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हवाई यात्रियों ध्यान दें! बेवजह व्हीलचेयर मांगने पर अब देना होगा चार्ज, DGCA ने किया बड़ा बदलाव

नई दिल्ली  हवाई यात्रियों के लिए एक अहम बदलाव लागू हुआ है। अगर आप पूरी तरह स्वस्थ हैं और फिर भी एयरपोर्ट पर व्हीलचेयर सुविधा लेते हैं, तो अब आपको इसके लिए अलग से शुल्क देना होगा। सिविल एविएशन रेगुलेटर DGCA (डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन) ने इस नियम को मंजूरी दे दी है, ताकि व्हीलचेयर का दुरुपयोग रोका जा सके और असली जरूरतमंद यात्रियों को यह सुविधा समय पर मिल सके। अब व्हीलचेयर पर लगेगा चार्ज DGCA ने सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट्स (CAR) में संशोधन करते हुए एयरलाइंस को अनुमति दी है कि वे उन यात्रियों से फीस वसूल सकें जो न तो दिव्यांग हैं और न ही चलने-फिरने में अक्षम, लेकिन फिर भी व्हीलचेयर सुविधा मांगते हैं। अब एयरलाइंस को यह शुल्क अपनी वेबसाइट पर स्पष्ट रूप से बताना होगा ताकि यात्री टिकट बुकिंग से पहले ही इसकी जानकारी ले सकें। हालांकि, दिव्यांग या सीमित गतिशीलता वाले यात्रियों के लिए यह सेवा पूरी तरह मुफ्त रहेगी, और एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि उन्हें किसी भी स्थिति में असुविधा न हो। रिपोर्टिंग टाइम और जिम्मेदारी तय नए नियमों के तहत जो यात्री व्हीलचेयर या सहायता लेना चाहते हैं, उन्हें फ्लाइट से पहले निर्धारित समय पर एयरपोर्ट पहुंचना अनिवार्य होगा। एयरलाइंस को यह अधिकार दिया गया है कि वे अपने हिसाब से मिनिमम रिपोर्टिंग टाइम तय कर सकती हैं, ताकि सहायता समय पर उपलब्ध कराई जा सके।  एयरपोर्ट पर दिव्यांग यात्रियों के लिए नए इंतजाम DGCA ने सभी एयरपोर्ट ऑपरेटरों को निर्देश दिया है कि दिव्यांग यात्रियों के लिए बेहतर सुविधाएं मुहैया कराई जाएं — एयरपोर्ट पर स्पेशल ड्रॉप-ऑफ ज़ोन बनाए जाएंगे। वहां से व्हीलचेयर तुरंत उपलब्ध होगी। स्पष्ट साइनबोर्ड और दिशानिर्देश लगाए जाएंगे ताकि जरूरतमंद लोग सहायता डेस्क तक आसानी से पहुंच सकें। PRM (Persons with Reduced Mobility) काउंटर के पास आरामदायक बैठने की व्यवस्था की जाएगी।   क्यों लिया गया यह फैसला? DGCA के मुताबिक, एयरलाइंस को कई शिकायतें मिली थीं कि कुछ स्वस्थ यात्री जानबूझकर मुफ्त व्हीलचेयर सुविधा ले लेते हैं, जिससे वास्तविक जरूरतमंद यात्रियों को समय पर सहायता नहीं मिल पाती। इस समस्या से निपटने के लिए अब केवल मेडिकल जरूरत या प्रमाणित स्थिति में ही व्हीलचेयर सेवा मुफ्त होगी। बाकी यात्रियों को यह सेवा पेड कैटेगरी में मिलेगी। यात्रियों को क्या करना होगा? अगर कोई सक्षम व्यक्ति व्हीलचेयर लेना चाहता है — -उसे पहले से एयरलाइन को सूचित करना होगा। -निर्धारित शुल्क का भुगतान ऑनलाइन या एयरपोर्ट पर करना होगा। -DGCA का मानना है कि यह कदम एयरपोर्ट सेवाओं में पारदर्शिता लाएगा और जरूरतमंद यात्रियों के लिए सहायता को अधिक प्रभावी बनाएगा।  

आंध्र प्रदेश हादसे पर बोले प्रधानमंत्री मोदी—’दुखद घटना’, सरकार देगी मुआवजा

श्रीकाकुलम  आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से प्रत्येक मृतक के परिवार को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, हादसे में घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम स्थित वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ से बहुत दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हों।” 

