस ने दोनों हाफ में एक-एक गोल किया जिससे मौजूदा सीरी ए चैंपियन नेपोली ने सऊदी अरब में खेले गए फाइनल में बोलोग्ना को 2-0 से हराकर तीसरी बार इटालियन सुपर कप फुटबॉल टूर्नामेंट जीता। नेरेस का 39वें मिनट में पहला गोल किया। उनका 25 मीटर की दूरी से बाएं पैर से लगाया गया शॉट दूर के कोने में जाकर लगा। उन्होंने बोलोग्ना के गोलकीपर फेडेरिको रावग्लिया को इसे बचाने का कोई मौका नहीं दिया। उन्होंने मैच का एक घंटा पूरा होने के बाद अपना दूसरा गोल किया। नेरेस ने रावाग्लिया के एक ढीले पास का फायदा उठाया और जॉन लुकुमी से गेंद छीनकर गोलकीपर के ऊपर से उसे गोल में डाल दिया। नेपोली ने इससे पहले 1990 और 2014 में सुपर कप जीता था।  

विजय हजारे ट्रॉफी में सितारों की परेड, कहीं रोहित तो कहीं विराट और गिल मचाएंगे धमाल

नई दिल्ली  स्टार बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा समेत कई शीर्ष भारतीय क्रिकेटरों की उपस्थिति से बुधवार 24 दिसंबर से शुरू होने वाले विजय हजारे ट्रॉफी एकदिवसीय क्रिकेट टूर्नामेंट की चमक बढ़ गई है, जिनमें इन दिग्गज खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने और अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलेगा। विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने वाले स्टार खिलाड़ियों की कतार में ऋषभ पंत, शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा जैसे नाम भी शामिल हैं, लेकिन कोहली और रोहित जितनी सुर्खियां किसी और को नहीं मिलतीं। कोहली और रोहित को इसलिए घरेलू टूर्नामेंट में खेलना पड़ रहा है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने सभी भारतीय क्रिकेटरों के लिए विजय हजारे ट्रॉफी के कम से कम दो मैच में खेलना अनिवार्य कर दिया गया है। कोहली 15 साल बाद इस टूर्नामेंट में खेलेंगे। उनका और रोहित का इस टूर्नामेंट में खेलने का सीधा मतलब है कि यह दोनों खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट में विकसित हो रहे शक्ति समीकरणों से अछूते नहीं हैं। यह दोनों खिलाड़ी अभी क्रिकेट जगत के स्टार हैं लेकिन क्रिकेट परिदृश्य में तेजी से बदलाव हो रहा है जिसका असर इन दोनों पर पड़ना लाजमी है। रोहित ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह मुंबई की तरफ से सिक्किम और उत्तराखंड के खिलाफ जयपुर में 24 और 26 दिसंबर को होने वाले पहले दो मैच खेलेंगे। कोहली ने मुंबई में भारत के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ के साथ अभ्यास किया। उन्होंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह दिल्ली के लिए कौन से दो या तीन मैच खेलेंगे। दिल्ली एलीट ग्रुप डी में अपना पहला मैच बेंगलुरु में आंध्र के खिलाफ खेलेगा। यह मैच या तो एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में या बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला जाएगा। इस मैच के स्थान का फैसला कर्नाटक राज्य के गृह मंत्रालय को करना है। इसके बाद दिल्ली का सामना गुजरात से होगा। कोहली के मंगलवार रात बेंगलुरु पहुंचने के बाद से ही यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि यह स्टार बल्लेबाज इन दोनों मैच में खेलेगा। विजय हजारे ट्रॉफी में निराशाजनक प्रदर्शन का अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैचों के लिए उनके चयन पर कोई असर नहीं पड़ेगा, लेकिन कोहली और रोहित इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि उनका दायरा सिकुड़ता जा रहा है। वे जानते हैं कि युवा खिलाड़ी उन्हें कड़ी टक्कर दे रहे हैं। भारत की टी20 विश्व कप टीम से गिल को बाहर करना और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के दम पर ईशान किशन को टीम में शामिल करना, इस बात का गंभीर संकेत है कि अगर कोहली और रोहित सहजता से रन नहीं बना पाते हैं तो उनके साथ क्या हो सकता है। रोहित और कोहली के अलावा कई अन्य सीनियर खिलाड़ी भी इस टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। इन खिलाड़ियों में पंत भी शामिल है जो टेस्ट क्रिकेट की टीम में अपनी जगह पक्की कर चुके हैं लेकिन सीमित ओवरों की टीम में जगह बनाने के लिए जूझ रहे हैं। पंत विजय हजारे टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करके राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी तरफ खींचने की कोशिश करेंगे। इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने अगस्त 2024 के बाद से वनडे या टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में देश का प्रतिनिधित्व नहीं किया है। गिल टी20 टीम से बाहर गिल आगामी टी20 विश्व कप के लिए नजरअंदाज किए जाने के बाद लय हासिल करने कोशिश करेंगे। दाएं हाथ का यह बल्लेबाज पंजाब के लिए खेलते हुए अपनी निराशा को दूर करने का प्रयास करेगा। गिल के लिए यह अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज से पहले एक अच्छा अभ्यास होगा, जिसमें वह भारत की कप्तानी करेंगे। इस टूर्नामेंट में चयनकर्ताओं की निगाह तेज गेंदबाजों के प्रदर्शन पर भी टिकी रहेगी। कुछ साल पहले मोहम्मद सिराज के रणजी ट्रॉफी में अच्छे प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने के बाद से कोई भी अन्य तेज गेंदबाज ऐसा करने में सफल नहीं रहा है। भारतीय टीम में शामिल तेज गेंदबाजों में प्रसिद्ध कृष्णा, हर्षित राणा और आकाश दीप के प्रदर्शन में निरंतरता का अभाव रहा है। इस संदर्भ में गुरजपनीत सिंह (तमिलनाडु), गुरनूर बरार (पंजाब), युद्धवीर सिंह (जम्मू कश्मीर), अनुज ठकराल (हरियाणा) और साकिब हुसैन (बिहार) आदि खिलाड़ियों में चयनकर्ताओं की विशेष रुचि होगी। मैच सुबह नौ बजे शुरू होंगे।  

