samacharsecretary.com

टीम इंडिया बनाम वेस्ट इंडीज: बुमराह बाहर, गिल ने प्लेइंग 11 पर किया बड़ा खुलासा

नई दिल्ली  एशिया कप फाइनल के 3 दिन बाद ही टीम इंडिया को वेस्टइंडीज के साथ टेस्ट मैच खेलना है. ये मुकाबला गुरुवार यानी 2 अक्तूबर को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा. लेकिन इस मैच से पहले सबसे बड़ा सवाल प्लेइंग इलेवन को लेकर है. जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं. इसी बीच, भारत के टेस्ट कप्तान शुभमन गिल ने आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ में तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह की भूमिका को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है.  बुमराह को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन एशिया कप 2025 की जीत के तुरंत बाद टेस्ट क्रिकेट में उनकी सीधी वापसी पर सवाल उठ रहे हैं. प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में गिल से बुमराह के उपयोग पर सवाल किया गया. यह सीरीज़ भारत के लिए नए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप चक्र की पहली घरेलू सीरीज़ है और पिछले साल न्यूज़ीलैंड से 3-0 की हार के बाद पहली टेस्ट सीरीज़ भी है. ऐसे में बुमराह की तेज़ी अहम मानी जा रही है. हालांकि गिल ने कहा कि बुमराह की भूमिका मैच दर मैच तय होगी.   बुमराह को लेकर क्या बोले गिल गिल ने कहा, 'हम मैच के हिसाब से फैसला करेंगे कि खेल कितनी लंबी चलती है और गेंदबाज़ कितने ओवर फेंकता है. कुछ भी पहले से तय नहीं है. एशिया कप में बुमराह सात में से पांच मैच खेले थे और कुल सात विकेट लिए थे. उन्होंने पावरप्ले में नियमित रूप से तीन ओवर फेंके और अपनी फिटनेस साबित की. भारत के असिस्टेंट कोच रायन टेन डोशेट ने भी कहा था कि एशिया कप ने बुमराह को टेस्ट के लिए अच्छी तैयारी दी है.' रायन ने कहा, 'उन्होंने टूर्नामेंट में लगभग 25-26 ओवर फेंके, जो टेस्ट से पहले workload management के लिहाज़ से सही है.' इंग्लैंड के खिलाफ पिछली टेस्ट सीरीज़ में बुमराह सिर्फ तीन टेस्ट खेले थे और रोटेशन नीति की काफी आलोचना हुई थी. इस बार मैनेजमेंट का रुख बदला हुआ लगता है, हालांकि बुमराह को पहले टेस्ट से पहले वार्म-अप मैच से आराम दिया गया.   वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के लिहाज से अहम है सीरीज वेस्टइंडीज़ इस सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया से 3-0 की हार के बाद उतर रही है. दूसरी ओर भारत इंग्लैंड के खिलाफ 2-2 ड्रॉ से उभरा है और घरेलू मैदान पर क्लीन स्वीप कर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप अंक जुटाने पर ध्यान देगा. ऐसे में बुमराह की उपलब्धता और प्रदर्शन बेहद अहम होंगे. भारत के पास बुमराह के साथ मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और नितीश कुमार रेड्डी जैसे पेस विकल्प भी मौजूद हैं.

