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गाजा संघर्ष: अल जज़ीरा के 5 पत्रकारों की जान गई, IDF की एक पत्रकार को आतंकी कहने वाली प्रतिक्रिया

गाजा  गाजा में इजरायल की तरफ से लगातार हवाई हमले जारी हैं. इस बीच, गाजा शहर में पत्रकारों द्वारा उपयोग किए जा रहे एक तंबू पर इजरायली हमले में कतर के मीडिया चैनल अल जजीरा अरबी के रिपोर्टर अनस अल-शरीफ की जान चली गई. इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर IDF की बमबारी का वीडियो शेयर किया था. उनके आखिरी पोस्ट में लिखा था, "लगातार बमबारी हो रही है, दो घंटे से गाजा शहर पर इजरायली आक्रमण तेज हो गया है." अल जज़ीरा के मुताबिक, 28 साल के अल-शरीफ की मौत तब हुई, जब गाजा शहर में अल-शिफा अस्पताल के मेन गेट के बाहर पत्रकारों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे एक तंबू पर इज़राइली हवाई हमला हुआ. अल-शिफा अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के बाहर एक तंबू को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कुल सात लोगों की मौत हो गई. अल जज़ीरा ने इसी हमले में संवाददाता मोहम्मद क़ेरीकेह, कैमरा ऑपरेटर इब्राहिम ज़हेर, मोहम्मद नौफ़ल और मोआमेन अलीवा के साथ-साथ उनके असिस्टेंट मोहम्मद नौफ़ल की मौत की पुष्टि की है. इज़राइली सेना ने एक बयान जारी करते हुए अल-शरीफ पर हमास सेल का नेतृत्व करने का आरोप लगाया है.  इजरायल की सेना ने कहा, "अनस अल शरीफ हमास आतंकवादी संगठन में एक आतंकवादी सेल के प्रमुख के रूप में काम करता था और इजरायली नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों के खिलाफ रॉकेट हमलों को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार था." अनस अल-शरीफ़ कौन थे? अनस अल-शरीफ़ गाज़ा के एक जाने-माने पत्रकार थे, जिन्होंने अल जज़ीरा अरबी के लिए नॉर्थ स्ट्रिप से बड़े स्तर पर रिपोर्टिंग की थी. गाज़ा शहर स्थित अल-अक्सा यूनिवर्सिटी के मीडिया डिपार्टमेंट से ग्रेजुएट अनस अल-शरीफ की रिपोर्टिंग के लिए 2018 में फ़िलिस्तीन में उन्हें बेस्ट यंग जर्नलिस्ट अवार्ड मिला.  जुलाई में, इज़राइली सैन्य प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें अल-शरीफ़ पर हमास की सशस्त्र शाखा का सदस्य होने का आरोप लगाया गया था. वहीं, अल जज़ीरा मीडिया नेटवर्क ने इस दावे को खारिज कर दिया और इज़राइल पर पत्रकारों के खिलाफ 'उकसाने का अभियान' चलाने का आरोप लगाया. अल जज़ीरा ने कहा, "नेटवर्क इसकी कड़ी निंदा करता है. गाजा पर चल रहे इज़राइली युद्ध की कवरेज की शुरुआत से ही हमारे कर्मचारियों के खिलाफ लगातार उकसावे की कोशिश हो रही है. नेटवर्क इस उकसावे को इलाके में अपने पत्रकारों को निशाना बनाने को सही ठहराने का एक खतरनाक प्रयास मानता है." पत्रकारों की सुरक्षा समिति (CPJ) ने पिछले महीने अद्राई की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अल-शरीफ़ की सुरक्षा का आह्वान किया था. सीपीजे की क्षेत्रीय निदेशक सारा कुदाह ने एक बयान में कहा, "यह पहली बार नहीं है, जब अल-शरीफ़ को इज़राइली सेना ने निशाना बनाया है, लेकिन अब उनकी जान को गंभीर ख़तरा है."

