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प्रधान सचिव बोले: भर्ती में योग्यता, कार्य में टीमवर्क और नैतिक मूल्य सर्वोपरि

मुंबई  प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्रा ने कहा कि अब केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों में नियुक्तियां डोमेन की विशेषज्ञता, योग्यता और साख के आधार पर हो रही हैं। उन्होंने बताया कि मल्टी-सोर्स फीडबैक प्रणाली, मिशन कर्मयोगी और इंटरव्यू खत्म करने जैसे कदमों से नौकरशाही में पारदर्शिता बढ़ी है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने शनिवार को एक कार्यक्रम में नौकरशाही की पार्दर्शिता को लेकर कई बाते कही।उन्होंने बताया कि सरकार ने शासन में आते ही चुपचाप कई सुधार शुरू किए थे। साथ ही उन्होंने कहा कि अब केंद्र सरकार और राज्य संचालित कंपनियों में नियुक्तियों में विशेषज्ञता, योग्यता और प्रतिष्ठा को प्राथमिकता दी जा रही है। केंद्र सरकार की नियुक्तियों में अब वरिष्ठ नौकरशाहों और सार्वजनिक उपक्रमों में शीर्ष पदों पर तैनाती सिर्फ अनुभव के आधार पर नहीं, बल्कि डोमेन की विशेषज्ञता, योग्यता और साख को ध्यान में रखकर की जा रही है। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पीके मिश्रा ने मुंबई स्थित आईआईएम के दीक्षांत समारोह में यह बात कही। कब शुरू हुए थे रणनीतिक बदलाव मिश्रा ने कहा कि 2014 से कर्मियों के प्रबंधन में जो रणनीतिक बदलाव शुरू हुए थे। वे अब एक नए युग की सिविल सेवा के निर्माण की दिशा में ले जा रहे हैं। इस बदलाव से वरिष्ठ पदों जैसे संयुक्त सचिव, अतिरिक्त सचिव और सचिव स्तर की नियुक्तियां अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष हुई हैं। मल्टी-सोर्स फीडबैक सिस्टम का इस्तेमाल उन्होंने बताया कि 2016 में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती के लिए मल्टी-सोर्स फीडबैक प्रणाली लागू की गई। इसमें वरिष्ठों, कनिष्ठों, सहकर्मियों और बाहरी हितधारकों से फीडबैक लेकर निर्णय लिए जाते हैं। इससे अधिकारियों की निर्णय लेने की क्षमता, जवाबदेही, कामकाज और ईमानदारी जैसे गुणों का आकलन किया जाता है। मिशन कर्मयोगी से प्रशिक्षण में क्रांति मिश्रा ने कहा कि मिशन कर्मयोगी ने सिविल सेवाओं के प्रशिक्षण की तस्वीर बदल दी है।आई.जीओटी प्लेटफॉर्म पर 3,300 से अधिक कोर्स मौजूद हैं और 1.3 करोड़ से ज्यादा कर्मचारी इससे जुड़ चुके हैं। इनमें 50 लाख से अधिक अधिकारियों ने भूमिका-विशेष प्रशिक्षण पूरा कर लिया है। इसे अब वार्षिक मूल्यांकन प्रणाली से भी जोड़ा गया है। समूह बी और सी पदों पर इंटरव्यू खत्म प्रधान सचिव ने बताया कि समूह बी और सी पदों की नियुक्तियों में 2016 से इंटरव्यू खत्म कर दिए गए हैं। इससे चयन प्रक्रिया से पक्षपात और व्यक्तिपरकता हट गई है। उन्होंने कहा कि इस कदम से पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ी है और टैलेंट पूल भी विस्तृत हुआ है।   बदलते दौर में टीमवर्क और नैतिकता पर जोर मिश्रा ने स्नातकों से कहा कि बदलते दौर में तकनीकी कौशल के साथ ही टीमवर्क, पारदर्शिता, विनम्रता और नैतिक मूल्यों का होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सफलता सिर्फ व्यक्तिगत नहीं होती बल्कि शिक्षकों, परिवार और सहकर्मियों के सहयोग से मिलती है। भारत का बढ़ता वैश्विक प्रभाव प्रधान सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकसित भारत @2047 की दृष्टि में ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ का मंत्र शामिल है। भारत आज 100 से अधिक यूनिकॉर्न और 1.9 लाख स्टार्टअप के साथ वैश्विक नवाचार शक्ति बन चुका है। सरकार ने अनुसंधान और तकनीक के लिए एक लाख करोड़ रुपये का अनुसंधान राष्ट्रीय कोष, इंडियाAI मिशन और डीप टेक फंड ऑफ फंड्स जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं। 

