samacharsecretary.com

राउज एवेन्यू कोर्ट में नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस की सुनवाई स्थगित, नई तारीख 7 नवंबर तय

नई दिल्ली नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई को टाल दिया है। विशेष अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की चार्जशीट के कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। अगली सुनवाई 7 नवंबर को निर्धारित की गई है। कोर्ट ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने की प्रक्रिया में है, जिसमें कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत अन्य को आरोपी बनाया गया है। पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने ईडी से कुछ पहलुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी थी। यह मामला 2012 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें आरोप लगाया गया कि कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड अखबार की मूल प्रकाशक कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल) की संपत्तियों को अनुचित तरीके से हथियाने की साजिश रची। ईडी ने अप्रैल 2025 में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, इंडियन ओवरसीज कांग्रेस प्रमुख सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, सुनील भंडारी, यंग इंडियन लिमिटेड और डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया। ईडी का दावा है कि यंग इंडियन लिमिटेड (जिसमें सोनिया और राहुल 38-38 प्रतिशत शेयर रखते हैं) ने मात्र 50 लाख रुपए चुकाकर एजेएल की करीब 2,000 करोड़ रुपए की संपत्ति हड़प ली। ईडी के अनुसार, 2008 में बंद हो चुके नेशनल हेराल्ड अखबार की संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए 2010 में 'यंग इंडियन' का गठन किया गया। कांग्रेस ने एजेएल को 90 करोड़ रुपए का ब्याज-मुक्त ऋण दिया, जिसे यंग इंडियन ने 'लोन' के रूप में चुकाया, लेकिन वास्तव में यह संपत्ति हस्तांतरण था। जुलाई महीने में हुई सुनवाई में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) एसवी. राजू ने तर्क दिया कि यंग इंडियन 'कठपुतली' कंपनी है और गांधी परिवार के अन्य आरोपी उसके इशारे पर काम करते हैं। ईडी ने कहा कि इस 'फर्जी लेन-देन' से गांधी परिवार को 142 करोड़ रुपए की 'अपराध की आय' प्राप्त हुई, जो मनी लॉन्ड्रिंग का स्पष्ट मामला है।

मौसम का मिजाज बदला: मोंथा तूफान से बढ़ी ठंड, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली  उत्तर भारत में मौसम ने करवट ले ली है। मोंथा तूफान के प्रभाव से यूपी, बिहार, दिल्ली, MP, CG समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना (Weather Update) जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD Rain Alert) ने पूर्वी यूपी और बिहार के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में आए इस तूफान की वजह से उत्तर भारत तक ठंडी हवाएं पहुंच रही हैं। अब धीरे-धीरे सर्दी का असर बढ़ने लगा है और लोगों को गर्म कपड़े निकालने का समय आ गया है।   IMD का इन राज्यों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। विभाग ने पहले भी तीन दिन के लिए खराब मौसम का अलर्ट जारी किया था। अगले 48 घंटों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन बारिश के बाद ठंड में बढ़ोतरी तय है। मोंथा तूफान का असर सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में दिखाई दे रहा है।   दिल्ली में बारिश के आसार दिल्ली में भी 30 अक्टूबर को हल्की बारिश के आसार हैं। 28 अक्टूबर को दिल्ली सरकार ने कृत्रिम बारिश की कोशिश की थी ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब जब मौसम विभाग ने प्राकृतिक बारिश का अनुमान लगाया है, तो राजधानी में वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बताया कि 1 नवंबर के बाद दिल्ली में ठंड तेजी से बढ़ेगी। UP में बारिश की संभावना उत्तर प्रदेश में भी 30 और 31 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्वी यूपी के 17 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इनमें मऊ, वाराणसी, जौनपुर, प्रयागराज, अयोध्या, बाराबंकी, जालौन, बरेली और रायबरेली जैसे जिले शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने और तापमान में गिरावट की संभावना है।   MP में रेन अलर्ट मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे और छह जिलों में वर्षा दर्ज की गई। उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है। उज्जैन और शिवपुरी में सबसे अधिक तापमान में कमी देखी गई। उज्जैन का अधिकतम तापमान 9.9 डिग्री की गिरावट के साथ 23 डिग्री सेल्सियस और शिवपुरी का 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार रात को कई शहरों में तापमान 21 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह से ही तेज ठंडी हवाओं और बादलों ने लोगों को सर्द मौसम का एहसास कराया। दिन का तापमान सामान्य से करीब सात डिग्री सेल्सियस कम रहा। कुल मिलाकर, मोंथा तूफान का असर अब उत्तर भारत में पूरी तरह दिखने लगा है। जहां बारिश से राहत मिलेगी, वहीं आने वाले दिनों में ठंड की शुरुआत और तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सावधानी बरतने और यात्रा से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।

