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जन्मदिन पर पुतिन की शुभकामनाओं के लिए पीएम मोदी ने किया आभार व्यक्त

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर देश-दुनिया के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं, जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हैं। इसके लिए पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन का आभार जताया। पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि मेरे मित्र राष्ट्रपति पुतिन, मेरे 75वें जन्मदिन पर आपके फोन कॉल और हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। हम अपनी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए हर संभव योगदान देने के लिए तैयार है। वहीं, डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट ने भी प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की बधाई दी। उन्होंने एक्स हैंडल पर लिखा, "डोमिनिका की सरकार और जनता की ओर से मैं भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। हम महामारी के दौरान जीवन रक्षक सहायता सहित भारत के निरंतर सहयोग और जलवायु परिवर्तन और सतत विकास पर हमारे सहयोग की बहुत कद्र करते हैं। मैं कामना करता हूं कि आप दूरदर्शिता और समर्पण के साथ अपने राष्ट्र का नेतृत्व करते हुए निरंतर स्वस्थ, प्रसन्न और सफल रहें। इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद, प्रधानमंत्री स्केरिट। भारत, डोमिनिका राष्ट्रमंडल के साथ मित्रता और एकजुटता के मजबूत संबंधों को गहराई से संजोए हुए है। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने वीडियो संदेश जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकानाएं दीं। इसके बाद पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री लक्सन, आपकी हार्दिक शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं हमारी मित्रता को बहुत संजोता हूं। विकासशील भारत 2047 की दिशा में भारत की यात्रा में न्यूजीलैंड एक महत्वपूर्ण साझेदार है। प्रधानमंत्री मोदी ने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री के पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, "मेरे मित्र प्रधानमंत्री अल्बानीज, आपकी शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद। मैं भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी और हमारे लोगों के बीच घनिष्ठ संबंधों को और मजबूत करने की आशा करता हूं।

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी – पराली जलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई कब होगी?

नई दिल्ली दिल्ली-एनसीआर में पराली जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि इस मामले में पराली जलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधान क्यों नहीं की जा रही है। सरकार कार्रवाई से कतरा क्यों रही है? कुछ लोगों को जेल भेजने से सही संदेश जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई ने कहा कि हम किसानों का सम्मान करते हैं, क्योंकि वे हमें खाना देते हैं, लेकिन किसी को भी पर्यावरण को दूषित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा कि आप किसानों के लिए कुछ दंडात्मक प्रावधानों के बारे में क्यों नहीं सोचते? अगर कुछ लोग जेल में हैं, तो इससे सही संदेश जाएगा। अगर पर्यावरण की रक्षा करने का आपका सच्चा इरादा है, तो फिर आप एक्शन लेने से क्यों डर रहे हैं? अदालत ने सरकार से कहा कि देश में किसानों का एक विशेष स्थान है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे इसका फायदा उठाएं। सरकार इस पर फैसला ले, नहीं तो अदालत आदेश जारी करेगी। गलती करने वाले अधिकारियों की तो बात छोड़िए, क्योंकि हर किसान पर नजर रखना अधिकारियों के लिए मुश्किल है। मुख्य न्यायाधीश ने कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट से पूछा, "आप पराली जलाने वाले किसानों के लिए दंडात्मक प्रावधान लाने पर विचार क्यों नहीं करते हैं?" यह बातें सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआई से संबंधित राज्यों में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में खाली पदों को नहीं भरे जाने पर अवमानना नोटिस पर सुनवाई के दौरान कहीं। दिल्ली के पड़ोसी राज्यों पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में हर साल अक्टूबर और नवंबर में पराली जलाने की घटनाएं सामने आती हैं। पराली जलाने की वजह से दिल्ली एनसीआर की हवा जहरीली हो जाती है। इन राज्यों के किसान पराली को खेतों से हटाने के बजाय जला देते हैं। पराली जलाने की घटनाएं हर साल सामने आती रहती हैं।