एक ओर गाजा में तबाही, दूसरी ओर यूरोप के देश फलस्तीन को मान्यता देने के कगार पर

काहिरा गाजा सिटी पर इस्राइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई। मारे गए लोगों में छह एक ही परिवार से थे। हमलों के बीच पुर्तगाल और अन्य पश्चिमी देश फलस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता देने की तैयारी कर रहे हैं। गाजा में 65,000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, जबकि 90% आबादी विस्थापित है। गाजा पर इस्राइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कई पश्चिमी देश अब खुले तौर पर फलस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अगले हफ्ते न्यूयॉर्क में होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बन सकता है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों में छह लोग एक ही परिवार से थे। इनमें शिफा अस्पताल के निदेशक मोहम्मद अबू सलमिया के रिश्तेदार भी शामिल हैं। एक अन्य हमले में शावा स्क्वायर के पास पांच लोगों की मौत हुई। राहत एजेंसियां कह रही हैं कि गाजा में हालात अकाल जैसी स्थिति तक पहुंच गए हैं। पश्चिमी देशों का रुख बदलता हुआ इस्राइल के हमलों के बीच पुर्तगाल ने घोषणा की है कि वह रविवार को आधिकारिक तौर पर फलस्तीन राज्य को मान्यता देगा। इसके अलावा ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, माल्टा, बेल्जियम और लक्ज़मबर्ग जैसे देश भी आने वाले दिनों में यह कदम उठा सकते हैं। पश्चिमी देशों का यह रुख इस्राइल पर बढ़ते दबाव का संकेत है। युद्ध का दायरा और बढ़ा इस्राइल की सेना का कहना है कि उसका लक्ष्य हमास की सैन्य संरचना को पूरी तरह नष्ट करना है। हालांकि इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। माना जा रहा है कि अभियान महीनों तक चल सकता है। पिछले 23 महीनों में इस्राइली बमबारी से गाजा में 65,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और करीब 90 प्रतिशत आबादी विस्थापित हो चुकी है। मानवीय संकट गहराया गाजा सिटी में रहने वाले हजारों लोगों को दक्षिण की ओर जाने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन कई लोग या तो कमजोर हैं, या फिर उनके पास संसाधन नहीं हैं कि वे बार-बार उजड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा सकें। संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियां कह रही हैं कि इस तरह की जबरन निकासी से मानवीय संकट और गंभीर होगा। बच्चों के लिए भेजी मदद लूटी गई यूनिसेफ ने शुक्रवार को खुलासा किया कि कुपोषित बच्चों के लिए भेजा गया जीवनरक्षक भोजन सशस्त्र लोगों ने लूट लिया। चार ट्रकों से यह सामान गाजा सिटी में जबरन छीना गया। इस्राइल ने इसका आरोप हमास पर लगाया है, हालांकि संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उनके पास मदद के दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े तंत्र मौजूद हैं। संघर्ष की जड़ें और आंकड़े सात अक्टूबर 2023 को हमास ने दक्षिणी इस्राइल में हमला किया था जिसमें 1200 लोग मारे गए और 251 को बंधक बनाया गया। इनमें से 48 अभी भी गाजा में हैं और आधे से भी कम के जिंदा होने की आशंका है। इसके बाद से अब तक 65,100 से अधिक फलस्तीनियों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र इन आंकड़ों को विश्वसनीय मानता है। 

