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नए साल में आपकी राशि को लेकर क्या कहते हैं सितारे? 6 जनवरी का राशिफल देखें

मेष राशि- आज का दिन आपको धीरे लेकिन ठोस कदम उठाने की सीख देता है। मन मे जोश रहेगा और कुछ नया करने का मन भी करेगा, लेकिन अगर आप जल्दबाजी से बचेंगे तो ज्यादा फायदा होगा। कामकाज मे जिम्मेदारी बढ सकती है और लोग आपसे उम्मीद रखेंगे। गुस्से मे बोले गए शब्द नुकसान पहुंचा सकते है, इसलिए शांत रहना जरूरी है। घर के मामले मे भी समझदारी दिखाने से माहौल अच्छा रहेगा। शाम के समय किसी काम के पूरे होने से आत्मसंतोष मिलेगा। वृषभ राशि- आज आप अंदर से स्थिर और संतुलित महसूस करेंगे। बिना ज्यादा भागदौड के भी काम पूरे हो सकते है। परिवार के साथ बातचीत करने से मन हल्का होगा। पैसो को लेकर आज कोई फैसला लेना हो तो सोच समझकर लें। फालतू खर्च से बचना फायदेमंद रहेगा। आज का दिन आपको यह सिखाता है कि धैर्य और निरंतरता से भी तरक्की होती है। स्वास्थ्य के मामले मे भी आज सावधानी रखना सही रहेगा। मिथुन राशि- आज बातचीत और संपर्क आपके लिए बहुत जरूरी रहेंगे। किसी दोस्त या सहकर्मी से ऐसी जानकारी मिल सकती है जो आगे काम आए। दिमाग तेज चलेगा और कई विचार आएंगे, लेकिन एक साथ बहुत सारे काम हाथ मे लेने से बचें। आज छोटे फैसले भी भविष्य मे बडा फायदा दे सकते है। बोलते समय शब्दो का चयन ध्यान से करें। सुनने की आदत आज आपको आगे ले जाएगी। कर्क राशि- आज भावनात्मक रूप से आप थोडे़ संवेदनशील रह सकते हैं। पुरानी बाते या यादे मन मे आ सकती है। किसी अपने से दिल की बात साझा करने से मन को सुकून मिलेगा। कामकाज मे गति धीमी रह सकती है लेकिन दिशा सही रहेगी। आज खुद को समय देना भी जरूरी है। ज्यादा सोचने से बचें और जो आपके हाथ मे है उसी पर ध्यान दें। शाम तक मन शांत होने लगेगा। सिंह राशि- आज आपकी मौजूदगी लोगो को साफ नजर आएगी। कामकाज मे नेतृत्व करने का मौका मिल सकता है। लोग आपकी बात मानेंगे और आपकी राय को महत्व देंगे। आत्मविश्वास अच्छा रहेगा, बस अहंकार से दूरी रखें। रिश्तो मे गर्माहट बनी रहेगी अगर आप सामने वाले को भी बोलने का मौका देंगे। आज सही समय पर कही गई बात आपकी छवि को मजबूत बनाएगी। कन्या राशि- आज मेहनत और अनुशासन आपका सबसे बडा सहारा रहेगा। कामकाज में फोकस बना रहेगा और सीनियर आपकी कोशिशो को नोटिस कर सकते है। नतीजे तुरंत न मिले लेकिन दिशा बिल्कुल सही रहेगी। परिवार की जिम्मेदारियों को भी समय देना पड़ेगा। धैर्य और लगातार प्रयास आपको आगे बढ़ाएगा। तुला राशि- आज काम का दबाव थोडा ज्यादा महसूस हो सकता है। आप हर चीज सही करना चाहते है, लेकिन खुद पर ज्यादा बोझ न डालें। प्राथमिकता के आधार पर काम करें तो दिन बेहतर रहेगा। सेहत और नींद पर ध्यान देना जरूरी है। छोटी बातो को लेकर चिंता न करें। आज यह समझना जरूरी है कि हर चीज परफेक्ट होना जरूरी नहीं होता। वृश्चिक राशि- आज आपकी अलग सोच और नजरिया काम आएगा। कोई नया विचार या योजना बन सकती है। लोग आपकी बात सुनेंगे लेकिन सबको खुश करने की कोशिश न करें। रिश्तो मे आजादी जरूरी लगेगी, फिर भी सामने वाले की भावना समझना जरूरी है। आज शांत और साफ बातचीत से काम बनेगा। धनु राशि- आज संतुलन बनाकर चलना बहुत जरूरी है। कोई पुराना मुद्दा बातचीत से सुलझ सकता है। रिश्तो मे साफ और सधी हुई बात रखने से गलतफहमी दूर होगी। खर्च सोच समझकर करें, खासकर गैर जरूरी चीजो पर। आज लिया गया कोई शांत फैसला आने वाले समय मे राहत देगा। खुद को भी उतनी ही अहमियत दें जितना दूसरो को देते हैं। मकर राशि- आज आप अंदर ही अंदर काफी कुछ सोचते रह सकते है। किसी बात की सच्चाई सामने आ सकती है जिससे नजरिया बदलेगा। हर चीज को नियंत्रित करने की कोशिश न करें। धैर्य रखें और समय को अपना काम करने दें। कामकाज मे भी आज शांत रहना फायदेमंद रहेगा। जो होना है वह धीरे धीरे साफ होता जाएगा। कुंभ राशि- आज मन हल्का और सकारात्मक रहेगा। कुछ नया सीखने या करने का विचार आ सकता है। दोस्ती और बातचीत से ऊर्जा मिलेगी। घूमने फिरने या बदलाव का मन करेगा। खर्च पर थोडा नियंत्रण रखना जरूरी है। जिम्मेदारियो से भागने के बजाय उन्हें समझदारी से निभाएंगे तो दिन संतोष देगा। मीन राशि- आज दिल नरम रहेगा और दूसरों के लिए कुछ करने का मन करेगा। किसी की मदद करने से आत्मसंतोष मिलेगा। कामकाज मे ध्यान भटक सकता है, इसलिए खुद को बार बार फोकस मे लाना होगा। भावनाओं मे बहने से बचें। खुद के लिए भी समय निकालना जरूरी है। छोटी खुशियां आज दिल को सुकून देंगी।