पाकिस्तान में सनसनी: हाफिज सईद के खास शेख मोइज को सरेआम गोलियों से भुना गया

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। संगठन के एक वरिष्ठ नेता और हाफिज सईद के करीबी सहयोगी शेख मोइज मुजाहिद की कसूर शहर में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। रिपोर्टों के मुताबिक, शेख मोइज मुजाहिद अपने घर के बाहर मौजूद था, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल मुजाहिद को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुजाहिद को लश्कर-ए-तैयबा का एक प्रमुख कमांडर और हाफिज सईद का भरोसेमंद साथी माना जाता था। सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में पाकिस्तान में कई आतंकियों की इसी तरह रहस्यमयी परिस्थितियों में हत्याएं हुई हैं। खुफिया एजेंसी आईएसआई ने अब तक इस हत्या पर कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं, स्थानीय पुलिस भी हमलावरों की पहचान करने में नाकाम रही है।विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान में आतंकियों पर हो रहे ये लगातार हमले किसी “साइलेंट वार” की ओर इशारा करते हैं, जिसमें कई बड़े नाम एक-एक कर खत्म किए जा रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में आधा दर्जन से अधिक मोस्ट वांटेड आतंकवादियों की हत्या हो चुकी है, लेकिन अभी तक किसी भी मामले में एक भी हमलावर को गिरफ्तार नहीं किया गया। इससे देश में आतंकियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल फैल गया है। 

पाकिस्तान पर तालिबान का तंज! आर्मी चीफ की बेइज्जती कर कहा– कश्मीर का सपना छोड़ दो

काबुल  काबुल से पाकिस्तान तक हलचल मचाने वाला बयान अफगान तालिबान के वरिष्ठ अधिकारी कारी सईद खोस्ती ने पाकिस्तानी सेना की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की सेना अपनी जनता को झूठे दावों और प्रोपेगैंडा से गुमराह करती है। खोस्ती ने खुले शब्दों में कहा कि अगर पाकिस्तानी जनरलों में सच में दम होता, तो वे 75 साल में कश्मीर क्यों नहीं ले पाए? खोस्ती, जो अफगान तालिबान के सूचना मंत्री के सलाहकार हैं, ने पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा को दिए एक ऑनलाइन इंटरव्यू में कहा कि पाक फौज का एक वर्ग मीडिया के जरिए यह भ्रम फैलाता है कि उसने अमेरिका और रूस जैसी महाशक्तियों को हराया। उन्होंने कहा “अगर तुमने अमेरिका और रूस को हराया है, तो फिर कश्मीर की कुछ किलोमीटर जमीन क्यों नहीं ले सके?” खोस्ती ने पाकिस्तानी फौज पर आरोप लगाया कि उन्होंने रूस और अमेरिका के खिलाफ लड़ी गई जंग से अरबों डॉलर कमाए और अपनी दौलत बढ़ाई। उनके मुताबिक, “इन जनरलों ने जंग नहीं जीती, बल्कि बंगले और जजीरे खरीदे।” उन्होंने दावा किया कि यह सब अफगान लोगों की लड़ाई थी, जिसमें पाकिस्तान ने सिर्फ मुनाफा कमाया। खोस्ती की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान और तालिबान के बीच सीमा संघर्ष के बाद तनाव चरम पर है। हाल ही में इस्तांबुल में हुई वार्ता में युद्धविराम पर सहमति तो बनी, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कटुता अब भी बरकरार है।   

आंध्र प्रदेश में बड़ा हादसा: वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ से 10 लोगों की जान गई, कई घायल

श्रीकाकुलम  आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम के वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर से भगदड़ की बड़ी घटना सामने आई है। इस भगदड़ में 10 श्रद्धालुओं की मौत हुई, जबकि कुछ लोग घायल भी हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए भर्ती करवाया गया है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। एकादशी के पावन पर्व पर हादसा यह भयानक हादसा कार्तिक मास की एकादशी के पावन अवसर पर हुआ, जब मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। अब तक सामने आई  रिपोर्ट्स के अनुसार मंदिर परिसर के प्रवेश द्वार के पास अचानक लोगों का दबाव बढ़ गया। इससे अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई। कई लोग नीचे गिर पड़े और उनके ऊपर भीड़ चढ़ती चली गई, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। राहत और बचाव कार्य हुआ शुरू हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को पास के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। ज़िला प्रशासन ने स्थिति पर नज़र बनाए रखी है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि हालात पर पूरी तरह काबू पाया जा सके।चश्मदीदों ने बताया कि सुबह से ही भीड़ काफी ज्यादा थी, लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में कमी के कारण हालात बेकाबू हो गए। स्थानीय प्रशासन ने घटना की जाँच के आदेश दे दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चूक कहाँ हुई।   मुख्यमंत्री ने जताया गहरा दुख आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा, "काशी बुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की घटना अत्यंत दुखद है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं।" मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घायलों को सर्वोत्तम संभव उपचार प्रदान किया जाए। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को घटनास्थल का दौरा करने और राहत कार्यों की निगरानी करने के लिए भी कहा है।  

