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पुलिस ने हिरासत में लिया: दिल्ली धमाके में शामिल डॉक्टरों के परिजन भी फरीदाबाद-पुलवामा में पकड़े गए

नईदिल्ली / फरीदाबाद दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार  शाम हुए कार ब्लास्ट ने राजधानी को दहला दिया. शाम 6:52 बजे हुए इस विस्फोट में 9 लोगों की मौत और 20 घायल हुए. विस्फोट इतना भीषण था कि आसपास की जमीन कांप उठी और पूरा इलाका अफरातफरी में बदल गया. जांच में सामने आया है कि जिस हुंडई i20 कार में ब्लास्ट हुआ, वह घटना से पहले करीब 3 घंटे तक सुनहरी मस्जिद के पास पार्क थी. धमाके के बाद जांच में जुटी दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के हाथों कुछ ऐसे अहम सुराग लगे हैं, जिसके आधार पर शक पैदा हो रहा है कि ये ब्लास्ट फिदायीन आतंकी हमला हो सकता है. दिल्ली धमाके में डॉक्टर्स कनेक्शन जानने वाली बात है कि धमाके से ठीक पहले सोमवार सुबह को ही जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन में दो अलग घरों से 2,900 किलो आईईडी बनाने वाला केमिकल, हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था. यह कार्रवाई जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े एक अंतरराज्यीय आतंकी नेटवर्क के भंडाफोड़ के दौरान हुई थी. इस बरामदगी और दिल्ली धमाके के बीच समय की नजदीकी ने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. साथ ही इस आतंकी हमले में एक डॉक्टर्स कनेक्शन सामने आ रहा है. यानी इस धमाके का कोई भी एक तार पकड़ा जाए तो वह किसी न किसी ऐसे शख्स से जुड़ जा रहा है जो पेशे से डॉक्टर है.  डॉ. आदिल अहमद के लॉकर में  AK-47 धमाके से पहले के घटनाक्रम में सबसे पहले  अनंतनाग में  जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. आदिल अहमद राठर को गिरफ्तार किया.वह अनंतनाग मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर था और उसके लॉकर से पुलिस को AK-47 राइफल मिली था. राठर का संबंध जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद से पाया गया. महिला डॉक्टर की कार में मिली असॉल्ट राइफल  दूसरी गिरफ्तारी 7 नवंबर को हरियाणा के फरीदाबाद से हुई . यहां अल-फलाह यूनिवर्सिटी में ही कार्यरत लखनऊ की एक महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद की कार से 'कैरोम कॉक' नाम की असॉल्ट राइफल मिली. पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि उसका इस पूरी नेटवर्क में क्या रोल था. फिलहाल उसकी पहचान और तस्वीर सार्वजनिक नहीं की गई है. 'रिसिन' जहर बना रहा था डॉ. अहमद मोहियुद्दीन  7 नवंबर को ही गुजरात एटीएस ने अहमद मोहियुद्दीन सैयद नाम के डॉक्टर को पकड़ा. यह डॉक्टर हैदराबाद का रहने वाला है और चीन से पढ़ाई कर चुका है. जांच में पता चला कि वह 'रिसिन' नाम के बेहद जहरीले ज़हर की तैयारी कर रहा था, जो अरंडी के बीजों से बनता है. उसने दिल्ली के आज़ादपुर मंडी, अहमदाबाद के नरोडा फ्रूट मार्केट और लखनऊ के आरएसएस कार्यालय जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों की कई महीनों तक रेकी की थी. डॉ.मुझमिल के पास मिला 2900 kg विस्फोटक इसी ऑपरेशन में 10 नवंबर को चौथी अहम गिरफ्तारी भी फरीदाबाद से ही हुई. यहां डॉ. मुझमिल शकील नाम का कश्मीर का डॉक्टर पकड़ा गया. वह भी अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था. उसके पास से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जो बम बनाने में इस्तेमाल होता है. फिर मुझमिल के ही दूसरे ठिकाने से 2563 किलो विस्फोटक बरामद किया गया. फरीदाबाद पुलिस ने बताया कि शकील कासंबंध जैश जैसे प्रतिबंधित संगठनों से है और वह भी पहले श्रीनगर में आतंकी पोस्टर लगाने में शामिल रहा था. उसकी पहचान अनंतनाग में पकड़े गए अदील अहमद राठर से मिली जानकारी के बाद हुई. डॉ. उमर मोहम्मद के नाम पर थी ब्लास्ट हुई कार i20 इधर, जांच एजेंसियों के अनुसार, लाल किले के पास जिस कार में विस्फोट हुआ वह दक्षिण कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉ. उमर मोहम्मद के नाम पर दर्ज है, जो कार धमाके के समय  कार में मौजूद था. पकड़े गए सारे डॉक्टर न केवल आतंकी संगठनों के संपर्क में थे, बल्कि खुद हथियार और जहरीले केमिकल तैयार कर रहे थे. इन गिरफ्तारियों से एक चीज साफ हो रही है कि आतंक अब देश के प्रतिष्ठित शिक्षित वर्ग में भी अपनी जड़े जमा रहा है यानी शिक्षा का उपयोग सफेद कोट में काले कारनामों के लिए किया जा रहा है. आतंकियों के लखनऊ और लखीमपुर से ऐसे जुड़ रहे तार, सीएम योगी का अधिकारियों को सख्त आदेश दिल्ली में हुए धमाके के बाद जांच एजेंसियों की नजर अब उत्तर प्रदेश पर भी टिक गई है. आतंकी नेटवर्क के तार लखनऊ और लखीमपुर तक जुड़ते दिखाई दे रहे हैं. अहमदाबाद से गिरफ्तार तीन संदिग्धों में एक लखीमपुर के निघासन इलाके का रहने वाला है, जबकि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ की रहने वाली महिला डॉक्टर को गिरफ्तार किया है. दोनों मामलों के बीच मिली कड़ियों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है. लखीमपुर का युवक गुजरात में गिरफ्तार बीते रविवार को गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद से आईएसकेपी मॉड्यूल से जुड़े तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया. इनमें से एक आरोपी मोहम्मद सोहेल, लखीमपुर खीरी जिले के निघासन तहसील के सिंगाही थाना क्षेत्र के झाला गांव का रहने वाला है. सोहेल के परिवार के मुताबिक, वह तीन साल पहले मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में जामिया दारुल उलूम अजीजिया नामक मदरसे में हाफिज की पढ़ाई करने गया था. सोहेल का परिवार गरीब है. पिता सलीम ट्रैक्टर मैकेनिक हैं. घर में मां रुखसाना, छोटे भाई वसीम और बड़े भाई की पत्नी रहती हैं. बड़ा भाई सुम्मी तमिलनाडु में कपड़ा फैक्ट्री में काम करता है. तीन साल पहले सोहेल के एक भाई की करंट लगने से मौत हो चुकी है. परिवार ने बताया कि सोहेल आखिरी बार जून महीने में घर आया था और कुछ दिन रुकने के बाद जुलाई में वापस पढ़ाई के लिए गया था. तब से वह वहीं रह रहा था. परिवार का कहना है कि बेटे ने एक सप्ताह पहले फोन पर बताया था कि वह गुजरात किसी काम से जा रहा है. उन्होंने कहा कि सोहेल फरवरी में पढ़ाई पूरी कर रमजान से पहले घर लौटने वाला था. सुलेमान शेख से भी कनेक्शन गुजरात एटीएस ने जिस मॉड्यूल को पकड़ा है, उसमें लखीमपुर के सोहेल के साथ शामली जिले के चरन गांव का सुलेमान शेख भी शामिल है. सुलेमान भी मुजफ्फरनगर के उसी मदरसे में पढ़ाई कर रहा था, जहां से सोहेल पढ़ रहा था. दोनों की मुलाकात वहीं … Read more

