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समुद्री शक्ति पर मोदी का फोकस: 29 अक्टूबर को मुंबई में ‘इंडिया मैरीटाइम वीक 2025’ में देंगे संबोधन

मुंबई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को मुंबई के नेस्को प्रदर्शनी केंद्र में इंडिया मैरीटाइम वीक-2025 (आईएमडब्ल्यू 2025) के मैरीटाइम लीडर्स कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे और ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम की अध्यक्षता करेंगे। यह आयोजन भारत को वैश्विक समुद्री केंद्र और ब्लू इकोनॉमी में अग्रणी बनाने की रणनीति को प्रदर्शित करेगा। 27 से 31 अक्टूबर तक चलने वाले इस आयोजन का विषय 'महासागरों का एकीकरण, एक समुद्री दृष्टिकोण' है, जो भारत के मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।  आईएमडब्ल्यू 2025 में 85 से अधिक देशों के 1,00,000 से ज्यादा प्रतिनिधि, 500 से अधिक प्रदर्शक और 350 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय वक्ता हिस्सा लेंगे। ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम में वैश्विक समुद्री कंपनियों के सीईओ, निवेशक, नीति-निर्माता और नवप्रवर्तक एक मंच पर जुटेंगे। यह फोरम सतत समुद्री विकास, हरित नौवहन, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं और समावेशी ब्लू इकोनॉमी पर केंद्रित रहेगा। प्रधानमंत्री की उपस्थिति इस आयोजन को वैश्विक स्तर पर और मजबूती प्रदान करेगी, जो भारत को विश्व की अग्रणी समुद्री शक्तियों में स्थापित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 चार रणनीतिक स्तंभों पर आधारित है: बंदरगाह-आधारित विकास, नौवहन और जहाज निर्माण, निर्बाध रसद और समुद्री कौशल निर्माण। यह विजन भारत को 2047 तक वैश्विक समुद्री व्यापार का केंद्र बनाने का लक्ष्य रखता है। आईएमडब्ल्यू 2025 इस दृष्टिकोण को लागू करने का प्रमुख मंच है, जो नौवहन, बंदरगाहों, जहाज निर्माण, क्रूज पर्यटन और ब्लू इकोनॉमी के वित्तपोषण से जुड़े हितधारकों को जोड़ता है। आयोजन में भारत की समुद्री क्षमताओं, जैसे विश्वस्तरीय बंदरगाह, पर्यावरण-अनुकूल जहाज निर्माण और डिजिटल रसद समाधानों को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रधानमंत्री का यह दौरा भारत की समुद्री नीति को वैश्विक मंच पर रेखांकित करेगा। हाल ही में मुंबई में 55,969 करोड़ रुपए के 15 समझौता एएमयू पर हस्ताक्षर हुए, जिनमें अदाणी पोर्ट्स, जेएसडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर और गोवा शिपयार्ड जैसी कंपनियां शामिल थीं। ये समझौते बंदरगाह विकास, जहाज निर्माण और हरित नौवहन में निवेश को बढ़ावा देंगे।

डोनाल्ड ट्रंप को मिला बड़ा समर्थन, जापान की पीएम ने दिया नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकन

जापान  जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची (Sanae Takaichi) ने मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अगले साल के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया है. उन्होंने यह जानकारी ट्रंप को टोक्यो में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान दी, जहां दोनों नेताओं ने अमेरिका-जापान गठबंधन को 'Golden Age' घोषित करने वाले दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, ताकाइची ने ट्रंप को निजी तौर पर बताया कि उन्होंने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया है और औपचारिक कागजात भी सौंपे. यह कदम ट्रंप के लिए एक बड़ी राजनीतिक और व्यक्तिगत उपलब्धि मानी जा रही है. क्या है जापान- US का ‘Golden Age’ समझौता  ट्रंप और ताकाइची की इस बैठक में दोनों देशों ने नए दौर के सहयोग की घोषणा की है. साथ ही जुलाई में हुई ट्रेड डील की पुष्टि की गई, जिसके तहत जापानी वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ 15% कर दिए गए हैं. साथ ही रेयर-अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करने का संकल्प लिया गया. इसे चीन के निर्यात प्रतिबंधों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है. गाज़ा संघर्षविराम के लिए सराहना ताकाइची ने अपने सार्वजनिक संबोधन में ट्रंप की इज़राइल-हमास संघर्षविराम में भूमिका की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, 'बहुत कम समय में दुनिया ने जमीन पर अधिक शांति देखी है. मैं आपके शांति और स्थिरता के प्रति समर्पण को अत्यधिक महत्व देती हूं.' जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री ताकाइची ने घोषणा की कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ (2026) पर जापान की ओर से 250 चेरी ब्लॉसम के पेड़ और 4 जुलाई के आतिशबाज़ी समारोह का उपहार दिया जाएगा. ट्रंप ने भी उनकी तारीफ करते हुए कहा कि दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने ताकाइची को हमेशा अपना सबसे विश्वसनीय सहयोगी बताया था. कई देश कर चुके हैं ट्रंप को नॉमिनेट  बताते चलें कि ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित करने की यह अकेली पहल नहीं है. इससे पहले कंबोडिया के पीएम हुन मानेत ने थाईलैंड के साथ सीमा युद्ध खत्म कराने के लिए उन्हें नामांकित किया. पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ ने गाज़ा और भारत-पाक संघर्ष विराम के लिए नामांकन की घोषणा की थी. वहीं आर्मेनिया और अज़रबैजान के नेताओं ने भी अपने साझा पत्र में ट्रंप को शांति प्रयासों के लिए सिफारिश की. इज़रायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान युद्ध खत्म कराने के लिए उनका नाम प्रस्तावित किया. इसके अलावा रवांडा और अफ्रीकी देशों के नेताओं ने भी क्षेत्रीय संघर्षों के समाधान में ट्रंप की भूमिका का समर्थन किया. शांति मेरा शौक नहीं, जुनून है- ट्रंप इससे पहले ट्रंप ने सोमवार को कहा, 'मैं नहीं कहूंगा कि यह मेरा शौक है, क्योंकि यह उससे कहीं गंभीर है. लेकिन यह वो काम है जो मुझे अच्छा लगता है और मैं इसमें माहिर हूं.' उन्होंने कहा कि अब उनका ध्यान रूस-यूक्रेन युद्ध और पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा विवाद सुलझाने पर है. ट्रंप का दावा है कि उन्होंने इस साल 8 अंतरराष्ट्रीय संघर्षों में शांति स्थापित करने में भूमिका निभाई है. कौन देता है नोबेल पुरस्कार गौरतलब है कि नोबेल शांति पुरस्कार नॉर्वे की संसद द्वारा नियुक्त पांच सदस्यीय समिति देती है. पुरस्कार हर साल अक्टूबर में घोषित होता है और यह पिछले कैलेंडर वर्ष के योगदान पर आधारित होता है. इस साल यह पुरस्कार वेनेज़ुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचादो को दिया गया, जिन्होंने अपनी जीत को ट्रंप के शांति प्रयासों को समर्पित बताया.

फ्लाइट कैओस इन अमेरिका: तकनीकी गड़बड़ी से ठप्प हवाई सेवा, FAA ने यात्रियों को किया अलर्ट

वाशिंगटन  अमेरिका में चल रहे 27वें दिन के सरकारी शटडाउन ने देशभर में हवाई सेवाओं को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार को 4,000 से अधिक उड़ानें विलंबित हुईं और करीब 118 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। रिपोर्टों के मुताबिक, रविवार को ही 8,700 से ज्यादा उड़ानें देर से रवाना हुई थीं। हवाई अड्डों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावरों में कर्मचारियों की भारी कमी देखी जा रही है। लगभग 13,000 एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और 50,000 ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (TSA) अधिकारी बिना वेतन काम कर रहे हैं, जिससे पूरे सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है। फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण दक्षिणपूर्वी राज्यों और न्यूर्क लिबर्टी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (न्यू जर्सी) में उड़ानों पर खासा असर पड़ा है। वहीं, लॉस एंजिल्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों को औसतन 25 मिनट तक रनवे पर रोका गया। अमेरिकी परिवहन सचिव शॉन डफी ने बताया कि हजारों कर्मचारी मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। उन्होंने कहा, “कई अधिकारी तनख्वाह से तनख्वाह पर जीवनयापन करते हैं। अब वे ईंधन और बच्चों की देखभाल के खर्च को लेकर चिंतित हैं।” परिवहन विभाग ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकारी गतिरोध खत्म नहीं होता, उड़ानों में देरी और रद्दीकरण जारी रहेंगे। एयरलाइनों ने यात्रियों से यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस जांचने और लंबे इंतजार के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि शटडाउन समाप्त होने के बाद भी स्थिति सामान्य होने में कई दिन या हफ्ते लग सकते हैं, क्योंकि स्टाफ की कमी और परिचालन बाधाओं ने हवाई यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का ऐलान: 2050 तक भारत होगा सौर ऊर्जा सुपरपावर, इनोवेशन बनेगा आधार

