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खरमास की शुरुआत 15 मार्च से, एक महीने तक नहीं होंगे शुभ कार्य

सनातन धर्म में खरमास का विशेष धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व माना जाता है। यह एक ऐसी अवधि होती है जिसे परंपरागत रूप से अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान शादी-विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, नामकरण, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। मार्च 2026 में भी खरमास लगने जा रहा है, लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल है कि खरमास 14 मार्च से शुरू होगा या 15 मार्च से। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इसका सही समय स्पष्ट हो गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि खरमास कब से शुरू होगा और इस दौरान शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते। 2026 में खरमास कब से शुरू होगा? ज्योतिष गणना के अनुसार सूर्य देव 15 मार्च 2026 को कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य का यह राशि परिवर्तन रात 01 बजकर 08 मिनट पर होगा। सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी। इस दिन मीन संक्रांति का पर्व भी मनाया जाएगा। खरमास प्रारंभ: 15 मार्च 2026 समाप्ति: 14 अप्रैल 2026 इस पूरे एक महीने की अवधि को ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इसलिए इस दौरान शादी-विवाह समेत कई मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है। खरमास में कौन-कौन से काम नहीं किए जाते? खरमास के दौरान परंपरागत रूप से कई शुभ कार्यों को टाल दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में निम्न कार्य नहीं किए जाते: शादी-विवाह, सगाई या रोका, गृह प्रवेश, नामकरण संस्कार, मुंडन संस्कार, नया व्यापार या बिजनेस शुरू करना और किसी बड़े प्रोजेक्ट की शुरुआत। हालांकि इस समय पूजा-पाठ, दान-पुण्य और आध्यात्मिक कार्यों को बहुत शुभ माना जाता है। खरमास में शुभ कार्य क्यों नहीं किए जाते? धर्म शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास की अवधि शुरू होती है। इन दोनों राशियों का स्वामित्व गुरु बृहस्पति के पास होता है। ज्योतिष के अनुसार इस दौरान सूर्य की ऊर्जा और प्रभाव थोड़ा मंद हो जाता है, जिससे उनकी शुभता कम हो जाती है। किसी भी शुभ और मांगलिक कार्य को सफल बनाने के लिए सूर्य और गुरु दोनों ग्रहों का मजबूत और शुभ होना जरूरी माना जाता है। लेकिन जब सूर्य इन राशियों में प्रवेश करते हैं, तो गुरु का प्रभाव भी कमजोर हो जाता है। यही कारण है कि इस अवधि में विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। खरमास में क्या करना होता है शुभ? खरमास को भले ही मांगलिक कार्यों के लिए अशुभ माना जाता हो, लेकिन धार्मिक दृष्टि से यह समय पूजा-पाठ और दान-पुण्य के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इस दौरान इन कार्यों को करना लाभकारी माना जाता है। ऐसा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक लाभ मिलने की मान्यता है। भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा। गरीबों को दान देना। गीता या धार्मिक ग्रंथों का पाठ। तीर्थ यात्रा। ध्यान और साधना। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 15 मार्च 2026 से खरमास की शुरुआत होगी, जो 14 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस दौरान शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों को टालना शुभ माना जाता है। हालांकि यह समय पूजा-पाठ, दान और आध्यात्मिक साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में भगवान की भक्ति और सेवा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

Horoscope Today 08 March 2026: सभी 12 राशियों का हाल, करियर-पैसा-सेहत में कैसा रहेगा आपका दिन