NRI पति अमेरिका भागा, पत्नी के गहने और पासपोर्ट भी ले गया; महिला ने सरकार से मांगी मदद

हैदराबाद  हैदराबाद की एक महिला ने आरोप लगाए हैं कि उसका NRI पति उसे छोड़कर अमेरिका भाग गया। महिला के मुताबिक शख्स उसका पासपोर्ट, ग्रीन कार्ड और कई कीमती सामानों को लेकर फरार हुआ है। इस मामले को लेकर महिला ने हैदराबाद के पंजागुट्टा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं हैदराबाद के एक स्थानीय नेता ने सरकार से महिला की मदद का अनुरोध किया है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक हाना अहमद खान ने जून 2022 में शिकागो के एक पुलिस अधिकारी मोहम्मद ज़ैनुद्दीन खान से शादी की थी। हाना फरवरी 2024 में अमेरिका गई, जिसके बाद से ही उसके पति ने उसका उत्पीड़न किया। कथित तौर पर उसने उसे मेंटली टॉर्चर भी किया। फरवरी 2025 में ज़ैनुद्दीन ने कथित तौर पर उससे कहा कि वे उसे उमराह कराने ले जाएगा और उसे हैदराबाद ले आया। इसके बाद सोमाजीगुडा के एक होटल में चेक-इन करने के बाद, जब महिला अपने घरवालों से मिलने के लिए बाहर गई तब शख्स कथित तौर पर उसके दस्तावेजों, गहनों और अन्य सामानों के साथ अमेरिका भाग गया। मदद की गुहार शिकायत में आगे कहा गया है कि बार-बार कोशिश करने के बावजूद हाना पिछले छह महीनों से अपने पति से संपर्क नहीं कर पा रही है। महिला ने दावा किया है कि उसने नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास और हैदराबाद स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से भी संपर्क किया, लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली। उसने अपनी शिकायत में कहा, “मैं संकट में हूं और बिना किसी कानूनी दस्तावेज के भारत में फंसी हुई हूं।” विदेश मंत्री को लिखा पत्र वहीं तेलंगाना स्थित मजलिस बचाओ तहरीक (एमबीटी) के प्रवक्ता अमजद उल्लाह खान ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को एक पत्र लिखकर केंद्र सरकार से इस मामले को अमेरिकी अधिकारियों के सामने उठाने और महिला को कानूनी कार्रवाई करने के लिए अमेरिका लौटने के लिए वीजा दिलाने में मदद करने का अनुरोध किया। खान ने केंद्र द्वारा शुरू की गई किसी भी कार्रवाई पर अपडेट भी मांगा है।  

मोदी जी का जीवन देश के नाम, अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान

नई दिल्ली केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को पीएम मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर कहा कि पीएम मोदी ने खुद को पूरे राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया है। उन्होंने स्व को भुलाकर समाज को सामने रखा है। मीडिया से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा, "पीएम मोदी ने हर तरीके से अपने हर कार्य के पल-पल को राष्ट्र के प्रति समर्पित कर दिया है। देश ने उनकी इस भावना, समर्पण के इस रूप को हृदय से स्वीकार किया है।" उन्होंने कहा कि देश में कई जगह जैसे महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्यप्रदेश और पश्चिमी उत्तरप्रदेश में मुझे काम करने का मौका मिला। मैं मानता हूं कि जन जन के जीवन में, जो स्थायी परिवर्तन पीएम मोदी लेकर आए हैं वह अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को देश की माताओं-बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। देश की आधी आबादी, एक ऐसे वर्ग जिस पर देश की नींव टिकी है, उस आबादी के बारे में सोचना, उनके लिए कार्यक्रम बनाना, उन कार्यक्रमों को लागू करना पीएम मोदी द्वारा लाया गया एक बड़ा परिवर्तन है। देश की माताओं-बहनों के जीवन में जो परिवर्तन आए हैं, उसे लेकर वे उन्हें आशीर्वाद दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पीएम मोदी हमेशा एक लॉन्ग टर्म विजन की बात करते हैं। उन्होंने सेमीकंडक्टर का उदाहरण देते हुए कहा, "जब सेमीकंडक्टर में तीन-चार साल का कार्यक्रम पीएम मोदी के समक्ष लेकर गए तो उनका स्पष्ट निर्देश था की आप कम से कम 20 वर्ष का कार्यक्र बनाएं। जैसे हमने फैब की बात की तो पीएम मोदी ने कहा कि नहीं पूरा इकोसिस्टम डेवलप करें। न केवल चिप बनानी है, बल्कि चिप जिन मशीनों से बनती है उन मशीनों को भी बनाया जाए। जिन मटेरियल से चिप बनती है, उन मटेरियल को भी बनाया जाए।" उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने एक सुदृढ़ नेतृत्व, एक स्पष्ट सोच और विजन के साथ एक सॉलिड फांउडेशन बनाने का काम किया है।