नई दिल्ली  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि 2050 तक भारत न केवल अपने क्लीन एनर्जी टारगेट्स को पूरा करना चाहता है, बल्कि एक ऐसा हब भी बनना चाहता है जो ग्लोबल सोलर मांग को एकीकृत करे और इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और नॉलेज के आदान-प्रदान को बढ़ावा दे। राष्ट्रीय राजाधानी में भारत मंडपम में इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) की असेंबली के आठवें सत्र को संबोधित करते हुए, राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि भारत एक ग्लोबल सोलर एनर्जी हब बनने की राह पर है। उन्होंने समय से पहले रिन्यूएबल एनर्जी टारगेट्स को प्राप्त करने में देश की प्रगति पर प्रकाश डाला और ग्लोबल सोलर डिमांड को एकीकृत करने और क्लीन एनर्जी इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए एक दृष्टिकोण की रूपरेखा प्रस्तुत की। राष्ट्रपति ने कहा कि आईएसए मानवता की साझा आकांक्षा का प्रतीक है, जिसमें समावेशिता, सम्मान और सामूहिक समृद्धि के स्रोत के रूप में सोलर एनर्जी का उपयोग करना शामिल है। राष्ट्रपति ने सभी सदस्य देशों से इन्फ्रास्ट्रक्चर से आगे सोचने और लोगों के जीवन पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस असेंबली को एक सामूहिक कार्य योजना विकसित करनी चाहिए जो सोलर एनर्जी को रोजगार सृजन, महिला नेतृत्व, ग्रामीण आजीविका और डिजिटल समावेशन से जोड़े। राष्ट्रपति ने कहा, "हमारी प्रगति केवल मेगावाट से नहीं, बल्कि रोशन हुए जीवन, मजबूत हुए परिवारों और समुदायों में आए बदलाव से भी मापी जानी चाहिए। टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और अधिकतम लाभ के लिए नवीनतम और उन्नत तकनीकों को सभी के साथ साझा करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।" राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। इस खतरे से निपटने के लिए तत्काल और ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। भारत जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है और दृढ़ संकल्पित कदम उठा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि आईएसए सोलर एनर्जी को अपनाने और उपयोग को प्रोत्साहित करके इस वैश्विक चुनौती से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम में बोलते हुए, उपभोक्ता मामले और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री, प्रल्हाद जोशी ने भारत की रिन्यूएनबल एनर्जी यात्रा के बारे में बताया। उन्होंने आगे कहा कि देश में रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन बढ़कर 257 गीगावाट हो गया है, जो कि पहले 2014 में 81 गीगावाट था। केंद्रीय मंत्री ने संबोधन में कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में, भारत ने 2030 के लक्ष्य से 5 साल पहले ही गैर-जीवाश्म स्रोतों से 50 प्रतिशत ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य हासिल कर लिया है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा सुलभ और सस्ती हो गई है।" जोशी ने आगे कहा कि पीएम-कुसुम, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, पीएम-जनमन और 'एक सूर्य, एक विश्व, एक ग्रिड' जैसी परिवर्तनकारी पहलों के माध्यम से, भारत ऊर्जा न्याय सुनिश्चित करने, सबसे गरीब लोगों को सशक्त बनाने और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करने के प्रयासों का नेतृत्व कर रहा है।

4 टन चीनी केकड़े जब्त! ताइवान की एजेंसी ने खोला बड़ा राज, जानें क्या मिला जांच में