मेष राशि- आज मेष राशि के जातकों के लिए दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है। कामकाज में कुछ नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, लेकिन आपकी समझदारी से स्थितियां संभल सकती हैं। ऑफिस में किसी महत्वपूर्ण काम की जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ समय बिताने से मानसिक शांति मिलेगी। सेहत के मामले में थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम भी करें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन कई मामलों में लाभदायक रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और वरिष्ठों से सराहना मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। किसी करीबी व्यक्ति से सलाह लेना फायदेमंद साबित हो सकता है। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। कामकाज में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा जिससे काम आसान हो सकता है। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लेना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत को लेकर हल्की सतर्कता बरतें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलित रह सकता है। कार्यक्षेत्र में धीरे-धीरे प्रगति देखने को मिल सकती है। किसी पुराने प्रयास का परिणाम मिलने की संभावना है। परिवार का सहयोग आपके लिए मददगार साबित होगा। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। सिंह राशि- सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। कामकाज में भागदौड़ बढ़ सकती है और कुछ नए कार्य भी सामने आ सकते हैं। ऑफिस में अपनी बात सोच-समझकर रखें। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर होगा। परिवार का सहयोग आपको मानसिक सुकून देगा। सेहत के मामले में खानपान का ध्यान रखें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन योजनाओं पर काम करने का हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आपकी मेहनत का असर भी देखने को मिल सकता है। पैसों के मामले में स्थिति संतुलित रह सकती है। किसी मित्र से मुलाकात खुशी दे सकती है। सेहत सामान्य रहेगी लेकिन थकान हो सकती है। तुला राशि- तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन सहयोग और समझदारी का रहेगा। कामकाज में सहकर्मियों का साथ मिलेगा। किसी पुराने काम को पूरा करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सावधानी से कदम बढ़ाना बेहतर रहेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रह सकता है। सेहत ठीक रहेगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन सोच-समझकर फैसले लेने का हो सकता है। कामकाज में स्थिरता बनी रह सकती है। पैसों से जुड़े मामलों में थोड़ा संयम रखना जरूरी होगा। परिवार के साथ बातचीत से कई उलझनें दूर हो सकती हैं। रिश्तों में मधुरता बनाए रखें। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। धनु राशि- धनु राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। कामकाज में मन लगेगा और कुछ अच्छे अवसर भी मिल सकते हैं। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन प्रगति की ओर इशारा कर सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास सफल हो सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का विचार बन सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है। परिवार का सहयोग आपके लिए महत्वपूर्ण रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन शांत और सामान्य रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। किसी जरूरी काम को पूरा करने की योजना बन सकती है। पैसों के मामले में संतुलन बनाए रखें। परिवार के साथ समय बिताने से अच्छा महसूस होगा। सेहत सामान्य रहेगी। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। ऑफिस में सहयोगियों का साथ मिलेगा। आर्थिक मामलों में स्थिति संतुलित रह सकती है। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रहेगा। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है।