अमेरिका-चीन रिश्तों में नरमी! ट्रंप ने फेंटेनाइल पर लगाया टैक्स घटाया 10%

वाशिंगटन  अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एशिया दौरे के आखिरी पड़ाव पर चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से मुलाकात की। इस दौरान अमेरिका और चीन के बीच बीते कुछ समय से जिन मुद्दों को लेकर तनाव चल रहा था, उन पर भी चर्चा हुई। दक्षिण कोरिया से रवाना होने के बाद एयर फोर्स वन में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान ट्रंप ने जिनपिंग के साथ अपनी मुलाकात के बारे में जानकारी दी।डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे एक व्यापार समझौते पर पहुंच गए हैं, जिस पर जल्द ही हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप ने कहा, "हमारे बीच एक समझौता हो गया है। अब, हम हर साल इस समझौते पर बातचीत करेंगे। मुझे लगता है कि यह समझौता लंबे समय तक चलेगा। यह एक साल का समझौता है और हम इसे एक साल बाद बढ़ा देंगे।" उन्होंने आगे कहा कि वह और शी जिनपिंग लगभग हर चीज पर सहमत हो गए हैं, जिसमें सोयाबीन व्यापार और फेंटेनाइल से संबंधित शुल्क भी शामिल हैं। जिन मुद्दों पर आप हमेशा बात करते रहते हैं, उनमें से कई पर हमारी चर्चा हुई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "हम कई मुद्दों पर सहमत हैं, बड़ी मात्रा में सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों की खरीद तुरंत शुरू होने जा रही है।" वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ने जिनपिंग के साथ अपनी मुलाकात को रेट भी किया और कहा, "कुल मिलाकर, शून्य से दस के पैमाने पर, जिसमें दस सबसे अच्छा है, मैं कहूंगा कि यह बैठक बारह थी।" इसके अलावा टैरिफ को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीनी नेता शी जिनपिंग के साथ बातचीत के बाद, वह फेंटेनाइल से संबंधित शुल्क घटाकर 10% कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, मैंने चीन में आने वाले फेंटेनाइल के कारण उस पर 20% शुल्क लगाया है, जो एक बड़ा शुल्क है। मैंने इसे 10% कम कर दिया है, इसलिए यह तुरंत प्रभाव से 20% के बजाय 10% हो गया है।" चीन ने रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर जो प्रतिबंध लगाए थे, उसके बाद अमेरिका के साथ तनाव और बढ़ गया। हालांकि, उसको लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "रेयर अर्थ एलिमेंट्स से जुड़े सभी मुद्दों का समाधान हो चुका है और यह पूरी दुनिया के लिए है। अब वह बाधा दूर हो गई है… रेयर अर्थ के मामले में कोई बाधा नहीं है। उम्मीद है कि कुछ समय के लिए यह हमारी वोकैब्यलरी से गायब हो जाएगा। अमेरिका रेयर अर्थ एलिमेंट की खरीद और उत्पादन जारी रख सकेगा।"