पाकिस्तान कबाड़ से भरा डंपिंग ट्रक… नफरत के बीच सच बयां करते पाक सेना प्रमुख आसिम मुनीर के तीखे शब्द

नई दिल्ली पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भारत को धमकी देते देते कई कड़वी सच्चाइयां भी स्वीकार की है. आसिम मुनीर ने भारत की तुलना चमचमाती मर्सडीज कार से की है जो हाईवे पर फर्राटा भर रही है, जबिक मुनीर ने पाकिस्तान को कबाड़ ढोने वाली ट्रक कहा है. उन्होंने भारत को धमकी देते हुए कहा है कि सोचिए अगर इन दोनों गाड़ियों की टक्कर हो जाए तो नुकसान किसका होगा?  मुनीर ने ये बयान अमेरिका में दिया है. आसिम मुनीर ने ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान की हुई पिटाई के बाद जमकर अपनी भड़ास निकाली. पाकिस्तान के आर्मी चीफ ने बचकानी धमकी देते हुए कहा कि अगर भारत की वजह से पाकिस्तान के अस्तित्व पर संकट आता है तो पाकिस्तान आधी दुनिया को अपने साथ ले डूबेगा. आसिम मुनीर का ये बयान किसी तीसरे देश से भारत के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा दी गई पहली धमकी है.  आसिम मुनीर अमेरिका के टैम्पा में एक ब्लैक टाई डिनर पार्टी में शामिल हो रहे था. इस पार्टी को पाकिस्तानी बिजनेसमैन अदनान असद ने आयोजित किया था. अदनान असद टैम्पा में पाकिस्तान के मानद काउंसल हैं.  10 मिसाइल से फारिग कर देंगे.. इस साल मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद आसिम मुनीर का ये दूसरा पाकिस्तान दौरा है. पाकिस्तान में मुल्ला जनरल का टाइटल पाने वाला आसिम मुनीर ने सिंधु जल समझौते को सस्पेंड करने पर भारत को धमकी दी. अंग्रेजी वेबसाइट द प्रिंट ने वहां मौजूद सूत्रों के आधार पर लिखा है, ''आसिम मुनीर ने कहा- हम भारत द्वारा डैम बनाए जाने का इंतजार करेंगे, और भारत जब ऐसा कर लेगा तो फिर 10 मिसाइल से फारिग कर देंगे, सिंधु नदी भारत की फैमिली प्रोपर्टी नहीं है, हमें मिसाइलों की कमी नहीं है.'' बता दें कि ब्लैक टाई डिनर एक औपचारिक सोशल पार्टी होती है. इसमें मेजबान मेहमानों से अपेक्षा करता है कि  ब्लैक टाई ड्रेस कोड का पालन करेंगे. यह ड्रेस कोड उच्च स्तर की औपचारिकता को दर्शाता है और आमतौर पर रात के समय आयोजित होने वाले विशेष अवसरों, जैसे गाला, पुरस्कार समारोह, शादी, या उच्च-स्तरीय डिनर पार्टियों में देखा जाता है. इस पार्टी में पुरुषों को काला टक्सीडो, सफेद शर्ट, काला बो टाई, काला वेस्ट या कमरबैंड और पॉलिश किए हुए औपचारिक जूते पहनने की अपेक्षा की जाती है. इस पार्टी में जिन मेहमानों को बुलाया गया था तो उन्हें मोबाइल फोन या फिर दूसरे डिजिटल डिवाइस लाने की अनुमति नहीं थी.  फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित इस डिनर के हर निवाले में भारत के प्रति नफरत, मजहबी कट्टरवाद भरा हुआ था.  