दम घोंट रही दिल्ली की हवा: जहरीले धुएं में घिरी राजधानी, बढ़ा अस्थमा व खांसी का खतरा

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे एनसीआर क्षेत्रों में वायु प्रदूषण का कहर जारी है। हवा की गुणवत्ता लगातार गंभीर  श्रेणी में बनी हुई है जिससे लोगों को सांस लेने में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के सोमवार सुबह के आंकड़ों ने भयावह स्थिति की पुष्टि की है।  मुख्य क्षेत्रों का हाल सोमवार सुबह 7 बजे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) उच्च स्तर पर दर्ज किया गया:     दिल्ली (औसत): 346 (यह गंभीर श्रेणी की शुरुआत है)     नोएडा: 336     गाजियाबाद: 302 दिल्ली के प्रमुख इलाकों में AQI CPCB के अनुसार दिल्ली के कई निगरानी केंद्रों में वायु प्रदूषण 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी के बीच रहा जबकि कुछ स्थानों पर यह 400 के पार चला गया:   इलाका AQI स्तर (सोमवार सुबह) श्रेणी बवाना 412 गंभीर आनंद विहार 379 बहुत खराब बुराड़ी 389 बहुत खराब अशोक विहार 373 बहुत खराब आईटीओ (ITO) 378 बहुत खराब मुंडका 378 बहुत खराब अलीपुर 351 बहुत खराब चांदनी चौक 365 बहुत खराब ओखला 347 बहुत खराब पूसा (PUSA) 348 बहुत खराब     वायु गुणवत्ता का मतलब AQI का 401 से 500 के बीच होना 'गंभीर' माना जाता है जो स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित करता है और पहले से बीमार लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है। 301 से 400 के बीच का AQI 'बहुत खराब' माना जाता है। प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तहत सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है।  