पुलिस की कार्रवाई: मासूमों को बंधक बनाने वाले शख्स को लगी गोली, एनकाउंटर में मौत

मुंबई  मुंबई के पवई इलाके में गुरुवार दोपहर एक ऐसी घटना घटी, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। 17 बच्चों सहित कुल 19 लोगों बंधक बनाने वाले आरोपी रोहित आर्य की पुलिस कार्रवाई के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। बता दें कि एक एक्टिंग स्टूडियो में दिनदहाड़े एक व्यक्ति ने कुल 19 लोगों को बंधक बना लिया था। बंधकों में 17 बच्चे भी शामिल थे। यह घटना दोपहर के समय हुई, जब बच्चे क्लास में थे। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने स्टूडियो के मालिक से किसी विवाद के कारण ऐसा कदम उठाया था। बताया जा रहा कि इस दौरान वह बच्चों को धमकी भी दे रहा था।   रिपोर्ट के अनुसार, करीब 100 बच्चे यहां ऑडिशन देने के लिए आए। इसी दौरान एक स्टूडियो में काम करने वाला एक शख्स 20 बच्चों को बंधक बना लिया। बताया जाता है कि आरोपी यूट्यूब चैनल भी चलाता था। जानकारी के मुताबिक वह चार-पांच दिनों से वह यहां ऑडिशन करवा रहा था। 80 बच्चों को भेज दिया था वापस गुरुवार को ऑडिशन करवाने के बाद उसने करीब 80 बच्चों को वापस भेज दिया। और अन्य बच्चों को कमरे में बंद कर दिया। कमरे में बंद बच्चे खिड़कियों से बाहर देख रहे थे। इस बात की खबर जैसे ही स्थानीय लोगों को मिली मौके पर अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने तुरंत स्थानीय थाना पुलिस को खबर दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ऑपरेशन शुरू की। बताया जा रहा है कि इस दौरान झड़प होने के बाद पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिससे उसकी मौत हो गई। क्या बोली पुलिस? वहीं, मुंबई पुलिस का कहना है कि सभी बच्चों को घटनास्थल से सुरक्षित बचा लिया गया है। रोहित आर्या नाम के व्यक्ति की गोली लगने से मौत हो गई है। घटना से पहले आरोपी ने वीडियो जारी कर कहा था कि वह कुछ लोगों से बात करना चाहता है और अगर उसे ऐसा करने नहीं दिया गया, तो वह सब कुछ आग लगा देगा और खुद को और परिवार को नुकसान पहुंचाएगा।  

राहत की खबर! चीन ने हटाई पाबंदी, इन वस्तुओं के निर्यात पर 1 साल तक नहीं लगेगी रोक

चीन  चीन ने गुरुवार को घोषणा की कि वह इस महीने की शुरुआत में घोषित किए गए कुछ निर्यात प्रतिबंधों (जिनमें रेयर अर्थ मटेरियल्स (दुर्लभ धातुएं) भी शामिल हैं) को एक साल के लिए स्थगित करेगा। यह फैसला वैश्विक बाजारों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है, क्योंकि चीन दुनिया की सबसे बड़ी रेयर अर्थ सप्लायर है। बता दें कि यह कदम चीन की रणनीतिक और आर्थिक नीति में एक अस्थायी नरमी के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले महीनों में वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, 'चीन 9 अक्टूबर को घोषित संबंधित निर्यात नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन को एक वर्ष के लिए निलंबित करेगा और इस अवधि के दौरान इन नीतियों पर अध्ययन कर उन्हें और परिष्कृत करेगा।' क्या है डिटेल बता दें कि चीन ने 9 अक्टूबर को नई निर्यात नियंत्रण नीतियां लागू करने की घोषणा की थी, जिनके तहत रेयर अर्थ से जुड़ी कई तकनीकों और सामग्रियों के निर्यात पर सख्त नियंत्रण लगाया जाना था। इन धातुओं का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, स्मार्टफोनों, पवन टर्बाइनों, रक्षा उपकरणों और सेमीकंडक्टर जैसे उच्च तकनीकी उत्पादों में होता है। चीन द्वारा लगाए गए इन नियंत्रणों से अमेरिका, जापान और यूरोपीय संघ जैसे देशों में चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि ये देश उच्च तकनीकी उत्पादन के लिए चीन से आने वाले रेयर अर्थ तत्वों पर काफी हद तक निर्भर हैं। क्या है चीन की मंशा जानकारों का मानना है कि चीन का यह कदम राजनयिक लचीलापन दिखाने और अंतरराष्ट्रीय दबाव को संतुलित करने का प्रयास है। संभवतः बीजिंग अब यह देखना चाहता है कि इन नियंत्रणों से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर क्या असर पड़ता है, इसके बाद ही वह अंतिम नीति लागू करेगा। रेयर अर्थ उद्योग पर चीन का लगभग 70 प्रतिशत वैश्विक नियंत्रण है। हाल के वर्षों में, चीन ने इन संसाधनों को 'नेशनल एसेट' बताते हुए इनके निर्यात पर कड़े नियम लागू किए हैं ताकि घरेलू उद्योग को प्राथमिकता दी जा सके और संवेदनशील तकनीकों के लीक होने से बचा जा सके। हालांकि, अब एक साल के लिए प्रतिबंध स्थगित करने के फैसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यह निर्णय न केवल वैश्विक व्यापार तनाव को कम कर सकता है, बल्कि चीन और पश्चिमी देशों के बीच संवाद का रास्ता भी खोल सकता है।

