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आठवें वेतन आयोग अपडेट: सरकारी नौकरी में भी प्राइवेट जैसा सैलरी और इनाम, जोर होगा Efficiency और Accountability पर

नई दिल्ली  केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है. जल्द ही 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू हो सकता है, और इसके साथ सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी टर्म्स ऑफ रेफरेंस (Terms of Reference) के अनुसार, सरकार अब सरकारी नौकरियों की तनख्वाह को निजी क्षेत्र के बराबर लाने पर विचार कर रही है. इसका मकसद है कि सरकारी नौकरियां भी उतनी ही आकर्षक और प्रतिस्पर्धी बनें, जितनी निजी कंपनियों में होती हैं. अगर सरकार इन नई सिफारिशों को मंजूरी दे देती है, तो कर्मचारियों को निजी कंपनियों जैसा सैलरी स्ट्रक्चर मिल सकता है. इसमें खास जोर कार्यकुशलता (Efficiency), जवाबदेही (Accountability) और जिम्मेदारी (Responsibility) पर दिया जाएगा, ताकि हर विभाग में उत्पादकता (productivity) बढ़े और काम का बेहतर नतीजा सामने आए. आयोग को दी गई बड़ी जिम्मेदारी इस आयोग को ऐसा ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, जो कुशल और प्रतिभाशाली लोगों को सरकारी क्षेत्र में काम करने के लिए आकर्षित करे. अब सरकार चाहती है कि सरकारी नौकरी को सिर्फ “सुरक्षित रोजगार” नहीं, बल्कि एक ऐसा करियर माना जाए, जिसमें तरक्की, अच्छे वेतन और विकास के अवसर हों. वित्त मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, आयोग यह मूल्यांकन करेगा कि सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतनमान को किस तरह निजी क्षेत्र के लेवल के करीब लाया जा सकता है. खासकर उन पदों के लिए जहां तकनीकी विशेषज्ञता या स्पेशलाइज्ड नॉलेज की जरूरत होती है. इसका मतलब यह हो सकता है कि आईटी (IT), डेटा एनालिटिक्स (Data Analytics), इंजीनियरिंग (Engineering), विज्ञान (Science) और प्रशासन (Administration) जैसे क्षेत्रों के कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा किया जा सकता है. इससे सरकार को न केवल कुशल कर्मचारियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी, बल्कि युवा पेशेवरों को भी सरकारी नौकरियों की ओर आकर्षित किया जा सकेगा. रिजल्ट देने वालों को मिलेगा बड़ा इनाम नया सैलरी स्ट्रक्चर ऐसा होगा जो रिजल्ट पर आधारित (Result-oriented) होगा, जिसमें कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन (Performance) के अनुसार इनाम और पदोन्नति मिलेगी. इससे सरकारी कामकाज का कल्चर अधिक आधुनिक और पारदर्शी बन सकेगा. प्राइवेट सेक्टर में भी इसी आधार पर पदोन्नति होती है और सैलरी में इजाफा होता है. सबसे खास बात यह है कि 8वें वेतन आयोग में परफॉर्मेंस-बेस्ड बोनस सिस्टम (Performance-Linked Bonus) की सिफारिश की जा सकती है. यानी अब हर कर्मचारी को समान वेतन वृद्धि नहीं मिलेगी, बल्कि जो कर्मचारी मेहनत करेंगे और इनोवेशन दिखाएंगे, उन्हें ज्यादा मिलने की संभावना होगी. 7वें वेतन आयोग का फोकस सैलरी स्ट्रक्चर को सरल और संतुलित बनाना था, जबकि इस बार 8वां आयोग मेरिट (Merit) और कंपटीशन (Competition) पर आधारित ढांचा तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है. अगर यह नया सैलरी स्ट्रक्चर लागू हो जाता है, तो भारत में सरकारी नौकरियों की छवि पूरी तरह बदल सकती है. अब सरकारी नौकरी को सिर्फ स्थायी और सुरक्षित मानने की बजाय, लोग इसे एक बेहतर, चुनौतीपूर्ण और सम्मानजनक करियर विकल्प के रूप में देखेंगे.