बंगाल की बेटी ऋचा घोष को बड़ा सम्मान: सिलीगुड़ी में बनेगा उनके नाम का स्टेडियम

सिलीगुड़ी भारतीय महिला टीम की स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक और तोहफा दिया है। उन्होंने एलान किया है कि सिलीगुढ़ी में युवा खिलाड़ी के नाम पर स्टेडियम बनेगा। इससे पहले सीएम ने शनिवार (8 नवंबर) को उन्हें बंगभूषण सम्मान और बंगाल पुलिस में डीएसपी का नियुक्ति पत्र देकर सम्मानित किया था।  बता दें कि, भारतीय महिला टीम ने रविवार (2 नवंबर) को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 52 रनों से फाइनल में जीत हासिल कर पहली बार महिला वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। फाइनल में चमकीं थीं ऋचा फाइनल मुकाबले में ऋचा घोष ने 24 गेंदों में तीन चौके और दो छक्के की मदद से 34 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली थी। महिला वनडे विश्व कप 2025 में 22 वर्षीय बल्लेबाज ने शानदार प्रदर्शन किया और एक अर्धशतक की मदद से 235 रन बनाए। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 94 रनों का रहा। दाएं हाथ की बल्लेबाज को उनके अहम योगदान के लिए बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) ने 34 लाख रुपये और सोने के बल्ला और गेंद का रेप्लिका (प्रतिकृति) देकर सम्मानित किया। दो बार चूके, अब पार की आखिरी बाधा एक तरफ जहां दक्षिण अफ्रीका का यह महिला विश्व कप का पहला फाइनल था, वहीं भारतीय टीम तीसरी बार खिताबी मुकाबले में पहुंची थी। भारतीय टीम इससे पहले मिताली राज की अगुआई में 2005 और 2017 में विश्व कप के फाइनल में पहुंच चुकी थी। साल 2005 में दक्षिण अफ्रीका में खेले गए विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 98 रन से हराया था, जबकि 2017 में इंग्लैंड ने घरेलू सरजमीं पर रोमांचक फाइनल में भारत पर नौ रन से जीत दर्ज की की थी। भारतीय टीम दो बार खिताब के करीब आकर इससे चूक गई थी, लेकिन अब वह आखिरी बाधा पार करने में सफल रही है।  

अमेरिका का नया हथियार: लॉन्च होते ही मिसाइल को कर देगा कबाड़, S-400 और आयरन डोम बेकार