Rang Panchami 2026 Special: रंगों के इस पर्व पर करें ये 7 ज्योतिषीय उपाय, किस्मत देगी साथ और वैवाहिक रिश्ते होंगे मजबूत

नई दिल्ली होली की तरह भी रंग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। यह पर्व होली के पांच दिनों बाद मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस पर्व की शुरुआत द्वापर युग में हुई थी और तब से हर साल इसे चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने होली खेली थी। ऐसे में इस दिन विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की पूजा करनी चाहिए। उन्हें अबीर-गुलाल चढ़ाया चाहिए। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा भी करनी चाहिए। एक मान्यता यह भी है कि रंग पंचमी के दिन सभी देवी-देवता पृथ्वी पर होली खेलने आते हैं। इसलिए इस दिन आसमान की तरफ रंग उड़ाया जाता है। इसलिए इस पर्व का खास महत्व है। रंग पंचमी 2026 पर करें ये 7 उपाय इस साल रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन कुछ खास उपाय करने से कई तरह के कष्ट मिट जाते हैं। विवाह से जुड़ी कोई समस्या हो, विवाह में देरी हो या फिर आर्थिक तंगी है, तो इसके लिए कुछ ज्योतिष उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से इन समस्याओं का अंत हो जाता है और जीवन सुख-समृद्धि से भर जाता है। चलिए ऐसे 7 प्रभावशाली उपाय के बारे में जानते हैं। आर्थिक तंगी दूर करने के उपाय – आर्थिक तंगी दूर करने के लिए आपको रंग पंचमी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूरे-विधान से पूजा अर्चना करनी चाहिए। साथ ही पूजा में उन्हें लाल रंग के गुलाल भी अर्पित करें। इसके बाद कनकधारा स्त्रोत का पाठ करें। मान्यता है कि इस उपाय से आर्थिक संकट खत्म होते हैं और धन की कमी नहीं रह जाती है। अन्य उपाय – धन की समस्या से निजात पाने के लिए रंग पंचमी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के दौरान एक पीले वस्त्र में एक सिक्का और हल्दी की एक गांठ डालकर उसे अच्छे से बांधकर उसे रख दें। जब पूज खत्म हो जाए, तो उस पोटली को उठाकर घर की तिजोरी में रख दें। इस उपाय से मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु का आशीर्वाद बना रहता है। – एक और उपाय यह कर सकते हैं कि रंग पंचमी के दिन सफेद रंग की मिठाई या खीर का भोग मां लक्ष्मी को लगाएं। इससे भी मां लक्ष्मी को प्रसन्न होती हैं और धन-धान्य में बढ़ोतरी होती है। – इस दिन माता लक्ष्मी को रुई की दो बाती वाले घी का दीपक लगाएं और गुलाब की अगरबत्ती जलाएं। सफेद मिठाई और सेब चढ़ाएं। सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करें ये उपाय रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के साथस-साथ राधा रानी की पूजा अर्चना होती है। मान्यता है कि जिसपर राधा रानी की कृपा होती है, उसे सौभाग्य की प्राप्ति होती है। अगर भी रंग पंचमी पर राधा रानी की कृपा चाहते हैं, तो उनकी पूजा में लाल रंग की चुनरी और लाल रंग का गुलाल अर्पित करें। साथ ही साथ राधा कृपा कटाक्ष स्त्रोत्र का विशेष रूप से पाठ करना चाहिए। रंग पंचमी पर पूजा के इस उपाय से राधा रानी शीघ्र ही सारे रोग-शोक को दूर करके सुख-सौभाग्य की व​र्षा करती हैं। सुखद वैवाहिक जीवन से जुड़े उपाय – अगर पति-पत्नी के रिश्ते में खटास आ गई है, तो रंग पंचमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी को लाल रंग के वस्त्र पहनाएं और उनका विधि-विधान से पूजन करें। इन्हें गुलाबी रंग का गुलाल अर्पित करें और अपने वैवाहिक जीवन में मधुरता की कामना करें। – रंग पंचमी के दिन वट वृक्ष(बड़ का पेड़) की 108 बार परिक्रमा करनी चाहिए। इसके साथ ही भगवान विष्णु के नाम का जाप करते हुए लाल रंग का धागा वटवृक्ष पर बांध देना चाहिए। इस उपाय को करने से विवाह संबंधित सभी दिक्कतें दूर होती हैं। पीले रंग का वस्त्र पहनें रंग पंचमी के दिन पीले रंग का वस्त्र पहनें, क्योकि पीला रंग भगवान विष्णु का प्रतीक है और इसे शुभता का प्रतीक माना जाता है। भगवान विष्णु की पूजा करें और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें। इससे जीवन में शुभता और धन-धान्य की वृद्धि होगी।