महाप्रभु के भक्तों के साथ धोखा, तिरुपति मंदिर ट्रस्ट ने बेचा नकली घी, 250 करोड़ का वित्तीय घोटाला

तिरुमला तिरुपति मंदिर से जुड़े लड्डू विवाद में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. एक डेयरी जिसने कभी दूध या बटर (मक्‍खन) का एक कतरा भी नहीं खरीदा, उसने तिरुपति मंदिर ट्रस्‍ट या तिरुमला तिरुपति देवस्‍थानम (TTD) को 60 महीने यानी 5 साल में 68 लाख किलोग्राम घी की सप्‍लाई कर दी. CBI की जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है. मिलावटी घी से पवित्र लड्डू बनाने के मामले की जांच के दौरान यह बात सामने आई है. सीबीआई के इस खुलासे से कई सवाल उठने लगे हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि TTD में ऐसी कोई व्‍यवस्‍था नहीं थी कि महीनों से चले आ रहे करोड़ों रुपये के इस महाघोटाले का समय रहते पता लगाया जा सके. बता दें कि तिरुपति मंदिर के पवित्र लड्डू को प्रसाद के तौर पर लखों-करोड़ों भक्‍त खरीदते हैं. TTD (आंध्र प्रदेश के विख्यात तिरुपति मंदिर का संचालन करने वाला ट्रस्ट) में लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी में भारी स्तर पर मिलावट का बड़ा घोटाला सामने आया है. सीबीआई की विशेष जांच टीम (SIT) की जांच में पता चला है कि उत्तराखंड की एक डेयरी ने 2019 से 2024 के बीच 68 लाख किलोग्राम घी की सप्लाई TTD को की, जिसकी कीमत लगभग 250 करोड़ रुपये थी. चौंकाने वाली बात यह है कि वह डेयरी किसी भी स्रोत से न तो दूध खरीदती थी और न ही मक्खन. गजब का अपनाया ट्रिक CBI के अनुसार, हरिद्वार जिले के भगवाणपुर में स्थित भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी के प्रमोटर पामिल जैन और विपिन जैन ने एक फर्जी देसी घी उत्पादन यूनिट खड़ी की. उन्होंने दूध और मक्खन की खरीद से संबंधित दस्तावेज़ फर्जी तरीके से बनाए और पेमेंट रिकॉर्ड्स में हेरफेर किया, ताकि यह दिखाया जा सके कि घी का उत्पादन नियमित रूप से हो रहा है. जांच में गिरफ्तार किए गए आरोपी अजय कुमार सुगंध ने SIT को जानकारी दी कि वह डेयरी को मोनोडाइग्लिसराइड्स (monodiglycerides) और एसेटिक एसिड एस्टर जैसे केमिकल सप्लाई करता था. ये रसायन औद्योगिक और खाद्य मिलावट में उपयोग होते हैं और घी में बनावट व स्थिरता बढ़ाने के लिए मिलाए जाते थे. 2022 में ब्लैकलिस्ट होने के बाद भी जारी रही सप्लाई  रिपोर्ट के अनुसार, भ्रष्टाचार और मिलावट की शिकायतों के आधार पर TTD ने साल 2022 में भोले बाबा डेयरी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था. CBI के अनुसार, इसके बाद भी डेयरी मालिकों ने अन्य डेयरी फर्मों के नाम पर टेंडर हासिल कर घी की सप्लाई जारी रखी. इनमें वैष्णवी डेयरी (तिरुपति), माल गंगा डेयरी (उत्तर प्रदेश) और AR डेयरी फूड्स (तमिलनाडु) शामिल हैं. CBI ने अपनी रिमांड रिपोर्ट में बताया कि घी के कई स्टॉक जानवरों की चर्बी मिलाकर तैयार किए गए थे. जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जुलाई 2024 में TTD ने AR डेयरी से आए चार टैंकर घी को मिलावट के चलते रिजेक्ट कर दिया था. लेकिन वे टैंकर डेयरी प्लांट में वापस नहीं लौटे. FSSAI और SIT ने जांच में पाया कि उन्हें सीधे वैष्णवी डेयरी के पास ले जाया गया.