भारतीय मूल के CEO पर धोखाधड़ी का आरोप, अमेरिका में 4000 करोड़ का घोटाला उजागर

अमेरिका में 4000 करोड़ का घोटाला! भारतीय मूल के CEO पर लगे बड़े फर्जीवाड़े के आरोप भारतीय मूल के CEO पर धोखाधड़ी का आरोप, अमेरिका में 4000 करोड़ का घोटाला उजागर अमेरिका में हड़कंप: भारतीय मूल के CEO पर 4000 करोड़ रुपये के फ्रॉड का आरोप वाशिगटन  अमेरिका में भारतीय मूल के टेलीकॉम कंपनी के CEO बैंकिम ब्रह्मभट्ट पर 500 मिलियन डॉलर (4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) के बड़े वित्तीय घोटाले का आरोप लगा है. वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रह्मभट्ट ने फर्जी ग्राहक खातों और राजस्व के दस्तावेज तैयार कर अमेरिकी बैंकों से भारी कर्ज हासिल किया. ब्रह्मभट्ट ब्रॉडबैंड टेलीकॉम और ब्रिजवॉइस नामक कंपनियों के मालिक हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कई निवेशकों को यह विश्वास दिलाया कि उनके व्यवसायों की आय और ग्राहक आधार बहुत मजबूत है, जबकि असल में वह कई गैर-मौजूद ग्राहकों और फर्जी लेन-देन पर आधारित थी. इस घोटाले में प्रमुख निवेश फर्म HPS इन्वेस्टमेंट पार्टनर्स और वैश्विक एसेट मैनेजमेंट दिग्गज BlackRock के समर्थित फंड भी शामिल हैं. WSJ की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त 2024 में लेनदारों ने मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि ब्रह्मभट्ट ने गैर-मौजूद राजस्व स्रोतों को कर्ज की गारंटी के रूप में गिरवी रखा. 2020 से कंपनी को मिल रहे थे लोन HPS ने सितंबर 2020 में ब्रह्मभट्ट की एक कंपनी को कर्ज देना शुरू किया और यह राशि धीरे-धीरे बढ़कर 2021 की शुरुआत तक 385 मिलियन डॉलर और अगस्त 2024 तक 430 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई. इन कर्जों का लगभग आधा हिस्सा BNP Paribas बैंक द्वारा वित्तपोषित किया गया था. कंपनी ने दिवालियापन के लिए दायर की याचिका अब उनकी कंपनियों ने Chapter 11 दिवालियापन संरक्षण के तहत अदालत में आवेदन किया है, जो अमेरिकी कानून के तहत कंपनियों को पुनर्गठन का मौका देता है. इसी दिन ब्रह्मभट्ट ने निजी दिवालियापन की याचिका भी दाखिल की थी. रिपोर्ट के अनुसार, जब पत्रकार न्यूयॉर्क के गार्डन सिटी स्थित उनके कार्यालय पहुंचे, तो वहां ताला लटका मिला और पड़ोसियों ने बताया कि कई हफ्तों से कोई वहां नहीं दिखा. जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, संभावना है कि ब्रह्मभट्ट अमेरिका छोड़कर भारत लौट आए हों. उनके वकील ने हालांकि सभी आरोपों को निराधार बताया है.  