संघर्ष से शिखर तक: रिंकू हुड्डा का स्वर्ण पदक, अब पैरालंपिक में गोल्ड की तैयारी

रोहतक मैं पिछली बार वल्र्ड पैरा एथलेटिक्स में गोल्ड जीतने से चूक गया था, इसलिए जब मैं मैदान पर उतरा तो थोड़ा नवर्स था क्योंकि यहां मुकाबला आसान नहीं था, लेकिन आज सब चीजें मेरे अनुरूप हुईं और यही वजह है कि मैं पहली बार विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहा। यह कहना है भारत के 25 वर्षीय भालाफेंक एथलीट रिंकू हुड्डा का, जिन्होंने सोमवार को यहां वल्र्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता। रिंकू हुड्डा भी अपने प्रदर्शन से बेहद खुश हैं और उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य 2028 पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना है। रिंकू ने पुरुषों की भालाफेंक एफ-46 स्पर्धा में 66.37 मीटर के साथ चैंपियन बनें। वहीं, उनके हमवतन खिलाड़ी सुंदर सिंह गुर्जर ने 64.76 मीटर के साथ रजत पदक जीता।  विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोहतक के रिंकू हुड्डा ने स्वर्ण पदक जीत जिले का नाम रोशन किया है। यह प्रतियोगिता दिल्ली में आयोजित की जा रही है। रिंकू के बड़े भाई अनुज ने बताया कि वर्ष 2003 में रिंकू खेत में काम करने के बाद वहीं सो गया था। इस दौरान धान से भूसा अलग करने वाला पंखा उनके बाएं हाथ पर गिर गया। पंखे की पंखुड़ियों में हाथ फंसकर शरीर से अलग हो गया। इसके बाद उसे पैरा खोलों के के बारे में जानकारी दी गई। फिर वर्ष 2013 में रिंकू पैरा खेलों से जुड़ा। हाथ गंवाने से पहले रिंकू क्रिकेट खेलता था। अनुज ने बताया कि वर्ष 2014 में पहली स्पर्धा राज्यस्तर पर पंचकूला में खेली। वर्ष 2015 में गांधी नगर गुजरात में हुए राष्ट्रीय खेलों में कांस्य पदक जीता। 16 वर्ष की आयु में पहला 2016 के पैरालंपिक खेलों में हिस्सा लिया और पांचवां स्थान हासिल किया। रिंकू की इस संघर्ष यात्रा में परिवार का सहयोग रहा। रिंकू जिले के धामड़ गांव का निवासी हैं। यह हैं रिंकू हुड्डा की उपलब्धियां रिंकू ने वर्ष 2019 नेशनल पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीता व वर्ल्ड चैंपियनशिप दुबई में चौथा स्थान हासिल किया। वर्ष 2020, 2021, 2022 व 2023 में नेशनल पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीते। 2023 एशियन पैरा गेम्स में रजत पदक और वर्ल्ड चैंपियनशिप में रजत पदक जीता।  सपना सच होने जैसा रिंकू ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा, यह भारत में मेरी पहली प्रतियोगिता है। मैदान पर मुझे अच्छा लग रहा था और विश्व चैंपियनशिप रेकॉर्ड के साथ गोल्ड जीतना एक सपने का सच होने जैसा है। आज मेरा दिन था, इसलिए सब कुछ मेरे पक्ष में था। मैंने जो किया वह मेरे लिए एक नया अनुभव था। मेरी कोशिश अब अपने प्रदर्शन को और ज्यादा बेहतर करने पर है।  बचपन में बांया हाथ गंवाया हरियाणा के रोहतक के बाहरी इलाके में स्थित धमार गांव के एक किसान परिवार में जन्मे रिंकू का बायां हाथ खेत में खेलते समय धान बोने वाली मशीन में फंस गया था। हालांकि उन्हें इस घटना के बारे में याद नहीं है क्योंकि उस समय उनकी उम्र बहुत कम थी लेकिन उनके माता-पिता ने उन्हें आठ साल की उम्र में इसके बारे में बताया था। स्पर्धा देखने वालों की लगी भीड़ रिंकू हुड्डा अपने गांव में काफी लोकप्रिय हैं और यही वजह है कि रोहतक से तीन घंटे का सफर करके उनके परिजन, दोस्त और बड़ी संख्या में गांव के लोग उनकी स्पर्धा देखने के लिए पहुंचे। रिंकू ने कहा, दर्शकदीर्घा में परिजन और दोस्तों की मौजूदगी से मेरी काफी हौसलाअफजाई हुई। अच्छी बात यह है कि मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतर सका। इस तरह बने एथलीट रिंकू के चाचा वजीर सिंह ने बताया कि आखिर रिंकू एथलीट कैसे बने। उन्होंने कहा, जब रिंकू हादसे का शिकार हुआ तो हम सभी बेहद दुखी थे। वो दुखी रहने लगा और खाली समय में घर के सामने झील में पत्थर फेंका करता था। मैंने देखा कि वो बहुत दूर तक पत्थर फेंक रहा है तो मुझे ख्याल आया कि क्यों नहीं इसे एथलेटिक्स में डाल दिया जाए। इसके बाद हमने इसे नौ साल की उम्र में रोहतक स्टेडियम में भेजा। यहां से रिंकू का एथलीट बनने का सफर शुरू हुआ।     2018 : एशियाई पैरा खेलों में कांस्य पदक जीता     2023 : वल्र्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत जीता     2023 : एशियाई पैरा खेलों में रजत पदक हासिल किया