अमेरिका में शटडाउन से उड़ानों का बवाल, 3300 рейट्स रद्द और एयरलाइन स्टाफ छुट्टी पर

वाशिगटन  अमेरिका में शटडाउन के बीच अब एयर ट्रैवल का भी संकट खड़ा हो गया है। रविवार को विमानन कंपनियों ने 3300 उड़ानें रद्द कर दीं। वहीं परिवहन मंत्री सीन डफी ने चेतावनी दी कि यदि ट्रंप सरकार का ‘शटडाउन’ (सरकारी कामकाज के लिए वित्तपोषण की कमी) ‘थैंक्सगिविंग’ अवकाश तक जारी रहता है तो पूरे देश में हवाई यातायात ‘‘बहुत धीमा होकर लगभग ठप’’ पड़ सकता है। देश के 40 सबसे व्यस्त हवाई अड्डों पर उड़ानों में व्यवधान तीसरे दिन भी जारी है जिससे स्थिति और बिगड़ने लगी है। वहीं इतने बड़े पैमाने पर उड़ानें प्रभावित होने के बाद शटडाउन खत्म होने पर भी बात बनती हुई नजर आ रही है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के एक समूह ने स्वास्थ्य देखभाल सब्सिडी के विस्तार की गारंटी के बिना चर्चा करने पर सहमति व्यक्त की जिससे उनके ‘कॉकस’ के कई सदस्य नाराज हो गए। इस ‘कॉकस’ का कहना है कि अमेरिकी लोग चाहते हैं कि सब्सिडी को लेकर लड़ाई जारी रखी जाए। आवश्यक प्रक्रिया की शृंखला के तहत पहला कदम उठाते हुए सीनेट में मत विभाजन में सरकार के कामकाज को वित्तपोषित करने के मकसद से समझौता विधेयक पारित करने के लिए 60-40 मतों से मतदान हुआ। इसने बाद में ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट टैक्स क्रेडिट’ पर मतदान किया गया जो एक जनवरी को समाप्त होने वाला है। वहीं ‘अमेरिकी फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन’ (एफएए) ने संघीय 'शटडाउन' के बीच देशभर में उड़ानों को कम करने का आदेश दिया है। दरअसल कई हवाई यातायात नियंत्रकों ने वेतन न मिलने के कारण काम पर आना बंद कर दिया है जिसके कारण यह आदेश जारी किया गया। हवाई यात्रा में व्यवधानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटअवेयर’ के अनुसार, अकेले रविवार को लगभग 7,000 उड़ानों में देरी की सूचना मिली और 2,100 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं। शुक्रवार को 1,000 से अधिक और शनिवार को 1,500 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। एफएए की कटौती शुक्रवार को चार प्रतिशत से शुरू हुई थी और 14 नवंबर तक यह 10 प्रतिशत तक बढ़ जाएगी। यह कटौती स्थानीय समयानुसार सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी और सभी वाणिज्यिक विमानन कंपनियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा। डफी ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर ‘शटडाउन’ जारी रहा तो अमेरिकी हवाई यातायात में भारी गिरावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि उड़ानों में शायद 20 प्रतिशत तक कटौती की जरूरत पड़ सकती है, खासकर तब जब नियंत्रकों को लगातार दूसरी बार वेतन नहीं मिल रहा है।

हिमंत सरकार का बहुविवाह पर कानून: असम में एक से अधिक शादी करने वालों को होगी 7 साल की जेल