नई दिल्ली  अमेरिकी रक्षा और एयरोस्पेस कंपनी लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) ने ऐलान किया है कि वह 2028 तक अंतरिक्ष में अपने ‘स्पेस-बेस्ड मिसाइल इंटरसेप्टर’ का असली परीक्षण करेगा. यह वही हथियार है जो Golden Dome प्रोजेक्ट का सबसे खतरनाक और निर्णायक हिस्सा माना जा रहा है. एक ऐसा सिस्टम जो अंतरिक्ष से ही दुश्मन की मिसाइलों को लॉन्च के कुछ सेकंड में तबाह कर देगा. यह प्रोजेक्ट डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दौरान शुरू हुआ था, जिसका लक्ष्य है अमेरिका को अभेद्य मिसाइल डिफेंस कवच देना – धरती से लेकर अंतरिक्ष तक. लॉकहीड मार्टिन के सीईओ जिम टैकलेट ने अपने एक बयान में कहा, “हम 2028 तक वास्तविक ऑन-ऑर्बिट इंटरसेप्टर टेस्ट करने जा रहे हैं – यह कोई लैब एक्सपेरिमेंट नहीं, बल्कि असली युद्ध-तैयार सिस्टम होगा.” उन्होंने बताया कि कंपनी अब पूरी तरह ऑपरेशनल प्रोटोटाइप्स बना रही है – ऐसी मशीनें जो “टेस्ट स्टैंड पर नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में उड़ेंगी, मिसाइल को हिट करेंगी और उत्पादन के लिए तैयार होंगी.” अगर लॉकहीड मार्टिन का यह प्रोजेक्टकामयाब हो गया, तो फिर एस-400 और आयरन डोम जैसे एयर डिफेंस की जरूरत ही नहीं रह जाएगी. ‘द वॉर ज़ोन’ में प्रकाशित खबर के मुताबिक, लॉकहीड मार्टिन ने अपने वर्जीनिया स्थित Center for Innovation में Golden Dome की कमांड एंड कंट्रोल (C2) प्रणाली का प्रोटोटाइप वातावरण तैयार किया है. यह ओपन आर्किटेक्चर सिस्टम समुद्र से लेकर अंतरिक्ष तक की रक्षा क्षमताओं को एकजुट कर रहा है. कंपनी ने बताया कि इस मिशन में कई इंडस्ट्री पार्टनर्स भी जुड़ चुके हैं ताकि अमेरिका को हर मोर्चे पर ‘सर्वश्रेष्ठ टेक्नोलॉजी बढ़त’ मिले. हालांकि, पेंटागन पूरी परियोजना पर चुप्पी साधे हुए है, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार Golden Dome ऐसा ऑल-डोमेन डिफेंस सिस्टम बनेगा जो आने वाले दशकों तक अमेरिका की अंतरिक्षीय सैन्य ताकत का केंद्र होगा. लॉकहीड मार्टिन का यह मिशन सिर्फ एक परीक्षण नहीं – बल्कि यह संकेत है कि स्पेस अब जंग का नया मैदान बन चुका है. 2028 में जब Golden Dome का इंटरसेप्टर अंतरिक्ष में सक्रिय होगा, तो पूरी दुनिया उसकी रेंज में होगी. अब तक जो जानकारी सार्वजनिक की गई है, उसके अनुसार पेंटागन और व्हाइट हाउस दोनों ने साफ़ कर दिया है कि Golden Dome प्रोजेक्ट का केंद्रबिंदु अंतरिक्ष में तैनात मिसाइल इंटरसेप्टर होंगे. इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि दुश्मन की मिसाइल को अमेरिकी सीमाओं से बहुत दूर ही नष्ट किया जाए, ताकि किसी भी खतरे को देश के भूभाग के करीब आने से पहले ही खत्म किया जा सके. अमेरिकी रक्षा रणनीतिकारों के मुताबिक, बैलिस्टिक मिसाइलें और हाइपरसोनिक हथियार – जिनमें रॉकेट बूस्टर का इस्तेमाल होता है – सबसे ज्यादा कमजोर अपने शुरुआती ‘बूस्ट फेज़’ में होते हैं, यानी लॉन्च के ठीक बाद. अमेरिकी स्पेस फोर्स के प्रमुख जनरल चांस साल्ट्ज़मैन ने मार्च में Defense One को दिए एक इंटरव्यू में कहा था, “हम सिर्फ स्पेस-बेस्ड इंटरसेप्टर नहीं चाहते – हम चाहते हैं कि वे मिसाइल को उसी ‘बूस्ट फेज़’ में मार गिराएं. हम चाहते हैं कि ये हमला हमारे देश से जितना दूर हो सके, वहीं असर दिखाए. इसलिए उन्हें बेहद तेज़ और सटीक होना होगा.” हालांकि, Golden Dome योजना केवल बूस्ट फेज़ में इंटरसेप्शन तक सीमित नहीं है. यह सिस्टम मिड-कोर्स फेज़ (जब मिसाइल पृथ्वी के वायुमंडल से बाहर अंतरिक्ष में होती है) में भी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों (ICBM) जैसी लंबी दूरी की मिसाइलों को ट्रैक और ध्वस्त करने में सक्षम रहेगा. अमेरिका अब ऐसा स्पेस डिफेंस नेटवर्क बना रहा है जो दुश्मन की मिसाइल को उसके लॉन्च होते ही आसमान में खत्म कर दे – ताकि जंग की आग कभी अमेरिकी ज़मीन तक न पहुंच सके.