भारत के बाद अब पाकिस्तान की बारी! ड्रैगन की मदद से स्पेस में उतरने की तैयारी

इस्लामाबाद  पाकिस्तान एक ऐसा अनोखा मुल्क है। वहां की जनता खाने-पीने को हर दाने के लिए तड़प रही है, फिर भी भारत से टक्कर लेने का जुनून सिर चढ़कर बोलता है। रात के अंधेरे में नहीं, बल्कि दिन के उजाले में ही भारत के बराबर खड़े होने का ख्वाब बुनता है। हर मोर्चे पर भारत को पछाड़ने की ललक रखता है, मगर ये सपना महज सपना ही रह गया। अब तो अंतरिक्ष में भी भारत को ललकारने के स्वप्न संजोने लगा है। कल्पना कीजिए, वो देश जो सैटेलाइट लॉन्च के लिए भी परदेसी मदद का मुंह ताकता है, वही आज अपना अंतरिक्ष यात्री स्पेस में भेजने की कल्पना कर रहा है। ये सब तब, जब भारत का शुभांशु शुक्ला इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से कामयाबी के साथ वापस लौट चुके हैं। ऐसे में पाकिस्तान भी कहीं पीछे न छूट जाए, इसलिए अपना यात्री स्पेस भेजने का इरादा जमा रहा है, जिसमें चीन का सहारा ले रहा है। दरअसल, चीन ने गुरुवार को ऐलान किया कि वो अपने अंतरिक्ष स्टेशन मिशन के दायरे में एक पाकिस्तानी अंतरिक्ष यात्री को छोटे सफर पर भेजेगा। चीनी सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, दो पाकिस्तानी यात्री चीनी ताइकोनॉट्स के साथ कड़ी ट्रेनिंग लेंगे, फिर एक को आने वाले मिशन के लिए 'विशेष वैज्ञानिक पेलोड विशेषज्ञ' के रूप में चुना जाएगा। ये पाकिस्तान की पहली मानव अंतरिक्ष यात्रा में शिरकत होगी, जो चीन की मानवयुक्त स्पेस एजेंसी (सीएमएसए) के सहयोग से संभव हो रही है। बता दें कि इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान की स्पेस एजेंसी, स्पेस एंड अपर एटमॉस्फियर रिसर्च कमीशन (सुपार्को) ने सीएमएसए के साथ ऐतिहासिक करार पर साइन किए थे। इस समझौते के तहत पाकिस्तानी यात्रियों को चीन के स्पेस सेंटर में प्रोफेशनल ट्रेनिंग मिलेगी, ताकि वे तियांगोंग स्टेशन पर खास प्रयोगों के लिए तैयार हो सकें। चुने गए यात्री माइक्रो-ग्रेविटी रिसर्च, बायोलॉजी, मेडिसिन, स्पेस इंजीनियरिंग, मटेरियल साइंस और एस्ट्रोनॉमी जैसे कई क्षेत्रों में वैज्ञानिक टेस्ट में हिस्सा लेंगे। तियांगोंग की हाई-टेक लैब्स में होने वाले इन प्रयोगों से हेल्थ साइंस, क्लाइमेट मॉनिटरिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी के विकास में बड़ा योगदान मिलने की उम्मीद है। चीन ने साफ कहा है कि तियांगोंग स्पेस स्टेशन आधुनिक लैब्स और एक्सटर्नल पेलोड एडाप्टर्स से सुसज्जित है, जो कई साइंस फील्ड्स में एक साथ रिसर्च को मुमकिन बनाता है। इस मिशन का आधिकारिक मकसद स्पेस-बेस्ड साइंस में पार्टनरशिप को मजबूत करना है, जिससे मेडिकल रिसर्च और एनवायरनमेंटल स्टडीज में इनोवेशन्स के जरिए धरती को फायदा हो।  