भारत में पहली बार: मुंबई में FIA-प्रमाणित नाइट स्ट्रीट रेसिंग सर्किट

नई दिल्ली  महाराष्ट्र खेलों की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। पहली बार नवी मुंबई की सड़कें रात में जगमगाते फ्लडलाइट्स के बीच हाई-स्पीड रेसिंग ट्रैक में बदलेंगी। यह नाइट रेस भारत में मोटरस्पोर्ट्स का नया इतिहास रचने वाली होगी।  मुंबई पहली बार दिसंबर 2025 में एक FIA-ग्रेड स्ट्रीट रेसिंग इवेंट की मेजबानी करने जा रही है। इसके लिए रेसिंग प्रमोशनंस प्राइवेट लिमिटेड (RPPL) (आरपीपीएल) और नवी मुंबई म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (NMMC) (एनएमएमसी) के बीच समझौता हुआ है। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम के साथ मुंबई को पहली बार इंडियन रेसिंग फेस्टिवल (IRF) (आईआरएफ) के कैलेंडर में शामिल किया गया है। और मुंबई को मिलेगा अपना पहला FIA-प्रमाणित स्ट्रीट सर्किट। कैसा होगा नया सर्किट यह सर्किट 3.753 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें 14 टर्न्स (घुमाव) होंगे। नवी मुंबई की सड़कों को एक टेक्निकल रेसिंग ट्रैक में बदला जाएगा। खास बात ये है कि यह रेस रात में फ्लडलाइट्स के बीच होगी, ताकि ड्राइवर्स और दर्शक दोनों को शानदार एक्सपीरियंस मिले। वीकेंड पर दो बड़े चैम्पियनशिप आयोजित होंगे – इंडियन रेसिंग लीग (Indian Racing League) (IRL) और Formula 4 Indian Championship (फॉर्मूला 4 इंडियन चैंपियनशिप) (F4IC)।   कहां से गुजरेगा ट्रैक सर्किट का रूट पाम बीच रोड से शुरू होगा और चौड़ी सिटी बुलेवार्ड्स और नेरुल लेक के आसपास के इलाकों से होकर गुजरेगा। इसका डिजाइन ऐसा है कि ड्राइवर के कौशल की असली परीक्षा होगी। वहीं दर्शकों को एकदम करीब से रेस देखने का मौका मिलेगा।   सरकार की भूमिका सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "हम नवी मुंबई में इंडियन रेसिंग फेस्टिवल को लेकर गर्व महसूस कर रहे हैं। मुंबई स्ट्रीट रेस महाराष्ट्र के मोटरस्पोर्ट्स सफर में ऐतिहासिक मील का पत्थर है। यह न सिर्फ पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को रेसिंग, इंजीनियरिंग, टेक्नोलॉजी और इवेंट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भी प्रेरित करेगा।"    आयोजन कौन करेगा इस रेस का आयोजन आरपीपीएल करेगी, जिसने पहले भी भारत के कई शहरों में स्ट्रीट रेसिंग कराई है। कंपनी का कहना है कि मुंबई का नाइट एटमॉस्फियर इस फॉर्मेट के लिए बिल्कुल फिट है और रेस को एक अलग पहचान देगा।   सितारों की मौजूदगी इस फेस्टिवल में कई बड़ी हस्तियां टीम ओनर हैं। जिनमें जॉन अब्राहम, अर्जुन कपूर, सौरव गांगुली, सुदीप किच्चा, नागा चैतन्य और डॉ. स्वेता सुनीप आनंद शामिल हैं। इनके जुड़ने से इवेंट को और ज्यादा लोकप्रियता मिलने की उम्मीद है।   इंडियन रेसिंग फेस्टिवल क्या है IRF में दो बड़े इवेंट होते हैं- IRL, जो भारत की पहली जेंडर-न्यूट्रल चार-व्हील रेसिंग लीग है, और F4IC, जो FIA-प्रमाणित चैम्पियनशिप है और खासकर युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देती है। फॉर्मूला 4 से ड्राइवर्स को सुपर लाइसेंस पॉइंट्स भी मिलते हैं। जिससे उन्हें विदेश में जाकर ट्राई करने की जरूरत नहीं पड़ती।   मुंबई की बारी मुंबई की यह रेस IRF कैलेंडर की ताजा एंट्री होगी। इससे पहले कोयंबटूर, चेन्नई, हैदराबाद और गोवा में इवेंट्स हो चुके हैं।  