अंबानी बोले, आज तक ऐसा नेता नहीं देखा, मोदी को चाहिए लंबे समय तक नेतृत्व

नई दिल्ली  रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने इच्छा जाहिर की है कि पीएम नरेंद्र मोदी 2047 तक देश का नेतृत्व करते रहें। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को 75वें जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए यह बात कही। मुकेश अंबानी ने कहा कि आज हम भारतवासियों के लिए लिए पर्व का दिन है। हमारे सम्मानित और प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का आज 75वां जन्मदिन है। मैं देश के कारोबारी समुदाय, रिलायंस इंडस्ट्रीज और अंबानी परिवार की ओर से उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं देता हूं। मेरी इच्छा है कि वह 2047 तक देश के प्रधानमंत्री रहें, जब भारत की आजादी के 100 वर्ष पूर्ण होंगे। मुकेश अंबानी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने पहले गुजरात को औद्योगिक राजधानी बनाया और अब वह पूरे भारत का कायापलट कर रहे हैं। यह संयोग नहीं है कि पीएम नरेंद्र मोदी का अमृत महोत्सव भी तब आया है, जब देश की आजादी का अमृत काल चल रहा है। जीवेत शरद: शतम्। उन्होंने कहा, 'ईश्वर ने खुद पीएम नरेंद्र मोदी को अवतार पुरुष के तौर पर भेजा है ताकि वे हमारे देश का नेतृत्व करें। मैंने आज तक ऐसा नेता नहीं देखा है, जो इस तरह बिना थके और बिना रुके काम करता हो। मैं देश भर के लोगों के साथ पीएम नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देता हूं और उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।' पीएम नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के मौके पर देश भर में कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है। वहीं भाजपा की ओर से भी कई कार्यक्रम चल रहे हैं। पीएम मोदी को तमाम राजनेताओं के अलावा शाहरुख खान, आमिर खान, कंगना रनौत समेत तमाम सितारों ने भी जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं। इसके अलावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पीएम मोदी से मंगलवार की रात को बात की थी और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं। बता दें कि नरेंद्र मोदी की सार्वजनिक जीवन की 4 दशकों की यात्रा से जुड़े अनुभव भी भाजपा के कई नेताओं ने साझा किए हैं। इन नेताओं में नितिन गडकरी, राजनाथ सिंह, स्मृति इरानी जैसे नेता अहम हैं।  