सहमति से बने संबंध पर निराशा हुई तो यह अपराध नहीं — कर्नाटक HC ने दी अहम टिप्पणी

बेंगलुरु  बलात्कार के मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया और आरोपी के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया। अदालत का कहना है कि आपसी सहमति से शुरू हुआ रिश्ता अगर निराशा के साथ खत्म होता है, तो इसे अपराध नहीं माना जा सकता। दरअसल, एक महिला ने याचिकाकर्ता पर रेप के आरोप लगाए थे। वहीं, कोर्ट ने पाया कि दोनों के बीच संबंध सहमति से बने थे। जस्टिस एम नागप्रसन्न मामले की सुनवाई कर रहे थे। 25 अक्तूबर को हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा, 'अगर वर्तमान अभियोजन पक्ष को ट्रायल में चलते रहने की अनुमति दी गई, तो यह न्याय की विफलता की ओर एक औपचारिक प्रक्रिया के अलावा कुछ नहीं होगा। यह कानून का दुरुपयोग होगा।' क्या था मामला रिपोर्ट के मुताबिक, रिकॉर्ड में जानकारी दी गई थी कि एक महिला और पुरुष डेटिंग ऐप के जरिए मिलते हैं। उन दोनों के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बात शुरू होती है और वो एक रेस्त्रां में मिलने का फैसला करते हैं। इसके बाद दोनों ने एक होटल में संबंध भी बनाए। अब महिला ने बाद में आरोप लगाए हैं कि उसके साथ बलात्कार हुआ है। महिला की शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई, जिसे हाईकोर्ट में आरोपी ने चुनौती दी। कोर्ट ने पाया कि जांच अधिकारी ने जानबूझकर आरोपी और शिकायतकर्ता के बीच हुई चैट को नजरअंदाज किया था। कोर्ट ने पाया कि चैट से संकेत मिलते हैं कि दोनों के बीच आपसी सहमति से फैसले लिए गए थे। इस दौरान उच्च न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें सहमति से संबंध और बलात्कार के बीच अंतर बताया गया था। हाईकोर्ट ने आरोपी की याचिका को स्वीकार कर लिया और एफआईआर को खारिज कर दिया।  

यात्रियों की भीड़ को काबू में रखने की तैयारी! 76 स्टेशनों पर बनेगा ‘होल्डिंग एरिया’