शराब प्रेमियों के लिए खुशखबरी! अब दुकानों पर मिलेंगे ज्यादा प्रीमियम ब्रांड्स, जानिए कब से लागू होगी नई व्यवस्था

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार अपनी नई आबकारी नीति का मसौदा तैयार कर चुकी है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक इस नीति का मुख्य लक्ष्य दिल्ली में शराब की बिक्री व्यवस्था को और पारदर्शी, consumer-friendly और आधुनिक बनाना है। सरकारी नियंत्रण रहेगा जारी मसौदे में यह साफ कर दिया गया है कि शराब की खुदरा बिक्री पर नियंत्रण पूरी तरह से सरकार के हाथों में रहेगा। इसका मतलब है कि फिलहाल निजी शराब दुकानों को खोलने की अनुमति देने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह निर्णय पिछली नीतियों के अनुभवों को ध्यान में रखकर लिया गया है, ताकि पारदर्शिता और नियंत्रण दोनों बनाए रखा जा सके। स्मार्ट होंगी शराब की दुकानें नई नीति के तहत शराब की दुकानों को मार्डन स्मार्ट लुक दिया जएगा। अब तक जो सरकारी वेंडर छोटे, भीड़भाड़ वाले और जालीदार काउंटरों से चलते थे, उन्हें आधुनिक रूप दिया जाएगा। दुकानों को खुला, आकर्षक और 'मॉल जैसा' बनाने की योजना है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर और सुरक्षित खरीदारी का अनुभव मिल सके।   प्रति बोतल लाभांश बढ़ाने की तैयारी इस मसौदे का एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रति बोतल मुनाफे की सीमा को बढ़ाना है। सूत्रों के अनुसार IMFL पर ₹50 से अधिक का लाभांश तय किया जा सकता है। इस कदम से उच्च गुणवत्ता वाले और विविध ब्रांडों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे दिल्ली के बाज़ार में प्रीमियम सेगमेंट की हिस्सेदारी में बढ़ोतरी होगी। ब्रांड और उपभोक्ता अनुभव पर जोर सरकार की इस नई नीति का फोकस केवल राजस्व बढ़ाना नहीं है, बल्कि उपभोक्ता अनुभव और ब्रांड विविधता पर भी है। सरकार चाहती है कि दिल्ली के उपभोक्ताओं को देश-विदेश के अधिक से अधिक ब्रांड मिलें और शराब खरीदना एक व्यवस्थित और सम्मानजनक प्रक्रिया बन सके।   अगले वित्तीय वर्ष से हो सकती है लागू मसौदे को अंतिम रूप दिए जाने के बाद जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उम्मीद है कि यह नई आबकारी नीति अगले वित्तीय वर्ष से प्रभावी हो सकती है।  

FDA का बड़ा एक्शन! अब बच्चों को नहीं मिलेंगे फ्लोराइड सप्लीमेंट्स

वाशिंगटन  अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बच्चों के दांतों को मजबूत बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले ‘फ्लोराइड सप्लीमेंट' के इस्तेमाल को सीमित करने का निर्णय लिया है। यह अमेरिका के स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. केनेडी जूनियर और उनके सहयोगियों की ओर से दंत चिकित्सा में व्यापक रूप से उपयोग होने वाले इस रसायन के खिलाफ उठाया गया एक और कदम है। एफडीए ने शुक्रवार को कहा कि अब तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चों और उन बच्चों को यह इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाएगी जिनके दांतों में सड़न (कैविटी) का गंभीर खतरा नहीं है। पहले यह उत्पाद छह महीने या उससे अधिक उम्र के बच्चों को दिया जा सकता था। इससे पहले मई में एफडीए ने सख्त रुख अपनाते हुए संकेत दिया गया था कि इन उत्पादों को बाजार से हटाया जा सकता है। एजेंसी ने चार कंपनियों को चेतावनी पत्र भेजे हैं, जिनमें उन्हें एक सीमा के अंदर उत्पादों का विपणन करने की सलाह दी गई है। जिन बच्चों के दांतों में सड़न का अधिक खतरा रहता है, उन बच्चों और उन किशोरों को कभी-कभी फ्लोराइड की गोलियां लेने की सलाह दी जाती है, खासकर जब उनके क्षेत्र में पीने के पानी में फ्लोराइड की मात्रा कम हो। एफडीए ने शुक्रवार को एक नयी वैज्ञानिक रिपोर्ट जारी की, जिसमें निष्कर्ष निकाला गया है कि ‘फ्लोराइड सप्लीमेंट' से बच्चों के दांतों को सीमित लाभ मिलता है और ये आंतों की समस्याओं, वजन बढ़ने और सोचने-समझने की क्षमताओं से जुड़ी नयी स्वास्थ्य चिंताओं का कारण बन सकते हैं।    