सर्दी और जुकाम का सीज़न शुरू, वायरल इंफेक्शन से सावधान रहें

नई दिल्ली  मौसम में बदलाव के चलते लोग वायरल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे है। सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित लोग अस्पताल पहुंच रहे है। वहीं कुछ पेट दर्द व उल्टी की समस्या से भी परेशान होकर चिकित्सक के पास आ रहे है। चिकित्सक संतुलित भोजन के साथ ही गुनगना पानी पीने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में इस दिनों नौ सौ से अधिक रोगियों का पंजीकरण हो रहा है। ओपीडी कक्ष के बाहर लाइन लगी रहती है। वहीं चिल्ड्रेन वार्ड भी फुल रह रहा है। तेज बुखार वाले बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। शनिवार को जिला अस्पताल में 956 रोगियों का ओपीडी के लिए पंजीकरण किया गया था। ओपीडी कक्ष के बार रोगियों की लाइन लगी थी। इसमें अधिकांश खासी, जुकाम, पेट दर्द व बुखार से पीड़ित थे। ओपीडी कक्ष में बैठे आयुष चिकित्सक डा. वीके वर्मा ने कहा क इस समय अधिकांश वायरल इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। जिससे वह बीमार पड़ जा रहे है। लोगों को सेहत सही रखने के लिए संतुलित भोजन करना चाहिए। गुनगुने पानी को पीना चाहिए। फास्ट फूड व जंक फूड खाने से परहेज करना चाहिए। बच्चों को ठंडी चीजों को न खिलाएं। बताएं कि वह लगभग 100 रोगियों की सेहत की जांच किए है। वहीं, रोगियों को परामर्श देते डा. राम जी सोनी ने कहा कि बदलते मौसम के कारण लोग सर्दी, जुकाम व बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। डा. अखिलेश मद्धेशिया भी ओपीडी कक्ष में रोगियों को देख रहे थे। चिल्ड्रेन वार्ड में कुल 11 बच्चे भर्ती थे। इसमें से अधिकांश पेट दर्द व बुखार से पीड़ित थे। वहीं पीआइसीयू में तीन बच्चें भर्ती थे। जिन्हें तेज बुखार था। ऐसे करें बचाव संतुलित भोजन का सेवन करें गुनगुने पानी को पीये फास्ट व जंक फूड से परहेज बच्चों को ठंडी चीजें न खिलाएं

यासीन मलिक मामले पर BJP का रुख साफ, महबूबा मुफ्ती के बयान को बताया निराधार

श्रीनगर भारतीय जनता पार्टी के महासचिव अशोक कौल ने शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती द्वारा गृह मंत्री से यासीन मलिक के मामले की समीक्षा की मांग पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इस अनुरोध में कोई दम नहीं है। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कौल ने कहा, यासीन मलिक के अपहरण मामले में उनके परिवार के सदस्य ने उनकी पहचान की है। अब मानवीय आधार पर समीक्षा की मांग करने का क्या मतलब है? अगर ऐसा होता, तो उनकी पहचान ही नहीं होनी चाहिए थी। कानून अपना काम करेगा। उन्होंने मलिक से जुड़ी बातों पर आगे टिप्पणी करते हुए कहा, मुझे नहीं पता कि प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले व्यक्ति के दिमाग में क्या था। ये आंतरिक विवाद हैं। मलिक का दावा है कि कांग्रेस ने उन्हें पाकिस्तान भेजा था, जबकि दूसरे लोग कुछ और कहते हैं। कौल ने कहा, आखिरकार, उनके अपने परिवार ने ही उनकी पहचान की। उनके अपहरण की कहानियां तो चलती रहेंगी, लेकिन मैं कश्मीरियों से ऐसी कहानियों से दूर रहने का आग्रह करता हूँ। इन नेताओं का असली चेहरा सामने आ गया है, और आगे और भी खुलासे होंगे। कौल ने ऐतिहासिक घटनाओं का भी हवाला देते हुए कहा, नरसिंह राव को किसी को भेजना था, लेकिन उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को भेज दिया, जो उस समय विपक्ष के नेता थे। उन्हें भारत के लिए बोलने का अवसर मिला और उन्होंने विदेश में देश को बदनाम करने से इनकार कर दिया, जैसा कि कुछ पूर्व नेताओं ने भारत की छवि खराब करने के लिए विदेश में जाकर किया था।