रांधा-पुआ की तैयारी: 10 मार्च को पकवान, 11 मार्च को शीतलाष्टमी व्रत

जयपुर होली के बाद सातवें और आठवें दिन देवी शीतला माता की पूजा की परंपरा है। इन्हें शीतला सप्तमी या शीतलाष्टमी कहा जाता है। शीतला माता का जिक्र स्कंद पुराण में मिलता है। पौराणिक मान्यता है कि इनकी पूजा और व्रत करने से चेचक के साथ ही अन्य तरह की बीमारियां और संक्रमण नहीं होता है। ज्योतिषाचार्या ने बताया कि चैत्र मास में शीतला माता के लिए शीतला सप्तमी  10 मार्च और अष्टमी 11 मार्च का व्रत-उपवास किया जाता है। इस व्रत में ठंडा खाना खाने की परंपरा है। जो लोग ये व्रत करते हैं, वे एक दिन पहले बनाया हुआ खाना ही खाते हैं। 9 और 10 मार्च को रांधा पुआ होगा। जहां पर शीतला सप्तमी मनाई जाएगी। वहां पर 9 मार्च को रांधा पुआ होगा। जहां पर शीतला अष्टमी मनाई जायेगी। वहां पर 10 मार्च को रांधा पुआ होगा। कहीं पर सप्तमी के दिन और कहीं पर अष्टमी के दिन ठंडा भोजन किया जाता है। दरअसल, ये समय शीत ऋतु के जाने का और ग्रीष्म ऋतु के आने का समय है। इस दौरान मौसमी बीमारियां होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। शीतला सप्तमी और अष्टमी पर ठंडा खाना खाने से हमें मौसमी बीमारियों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है। ऐसी मान्यता है।  बसौड़ा हिन्दू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है। शीतला अष्टमी को ’बसौड़ा पूजा’ के नाम से भी जाना जाता है। बसौड़ा पूजा, शीतला माता को समर्पित लोकप्रिय त्योहार है। यह त्योहार चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। आमतौर पर यह होली के आठ दिनों के बाद पड़ता है लेकिन कई लोग इसे होली के बाद पहले सोमवार या शुक्रवार को मनाते हैं। बसौड़ा या शीतला अष्टमी का यह त्योहार उत्तर भारतीय राज्यों जैसे गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में अधिक लोकप्रिय है। राजस्थान राज्य में शीतला अष्टमी का त्यौहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर मेलां व लोक संगीत के कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। भक्त इस पर्व को बड़े ही हर्षोल्लास और भक्ति के साथ मनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस चुने हुए दिन पर व्रत रखने से उन्हें कई तरह की बीमारियों से बचाव होता है। बच्चों को बीमारियों से दूर रखने के लिए और उनकी खुशहाली के लिए इस त्योहार को मनाने की परंपरा बरसों से चली आ रही है। कुछ स्थानों पर शीतला अष्टमी को बासौड़ा भी कहा जाता है। इस दिन माता शीतला की बासी भोजन का भोग लगाने की परंपरा है और स्वयं भी प्रसाद के रूप में बासी भोजन ही करना होता है। नाम के अनुसार ही शीतला माता को शीतल चीजें पसंद हैं। मां शीतला का उल्लेख सर्वप्रथम स्कन्दपुराण में मिलता है। इनका स्वरूप अत्यंत शीतल है और कष्ट-रोग हरने वाली हैं। गधा इनकी सवारी है और हाथों में कलश, सूप, झाड़ू और नीम के पत्ते हैं। मुख्य रूप से इनकी उपासना गर्मी के मौसम में की जाती है। शीतला सप्तमी और अष्टमी कुछ जगह शीतला माता की पूजा चैत्र महीने के कृष्णपक्ष की सप्तमी को और कुछ जगह अष्टमी पर होती है। सप्तमी तिथि के स्वामी सूर्य और अष्टमी के देवता शिव होते हैं। दोनों ही उग्र देव होने से इन दोनों तिथियों में शीतला माता की पूजा की जा सकती है। निर्णय सिंधु ग्रंथ के मुताबिक इस व्रत में सूर्योदय व्यापिनी तिथि ली जाती है। शीतला सप्तमी वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि की शुरुआत 09 मार्च को देर रात 11:27 मिनट पर शुरू होगी और 10 मार्च को देर रात 01:54 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार यानी उदया तिथि से 10 मार्च को शीतला सप्तमी मनाई जाएगी। शीतला सप्तमी पर पूजा के लिए शुभ समय 10 मार्च को सुबह 06:24 मिनट से लेकर शाम 06:26 मिनट तक है। इस दौरान साधक देवी मां शीतला की पूजा कर सकते हैं।   शीतला सप्तमी शुभ योग चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इस दिन हर्षण योग का संयोग सुबह 08:21 मिनट तक है। इसके साथ ही रवि योग का भी संयोग है। इन योग में मां शीतला की पूजा करने से शुभ कामों में सफलता एवं सिद्धि मिलेगी। साथ ही आरोग्यता का वरदान मिलेगा। शीतला अष्टमी शुभ मुहूर्त चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 10 मार्च को रात 01:54 मिनट पर हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 12 मार्च को सुबह 04:19 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार इस साल शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा। इस दिन ही बसौड़ा मनाया जाएगा। चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मां शीतला की विशेष पूजा की जाती है। शीतला अष्टमी पर पूजा के लिए शुभ समय 11 मार्च को सुबह 06:03मिनट से लेकर शाम 05:56 मिनट तक है। इस दौरान साधक देवी मां शीतला की पूजा कर सकते हैं। स्कन्द पुराण में माता शीतला की अर्चना का स्तोत्र 'शीतलाष्टक' स्कन्द पुराण में माता शीतला की अर्चना का स्तोत्र 'शीतलाष्टक' के रूप में प्राप्त होता है। ऐसा माना जाता है कि- इस स्तोत्र की रचना स्वयं भगवान शंकर ने की थी। शास्त्रों में भगवती शीतला की वंदना के लिए यह मंत्र बताया गया है। मंत्र है- वन्देऽहंशीतलांदेवीं रासभस्थांदिगम्बराम्।। मार्जनीकलशोपेतां सूर्पालंकृतमस्तकाम्।। अगर आप अपने घर की सुख-समृद्धि बनाये रखना चाहते हैं तो आपको स्नान आदि के बाद शीतला माता के इस मंत्र का 51 बार जप करना चाहिए। मंत्र इस प्रकार है-    ऊँ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः। आज के दिन ऐसा करने से आपके घर की सुख-समृद्धि बनी रहेगी। साथ ही आपके परिवार के सदस्यों की सेहत भी अच्छी रहेगी। अगर आप भय और रोग आदि से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको देवी शीतला के इस मंत्र का 21 बार जप करना चाहिए। मंत्र है-     वन्देSहं शीतलां देवीं सर्वरोग भयापहम्। यामासाद्य निवर्तेत विस्फोटक भयं महत्।। अगर आप अच्छे स्वास्थ्य की कामना रखते हैं। साथ ही लंबी आयु का वरदान पाना चाहते हैं, तो आपको शीतलाष्टक स्त्रोत में दी गई इन पंक्तियों का जाप करना चाहिए। पंक्तियां इस प्रकार हैं-      मृणाल तन्तु सदृशीं नाभि हृन्मध्य संस्थिताम्। यस्त्वां संचिन्त येद्देवि तस्य मृत्युर्न जायते।। ऐसी प्राचीन … Read more