अहमद अल-शारा का ऐतिहासिक अमेरिका दौरा: ट्रंप की रणनीतियों में बदलाव की संभावना

वॉशिंगटन सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा अमेरिका पहुंच गए हैं और उनकी आज डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात होगी। यह मीटिंग और दौरा बेहद अहम है और इसका असर अमेरिका से हजारों किलोमीटर दूर मिडल ईस्ट तक देखने को मिलेगा। शारा को  ही आतंकी ब्लैक लिस्ट से अमेरिका ने हटाया था और वह  ही वॉशिंगटन पहुंच गए। कई अधिकारियों से मीटिंगों का दौर चला और अब अंत में ट्रंप से वह मिलने वाले हैं। यह मीटिंग बेहद खास है क्योंकि 1946 के बाद यानी करीब 80 साल बाद यह पहला मौका है, जब सीरिया के किसी राष्ट्रपति ने अमेरिका का दौरा किया है। बीते कुछ महीनों में घटनाक्रम तेजी से बदला है। अमेरिका ने सीरिया पर लगीं सारी पाबंदियां हटा ली हैं। इस कदम पर सीरिया की सड़कों पर जश्न देखा गया था। इसके अलावा शारा की भी डोनाल्ड ट्रंप ने काफी तारीफ की थी। माना जा रहा है कि सीरिया को अचानक इतनी तवज्जो देने के पीछे डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की कुछ योजना है। इनमें से एक यह है कि सीरिया को इजरायल के साथ अच्छे रिश्ते रखने के लिए प्रेरित किया जाए। इसके अलावा सीरिया को भी अमेरिका अपने लिए मिडल ईस्ट में एक और चौकी के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है। ऐसा ही इजरायल और अमेरिका के रिश्तों के लिए भी कहा जाता है। रियाद में शारा और डोनाल्ड ट्रंप की मई में मुलाकात हुई थी। सीरिया में अमेरिकी दूत टॉम बैरक ने यह उम्मीद भी जताई है कि शारा और ट्रंप के बीच आतंकवाद के खिलाफ जंग को लेकर भी एक करार होगा। इसके तहत अमेरिका दमिश्क में एक मिलिट्री बेस बनाएगा। माना जा रहा है कि यहां से अमेरिका को इस क्षेत्र में अपनी पकड़ को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट का कहना है कि अहमद अल शारा सरकार से रिश्ते बेहतर हुए हैं। उनका कहना है कि सीरिया में 50 साल के असद शासन की समाप्ति के बाद हालात सुधरे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से सीरिया से पाबंदियां हटने से इलाके में स्थिरता पैदा होगी। UN में भी दशकों बाद सीरिया के नेता ने दिया था भाषण इस तरह शारा की एक विजिट से ट्रंप प्रशासन कई चीजें साधने वाला है। सीरिया की होम मिनिस्ट्री का कहना है कि उसने इस्लामिक स्टेट पर नियंत्रण के लिए 61 रेड मारी हैं और 71 लोगों को अरेस्ट किया है। स्पष्ट है कि शारा की एक विजिट से डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को कई फायदे होने वाले हैं। इससे पहले शारा सितंबर में अमेरिका गए थे और संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लिया था। दशकों बाद ऐसा हुआ था, जब न्यूयॉर्क स्थित यूएन महासभा को सीरिया के नेता ने संबोधित किया। गुरुवार को ही अमेरिका ने सुरक्षा परिषद में भी प्रस्ताव रखा, जिसमें सीरिया से पाबंदियां हटाने की बात शामिल थी। फिलहाल पूरी दुनिया की ही नजर है कि अचानक सीरिया पर अमेरिका की मेहरबानी क्यों है और इसके क्या नतीजे भविष्य में देखने को मिलेंगे।

इंटरव्यू में बिजली कटौती के बीच जेलेंस्की ने दिखाया यथार्थ: पत्रकार को कहा – यही सच

