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‘ब्राह्मण की बेटी’ विवाद: IAS संतोष वर्मा को कांग्रेस नेताओं का खुला समर्थन, राजनीति में नई हलचल

नई दिल्ली  आरक्षण को लेकर 'ब्राह्मण की बेटी अपने बेटे के लिए दान या संबंध' चाहने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान को कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने सही ठहराया है। कांग्रेस के दलित नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने वर्मा को दिए गए नोटिस पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि आरएसएस को इनका साथ देना चाहिए जो कहती है कि सब हिंदू हैं।   मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ (अजाक्स) के प्रदेश अध्यक्ष चुने जाने के बाद इसके पहले अधिवेशन में संतोष वर्मा ने मंच से विवादित टिप्पणी की थी। इसको लेकर मध्य प्रदेश के साथ ही देशभर में ब्राह्मण समाज की ओर से नाराजगी जाहिर की जा रही थी। वर्मा के खिलाफ राज्यभर में बढ़ते विरोध को देखते हुए मध्यप्रदेश के सामान्य प्रशासन विभाग ने उन्हें देर शाम कारण बताओ नोटिस जारी किया और पूछा कि क्यों न उनकी टिप्पणी के लिए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। नोटिस के मुताबिक उन्हें 7 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है और अगर वह इसमें विफल होते हैं तो उनके खिलाफ आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस बीच कांग्रेस नेता उदित राज ने वर्मा का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने रोटी-बेटी के रिश्ते की बात कही है। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'पीएम मोदी, योगी और तमाम बीजेपी नेता और RSS रात- दिन वोट लेने के लिए सब हिंदू है, कहते रहते हैं। संतोष वर्मा, IAS ने रोटी- बेटी के रिश्ते की ही बात किया अर्थात बात तो वही है फिर मध्य प्रदेश सरकार ने कारण बताओ नोटिस क्यों दिया है? ब्राह्मण समाज क्यों विरोध कर रहा है? हिंदू राष्ट्र की मांग करने वालों को इसका जवाब देना चाहिए? इन्हें संतोष वर्मा के साथ खड़ा होना चाहिए वरना यह शब्द जुबान पर भी नहीं लाना चाहिए।' वर्मा ने 23 नवंबर को भोपाल में अजाक्स के मंच से कहा था, ‘जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान न कर दे और वह उससे संबंध न बना ले, तब तक आरक्षण मिलना चाहिए।’ उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस टिप्पणी के बाद ब्राह्मण समाज में आक्रोश फैल गया और पिछले कुछ दिन से राज्य के अलग-अलग इलाकों में वर्मा के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं।  