हरमन ब्रिगेड का विजयी आगाज़, वर्ल्ड कप में श्रीलंका को दी करारी शिकस्त

गुवाहाटी  आईसीसी वुमेंस वनडे वर्ल्ड कप का आगाज हो गया है. भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने मंगलवार को आईसीसी महिला विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में श्रीलंका को डकवर्थ-लुईस-स्टरन (DLS) पद्धति के तहत 59 रनों से हराकर शानदार शुरुआत की.  दरअसल, दो बार बारिश के कारण मैच को 50 से घटाकर 47 ओवर का करना पड़ा था. डीएलएस द्वारा 271 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की टीम 45.4 ओवर में 211 रनों पर ऑल आउट हो गई, जिसमें दीप्ति ने 54 रन देकर 3 विकेट चटकाए. अमनजोत कौर (56 गेंदों पर 57 रन) और दीप्ति शर्मा (53 गेंदों पर 53 रन) की सातवें विकेट के लिए 103 रनों की शानदार साझेदारी ने भारत को मुश्किल स्थिति से उबारकर 47 ओवरों में 269/8 का मजबूत स्कोर खड़ा करने में मदद की. शुरुआत में लड़खड़ाई भारत की पारी पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. श्रीलंका की स्पिनर इनोका राणावीरा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 46 रन देकर चार विकेट चटकाए, जिसके चलते भारत 124/6 की मुश्किल स्थिति में पहुंच गया था. शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना और हरमनप्रीत कौर जैसे बड़े नाम जल्दी पवेलियन लौट गए. लेकिन इसके बाद अमनजोत कौर और दीप्ति शर्मा ने पारी को संभाला. दोनों ने सतर्क और आक्रामक बल्लेबाजी का मिश्रण पेश करते हुए 103 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया. अमनजोत ने अपनी 57 रनों की पारी में आक्रामकता दिखाई, जबकि दीप्ति ने संयम के साथ 53 रन बनाए. श्रीलंका 211 पर ढेर 271 रनों के डीएलएस लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत कप्तान चमारी अटापट्टू (43 रन) और निलाक्षिका सिल्वा (35 रन) ने संभाली, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. दीप्ति शर्मा ने झटके 3 विकेट दीप्ति शर्मा ने अपनी ऑफ-स्पिन से 3 विकेट झटके, जबकि स्नेह राणा (2/32) और श्री चरणी (2/37) ने भी दो-दो विकेट लेकर श्रीलंका की पारी को 45.4 ओवरों में 211 रनों पर समेट दिया. भारत की क्षेत्ररक्षण और गेंदबाजी में चुस्ती ने श्रीलंका को दबाव में रखा, जिसके चलते वे लक्ष्य से काफी पीछे रह गए. श्रीलंका प्लेइंग इलेवन : चमारी अटापट्टू (कप्तान), हासिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, विशमी गुणरत्ने, कवीशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, अनुष्का संजीवनी (विकेटकीपर), सुगंधिका कुमारी, अचिनी कुलसुरिया, उदेशिका प्रबोधनी, इनोका राणावीरा. भारत प्लेइंग इलेवन: स्मृति मंधाना, प्रतीका रावल, हरलीन देओल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, अमनजोत कौर, स्नेह राणा, क्रांति गौड़, श्री चरणी. बता दें कि इस वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया शानदार फॉर्म में है. टूर्नामेंट में कुल 28 मैच खेले जाने हैं. फाइनल मैच 2 नवंबर को होना है. भारतीय टीम अपनी पहली ट्रॉफी की तलाश में है. अबतक दो बार भारत वर्ल्डकप के फाइनल में पहुंची है, लेकिन उसे दोनों ही बार हार का सामना करना पड़ा है. लेकिन इस बार भारत ट्रॉफी की प्रबल दावेदार मानी जा रही है. भारत का अगला मैच 5 अक्टूबर को पाकिस्तान के साथ होना है.

