samacharsecretary.com

वसंत पंचमी 2026: करियर को मिले रॉकेट जैसी रफ्तार, अपनाएं ये 5 खास उपाय

हिंदू धर्म में वसंत पंचमी का दिन केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, कला और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की साधना का महापर्व है। साल 2026 में यह शुभ अवसर 1 फरवरी को आ रहा है। ज्योतिष शास्त्र और प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, वसंत पंचमी का दिन अबूझ मुहूर्त होता है यानी इस दिन किया गया हर शुभ कार्य और खरीदी गई विशेष वस्तुएं जीवन में सकारात्मकता का संचार करती हैं। माना जाता है कि वसंत पंचमी में कुछ विशेष प्रतीकात्मक चीजों को घर लाना आपके भाग्य के द्वार खोल सकता है। ये वस्तुएं न केवल आपके घर के वातावरण को शुद्ध करती हैं, बल्कि मानसिक स्पष्टता और एकाग्रता बढ़ाकर आपको अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद करती हैं। तो आइए जानते हैं वसंत पंचमी के दिन कौन सी चीजों को घर लेकर आना चाहिए। मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर वसंत पंचमी के दिन घर में मां सरस्वती की नई प्रतिमा या तस्वीर लाना सबसे शुभ माना जाता है। इसे अपने घर के उत्तर-पूर्व  या अध्ययन कक्ष में स्थापित करें। ध्यान रहे कि देवी सरस्वती बैठी हुई मुद्रा में हों। इससे एकाग्रता बढ़ती है और करियर में सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। वीणा वीणा मां सरस्वती का अति प्रिय वाद्य यंत्र है। वास्तु के अनुसार, घर में वीणा रखने से सुख-शांति बनी रहती है और रचनात्मक ऊर्जा का विकास होता है। यदि आप कला, संगीत या मीडिया के क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं, तो एक छोटी प्रतीकात्मक वीणा घर लाएं और उसे साफ स्थान पर रखें। मोरपंख विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मोरपंख घर लाना बहुत फायदेमंद होता है। इसे अपनी किताबों के बीच या स्टडी टेबल के पास लगाने से नकारात्मकता दूर होती है और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है। यह करियर की राह में आने वाले मानसिक तनाव को कम करने में मदद करता है। सफेद या पीले फूल के पौधे वसंत ऋतु प्रकृति के खिलने का उत्सव है। इस दिन घर के आंगन या बालकनी में पीले गेंदे या सफेद चमेली का पौधा लगाना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पीला रंग गुरु का प्रतीक है, जो करियर में स्थिरता और ऊंचाइयां प्रदान करता है। नई कलम और पुस्तक कलम को ज्ञान का शस्त्र माना जाता है। वसंत पंचमी के दिन एक अच्छी नई कलम और कोई ज्ञानवर्धक पुस्तक खरीदकर लाएं। सबसे पहले इस कलम की पूजा मां सरस्वती के चरणों में करें और फिर उससे अपने लक्ष्यों को एक डायरी में लिखें। माना जाता है कि इस दिन शुरू किया गया लेखन कार्य भविष्य में बड़ी सफलता दिलाता है। क्रिस्टल या स्फटिक की माला यदि आप बार-बार करियर में फोकस खो देते हैं, तो इस दिन स्फटिक की माला घर लाना और उससे 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः' का जाप करना आपके लिए चमत्कारिक साबित हो सकता है। यह मन को शांत रखता है और भ्रम की स्थिति को दूर करता है।