5000 रुपए में गुज़ारा कर रहा हूं – पीएम मोदी के रिश्तेदार का बयान चर्चा में

वडनगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहनगर वडनगर में उनका 75वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया जहां उनके चचेरे भाइयों ने भी उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं। गुजरात के मेहसाणा जिले के एक छोटे से शहर वडनगर के लोगों ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर रक्तदान और नेत्र जांच शिविर, प्रसिद्ध हाटकेश्वर महादेव मंदिर में प्रार्थना और स्वच्छता अभियान का आयोजन किया। भाजपा की वडनगर इकाई के पदाधिकारी भावेश पटेल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के बड़े भाई सोमाभाई मोदी ने बुधवार सुबह नेत्र जांच स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। सुबह साढ़े सात बजे हाटकेश्वर महादेव मंदिर में विशेष पूजा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने राजनीतिक सपनों को पूरा करने के लिए बहुत पहले ही अपना गृहनगर वडनगर छोड़ दिया था, लेकिन उनके दो चचेरे भाई – भरतभाई मोदी (65) और अशोकभाई मोदी (61) – अब भी वडनगर में रहते हैं। ये दोनों प्रधानमंत्री के पिता दामोदरदास मोदी के छोटे भाई, स्वर्गीय नरसिंहदास मोदी के बेटे हैं। भरतभाई एक छोटे से किराये के मकान में किराने की दुकान चलाते हैं, जबकि अशोकभाई अपनी छोटी सी दुकान में धार्मिक सामग्री और मौसमी सामान बेचते हैं और लगभग 5,000 रुपये प्रति माह कमाते हैं। रिश्ते को भुनाने की कोशिश नहीं अशोकभाई ने अपना पूरा जीवन वडनगर में बिताया है, जबकि भरतभाई चार साल पहले निजी नौकरी से सेवानिवृत्त होने के बाद यहां लौटे और किराए की दुकान खोली। शहर में लगभग हर कोई जानता है कि दोनों प्रधानमंत्री मोदी के चचेरे भाई हैं, लेकिन वे दशकों से उनसे नहीं मिले हैं और न ही उन्होंने कभी अपने रिश्ते को भुनाने की कोशिश की। वह भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए कड़ी मेहनत करते रहें: भरतभाई भरतभाई ने कहा, ‘हम सभी को गर्व है कि नरेंद्रभाई मोदी जैसे व्यक्ति का जन्म मोदी परिवार में हुआ। मैं उन्हें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं प्रार्थना करता हूं कि वह और अधिक सफलता प्राप्त करें और देश को आगे ले जाएं। वह भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और हम सब इस प्रयास में उनके साथ हैं।’ 'पुलिस मोटरसाइकिल रोकती है तो जुर्माना भरता हूं' उन्होंने कहा, ‘वैसे तो वडनगर में लगभग सभी जानते हैं कि मैं प्रधानमंत्री का चचेरा भाई हूं लेकिन मैंने कभी भी इस रिश्ते का फायदा उठाने की कोशिश नहीं की। मेरा मानना ​​है कि हर किसी को अपनी किस्मत खुद लिखनी चाहिए। अगर ट्रैफिक पुलिस मेरी मोटरसाइकिल रोकती है, तो मैं अपनी पहचान बताकर पुलिस को प्रभावित करने की कोशिश करने के बजाय विनम्रता से जुर्माना भर देता हूं।’ मामूली कमाई, लेकिन कभी मोदी से मदद नहीं मांगी: अशोक भाई अशोकभाई ने यह भी कहा कि मामूली कमाई के बावजूद उन्होंने कभी प्रधानमंत्री मोदी से कोई मदद नहीं मांगी। उन्होंने कहा, ‘नरेंद्रभाई को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी करें। हालांकि मैं हर महीने केवल 5,000 रुपये कमाता हूं, लेकिन मैंने कभी मोदी से किसी भी तरह की मदद मांगने के बारे में नहीं सोचा।' दोस्त ने बचपन के बारे में क्या-क्या बताया वडनगर निवासी प्रधानमंत्री के बचपन के दोस्त और सहपाठी दशरथभाई पटेल ने कहा कि मोदी ने 1969 में ही गुजरात के मुख्यमंत्री बनने का सपना देखा था, यानी 2001 में उनके शीर्ष पद संभालने से तीन दशक से भी ज्यादा पहले। प्रधानमंत्री की साधारण शुरुआत का जिक्र करते हुए उन्होंने याद किया कि वडनगर रेलवे स्टेशन पर मोदी के पिता की चाय की दुकान थी और वह (नरेंद्र मोदी) कैसे स्कूल के दिनों में ट्रेन के एक डिब्बे से दूसरे डिब्बे में जाकर यात्रियों को चाय बेचा करते थे। उन्होंने स्मरण करते हुए कहा, ‘मोदी और मैंने वडनगर के प्राथमिक विद्यालय से लेकर विसनगर (मेहसाणा जिले में) के कॉलेज तक साथ-साथ पढ़ाई की। हम आरएसएस की शाखाओं में साथ-साथ जाया करते थे। मोदी और उनके दोस्त एक बार मेरे खेत पर आए थे और हम सबने सूरत के एक स्वादिष्ट व्यंजन 'उंधियू' का आनंद लिया था। हम स्कूल के नाटकों में भी हिस्सा लेते थे।’  