ताइवान  ताइवान के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (TFDA) ने लैब टेस्ट में प्रतिबंधित पशु चिकित्सा दवा के अवशेष मिलने के बाद चीन से आयातित एक बड़ी मात्रा के मिटन केकड़ों को जब्त कर लिया है, जिससे चीन से खाद्य पदार्थों के आयात की गुणवत्ता पर फिर से सवाल उठ गए हैं। फोकस ताइवान के मुताबिक, यह जब्त खेप कुल 3915 किलोग्राम वजनी थी, जो ताओयुआन की कंपनी रुइहेंग इंटरनेशनल ट्रेड द्वारा मंगाई गई थी। टेस्ट में सल्फाडायज़ीन नामक एंटीबायोटिक का 0.04 भाग प्रति मिलियन (ppm) स्तर पाया गया, जो ताइवान के खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार क्रस्टेशियन उत्पादों में निषिद्ध है। TFDA के उत्तरी क्षेत्रीय प्रबंधन केंद्र के डायरेक्टर लियू फांग-मिंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि अधिकारियों ने इस बैच को या तो नष्ट करने या निर्यातक को वापस भेजने का निर्देश जारी किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि समुद्री भोजन में एंटीबायोटिक अवशेषों के लंबे संपर्क से एंटीबायोटिक प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सकती है, जो चिकित्सा उपचारों की कारगरता को प्रभावित कर सकती है। इस वर्ष चीन से आए तीन मिटन केकड़ों के बैचों में यह पहला मामला है। ताइवान ने 2007 से चीनी मिटन केकड़ों पर 100 प्रतिशत जांच का नियम कायम रखा है, जिसमें नशीली दवाओं के अवशेष, डाइऑक्सिन और पॉलीक्लोरीनेटेड बाइफिनाइल (PCB) की जांच शामिल है। 2024 में 31 बैचों की जांच हुई, जिसमें से एक शिपमेंट को डाइऑक्सिन की अधिकता के कारण पहले ही खारिज कर दिया गया था। TFDA ने यह भी बताया कि ये दूषित केकड़े हाल ही में सीमा पर चिह्नित 11 आयातित खाद्य उत्पादों में से एक थे। इनमें जापान से आयातित खरबूजे, इंडोनेशिया से मछली केक, चीन से मूली की पत्तियां और मलेशिया से सलाद पत्र शामिल हैं, जो सभी सुरक्षा जांचों में फेल हो गए।

ट्रंप-पुतिन रिश्तों में दरार से हिला रूस, तेल कारोबार की नींव खिसकने लगी

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच तनाव की कीमत एक प्रमुख रूसी तेल कंपनी चुका रही है। अमेरिकी प्रतिबंधों के दबाव में रूस की तेल कंपनियां बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, और उनका वैश्विक साम्राज्य धीरे-धीरे ढहने लगा है। रूस की दूसरी सबसे बड़ी तेल उत्पादक कंपनी लुकोइल ने घोषणा की है कि वह अपनी विदेशी संपत्तियों को बेच देगी। लुकोइल ने बताया कि यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में अमेरिका द्वारा पिछले सप्ताह लगाए गए प्रतिबंधों के बाद वह अपनी अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों का निपटान करेगी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि ये प्रतिबंध अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए हैं, जिनका मकसद रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध रोकने के लिए मजबूर करना है। एक आधिकारिक बयान में लुकोइल ने कहा कि वह संभावित खरीदारों के साथ चर्चा में जुटी हुई है। ये सौदे प्रतिबंधों में दी गई छूट की अवधि के अंतर्गत पूरे होंगे, जिसमें 21 नवंबर तक लेन-देन की अनुमति है। कंपनी ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस समयसीमा को बढ़ाया जा सकता है। बता दें कि लुकोइल के पास 11 देशों में तेल-गैस परियोजनाओं में हिस्सेदारी है, जिसमें बुल्गारिया और रोमानिया में रिफाइनरियां तथा नीदरलैंड्स की एक रिफाइनरी में 45 प्रतिशत का शेयर शामिल है। गौरतलब है कि ट्रंप ने 22 अक्टूबर को रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों ( लुकोइल और रोसनेफ्ट) पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की थी। ये कंपनियां रूस के तेल निर्यात का लगभग आधा हिस्सा संभालती हैं। तेल-गैस क्षेत्र से होने वाली कमाई रूस की सरकार के राजस्व का मुख्य स्तंभ है। वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने रूस से यूक्रेन में तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताने की अपील की है। बता दें कि इन प्रतिबंधों से लुकोइल और रोसनेफ्ट के लिए विदेशों में व्यापार करना लगभग असंभव हो गया है। अमेरिकी कंपनियों को इनसे लेन-देन करने से रोकने के अलावा, इन प्रतिबंधों का असर उन विदेशी बैंकों पर भी पड़ सकता है जो इन कंपनियों के साथ कारोबार करते हैं, क्योंकि उन्हें भी पाबंदियां झेलनी पड़ सकती हैं।