डायरी में छुपा था जीवन बदल देने वाला राज़, प्रेमानंद महाराज ने खुद लिखा था

वृंदावन के श्री प्रेमानंद जी महाराज अक्सर जीवन और आध्यात्म से जुड़ी कई बातें साझा करते रहते हैं। उन्होंने हाल ही में जीवन का वो गहरा रहस्य भी बताया है, जो कहीं ना कहीं हम सभी के लिए जानना बहुत जरूरी है। महाराज जी कहते हैं कि ये बात उन्हें प्रभावित कर गई कि उन्होंने इसे अपनी डायरी तक में नोट कर लिया था। महाराज जी ने डायरी में क्या लिखा प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि वो अपनी डायरी में संत महापुरुषों की बातें नोट करते हैं। एक बात उन्हें इतनी प्रभावशाली लगी कि उन्होंने तुरंत उसे लिख लिया। ये बात थी कि आप जैसा सोचते हैं वैसे ही बन जाते हैं। आज जो भी कुछ आप अपने बारे में सोच रहे हैं, वो सब कुछ आपके लिए संभव हो सकता है। जैसा सोचोगे वैसा ही बनोगे महाराज जी कहते हैं कि वो अक्सर इसी बात को पढ़ते रहते थे कि जैसा बनना है वैसा सोचो, जैसा सोचोगे वैसा ही बनोगे। महाराज जी कहते हैं कि अगर आपने किसी चीज का प्रण कर लिया है और आपको खुद पर विश्वास है कि आप वो कर लेंगे, तो हर हाल में वो चीज संभव है। हमेशा पॉजिटिव सोच रखें महाराज जी आगे कहते हैं कि हमेशा पॉजिटिव सोच रखो। उदहारण के लिए अगर आप सोचते हैं कि इस जन्म में भगवान की प्राप्ति नामुमकिन है, तो गारंटी के साथ आप ऐसा नहीं कर पाएंगे। देर से सही, पूरा होता है संकल्प प्रेमानंद जी कहते हैं कि उदाहरण के लिए अगर आपने ठान लिया है कि भगवत प्राप्ति आपको इसी जन्म में करनी है, तो संकल्प आपके भीतर बैठ जाएगा। किसी गलती की वजह से अगर इस जन्म में आपका संकल्प पूरा ना भी हो, तो अगले जन्म में आप उसे जरूर हासिल कर लेंगे। जिंदगी में लागू होता है ये सिद्धांत प्रेमानंद जी महाराज का बताया ये छोटा सा वाक्य, अगर आप अपनी जिंदगी में लागू कर लें, तो पूरी लाइफ बदल सकता है। किसी भी चीज की शुरुआत सबसे पहले आपके मन से होती है। वो कहते हैं ना कि मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। सोच बनाती है जीवन आपकी सोच ही कहीं ना कहीं आपका जीवन गढ़ती है। अगर आप सोचते पॉजिटिव हैं, तो देर से ही सही आपकी लाइफ भी ऐसी ही बनेगी। इसलिए बुरे समय में भी कोशिश करें कि बेहतर सोच रखें। क्योंकि आज जो आप सोच रहे हैं वो कल आपकी हकीकत भी बन सकता है।