क्रिकेट का रोमांच: ऑस्ट्रेलिया की न्यूजीलैंड के खिलाफ जीत की लगन जारी

इंदौर लगातार पंद्रह हार का रिकॉर्ड न्यूजीलैंड की महिलाओं पर भारी पड़ रहा है क्योंकि वे कल यहां होलकर स्टेडियम में आईसीसी महिला विश्व कप 2025 के दूसरे मैच में गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया महिलाओं से भिड़ने के लिए तैयार हैं। व्हाइट फर्न्स की अपने कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ आखिरी वनडे जीत फरवरी 2017 में आई थी, और तब से ऑस्ट्रेलिया अडिग है। ऑस्ट्रेलियाई टीम इस विश्व कप में शानदार फॉर्म और आत्मविश्वास के साथ उतर रही है, जिसने भारत में 2-1 से सीरीज जीत ली है। उनका शीर्ष क्रम अपने आप में एक मिसाल है: एलिसा हीली कप्तान और विकेटकीपर के रूप में अपना दबदबा कायम रखती हैं, बेथ मूनी भारत के खिलाफ तीन पारियों में 233 रन बनाकर मजबूत स्थिति में हैं, एलिस पेरी बेहतरीन खिलाड़ी हैं, जबकि जॉर्जिया वोल और फोएबे लिचफील्ड युवा जोश से भरपूर हैं। एश्ले गार्डनर और ताहलिया मैक्ग्रा मध्यक्रम में ताकत प्रदान करती हैं, जिनमें किसी भी आक्रमण को अस्थिर करने के लिए पर्याप्त गहराई है। गेंदबाजी में, मेगन शट्ट और किम गार्थ एक शक्तिशाली नई गेंद की जोड़ी बनाती हैं, जिसे अलाना किंग की लेग-स्पिन, वेयरहैम की विविधताओं और मैक्ग्रा की तेज गेंदबाजी का समर्थन प्राप्त है। गार्डनर एक और विकल्प जोड़ती हैं, जिससे ऑस्ट्रेलिया को उनकी बल्लेबाजी क्षमता के अनुरूप एक संतुलित शस्त्रागार मिलता है। न्यूजीलैंड की टीम श्रीलंका की महिलाओं को घरेलू मैदान पर 2-0 से हराने के बाद शांत आशावाद के साथ उतरी है। अनुभवी सूजी बेट्स, कप्तान सोफी डिवाइन और बहुमुखी अमेलिया केर उनकी बल्लेबाजी की धुरी हैं, जबकि जॉर्जिया प्लिमर और ब्रुक हॉलिडे मजबूती प्रदान करती हैं। फॉर्म में चल रही विकेटकीपर इसाबेला गेज, जिन्होंने अभ्यास मैच में शतक लगाया था, महत्वपूर्ण अंतर पैदा करने वाली साबित हो सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया के दबदबे को रोकने के लिए उन्हें प्रेरणा की जरूरत होगी। होलकर स्टेडियम की परिस्थितियाँ ज़्यादा राहत नहीं देतीं: सिर्फ़ 56 मीटर वर्ग की बाउंड्री, तेज आउटफ़ील्ड और स्ट्रोक खेलने को बढ़ावा देने वाली पिच। पार स्कोर 280-300 के आसपास रहता है, और टॉस जीतने वाले कप्तान से पहले बल्लेबाजी करने की उम्मीद की जाती है ताकि दूधिया रोशनी में स्कोरबोर्ड पर दबाव बनाया जा सके। मौसम के पूर्वानुमान ज़्यादातर बादल और उमस भरे मौसम का संकेत देते हैं, और बारिश के खेल में बाधा डालने की बहुत कम संभावना है। कागज़ों पर, ऑस्ट्रेलिया की जीत की संभावना 87 प्रतिशत है, जबकि न्यूजीलैंड की 13 प्रतिशत। ये आँकड़े हाल के आमने-सामने के मुकाबलों में भारी अंतर को दर्शाते हैं। फिर भी, विश्व कप उलटफेरों पर आधारित होते हैं, और व्हाइट फर्न्स उस कहानी को फिर से लिखने की उम्मीद में मैदान पर उतरेंगे जो लंबे समय से एकतरफ़ा रही है। फिर भी, संकेत इस ओर इशारा करते हैं कि ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड पर लगातार 16वीं जीत के साथ अपनी पकड़ मजबूत कर लेगा—एक ऐसा सिलसिला जो उनके वर्चस्व का पैमाना और एक ऐसा बोझ बन गया है जिससे उनके प्रतिद्वंद्वी नहीं उबर पाएँगे।  

ACC AGM में हंगामा: एशिया कप ट्रॉफी कहां रखी गई, BCCI और मोहसिन नकवी की बयानबाज़ी