आज का दिन कैसा रहेगा? 19 जनवरी का संपूर्ण राशिफल

वैदिक ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों का वर्णन किया गया है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल से राशिफल का आकंलन किया जाता है। जानें 19 जनवरी 2026 के दिन किन राशि वालों को होगा लाभ और किन राशियों के लोग रहें सतर्क मेष मन प्रसन्न रहेगा, परंतु आत्मविश्वास में कमी रहेगी। संयत रहें। शैक्षिक कार्यों में सफलता मिलेगी। बौद्धिक कार्यों में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। कोर्ट कचहरी में विजय मिलेगी। व्यावसायिक सफलता मिलेगी। वृषभ मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। परिवार में सुख-शांति रहेगी। संतान की ओर से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। मित्रों का सहयोग मिलेगा। मिथुन आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। नौकरी हेतु साक्षात्कार आदि कार्यों में सफल रहेंगे। शासन-सत्ता का सहयोग मिलेगा। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। कर्क आत्मसंयत रहें। क्रोध के अतिरेक से बचें। नौकरी में तरक्की के मार्ग प्रशस्त होंगे। आय में वृद्धि होगी। व्यापार भी अच्छा है, अज्ञात भय सताएगा और मानसिक परेशानी बनी रहेगी। सिंह आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। वाणी में मधुरता रहेगी। कारोबार में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। कारोबार के लिए माता से धन की प्राप्ति हो सकती है। तुला आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु मन परेशान भी रहेगा। संयत रहें। रुका हुआ धन वापस मिलेगा। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकता है। स्वास्थ्य में सुधार होगा। धनु विद्यार्थियों के लिए अच्छा समय रहेगा। लिखने, पढ़ने के लिए अच्छा समय रहेगा। वाहन की खरीदारी का प्रबल योग होगा व्यापारिक स्थिति सुदृढ़ होगी। मकर यात्रा का योग बनेगा। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें।आय के नवीन स्रोत बनेंगे। स्वास्थ्य, प्रेम, व्यापार बहुत अच्छा रहेगा। कुम्भ स्वास्थ्य में सुधार होगा। व्यापार अच्छा है। सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। आर्थिक या पारिवारिक कोई रिस्क मत लीजिएगा। निवेश मत करिए। कन्या भूमि, भवन, वाहन की खरीदारी का प्रबल योग होगा। व्यापारिक दृष्टिकोण से यह शुभ समय होगा। कोर्ट कचहरी में विजय मिलेगा। धनार्जन होगा।स्वास्थ्य पहले से बेहतर। वृश्चिक परिस्थितियां प्रतिकूल हैं।किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। महत्वपूर्ण निर्णय सोच समझकर लें। भावनाओं में बहकर के कोई निर्णय न लें। मीन जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। नौकरी चाकरी की स्थिति अच्छी होगी।व्यापार भी अच्छा है। थोड़ा स्वास्थ्य नरम गरम रहेगा।  

घर के मंदिर में न रखें ये मूर्तियां, धन हानि का संकेत

घर का मंदिर वह पवित्र कोना होता है जहां से पूरे परिवार को सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति मिलती है। हम अपनी श्रद्धा और अटूट विश्वास के साथ ईश्वर की मूर्तियां स्थापित करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत स्वरूप या दोषपूर्ण मूर्तियों का चुनाव आपके जीवन में अशांति और आर्थिक तंगी का कारण बन सकता है। वास्तु शास्त्र और प्राचीन ग्रंथों के अनुसार, हर मूर्ति की अपनी एक विशिष्ट ऊर्जा होती है और घर के भीतर केवल सौम्य और आशीर्वाद देने वाली ऊर्जा का ही वास होना चाहिए। अक्सर हम अनजाने में या केवल सुंदरता देखकर ऐसी मूर्तियां घर ले आते हैं जो गृहस्थ जीवन के लिए उपयुक्त नहीं होतीं। शास्त्रों का स्पष्ट मानना है कि यदि मंदिर में रखी गई मूर्तियों की ऊर्जा घर के वातावरण से मेल नहीं खाती, तो यह तरक्की में बाधा, स्वास्थ्य हानि और आपसी कलह का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। तो आइए जानते हैं कि पूजा घर में भूलकर भी कैसी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। खंडित या टूटी हुई मूर्तियां वास्तु शास्त्र का सबसे पहला नियम है कि पूजाघर में कभी भी खंडित मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। चाहे वह थोड़ी सी ही क्यों न चटक गई हो, ऐसी मूर्ति की पूजा करना अशुभ माना जाता है। यह मानसिक तनाव और कार्यों में बाधा का कारण बनती है। ऐसी मूर्तियों को पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए। देवी-देवताओं का रौद्र रूप घर के मंदिर में हमेशा शांत और सौम्य मुद्रा वाली मूर्तियां रखनी चाहिए। देवी काली का विकराल रूप, भगवान शिव का तांडव करते हुए स्वरूप या भगवान हनुमान का लंका दहन वाला चित्र घर में नहीं रखना चाहिए। माना जाता है कि रौद्र रूप वाली मूर्तियां घर के सदस्यों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन और क्रोध बढ़ाती हैं। एक ही देवता की एक से अधिक मूर्तियां अक्सर लोग श्रद्धावश एक ही भगवान की कई मूर्तियां रख लेते हैं। वास्तु के अनुसार, एक ही देवी-देवता की तीन या उससे अधिक मूर्तियां या चित्र एक ही जगह पर नहीं होने चाहिए। इससे घर में गृह-क्लेश की स्थिति पैदा हो सकती है और धन का आगमन रुक सकता है। आमने-सामने न हों मूर्तियां मंदिर में मूर्तियों को इस तरह न रखें कि वे एक-दूसरे के आमने-सामने हों। विशेष रूप से गणेश जी की पीठ कभी भी दिखाई नहीं देनी चाहिए, क्योंकि उनकी पीठ में 'दरिद्रता' का वास माना जाता है। मूर्तियों का मुख हमेशा सामने की ओर या साधक की ओर होना चाहिए। पूर्वजों की तस्वीरें कई लोग भगवान के साथ ही अपने मृत पूर्वजों की तस्वीरें भी रख देते हैं। शास्त्रों के अनुसार, देवता और पितर दोनों पूजनीय हैं लेकिन उनके स्थान अलग होने चाहिए। भगवान के मंदिर में पूर्वजों की तस्वीर रखने से देव-दोष लगता है, जिससे घर की उन्नति रुक सकती है। युद्ध या विनाश दर्शाने वाली तस्वीरें महाभारत के युद्ध का दृश्य या किसी असुर का वध करते हुए उग्र तस्वीरें पूजाघर में रखने से बचें। ऐसी तस्वीरें परिवार में कलह और अशांति का माहौल पैदा करती हैं।