07 मार्च 2026 का राशिफल: जानें मेष से मीन तक सभी राशियों का भविष्य, किसे मिलेगा विशेष लाभ

मेष राशि- आज का दिन मेष राशि वालों के लिए सामान्य रह सकता है। कामकाज में थोड़ी भागदौड़ रह सकती है, लेकिन धीरे-धीरे काम पूरे होते जाएंगे। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, इसलिए अपने काम पर पूरा ध्यान रखें। पैसों के मामले में खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए फिजूल खर्च से बचना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का रहेगा। सेहत के मामले में ज्यादा चिंता की बात नहीं है, लेकिन खानपान का ध्यान रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि के लोगों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में अच्छे मौके मिल सकते हैं और मेहनत का परिणाम भी मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रह सकती है और कुछ लोगों को धन लाभ भी हो सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा। रिश्तों में भी समझदारी बनाए रखने से माहौल अच्छा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज करियर के मामले में अच्छा दिन हो सकता है। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी। किसी पुराने काम के पूरे होने से राहत मिल सकती है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। सेहत को लेकर थोड़ी सावधानी रखें। कर्क राशि- कर्क राशि के लोगों के लिए आज का दिन अच्छा रहने की संभावना है। करियर में नए मौके मिल सकते हैं और कुछ लोगों को नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है। अगर आप नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं तो समय ठीक रह सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। आर्थिक मामलों में भी स्थिति ठीक रह सकती है। सेहत सामान्य रहेगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों को आज कामकाज में थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत हो सकती है। ऑफिस में किसी बात को लेकर तनाव हो सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लें। परिवार के साथ बातचीत से कई समस्याएं हल हो सकती हैं। सेहत का ध्यान रखें और ज्यादा तनाव लेने से बचें। कन्या राशि- कन्या राशि के लोगों के लिए आज का दिन मेहनत वाला रह सकता है। कामकाज में थोड़ी व्यस्तता बढ़ सकती है। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में स्थिति ठीक रहेगी। किसी पुराने दोस्त से मुलाकात भी हो सकती है। सेहत को लेकर लापरवाही न करें। तुला राशि- तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन ठीक रह सकता है। कामकाज में सहयोग मिलने से काम आसानी से पूरे हो सकते हैं। ऑफिस में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। रिश्तों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। आर्थिक मामलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक मामलों में थोड़ा ध्यान देने वाला हो सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। कामकाज में स्थिति सामान्य रहेगी। परिवार के साथ बातचीत से कई बातें साफ हो सकती हैं। रिश्तों में समझदारी बनाए रखें। सेहत का ध्यान रखें। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन व्यस्त रह सकता है। कामकाज में मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है, लेकिन इसका फायदा भी मिल सकता है। ऑफिस में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। परिवार के साथ समय बिताने से मन खुश रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मकर राशि- मकर राशि के लोगों के लिए आज का दिन सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। अगर आप किसी नए काम की योजना बना रहे हैं तो उस पर काम शुरू कर सकते हैं। रिश्तों में मिठास बनी रह सकती है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति ठीक रहने की संभावना है। सेहत का ध्यान रखें। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए आज परिवार से जुड़े मामलों में समय बिताने का मौका मिल सकता है। घर के किसी जरूरी काम को पूरा करने की योजना बन सकती है। कामकाज के मामले में दिन सामान्य रहेगा। पैसों के मामले में ज्यादा जोखिम लेने से बचें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन थकान महसूस हो सकती है। मीन राशि- मीन राशि के लोगों के लिए आज का दिन सामान्य और संतुलित रह सकता है। कामकाज में धीरे-धीरे प्रगति देखने को मिल सकती है। ऑफिस में सहयोग मिलने से काम आसान हो सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी।