दुबई  भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने मंगलवार को एशियाई क्रिकेट परिषद (एसीसी) की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में भारत को एशिया कप 2025 की विजेता ट्रॉफी प्रदान न किए जाने पर ‘कड़ा ऐतराज’ जताया, लेकिन एसीसी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी अपने रुख पर बरकरार हैं। भारत को रविवार को ट्रॉफी नहीं दी गई थी क्योंकि भारतीय टीम ने पाकिस्तान सरकार में मंत्री और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। इस एजीएम में बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और पूर्व कोषाध्यक्ष आशीष शेलार ने किया। एशिया कप की ट्रॉफी दुबई स्थित एसीसी के कार्यालय में ही रखी हुई है और यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि इसे विजेता टीम के पास कब तक पहुंचाया जाएगा।   ‘नकवी अब भी ट्रॉफी देने पर सहमत नहीं’ एसीसी के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘ट्रॉफी न सौंपे जाने और मैच के बाद पुरस्कार समारोह के दौरान एसीसी अध्यक्ष (नकवी) द्वारा किए गए कारनामों पर भारत ने आज की बैठक में कड़ा ऐतराज जताया।’’ सूत्र ने आगे कहा, ‘‘शुक्ला ने स्पष्ट रूप से कहा कि ट्रॉफी विजेता टीम को सौंपी जानी चाहिए। यह एसीसी की ट्रॉफी है और किसी एक व्यक्ति की नहीं है।’’ उन्होंने बताया कि नकवी हालांकि अब भी ट्रॉफी देने पर सहमत नहीं हुए हैं। सूत्र कहा, ‘‘शुक्ला और शेलार ने स्पष्ट रूप से कहा कि ट्रॉफी विजेता टीम को सौंप दी जानी चाहिए। यह एसीसी की ट्रॉफी है और किसी एक व्यक्ति की नहीं है। नकवी ने इससे मना नहीं किया, लेकिन वह जिम्मेदारी टाल रहे थे।’’ ‘नकवी को करनी पड़ी भारत की तारीफ’ उन्होंने कहा, ‘‘नकवी इस बात पर अड़े रहे कि इस मामले पर एजीएम में चर्चा नहीं होनी चाहिए और इसे किसी और समय अलग से उठाया जाना चाहिए। बैठक का एकमात्र एजेंडा उपाध्यक्ष का चुनाव करना था, लेकिन उसे भी टाल दिया गया।’’ यह पता चला है कि नकवी ने एशिया कप जीतने के लिए बीसीसीआई सदस्यों को बधाई नहीं दी लेकिन शेलार द्वारा जोर दिए जाने पर उन्हें सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व वाली अजेय टीम की औपचारिक रूप से प्रशंसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। सूत्र ने कहा, ‘‘जब बैठक शुरू हुई, तो अध्यक्ष (नकवी) ने अपनी संक्षिप्त शुरुआती टिप्पणी में वेस्टइंडीज के खिलाफ नेपाल को जीतने और एसीसी सदस्य बनने के लिए मंगोलिया को बधाई देकर अपनी बात समाप्त कर दी।’’ BCCI इस मामले को ICC के पास ले जाएगा उन्होंने कहा, ‘‘तभी शेलार ने यह सवाल उठाया कि ‘आप एशिया कप खिताब के लिए भारत को बधाई क्यों नहीं दे रहे हैं?’ उन्होंने नकवी को बधाई देने के लिए मजबूर किया और पीसीबी प्रमुख सहमत हुए और विधिवत बधाई दी।’’ बीसीसीआई अब इस मामले को आईसीसी के पास ले जाएगा, जिसकी बैठक नवंबर में होनी है। सूत्र ने कहा, ‘‘शुक्ला और शेलार ने तर्क दिया कि एसीसी को ट्रॉफी कार्यालय में रखनी चाहिए और बीसीसीआई उसे वहां से एकत्र करवा लेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हम वैध विजेता के रूप में ट्रॉफी चाहते हैं।' नकवी इसके लिए मना नहीं कर रहे थे, लेकिन साथ ही जिम्मेदारी भी टाल रहे थे।’’ 'कार्टून जैसा महसूस कर रहे थे नकवी' सूत्र ने कहा, ‘‘यह स्पष्ट कर दिया गया था कि बीसीसीआई आईसीसी से शिकायत करेगा और शेलार संक्षेप में बैठक छोड़कर चले गए।’’ सूत्र ने यह भी बताया कि नकवी ने कहा कि वह विजयी भारतीय टीम का मंच पर इंतजार करते समय ‘एक कार्टून जैसा’ महसूस कर रहे थे और शर्मिंदा थे। दोनों टीमों ने टूर्नामेंट में एक-दूसरे के खिलाफ तीन बार खेला और फाइनल सहित हर बार भारत जीता। इस आयोजन के दौरान भारतीय टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ ‘हाथ न मिलाने की नीति’ अपनाई, जिससे पीसीबी नाराज हो गया। पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच शत्रुता चरम पर है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 भारतीय पर्यटकों को गोली मार दी थी। भारत ने इसके बाद सीमा पार आतंकी ढांचों को नष्ट करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत सैन्य कार्रवाई शुरू की थी।  

ध्यान भटकाने की कोशिश! तिलक वर्मा ने बताया पाकिस्तानी खिलाड़ियों के अजीब व्यवहार का सच