माघ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ कल से: गुप्त साधना का महापर्व, पूजा मुहूर्त और महत्व जानिए

हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। शक्ति की साधना के बगैर बाकी देवी-देवताओं की पूजा भी अधूरी मानी जाती है। ऐसे में नवरात्रि अलग-अलग रूप में साल में चार बार आती है। शारदीय और चैत्र के अलावा साल में दो बार गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। शारदीय और चैत्र नवरात्रि में माता रानी की पूजा पूरे 9 दिन धूमधाम के साथ होती है। वहीं गुप्त नवरात्रि में उनकी साधना गुप्त रूप से की जाती है। जानिए इस साल माघ महीने वाली गुप्त नवरात्रि कब है और इसके महत्व से लेकर जानें पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में… पूजा का शुभ मुहूर्त हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के गुप्त नवरात्रि की शुरुआत कल यानी 19 जनवरी से होने वाली है। इसका समापन 27 जनवरी को है। इस दौरान घट स्थापना के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त 19 जनवरी की सुबह 6 बजकर 43 मिनट से लेकर 10 बजकर 24 मिनट तक है। वहीं अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो ये सुबह 11 बजकर 53 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 36 मिनट तक रहने वाला है। गुप्त नवरात्रि का महत्व गुप्त नवरात्रि का संबंध 10 महाविद्या की साधना से जुड़ा है। माघ के महीने में मनाई जाने वाली गुप्त नवरात्रि ठंड के दिनों में होती है। बसंत ऋतु के आगमन के दौरान ही ये पूजा होती है। ये तंत्र-मंत्र और गुप्त सिद्धियों के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा और उनकी 10 महाविद्याओं को पूजने से जिंदगी की बाधाएं खत्म होती हैं और हर मनोकामना की पूर्ति होती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दौरान की गई पूजा जितनी गुप्त रखी जाए, वो उतनी ही सफल होती है। गुप्त नवरात्रि की पूजा विधि गुप्त नवरात्रि के पहले दिन स्नान करके साफ-सुथरे कपड़े पहन लें। इसके बाद पूजा घर की सफाई करें। मां दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति के आगे दीया जलाएं। फूल और अक्षत अर्पित करें। इस दौरान मां दुर्गा के सभी मत्रों का जाप मन ही मन करें। माना जाता है कि इस दिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करना फलदायी होता है। पाठ के बाद आरती करें और किसी भी भूलचूक के लिए मां से माफी मांगकर उनका आशीर्वाद लें।