क्या रात में कपड़े धोने से आती है नकारात्मक ऊर्जा? वास्तु शास्त्र की चेतावनी

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष विज्ञान में दिनचर्या से जुड़े हर कार्य के लिए एक निश्चित समय और नियम बताया गया है। अक्सर आधुनिक जीवनशैली और भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सुविधा के अनुसार काम करते हैं। इन्हीं में से एक है रात के समय कपड़े धोना। आजकल वर्किंग कपल्स या व्यस्त दिनचर्या वाले लोग समय बचाने के लिए रात में वॉशिंग मशीन चला देते हैं और कपड़े धोकर रात भर के लिए बाहर सुखा देते हैं लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, रात में कपड़े धोना और उन्हें खुले आसमान के नीचे सुखाना आपके जीवन में गंभीर आर्थिक और मानसिक परेशानियां ला सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि वास्तु के अनुसार रात में कपड़े धोना क्यों वर्जित है और इसका आपके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। वास्तु शास्त्र और नकारात्मक ऊर्जा का संबंध वास्तु शास्त्र के अनुसार, सूर्यास्त के बाद वातावरण में नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है। दिन के समय सूर्य की पराबैंगनी किरणें वातावरण को शुद्ध करती हैं और कीटाणुओं के साथ-साथ नकारात्मक ऊर्जा का भी नाश करती हैं। इसके विपरीत, रात के समय चंद्रमा की शीतलता होती है, लेकिन बाहरी वातावरण में तामसिक ऊर्जा का वास होता है। आर्थिक तंगी और दरिद्रता का वास धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्यास्त के बाद लक्ष्मी जी के आगमन का समय होता है। इस समय घर में साफ-सफाई, शांति और भक्ति का माहौल होना चाहिए। रात में कपड़े धोने से घर में 'कलह' और 'अशांति' का वातावरण बनता है, जिससे माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं। इससे घर की बरकत रुक जाती है और बेवजह के खर्चे बढ़ने लगते हैं। स्वास्थ्य पर बुरा असर वैज्ञानिक और वास्तु दोनों ही दृष्टिकोणों से रात में कपड़े सुखाना सेहत के लिए हानिकारक है। रात के समय ओस गिरती है और धूप न होने के कारण कपड़ों में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणु मर नहीं पाते। जब हम इन कपड़ों को पहनते हैं, तो त्वचा संबंधी रोग और सांस की बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। वास्तु के अनुसार, ऐसे कपड़ों को पहनने से व्यक्ति की सकारात्मक ऊर्जा कमजोर होती है। नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव वास्तु शास्त्र में माना जाता है कि खुले आसमान के नीचे रात भर सूखे कपड़े नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेते हैं। हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार रात में अदृश्य नकारात्मक शक्तियां सक्रिय होती हैं। गीले कपड़ों में उनकी ऊर्जा जल्दी समाहित हो जाती है, जिससे व्यक्ति के स्वभाव में चिड़चिड़ापन, तनाव और डरावने सपने जैसी समस्याएं आ सकती हैं। कपड़ों की चमक और आयु कम होना प्राकृतिक रूप से देखा जाए तो सूर्य की रोशनी कपड़ों के लिए प्राकृतिक कीटाणुनाशक का काम करती है। रात में कपड़े धोने से वे पूरी तरह नहीं सूख पाते और उनमें एक अजीब सी गंध रह जाती है। यह गंध और नमी आपके व्यक्तित्व पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।