फील्ड मार्शल मुनीर ने कहा, "हम भारत के पूर्व से शुरुआत करेंगे जहां उन्होंने अपने सबसे मूल्यवान संसाधन स्थापित किए हैं और फिर पश्चिम की ओर बढ़ेंगे." बता दें कि फील्ड मार्शल मुनीर की छवि धार्मिक रूप से कट्टर जनरल की है. मुनीर पाकिस्तान का पहला आर्मी चीफ है जिसने अपनी पढ़ाई मदरसे से की है. आसिम मुनीर अक्सर अपने तर्कों के समर्थन में मजहबी उदाहरणों का इस्तेमाल करते हैं.  भारत मर्सडीज की तरह चमचमाती कार, पाकिस्तान डंप ट्रक पाकिस्तान भारत को कैसे नुकसान कर पहुंचा सकता है ये बताने के लिए मुनीर ने एक उदाहरण दिया. जहां उसने भारत को एक चमचमाती मर्सिडीज बताया और पाकिस्तान को बजरी से भरा एक डंप ट्रक कहा.  फील्ड मार्शल मुनीर ने कहा, "मैं स्थिति को समझाने के लिए एक साधारण सा उदाहरण इस्तेमाल करूंगा. भारत फेरारी की तरह हाईवे पर आती हुई एक चमचमाती मर्सिडीज है, लेकिन हम कबाड़, ईंट-पत्थर से भरा एक डंप ट्रक हैं. अगर ये ट्रक उस कार से टकराता है, तो नुकसान किसका होगा?" फील्ड मार्शल मुनीर ने इस अवसर का उपयोग पाकिस्तानी राजनीति और रणनीतिक निर्णय लेने में सेना की भागीदारी का पक्ष रखने के लिए भी किया.  मुनीर ने पाकिस्तान के मंत्री बाबर खान गौरी के बयान की चर्चा करते हुए कहा कि वे कहते हैं कि युद्ध इतना गंभीर है कि उसे जनरलों पर नहीं छोड़ा जा सकता, लेकिन राजनीति भी इतनी गंभीर है कि उसे राजनेताओं पर नहीं छोड़ा जा सकता." ट्रंप की तारीफ में मस्का लगाया फील्ड मार्शल मुनीर ने भारत और अमेरिका के बीच हालिया कूटनीतिक तनाव का भी ज़िक्र किया. मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान को प्रतिद्वंद्वी शक्तियों के बीच संतुलन बनाने के लिए मास्टरक्लास देना शुरू कर देना चाहिए. मुनीर ने कहा, "हमारी सफलता का असली कारण यह है कि हम कंजूस नहीं हैं. अगर कोई अच्छा काम करता है, तो हम उसकी प्रशंसा करते हैं और उसे महत्व देते हैं. इसीलिए हमने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नामांकित किया है." मुनीर ने इस दौरे में  वरिष्ठ अमेरिकी राजनीतिक और सैन्य हस्तियों के साथ-साथ पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय के सदस्यों से भी मुलाकात की. टैम्पा में मुनीर ने निवर्तमान अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला के सेवानिवृत्ति समारोह और एडमिरल ब्रैड कूपर, जिन्होंने CENTCOM प्रमुख का पदभार संभाला, के कमान परिवर्तन समारोह में भाग लिया. मुनीर ने कुरिल्ला के नेतृत्व और अमेरिका-पाकिस्तान सैन्य संबंधों में उनके योगदान की प्रशंसा की. साथ ही कूपर को साझा सुरक्षा मुद्दों से निपटने में सफलता की कामना की. मुनीर ने ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन से भी बातचीत की और उन्हें पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मुनीर ने इस अवसर पर कुछ देशों के डिफेंस चीफ से भी मुलाकात की.   