राशिफल 18 जनवरी: ग्रहों की स्थिति क्या कहती है? किन राशियों पर पड़ेगा असर

मेष आज आपको कड़ी मेहनत से ही अच्छे रिजल्ट मिलेंगे। आपको घर और ऑफिस में जो जिम्मेदारियां मिली हैं, उनका सहीसे इस्तेमाल करों। नए लोगों पर आपको आसानी से भरोसा नहीं करना है। आपको इस समय रिएक्शन को लेकर लॉजिक रखने चाहिए। काम पर अधिक ध्यान दें। परिणाम अपेक्षाओं के अनुरूप होंगे। इस समय आपको पारंपरिक काम को छोड़कर स्मार्ट वर्किंग पर जोर देना है। वृषभ इस राशि के लोगों के लिए आज उत्साह का दिन है।नौकरी में बदलाव के साथ आपके लिए तरक्की के मौके भी आ रहे हैं। इस समय आपकी इनकम में भी बढ़ोत्तरी होने कीसंभावना है। आपको यात्रा करने और मित्रों के साथ आनंद लेने के मौके मिल सकते हैं। आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे। पर, मन परेशान भी हो सकता है। मिथुन इस राशि के लोगों के लिए अच्छा समय है, आप परिवार के और नजदीक आएंगे और यादगार पल बिताएंगे। आर्थिक मामलों को लेकर इस समय सलाहकारों से सलाह लें। आपके सोशल नेटवर्क से आपके पर्सनल संबंध सुधरेंगे। मित्र आपका साथ देंगे। क्रिएटिव तौर पर आप मजबूत होगें। क्रिएटिव चीजों पर जोर रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में अचीवमेंट मिलेंगी। कर्क आज आपने जो टारगेट सोचे थे, उनमें से महत्वपूर्ण टारगेट पूरे होंगे। बिजनेस को लेकर आपमें आत्मविश्वास बना रहेगा। आपकी लीडरशिप में सुधार होगा। आपने जो काम पहले से सोच रखे थे, वो पूरे होंगे। आप कॉन्पिटीशन में सफल होंगे। मन में उतार-चढ़ाव रहेंगे। सिंह आत्मविश्वास में कमी रहेगी। इस राशि के लोगों को सुबह के समय जरूरी काम जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करनी चाहिए। परिवार के सदस्यों की सलाह और उनकी गइ पर ध्यान दें। इस समय आपको सलाह देते हैं कि पर्सनल मामलों में सावधानी बरतें। मीटिंग्स के लिए समय निकालें। परिवार में सुख और समृद्धि रहेगी। आपको रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। तुला इस समय कुछ ऐसी चीजें आपके साथ हो सकती हैं, जिनके बारे में सोचा नहीं था, इसलिए थोड़ा सतर्क रहें। सलाह मानने से चीजें सही होगी। अपनों का सहयोग जारी रहेगा। जिम्मेदार व्यक्तियों पर भरोसा बनाए रखें। आवश्यक काम पर अधिक ध्यान दें। लेन-देन में धैर्य रखें। किसी मित्र के सहयोग से किसी नए कारोबार की शुरुआत हो सकती है। लाभ के मौके मिलेंगे। धनु इस राशि के लोगों के लिए समय तेजी से अनुकूल होगा। मित्रों के साथ संबंध मजबूत होंगे। करियर और बिजनेस में आपके असर पड़ सकता है। अपनी अलग-अलग प्लानिंग को उत्साहपूर्वक आगे बढ़ाएं। वांछित जानकारी आपको मिलेगी। अगर आप पार्टनरशिप बिजनेस में हैं, तो वो पहले से बेहतर होंगी। लाभ बढ़ाने में सफलता मिलेगी। आवश्यक मामलों में प्रगति होगी। मकर आपके सामने जो मौके आ रहे हैं, उनका अधिकतम इस्तेमाल करें। मैरिड लाइफ सुखमय रहेगी। परिवार मनोबल बढ़ाएगा। साहस के साथ काम करें।मन में शांति व प्रसन्नता रहेगी। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। परिवार की जिम्मेदारी बढ़ सकती है। माता-पिता का साथ मिलेगा। कुम्भ इस राशि के जातकों को करियर और बिजनेस में बिजी रहने का अनुभव होगा। प्रोफेशनल के साथ बेहतर तालमेल रहेगा। परिवार में सही राह खोजने के लिए विवेक और धैर्य का इस्तेमाल करें। शत्रुओं की साजिशों से सावधान रहें। जल्दबाजी में फैसले न लें। काम प्रभावित हो सकता है। विवेक और विनम्रता बनाए रखें। कन्या इस राशि वालों के लिए सोशल एक्टिविटी बढ़ेंगी। ग्रुप के जितने इशयूज हैं, उनमें रुचि बनी रहेगी। चर्चाओं और संवादों में आपका प्रभाव रहेगा। आपका व्यवहार प्रभावशाली होगा। जिम्मेदार लोगों से सलाह लें। आत्मविश्वास बढ़ेगा। आप सबको साथ लेकर आगे बढ़ेंगे। धन और संपत्ति के मामलों में तेजी आएगी। बचत पर जोर रहेगा। वृश्चिक आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। आपको किसी से अच्छे प्रपोजल मिल सकेंगे। आप एक अच्छे मेजबान बनेंगे। बैठकें सफल रहेंगी। आप प्रियजनों के साथ प्रभावशाली संवाद बनाए रखेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मेहमान आएंगे। आप योजनाओं के अनुसार आगे बढ़ेंगे। मीन आज इस राशि के लोगों में जानकारी का लेन-देन बढ़ेगा। सहयोगात्मक मामलों पर ध्यान केंद्रित रहेगा। आप सबके साथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। उत्साह और जोश बढ़ेगा। भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे। काम और व्यापार उम्मीद के मुताबिक चलेगा।