राहु, मंगल और बुध की युति से बन रहा खतरनाक योग, 3 राशियों के लिए चेतावनी

इंदौर आसमान में ग्रहों की स्थिति में बड़ा उलटफेर हुआ है. कुंभ राशि में राहु, बुध और मंगल का एक साथ आना ज्योतिष शास्त्र में अशुभ संयोग माना जा रहा है. 11 अप्रैल तक का यह समय कई लोगों के लिए परीक्षा की घड़ी जैसा है. ज्योतिष के जानकारों का मानना है कि जब भ्रम के कारक राहु के साथ ऊर्जा और आवेश के प्रतीक मंगल और बुद्धि के स्वामी बुध मिलते हैं, तो इंसान का सही-गलत का फैसला लेने का विवेक डगमगाने लगता है. इस दौरान आपको अपनी वाणी और फैसलों पर बहुत सोच-समझकर काम करने की जरूरत है।  क्यों है यह समय चुनौतीपूर्ण? कुंभ राशि में इन ग्रहों की मौजूदगी मानसिक तनाव और गलत निर्णयों को बढ़ावा दे रही है. मंगल के प्रभाव से जहां गुस्सा बढ़ सकता है, वहीं बुध की युति बुद्धि को भ्रमित कर सकती है. नतीजतन, आप जो भी योजनाएं बनाएंगे, उनमें रुकावटें आ सकती हैं.  उम्मीद के मुताबिक नतीजे न मिलने से निराशा हो सकती है।  राशियों पर असर  कर्क राशि: आपके लिए यह समय उतार-चढ़ाव भरा रहेगा. किसी भी कागजी काम या निवेश में सावधानी बरतें. पुराने दोस्तों से विवाद हो सकता है।  कन्या राशि: करियर के मोर्चे पर अचानक रुकावटें आ सकती हैं. ऑफिस में सीनियर के साथ तालमेल बिठाकर चलें. अपनी सेहत को नजरअंदाज न करें।  धनु राशि: इस दौरान बिना सोचे-समझे किसी को उधार न दें, न ही कोई बड़ा फैसला लें. वाद-विवाद से दूर रहना ही आपकी भलाई में है।  मेष, वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन: इन राशियों के लिए भी यह समय मिला-जुला रहेगा. किसी को भी अपनी बात कहने से पहले दो बार सोचें. खासकर घर के बड़े-बुजुर्गों की सेहत का ध्यान रखें।  बचाव के लिए क्या करें? इस दौरान मन में नकारात्मक विचार आ सकते हैं. इससे बचने के लिए  किसी से भी बहस करने से बचें.कोई भी नया काम शुरू करने से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह जरूर लें. रोजाना सुबह भगवान गणेश की पूजा करें और पक्षियों को दाना डालें. इससे मानसिक स्पष्टता बनी रहेगी। 

हिंदू नववर्ष 2026: जानिए कब से शुरू होगा नववर्ष और किसे मिलेगा राजा और मंत्री का दर्जा?

इंदौर  Hindu Nav Varsh 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, नए साल की शुरुआत चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है. धार्मिक मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी, इसलिए इसे हिंदू नववर्ष का पहला दिन माना जाता है. इसी दिन से पूरे साल का फल और उसके प्रभाव का आकलन भी किया जाता है। कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष? साल 2026 में हिंदू नववर्ष यानी विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च से होगी. इस दिन गुरुवार पड़ रहा है, इसलिए इस वर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति होंगे. ज्योतिष के नियम के अनुसार जिस वार से साल शुरू होता है, उसी वार का स्वामी ग्रह पूरे वर्ष का राजा माना जाता है. वहीं इस साल के मंत्री मंगल ग्रह होंगे. इसलिए इस संवत का नाम 'रौद्र' रखा गया है। कैसा रहेगा रौद्र संवत का असर? ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, रौद्र नाम का यह संवत थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. दुनिया भर में राजनीतिक तनाव बढ़ने के संकेत हैं और देशों के बीच मतभेद भी देखने को मिल सकते हैं. कुछ स्थानों पर युद्ध जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई जा रही है. इसके अलावा इस साल आगजनी, दुर्घटनाओं और प्राकृतिक समस्याओं की घटनाएं बढ़ सकती हैं. बारिश कम होने की वजह से फसलों पर असर पड़ सकता है, जिससे महंगाई भी बढ़ने की संभावना है. कई देशों में जनता सरकार के खिलाफ आवाज उठा सकती है. कुल मिलाकर यह साल कुछ उतार-चढ़ाव और चुनौतियां लेकर आ सकता है। क्या होता है रौद्र संवत्सर? ज्योतिषियों ने विक्रम संवत 2083 को 'रौद्र' नाम दिया है. हर साल का एक अलग नाम होता है, जिससे उस वर्ष के स्वभाव और संभावित घटनाओं का अंदाजा लगाया जाता है. इस बार नए साल की शुरुआत उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में होगी और उस समय शुक्ल योग के साथ मीन लग्न रहेगा. इन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को ज्योतिष में काफी अहम माना जाता है, क्योंकि इन्हीं के आधार पर साल भर के प्रभाव का आकलन किया जाता है. रौद्र शब्द का मतलब उग्र या तेज स्वभाव से जुड़ा होता है. इसी कारण यह माना जा रहा है कि पूरे साल के दौरान प्रकृति, समाज और राजनीति से जुड़े मामलों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