कीव  रूस-यूक्रेन युद्ध को चार साल बीत गए हैं. इतने सालों से युद्ध कर रहे रूस और यूक्रेन में बहुत कुछ बदल गया है. रूस के कुछ हिस्सों में युद्ध का बुरा प्रभाव दिखता है तो यूक्रेन की राजधानी कीव तक में हाल ये है कि ऊर्जा सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं. इसकी एक बानगी तब देखने को मिली, जब वे मरीनस्की पैलेस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की के साथ ब्रिटिश अखबार द गार्जियन का इंटरव्यू चल रहा था. दरअसल ये इंटरव्यू उस वक्त चर्चा में आ गया जब बातचीत के दौरान दो बार बिजली चली गई. इंटरव्यू की वीडियो रिकॉर्डिंग यूट्यूब पर जारी की गई है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि बातचीत के बीच अचानक पूरा हॉल अंधेरे में डूब जाता है. पहली बार बिजली इंटरव्यू की शुरुआत में ही चली गई. इसके बाद कुछ सेकंड तक कमरे में हलचल रही, फिर बैकअप जनरेटर चालू होने के बाद रोशनी लौटी और बातचीत दोबारा शुरू हुई. बोलते-बोलते छा गया अंधेरा इंटरव्यू को जब फिर शुरू किया गया, तो कुछ देर बाद दूसरी बार भी लाइट गुल हो गई. इस बार बातचीत रुकने के बजाय बिना ट्रांसलेटर के ही जारी रही, जब तक कि बैकअप पावर दोबारा चालू नहीं हुआ. इस इंटरव्यू को पत्रकार ल्यूक हार्डिंग रिकॉर्ड कर रहे थे. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि जेलेंस्की ने इस पूरे वाक्ये को बेहद सहजता से लिया और बिजली आने के बाद मुस्कुराते हुए कहा – ‘ये कोई आतंकी हमला नहीं है… ये हमारी जिंदगी की हकीकत है. कीव में और बाकी जगहों पर भी, बिजली का जाना अब आम बात है.’ ऊर्जा ढांचे को पहुंचा है नुकसान जेलेंस्की का यह बयान यूक्रेन की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है, जहां रूसी हमलों के कारण ऊर्जा ढांचे को बार-बार नुकसान पहुंचा है. राजधानी कीव समेत कई शहरों में बिजली आपूर्ति अक्सर बाधित रहती है और लोग जनरेटर या बैकअप सिस्टम पर निर्भर रहते हैं. इस घटना का वीडियो वायरल हुआ तो सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि ये पश्चिम को दिखाने की कोशिश है कि यूक्रेन किन हालात से जूझ रहा है. ऐसा नहीं है कि सिर्फ यूक्रेन में स्थिति ऐसी है, यूक्रेन ने भी रूस के ऊर्जा संयंत्रों को निशाना बनाकर हमले किए हैं, जिसकी वजह से रूस के कई इलाके पूरी-पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे. रूस वार्ता के लिए है तैयार  हालांकि इस बीच रूस की ओर से शांति को लेकर एक ऐसी पहल की गई है, जो एक बार फिर से रूस-यूक्रेन युद्ध में किसी समझौते की ओर इशारा करती है. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के जवाब में कहा है कि रूस युद्ध का अंत करेगा लेकिन जब वो अपने लक्ष्यों को पा लेगा. वो चाहता है कि ये राजनीतिक और कूटनीतिक तरीके से हो.

दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास विस्फोट, चार-पांच घायल बताए जा रहे हैं

 नई दिल्ली दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सोमवार शाम एक धमाका हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, यह धमाका मेट्रो स्टेशन के पास एक कार में हुआ है। जिसके बाद कार में आग लग गई। सूचना पर दमकल की कुल 7 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की एक टीम भी मौके पर पहुंची। सूत्रों ने बताया कि विस्फोट के कारण चार से पांच घायलों को एलएनजेपी अस्पताल लाया गया है। इस बारे में पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। विस्फोट के बाद दिल्ली में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां की आंखों देखी- धमाका इतना तेज था कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए। समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, 'मैं गुरुद्वारे में था जब मैंने एक तेज आवाज सुनी। हम समझ ही नहीं पाए कि वह क्या थी, वह इतनी तेज थी। आस-पास खड़े कई वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।' धमाके के बाद स्थानीय निवासी राजधर पांडे ने बताया, 'मैंने अपने घर से आग की लपटें देखीं और फिर नीचे आकर देखा कि क्या हुआ है। ज़ोरदार धमाका हुआ। मैं पास में ही रहता हूं।' बता दें कि लाल किला क्षेत्र दिल्ली के सबसे ज्यादा व्यस्त और घनी आबादी वाले इलाके में शामिल है। दिल्ली अग्निशमन विभाग के अनुसार, लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के पास खड़ी एक कार में विस्फोट की सूचना मिली, जिसके बाद आसपास खड़ी तीन से चार गाड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं और क्षतिग्रस्त हो गईं।  

देश में बड़ी आतंकी साजिश नाकाम: जैश मॉड्यूल से 2,900 किलो विस्फोटक जब्त, 7 आरोपी दबोचे गए