क्या है किचन में सिंक और चूल्हा पास-पास रखने का वास्तु दोष? जानें इसका कारण और सही दिशा

वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन केवल भोजन बनाने की जगह नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा और स्वास्थ्य का केंद्र होता है. किचन में मौजूद हर चीज का सही स्थान घर की सुख-शांति और आर्थिक स्थिति पर सीधा असर डालती है. इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण चीज है किचन सिंक, जिसका सही दिशा में होना बेहद जरूरी माना जाता है. आइए जानते हैं कि वास्तु के अनुसार सिंक कहां होना चाहिए और किन बातों से बचना जरूरी है. किचन सिंक की शुभ दिशा वास्तु शास्त्र में किचन के सिंक के लिए ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को सबसे सही माना गया है. इस दिशा में रखा गया सिंक घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और समृद्धि को बढ़ावा देता है. साथ ही यह भी ध्यान रखें कि सिंक इस तरह से लगाया जाए कि बर्तन धोते समय व्यक्ति का मुंह उत्तर दिशा की ओर रहे. ऐसा करने से मानसिक शांति बनी रहती है और घर में खुशहाली आती है.  सिंक लगाने की गलत दिशाएं वास्तु के अनुसार दक्षिण-पश्चिम दिशा में किचन सिंक का होना अशुभ माना जाता है. इस दिशा में रखा सिंक पारिवारिक तनाव बढ़ा सकता है और घर में आपसी मतभेद की स्थिति पैदा कर सकता है. इसके अलावा इससे आर्थिक समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे धन का असंतुलन बना रहता है. गैस चूल्हे के पास न रखें सिंक वास्तु शास्त्र के अनुसार अग्नि और जल तत्व एक-दूसरे के विपरीत होते हैं. गैस चूल्हा अग्नि तत्व से जुड़ा होता है, जबकि किचन का सिंक जल तत्व का प्रतीक माना जाता है. अगर चूल्हा और सिंक एक-दूसरे के बहुत पास रखे हों, तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और परिवार की शांति और खुशहाली पर असर पड़ता है. इसलिए वास्तु के अनुसार सिंक और चूल्हे के बीच थोड़ी दूरी रखना जरूरी माना जाता है. सिंक के नीचे डस्टबिन रखने से बचें किचन सिंक के नीचे डस्टबिन रखना भी वास्तु के लिहाज से सही नहीं माना जाता. इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ सकता है, इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. बेहतर होगा कि डस्टबिन को किचन के किसी अलग और ढके हुए स्थान पर रखा जाए.