गुवाहाटी  असम मंत्रिमंडल ने  'असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025' को मंजूरी दे दी. इसका उद्देश्य छठे अनुसूचित क्षेत्रों को छोड़कर राज्य में बहुविवाह और बहुपत्नी विवाह की प्रथाओं को प्रतिबंधित और समाप्त करना है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को घोषणा की कि यह विधेयक 25 नवंबर को असम विधानसभा सत्र में पारित करने के लिए पेश किया जाएगा. बहुविवाह उस व्यक्ति के संबंध में निषिद्ध है जो विवाह नहीं करेगा यदि उसका कोई जीवित जीवनसाथी है या वह कानूनी प्रक्रिया का पालन करके दूसरे जीवनसाथी से कानूनी रूप से अलग नहीं हुआ है या किसी ऐसे विवाह का पक्षकार है जो अभी तक तलाक के आदेश द्वारा भंग या रद्द नहीं हुआ है. असम बहुविवाह निषेध विधेयक, 2025, पीड़ित महिलाओं को मुआवजा प्रदान करने का प्रयास करता है क्योंकि बहुविवाह के कारण उन्हें अत्यधिक पीड़ा और कष्ट सहना पड़ता है. असम के मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी के लोक सेवा भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'समाज को ऐसी प्रथाओं के अभिशाप से बचाने के लिए समाज को सुव्यवस्थित करने के घोषित उद्देश्य से यह विधेयक तैयार किया गया है.' उन्होंने आगे कहा कि इस विधेयक के तहत दूसरी या इससे अधिक बार विवाह करने वाले व्यक्तियों के लिए 7 वर्ष के कठोर कारावास का प्रावधान होगा. इसके साथ ही सरकार ने राज्य के विकास के लिए कई अन्य योजनाओं की स्वीकृति दी. असम मंत्रिमंडल ने रंगमहल, उत्तरी गुवाहाटी में अत्याधुनिक न्यायिक टाउनशिप के निर्माण कार्य के पहले चरण के लिए 478.78 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की. इसके साथ ही हाईकोर्ट परसर डेवलपेंट प्लान को भी शामिल किया गया है. राज्य मंत्रिमंडल ने असम स्टार्टअप और नवाचार नीति 2025-30 को भी मंजूरी दे दी है जो अगले 5 वर्षों में असम को उद्यमिता और नवाचार के लिए भारत के अग्रणी केंद्रों में से एक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. 5 वर्षों की अवधि के लिए कुल वित्तीय लागत 397 करोड़ रुपये है. तकनीकी स्टार्टअप के लिए 20 लाख रुपये तक, एमवीपी बनाने और उत्पादों का परीक्षण करने के लिए डीप-टेक स्टार्टअप के लिए 40 लाख रुपये तक, सीड फंड (असम स्टार्टअप सीड फंड, इक्विटी-आधारित) – इक्विटी या सह-निवेश (अधिकतम 4फीसदी इक्विटी हिस्सेदारी के साथ) के लिए सरकारी कोष के रूप में प्रति स्टार्टअप 50 लाख रुपये तक का प्रावधान किया गया है. स्टार्टअप वेंचर, कैपिटल फंड, स्केल-अप के लिए विकास पूंजी के रूप में प्रति स्टार्टअप 10 करोड़ रुपये तक. राज्य मंत्रिमंडल ने असम के स्वायत्त, पीडीयूएएम, मॉडल डिग्री, प्रांतीय, सरकारी कॉलेजों के सहायक प्रोफेसरों और पुस्तकालयाध्यक्षों के संबंध में करियर उन्नति योजना (सीएएस) के तहत पदोन्नति के प्रभावी होने की तारीख के निर्धारण को मंजूरी दे दी है. राज्य मंत्रिमंडल ने उच्च शिक्षा प्रदान करने के लिए अविभाजित शिवसागर, अधिमानतः चराइदेव जिला में एक शिक्षण, आवासीय और संबद्ध विश्वविद्यालय की स्थापना और गठन के लिए एसयू-केए-पीएचए विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है.

पाकिस्तान ने S-400 के लिए की गंदी हरकत, रूस में बदनाम, ISI का सीक्रेट एजेंट अब गिरफ्त में