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसर गजवात-उल-हिंद (AGuH) से जुड़े एक अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आतंक मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. इस कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो डॉक्टर भी शामिल हैं.  2,900 किलोग्राम विस्फोटक अब तक बरामद न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और करीब 2,900 किलोग्राम आईईडी बनाने का सामग्री बरामद किया है. जम्मू-कश्मीर और फरीदाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह ऑपरेशन अंजाम दिया गया.  पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में फरीदाबाद के डॉक्टर मुअज़मिल अहमद गनई और कुलगाम निवासी डॉक्टर आदिल शामिल है. जांच में सामने आया है कि ये लोग विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे और सोशल और एजुकेशनल नेटवर्क्स के जरिए फंड जुटा रहे थे. असॉल्ट राइफल, 2900KG विस्फोटक… फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर्स के ठिकानों से क्या-क्या मिला पुलिस को मुजम्मिल की निशानदेही पर एक स्विफ्ट कार मिली, जिसमें से क्रिंकोव असॉल्ट राइफल, तीन मैगजीन और 83 राउंड बरामद हुए. इसके अलावा एक पिस्टल, 8 राउंड, दो मैगजीन और दो खाली खोखे भी मिले. ये सभी हथियार उसी स्विफ्ट कार से बरामद किए गए जो अल फलाह यूनिवर्सिटी में काम करने वाली एक महिला डॉक्टर की बताई जा रही है. पुलिस फिलहाल उससे पूछताछ कर रही है. सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने मुजम्मिल के बताए एक ठिकाने धौज इलाके में छापा मारा. वहां से लगभग 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट मिला, जिसे आठ बड़े और चार छोटे सूटकेस में छुपाकर रखा गया था. पुलिस सूत्रों के अनुसार यह विस्फोटक करीब 15 दिन पहले ही मुजम्मिल तक पहुंचा था. इस सामग्री को आतंकी कोड वर्ड में ‘सफेद पाउडर’ कहा जाता है. धौज वाले कमरे से पुलिस ने 20 टाइमर और 20 बैटरी भी बरामद की हैं. पुलिस का कहना है कि मुजम्मिल ने इस कमरे को सिर्फ विस्फोटक छिपाने के लिए किराए पर लिया था. डॉक्टर मुजामिल को पुलिस ने दबोचा फतेहपुर तगा गांव में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली. सुबह से चल रही छापेमारी में एक घर से 2563 किलो संदिग्ध विस्फोटक सामग्री बरामद की है.  पुलिस के अनुसार, यह घर डॉक्टर मुजामिल ने एक मौलाना से किराए पर लिया था. मौलाना को पुलिस ने सुबह ही हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है. बताया जा रहा है कि फतेहपुर तगा गांव धौज से करीब 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. 'व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क' पुलिस ने बताया कि यह 'व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क' था जिसमें कुछ प्रोफेशनल्स और छात्र आतंकियों से जुड़े हुए थे. वो एन्क्रिप्टेड चैनलों के माध्यम से विचारधारा फैलाने, फंड मूवमेंट और हथियारों की सप्लाई का समन्वय कर रहे थे. 19 अक्तूबर को श्रीनगर के बुनपोरा नौगाम इलाके में जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर मिलने के बाद मामला दर्ज हुआ था. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह नेटवर्क न केवल घाटी बल्कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ है. पकड़े गए सात संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार सात लोगों की पहचान आरिफ निसार डार उर्फ साहिल, यासिर-उल-अशरफ, मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद (सभी श्रीनगर), मौलवी इरफान अहमद (शोपियां), जमीर अहमद अहांगर (गंदरबल), डॉ. मुअज़मिल अहमद गनई (पुलवामा), और डॉक्टर आदिल (कुलगाम) के रूप में हुई है. फरीदाबाद से डॉक्टर की गिरफ्तारी डॉक्टर मुअज़मिल को फरीदाबाद में उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया, जहां से पुलिस को 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, एके-56 रायफल, AK Krinkov, बरेटा पिस्टल, चीनी स्टार पिस्टल और सैकड़ों कारतूस मिले हैं. पुलिस ने बताया कि यह नेटवर्क सोशल वेलफेयर के नाम पर धन जुटाकर आतंकी गतिविधियों में खर्च करता था. रविवार को भी मिला था विस्फोटक गौरतलब है कि इससे पहले, फतेहपुर तगा गांव में रविवार को पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया था जिसमें एक कश्मीरी डॉक्टर मुजामिल के किराये के कमरे से 360 किलो अमोनिटम नाइट्रेट मिला था. यह कमरा मौलाना को आरोपी को किराये पर दिया था. फरीदाबाद में 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट बरामद होने पर हरियाणा DGP ओ.P. सिंह ने कहा, “…मैं इस ऑपरेशन में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को बधाई देता हूँ, और हमें विश्वास है कि हमने समय रहते एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने में सफलता पाई है. विभिन्न एजेंसियाँ इस पर काम कर रही हैं। जैसे-जैसे जानकारी सामने आएगी, संबंधित एजेंसियाँ उसे साझा करेंगी. जांच जारी है, इसलिए इस पर और टिप्पणी करना उचित नहीं होगा.” क्या है मामला गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर पुलिस ने सबसे पहले श्रीनगर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर लगाने के मामले में एक डॉक्टर को गिरफ्तार किया था.  पिछले 15 दिनों से ऑपरेशन में तीन दिनों में पुलिस ने ताबड़तोड़ छापे मारे और फिर हरियाणा के फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भी छापेमारी की. इस मामले में अब तक कुल 7 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. दो लोग हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार हुए हैं और यहां पर एक घर से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट. दो राइफल और कई पिस्तौल बरामद किए हैं. इसी तरह, सोमवार को एक अन्य घर में रेड से 2363 किलो विस्फोटक बरामद हुआ है. अब तक कुल सात लोग गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में हरियाणा, यूपी और जम्मू एंवं कश्मीर राज्यों से कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया है. पूरे मामले में आरिफ निसार डार उर्फ साहिल – निवासी नवगाम, श्रीनगर, यासिर-उल-अशरफ – निवासी नवगाम, श्रीनगर, मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद – निवासी नवगाम, श्रीनगर, मौलवी इरफान अहमद (मस्जिद के इमाम) – निवासी शोपियां, जमीर अहमद अहंगर उर्फ मुतलाशा – निवासी वाकुरा, गांदरबल, डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुसैब – निवासी कोईल, पुलवामा, डॉ. अदील निवासी वानपोरा, कुलगाम को अरेस्ट किया है. इनसे से जिसमें मुजम्मिल और आदिल की गिरफ्तारी फरीदाबाद से हुई है.