गरीब देशों से भी पीछे भारत का पासपोर्ट — जानें क्या हैं गिरावट के बड़े कारण

नई दिल्ली दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शुमार भारत का पासपोर्ट आज वैश्विक मंच पर एक कटु सत्य का सामना कर रहा है। इस साल की शुरुआत में एक भारतीय ट्रैवल इन्फ्लुएंसर का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने भारत के 'कमजोर पासपोर्ट' को लेकर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि भूटान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देश भारतीय पर्यटकों का स्वागत अधिक खुले दिल से करते हैं, लेकिन पश्चिमी और यूरोपीय देशों की यात्रा के लिए वीजा पाना अब भी बेहद कठिन है। दरअसल हेनली पासपोर्ट इंडेक्स 2025 के ताजा आंकड़ों के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट 85वें स्थान पर खिसक गया है, जो पिछले साल के 80वें स्थान से पूरे पांच पायदान नीचे है। इसका मतलब है कि भारतीय नागरिक अब केवल 57 देशों में वीजा-मुक्त या वीजा-ऑन-अराइवल यात्रा कर सकते हैं, जो 2024 के 62 देशों से कम है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देश के पासपोर्ट की स्थिति कई छोटे देशों से खराब है। उदाहरण के लिए, रवांडा (78वां), घाना (74वां) और अजरबैजान (72वां) – ये सभी भारत से आगे हैं, जबकि भारत विश्व की पांच सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शुमार है। पिछले एक दशक में भारत की रैंक अक्सर 80 के आसपास ही रही है और 2021 में तो यह 90वें स्थान तक फिसल गई थी। वहीं एशियाई देश जैसे जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर लगातार शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं। सिंगापुर फिर शीर्ष पर, भारत 57 वीजा-फ्री देशों तक सीमित इस साल भी सिंगापुर शीर्ष स्थान पर है, जिसके नागरिक 193 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं। दक्षिण कोरिया 190 देशों और जापान 189 देशों में वीज़ा-फ्री पहुंच रखते हैं। इसके मुकाबले भारतीय पासपोर्ट धारक केवल 57 देशों में बिना वीजा यात्रा कर सकते हैं – जो अफ्रीकी देश मॉरिटानिया के बराबर है। दोनों देशों को 85वां स्थान मिला है। पासपोर्ट ताकत का मतलब क्या है पासपोर्ट रैंकिंग का मतलब सिर्फ यात्रा की सुविधा नहीं, बल्कि एक देश की सॉफ्ट पावर का आईना है। हेनली एंड पार्टनर्स द्वारा जारी यह इंडेक्स इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) के आंकड़ों पर आधारित है, जो 199 देशों के 227 गंतव्यों तक वीजा-मुक्त पहुंच मापता है। पासपोर्ट की ताकत किसी देश की सॉफ्ट पावर, कूटनीतिक प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय पहचान को दर्शाती है। एक मजबूत पासपोर्ट का अर्थ है कि उसके नागरिकों को अधिक यात्रा स्वतंत्रता, बेहतर व्यापारिक अवसर और आसान वैश्विक गतिशीलता मिलती है। कमजोर पासपोर्ट का सीधा मतलब है ज्यादा कागजी प्रक्रिया, ऊंचे वीजा शुल्क, कम यात्रा सुविधाएं और लंबा इंतजार। देश बढ़ा रहे हैं आपसी वीजा साझेदारी दिलचस्प बात यह है कि भारत की रैंक गिरने के बावजूद वीजा-फ्री देशों की संख्या बढ़ी है। 2014 में, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सत्ता में आई थी, भारत के लिए 52 देश वीजा-फ्री थे। 2023 तक यह संख्या बढ़कर 60 और 2024 में 62 हो गई थी। हालांकि 2025 में यह घटकर फिर 57 रह गई। फिर भी, 2015 और 2025 दोनों में भारत की रैंक समान (85वीं) है। ऐसा इसलिए क्योंकि दुनिया भर में वैश्विक गतिशीलता तेजी से बढ़ रही है। हेनली एंड पार्टनर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2006 में औसत यात्री 58 देशों में बिना वीजा जा सकता था, जबकि 2025 में यह औसत 109 देशों तक पहुंच गया है। दुनिया के देश अब अपनी अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए द्विपक्षीय यात्रा समझौतों पर जोर दे रहे हैं। चीन इसका बेहतरीन उदाहरण है- 2015 में 94वें स्थान से 2025 में 60वें पर पहुंचा, क्योंकि उसने 50 से 85 देशों तक वीजा-मुक्त पहुंच बढ़ाई। भारत ने 2015 के 52 देशों से 2025 तक 57 तक पहुंच बढ़ाई, लेकिन अन्य देशों की तेज प्रगति ने रैंकिंग को नीचे धकेल दिया। भारत की रैंकिंग में गिरावट के कारण भारत की रैंक जुलाई 2025 में 77वीं थी, जब भारतीय नागरिकों को 59 देशों में वीजा-फ्री एंट्री मिल रही थी। लेकिन अक्टूबर तक दो देशों ने यह सुविधा वापस ले ली, जिससे रैंक गिरकर 85वीं पर पहुंच गई। बीबीसी के मुताबिक, भारत के पूर्व राजदूत अचल मल्होत्रा ने कहा कि पासपोर्ट की ताकत पर कई अन्य कारक भी असर डालते हैं- जैसे आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता, और देश की प्रवासन नीति। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में भारतीयों को कई पश्चिमी देशों में बिना वीजा यात्रा की अनुमति थी, लेकिन 1980 के दशक में खालिस्तान आंदोलन और आंतरिक उथल-पुथल के बाद स्थिति बदल गई। अब कई देश आव्रजन (इमिग्रेशन) को लेकर अधिक सतर्क हैं। भारत से बड़ी संख्या में लोग विदेश जाकर बस जाते हैं या वीजा अवधि से अधिक रुकते हैं, जिससे देश की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। वीजा नीतियों में सख्ती भी एक कारण है। पश्चिमी देशों जैसे यूएस, यूके और कनाडा ने अवैध प्रवास, ओवरस्टे और फर्जी आवेदनों के डर से भारतीय यात्रियों पर कड़े नियम थोपे हैं। रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर चर्चाओं में कई यूजर्स का कहना है कि भारतीय पर्यटक अक्सर स्थानीय संस्कृति का सम्मान नहीं करते या बारगेनिंग की आदतें साथ ले जाते हैं, जिससे देश वीजा छूट देने से हिचकते हैं।  