विधायक पर रेप के आरोप से हड़कंप, पीड़िता ने जबरन गर्भपात कराने का लगाया आरोप

केरल  केरल में पलक्कड़ के विधायक राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। एक महिला की ओर से उन पर यौन उत्पीड़न और गर्भपात के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया गया था। गुरुवार देर रात दर्ज किए गए महिला के बयान के आधार पर शुक्रवार को वलियामाला पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया। महिला ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को अपनी शिकायत सौंपी थी। सूत्रों ने बताया कि बाद में तिरुवनंतपुरम ग्रामीण पुलिस मुख्यालय में महिला पुलिस अधिकारियों की ओर से उसका विस्तृत बयान दर्ज किया गया। देर रात तक प्रक्रिया चलती रही, जिसके बाद मामला दर्ज करने का निर्णय लिया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता के तहत यौन उत्पीड़न करने, जबरन गर्भपात कराने, मारपीट करने, अवैध रूप से घर में घुसने और आपराधिक धमकी से संबंधित प्रावधानों में मामला दर्ज किया गया है। ममकूटाथिल के दोस्त जॉबी जोसेफ को भी आरोपी बनाया गया है। ऐसा आरोप है कि अदूर के मूल निवासी जोसेफ ने शिकायतकर्ता महिला को गर्भपात के लिए दवा दी थी। पुलिस ने कहा कि मामला नेमोम पुलिस थाने को भेज दिया गया है, जहां अपराध हुआ था। एक अधिकारी ने बताया कि तिरुवनंतपुरम शहर के पुलिस आयुक्त की देखरेख में एक टीम मामले की जांच करेगी। विधायक का नहीं चल रहा कोई पता पुलिस शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कराने के लिए तिरुवनंतपुरम मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत का रुख करेगी। सूत्रों ने बताया कि डॉक्टर्स का एक दल जल्द ही महिला की स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करेगा। इस बीच, महिला की ओर से मुख्यमंत्री से संपर्क करने के बाद ममकूटाथिल कथित तौर पर छिप गए हैं। पुलिस ने उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विधायक से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। ऑडियो क्लिप और चैट आई सामने पलक्कड़ में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ममकूटाथिल गुरुवार शाम करीब 4 बजे तक स्थानीय निकाय चुनावों के लिए कन्नडी क्षेत्र में सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें और उनके एक करीबी सहयोगी को नहीं देखा गया। इससे पहले, अपराध शाखा ने एक ऑडियो क्लिप और चैट मैसेज के आधार पर मामला दर्ज किया था। ये क्लिप और संदेश पुलिस मुख्यालय को कुछ लोगों की ओर से भेजे गए ईमेल से सामने आए थे। उस समय महिला खुद सामने नहीं आई थी। महिला को गर्भपात के लिए किया मजबूर दो दिन पहले, एक नया ऑडियो क्लिप जारी किया गया था। इसमें विधायक को यह कहते सुना गया था कि वह एक बच्चा चाहते हैं, लेकिन बाद में उन्होंने महिला से गर्भपात कराने का आग्रह किया था। ममकूटाथिल को 25 अगस्त को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था। इससे पहले मलयालम अभिनेत्री रिनी एन जॉर्ज की ओर से युवा नेता पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाए जाने के बाद ममकूटाथिल ने युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इन आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की युवा शाखा डीवाईएफआई ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद कई महिलाओं और एक ट्रांसजेंडर ने भी उनके खिलाफ आरोप लगाए।  

इमरान खान का साल पुराना दावा वायरल: ‘मेरी मौत की अफ़वाह उड़ी तो पीछे होंगे आसिम मुनीर’

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर अटकलों का दौर जारी है। खान की मौत की अफवाहों के बीच जेल प्रशासन ने उनके सलामत होने की बात कही है। इसी बीच पूर्व क्रिकेटर के बेटे ने उनके जीवित होने के सबूत की मांग की है। खास बात है कि खान पहले दावा कर चुके हैं कि अगर उन्हें कुछ होता है, तो इसके जिम्मेदार फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर होंगे। जेल अधिकारियों ने बुधवार को कहा कि खान पूरी तरह से स्वस्थ हैं। जेल अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर जारी अफवाहों को खारिज किया। अदियाला जेल प्रशासन ने एक बयान में कहा, 'पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के नेतृत्व को इमरान खान के स्वास्थ्य के बारे में सूचित कर दिया गया है। पीटीआई प्रमुख को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।' जेल अधिकारियों ने बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर खान की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में किए जा रहे दावों में कोई सच्चाई नहीं है। अदियाला जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इमरान खान को अदियाला जेल से स्थानांतरित करने की खबरें पूरी तरह से निराधार हैं। आसिम मुनीर पर उठाया था सवाल अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ के लिए लिखे ऑफ एड में खान ने मुनीर पर सवाल उठाए थे। 2 मई 2024 में प्रकाशित लेख के अनुसार, 'सेना ने वो सबकुछ किया जो वो कर सकते हैं। अब सिर्फ मेरी हत्या करना बाकी रह गया है। मैंने सार्वजनिक रूप से कहा है कि मुझे या मेरी बीवी (बुशरा बीबी) को कुछ होता है, तो जनरल आसिम मुनीर जिम्मेदार होंगे।' मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल जुलाई में खान ने लिखा था, हाल के दिनों में, जेल में मेरे साथ होने वाला कठोर व्यवहार और भी बढ़ गया है। यही रवैया मेरी पत्नी बुशरा बीबी के खिलाफ भी अपनाया जा रहा है। यहां तक कि उनकी कोठरी का टीवी भी बंद कर दिया गया है। हम दोनों के सभी बुनियादी अधिकार चाहे वे मानवीय हों या कैदियों को दी गई कानूनी निलंबित कर दिए गए हैं।' खान ने कहा कि 'इसके लिए जवाबदेही होनी चाहिए।' उन्होंने दावा किया कि वह पूरी तरह से जानते हैं कि एक कर्नल और जेल अधीक्षक 'असीम मुनीर के आदेश पर' कार्रवाई कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा, 'इसलिए मैं अपनी पार्टी को स्पष्ट निर्देश देता हूं कि अगर जेल में मेरे साथ कुछ भी होता है तो असीम मुनीर को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।' बेटे ने मांगा सबूत खान के छोटे बेटे कासिम खान ने लिखा, 'पिता को गिरफ्तार हुए 845 दिन हो गए हैं। बीते 6 हफ्तों से उन्हें पारदर्शिता के बगैर डेथ सेल में अकेला रखा गया है। उनकी बहनों को मिलने नहीं दिया जा रहा। जबकि, कोर्ट के आदेश में अनुमति की बात कही गई है। कोई फोन कॉल नहीं, कोई मीटिंग नहीं और जीवित होने का कोई सबूत नहीं है…।'