राशिफल 06 मार्च 2026: जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों के लिए क्या है खास, किसे मिलेगा फायदा

मेष राशि– आज आपका आपको पॉजिटिव व शांत रहना होगा। क्योंकि आज आपके अंदर थोड़ा गुस्सा या नकारात्मक ऊर्जा जमा हो सकती है। इसे निकालने के लिए थोड़ी वॉक करें या हल्की एक्सरसाइज करें। इससे आपका मन हल्का होगा और आप अच्छा महसूस करेंगे। गुस्सा अंदर मत रखें, खुद को काम में व्यस्त रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले आज कोई बड़ी चीज खरीदने से पहले अलग-अलग जगह के दाम जरूर देख लें। जल्दबाजी में महंगी चीज न खरीदें। थोड़ा रिसर्च करेंगे तो आपके पैसे की अच्छी बचत होगी। परिवार की सलाह लें और उन्हें थोड़ा वक्त दें। बाहरी खाना ना खाएं। मिथुन राशि– आज अगर किसी बात को लेकर शक या गलतफहमी है तो सीधे पूछ लें। खुलकर बात करने से रिश्ते अच्छे रहते हैं। बिना समझे कोई धारणा न बनाएं, वरना झगड़ा हो सकता है। योग स दिन की शुरुआत करें। ऑयली फूड ऑवाइड करें। कर्क राशि- आज आपको बेकार के झगड़ों और ड्रामे से दूर रहना चाहिए। जो बातें आपसे जुड़ी नहीं हैं, उनमें न पड़ें। अपने मन की शांति पर ध्यान देंगे तो दिन अच्छा गुजरेगा। सेहत का ध्यान रखें। सुबह वाली धूप सेंके। सिंह राशि- आज सिंह राशि वालों का दिन शुभ होगा। हर चीज में दूसरों से टक्कर लेने की जरूरत नहीं है। अगर टीम के साथ काम करेंगे तो काम जल्दी होगा। दूसरों की मदद करेंगे तो आपकी लीडरशिप दिखेगी। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज काम करते समय परफेक्ट बनने से ज्यादा जरूरी है काम समय पर खत्म करना। छोटी-छोटी बातों में ज्यादा समय मत लगाइए। समय पर काम पूरा करना ज्यादा जरूरी है। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज अगर आपको किसी बात में न्याय या बराबरी चाहिए, तो सीधे बोलिए। लोग आपके मन की बात खुद नहीं समझ सकते। साफ और विनम्र तरीके से अपनी बात कहें। वृश्चिक राशि– वृश्चिक राशि वाले आज अपनी योजनाओं और आइडिया को ज्यादा लोगों को न बताएं। सही समय आने पर ही कदम उठाएं। चुपचाप योजना बनाना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। धनु राशि- धनु राशि वाले आज अपने रूट या निकलने के समय में थोड़ा बदलाव करें। अगर 5 मिनट पहले निकलेंगे तो ट्रैफिक से बच सकते हैं। छोटी-छोटी बदलाव से दिन आसान हो सकता है। सेहत का ध्यान रखें। बाहरी खाने को अवॉइड करें। परिवार के साथ संग बिताएं। मकर राशि- आज चाहे कितनी भी परेशानी आए, अपनी दिनचर्या (रूटीन) पर टिके रहें। आपकी अनुशासन से आप अपने काम पूरे कर पाएंगे। परिवार की मदद लें। शाम तक अच्छी खबर मिल सकती है। कुंभ राशि- मकर राशि वाले आज किसी पुरानी समस्या का नया और अलग तरीका आजमाएं। रचनात्मक सोच से आपको अच्छा समाधान मिल सकता है। काम के बीच में ब्रेक लें। संगीत व लेखन जैसे क्रिएटिव कामों में मन लगा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। पर्याप्त पानी पिएं। मीन राशि- मीन राशि वाले आज थोड़ी देर अकेले समय बिताएं या टहल लें। इससे आपका दिमाग शांत होगा और आप अपने काम बेहतर तरीके से कर पाएंगे। कोई भी बात हो सच्चाई के साथ रखें।