टीवी डिबेट में इजरायल का समर्थन करना पड़ा भारी, पाकिस्तान में पत्रकार की गोली मारकर हत्या

कराची  कराची में टेलीविजन चैनल पर इजराइल के समर्थन में टिप्पणी कर रहे एक पत्रकार की चरमपंथी इस्लामी समूह के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर हत्या कर दी। सिंध प्रांत के गृह मंत्री ने यह जानकारी दी। कराची के मालिर इलाके में टेलीविजन चैनल कार्यालय से बाहर निकलते समय 21 सितंबर को पत्रकार एवं एंकर इम्तियाज मीर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के आरोप में संदिग्ध चार आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है। गृह मंत्री जियाउल हसन लंजहर ने सोमवार को दावा किया कि हत्यारे, पत्रकार मीर को इजराइल का कथित समर्थक मानते थे और इसी समर्थन वाली टिप्पणी के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। सिंध पुलिस के महानिरीक्षक (आईजीपी) गुलाम नबी मेमन और शहर के पुलिस प्रमुख जावेद आलम ओधो ने मीडिया को बताया कि गिरफ्तार किए गए चार व्यक्तियों ने पाकिस्तान के बाहर स्थित अपने आका के आदेश पर हत्या करने की बात कबूल की है। मेमन ने किसी देश का नाम लिए बिना कहा, ‘गिरफ्तार किए गए संदिग्ध शिक्षित व्यक्ति हैं और उनका सरगना एक पड़ोसी देश में रह रहा है।’ गिरफ्तार किए गए संदिग्धों की पहचान अजलाल जैदी, शहाब असगर, अहसान अब्बास और फराज अहमद के रूप में हुई है। बताया जाता है कि वे ‘लश्कर सरुल्लाह’ से जुड़े हैं जो प्रतिबंधित जैनबियून ब्रिगेड का हिस्सा है। बलूचिस्तान में हमला, पुलिस अधिकारी की मौत बलूचिस्तान प्रांत के भाग कस्बे में आतंकवादियों के हमले में पुलिस के एक अधिकारी की मौत हो गई और अन्य घायल हो गए। आतंकियों ने एक लेवी स्टेशन और अन्य सरकारी इमारतों में आग भी लगा दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि सोमवार रात की घटना के दौरान भागने की कोशिश कर रहे दो आतंकवादियों को मार गिराया गया जिनमें से एक का शव आतंकवाद रोधी विभाग के पास है जबकि दूसरे को भागते हुए आतंकवादी अपने साथ ले गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मजूर रहमान ने बताया कि करीब 50 हथियारबंद लोग मोटरसाइकिलों पर सवार होकर कच्ची जिले के भाग में पहुंचे और सबसे पहले लेवी पिकअप ट्रक, थाने और लेवी स्टेशन पर हमला किया। लेवी प्रांतीय अर्धसैनिक बल हैं। हथियारबंद लोगों ने लेवी कर्मियों को बंधक बना लिया और थाने पर गोलीबारी शुरू कर दी। हालांकि इलाके में तैनात पुलिस ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की जिसके बाद मुठभेड़ हुई। एसएसपी ने बताया कि भाग थाना प्रभारी लुटाफ खोसा की मौत हो गई जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए।  

पार्क स्ट्रीट केस से जुड़े नाम फिर सुर्खियों में, कोलकाता क्लब में हुई घटना पर बवाल