अमेरिका में बड़ा कार्रवाई अभियान: ग्रीन कार्ड इंटरव्यू देने पहुंचे लोगों की हुई गिरफ्तारी

वाशिंगटन   अमेरिका के USCIS दफ्तरों में ग्रीन कार्ड के लिए इंटरव्यू देने वालों पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इंटरव्यू देने गए कई लोगों को ओवरस्टे के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। जानकारी के मुताबिक ग्रीन कार्ड आवेदकों के पार्टनर को भी हथकड़ियां पहना दी गईं। एक इमिग्रेशन वकील के मुताबिक दंपती को इंटरव्यू के दौरान ही हिरासतमें ले लिया गया।   इमिग्रेशन वकील सैमन नसेरी ने बताया कि एजेंसियों ने ग्रीन कार्ड के इंटरव्यू के दौरान ही गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि 12 नवंब को इस तरह से पहली गिरफ्तारी की गई थी। इसके बाद चार और लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि अब बहुत सारे लोगों के फोन आ रहे हैं कि उनके जानने वालों को यूएनसीआईएस के ऑफिस में ही गिरफ्तार कर लिया गया है। वकील ने कहा कि जिन लोगों को ग्रीन कार्ड के लिए इंटरव्यू में बुलाया गया है, उन्हें जरूर जाना चाहिए लेकिन साथ ही अलर्ट रहना चाहिए। वकील ने कहा है कि अगर कोई ग्रीन कार्ड के इंटरव्यू में जाता है तो उसे परिवार से जुड़ी व्यवस्था कर लेनी चाहिए इसके अलावा वकील के संपर्क में भी रहना चाहिए। अगर कोई इंटरव्यू में नहीं जाता है तो उसके मामले को खारिज भी किया जा सकता है। एक अन्य इमिग्रेशन वकील टेसा कैबरेरा ने बताया कि 2002 में रह रहे उनके एक मैक्सिकन क्लाइंट को साक्षात्कार के दौरान ही अरेस्ट कर लिया गया। उनकी एक अमेरिकी बेटी भी है। उन्होंने कहा कि इंटरव्यू के बाद दो आईसीई के अधिकारी उनके पास पहुंचे और हथकड़ी लगा दी। इसके बाद उन्हें डिटेंशन सेंटर में बंद कर दिया गया। आईसीई ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी की तरफ से उनके खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी किया गया था। वकील ने कहा कि जिन भी लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें से किसी की भी कोई क्रिमिनल हिस्ट्री नहीं है। उनके खिलाफ केवल एक ही बात थी कि वे वीजा खत्म होने के बाद भी अमेरिका में रह रहे थे। ज्यादातर लोगों ने अमेरिकी नागरिक से शादी कर ली है। ऐसे में ग्रीन कार्ड के लिए इंटरव्यू देना एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आईसीई के प्रवक्ता ने कहा कि जो लोग वीजा नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं उनके खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि अमेरिका को सुरक्षित बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोग गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहे हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी की जा रही है और उन्हें कानून के मुताबिक ही देश से बाहर भेजा जाएगा।  

ईरान की सेना पर ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला: घोषित किया आतंकवादी संगठन