मंगल-राहु की युति फरवरी के अंत में, इन 3 राशियों के लिए हो सकती है मुश्किलें

 वैदिक ज्योतिष में ग्रहों का एक राशि से दूसरी राशि में जाना सिर्फ खगोलीय घटना नहीं माना जाता, बल्कि इसका असर व्यक्ति के जीवन और आसपास की परिस्थितियों पर भी पड़ता है. जब ग्रह अपने गोचर के दौरान एक-दूसरे के साथ आते हैं, तो कई तरह के योग बनते हैं. इन्हीं में से एक योग फरवरी के अंत में बनने जा रहा है, जिसे ज्योतिष में अंगारक योग कहा जाता है. दरअसल, फरवरी के आखिरी दिनों में मंगल ग्रह कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से राहु ग्रह मौजूद हैं. मंगल और राहु की इस युति को अशुभ योग माना जाता है. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस योग के प्रभाव से कुछ राशियों को आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. सिंह राशि सिंह राशि के जातकों के लिए भी यह योग अनुकूल नहीं माना जा रहा है. यह योग आपकी राशि से आठवें भाव में बनेगा, जो अचानक परेशानियों का संकेत देता है. इस दौरान सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर जिन लोगों को पहले से हृदय या गुप्त रोग की समस्या है. चोट लगने या किसी छोटी दुर्घटना की संभावना भी बन सकती है. इस समय नए काम की शुरुआत करने से बचें. दांपत्य जीवन में भी मतभेद उभर सकते हैं, इसलिए बातचीत में संयम रखें. कन्या  कन्या राशि वालों के लिए राहु और मंगल की युति स्वास्थ्य और विवादों के लिहाज से परेशानी बढ़ा सकती है. यह योग आपकी गोचर कुंडली के छठे भाव में बन रहा है, जिससे बीमारी, तनाव और विरोधियों से जुड़ी समस्याएं सामने आ सकती हैं. कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों में सावधानी जरूरी है. गुप्त शत्रु नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं. इसके अलावा रक्त से जुड़ी परेशानियां भी इस दौरान उभर सकती हैं, इसलिए सेहत को नजरअंदाज न करें. मीन  मीन राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है. अंगारक योग आपकी राशि से बारहवें भाव में बन रहा है, जिससे खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं. धन से जुड़े मामलों में सावधानी न बरती तो नुकसान हो सकता है. किसी तरह के आरोप, विवाद या कानूनी उलझन का सामना भी करना पड़ सकता है. पारिवारिक मामलों में खासकर भाई-बहनों के साथ मतभेद बढ़ सकते हैं. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर दबाव या परेशानी महसूस हो सकती है, इसलिए किसी भी काम में लापरवाही से बचना जरूरी है.  