असम में सियासी संग्राम! हिमंता बोले – ‘गौरव गोगोई पाकिस्तानी एजेंट’, दी खुली चुनौती

असम  असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने एक बार फिर कांग्रेस सांसद पर उन्हें पाकिस्तानी एजेंट बताते हुए करारा हमला बोला है। सरमा ने कहा कि विदेशी ताकतों ने उन्हें अपने फायदे के लिए भारत में प्लांट किया है। सरमा ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर गोगोई के अंदर दम है तो मानहानि का मुकदमा करके दिखाएं। उन्होंने कहा कि गायक जुबिन गर्ग के परिवार को न्याय दिलवाने के बाद वह अपने इन आरोपों को भी साबित करके दिखाएंगे। सरमा ने कहा, गौरव गोगोई पाकिस्तानी एजेंट हैं। मेरे पास इसके सबूत हैं। उन्हें हमारे देश में विदेशी ताकतों ने प्लांट किया है। मैं तथ्यों के साथ यह बात कह रहा हूं। मैं एक दिन इसे साबित कर दूंगा। बता दें कि गौरव गोगोई परउनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न की वजह से पहले भी आरोप लग चुके हैं। आरोप है कि एलिजाबेथ के पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएआई से लिंक हैं। कौन हैं एलिजाबेथ कोलबर्न यूके में जन्मीं एलिजाबेथ ने लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक अर्थव्यवस्था में स्नातकोत्तर डिग्री पार्पत की है। 2013 में उनकी गौरव गोगोई से शादी हुई थी। गौरव गोगोई असम के पूर्व सीएम तरुण गेगोई के बेटे हैं। एलिजाबेथ जलवायु नीति को लेकर काम करती हैं। बीजेपी का आरोप है कि पाकिस्तान में योजना आयोग के सलाहकार रहे अली तौकीर शेख और कोलबर्न का लिंक है। अली तौकीर सीडीकेएन एशिया के डायरेक्टर भी रह चुके हैं जिसे आईएसआई का मुखौटा माना जाता है। सरमा ने कहा, एसआईटी ने जांच के बाद असम कैबिनेट के पास रिपोर्ट सौंप दी है। संवेदनशील जानकारी होने की वजह से अभी इसे सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वहीं लोकसभा में विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई ने इन आरोपों को शिरे से खारिज गिया है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए यह अजेंडा चलाया जा रहा है।