मॉस्को  भारत के खिलाफ साजिश रचने में जुटे पाकिस्तान की एक बार फिर इंटरनेशनल बेइज्जती हुई है. रूस ने उसकी खुफिया एजेंसी ISI के जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. यह नेटवर्क रूस से एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम जैसे S-400 और हेलिकॉप्टर टेक्नॉलजी चुराने की कोशिश में था. रूस की यह कार्रवाई भारत की सुरक्षा दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि जिन तकनीकों को निशाना बनाया गया था, वे भारतीय वायुसेना के आधुनिक रक्षा तंत्र का हिस्सा हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस की खुफिया एजेंसियों ने सेंट पीटर्सबर्ग में एक रूसी नागरिक को गिरफ्तार किया, जो ISI के लिए काम कर रहा था. सीक्रेट डॉक्यूमेंट की तस्करी होने से पहले ही भंडाफोड़ हो गया. उसके पास से ऐसे दस्तावेज बरामद हुए हैं जो सैन्य हेलिकॉप्टर और एयर डिफेंस सिस्टम के डेवलपमेंट में इस्तेमाल होते हैं. इनमें Mi-8 AMTShV से जुड़ी संवेदनशील तकनीकी जानकारियां शामिल थीं. यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब भारत ने हाल ही में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में बैठे आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया था. पाकिस्तान ने वापस हमला करने की कोशिश की, लेकिन S-400 इसमें गेम चेंजर साबित हुआ. पाकिस्तान के जेट भारत की सीमा में भी नहीं आ सके. माना जा रहा है कि उसी के बाद पाकिस्तान ने रूस में अपनी जासूसी गतिविधियां बढ़ाईं. रिपोर्ट्स के अनुसार, ISI का यह नेटवर्क रूस के एडवांस्ड S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम से जुड़ी जानकारियां हासिल करने की कोशिश कर रहा था. वही सिस्टम जिसने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारतीय वायुसेना को निर्णायक बढ़त दिलाई थी. भारतीय वायुसेना के पास S-400 भारतीय वायुसेना के पास फिलहाल S-400 मिसाइल सिस्टम की तीन यूनिट हैं, और भारत ने रूस से पांच और सिस्टम खरीदने की योजना बनाई है. ISI की यह कोशिश सीधे तौर पर भारत की सामरिक बढ़त को कमजोर करने के मकसद से की गई थी. रूस की जांच एजेंसियों ने इस पूरे मामले को ‘काउंटर-एस्पियोनेज ऑपरेशन’ यानी गुप्तचर विरोधी अभियान के तहत अंजाम दिया. गिरफ्तार किए गए व्यक्ति से फिलहाल पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस जासूसी रैकेट में पाकिस्तान के दूतावास या अन्य विदेशी एजेंसियों की कोई भूमिका है. रूस ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है. वहीं इससे पहले पिछले हफ्ते मॉस्को स्थित पाकिस्तानी अखबार फ्रंटियर पोस्ट में छपी ‘एंटी-रशियन’ रिपोर्ट्स पर भी रूसी दूतावास ने आपत्ति जताई थी. रूसी दूतावास ने साफ कहा कि ‘ऐसे लेख से रूस की छवि खराब करने की कोशिश हो रही है.’

लखनऊ RSS दफ्तर पर हमले की तैयारी, गुजरात में ISIS के आतंकियों पर कार्रवाई

अहमदाबाद गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ संयुक्त अभियान में बीते दिन अहमदाबाद से तीन ISIS से जुड़े आतंकियों को गिरफ्तार किया था. ये आतंकी गुजरात और देशभर में बड़े आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे. अब पता चला है कि आतंकियों ने लखनऊ में आरएसएस दफ्तर और दिल्ली में आजादपुर मंडी की रेकी की थी. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आजाद सुलेमान शेख, मोहम्मद सुहैल और अहमद मोहियुद्दीन सैयद के रूप में हुई. सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकी लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय और दिल्ली की भीड़भाड़ वाली आज़ादपुर मंडी की रेकी कर रहे थे. दोनों जगहों को आतंकी हमले के संभावित निशाने के तौर पर चुना गया था. जांच में खुलासा हुआ है कि शेख और सुहैल ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार जुटाए और उन्हें गांधीनगर के एक कब्रिस्तान में छिपाया. वहीं, हैदराबाद निवासी मोहियुद्दीन को ये हथियार लेकर वापस लौटना था लेकिन गुजरात ATS ने समय रहते कार्रवाई कर मोहियुद्दीन को शुक्रवार रात ही गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से चार विदेशी पिस्तौल, 30 कारतूस और 40 लीटर कैस्टर ऑयल बरामद हुए. आतंकियों के मोबाइल रिकॉर्ड से खुलासा मोहियुद्दीन के मोबाइल की जांच में उसके दो साथियों के संपर्क और पूरे मॉड्यूल की गतिविधियों का पता चला. इसके बाद ATS ने दोनों अन्य आतंकियों को भी गिरफ्तार किया. गुजरात ATS के DIG सुनील जोशी के मुताबिक, "डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद उच्च शिक्षित व्यक्ति है, जो चीन से MBBS की पढ़ाई कर चुका है. वह ISIS-खुरासान प्रांत के सदस्य अबू खादिम से संपर्क में था, जिसने उसे भारत विरोधी गतिविधियों के लिए फंड इकट्ठा करने और भर्ती अभियान चलाने की जिम्मेदारी दी थी." मोहियुद्दीन साइनाइड से बना रहा था जहरीला पदार्थ पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि मोहियुद्दीन साइनाइड से जहरीला पदार्थ तैयार करने की कोशिश कर रहा था. फिलहाल ATS यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की सप्लाई कैसे हुई थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य स्लीपर सेल कहां सक्रिय हैं.