हॉकी इंडिया लीग अपडेट: सूरमा हॉकी क्लब ने भरोसा जताया, नेतृत्व में यथास्थिति कायम

नई दिल्ली हॉकी इंडिया लीग के अगले संस्करण के लिए सूरमा हॉकी क्लब अपने नेतृत्व में परिवर्तन नहीं करेगी। पुरुष टीम की कप्तानी हरमनप्रीत सिंह के हाथ में है, जबकि महिला टीम की को-कैप्टन गोलकीपर सविता पुनिया और मिडफील्डर सलीमा टेटे हैं। हॉकी इंडिया लीग में सूरमा हॉकी क्लब के कप्तान के रूप में रिटेन किए जाने के बाद हरमनप्रीत ने कहा, “इस टीम का नेतृत्व करना हमेशा खास होता है। पिछले सीजन में तीसरे स्थान पर रहने से पता चला कि हम क्या कर सकते हैं, और इससे हमें बहुत आत्मविश्वास मिला है। टीम मजबूत हुई है, और मुझे विश्वास है कि हमारे पास श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए बेहतरीन और संतुलित टीम है। हम इस सीजन में टीम के लिए सब कुछ देने के लिए तैयार हैं।” सविता पुनिया ने कहा, “सलिमा और मैं अलग-अलग खूबियां लेकर आते हैं, लेकिन हमारा मकसद एक ही है, टीम को भरोसे और विश्वास के साथ लीड करना। हम इस जिम्मेदारी को गंभीरता से लेते हैं। हमारा फोकस टीम में एक मजबूत, सकारात्मक संस्कृति बनाने पर है, जहां हर खिलाड़ी कॉन्फिडेंट और मजबूत महसूस करे। जब कोई टीम एक-दूसरे के लिए खेलती है और सबकी एकता पर विश्वास करती है, तो नतीजे मिलते हैं, और हम इस सीजन में इसी सोच के साथ उतरेंगे।” सलीमा टेटे ने कहा, “सविता के साथ कप्तानी साझा करना मेरे लिए बेहद खास है। उनका अनुभव और उन्होंने खेल का जो स्तर तय किया है, वे हम सभी को हर दिन बेहतर बनने के लिए प्रेरित करते हैं। एक टीम के तौर पर, हमने पिछले सीजन से बहुत कुछ सीखा है, और हम अपने खेल के हर हिस्से पर काम करते हुए पिछली गलतियों से सबक लेते हुए गंभीरता से आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने कहा, “अब हम जानते हैं कि आखिर तक जाने के लिए क्या करना होगा, और हम इस सीजन में वह आखिरी कदम उठाने और ट्रॉफी घर लाने के लिए पक्के इरादे से उतरने वाले हैं। हमें यकीन है कि मुकाबले कड़े होंगे, लेकिन हम कड़ा अभ्यास कर रहे हैं और हर गेम में अपना बेस्ट देने की कोशिश कर रहे हैं।” पुरुषों की टीम भी 4 जनवरी को चेन्नई के मेयर राधाकृष्णन हॉकी स्टेडियम में पुरुष हॉकी इंडिया लीग के डिफेंडिंग चैंपियन श्राची राढ़ बंगाल टाइगर्स का सामना करेगी। पुरुषों का टूर्नामेंट चेन्नई, रांची और भुवनेश्वर में होगा। वहीं सूरमा हॉकी क्लब की महिला टीम 29 दिसंबर को श्राची राढ़ बंगाल टाइगर्स के खिलाफ अपने कैंपेन की शुरुआत करेगी। पूरा टूर्नामेंट रांची के मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में होस्ट किया जाएगा।  