कैनबरा दुनिया भर में आतंकवाद के बढ़ते खतरे से लगभग हर देश चिंतित है। इसी कड़ी में ऑस्ट्रेलिया ने मुस्लिम बहुल देश ईरान के खिलाफ सख्त कदम उठाया है।  ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को यहूदी समुदाय पर हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आधिकारिक तौर पर आतंकवाद के राज्य प्रायोजक (State Sponsor of Terrorism) के रूप में सूचीबद्ध कर दिया। यह फैसला ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एवं खुफिया संगठन (ASIO) की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें पाया गया कि IRGC ने ऑस्ट्रेलिया में यहूदी नागरिकों को निशाना बनाकर दो बड़े हमलों की साजिश रची थी। अल्बानीज सरकार ने इन हमलों को 'कायरतापूर्ण प्रयास' करार देते हुए कहा कि ये हमले ऑस्ट्रेलिया के बहुसांस्कृतिक समाज में फूट डालने की कोशिश थे। यह कदम हाल ही में संसद द्वारा पारित आपराधिक संहिता संशोधन (आतंकवाद के राज्य प्रायोजक) अधिनियम 2025 के तहत उठाया गया पहला कदम है। बता दें कि IRGC इस नए कानून के तहत सूचीबद्ध होने वाला पहला संगठन बन गया है। गृह मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय खुफिया, सुरक्षा और नीतिगत एजेंसियों के गोपनीय आकलन पर आधारित है। नए कानून के तहत अब ऑस्ट्रेलिया में किसी भी 'आतंकवाद के राज्य प्रायोजक' संगठन की निम्नलिखित गतिविधियां आपराधिक अपराध होंगी। गृह मंत्री टोनी बर्क ने कहा कि यह सूचीबद्धता ईरानी शासन की घृणित कार्रवाइयों का सीधा जवाब है। इससे पुलिस और खुफिया एजेंसियों को चरमपंथी नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए और व्यापक अधिकार मिलेंगे। विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की धरती पर IRGC की भूमिका किसी विदेशी राष्ट्र द्वारा की गई अभूतपूर्व और खतरनाक आक्रामकता है। हमारे देश में इसके लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने इसे ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई बताया। वहीं, अटॉर्नी जनरल मिशेल रॉलैंड ने कहा कि हमने तेजी से कदम उठाकर यह सुनिश्चित किया है कि हमारे आतंकवाद-रोधी कानून पूरी तरह प्रभावी रहें।

रूस-भारत रिश्तों में नई मजबूती: राष्ट्रपति पुतिन 4-5 दिसंबर को करेंगे भारत यात्रा

नई दिल्ली  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4 और 5 दिसंबर को भारत की यात्रा पर आएंगे। रूसी राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन की ओर से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई, जिसमें कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर पुतिन भारत की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। दोनों नेता व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे। इस दौरान रूस-भारत संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा होगी और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत की जाएगी। क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में यह बताया गया।   यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब फरवरी 2022 में यूक्रेन पर मॉस्को के हमले के बाद से रूस से रियायती कीमतों पर तेल खरीदने के कारण भारत और पश्चिमी देशों के संबंधों में तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अगस्त में भारत से आने वाले अधिकांश सामान पर 50 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूस के युद्ध प्रयासों को फंडिंग दे रहा है। रूसी सरकारी टीवी पर क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के हवाले से अहम जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आगामी भारत यात्रा बहुत भव्य और सार्थक होगी। पुतिन की यात्रा को लेकर मॉस्को ने क्या कहा यूरी उशाकोव ने कहा, ‘हम और भारतीय पक्ष इस यात्रा की सक्रियता से तैयारी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि यह हर लिहाज से सार्थक होगी। यह एक बेहद भव्य यात्रा होगी क्योंकि इसे राजकीय यात्रा भी कहा जा रहा है। यह यात्रा भारत के प्रधानमंत्री और रूसी राष्ट्रपति के बीच हुए समझौते को अमल में लाने का मौका प्रदान करती है कि वे द्विपक्षीय मामलों और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन चर्चा के लिए प्रतिवर्ष मिलेंगे।’ पिछले सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर का स्वागत करते हुए रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा था कि पुतिन की नई दिल्ली यात्रा तीन सप्ताह में होगी।