सेमीकंडक्टर में नई क्रांति: ‘मेक इन इंडिया’ के तहत भारत में लॉन्च हुआ नया मिशन

नई दिल्ली  भारत ने अगली पीढ़ी की सेमीकंडक्टर तकनीक में ऐतिहासिक कदम रखा है। बेंगलुरु में ब्रिटिश कंपनी एआरएम (ARM) का नया डिजाइन ऑफिस 2 नैनोमीटर (nm) चिप तकनीक पर काम शुरू करेगा, जिससे भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है जो इस अत्याधुनिक तकनीक पर काम कर सकते हैं। यह कदम भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। बेंगलुरु में बनेंगे 2nm चिप केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत अब 2nm चिप डिजाइन और निर्माण की दिशा में पूरी तरह तैयार है। बेंगलुरु में स्थापित एआरएम के नए डिजाइन सेंटर में ये अत्याधुनिक चिप डिजाइन किए जाएंगे। 16 सितंबर को मंत्री ने इस सेंटर का उद्घाटन किया, जो भारत की तकनीकी प्रगति में एक नया अध्याय जोड़ता है। इससे पहले मई 2025 में नोएडा और बेंगलुरु में 3nm चिप डिजाइन सेंटर खोले जा चुके हैं। 2nm चिप क्या है और क्यों है खास? सेमीकंडक्टर चिप्स में लाखों ट्रांजिस्टर होते हैं, जो बिजली के प्रवाह को नियंत्रित करते हैं। ट्रांजिस्टर का आकार जितना छोटा होता है, चिप उतनी ही तेज और ऊर्जा-कुशल होती है। 2nm तकनीक के ट्रांजिस्टर अत्यंत छोटे होते हैं, जो स्मार्टफोन्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवाइसेज और सुपरकंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन प्रदान करते हैं। अब तक केवल ताइवान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका, चीन और जापान ही इस तकनीक के करीब थे। भारत की इस क्षेत्र में एंट्री उसे वैश्विक तकनीकी नेताओं की कतार में लाकर खड़ा करती है। वर्तमान में फ्लैगशिप स्मार्टफोन्स जैसे iPhone और सैमसंग गैलेक्सी में 3nm चिप वाले प्रोसेसर का उपयोग हो रहा है, लेकिन अगले एक-दो साल में 2nm चिप्स का इस्तेमाल शुरू हो सकता है। भारत के लिए क्यों जरूरी है 2nm चिप? वैश्विक सेमीकंडक्टर मार्केट का आकार 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें भारत 100-110 अरब डॉलर का योगदान दे सकता है। 2nm तकनीक की दिशा में यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पहल को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह भारत को वैश्विक चिप सप्लाई चेन में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करेगा, जिससे देश की तकनीकी और आर्थिक ताकत बढ़ेगी।   सेमीकंडक्टर मिशन के तहत तेजी से प्रगति भारत सरकार के इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन के तहत 6 राज्यों में 10 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है, जिनमें कुल 1.6 लाख करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके लिए 76,000 करोड़ रुपये की सरकारी सहायता भी आवंटित की गई है। पिछले 11 वर्षों में देश में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग 6 गुना बढ़ी है, जिससे सेमीकंडक्टर की मांग में तेजी आई है। सरकार का लक्ष्य केवल असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि चिप डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।  

नवरात्रि पर माता चिंतपूर्णी मंदिर में सुरक्षा चौकसी, भीड़ को देखते हुए विशेष तैयारियां