दबाव के पलों में चमकते हैं विराट कोहली, बड़े मौके ही उन्हें सबसे ज़्यादा पसंद हैं: दिनेश कार्तिक

नई दिल्ली  टीम इंडिया और आईपीएल में आरसीबी के लिए वर्षों तक खेले पूर्व क्रिकेटर दिनेश कार्तिक ने विराट कोहली की जमकर तारीफ की है। उन्होंने किंग कोहली को बड़े मौकों का खिलाड़ी बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे भी लोग होते हैं जो मैच में बड़ा मौका आने पर सोचते हैं कि अब क्या करना है लेकिन कोहली तो मैच शुरू होने से पहले ही सोचते हैं कि इस तरह के मौके आएं। दिनेश कार्तिक ने विराट कोहली के साथ ड्रेसिंग रूम में बहुत ज्यादा समय बिताया है। इंडियन ड्रेसिंग रूम के साथ-साथ आरसीबी के ड्रेसिंग रूम को भी दोनों ने काफी वक्त तक साथ में शेयर किया है। दोनों के बीच अच्छी बॉन्डिंग मानी जाती है। बर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट में दिनेश कार्तिक ने विराट कोहली को लेकर कहा,'मुझे लगता है कि वह बिग मोमेंट्स के लिए ही बना है क्योंकि वह किसी भी अन्य के मुकाबले ऐसे मौके ज्यादा चाहता है। लोग जब ऐसे बिग मोमेंट आते हैं तो सोचते हैं- ओह, मैं क्या करूं? और वह मैच शुरू होने से पहले ही चाहता है कि ऐसे मोमेंट उसके साथ आएं।' दिनेश कार्तिक ने कहा कि कोहली और उनका रिश्ता आपसी भरोसे और सम्मान का है। उन्होंने कहा, ‘मैं उम्र में उनसे थोड़ा बड़ा हूं लेकिन उम्र का ये फासला नहीं है जिसकी वजह से वह मुझे सम्मान देते हैं।’ कार्तिक के मुताबिक कोहली की सबसे बड़ी खूबी ये है कि वह हमेशा जिम्मेदारी उठाने के लिए आतुर रहते हैं। किंग कोहली की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा, 'वह एक जबरदस्त प्रतिद्वंद्वी है लेकिन साथ में बहुत विनोदप्रिय भी है। वह एक सामान्य इंसान की तरह है, वैसे ही जैसे हममें से कोई भी है। ये अलग बात है कि वह एक असाधारण विश्व चैंपियन बल्लेबाज हैं। यह उनका एक पहलू है। उनका दूसरा पहलू है कि वह एक सामान्य इंसान है जो दिल्ली से है और जो किसी भी अन्य दिल्लीवालों की तरह जोक मारता है। शानदार फैमिली मैन हैं और उनके लिए मेरे दिल में हमेशा से बहुत इज्जत रही है।'  

कर्नाटक के ऑलराउंडर कृष्णप्पा गौतम ने संन्यास का ऐलान, रणजी और लिस्ट-ए में 320+ विकेट लिए