जम्मू-कश्मीर के कट्टर अलगाववादी नेता अब्दुल गनी बट नहीं रहे

श्रीनगर विभिन्न अलगाववादी नेताओं की हत्या के लिए अलगाववादी खेमे को ही जिम्मेदार ठहरा कश्मीर की अलगाववादी सियासत में भूचाल पैदा करने वाले ऑल पार्टी हुर्रियत कान्फ्रेंस के पूर्व चेयरमैन प्रो. अब्दुल गनी बट का शुक्रवार को निधन हो गया। वह एक लंबे अर्से से बीमार थे। वह 90 वर्ष के थे और उन्होंने अपनी अंतिम सांस उत्तरी कश्मीर के बटेंगू सोपोर स्थित अपने पैतृक निवास में ही ली। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से फारसी और लॉ की डिग्री प्राप्त करने वाले प्रो. अब्दुल गनी बट कश्मीर के पुराने और कट्टर अलगाववादी नेताओं में एक थे। उन्होंने कुछ समय तक सोपोर में वकालत भी की और वर्ष 1963 में वह जम्मू-कश्मीर शिक्षा विभाग के अंतर्गत फारसी के प्रोफेसर नियुक्त हुए थे।   कश्मीर को लेकर की थी भारत पक्ष की अलोचना वह कॉलेज में भी छात्रों व अन्य लोगों के साथ कश्मीर को लेकर भारत के पक्ष की आलोचना करते थे। वह अक्सर अलगाववादी गतिविधियों में भाग लेते थे और इसी कारण उन्हें 1986 में सेवामुक्त किया गया था। वह अक्सर पूर्व भारतीय प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के जनमत संग्रह के वादे का जिक्र करते हुए कहते थे। भारत ने बंदूकों की गर्जना और लोकतंत्र के शोर के बीच कश्मीर में प्रवेश किया और फिर कब्जा कर बैठ गया।

गुप्त मिशन या कुछ और? बांग्लादेश में अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी से भारत में हलचल