सकट चौथ 2026: 6 या 7 जनवरी को व्रत? यहां जानें तिथि, नियम और पूजा का सही तरीका

सनातन परंपरा में सकट चौथ एक महत्वपूर्ण व्रत और पर्व माना गया है, जिसे विशेष रूप से संकटों संकट निवारण और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्ति के लिए मनाया जाता है. इस दिन भक्त विशेष श्रद्धा और संयम के साथ गणेशजी और सूर्यदेव की उपासना करते हैं. शास्त्रों और पुराणों के अनुसार, सकट चौथ का व्रत जीवन में आने वाले कठिनाइयों, आर्थिक, स्वास्थ्य या पारिवारिक संकटों को दूर करने में सहायक होता है. साथ ही यह व्रत परिवार में सुख-शांति, मानसिक स्थिरता और संतान सुख प्राप्त करने के लिए बहुत ही फलदायी माना गया है. कब है सकट चौथ 2026? पंचांग के अनुसार, माघ मास के कृष्णपक्ष की चतुर्थी तिथि 6 जनवरी 2026 को सुबह 8 बजकर 1 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 07 जनवरी 2026 को सुबह 06:52 बजे समाप्त होगी. ऐसे में सकट चौथ का पावन पर्व 06 जनवरी 2026, मंगलवार के दिन ही मनाया जाएगा. शास्त्रों में सकट चौथ पुराणों और धार्मिक ग्रंथों में सकट चौथ को विशेष स्थान प्राप्त है. भागवत पुराण और ब्रह्मांड पुराण में उल्लेख है कि इस दिन की साधना संकटों को दूर करने में अत्यंत प्रभावी है. शास्त्रों के अनुसार, व्रत के साथ किए गए दान और सेवा से संतान सुख, घर की समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त होती है. यह व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि संकटमोचन साधना, आत्मशुद्धि और मानसिक शांति का प्रतीक माना जाता है. श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाया गया सकट चौथ व्यक्ति के जीवन में स्थिरता, खुशहाली और आध्यात्मिक विकास सुनिश्चित करता है. यह पर्व जीवन को संतुलित, संयमित और सार्थक बनाने का मार्ग भी दिखाता है. व्रत की विधि और नियम     सकट चौथ का व्रत भक्तिभाव और अनुशासन का प्रतीक माना जाता है और जीवन में संकटमोचन, सुख-शांति तथा मानसिक स्थिरता लाने में सहायक होता है.     श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और साफ वस्त्र धारण करते हैं, साथ ही पूजा स्थल की साफ-सफाई कर वातावरण को पवित्र बनाते हैं. गणेशजी की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाकर फलों, मिठाई और अन्य प्रसाद का भोग अर्पित किया जाता है. भक्त सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करके उनकी कृपा प्राप्त करते हैं.     व्रती पूरे दिन संयम का पालन करते हैं, अनावश्यक भोजन और विलासिता से दूर रहते हैं. माता-पिता, वृद्धजनों और जरूरतमंदों को दान देकर पुण्य कमाया जाता है.     कठोर अनुशासन और नियमों के पालन से मन, शरीर और आत्मा शुद्ध होती है. इस व्रत के परिणामस्वरूप व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ, मानसिक स्थिरता और परिवार में सुख-शांति प्राप्त होती है. सकट चौथ का धार्मिक महत्व सकट चौथ का महत्व विशेष रूप से संकट निवारण और देवी-देवताओं की कृपा प्राप्ति से जुड़ा है. शास्त्रों और पुराणों में उल्लेख है कि इस दिन किया गया व्रत और पूजा जीवन में आने वाले कठिन समय, आर्थिक समस्याओं, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों और पारिवारिक संकटों से रक्षा करता है. भक्त विशेष रूप से गणेशजी और सूर्यदेव की उपासना करते हैं, क्योंकि इनके आशीर्वाद से घर में सुख-शांति, समृद्धि और मानसिक स्थिरता बनी रहती है. सकट चौथ का व्रत पूरी तरह श्रद्धा और संयम पर आधारित होता है. कई श्रद्धालु निर्जला व्रत रखते हैं, जबकि कुछ हल्का भोजन करते हैं. इस दिन पूजा में दीप जलाना, फलों और मिठाई का भोग अर्पित करना, और विशेष मंत्र जाप करना शामिल है. साथ ही, जरूरतमंदों को दान और सेवा करने से पुण्य और सकारात्मक ऊर्जा कई वर्षों तक बनी रहती है.