बेंगलुरु     कर्नाटक के दिग्गज ऑलराउंडरों में शुमार कृष्णप्पा गौतम ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा कर दी है. इसके साथ ही भारतीय घरेलू क्रिकेट में उनके 14 साल लंबे करियर का अंत हो गया. निचले क्रम में दमदार बल्लेबाज़ी और भरोसेमंद ऑफ-स्पिन के लिए पहचाने जाने वाले गौतम रणजी ट्रॉफी, आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक छोटे लेकिन यादगार सफर के लिए जाने जाते हैं. 2012 में किया रणजी डेब्यू गौतम ने 2012 रणजी ट्रॉफी सीज़न में उत्तर प्रदेश के खिलाफ कर्नाटक के लिए अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया और पहले ही मैच में शानदार प्रभाव डाला. अपने पहले मुकाबले में उन्होंने सुरेश रैना और भुवनेश्वर कुमार जैसे बड़े विकेट झटके. उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी और अहम मौकों पर विकेट निकालने की क्षमता ने जल्द ही उन्हें कर्नाटक की मजबूत टीम का अहम हिस्सा बना दिया. 2016 में बनाई खास पहचान 2016–17 का रणजी सीज़न उनके करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब गौतम ने सिर्फ आठ मैचों में 27 विकेट लेकर खुद को एक सच्चे ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया. इसके अगले सीज़न में उन्होंने मैसूरु में असम के खिलाफ अपना पहला फर्स्ट क्लास शतक जड़ा, जिससे बल्ले और गेंद दोनों से मैच को प्रभावित करने की उनकी क्षमता और मजबूत हुई. अपने घरेलू करियर में गौतम ने 59 फर्स्ट क्लास और 68 लिस्ट-ए मैचों में 320 से अधिक विकेट हासिल किए, साथ ही निचले क्रम में कई अहम रन भी जोड़े. वह 2023 तक कर्नाटक क्रिकेट का नियमित हिस्सा बने रहे. इसके बाद भले ही उन्हें राज्य टीम से बाहर कर दिया गया हो, लेकिन घरेलू सर्किट पर उनका कुल प्रभाव बेहद अहम रहा. उनकी निरंतरता का इनाम उन्हें कई बार इंडिया-ए टीम में चयन के रूप में मिला, जहां उन्होंने न्यूज़ीलैंड ए, वेस्टइंडीज ए, ऑस्ट्रेलिया ए और इंग्लैंड लायंस के खिलाफ मुकाबले खेले. 2021 में भारतीय टीम के नेट गेंदबाज़ समूह का हिस्सा रहने के बाद उन्हें श्रीलंका दौरे के लिए राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया. कोलंबो में खेले गए एक वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच में उन्होंने भारत के लिए अपना एकमात्र अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला और एक विकेट लिया. आईपीएल का करियर रहा शानदार आईपीएल में कृष्णप्पा गौतम ने मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स, पंजाब किंग्स, चेन्नई सुपर किंग्स और लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रतिनिधित्व किया. उनकी नीलामी यात्रा अक्सर चर्चा में रही, जिसका शिखर 2021 में देखने को मिला जब चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 9.25 करोड़ रुपये में खरीदा, जो उनके करियर की सबसे ऊंची कीमत थी. नौ आईपीएल सीज़नों में उन्होंने 35 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की और कई यादगार प्रदर्शन किए. उनके टी20 करियर का सबसे यादगार लम्हा 2019 कर्नाटक प्रीमियर लीग में आया. बेल्लारी टस्कर्स की ओर से खेलते हुए गौतम ने 56 गेंदों पर 134 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 13 छक्के शामिल थे. उन्होंने सिर्फ 39 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. इसके बाद गेंद से भी उन्होंने कमाल किया और चार ओवर में सिर्फ 15 रन देकर आठ विकेट झटके. यह प्रदर्शन भारतीय टी20 क्रिकेट के सबसे यादगार कारनामों में से एक माना जाता है.