आसिम मुनीर बनने जा रहे हैं पाकिस्तान के ‘बादशाह’, जानें वह संशोधन जो बदल देगा सत्ता का समीकरण

इस्लामाबाद   पाकिस्तान में यूं तो बहुत सालों से सरकार और सेना में कोई खास फर्क नहीं रहा है लेकिन अब ये मामला कानूनी रूप लेने जा रहा है. वैसे तो आसिम मुनीर के आगे शहबाज शरीफ की चलती ही कहां थी, पर अब वे वाकई कठपुतली ही बनकर रह गए हैं. पाकिस्तान के अंदर भी इसका विरोध हो रहा है लेकिन आसिम मुनीर के आगे बेबस सरकार उन्हें कानून में संशोधन करके थाली में परोसकर पावर दे रही है. चलिए जानते हैं कि आखिर वो कौन सा 27वां संशोधन है, जो पाकिस्तान की राजनीति के साथ-साथ इतिहास भी बदलने वाला है. Article 243, जो सेना के नियंत्रण से जुड़ा है, उसमें संशोधन की तैयारी है। इस अनुच्छेद के अनुसार, अभी सेना की सर्वोच्च कमान राष्ट्रपति के पास है, पर सरकार इसे बदलना चाहती है.’डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के नए संशोधन के बाद चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज का नया पद बनाया गया है, जो तीनों सेनाओं – थलसेना, नौसेना और वायुसेना की कमान संभालेगा. पाकिस्तान में चेयरमैन, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमिटी (CJCSC) का पद खत्म कर दिया जाएगा. इस पद पर पाकिस्तान में इस वक्त जनरल साहिर शमशाद मिर्जा बैठे हैं, जिनका कार्यकाल 27 नवंबर को समाप्त हो रहा है. कानून मंत्री आजम नजीर तारड़ ने संसद में बताया कि अब इस पद पर किसी नई नियुक्ति की जरूरत नहीं होगी क्योंकि आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर खुद इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे. सीधा-सीधा कहें तो अब जनरल मुनीर अब तीन प्रमुख पदों पर रहेंगे –     चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (COAS)     चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF)     तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर     सारे संवैधानिक पद होंगे बेमाने संशोधन के तहत अब राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री की सलाह पर आर्मी, नेवी और एयर चीफ की नियुक्ति करेंगे, लेकिन इन तीनों सेनाओं का कुल नियंत्रण CDF यानी जनरल मुनीर के पास रहेगा. एक नया पद कमांडर ऑफ नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड बनाया जा रहा है, जो पाकिस्तान के परमाणु हथियारों और रणनीतिक बलों की निगरानी करेगा. यह पद भी सेना के किसी अधिकारी को मिलेगा, जिसे CDF की सिफारिश पर प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे. इससे पाकिस्तान के परमाणु नियंत्रण पर भी आर्मी चीफ का सीधा असर बढ़ जाएगा. सैन्य अधिकारियों को विशेष सुविधा संशोधन के तहत ऐसे अधिकारी जो फाइव-स्टार रैंक तक पहुंचते हैं, उन्हें विशेष दर्जा मिलेगा. वे जीवनभर यूनिफॉर्म पहन सकेंगे और रैंक से जुड़े हुए सभी विशेषाधिकार मिलते रहेंगे. सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें सरकार की ओर से तय नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी. इसके अलावा उन्हें संवैधानिक सुरक्षा मिलेगी, यानि संसद की प्रक्रिया के अलावा उन्हें हटाया नहीं जा सकेगा. कानून मंत्री तारड़ ने यह भी स्पष्ट किया कि इन उच्च सैन्य पदों को रद्द करने का अधिकार केवल संसद के पास होगा न कि प्रधानमंत्री के पास. सुप्रीम कोर्ट नहीं रह जाएगी ‘सुप्रीम’ सरकार एक संवैधानिक अदालत बनाने की योजना बना रही है, ताकि सुप्रीम कोर्ट की ज्यादा दखलअंदाजी को रोका जा सके. नए प्रावधानों के तहत सुप्रीम जुडिशियल काउंसिल को जजों के ट्रांसफर का अधिकार मिल जाएगा, बिना उनकी सहमति के. सरकार का दावा है कि इससे अदालतों का बोझ घटेगा, लेकिन विपक्ष इसे न्यायपालिका की आजादी पर हमला मान रहा है. संशोधन में यह भी प्रस्ताव है कि संघीय राजस्व में प्रांतों का हिस्सा घटाया जा सके, खासकर आर्थिक संकट के समय.साथ ही, शिक्षा और जनसंख्या नियोजन जैसे विषय दोबारा केंद्र के अधिकार में लाए जा सकते हैं.