शीतला अष्टमी कब मनाई जाएगी? जानें डेट, पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि

सनातन धर्म में शीतला अष्टमी का विशेष महत्व माना जाता है. इस दिन माता शीतला का पूजन और व्रत किया जाता है. शीतला अष्टमी का व्रत हर वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है. इस व्रत को लोग बसौड़ा भी कहा करते हैं, क्योंकि इस व्रत में शीतला माता को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है. ये परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. मान्यता है कि बासी भोग लगाने से माता अति प्रसन्न होती हैं. माता शीतला का व्रत और पूजन करने जीवन में खुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. माता का व्रत और पूजन करने से आरोग्य का वरदान प्राप्त होता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल शीतला अष्टमी का व्रत किस दिन रखा जाएगा? साथ ही जानते हैं शीतला अष्टमी का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि. शीतला अष्टमी कब है? पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को रात 01 बजकर 54 मिनट पर हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन अगले दिन 12 मार्च को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल शीतला अष्टमी का व्रत 11 मार्च को रखा जाएगा. शीतला अष्टमी पूजा शुभ मुहूर्त शितला अष्टमी के दिन शुभ मुहूर्त में माता की पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है. ऐसे में इस साल शीतला अष्टमी के दिन माता की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06 बजकर 36 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त शाम को 06 बजकर 27 मिनट तक रहेगा. शीतला अष्टमी पूजा विधि शीतला अष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर पहले स्नान करें और फिर साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान सूर्य को जल चढ़ाएं. फिर घर के मंदिर में चौकी पर मां शीतला देवी की प्रतिमा या तस्वीर रखें. इसके बाद विधि-विधान से माता की पूजा करें. पूजा के दौरान माता के सामने दीपक और धूप जलाएं. माता को रोली, अक्षत और फूल चढ़ाएं. बासी भोजन का भोग अर्पित करें. व्रत कथा का पाठ करें. अंत में आरती से पूजा का समापन करें.

सिर्फ एक मुट्ठी सौंफ बदल सकती है घर का माहौल, जानें कहाँ रखें

हिंदू धर्म और भारतीय संस्कृति में रसोई घर को ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। रसोई में मौजूद मसाले न केवल स्वाद और सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार इनका ज्योतिषीय महत्व भी बहुत गहरा है। इन्हीं मसालों में से एक है सौंफ । आमतौर पर हम सौंफ का उपयोग मुखशुद्धि या अचार में करते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक मुट्ठी सौंफ आपके घर के वास्तु दोषों को दूर कर मानसिक तनाव  को कम कर सकती है ? आइए विस्तार से जानते हैं कि सौंफ का सही इस्तेमाल कैसे आपके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि ला सकता है। शयनकक्ष और सिरहाने के पास यदि आपको रात में बुरे सपने आते हैं या मानसिक तनाव के कारण नींद नहीं आती, तो एक छोटे से सफेद या लाल सूती कपड़े में एक मुट्ठी सौंफ बांधकर पोटली बना लें। इस पोटली को अपने तकिए के नीचे या सिरहाने की तरफ रखें। इससे राहु का दोष कम होता है और मन शांत रहता है, जिससे गहरी और शांतिपूर्ण नींद आती है।  उत्तर-पूर्व दिशा घर की उत्तर-पूर्व दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इस दिशा में एक कांच की कटोरी में थोड़ी सी सौंफ भरकर रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे वैचारिक मतभेदों को कम करता है और शांति का माहौल बनाता है। किचन की उत्तर दिशा किचन में सौंफ को हमेशा उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा के डिब्बे में रखना शुभ माना जाता है। इससे घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती। अगर आप लंबे समय से किसी मानसिक उलझन या तनाव से गुजर रहे हैं, तो सौंफ के ये उपाय रामबाण सिद्ध हो सकते हैं। यदि आपकी कुंडली में मंगल भारी है, जिसके कारण आपको छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आता है, तो जेब में एक हरे रंग के रुमाल में थोड़ी सी सौंफ बांधकर रखें। इससे स्वभाव में सौम्यता आती है। बुध की मजबूती: हर बुधवार को एक मुट्ठी सौंफ का दान करना या गाय को सौंफ के साथ हरा चारा खिलाना आपके व्यापारिक तनाव को खत्म करता है। नकारात्मकता का नाश: घर के मुख्य द्वार के पास एक ऊंचे स्थान पर थोड़ी सी सौंफ छुपा कर रखने से बाहर से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा घर के भीतर प्रवेश नहीं कर पाती।