महिला क्रिकेटरों ने टी20I जीत के जश्न में किया सिम्हाचलम मंदिर दर्शन

विशाखापत्तनम   भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार, 21 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेले गए पहले महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में श्रीलंका पर आठ विकेट की शानदार जीत के बाद श्री वराह लक्ष्मी नरसिंह स्वामी मंदिर के दर्शन किए. कप्तान हरमनप्रीत कौर, सीनियर बल्लेबाज़ स्मृति मंधाना, युवा खिलाड़ी वैष्णवी शर्मा और टीम की कई अन्य खिलाड़ियों ने प्रसिद्ध सिम्हाचलम पहाड़ी पर स्थित इस ऐतिहासिक मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया. श्रीलंका को चटाई धूल यह मंदिर दर्शन उस दिन के बाद हुए, जब भारत ने पांच मैचों की टी20I सीरीज में दमदार ऑलराउंड प्रदर्शन के दम पर 1-0 की बढ़त हासिल की. दर्शन के दौरान खिलाड़ियों ने पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों में भी भाग लिया और आगामी मुकाबलों के लिए खुद को मानसिक रूप से तैयार किया. मंदिर प्रशासन ने टीम का स्वागत किया और खिलाड़ियों को प्रसाद व पवित्र भेंट प्रदान की. व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के बीच यह आध्यात्मिक क्षण टीम के लिए सुकून भरा रहा, खासकर जब भारत सीरीज में अपनी मजबूत शुरुआत को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. भारत का श्रीलंका पर दबदबा राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय टीम पूरी तरह हावी नजर आई और श्रीलंका को बिना ज्यादा मेहनत किए मात दी. 122 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 14.4 ओवर में ही मुकाबला समाप्त कर लिया और 32 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की. जेमिमा ने खेली 69 रनों की पारी जेमिमा रोड्रिग्स भारत के लिए सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ी रहीं और 44 गेंदों में नाबाद 69 रन की पारी के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. उन्होंने संयम और नियंत्रण के साथ रन चेज को संभाला. स्मृति मंधाना ने 25 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया और भारत ने आसानी से जीत दर्ज की. अपने 350वें अंतरराष्ट्रीय मैच में खेल रहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी निचले क्रम में उपयोगी रन जोड़े, जिससे भारतीय टीम पूरे मैच में नियंत्रण में रही. इससे पहले भारतीय गेंदबाज़ों ने श्रीलंकाई बल्लेबाज़ों पर लगातार दबाव बनाए रखा और नियमित अंतराल पर विकेट चटकाते हुए मेहमान टीम को सीमित स्कोर पर रोक दिया. डेब्यू कर रहीं वैष्णवी शर्मा ने किफायती गेंदबाज़ी करते हुए 4 ओवर में 16 रन दिए और कोई विकेट नहीं लिया, लेकिन वह बदकिस्मत रहीं क्योंकि उनकी गेंद पर हसिनी परेरा का कैच टपका दिया गया. यह मुकाबला अगले साल इंग्लैंड में होने वाले महिला टी20 विश्व कप की तैयारियों की भी शुरुआत था. भारतीय टीम मंगलवार को होने वाले अगले मुकाबले में भी अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी.    

क्रिसमस से पहले खुशखबरी: सीनियर महिला क्रिकेटरों की फीस ₹20,000 से बढ़कर ₹50,000

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने देशभर की महिला क्रिकेटरों को क्रिसमस से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है. बीसीसीआई ने अपनी हालिया एपेक्स काउंसिल बैठक में महिला घरेलू क्रिकेटरों की मैच फीस में बड़ी बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है. यह कदम महिला क्रिकेट के लिए एक अहम और सकारात्मक बदलाव माना जा रहा है. ये प्रस्ताव सोमवार, 22 दिसंबर को हुई एपेक्स काउंसिल की बैठक में रखा गया था. इस नए फैसले के तहत महिला घरेलू खिलाड़ी अब पहले की तुलना में 2.5 गुना तक ज्यादा कमाई करेंगी. इससे क्रिकेट को एक पेशेवर करियर के रूप में अपनाने की आर्थिक मजबूती भी बढ़ेगी. इससे पहले सीनियर महिला खिलाड़ियों को प्रति दिन 20,000 रुपये मैच फीस मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 50,000 रुपये प्रति दिन कर दिया गया है. यह दर प्लेइंग इलेवन में शामिल खिलाड़ियों पर लागू होगी. रिजर्व खिलाड़ियों को भी मिलेगा फायदा हालांकि इस नई संरचना का लाभ केवल प्लेइंग इलेवन तक सीमित नहीं रहेगा. टीम में रिज़र्व के तौर पर चुनी गई खिलाड़ियों की मैच फीस में भी बड़ा इजाफा किया गया है. सीनियर रिज़र्व खिलाड़ियों की प्रति दिन फीस 10,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दी गई है, जिससे पूरे स्क्वाड को बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. बीसीसीआई का यह बड़ा फैसला ऐसे समय में आया है जब महिला क्रिकेट तेजी से लोकप्रिय और संरचनात्मक रूप से मजबूत हो रहा है. जय शाह के कार्यकाल के दौरान बोर्ड ने महिला क्रिकेट को सशक्त बनाने के लिए कई अहम सुधार किए थे. इन प्रयासों का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखा, जहां इसी तरह की गति आईसीसी में भी देखने को मिली, जहां वर्तमान में जय शाह अध्यक्ष हैं. मिथुन मन्हास के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने के बाद भी महिला क्रिकेट के विकास पर बोर्ड का फोकस बना हुआ है. हालिया वेतन संशोधन यह दर्शाता है कि बोर्ड देश में महिला क्रिकेटरों के लिए एक मजबूत और टिकाऊ पारिस्थितिकी तंत्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. महिला घरेलू क्रिकेटरों के लिए बीसीसीआई की नई वेतन संरचना वर्तमान भुगतान संरचना (पहले) सीनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹20,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹10,000 प्रति दिन जूनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹10,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹5,000 प्रति दिन नई बढ़ी हुई भुगतान संरचना सीनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹50,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹25,000 प्रति दिन टी20 मुकाबलों के लिए: * प्लेइंग इलेवन: ₹25,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹12,500 प्रति दिन जूनियर महिला टूर्नामेंट * प्लेइंग इलेवन: ₹25,000 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹12,500 प्रति दिन **टी20 मुकाबलों के लिए:** * प्लेइंग इलेवन: ₹12,500 प्रति दिन * रिज़र्व खिलाड़ी: ₹6,250 प्रति दिन महिला क्रिकेटरों की मैच फीस में आखिरी बार संशोधन 2021 में किया गया था. उस समय सीनियर खिलाड़ियों की फीस 12,500 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये की गई थी. मौजूदा बढ़ोतरी इसके बाद की सबसे बड़ी वृद्धि है.  