सामूहिक नमाज को लेकर बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सियासी विवाद, बीजेपी का सिद्धारमैया पर हमला

बेंगलुरु बेंगलुरु एयरपोर्ट पर सामूहिक नमाज को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल नंबर 2 पर कुछ लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की थी जिसका वीडियो वायरल हो रहा है। बीजेपी का कहना है कि एक तरफ सिद्धारमैया की सरकार आरएसएस पर बैन लगाने की बात करती है तो दूसरी तरफ सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की धार्मिक गतिविधियों का समर्थन करती है। यह सिद्धारमैया का दोहरा रवैया दिखाता है। जानकारी के मुताबिक मक्का की यात्रा पर जाने वाले यात्री टर्मिनल नंबर 2 पर नमाज अदा कर रहे थे। हालांकि टर्मिनल के अंदर नमाज अदा करने के लिए अलग से हॉल भी बनाया गया है। वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि नमाज के वक्त वहां पर सुरक्षाकर्मी और एयरपोर्ट स्टाफ भी मौजूद था। हालांकि किसी ने उनसे अंदर जाकर नमाज अदा करने को नहीं कहा। वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बीजेपी नेता विजय प्रसाद ने कहा, आखिर बेंगलुरु एयरपोर्ट के टर्मिनल 2 पर इसकी इजाजत किसने दी? आदरणीय मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और मंत्री प्रियंक खरगे क्या आपने इसी मंजूरी दी है? क्या इन लोगों ने हाई सिक्योरिटी एयरपोर्ट जोन में नमाज अदा करने की पहले से परमीशन ली थी? उन्होंने कहा कि आखिर कांग्रेस के आरएसएस के कार्यक्रमों, पथ संचालान और शाखाओं से क्या दिक्कत है। कांग्रेस की सरकार इस तरह की चीजों पर आंख बंद कर लेती है जो कि एक गंभीर मसला है। कर्नाटक की सरकार ने एयरपोर्ट पर किसी भी तरह के धार्मिक या फिर राजनीतिक कार्यक्रम पर प्रतिबंध लगाने का फैसाल किया है। इसमें आरएसएस की गतिविधियां भी शामिल हैं। बीते दिनों कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियंक खरगे ने सिद्धारमैया को पत्र लिखकर कहा था कि सार्वजनिक स्थानों पर आरएसएस के कार्यक्रमों पर रोक लगाई जाए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी उनकी मांग का समर्थन करते हुए कहा था कि देश में असली फसाद की जड़ आरएसएस और बीजेपी ही है।

स्कूल में बच्चों का RSS गीत समर्थन, प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया – गीत में है देशभक्ति का संदेश