हैदराबाद एशिया कप 2025 में खिताबी मुकाबले के हीरो तिलक वर्मा ने खुलासा किया है कि फाइनल के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ी उनका ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे थे। भारत-पाकिस्तान मुकाबले के हाई-वोल्टेज माहौल पर तिलक ने वर्मा मंगलवार को पत्रकारों से कहा, “पाकिस्तान हमेशा खिलाड़ियों का ध्यान भटकाने की कोशिश करता है। जब मैं बल्लेबाजी कर रहा था, तब बहुत सी बातें हुईं, लेकिन मैं आपको कैमरे पर नहीं बता सकता। भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबलों में ऐसा होता है। हम खेल के बीच में बहुत कुछ कह देते हैं, लेकिन असली जवाब तब मिलता है, जब आप मैच जीतते हैं। मुझे यही करना था। मैंने यही किया।” इस खिलाड़ी ने बताया कि तनावपूर्ण लक्ष्य का पीछा करते हुए दबाव में शांत रहना पड़ा। बल्लेबाजी के दौरान उन्होंने खुद को याद दिलाया कि वह 140 करोड़ लोगों के लिए बल्लेबाजी कर रहे थे। तिलक वर्मा ने कहा, “मैं बहुत दबाव और घबराहट में था। मेरे दिमाग में बहुत कुछ चल रहा था। मेरे दिल और दिमाग में सिर्फ यही था कि मैं जो भी करूं, देश के लिए अपनी जान लगा दूं। अगर दबाव में आकर असफल हो जाऊं, तो यह सिर्फ मेरी नाकामी नहीं होगी, बल्कि 140 करोड़ लोगों को निराश करने जैसा होगा। ऐसा करने के लिए, मुझे शांत रहना था। बचपन से ही मैंने बुनियादी बातें सीखी हैं। यह आदत भी रही है कि शांत रहकर दिमाग में जो है, उसे पूरी तरह अमल में लाऊं।” फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम महज 20 रन तक अपने 3 विकेट गंवा चुकी थी। यहां से तिलक वर्मा ने संजू सैमसन और शिवम दुबे के साथ शानदार साझेदारियां करते हुए भारत को जीत दिलाई। तिलक को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ भी चुना गया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने स्वीकारा है कि मुकाबले के दौरान स्थिति तनावपूर्ण थी। उन्होंने कहा, “पहले तीन विकेट गिरने पर काफी दबाव था। उसके बाद स्थिति और भी मुश्किल होती गई। उस समय मैं बल्लेबाजी कर रहा था। मुझ पर काफी दबाव था। अगर मैं एक और गलत शॉट खेलता, तो टीम हार सकती थी। इसलिए मैंने खुद से कहा, “मुझे शांत रहना है, बुनियादी बातों का पालन करना है और मैच के बीच में कोई जवाब नहीं देना है।” 22 वर्षीय बल्लेबाज ने शिवम दुबे के साथ पांचवें विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी करते हुए भारत को जीत की दहलीज तक पहुंचाया था। उन्होंने इस मैच जिताऊ साझेदारी का जिक्र करते हुए कहा, “यह विकेट बल्लेबाजी के लिए इतना आसान नहीं था। जैसे ही मैच में टीम की वापसी हुई, हमने साझेदारी करते हुए मैच जीत लिया। यही टीम इंडिया की खूबी है।” पाकिस्तान के खिलाफ खिताबी मुकाबला जीतकर तिलक वर्मा सोमवार को हैदराबाद लौटे। शमशाबाद हवाई अड्डे पर फैंस ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद तेलंगाना खेल प्राधिकरण के अध्यक्ष शिवसेना रेड्डी और प्रबंध निदेशक सोनी बाला देवी ने उन्हें सम्मानित किया।  

पीसीबी ने विदेशी टी20 लीगों के लिए खिलाड़ियों की एनओसी निलंबित की

इस्लामाबाद पीसीबी ने पाक के बाहर टी-20 लीग में भाग लेने के इच्छुक खिलाड़ियों के सभी अनापत्ति प्रमाणपत्र निलंबित कर दिए हैं। बोर्ड के मुख्य परिचालन अधिकारी सुमैर अहमद सैयद ने नोटिस भेजकर खिलाड़ियों और एजेंटों को इस फैसले की जानकारी दी। नोटिस में लिखा है, पीसीबी अध्यक्ष की स्वीकृति से, लीग और अन्य विदेशी टूर्नामेंटों में भाग लेने के लिए खिलाड़ियों के सभी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) अगले आदेश तक स्थगित किए जाते हैं। बोर्ड के दृष्टिकोण से, इसका उद्देश्य खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और घरेलू प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रमुख घरेलू प्रथम श्रेणी प्रतियोगिता, कायदे-आजम ट्रॉफी भी अक्तूबर में शुरू होने वाली है, जो 22 सितंबर से स्थगित कर दी गई थी।  