नई दिल्ली  रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय ने देशभर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर 'पैसेंजर होल्डिंग एरिया' विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। यह फैसला नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस व्यवस्था की शानदार सफलता के बाद लिया गया है। नई दिल्ली स्टेशन पर दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को संभालने में यह सुविधा बेहद कारगर साबित हुई थी। सिर्फ चार महीने में तैयार हुआ यह होल्डिंग एरिया यात्रियों के लिए एक बड़ा राहत केंद्र बना, जिससे प्लेटफॉर्म और ट्रेनों पर भीड़ को नियंत्रित करना आसान हो गया। अब इसी मॉडल को देश के अन्य बड़े स्टेशनों पर लागू किया जाएगा। रेल मंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी होल्डिंग एरिया 2026 के त्योहारी सीजन से पहले तैयार हो जाने चाहिए। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन नए होल्डिंग एरियाज का डिजाइन मॉड्यूलर होगा, यानी इन्हें स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से बनाया जाएगा। इससे अलग-अलग शहरों के तापमान, भीड़भाड़ और स्पेस के अनुसार सुविधाएं तैयार की जा सकेंगी। इस योजना के तहत देश के 76 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया विकसित किए जाएंगे। इन स्टेशनों का चयन विभिन्न जोनल रेलवेज के आधार पर किया गया है। सेंट्रल रेलवे जोन में मुंबई सीएसएमटी, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, नागपुर, नासिक रोड, पुणे और दादर, कुल 6 स्टेशन हैं। ईस्टर्न रेलवे में हावड़ा, सियालदह, आसनसोल, भागलपुर,जसीडीह जंक्शन कुल 5 स्टेशन हैं। ईस्ट सेंट्रल रेलवे में पटना, दानापुर, गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर और पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (कुल 6 स्टेशन) शामिल हैं। ईस्ट कोस्ट रेलवे में भुवनेश्वर, पुरी और विशाखापत्तनम के 3 स्टेशन, नॉर्दर्न रेलवे में नई दिल्ली, आनंद विहार, निजामुद्दीन, दिल्ली, गाजियाबाद, जम्मू तवी, कटरा, लुधियाना, लखनऊ (एनआर), वाराणसी, अयोध्या धाम और हरिद्वार के 12 स्टेशन और नॉर्थ सेंट्रल रेलवे में कानपुर, झांसी, मथुरा और आगरा कैंट (4 स्टेशन) शामिल हैं। वहीं, नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे में गोरखपुर, बनारस, छपरा और लखनऊ जंक्शन (एनईआर) 4 स्टेशन, नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे में गुवाहाटी और कटिहार, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे में जयपुर, गांधी नगर जयपुर, अजमेर, जोधपुर और रिंगस के 5 स्टेशन और साउदर्न रेलवे में चेन्नई सेंट्रल, चेन्नई एग्मोर, कोयंबटूर, एर्नाकुलम जंक्शन (4 स्टेशन) शामिल हैं। साउथ सेंट्रल रेलवे में सिकंदराबाद, विजयवाड़ा, तिरुपति, गुंटूर, काचीगुड़ा और राजमुंद्री (6 स्टेशन), साउथ ईस्टर्न रेलवे में रांची, टाटा और शालीमार के 3 स्टेशन, साउथ ईस्ट सेंट्रल रेलवे में रायपुर का 1 स्टेशन, साउथ वेस्टर्न रेलवे में बेंगलुरु, यशवंतपुर, मैसूर और कृष्णराजपुरम के 4 स्टेशन, वेस्टर्न रेलवे में मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, उधना, सूरत, अहमदाबाद, उज्जैन, वडोदरा और सीहोर के 8 स्टेशन, वेस्ट सेंट्रल रेलवे में भोपाल, जबलपुर और कोटा के 3 स्टेशन शामिल हैं।