ढाका मोहम्मद यूनुस के राज में अमेरिका बांग्लादेश में अपनी पैठ बढ़ा रहा है। हाल ही में अमेरिका सेना और वायुसेना के कई अधिकारी बांग्लादेश के रणनीतिक चटगांव इलाके में पहुंचे हैं। इससे भारत और म्यांमार के लिए टेंशन बढ़ गई है। 'द इकनॉमिक टाइम्स' की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका का सी-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट विमान पिछले दिनों चटगांव के अमानत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा है। यह आमतौर पर जापान में अमेरिकी वायुसेना के योकोटा स्टेशन पर तैनात रहता है। इसमें से 120 अमेरिकी अधिकारी चटगांव के एक होटल में गुपचुप पहुंचे। यहां पर उनके लिए पहले से ही कमरे बुक थे, लेकिन खास बात यह थी कि रजिस्टर में उनके नामों की एंट्री नहीं हुई। मोहम्मद यूनुस के बांग्लादेश का प्रमुख बनने के बाद से ही अमेरिकी गतिविधियां बांग्लादेश में काफी बढ़ गई हैं। अमेरिका और चीन दोनों ही म्यांमार के विद्रोही ग्रुप्स को अपनी ओर कोशिश करने में लगे हुए हैं। अमेरिकी सेना कई बार चटगांव में रुकी है। इसमें बांग्लादेश और अमेरिका के बीच संयुक्त अभ्यास और टोही यात्राएं तक शामिल हैं। इस साल की शुरुआत में भी दोनों देशों ने चटगांव में ही ऑपरेशन पैसिफिक एंजेल-25 और टाइगर लाइटनिंग-2025 अभ्यास को अंजाम दिया था। अब एक बार फिर से अभ्यास हो रहा है। 'नॉर्थईस्ट न्यूज' के अनुसार, अमेरिकी सेना से लगभग 120 अधिकारी 10 सितंबर को चटगांव पहुंचे और यहां पर एक होटल में चेक-इन किया। यहां पर उनके लिए लगभग 85 कमरे पहले से ही बुक किए गए थे। इसके बाद अमेरिका के सैनिकों ने एयरपोर्ट से सटे बांग्लादेश वायुसेना के पटेंगा एयरबेस का भी दौरा किया। वहीं, मिस्त्र की वायुसेना का एक ट्रांसपोर्ट विमान भी 14 सितंबर को चटगांव के एयरपोर्ट पर लैंड किया। हालांकि, इस दौरान किसी भी अमेरिकी सैनिक का नाम होटल के रजिस्टर में दर्ज नहीं किया गया, जिससे संदेह पैदा होता है कि आखिर ऐसा क्यों किया गया। दुनिया से कौन सी बात छिपाई जा रही है। बांग्लादेश क्यों पहुंची है अमेरिकी सेना? दरअसल, अमेरिकी सेना के साथ-साथ श्रीलंका की वायुसेना भी बांग्लादेश पहुंची है। यहां पर तीनों देशों की मिलिट्री एक्सरसाइज पैसिफिक एंजेल 25-3 की शुरुआत हुई है। इस अभ्यास के साथ, 15 सितंबर को आपदा प्रतिक्रिया, मानव सहायता और क्षेत्रीय साझेदारी के लिए चार दिवसीय क्षेत्रीय प्रशिक्षण अभ्यास भी किया गया। यह एक अमेरिकी पहल है, जो पिछले एक दशक से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में आयोजित की जाती रही है। भारत के लिए कैसे टेंशन देने वाली है बांग्लादेश में अमेरिकी मौजूदगी? भारत और अमेरिका के बीच हाल के दिनों में तनाव में इजाफा हुआ है। टैरिफ और रूस से तेल आयात के चलते दोनों देशों में संबंध खराब हुए हैं। हालांकि, अब ट्रंप को अपनी गलती का एहसास हुआ और फिर से भारत के करीब आने की कोशिश करने लगे। लेकिन पूरी तरह से अब भी हालात पहले जैसे नहीं हुए हैं। ऐसे में अमेरिकी सेना की मौजूदगी भले ही बांग्लादेश में हो, लेकिन यह भारत के लिए भी टेंशन देने वाली बात है। चटगांव का इलाका भारतीय सीमा के पास है और अन्य देशों पर नजर रखने के लिए अमेरिका इस क्षेत्र को अपने अड्डे के लिए इस्तेमाल कर सकता है।  

गुजरात में नमो नाम से विश्व रिकॉर्ड, पीएम मोदी के जन्मदिन पर हुआ सबसे बड़ा रक्तदान अभियान