हिमाचल  माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में शारदीय नवरात्र मेले को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। यह मेला 22 सितंबर से 1 अक्टूबर तक चलेगा, जिसके लिए भक्तों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु कुछ खास नियम लागू किए गए हैं। इन नियमों को जिला दंडाधिकारी जतिन लाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी किया है। इन नियमों का रखना होगा ध्यान इन नियमों के तहत, मेले के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात जवानों के अलावा किसी भी व्यक्ति को हथियार लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। नवरात्रों के दौरान ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, मंदिर न्यास (ट्रस्ट) को इसकी अनुमति होगी। इसके साथ ही, ब्रास बैंड, ढोल, और लंबे चिमटे जैसी चीजें भी मेले में लाने की अनुमति नहीं होगी। अगर कोई श्रद्धालु इन चीजों को अपने साथ लाता है, तो उन्हें पुलिस द्वारा लगाए गए बैरियर पर जमा करवाना होगा।   पर्यावरण को साफ रखने के उद्देश्य से पॉलीथीन के उपयोग पर भी पूरी तरह से रोक रहेगी। इसके अलावा, सड़क के किनारे या खुले में लंगर लगाने की भी अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए आतिशबाजी पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नवरात्र के दौरान हिमाचल प्रदेश के अन्य शक्तिपीठों, जैसे श्रीनयना देवी, कांगड़ा के श्रीबज्रेश्वरी देवी मंदिर, श्रीज्वालाजी माता, श्री चामुंडा देवी मंदिर और वनखंडी स्थित श्री बगलामुखी माता मंदिर में भी विशेष तैयारियां चल रही हैं। इन मंदिरों को फूलों से सजाया जा रहा है, जिससे यहां का माहौल और भी भक्तिमय हो गया है। पर्ची लेना अनिवार्य होगा इन नियमों में सबसे महत्वपूर्ण यह है कि सभी श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए पंजीकरण काउंटर से पर्ची लेना अनिवार्य होगा। बिना पर्ची के कोई भी भक्त माता श्री चिंतपूर्णी जी के दर्शन नहीं कर पाएगा। यह व्यवस्था भीड़ को नियंत्रित करने और दर्शन को सुव्यवस्थित बनाने के लिए की गई है। इन सभी नियमों का उद्देश्य यह है कि सभी श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के मां के दर्शन कर सकें और मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।  

मोदी के लिए पुतिन का तोहफा: भारत के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स को मिली हरी झंडी, अंतरराष्ट्रीय महाशक्तियों की चिंता बढ़ी

रूस   रूस  के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनेभारत के लिए बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने अपने  खास दोस्त प्रधानमंत्री को एक खास पेशकश की है। भारतीय और रूसी अधिकारियों ने असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग के तहत बड़े और छोटे न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के स्थानीयकरण (Localisation) में सहयोग  की पेशकश की है। यह घोषणा रूस के सरकारी परमाणु ऊर्जा निगम  रोसाटॉम  ने की। रोसाटॉम के महानिदेशक  एलेक्सी लिखाचोव  ने 15-20 सितंबर को वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के 69वें वार्षिक सम्मेलन के अवसर पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में यह प्रस्ताव रखा। भारत की औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं का भी मिलेगा फायदा विशेषज्ञों का कहना है कि यह सहयोग मोदी सरकार के ऊर्जा आत्मनिर्भरता और रणनीतिक सुरक्षा एजेंडे  को मजबूती देने वाला कदम है। साथ ही यह भारत-रूस दोस्ती  और दोनों देशों के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी का भी प्रतीक है। विज्ञप्ति में कहा गया कि दोनों पक्षों ने तमिलनाडु के  कुडनकुलम एनपीपी  में चरण 2 और 3 के लिए निर्माणाधीन चार इकाइयों की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा, भारत में रूसी डिजाइन वाले बड़े और छोटे न्यूक्लियर पावर प्लांट्स के क्रमिक निर्माण के लिए आगे के सहयोग के अवसरों पर भी चर्चा हुई।कुडनकुलम एनपीपी के पहले चरण में पहले ही दो इकाइयां चालू हो चुकी हैं। इस सहयोग से भारत के  स्थानीय औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं का भी फायदा मिलेगा और देश को ऊर्जा सुरक्षा में मजबूती मिलेगी।   अमेरिका, चीन और पाकिस्तान पर असर विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम केवल ऊर्जा सहयोग तक सीमित नहीं है। अमेरिका, चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए संदेश भी है । रूस के समर्थन से भारत के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा मिलने से क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर असर पड़ेगा। पाकिस्तान के लिए यह चिंता का विषय है, क्योंकि न्यूक्लियर तकनीक में भारत की बढ़ती ताकत उसकी रणनीति को चुनौती दे सकती है। चीन और अमेरिका भी भारत की इस बढ़ती ऊर्जा क्षमताओं को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते।