वित्त मंत्री आज लोकसभा में पेश करेंगी नया आयकर विधेयक, प्रमुख बदलावों पर चर्चा

नई दिल्ली इंडियन टैक्स (TAX) इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव की प्रक्रिया के तहत नए आयकर विधेयक, 2025 (New Income Tax Bill) को तमाम संशोधनों के साथ आज लोकसभा (Lok Sabha) में पेश किया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इसे पेश करेंगी. इस नए विधेयक में प्रवर समिति के सुझाए गए 285 संशोधनों को शामिल किया जाएगा. भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली प्रवर समिति ने इन संशोधनों को मंजूरी दी थी. बता दें यह नया विधेयक करीब 63 साल पुराने आयकर अधिनियम, 1961 की जगह लेगा. आइए जानते हैं उससे कैसे और कितना अलग है ये नया विधेयक…  285 सिफारिशें, 32 बड़े बदलाव वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि नए आयकर विधेयक में कई परिवर्तन हैं, जिनमें तकनीकी सुधार और बेहतर क्रॉस-रेफरेंसिंग शामिल हैं. इसके मसौदे पर खर्च हुए समय और मेहनत को लेकर की जा रही आलोचना के जबाव में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि इसे लेकर पहले किया गया काम व्यर्थ नहीं जाएगा. बता दें कि इस प्रस्ताव में देरी का एक प्रमुख कारण भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता वाली संसदीय प्रवर समिति के व्यापक सुझाव थे.  केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि जब कोई संसदीय समिति कई प्रस्तावित संशोधनों के साथ एक रिपोर्ट प्रस्तुत करती है और उनमें से कई को स्वीकार कर लिया जाता है, तो मानक प्रक्रिया यह होती है कि मूल विधेयक को वापस ले लिया जाए और उसका संशोधित संस्करण पेश किया जाए. उन्होंने बताया कि प्रत्येक संशोधन के लिए तीन अलग-अलग प्रस्तावों की जरूरत होती है, जो तब अव्यावहारिक है जब 285 से ज्यादा बदलावों की सिफारिश मिले, इनमें 32 बड़े बदलाव भी शामिल हैं. उन्होंने कहा, 'विधेयक को वापस लेने और फिर से पेश करने का उद्देश्य समय की बचत, विधायी स्पष्टता और दक्षता सुनिश्चित करना है.' पहले की तुलना में सरल और कम धाराएं गौरतलब है कि आयकर विधेयक 2025 को बीते 13 फरवरी 2025 को लोकसभा में पेश किया गया था और इसके बाद इसकी जांच के लिए भाजपा सांसद बैजयंत पांडा की अध्यक्षता में 31 सदस्यीय प्रवर समिति गठित की गई थी. इसने 285 सुझाव दिए थे और पिछले महीने 21 जुलाई 2025 को अपनी रिपोर्ट पेश की थी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अब संशोधित New Tax Bill, 2025 पेश करने जा रही हैं, जो 1961 के आयकर विधेयक की जगह लेगा. इसमें पहले की तुलना में कम धाराएं होंगी और ये पहले से बेहद आसान भाषा में होगा.  नए विधेयक में जिन प्रावधानों को शामिल किए जाने की उम्मीद है, उनमें गुमनाम दान को सामाजिक सेवाएं देने वालेट्रस्टों को छोड़कर, केवल विशुद्ध धार्मिक ट्रस्टों तक सीमित रखना,  Taxpayers को इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की डेडलाइन के बाद बिना किसी जुर्माने के टीडीएस रिफंड का दावा करने की अनुमति देना भी शामिल है.  नए टैक्स बिल में ये बड़े बदलाव अन्य बड़े बदलावों पर नजर डालें, तो New Tax Bill, अब तक लागू 1961 के आयकर अधिनियम के साइज की तुलना में आधा है. 816 की जगह अब बिल में 536 धाराएं हैं और इसे सरल भाषा में खासतौर पर मुकदमेबाजी को कम करने के लिए डिजाइन किया गया है. बीते दिनों आयकर विभाग (Income Tax Department) द्वारा जारी FAQ के मुताबिक, इस नए विधेयक में शब्दों की संख्या मौजूदा कानून के 5.12 लाख की तुलना में अब घटकर 2.6 लाख रह गई हैं. इसके अलावा धाराओं की बात करें, तो इनकी संख्या भी पहले के 819 से घटाकर 536 कर दी गई है, जबकि अध्याय भी 47 से 23 कर दिए गए हैं. एसेसमेंट ईयर नहीं, अब Tax Year नए Tax Bill-2025 में 1,200 प्रावधान और 900 स्पष्टीकरण हटाए गए हैं. एक और बड़ा बदलाव ये है कि टैक्सपेयर्स के लिए ये विधेयक अब तक अपनाए जाने वाले 'एसेसमेंट ईयर' और 'प्रीवियस ईयर' की अवधारणा को एक यूनिफाइड 'कर वर्ष' (Tax Year) से बदलने का प्रस्ताव करता है. बता दें कि फिलहाल, पिछले वर्ष की इनकम पर टैक्स पेमेंट Assessment Year में किया जाता है. जैसे 2023-24 में अर्जित आय पर 2024-25 में कर लगाया जाता है. 