17 जनवरी का राशिफल: ग्रहों की चाल और किस राशि की किस्मत में आएगा बड़ा बदलाव

मेष राशि: आपको ना कहना मुश्किल लगता है, भले ही इससे अक्सर परेशानी हो जाती है। इस समय मेष राशि वालों को दूर से बात करना लाभ देगा। कल के दिन आप खश रहेंगेऔर आपको निवेश को लेकर खास सावधना रहना चाहिए। कुल मिलाकर आपका दिन आज बहुत अच्छा है। वृषभ राशि के लिए आज सोशल होना जरूरी है। आपको इस समय सोशल पार्टी या एक्टिविटी में भाग लेना चाहिए। इसमें शामिल होने से आपको निकट भविष्य में पहचान मिलेगी। आज आप महत्वपूर्ण लोगों से मिल करेंगे। इस समय आपको पॉलिटिक्ल चीजों में डिप्लोमेटिक होना है। अनावश्यक बहसों में न पड़ें। मिथुन पब्लिक लाइफ में आज मिथुन राशि वाले आज सफलता पाएंगे। आप आज पूरे दिन बिजी रहेंगे। आपके लिए थोड़ी बेचैनी भी रहेगी। इस दौरान आपको अपनी हेल्थ को लेकर खास ध्यान देना है। पारिवारिक नेटवर्क के कारण आपको नए बिजनेस ऑफर मिल सकते हैं। कर्क कर्क वालों की लवलाइफ आज अच्छी रहेगी आपको आज प्यार के पल मिलेंगे। सिगंल लोगों की लाइफ में कोई नया व्यक्ति आएगा, या संभवतः कोई पुराना प्यार जिससे आप अब भी आकर्षित हैं। इस समय धान लाभ के भी मौके बन रहे हैं। सिंह इस समय सिंह राशि के लोग लोगों की मदद करेंगे। आज अनावश्यक बहसों में न पड़ें। आप इस समय बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं, इसलिए जो आप चाहते हैं वो पा सकते हैं। आप डिटेल्स को अच्छे से देख लेते हैं, इसलिए बिजनेस आपके लिए अच्छा रहेगा। कन्या राशि वालों के लिए आज प्यार और समझदारी से काम लेने का दिन है। अगर आपका ब्रैकअप हुआ है, तो आपकी समझदारी अतीत के किसी टूटे रिश्ते को फिर से अच्छा करेगी। आज आप महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क करेंगे। आपके विरोधी आज आपके खिलाफ साजिश रच सकते हैं। तुला राशि के लोगों को आज बहुत सावधान रहने की जरूरत है। आपको अप्रत्याशित स्रोत से धन प्राप्ति होगी। इस समय आपका साथी प्रेरणा का स्रोत है।नए प्रेम संबंध आपके दृष्टिकोण को व्यापक बनाएंगे और आपको नई अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगे। धनु राशि के लोगों के परिवार में अचानक कॉम्पिटीशन बढ़ सकता है। आप इस पर ज्प्रयादा ना बोलें, रिएक्शन को शांत रखें। जमीन या संपत्ति खरीदने का अच्छा मौका आज आपको मिल सकता है। वृश्चिक अपनी घटती सेविंग्स लेकर आप स्ट्रैस महसूस कर रहे हैं। आप किसी ऐसे व्यक्ति की ओर आकर्षित हो सकते हैं जो आपके लिए बिल्कुल भी सही नहीं है। इसलिए किसी को लेकर जल्दबाजी न करें, वरना आपको अपनी ईमानदारी से समझौता करना पड़ सकता है। मकर कोई ऊंची पोस्ट वाला व्यक्ति आपकी मदद करेगा। आज आपको लोग काफी पसंद करेंगे। आग और नुकीली चीजों से दूर रहें, चोट लग सकती है। आज खर्चे अधिक रहेंगे और अपेक्षित आर्थिक लाभ नहीं मिलेंगे। कुंभ आज लवलाइफ में थोड़ी दिक्कत आपके सामने आ सकतीहै। आपकी बात को आपका गलत समझ सकता है, इससे बात बिगड़ सकती है।किसी औपचारिक अवसर पर आपकी मुलाकात किसी खास व्यक्ति से हो सकती है। मीन राशि वालों के लिए आज हेल्थ को लेकर दिक्कत हो सकती है। आपको सिरदर्द और वायरल फीवर जैसा महसूस हो सकता है। आज धन की स्थिति पहले से अच्छी होगी। अचानक मिली अप्रत्याशित आय से आपके खातों में मौजूद घाटे की भरपाई हो सकती है।

आधी रात 12:03 बजे बदलेगी तिथि, माघ अमावस्या किस दिन पड़ेगी?

सनातन धर्म में साल भर में 12 अमावस्या की तिथियां पड़ती हैं. हर एक अमावस्या बहुत पावन और महत्वपूर्ण मानी जाती है, लेकिन हिंदी पंचांग के अनुसार 11वें माह माघ में पड़ने वाली अमावस्या अति विशेष मानी जाती है. इस अमावस्या को माघ या मौनी अमावस्या कहा जाता है. ये अमावस्या मौनी अमावस्या के नाम से ज्यादा लोकप्रिय है. इस दिन पवित्र नदी में स्नान-दान, पूजा पाठ और मौन व्रत किया जाता है. मान्यता है कि इस गंगाजल अमृत के समान हो जाता है, इसलिए इस दिन स्नान-दान से पुण्य फल मिलते हैं. इस दिन प्रयागराज के माघ मेले में गंगा और संगम तट पर सबसे बड़ा स्नान किया जाता है. अमावस्या की तिथि पितरों को समर्पित है. इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान भी किया जाता है, लेकिन इस साल लोगों के मन मेंं माघ अमावस्या को लेकर संशय हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि ये अमावस्या किस दिन है? कब है माघ अमावस्या? पंचांग के अनुसार, माघ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 18 जनवरी 2026 को रात 12 बजकर 3 मिनट पर हो रही है. वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन 19 जनवरी 2026 को रात 1 बजकर 21 मिनट पर हो जाएगा. इस तरह से उदय तिथि के अनुसार, इस साल माघ या कहें कि मौनी अमावस्या 18 जनवरी को मनाई जाएगी. माघ अमावस्या पर क्या करें? माघ अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं, इसलिए इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय से पहले मौन रहकर स्नान करें. ब्राह्मणों को भोजन कराएं. जरूरतमंद व्यक्ति को उड़द और चावल का दान करें. दक्षिण दिशा की ओर शाम को सरसों के तेल का दीपक अवश्य जलाएं. मुख्य द्वार पर भी दीपक रखें. पीपल के वृक्ष पर जल जरूर अर्पित करें. प्रयागराज और हरिद्वार में स्नान करें. पितरों का तर्पण, पिंडदान अवश्य करें. माघ अमावस्या पर क्या न करें? इस दिन भूलकर भी तामसिक भोजन जैसे- मांस, मछली, लहसुन, प्याज आदि नहीं खाएं. क्रोध, लोभ और नकारात्मक विचारों से बचें. आसपास गंदगी न रहनें दें. भूलकर भी कुत्ता, गाय, कौवा आदि जानवरों को परेशान नहीं करें.