नई GST दरों के लागू होने से पहले बाजार में हड़कंप, रिटेलर्स कर रहे खरीदारी

मुंबई  जीएसटी की नई दरें सोमवार से लागू होने से पहले ही बाजार में उपभोक्ता उत्पादों की कीमतों में कमी दिखने लगी है। आइसक्रीम से लेकर साबुन और शैंपू तक की चीजें दुकानों में सस्ते दामों पर उपलब्ध हो रही हैं। ब्रांड्स और रिटेलर्स लास्ट-मिनट स्टॉकिंग की रेस से बचने के साथ-साथ सकारात्मक उपभोक्ता रुझानों का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। रिटेलर्स अपनी दुकानों को एफएमसीजी उत्पादों से तेजी से भर रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को तुरंत फायदा मिल सके। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस हफ्ते कहा था कि जीएसटी परिवर्तनों के बाद 12 प्रतिशत स्लैब वाले 99 प्रतिशत सामान अब 5 प्रतिशत स्लैब में आ जाएंगे। इसमें बटर, पनीर, मिठाइयां और नमकीन स्नैक्स जैसे उत्पाद शामिल हैं। बिस्किट्स, आइसक्रीम, साबुन और टूथपेस्ट जैसे कई उत्पादों पर भी 18 प्रतिशत की जगह अब 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा। हालांकि नई टैक्स दरें सोमवार से प्रभावी होंगी, लेकिन कंपनियां पहले से ही टैक्स के अंतर को खुद वहन करके रिटेलर्स को उत्पाद भेज रही हैं। आइसक्रीम ब्रांड बास्किन रॉबिन्स के मालिक ग्रेविस फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ मोहित खट्टर ने कहा, "हमारे सारे बिल अब 5 प्रतिशत जीएसटी पर शिफ्ट हो चुके हैं।" पहले प्रोडक्टस दिखने का फायदा? इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, किराना उत्पाद निर्माताओं ने वितरकों और खुदरा दुकानों को चुनिंदा कम कीमत वाले उत्पाद भेजना शुरू कर दिया है। एक पर्सनल केयर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि कम कीमत वाले हमारे कुछ बड़े पैक पहले से ही खुदरा विक्रेताओं के पास दिखाई दे रहे हैं, और हम हफ्ते के अंत तक इसे और बढ़ा देंगे। उन्होंने कहा, "ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि 22 सितंबर की सुबह कम कीमत वाले हमारे उत्पाद दुकानों में उपलब्ध हों। इन उत्पादों का बिल नई जीएसटी दरों पर दिया जा रहा है, और हम कम से कम कुछ हद तक अंतर को माफ करने को तैयार हैं।" प्रॉक्टर एंड गैंबल (पीएंडजी), हिंदुस्तान यूनिलीवर (एचयूएल), लॉरियल, आईटीसी और ब्रिटानिया जैसी प्रमुख कंपनियों ने अखबारों में विज्ञापनों या इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए नई कीमतों की घोषणा की है। पीएंडजी ने अपने हेड एंड शोल्डर्स और पैंटीन शैंपू ब्रांड, पैम्पर्स डायपर, जिलेट शेविंग क्रीम, ओल्ड स्पाइस डियोडोरेंट और विक्स डिकंजेस्टेंट की कीमतें कम कर दी हैं। वहीं, एचयूएल ने डव और क्लिनिक शैंपू, ब्रू कॉफी, किसान जैम, लक्स और लाइफबॉय साबुन की कीमतों में कटौती की है।   बिक्री में उछाल की उम्मीद क्विक-कॉमर्स और ई-कॉमर्स कंपनियां भी पहले कदम उठाने का लाभ उठाने के लिए विभिन्न श्रेणियों में बिक्री और छूट शुरू कर रही हैं। क्विक-डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी इंस्टामार्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमितेश झा ने कहा कि वे शनिवार से कई उत्पादों पर छूट देकर जीएसटी बचत का लाभ जल्दी उठा रहे हैं। त्वरित-वाणिज्य क्षेत्र में देर से आई कंपनी अमेजन नाउ अपने ऐप पर दैनिक आवश्यक वस्तुओं के लिए ‘25,000 रुपये की वार्षिक बचत’ अभियान चला रही है, साथ ही 200 रुपये तक का कैशबैक भी दे रही है। सरकार ने जीएसटी दरों को तीन मुख्य स्लैब में सरल बना दिया है: 5 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 40 प्रतिशत। जहां 5 प्रतिशत की दर अधिकांश दैनिक आवश्यक वस्तुओं और घरेलू सामानों पर लागू होगी, वहीं 18 प्रतिशत की दर अधिकांश अन्य उपभोक्ता उत्पादों और सेवाओं के लिए नया मानक बनेगी। लक्जरी वस्तुओं और ‘सिन’ श्रेणियों जैसे गैसयुक्त पेय और तंबाकू को 40 प्रतिशत के उच्चतम कर दायरे में रखा गया है। कंपनियां विभिन्न श्रेणियों में बिक्री सुधारने के लिए जीएसटी लाभों पर भारी निर्भर हैं, खासकर पांच तिमाहियों से चली आ रही मंदी के बाद, जब महंगाई से प्रभावित उपभोक्ताओं, विशेष रूप से शहरों में, ने या तो खपत कम कर दी थी या कम कीमत वाले पैक अपना लिए थे, जिससे बिक्री की मात्रा और मूल्य वृद्धि दोनों प्रभावित हुई थीं। उपभोग में बढ़ोतरी की संभावना सिंथॉल साबुन बनाने वाली कंपनी गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के प्रबंध निदेशक सुधीर सीतापति ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उपभोग में थोड़ी नरमी रही है, लेकिन आयकर और जीएसटी उपायों के संयोजन से सभी क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा, "न केवल उन श्रेणियों को लाभ होगा जहां दरों में कमी की गई है, बल्कि उन श्रेणियों को भी लाभ होगा जहां जीएसटी में कमी नहीं की गई है, क्योंकि उपभोग और विवेकाधीन खर्चों पर कुल उपलब्ध खर्च बढ़ जाएगा।"  