साउथ अफ्रीका के खिलाफ पाकिस्तान की टेस्ट टीम घोषित, बाबर आजम की वापसी

लाहौर साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए पाकिस्तान ने अपनी 18 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान की टीम में वापसी हुई है। दोनों देशों के बीच 12 अक्टूबर से आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र की शुरुआत होगी, जिसमें दो मुकाबले खेले जाने हैं। बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान को एशिया कप में स्थान नहीं मिल सका था, लेकिन अब शान मसूद की कप्तानी में इन अनुभवी खिलाड़ियों की वापसी हुई है। बाबर की वापसी से पाकिस्तान के मध्य क्रम को मजबूती मिली है। एशिया कप से बाहर बैठने वाले मोहम्मद रिजवान इस सीरीज में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभालेंगे। प्रमुख गेंदबाज शाहीन अफरीदी, हसन अली और अबरार अहमद भी टीम में शामिल हैं। इमाम-उल-हक और अब्दुल्ला शफीक के पारी की शुरुआत करने की उम्मीद है, जबकि सऊद शकील और सलमान अली आगा बल्लेबाजी को मजबूती देंगे। पाकिस्तान की इस टीम में अनुभवी और नए चेहरों का मिश्रण है। तीन नए खिलाड़ियों में बाएं हाथ के स्पिनर आसिफ अफरीदी, कलाई के स्पिनर फैसल अकरम और विकेटकीपर-बल्लेबाज रोहेल नजीर के पास डेब्यू का मौका होगा। पाकिस्तानी खिलाड़ी हेड कोच अजहर महमूद और एनसीए के कोचों के मार्गदर्शन में 8 अक्टूबर तक ट्रेनिंग कैंप में हिस्सा लेंगे। हाल ही में संपन्न एसीसी पुरुष टी20 एशिया कप में भाग लेने वाले क्रिकेटर 4 अक्टूबर को शिविर में शामिल होंगे। पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका की टीमें 12-16 अक्टूबर के बीच लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पहला टेस्ट मैच खेलेंगी, जिसके बाद 20-24 अक्टूबर के बीच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में दूसरा टेस्ट मैच खेला जाना है। दोनों देश 28 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच तीन टी20 मुकाबलों की सीरीज खेलेंगे, जबकि 4-8 अक्टूबर के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। पाकिस्तान की टीम: शान मसूद (कप्तान), आमिर जमाल, अब्दुल्ला शफीक, अबरार अहमद, आसिफ अफरीदी, बाबर आजम, फैसल अकरम, हसन अली, इमाम-उल-हक, कामरान गुलाम, खुर्रम शहजाद, मोहम्मद रिजवान (विकेट कीपर), नोमान अली, रोहेल नजीर (विकेटकीपर), साजिद खान, सलमान अली आगा, सऊद शकील और शाहीन शाह अफरीदी।  