वैश्विक शक्ति रैंकिंग: भारत टॉप-3 में, पाकिस्तान बाहर—जानिए पूरी रिपोर्ट

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के जाने-माने लोवी इंस्टीट्यूट ने अपना सालाना एशिया पावर इंडेक्स 2025 जारी किया है, जो 27 एशियाई देशों के मिलिट्री, इकोनॉमिक, डिप्लोमैटिक और कल्चरल असर का डिटेल्ड असेसमेंट देता है। रिपोर्ट में रीजनल पावर में बड़े बदलावों पर रोशनी डाली गई है, जिसमें चीन एशिया की बड़ी पावर के तौर पर उभरा है। भारत लगातार आगे बढ़ रहा है, जबकि पिछले सालों के मुकाबले यूनाइटेड स्टेट्स का असर कम हुआ है। रिपोर्ट में देशों को आठ एरिया (मिलिट्री कैपेबिलिटी, डिफेंस नेटवर्क, इकोनॉमिक ताकत, डिप्लोमैटिक असर, कल्चरल पहुंच, रेजिलिएंस और फ्यूचर रिसोर्स पोटेंशियल) के आधार पर रैंक किया गया है। पाकिस्तान टॉप 10 से बाहर है, 16वें नंबर पर है। दुनिया के 10 सबसे ताकतवर देश 1. यूनाइटेड स्टेट्स (US) 80.5 सुपर पावर 2. चीन 73.7 सुपर पावर 3. इंडिया 40.0 मेजर पावर 4. जापान 38.8 मिडिल पावर 5. रूस 32.1 मिडिल पावर 6. ऑस्ट्रेलिया 31.8 मिडिल पावर 7. साउथ कोरिया 31.5 मिडिल पावर 8. सिंगापुर 26.8 मिडिल पावर 9. इंडोनेशिया 22.5 मिडिल पावर 10. मलेशिया 20.6 मिडिल पावर इंडिया की उभरती हुई पावर रिपोर्ट एशिया में इंडिया के बढ़ते असर को दिखाती है। उम्मीद है कि इंडिया 2025 में 40.0 स्कोर के साथ 'मेजर पावर' का दर्जा हासिल कर लेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिया की बढ़त उसकी मजबूत इकोनॉमिक ग्रोथ और बढ़ती मिलिट्री कैपेबिलिटी की वजह से है। हालांकि इंडिया की मिलिट्री और रिसोर्स ग्रोथ काफी रही है, लेकिन उसका डिप्लोमैटिक और इकोनॉमिक असर अभी तक उसकी कैपेबिलिटी में बढ़ोतरी के बराबर नहीं हुआ है, जो आगे बढ़ने की बहुत ज़्यादा संभावना दिखाता है। सिर्फ़ यूनाइटेड स्टेट्स और चीन ही 'सुपरपावर' कैटेगरी में लिस्टेड हैं। यूनाइटेड स्टेट्स टॉप पर बना हुआ है, लेकिन 2018 में एशिया पावर इंडेक्स लॉन्च होने के बाद से यह अपना सबसे कम इन्फ्लुएंस स्कोर दिखा रहा है। एनालिस्ट इसका कारण ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के दौरान लिए गए पॉलिसी डिसीजन को मानते हैं, जिन्हें एशिया में US के इन्फ्लुएंस के लिए नेट नेगेटिव बताया गया है। चीन लगातार यूनाइटेड स्टेट्स के साथ गैप कम कर रहा है, जिससे गैप का अंतर 2020 के बाद से अपने सबसे निचले पॉइंट पर आ गया है। रूस की पोजीशन मज़बूत हुई रूस ने 2019 के बाद पहली बार एशिया में अपनी पोजीशन मज़बूत की है। यूक्रेन वॉर के बाद लगाए गए बैन की वजह से खोए हुए इन्फ्लुएंस को उसने वापस पा लिया है। मॉस्को की बढ़ती रीजनल प्रेजेंस का क्रेडिट काफी हद तक चीन और नॉर्थ कोरिया के साथ उसकी स्ट्रेटेजिक डिफेंस और इकोनॉमिक पार्टनरशिप को जाता है। रूस 2024 में ऑस्ट्रेलिया से हारे अपने पांचवें स्थान पर वापस आ जाएगा। दूसरी मिडिल पावर्स के मुकाबले जापान का इन्फ्लुएंस बढ़ा है। यह मज़बूत इकोनॉमिक, टेक्नोलॉजिकल और डिप्लोमैटिक इनिशिएटिव को दिखाता है, जो टोक्यो को एशिया के बदलते पावर डायनामिक्स में एक ज़्यादा काबिल प्लेयर के तौर पर पोज़िशन करता है। साउथ कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश मिडिल पावर के तौर पर तेज़ी से ज़रूरी भूमिका निभा रहे हैं।