सूर्यकुमार यादव ने अहमदाबाद में छात्रों से किया संवाद, फॉर्म सुधारने का जताया भरोसा

अहमदाबाद भारत के टी20I कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एक बार फिर अपने लंबे समय से चले आ रहे खराब फॉर्म पर खुलकर बात की. इस बार उन्होंने यह बयान अहमदाबाद स्थित जीएलएस यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान दिया, जहां उनकी बेबाक टिप्पणियों ने काफी ध्यान खींचा. एक खिलाड़ी के करियर में उतार-चढ़ाव पर बोलते हुए सूर्यकुमार ने आत्ममंथन वाला रुख अपनाया. उनकी स्पीच का ये वीडियो काफी वायरल हो रहा है. सूर्यकुमार यादव ने कहा, 'एक खिलाड़ी हमेशा अच्छे दौर में नहीं रहता. मैं यह नहीं कह रहा कि हम बुरे दौर से गुजरते हैं. यह एक सीखने की प्रक्रिया है. हमेशा एक ऐसा चरण आता है जब आपको लगता है कि आप सीखने के दौर में हैं. मेरे लिए भी यह वही सीखने वाला दौर है. थोड़ा ऊपर-नीचे रहा है.' टीम के बाकी खिलाड़ियों को सराहा सूर्या ने कहा, 'मेरे साथ अन्य 14 खिलाड़ी इस समय मेरे लिए कवर कर रहे हैं. उन्हें पता है कि जिस दिन मैं फटूंगा, क्या होगा. मुझे यकीन है कि आप सभी को भी इसके बारे में पता है.' अपने प्रदर्शन को लेकर हो रही चर्चाओं के बावजूद भारतीय कप्तान ने कहा कि उनका मानसिक रवैया अब भी पूरी तरह सकारात्मक है. स्टूडेंट्स को दी ये टिप्स सूर्या ने कहा, 'सोचिए, अगर आपके एग्जाम में कम नंबर आ जाएं तो क्या आप स्कूल छोड़ देते हैं? नहीं, आप फिर से मेहनत करते हैं और अच्छे नंबर लाते हैं. मैं भी वही करने की कोशिश कर रहा हूं. मैं बेहतर प्रदर्शन के साथ वापसी करना चाहता हूं.' सूर्यकुमार की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका संघर्ष साफ नजर आ रहा है. दाएं हाथ के इस बल्लेबाज का साल 2025 बेहद फीका रहा है. उन्होंने 19 पारियों में सिर्फ 218 रन बनाए, औसत 13.62 और स्ट्राइक रेट 123.16 रहा. एशिया कप में 47 रन उनका सर्वोच्च स्कोर रहा. दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में भी उन्हें संघर्ष करना पड़ा, जहां उन्होंने चार पारियों में सिर्फ 34 रन बनाए, हालांकि भारत ने वह सीरीज 3-1 से जीत ली. अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20I सीरीज में सूर्यकुमार यादव के पास एक और मौका होगा, जहां वह अपने शब्दों को रन में बदलकर टीम प्रबंधन के भरोसे को सही साबित कर सकते हैं.