महायुति पर सवाल: संजय राउत बोले, ज्यादातर विधायक illegitimate, जनता खोज रही जवाब

मुंबई  शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने वोट चोरी के मुद्दे पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में ऐसे-ऐसे लोग चुनकर आए हैं जिनका कुछ अता-पता नहीं। लोग उन्हें ढूंढ रहे हैं कि कौन विधायक है। मीडिया से बातचीत में राउत ने शनिवार को कहा, 'ये लोग वोट चोरी से महाराष्ट्र में विधायक बन गए। एकनाथ शिंदे, अजित पवार या फिर बीजेपी के 90 फीसदी विधायक तो वोट चोरी बने हुए हैं। वे घपला करके बने हैं। इसलिए जनता को उनके नाम भी नहीं मालूम हैं।' संजय राउत ने कहा कि वे आकर धमकियां देते हैं तो देने दो। उन्होंने कहा, 'बीजेपी का अब यह कल्चर बन गया है। कोई जयंत पाटिल के पिता जी के बारे में बोलता है तो कोई मुझे गाली देता है। मैंने जो सवाल पूछा है उसका जवाब मिलना चाहिए। लोकतंत्र में आलोचना की जा रही है।' राउत ने कहा कि घुसकर मारने की बात करोगे तो वापस नहीं जाओगे। दरअसल, महाराष्ट्र के भाजपा विधायक गोपीचंद पडलकर ने एनसीपी (एसपी) के नेता जयंत पाटिल और उनके माता-पिता के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। भाजपा विधायक पडलकर की टिप्पणी से विवाद विपक्षी दल के अध्यक्ष शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को फोन कर अपनी असहमति दर्ज कराई थी। पडलकर ने संबंधित टिप्पणी हाल में सांगली जिले में अपने विधानसभा क्षेत्र जत में रैली के दौरान की थी। इससे उत्पन्न विवाद के बीच फडणवीस ने भी आपत्ति व्यक्त की और विधायक को संयम बरतने की सलाह दी। टिप्पणी के विरोध में एनसीपी (एसपी) ने पाटिल के निर्वाचन क्षेत्र सांगली के ईश्वरपुर व ठाणे में भी प्रदर्शन किया और पडलकर का पुतला जलाया। पाटिल हाल तक NCP (एसपी) के प्रदेश प्रमुख थे और वह कई वर्षों तक मंत्री रहे हैं। वह दिवंगत राजाराम पाटिल के पुत्र हैं, जो कांग्रेस के दिग्गज नेता होने के साथ ही पश्चिमी महाराष्ट्र में सहकारिता क्षेत्र के अग्रदूतों में से एक थे।