ताजिकिस्तान में ड्रोन हमले से चीन को बड़ा झटका, सीमा के पास खदान में हुई मौतें

खटलोन  अफगानिस्तान की सीमा से सटे ताजिकिस्तान में चाइनीज इंजीनियरों पर ड्रोन से घातक हमला हुआ है. इस हमले में 3 चाइनीज मारे गए हैं. ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ये हमला UAV से किया गया. इस UAV में ग्रेनेड और विस्फोटक लोड थे. इससे एक माइनिंग साइट पर हमला किया गया. ताजिकिस्तान का दावा है कि ये हमले सीमा पार से किए गए थे. विदेश मंत्रालय के मुताबिक र रात को ताजिकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी खटलोन इलाके में एक कैंप हाउसिंग कंपनी के कर्मचारियों को निशाना बनाकर हमला किया गया.  यह हमला योल बॉर्डर डिटैचमेंट में फर्स्ट बॉर्डर गार्ड पोस्ट "इस्तिकलोल" के पास एलएलसी शोहिन एसएम वर्कर्स कैंप को निशाना बनाकर किया गया था. माइनिंग कंपनी एलएलसी शोहिन ताजिकिस्तान में गोल्ड माइनिंग का काम करती है. ताजिकिस्तान ने कहा, "ताजिकिस्तान और अफ़गानिस्तान के बीच बॉर्डर वाले इलाकों में सुरक्षा बनाए रखने और शांति और स्थिरता का माहौल बनाने की ताजिकिस्तान की लगातार कोशिशों के बावजूद अफ़गानिस्तान के इलाके में मौजूद क्रिमिनल ग्रुप्स की खतरनाक हरकतें अभी भी जारी हैं." मंत्रालय ने "आतंकवादी ग्रुप्स की इन हरकतों" की निंदा की और अफ़गान अधिकारियों से बॉर्डर के अपने हिस्से को स्थिर और सुरक्षित करने की अपील की.ताजिकिस्तान के अनुसार, "यह हमला हथियारों और ग्रेनेड से भरे ड्रोन से किया गया, जिसमें चीनी नागरिक तीन स्टाफ की मौत हो गई." ताजिकिस्तान में क्या कर रहे थे चाइनीज इंजीनियर कई चीनी कंपनियां ताजिकिस्तान में काम करती हैं. ये कंपनियां खासकर माइनिंग और नेचुरल रिसोर्स के क्षेत्र में काम कर रही हैं. जो अक्सर पहाड़ी बॉर्डर इलाकों में होती हैं. ये पहाड़ी और बॉर्डर इलाका दोनों देशों के बीच लगभग 1,350 किलोमीटर तक फैला हुआ है. ये चाइनीज वर्कर ताजिकिस्तान में माइनिंग और कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में शामिल थे. ताजिकिस्तान और अफगानिस्तान के इस बॉर्डर पर समय समय पर दिक्कतें होती रहती है.  ताजिकिस्तान ने कहा कि उसने एक हफ़्ते पहले इस इलाके में अफ़गानिस्तान के दो संदिग्ध ड्रग स्मगलरों को मारने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया था. अगस्त में ताजिक गार्ड्स और अफ़गानिस्तान के रूलिंग तालिबान मूवमेंट के लड़ाकों के बीच फायरिंग भी हुई थी.  चीनी वर्करों को मारने वाला ड्रोन हमला गुरुवार को कलेक्टिव सिक्योरिटी ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन जो एक रीजनल ब्लॉक है की मीटिंग से पहले हुआ.    LLC Shohin SM क्या काम करती है LLC Shohin SM में धातु की माइनिंग होती है. विशेषकर सीमावर्ती क्षेत्रों में और यहां आमतौर पर तांबा, सोना और अन्य बहुमूल्य धातुओं की खुदाई की जाती है. LLC Shohin SM ताजिकिस्तान के खातलॉन प्रांत के शोहिन जिले में सोने की खदान चलाती है. यह एक चीनी-ताजिक जॉइंट वेंचर है, जिसमें मुख्य निवेश और तकनीक चीन की कंपनी Tibet Huayu Mining Co. Ltd से आता है. यह खदान जिलाउ और आसपास के क्षेत्रों में सोने की खोज और उत्पादन करती है, जो ताजिकिस्तान के सबसे बड़े सोने के भंडारों में से एक है. अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान में नया तनाव यह हमला मध्य एशिया में नए तनाव को जन्म दे रहा है. जहां चीन का करोड़ों डॉलर का निवेश है. इस घटना ने ताजिकिस्तान को चीन और रूस के बीच एक संवेदनशील भूमिका में खींच लिया है, जहां चीन अपने निवेश और सुरक्षा हितों को बढ़ाने के लिए ताजिकिस्तान की सरकार पर दबाव डाल रहा है, जबकि ताजिकिस्तान की सरकार आंतरिक अस्थिरता और चीन की बढ़ती उपस्थिति के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है. ​ हमले ने चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) परियोजनाओं की सुरक्षा को भी चुनौती दी है, जिससे चीन के निवेश और आर्थिक रणनीति पर खतरा उत्पन्न हुआ है. इसके अलावा, चीन अफगानिस्तान के तालिबान सरकार के साथ भी आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिससे तालिबान के साथ चीन के रिश्तों में भी नए आयाम उभर रहे हैं. 