गत विजेता गॉफ चाइना ओपन के क्वार्टर फाइनल में

बीजिंग दूसरी वरीयता प्राप्त कोको गॉफ ने एक सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेंसिक को 4-6, 7-6(4), 6-2 से हराकर मंगलवार को चाइना ओपन के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। 15वीं वरीयता प्राप्त और टोक्यो ओलंपिक चैंपियन बेंसिक ने डायमंड कोर्ट पर पहले सेट के आखिर में ब्रेक लगाकर पहला सेट 6-4 से जीत लिया। विश्व की तीसरे नंबर की खिलाड़ी गॉफ ने दूसरे सेट में भी वापसी की, जिसमें दोनों खिलाड़ियों ने एक-दूसरे के ब्रेक का सामना किया, जिसके बाद अमेरिकी खिलाड़ी ने टाईब्रेकर के लिए मजबूर किया, जिसे उन्होंने 7-4 से जीतकर मैच बराबर कर दिया। एक समय तो बेंसिक ने अपना रैकेट तोड़ दिया और चेयर अंपायर से गॉफ के टीम बॉक्स से ध्यान भटकाने की शिकायत की। 20 वर्षीय गत चैंपियन ने निर्णायक गेम में पूरी तरह से नियंत्रण हासिल कर लिया, दो बार ब्रेक लेकर 5-1 की बढ़त बना ली और फिर आत्मविश्वास से भरी सर्विस होल्ड के साथ मुकाबला जीत लिया। यह उनके करियर का छठा मुकाबला था, जिसमें गॉफ ने अपनी बढ़त को 4-2 तक पहुँचाया। गॉफ अब सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए जर्मनी की ईवा लिस या अमेरिकी मैककार्टनी केसलर में से किसी एक से भिड़ेंगी। इस बीच चाइना ओपन में सोमवार को कई खिलाड़ियों के रिटायरमेंट की खबर आई, जिसमें पांच खिलाड़ियों को मैच के बीच में ही हटना पड़ा। फिर भी, शीर्ष वरीयता प्राप्त जैनिक सिनर और इगा स्वियाटेक आगे बढ़े, जबकि दानिल मेदवेदेव ने उभरते हुए अमेरिकी खिलाड़ी टिएन के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई। चीन की झेंग किनवेन भी चोट की लहर का शिकार हुईं, जब डायमंड कोर्ट पर रात के सत्र में चेक खिलाड़ी लिंडा नोस्कोवा के खिलाफ तीसरे दौर के मैच से 6-4, 3-6, 3-0 से पिछड़ने के बाद उन्होंने मैच से हटना पड़ा। इससे पहले, जैकब मेन्सिक, कैमिला ओसोरियो, लोइस बोइसन और लोरेंजो मुसेट्टी भी मैच के बीच में ही रिटायर हो गए, जिससे पुरुष और महिला वर्ग में कुल पाँच खिलाड़ी हट गए। शीर्ष वरीयता प्राप्त और विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी, इटली के जैनिक सिनर ने हंगरी के फैबियन मारोजसन को 6-1, 7-5 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। 24 वर्षीय चार बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन ने शुरुआती सेट में तीन बार सर्विस तोड़ी और दूसरे सेट में कड़ी चुनौती का सामना करते हुए लगातार दो लव गेम्स के साथ मैच अपने नाम कर लिया। सिनर का अगला मुकाबला ऑस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर से होगा, जिन्होंने चेक गणराज्य के युवा खिलाड़ी मेन्सिक के पहले सेट में 4-1 से पिछड़ने के बाद रिटायर होने के बाद आगे कदम बढ़ाया। मियामी में खिताबी जीत सहित एक शानदार सीजन के बाद 19वें स्थान पर रहे 20 वर्षीय मेन्सिक आगे नहीं खेल पाए, जिससे तीसरे वरीय खिलाड़ी को आगे बढ़ना पड़ा। पुरुषों के ड्रॉ के दूसरे भाग में, मेदवेदेव ने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-3, 6-3 से हराया। 2021 यूएस ओपन चैंपियन का सामना अब 19 वर्षीय टिएन से होगा, जो मुसेट्टी के रिटायर होने के बाद आगे बढ़े थे। महिलाओं के ड्रॉ में, दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी स्वियाटेक ने बीजिंग में अपना बेदाग रिकॉर्ड बरकरार रखा। उन्होंने ओसोरियो के खिलाफ पहला सेट 6-0 से जीता, लेकिन कोलंबियाई खिलाड़ी चोट लगने के कारण मैच से हट गईं। यह जीत स्वियाटेक के करियर की 400वीं मैच जीत थी और चीनी राजधानी में उनके अपराजित रहने के सिलसिले को और आगे बढ़ाया। स्वियाटेक का अगला मुकाबला 16वीं वरीयता प्राप्त एम्मा नवारो से होगा, जो फ्रांस की बोइसन के 6-2, 1-0 से पिछड़ने के बाद मैच से हट जाने के बाद आगे बढ़ीं। चीन की झेंग का अभियान निराशाजनक रहा। ओलंपिक चैंपियन ने नोस्कोवा के खिलाफ तीसरे दौर का मैच दूसरा सेट जीतकर बराबरी पर ला दिया, लेकिन निर्णायक सेट में 3-0 से पिछड़ने के बाद, उन्होंने कोर्ट के बाहर मेडिकल स्टाफ से सलाह लेने के बाद मैच छोड़ दिया। नोस्कोवा, जिन्होंने पिछले दौर में वांग शियायू को हराया था, अंतिम 16 में पहुंचकर रूस की अनास्तासिया पोटापोवा से भिड़ेंगी, जिन्होंने तुर्की की ज़ेनेप सोनमेज को 6-3, 7-5 से हराया। अन्य मुकाबलों में, चौथी वरीयता प्राप्त मीरा एंड्रीवा ने स्पेन की जेसिका बूज़ास मानेरो को 6-4, 6-1 से हराया, जबकि मार्टा कोस्त्युक ने अलियाक्सांद्रा सासनोविच को 6-4, 6-2 से हराकर अंतिम 16 में प्रवेश किया।  

हार्डकोर्ट के राजा: यानिक सिनेर ने फाइनल में की एंट्री, लगातार नौवां फाइनल खेलेंगे

बीजिंग चाइना ओपन टेनिस टूर्नामेंट में रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं। शीर्ष वरीयता प्राप्त यानिक सिनेर ने एलेक्स डि मिनौर को 6-4, 3-6, 6-2 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। यह हार्डकोर्ट पर उनका लगातार नौवां फाइनल है, जो उनके शानदार फॉर्म का सबूत है। अब फाइनल में सिनेर का सामना दानिल मेदवेदेव और उभरते खिलाड़ी लर्नर टियेन के बीच होने वाले सेमीफाइनल के विजेता से होगा। महिला वर्ग में दूसरी वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गाफ ने स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेंचिच को 4-6, 7-6, 6-2 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया। गाफ ने शुरुआती सेट गंवाने के बावजूद जबरदस्त वापसी करते हुए टाईब्रेकर जीता और निर्णायक सेट में दबदबा बनाया। इस जीत के साथ बेंचिच के खिलाफ उनका करियर रिकॉर्ड 4-2 हो गया है। टूर्नामेंट के आगे के चरणों में अब टॉप सीड खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने की उम्मीद है, खासकर सिनेर और मेदवेदेव की संभावित भिड़ंत पर सभी की नजरें टिकी हैं।