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक पांच सितारा होटल के अंदर स्थित क्लब में रविवार को एक महिला के साथ कथित तौर पर छेड़खानी, मारपीट और बीयर की बोतलों से हमला किया गया। घटना के बाद पीड़िता ने लगभग आधे घंटे तक खुद को छिपाए रखा। एफआईआर के मुताबिक, यह हादसा रविवार सुबह 4 से 5 बजे के बीच हुआ, जब महिला अपने पति, भाई और दोस्तों के साथ क्लब में पार्टी कर रही थी। बताया गया कि पुलिस ने उसे होटल के बार से सुरक्षित निकाला। बिधाननगर दक्षिण पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, एफआईआर में पार्क स्ट्रीट के निवासी जुनैद खान और नासिर खान को मुख्य आरोपी बताया गया है। पीड़िता की शिकायत में लगाए गंभीर आरोप अपनी शिकायत में पीड़िता ने विस्तार से घटना का जिक्र किया है। उन्होंने कहा है कि क्लब में हमारी टेबल पर पार्टी चल रही थी, तभी कुछ लोगों ने अचानक हम पर हमला बोल दिया। जुनैद खान, नासिर खान और उनके दोस्तों के समूह ने मेरे साथ मारपीट की और यौन शोषण की कोशिश की। जब मेरे भाई ने मुझे बचाने की कोशिश की, तो उन्होंने उसके ऊपर कांच और बीयर की बोतलें फेंक दीं। हमने खुद को बचाने के लिए होटल से भागने का प्रयास किया, लेकिन जुनैद ने और लोगों को बुला लिया, और फिर से हम पर हमला शुरू कर दिया। शिकायत में आगे कहा गया है कि मैंने मदद के लिए पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल की, लेकिन आरोपी ने सभी दरवाजे बंद करा दिए। फिर कुछ लड़कों ने मुझे धक्का देना शुरू कर दिया और बेहद घिनौने तरीके से छूना-छेड़ना शुरू कर दिया। मैंने अपनी मेडिकल रिपोर्ट संलग्न की है और क्लब परिसर के सीसीटीवी फुटेज में पूरा हमला कैद है। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि जुनैद और नासिर वही अपराधी हैं, जो 2012 के कुख्यात पार्क स्ट्रीट गैंगरेप केस में शामिल थे। महिला के अनुसार, वे फोन पर उसे जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आरोपी का आपराधिक इतिहास पुलिस सूत्रों के अनुसार, नासिर खान को 2012 के पार्क स्ट्रीट गैंगरेप मामले में दोषी ठहराया गया था। सजा पूरी करने के बाद वह 2020 में जेल से रिहा हुआ। इस केस में उसके भतीजे जुनैद खान का नाम भी आरोपी के रूप में आया था। वहीं, बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमें पीड़िता की शिकायत प्राप्त हो चुकी है और प्रारंभिक जांच जारी है। जांच के बाद ही कुछ और कहा जा सकता है।

RSS शाखाओं पर बैन के आदेश पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने लगाई रोक, सरकार को फटकार

बेंगलुरु  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यक्रमों पर रोक लगाने को लेकर कर्नाटक सरकार के आदेश पर अब हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। जस्टिस एम नागाप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने राज्य सरकार और हुबली पुलिस कमिश्नर के आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा है कि उन्हें इसका संवैधानिक अधिकार कहां से मिल गया।18 अक्टूबर को राज्य सरकार ने कहा था कि बिन इजाजत के 10 से ज्यादा लोगों का इकट्ठा होना अपराध है। इसके अलावा पार्क, सड़कों और खेल के मैदान में ज्यादा लोगों के इकट्ठे होने पर कार्रवाई की जाएगी। संवैधानिक अधिकारों पर रोक नहीं लगा सकती सरकारः HC हाई कोर्ट ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19 (1)(A),19 (1) (B) के तहत दिए गए अधिकारों पर सरकार रोक नहीं लगा सकती है। कोर्ट ने कहा कि सभी को अभिव्यक्ति का अधिकार और शांतिपूर्ण ढंग से सभा करने का अधिकार दिया गया है और सरकार में उसमें देखल नहीं दे सकती। इस मामले में अभी आगे की सुनवाई होनी है। फिलहाल कोर्ट के इस आदेश से आरएसएस को अंतरिम राहत मिल गई है। बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने कहा था कि आरएसएस के खिलाफ ये सारे कदम प्रियंक खरगे के इशारे पर उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, आरएसएस अपनी गतिविधियां शांतिपूर्ण तरीके से करता है। वह जुलूसी भी शांति से निकालता है। वहीं कर्नाटक की कैबिनेट ने आरएसएस के कार्यक्रमों और शाखाओं पर रोक लगाने के लिए एक आदेश को मंजूरी दी थी। इसमें कहा गया था कि सरकारी जगहों पर बिना इजाजत इकट्ठा होना अपराध होगा और इसपर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले प्रियंक खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर कहा था कि राज्य में आरएसएस की गतिविधियों पर रोक लगाने की जरूरत है। बीजेपी ने कहा था कि कांग्रेस यह सब केवल राजनीतिक बदले की भावना की वजह से करना चाहती है। इसके बाद कांग्रेस ने जवाब देते हुए कहा था कि 2013 में बीजेपी सरकार ने भी इसी तरह का आदेश दिया था और कहा था कि स्कूल का परिसर और खेल के मैदान का इस्तेमाल केवल शैक्षिक कार्यक्रमों के लिए होगा।