भारत के तेजस विमान में कोई समस्या नहीं, HAL ने दिया भरोसा

बेंगलुरु  हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डीके सुनील ने दुबई एयर शो में लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (एलसीए) तेजस के क्रैश होने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण हादसा बताया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस घटना से तेजस कार्यक्रम के भविष्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। एएनआई के नेशनल सिक्योरिटी समिट में रक्षा निर्यात पर बोलते हुए डीके सुनील ने कहा- तेजस में बिल्कुल कोई समस्या नहीं है। मैं इस मंच से ये घोषणा करता हूं। यह एक बहुत शानदार एयरक्राफ्ट है। यह पूरी तरह सुरक्षित है और इसका सुरक्षा रिकॉर्ड दुनिया में सबसे बेहतरीन है। दुबई में जो हुआ, वह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। इसका तेजस के भविष्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। बता दें कि यह पहला मौका था जब तेजस विदेशी धरती पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ। वहीं जब से तेजस बना है तब से केवल दो बार ही क्रैश हुआ है। वहीं 1993 से 2013 तक दुनिया की सुपरपावर कहे जाने वाले अमेरिका में 174 एयरशो क्रैश हुए, जिनमें 91 लोग मारे गए। एचएएल चेयरमैन ने कहा- जब कोई देश आगे बढ़ता है और अपनी खुद की टेक्नोलॉजी विकसित करता है तो उसे कई चरणों से गुजरना होता है। आज हमने नई क्षमता के साथ इस 4.5 जेनरेशन के एयरक्राफ्ट को बनाया है। यह एक बहुत बड़ी सफलता है और हम इस पर गर्व करते हैं। लोग तो बातें करेंगे ही और सवाल उठाएंगे लेकिन इससे हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि ये पूरी तरह से सुरक्षित एयरक्राफ्ट है। इसके भविष्य को लेकर कोई सवाल ही नहीं है। हमारे पास करीब 180 तेजस हैं और यह संख्या आगे बढ़ेगी। हम पास इस विमान के लिए एक्सपोर्ट मार्कट भी होगी।" HAL के फ्यूचर प्रोजेक्ट HAL के भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के चेयरमैन ने कहा कि हम U-CAV – 'CATS वॉरियर' बना रहे हैं। यह अगले साल तक तैयार हो जाएगा, और हमें उम्मीद है कि यह 2027 तक उड़ान भरेगा। उन्होंने कहा कि हम UHM (यूटिलिटी हेलीकॉप्टर मैरीटाइम)- डेक-बेस्ड वर्जन के लिए यूटिलिटी हेलीकॉप्टर पर भी काम कर रहे हैं। यह इस साल उड़ान भरना शुरू कर देगा, और दो साल में डिलीवरी होगी… उन्होंने कहा कि सरकार की नीति है कि भारत वैश्विक स्तर पर उभरे और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने। डीके सुनील ने कहा- यह सरकार की नीति है कि हम ग्लोबल बनें। निर्यात भारत सरकार और कंपनी के आउटरीच का परिणाम हैं। हम जो क्षमता विकसित कर रहे हैं, उसका यह तार्किक विस्तार है। गौरतलब है कि दुबई एयर शो-2025 के दौरान भारतीय वायुसेना का तेजस लड़ाकू विमान प्रदर्शन के समय क्रैश हो गया था। इस हादसे में विंग कमांडर नमांश स्याल मारे गए। वर्तमान में मलेशिया, अर्जेंटीना, मिस्र, फिलीपींस सहित कई देश तेजस में रुचि दिखा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में रक्षा निर्यात को 35,000 करोड़ रुपये तक ले जाना है।