बेंगलुरु एर्नाकुलम-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के मौके पर स्कूल के छात्रों द्वारा आरएसएस गीत गाने को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। केरल की पिनारायी विजयन की सरकार इस मामले को लेकर सख्त है आर जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसी बीच स्कूल के प्रिंसिपल बच्चों के समर्थन में आ गए हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण रेलवे या फिर किसी केंद्रीय मंत्री के इशारे पर यह 'देशभक्ति गीत' नहीं गाया गया था। सरस्वती विद्यानिकेतन पब्लिक स्कूल एलामक्कारा के प्रधानाचार्य डिंटो केपी ने कहा कि यह एक देशभक्ति गीत था। उन्होंने कहा कि स्कूल के छात्रों ने खुद इस गीत का चयन किया था। उन्होंने यह बात भी मानी है कि दक्षिण रेलवे के एक्स हैंडल से गीत का वीडियो हटाए जाने के बाद स्कूल प्रशासन ने प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल मंत्री को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि आखिर राज्य सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश क्यों दिए हैं। हम इसका कानूनी उपचार सोचेंगे। प्रिंसिपल ने कहा कि जिन बच्चों ने गीत गाया उनपर साइबर अटैक हो रहे हैं और उन्हें 'संघी किड्स' कहकर परेशान किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें परेशान किया जा रहा है। बता दें कि एर्नाकुलम से बेंगलुरु जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के बाद ट्रेन में स्कूली छात्रों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के गीत गाया था। केंद्रीय मंत्रियों ने इस घटना को उचित ठहराते हुए कहा कि यह एक देशभक्ति गीत है। वहीं केरल सरकार ने जांच के आदेश दे दिए। विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना की कड़ी निंदा की और बच्चों को “सांप्रदायिक उद्देश्य” के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति देने के लिए स्कूल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने बच्चों द्वारा इस विशेष गीत के गायन का पुरजोर बचाव करते हुए कहा कि इसका संदेश “अनेकता में एकता” है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि इसमें सांप्रदायिकता की क्या बात है। दक्षिण रेलवे ने छात्रों द्वारा गाए गए गीत का वीडियो और उसका अंग्रेजी अनुवाद रविवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर फिर से पोस्ट किया और लिखा, ‘‘सरस्वती विद्यालय के छात्रों ने एर्नाकुलम बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस के उद्घाटन के दौरान अपने स्कूल गीत की शानदार प्रस्तुति दी।’’

आतंकवादी साजिश में लिप्त डॉक्टर? आदिल के पास मिले हथियार और 300 किलो RDX की खबर ने मचाया हलचल

 फरीदाबाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बहुत बड़े आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है. पुलिस ने दो दिनों पहले गिरफ्तार किए गए डॉक्टर आदिल अहमद की निशानदेही पर हरियाणा के फरीदाबाद से 300 किलोग्राम आरडीएक्स, एक एके-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है. कश्मीर टू फरीदाबाद साजिश का भंडाफोड़ दरअसल 8 नवंबर को श्रीनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) अनंतनाग के पूर्व डॉक्टर आदिल अहमद के लॉकर से एके-47 राइफल बरामद की थी. इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कड़ी पूछताछ शुरू की थी. जानकारी के अनुसार, आदिल अहमद अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के पद पर कार्यरत था लेकिन उसके लॉकर से एक एके-47 राइफल बरामद होने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को उसके आतंकी संगठन जैश से संबंध होने का शक और गहरा गया था. आतंकी संगठन से डॉक्टर का संबंध जैश से संबंधों को लेकर जब पूरे मामले की जांच की गई तो डॉक्टर के ठिकाने (फरीदाबाद) से इतनी भारी मात्रा में आरडीएक्स बरामद की गई है. सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर आदिल अहमद ने पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे किए थे.  उसकी निशानदेही पर ही पुलिस की टीम ने फरीदाबाद में छापेमारी की, जहां से करीब 300 किलो आरडीएक्स, एक एके-47 राइफल, और कई राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. पुलिस का कहना है कि यह विस्फोटक सामग्री किसी बड़े आतंकी हमले में इस्तेमाल की जा सकती थी. आतंकियों की मदद कर रहा था डॉक्टर आदिल जांच में पता चला है कि आरोपी डॉक्टर का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठनों से था और वह लंबे समय से आतंकी गतिविधियों के लिए मददगार के रूप में काम कर रहा था. पुलिस का मानना है कि इस पूरे नेटवर्क में कई राज्यों के लोग शामिल हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं. सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में आरडीएक्स हरियाणा तक कैसे पहुंचा और इनका अंतिम टारगेट क्या था.