ऑपरेशनल वंदे भारत ट्रेनें हुईं 144, भारत का रेल यातायात बना और प्रभावशाली

नई दिल्ली भारतीय रेलवे लगातार अपने नेटवर्क में तेज गति वाली आधुनिक ट्रेनों को जोड़ रहा है और इस कारण देश में ऑपरेशनल वंदे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़कर 144 हो गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि सरकार का ध्यान देश के रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने पर है। वंदे भारत सेमी हाई-स्पीड ट्रेनें हैं जिन्हें भारतीय रेलवे द्वारा यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक आरामदायक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए डिजाइन और विकसित किया गया है। इन ट्रेनों में तेज एक्सीलरेशन, कवच सिस्टम, पूरी तरह से सीलबंद गैंगवे, ऑटोमेटिक डोर और आरामदायक सीटों की सुविधाएं हैं। ट्रेन में उपलब्ध सुविधाओं में हॉट केस वाली मिनी पैंट्री, बॉटल कूलर, डीप फ्रीजर और गर्म पानी के बॉयलर शामिल हैं। यात्रियों को रिक्लाइनिंग एर्गोनॉमिक सीटें, एग्जीक्यूटिव क्लास में घूमने वाली सीटें, हर सीट पर मोबाइल चार्जिंग सॉकेट, दिव्यांगजन यात्रियों के लिए विशेष शौचालय और बेहतर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी निगरानी की सुविधा भी मिलती है। रेल मंत्री ने कहा कि इन सेवाओं का उद्देश्य यात्रा को सुरक्षित और किफायती रखते हुए उच्च मांग वाले मार्गों पर भीड़भाड़ को कम करना है। उन्होंने आगे कहा कि ये ट्रेनें यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं। 2024-25 में, लगभग 3 करोड़ यात्रियों ने वंदे भारत एक्सप्रेस का इस्तेमाल किया, जबकि अप्रैल और जून 2025 के बीच 93 लाख लोगों ने इस ट्रेन से यात्रा की है। वंदे भारत सेवाओं का तेजी से विस्तार भारत में यात्री यात्रा को बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो देश के कुछ सबसे व्यस्त रेल मार्गों पर गति, आराम और सुरक्षा का संयोजन प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को बेंगलुरु और कर्नाटक के बेलगावी के बीच वंदे भारत ट्रेन सेवा का उद्घाटन किया। उन्होंने ट्रेन में सवार होकर यात्रा के दौरान छात्रों और बच्चों से बातचीत की। प्रधानमंत्री ने रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने से पहले कर्मचारियों का अभिवादन किया। उन्होंने दो अन्य वंदे भारत रूटों का भी शुभारंभ किया , जिसमें अमृतसर – श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच नई वंदे भारत, और नागपुर (अजनी) और पुणे के बीच वंदे भारत शामिल हैं।

बड़ी राहत: 30 लाख किसानों को सीधे खाते में ₹3200 करोड़ का मिलेगा लाभ

नई दिल्ली कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana) के तहत 30 लाख किसान लाभार्थियों को 3,200 करोड़ रुपये की फसल बीमा दावा राशि डिजिटल रूप से ट्रांसफर करेंगे। राजस्थान के झुंझुनू में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पीएमएफबीवाई दावा राशि ट्रांसफर की जाएगी। चौहान के अलावा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और राज्य के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।   किस राज्य के किसानों को कितनी राशि मिलेगी एक आधिकारिक बयान के अनुसार कुल दावा राशि में 1156 करोड़ रुपये मध्य प्रदेश के किसानों को, 1121 करोड़ रुपये राजस्थान के किसानों को और 150 करोड़ रुपये छत्तीसगढ़ के किसानों को मिलेंगे। साथ ही 773 करोड़ रुपये अन्य राज्यों के किसानों को हस्तांतरित किए जाएंगे। नया सिस्टम लागू हुआ कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र ने किसानों के हित में एक नई सरलीकृत दावा निपटान प्रणाली लागू की है, जिसके तहत राज्य के प्रीमियम अंशदान का इंतजार किए बिना, केवल केंद्रीय सब्सिडी के आधार पर दावों का आनुपातिक भुगतान किया जा सकेगा। उन्होंने बयान में कहा, ''खरीफ 2025 सत्र से, अगर कोई राज्य सरकार अपने सब्सिडी अंशदान में देरी करती है, तो उस पर 12 प्रतिशत का जुर्माना लगाया जाएगा, और इसी तरह अगर बीमा कंपनियां भुगतान में देरी करती हैं, तो उन पर भी 12 प्रतिशत का जुर्माना लगाया जाएगा।'' कब हुई थी प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की 2016 में शुरुआत के बाद से इसके तहत 1.83 लाख करोड़ रुपये के दावों का निपटान किया गया है। साथ ही किसानों ने केवल 35,864 करोड़ रुपये का प्रीमियम चुकाया है।

अफगानिस्तान के पकतिया से सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, हथियार और गोला-बारूद जब्त