हम अपने डॉक्टरों की सुरक्षा नहीं करेंगे तो समाज हमें माफ नहीं करेगा: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली  उच्चतम न्यायालय ने निजी क्लीनिक, औषधालयों और गैर-मान्यता प्राप्त अस्पतालों में कोविड-19 से लड़ते हुए जान गंवाने वाले चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को बीमा पॉलिसी में शामिल नहीं किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। लेकिन अदालत के रुख से स्पष्ट है कि वह डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों को बीमा पॉलिसी में शामिल न करने के खिलाफ है। बेंच ने मंगलवार को कहा कि यदि न्यायपालिका चिकित्सकों का ध्यान नहीं रखेगी और उनके लिए खड़ी नहीं होगी तो समाज उसे माफ नहीं करेगा। न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बीमा कंपनियां वैध दावों का निपटारा करें और यह धारणा सही नहीं है कि निजी चिकित्सक मुनाफा कमाने के लिए काम कर रहे हैं। पीठ ने कहा, ‘अगर हम अपने चिकित्सकों का ध्यान नहीं रखेंगे और उनके लिए खड़े नहीं होंगे तो समाज हमें माफ नहीं करेगा…।’ अदालत ने कहा, ‘अगर आपके अनुसार यह शर्त पूरी होती है कि वे कोविड-19 से निपटने के लिए काम कर रहे थे और कोविड के कारण उनकी मौत हुई है तो आपको बीमा कंपनी को भुगतान करने के लिए बाध्य करना चाहिए। सिर्फ इसलिए कि वे सरकारी ड्यूटी पर नहीं थे, यह धारणा सही नहीं है कि वे मुनाफा कमा रहे थे।’ शीर्ष अदालत ने केंद्र को प्रधानमंत्री बीमा योजना के अलावा उपलब्ध अन्य समान या समानांतर योजनाओं के बारे में प्रासंगिक आंकड़े और जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। पीठ ने कहा, ‘हमें आंकड़े और प्रधानमंत्री योजना के अलावा उपलब्ध अन्य समानांतर योजनाओं के बारे में कुछ जानकारी दीजिए। हम सिद्धांत निर्धारित करेंगे और उसके आधार पर बीमा कंपनी से दावे किए जा सकेंगे। बीमा कंपनी को हमारे फैसले के आधार पर विचार करना और आदेश पारित करना है।’ शीर्ष अदालत मुंबई उच्च न्यायालय के नौ मार्च 2021 के आदेश के खिलाफ दायर प्रदीप अरोड़ा और अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। किसकी अर्जी पर SC ने पलट दिया हाई कोर्ट का फैसला मुंबई उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा था कि निजी अस्पताल के कर्मचारी बीमा योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के हकदार नहीं हैं, जब तक कि राज्य या केंद्र सरकार द्वारा उनकी सेवाओं की मांग न की जाए। किरण भास्कर सुरगड़े नाम की महिला ने उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की थी जिनके पति – जो ठाणे में एक निजी क्लिनिक चलाते थे – की 2020 में कोरोना वायरस के कारण मौत हो गई थी। बीमा कंपनी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत किरण के दावे को इस आधार पर खारिज कर दिया कि उनके पति के क्लिनिक को कोविड-19 अस्पताल के रूप में मान्यता नहीं दी गई थी।