अहमदाबाद  पीएम नरेंद्र मोदी को बुधवार को अपना 75वां जन्मदिन मनाएंगे. इसे लेकर मंगलवार को उनके गृह राज्य के गुजरात में भव्य तैयारियां की गई हैं. इसी को लेकर मंगलवार को राज्य सरकार ने विभिन्न कमर्चारी संघों ने विशेष नमो के नाम रक्तदान के नाम से अभियान चलाया. इस दौरान ब्ल्ड डोनेशन का एक नया विश्व रिकॉर्ड बन गया. राज्य सरकार से मिली जानकारी के अनुसार, पूरे प्रदेश में 378 ब्लड डोनेशन कैम्प लगाए गए, जिनमें एक ही दिन में 56,256 लोगों ने रक्तदान किया. यह दुनिया में पहली बार है, जब किसी नेता के जन्मदिन पर सरकारी कर्मचारियों द्वारा इतने बड़े पैमाने पर रक्तदान किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल गांधीनगर सचिवालय में रक्तदाताओं के बीच पहुंचकर उनका हौसला भी बढ़ाया. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने दी बधाई मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि गुजरात राज्य कर्मचारी संघ ने प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जश्न मनाने के लिए रक्तदान कार्यक्रम आयोजित किया. 56,256 लोगों का एक ही दिन में रक्तदान करना मानवता और राष्ट्रभावना की मिसाल है. गृहमंत्री हर्ष संघवी ने बताया ऐतिहासिक क्षण गुजरात के गृहमंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर लिखा कि भारतीय इतिहास में पहली बार किसी नेता के जन्मदिन पर इतनी बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों ने रक्तदान किया है. 378 शिविरों में 56,265 यूनिट रक्त एकत्र कर एक विश्व रिकॉर्ड कायम हुआ. सेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा जन्मदिन मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ जनसेवा को अपना जीवन मंत्र बनाया है. इसलिए उनके जन्मदिन को पूरे देश में सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है.  

दरगाह के समीप गरबा पर बैन का बोर्ड, बढ़ा विवाद; दो नेताओं पर कार्रवाई

अहमदाबाद  गुजरात के खेड़ा जिले में मस्जिद, मदरसा और दरगाह के समीप सार्वजनिक स्थान पर लोक नृत्य गरबा करने पर सख्त प्रतिबंध लगाने संबंधी नोटिस लगाए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया है. नवरात्रि उत्सव शुरू होने के एक हफ्ते से भी कम समय पहले यह घटनाक्रम सामने आया है. एक अधिकारी ने मंगलवार को यहां बताया कि मातर कस्बे में एक मस्जिद, मदरसा और दरगाह के नजदीक स्थित स्थान पर गरबा खेलने पर कथित रूप से प्रतिबंध लगाने के लिए पुलिस ने मुस्लिम समाज के दो स्थानीय नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है. यह मातर कस्बे के नानी भागोल क्षेत्र में हुसैनी चौक की दीवार पर मुस्लिम पंच द्वारा बोर्ड लगाया गया था. बोर्ड पर लिखा था कि सार्वजनिक सूचना – नानी भागोल में हुसैनी चौक में मस्जिद, दरगाह और मदरसे के पास गरबा खेलने पर सख्त प्रतिबंध है: मुस्लिम पंच, नानी भागोल. हिंदुओं की भावनाओं को पहुंची ठेस पुलिस उपाधीक्षक वीआर वाजपेयी ने कहा कि बोर्ड के बारे में पता चलने पर बजरंग दल के स्थानीय नेताओं ने शिकायत दर्ज कराई और कहा कि नोटिस की सामग्री से हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है. बजरंग दल के नेता धवल जाला की शिकायत के आधार पर हमने बोर्ड लगाने वाले मुस्लिम पंच के दो पदाधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. मुस्लिम पंच के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर एफआईआर उन्होंने बताया कि मुस्लिम पंच के अध्यक्ष अय्यूब खान पठान और उपाध्यक्ष इसुबमिया खोखर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 299 (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कृत्य, जिसका उद्देश्य किसी वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करके उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है) के तहत मामला दर्ज किया गया है. वाजपेयी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद स्थानीय निवासियों ने खुद ही बोर्ड हटा दिया. गरबा गुजरात का लोक नृत्य है, जो नवरात्रि उत्सव से जुड़ा है और इस वर्ष नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू होगी.