काबुल अफगानिस्तान के सुरक्षा बलों ने देश के पूर्वी पकतिया प्रांत से भारी मात्रा में हथियार और सैन्य उपकरण जब्त किए हैं। आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने रविवार को यह जानकारी दी। आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने रविवार को बताया कि पूर्वी पकतिया के समकानी और अहमद खेल जिलों के बाहरी इलाकों में कई अभियानों के दौरान भारी मात्रा में हथियार और सैन्य उपकरण बरामद किए गए। इससे पहले, 4 अगस्त को पश्चिमी अफगानिस्तान के फराह प्रांत में स्थित खाक-ए-सकीद जिले में पुलिस ने एक रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी), एक एके-47 राइफल, चार हथगोले, प्रोजेक्टाइल और अन्य सैन्य उपकरण एक घर से बरामद किए थे। प्रांतीय पुलिस कार्यालय ने एक समाचार विज्ञप्ति में इस कार्रवाई की जानकारी दी थी। इसी तरह, 27 जुलाई को दक्षिणी अफगानिस्तान के उरुजगान प्रांत की राजधानी तिरिन कोट में एक गुप्त सूचना के आधार पर अभियान चलाया गया। इस दौरान सुरक्षा बलों ने छह एके-47 राइफल, एक भारी मशीन गन, पीके मशीन गन, रॉकेट लांचर और सैकड़ों हथगोले सहित भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अफगान अंतरिम सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में देश की सुरक्षा स्थिति को स्थिर करने के प्रयासों के तहत हजारों हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद जब्त किया है। सरकारी मीडिया आउटलेट रेडियो एंड टेलीविजन ऑफ अफगानिस्तान (आरटीए) के अनुसार, 24 जुलाई को पुलिस ने पूर्वी अफगानिस्तान के पकतिया प्रांत में लगभग 200 हल्के और भारी हथियार जब्त किए। हथियारों के इस जखीरे में 97 कलाश्निकोव, सात एम16 असॉल्ट राइफलें, 86 स्टॉक पिस्तौल, सात रॉकेट लॉन्चर और कई अन्य प्रकार के हथियार और गोला-बारूद शामिल हैं। सरकारी मीडिया आउटलेट रेडियो एंड टेलीविजन ऑफ अफगानिस्तान (आरटीए) ने पुलिस के हवाले से कहा कि किसी को भी अवैध रूप से हथियार रखने या ले जाने का अधिकार नहीं है। इसी तरह के एक अभियान में पुलिस ने अफगानिस्तान के उत्तरी समांगन प्रांत में एक एंटी-एयरक्राफ्ट गन सहित हथियार और गोला-बारूद बरामद किया था।

इराक में क्लोरीन गैस लीक, सैकड़ों तीर्थयात्री अस्पताल में भर्ती, हालात गंभीर

इराक इराक में एक जल शोधन केंद्र में क्लोरिन गैस रिसाव के कारण 600 से ज्यादा तीर्थयात्रियों को को अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह घटना इराक के मध्य और दक्षिण में स्थित दो शिया पवित्र शहरों नजफ और कर्बला के बीच के मार्ग पर शनिवार रात में हुई। इस साल लाखों शिया मुस्लिम तीर्थयात्रियों के कर्बला जाने की उम्मीद है। यहां पर इमाम हुसैन और उनके भाई अब्बास की दरगाहें स्थित हैं। इराक के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि कर्बला में क्लोरीन गैस रिसाव के बाद दम घुटने के 621 मामले दर्ज किए गए हैं। सभी को आवश्यक देखभाल प्रदान की गई और वे स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी भी मिल रही है। इस बीच तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा बलों ने कहा कि यह घटना कर्बला-नजफ मार्ग पर स्थित एक जल स्टेशन से क्लोरीन रिसाव के कारण हुई। बता दें कि दशकों के संघर्ष और भ्रष्टाचार के कारण इराक का अधिकांश बुनियादी ढांचा जर्जर हो चुका है। जुलाई में पूर्वी शहर कुट के एक शॉपिंग मॉल में भीषण आग लगने से 60 से ज्यादा लोग मारे गए थे।

11 वर्षों में स्मार्टफोन उत्पादन में छः गुना बढ़ोतरी, भारत अमेरिका का सबसे बड़ा सप्लायर बना: अश्विनी वैष्णव