फरीदाबाद से लखनऊ तक फैला टेरर नेटवर्क, महिला डॉक्टर एके-47 के साथ दबोची गई

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ की एक महिला डॉक्टर को एक बड़े आतंकी मॉड्यूल में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है, जो जम्मू-कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। अधिकारियों के अनुसार, डॉक्टर की कार से एक एके-47 राइफल बरामद की गई है। डॉ. शाहीन को सात अन्य लोगों के साथ हिरासत में लिया गया है। इनमें कश्मीर के डॉक्टर मुजम्मिल गनई को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया। डॉ. शाहीन को पूछताछ के लिए हवाई मार्ग से श्रीनगर लाया गया है। पुलिस के अनुसार, आठ आरोपियों में तीन डॉक्टर शामिल हैं और इस कार्रवाई में 2,900 किलोग्राम विस्फोटक बरामद किया गया है। जांच में खुलासा हुआ है कि यह ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद जैसे संगठनों से जुड़ा हुआ था। जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा पुलिस के साथ केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में यह बड़ी सफलता मिली है। अधिकारियों ने फिलहाल यह नहीं बताया कि गिरफ्तारियां कब की गईं।

तीस फीसदी आरक्षण तुरंत लागू करने की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगी प्रतिक्रिया

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता जया ठाकुर की ओर से दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून तत्काल लागू करने की मांग की गई है। जस्टिस बीवी नागरत्न और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने सरकार से ताजा परिसीमन अभ्यास का इंतजार किए बिना महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान बेंच ने टिप्पणी की, 'संविधान की प्रस्तावना कहती है कि सभी नागरिकों को राजनीतिक और सामाजिक समानता का अधिकार है। इस देश में सबसे बड़ी अल्पसंख्यक कौन है? वह महिला है… लगभग 48 प्रतिशत। यह महिलाओं की राजनीतिक समानता का मामला है।' याचिकाकर्ता की ओर से पेश सीनियर वकील शोभा गुप्ता ने कहा कि स्वतंत्रता के 75 साल बाद भी महिलाओं को प्रतिनिधित्व के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। अधिवक्ता की दलील सुनकर बेंच ने कहा, 'परिसीमन अभ्यास कब होना है? सरकार को नोटिस जारी करें। कानून का प्रवर्तन कार्यपालिका की जिम्मेदारी है। हम कोई आदेश जारी नहीं कर सकते। प्रतिवादियों को नोटिस जारी करें। केंद्र को तामील कराएं।' नारी शक्ति वंदन अधिनियम को राष्ट्रपति की मंजूरी याचिका में उस विशेष प्रावधान को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है, जिसमें जनगणना और उसके बाद परिसीमन को आरक्षण लागू करने की पूर्व शर्त बनाया गया है। याचिकाकर्ता ने तत्काल लागू करने की मांग की है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को 28 सितंबर 2023 को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली थी। संसद के विशेष सत्र में यह कानून पारित किया गया था। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की महासचिव जया ठाकुर ने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने वाले इस कानून को लागू करने की मांग की है। उन्होंने 2023 में ही याचिका दायर की थी और 2024 आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करने की गुहार लगाई थी।