राम माधव ने दिल्ली ब्लास्ट पर जताई चिंता, आतंकवाद को लेकर धारणाओं पर रखा जोर

नईदिल्ली  फरीदाबाद से सामने आया आतंक का डॉक्टर वाला रूप इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी मॉड्यूल के तहत दिल्ली के लाल किले के सामने हुए आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता राम माधव ने कहा कि इस घटना ने आतंक से जुड़े बहुत सारे मिथकों को तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर यह धारणा बनी हुई है कि शिक्षा का आतंकवाद से कोई लेना देना नहीं है। यह गरीबी का परिणाम है। इस घटना ने साबित कर दिया कि आतंकवाद का शिक्षा या गरीबी से कोई लेना देना नहीं है, यह एक धारणा, एक सोच का परिणाम है। एएनआई से बातचीत करते हुए संघ के नेता ने कहा कि किसी एक धर्म को पूरी तरह से आतंकवाद से नहीं जोड़ा जा सकता, लेकिन एक यह भी नहीं भूलना चाहिए कि आतंकवादी का धर्म होता है। उन्होंने कहा, "दिल्ली लाल किला ब्लास्ट के मामले का मुख्य आतंकी अपने कुकर्मों को सही ठहराने के लिए कुरआन की आयतों का हवाला दे रहा है… हम मानें या न मानें आतंकवादियों की धार्मिक प्रेरणा होती है। इस बात को अब और नकारा नहीं जा सकता है। इसलिए हमें इस बात को अब नकार देना चाहिए कि पढ़े लिखे लोग आतंकवादी नहीं हो सकते। दुनिया ने देखा है कि ओसामा बिन लादेन इंजीनियर था, अल जवाहिरी डॉक्टर था और आतंकवादी भी था।" उन्होंने कहा, "दूसरी बात हमें इस बात को भी खारिज कर देना चाहिए की आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता… हां, हम किसी एक धर्म को पूरी तरह से आतंकवाद के साथ नहीं जोड़ सकते हैं, लेकिन इतना तय है कि एक आतंकवादी का अपना धर्म होता है। लोग धार्मिक आधार पर आतंक की तरफ बढ़ते जा रहे हैं। हमें इस मुद्दे को लेकर अब तार्किक तरीके से सोचना होगा।" संघ नेता ने आतंकवादियों को भटका हुआ नौजवान बताकर बचाने वाले लोगों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “अगर आप इसे (आतंकवाद को) यूं ही नकारते रहेंगे, तो आप फिर वही पुराना बचाव वाला और माफी मांगने वाला प्रचार कर रहे हैं। हमारे देश में ऐसे बुद्धिजीवियों की कमी नहीं है। अब समय आ गया है कि हम सभी को इसका खड़े होकर मुकाबला करना चाहिए। हमारे लिबरल बुद्धिजीवी और मुस्लिम बुद्धिजीवियों को भी इन बातों पर खुलकर सामने आना चाहिए।” आपको बता दें, यह पूरी बात फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टर मॉड्यूल से जुड़ी हुई है। इसमें इन आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ था। लाल किले के पास कार में आत्मघाती हमला करने वाला भी आतंकी उमर भी एक डॉक्टर था। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और अभी तक कई गिरफ्तारियाँ भीदिल हो चुकी हैं।