मुंबई केंद्रीय रेल एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि भारत, अमेरिका का सबसे बड़ा स्मार्टफोन सप्लायर बन गया है। बेंगलुरु में मेट्रो परियोजनाओं के उद्घाटन के अवसर पर, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन छह गुना बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इसी अवधि के दौरान इलेक्ट्रॉनिक निर्यात आठ गुना बढ़कर 3 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। वैष्णव ने टेक सप्लाई चेन में देश की मजबूत होती स्थिति पर कहा, "भारत दुनिया में मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता बन गया है।" वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में अमेरिका में आयात किए गए सभी स्मार्टफोन में भारत का हिस्सा 44 प्रतिशत था, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के केवल 13 प्रतिशत से एक बड़ी छलांग है। चीन में असेंबल किए गए अमेरिकी स्मार्टफोन शिपमेंट में आई गिरावट का सबसे ज्यादा लाभ भारत ने उठाया है, जिसका मुख्य कारण एप्पल की 'चाइना प्लस वन' रणनीति है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में अब 300 मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, जो 2014 में केवल दो थीं। वित्त वर्ष 14 में भारत में बिकने वाले 26 प्रतिशत मोबाइल फोन की ही स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग की जाती थी, जो अब बढ़कर 99.2 प्रतिशत पर पहुंच गई है। देश में मैन्युफैक्चर हुए मोबाइल फोन की वैल्यू वित्त वर्ष 14 के 18,900 करोड़ रुपए से बढ़कर वित्त वर्ष 24 में 4.22 लाख करोड़ रुपए हो गई है। यह वृद्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को एक ग्लोबल टेक्नोलॉजी केंद्र बनाने के दृष्टिकोण और अंतरराष्ट्रीय बाजार में देश की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता के अनुरूप है। भारत अब चीन और वियतनाम के साथ ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में एक प्रमुख खिलाड़ी है, जहां कंपनियां सप्लाई चेन में विविधता लाने के लिए उत्पादन को स्थानांतरित कर रही हैं। मोबाइल फोन का शुद्ध निर्यात वित्त वर्ष18 में 0.2 अरब डॉलर से बढ़कर वित्त वर्ष 25 में 24.1 अरब डॉलर हो गया।

आशा मोटवानी कौन हैं? और ट्रंप को धन्यवाद कहने की वजह क्या है?

वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 50 फीसदी टैरिफ को लेकर दोनों देशों में तनाव गहरा गया है। इस बीच भारतीय मूल की अमेरिकी निवेशक और रिपब्लिकन पार्टी की इकलौती भारतीय-अमेरिकी मेगाडोनर आशा जडेजा मोटवानी ने भारत को सलाह दी है कि वह ट्रंप के इरादों और सोच को समझने के लिए उनसे संपर्क करे। मोटवानी ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव करने के लिए ट्रंप ने अपने दो मंत्रियों को काम पर लगाया, भले ही नतीजा कुछ भी हो, उन्हें थैंक्यू बोलने में बुराई क्या है? मोटवानी ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मैं रिपब्लिकन पार्टी की एकमात्र भारतीय-अमेरिकी मेगाडोनर हूं। मैं भारत को मेरी राय लेने की सलाह देती हूं कि ट्रंप के दिमाग में क्या चल रहा है? हो सकता है मैं सौ प्रतिशत सही न रहूं, लेकिन करीब जरूर रहूंगी। फेडरल इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट देखिए, वहां साफ लिखा है कौन कितना फंड दे रहा है।' थैंक्यू बोलने में बुराई क्या है उन्होंने आगे कहा, ‘ट्रंप ने आधिकारिक रूप से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और मार्को रुबियो को भारत और पाकिस्तान से बात करने और सीज़फ़ायर कराने की अनुमति दी थी। यह प्रयास सफल हुआ या नहीं, यह मुद्दा नहीं है, उनकी नीयत नेक थी। हमें उन्हें एक फूल और अच्छा-सा कार्ड देकर ‘थैंक्यू’ कहना चाहिए। शायद मैं यह भारत की ओर से कर दूं।’ उन्होंने यह भी कहा कि शायद वह भारत की ओर से ट्रंप को धन्यवाद देंगी, खासकर भारत–पाकिस्तान तनाव के दौरान अमेरिका की भूमिका के लिए। उन्होंने ट्रंप के आर्मेनिया-अजरबैजान शांति समझौते की सराहना करते हुए कहा, 'जिस तरह वे दोनों नेताओं के बीच बैठे और उनके हाथ थामे, उससे साफ है कि शांति उनके दिल के करीब है। अगर उन्हें इसके लिए नोबेल पुरस्कार मिलता है, तो उन्हें इससे ताकत मिल सकती है। वह रूस और यूक्रेन में भी शांति के लिए लगातार काम कर रहे हैं।' ट्रंप से भी अपील उन्होंने ट्रंप से भी अपील की कि भारत के साथ व्यापारिक समझौते को प्राथमिकता दें। उनके मुताबिक, अमेरिका ने जिन अन्य एशियाई देशों से डील की है, उनके चीन और यूरोपीय संघ से भी समझौते हैं, लेकिन भारत के विशाल बाज़ार तक अमेरिका की विशेष पहुंच है। साथ ही, भारत रूस और यूक्रेन के बीच भी शांति के लिए भूमिका निभा रहा है। कौन हैं आशा मोटवानी फ़ेडरल इलेक्शन रिकॉर्ड के अनुसार, आशा मोटवानी ने 31 मई 2024 को रिपब्लिकन नेशनल कमिटी को $123,900 (करीब 1 करोड़ रुपये) का फंड दिया था। वह सिलिकॉन वैली में स्थित एक प्रसिद्ध निवेशक हैं।  