मोबाइल भारत में असेंबल, लेकिन डेटा चीन के पास! टेक इंडस्ट्री में हड़कंप

नई दिल्ली देश की नामी टेक कंपनी एचसीएल के सह-संस्थापक अजय चौधरी ने भारत के टेक सेक्टर में पिछड़ने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हम मैन्युफैक्चरिंग पर ही मोटे तौर पर निर्भर हैं और यह संकट की स्थिति है। उन्होंने चीन के बढ़ते लेने और भारत का डेटा हासिल करने को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने ANI से पॉडकास्ट में कहा कि आप अपने आसपास जो भी चीजें देखते हैं, उनमें चीन की चिप लगी हैं। नरेंद्र मोदी जब सत्ता में आए तो उन्होंने कहा कि मैं केंद्र सरकार के हर ऑफिस में अटेंडेंस मशीन देखना चाहता हूं। जो भी अटेंडेंस मशीने लगी हैं, वे चीन की हैं और उनमें वहीं की चिप्स लगी हैं। फिर एक बार इंटेलिजेंस एजेंसी को जांच के लिए कहा गया तो उसने कहा कि सारा डेटा चीन जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस तरह हमारे सभी केंद्रीय कर्मचारियों का डेटा चीन चला गया। उन्होंने कहा कि इसी तरह भारत में गली-गली में जो सीसीटीवी कैमरे हैं, उनमें भी चीन की ही चिप्स लगी हैं। अजय चौधरी ने कहा कि इस देश में एक भी फोन भारतीय नहीं है। यह दुख की बात है। यहां मैन्युफैक्चरिंग की बातें हो रही हैं, लेकिन असल में यह पेच कसने जैसी बात है। सामान चीन से आता है और हम उन्हें असेंबल करते हैं। उन्होंने कहा कि पहले हमें यह देखना होगा कि सरकार की डिमांड क्या हैं। उसके बाद किसी भारतीय कंपनी को ही यह काम दिया जाए। चीन में ऐसा ही होता है। चीन का सारा टेलिकॉम का काम हुवावे के पास ही और ही उसे सरकार की ओर से भी फंडिंग होती है। उनसे पूछा गया कि आखिर भारत में ऐसी कौन सी कंपनी है, जो ऐसा काम कर सकती है। इस पर उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह का कोई सपोर्ट ही भारत में नहीं करती है। 'हमारी 60 फीसदी अर्थव्यवस्था मैन्युफैक्चरिंग की, यही बड़ा संकट है' उन्होंने कहा कि हमारी 60 फीसदी अर्थव्यवस्था मैन्युफैक्चरिंग पर ही निर्भर है और यह बेहद खतरनाक है। हमें एक प्रोडक्ट नेशन की ओर बढ़ना होगा। चीन के लोग अपने प्रोडक्ट्स को रीब्रांड कर रहे हैं। सिंगापुर तक के आइटम को वे चीन के नाम पर बेच रहे हैं। चीन के पास बड़े पैमाने पर रेयर अर्थ है और वे उसे हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी जरूरत का 30 से 40 फीसदी रेयर अर्थ मैटिरियल तो ई-वेस्ट से ही मिल सकता है।  

कश्मीर में अपराध पर करारा प्रहार: पुलिस ने पकड़ा मोस्ट वॉन्टेड अपराधी, कई संगीन वारदातों का खुलासा

गंदरबल भगोड़ों के खिलाफ अपने विशेष अभियान को जारी रखते हुए, जम्मू-कश्मीर पुलिस जिला गंदेरबल ने पिछले 13 सालों से गिरफ्तारी से बच रहे दो भगोड़ों को गिरफ्तार करके एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान मुदासिर अहमद वार, पुत्र नजीर अहमद वार, निवासी बटपोरा सोपोर और मुश्ताक अहमद वानी, पुत्र अली मोहम्मद वानी, निवासी लोलपोरा कुंजर तंगमर्ग के रूप में हुई है।  दोनों एफआईआर संख्या 34/2013 अंडर सेक्शन 392, 511, 34 आरपीसी और एफआईआर संख्या 17/2013 अंडर सेक्शन 366, 109 आरपीसी के तहत Wanted थे। SSP गांदरबल श्री खलील अहमद पोसवाल के निर्देशों पर कार्य करते हुए, SHO PS सफापोरा एसआई गुलजार हुसैन के नेतृत्व में एक समर्पित पुलिस टीम ने निरंतर और सावधानीपूर्वक प्रयासों के बाद, बैंगलोर और महाराष्ट्र से दोनों को खोजने में सफलता प्राप्त की, जहां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी से एक दशक से भी अधिक समय से चल रही चोरी का अंत हुआ और यह सुनिश्चित हुआ कि उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा।   यह सफल अभियान एक बार फिर अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए गांदरबल पुलिस ने अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है व यह साबित किया अपराध की कोई समय सीमा नहीं होती और कोई भी अपराधी कानून की पहुंच से बाहर नहीं रह सकता। लोगों ने पूरे जिले में शांति बनाए रखने, जिम्मेदारी निभाने और कानून को मजबूत करने के लिए गांदरबल पुलिस के लगातार किए जा रहे काम की सराहना की है।