Vastu Tips: भाग्य चमकाना है तो सुबह की इन 3 गलतियों से रहें दूर

वास्तु शास्त्र के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त और सुबह का समय सकारात्मक ऊर्जा का भंडार होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोकर उठने के बाद आपके द्वारा किए गए पहले कुछ काम यह तय कर सकते हैं कि आपका दिन सफल होगा या बाधाओं से भरा। अक्सर हम अनजाने में सुबह उठते ही कुछ ऐसी आदतों को दोहराते हैं जो घर में दरिद्रता लाती हैं और हमारी तरक्की के रास्ते बंद कर देती हैं। वास्तु विज्ञान के अनुसार, सुबह के समय हमारी आभा बहुत संवेदनशील होती है और इस वक्त नकारात्मक चीजों का दर्शन हमारे भाग्य को सोख सकता है। तो आइए जानते हैं वे कौन से 3 काम हैं, जिनसे सुबह उठते ही दूरी बना लेना आपकी किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकता है। आईने में चेहरा देखना वास्तु शास्त्र के अनुसार, सोकर उठते ही सबसे पहले आईना देखना बेहद अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि जब हम सोकर उठते हैं, तो शरीर में कुछ नकारात्मक ऊर्जा होती है। उठते ही आईना देखने से वह नकारात्मक ऊर्जा वापस हमारे भीतर चली जाती है, जिससे पूरे दिन स्वभाव में चिड़चिड़ापन और कार्यों में असफलता मिल सकती है। जूठे बर्तन या गंदगी देखना कई लोग रात को बर्तन साफ नहीं करते और सुबह उठते ही सबसे पहले रसोई में बिखरे हुए जूठे बर्तन देखते हैं। वास्तु के अनुसार, सुबह-सुबह गंदगी या जूठे बर्तन देखना दरिद्रता को आमंत्रण देना है। इससे घर की सुख-शांति भंग होती है और धन के आगमन में बाधा आती है। क्या करें : रात को ही रसोई साफ करके सोएं ताकि सुबह आपको स्वच्छता और सकारात्मकता मिले। बंद घड़ी या आक्रामक तस्वीरें देखना सुबह उठते ही किसी बंद घड़ी पर नजर पड़ना प्रगति में रुकावट का संकेत है। इसी तरह, बेडरूम में लगी हिंसक जानवरों या युद्ध की तस्वीरें सुबह-सुबह देखने से मन में नकारात्मक विचार पैदा होते हैं, जो आपकी निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करते हैं। क्या करें : अपने कमरे में उगते सूरज, दौड़ते सफेद घोड़े या शांत फूलों की तस्वीरें लगाएं। तरक्की के लिए करें ये एक छोटा सा काम सुबह उठते ही सबसे पहले अपनी दोनों हथेलियों को जोड़कर उनके दर्शन करें। शास्त्र कहते हैं कि हथेली के अग्र भाग में लक्ष्मी, मध्य में सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु का वास होता है। ऐसा करने से आपका भाग्य चमक उठेगा और दिन भर सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।