महायुति को लेकर एकनाथ शिंदे का भरोसा, विपक्ष के लिए दिल्ली दौरे हैं मुश्किल

नई दिल्ली महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा कि दिल्ली की उनकी यात्राओं से राज्य में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के सहयोगियों (भाजपा और राकांपा) को कोई परेशानी नहीं होती, लेकिन विपक्षी दल काफी बेचैन हो जाते हैं। ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक वीडियो साक्षात्कार में शिंदे ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी की उनकी यात्राएं महाराष्ट्र के विकास से जुड़े लंबित मुद्दों को सुलझाने, संसद सत्र के दौरान शिवसेना सांसदों से मिलने और अन्य राज्यों के पार्टी नेताओं के साथ बैठक करने के लिए होती हैं। शिंदे ने कहा, “महायुति को लेकर फिक्र करने की कोई बात नहीं है। चिंता का कोई कारण नहीं है। मेरे दिल्ली दौरे से विपक्षी दल ही असहज हो जाते हैं।” विपक्षी दल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और कांग्रेस शिंदे की दिल्ली दौरे को लेकर अक्सर उन पर निशाना साधते रहे हैं। वे दावा करते आए हैं कि शिंदे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। शिवसेना प्रमुख ने कहा, “क्या उन लोगों से मिलना गलत है, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाकर या अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करवाकर बालासाहेब ठाकरे के सपनों को साकार किया?” शिंदे ने लगभग तीन साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (अविभाजित), कांग्रेस और राकांपा (अविभाजित) की महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार से यह कहते हुए बगावत कर दी थी कि उद्धव ने शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के हिंदुत्व सिद्धांत को त्याग दिया है। उन्होंने जून 2022 में शिवसेना (अविभाजित) के दो-तिहाई से अधिक विधायकों के साथ पार्टी छोड़ दी थी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोग से मुख्यमंत्री बने थे। बाद में निर्वाचन आयोग ने उनके नेतृत्व को वाले गुट को ‘असली’ शिवसेना का दर्जा दे दिया था। शिंदे ने कहा, “मैं जब भी अपने गांव जाता हूं या दिल्ली आता हूं, तो विपक्ष को बहुत परेशानी होती है। लेकिन मैं अपना काम करता रहता हूं। वे जो चाहें, सोचने के लिए स्वतंत्र हैं। मैं यहां बिना काम के नहीं आता।” पिछले हफ्ते शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। शिंदे ने कहा कि विपक्षी दल शिवसेना (उबाठा) के लिए उनके दिल्ली दौरे की आलोचना करना आसान है, लेकिन उन्हें यह समझना चाहिए कि उन्होंने उन लोगों से हाथ मिला लिया है, जिन्होंने बालासाहेब ठाकरे को छह साल तक मताधिकार से वंचित रखकर उनका अपमान किया था। शिवसेना प्रमुख ने कहा, “वही मुख्य चुनाव आयुक्त (एमएस गिल) जिन्होंने बालासाहेब का वोट देने का अधिकार छीन लिया था, उन्हें कांग्रेस ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार में मंत्री बनाकर पुरस्कृत किया था।” उन्होंने कहा, “आप (शिवसेना-उबाठा) सत्ता की चाह में दिल्ली की यात्रा करते हैं, लेकिन हम महाराष्ट्र में जन कल्याणकारी योजनाएं लाने और विकास सुनिश्चित करने के लिए यहां आते हैं। हमें इस पर गर्व है।”