प्रेमानंद महाराज बोलें- आसपास के लोग हमेशा आलोचना कर डिमोटिवेट करते हैं?

नई दिल्ली. आजकल का जीवन बहुत तेज है और सफलता के लिए मेहनत कर रहे लोगों को अक्सर आसपास के लोग आलोचना करके डिमोटिवेट कर देते हैं। रिश्तेदार, दोस्त या सहकर्मी नकारात्मक बातें कहकर मन को तोड़ देते हैं। ऐसे में मन उदास हो जाता है और आगे बढ़ने का जोश कम हो जाता है। वृंदावन के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज अपने सत्संगों में बार-बार इस समस्या का समाधान बताते हैं। महाराज जी कहते हैं कि आलोचना करने वाले लोग खुद जल रहे होते हैं, तुम्हें जलने की जरूरत नहीं। राधा नाम जपो और अपना काम करते रहो। आलोचना से डिमोटिवेट होना छोड़ दो। महाराज जी के उपदेश से जानते हैं क्या करें। आलोचना को दिल से ना लगाएं प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि जो आपकी आलोचना करता है, वह आपके बारे में सोचकर अपना समय बर्बाद कर रहा है। ऐसे में आप अपना समय क्यों बर्बाद करेंगे? आलोचना करने वाले लोग अपनी कमजोरी छिपाने के लिए दूसरों को नीचा दिखाते हैं। महाराज जी सलाह देते हैं कि ऐसी बातों को दिल से ना लगाएं। मुस्कुराकर सुन लें और आगे बढ़ जाएं। अगर कोई कहे 'तुम कुछ नहीं कर पाओगे' तो मन में कहें 'राधे राधे, मैं कर लूंगा।' आलोचना को कानों से सुनकर दिल से निकाल दें। इससे मन मजबूत रहेगा और डिमोटिवेशन नहीं होगा। राधा नाम जप महाराज जी का सबसे बड़ा उपाय है राधा नाम जप। वे कहते हैं 'आलोचना से परेशान होने पर राधे-राधे जपें। राधा नाम में इतनी शक्ति है कि कोई नकारात्मक बात आपको छू नहीं सकती है।' जब कोई आलोचना करे तो मन में 'राधे राधे' जपें। इससे मन शांत रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। महाराज जी बताते हैं कि नाम जप से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और भगवान की कृपा मिलती है। रोज 108 बार या जितना हो सके राधा नाम जपें। आलोचना करने वाले खुद थक जाएंगे, लेकिन आपका जोश बना रहेगा। अपना काम ईमानदारी से करते रहें प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि आलोचना करने वाले को जवाब अपनी सफलता से दें। अपना काम ईमानदारी और मेहनत से करते रहें। दिखावा ना करें, बस चुपचाप आगे बढ़ें। महाराज जी उदाहरण देते हैं कि जो लोग आलोचना करते हैं, वे खुद असफल होते हैं। आप सफल हो जाएंगे, तो वे खुद चुप हो जाएंगे। आलोचना से डिमोटिवेट होने की बजाय उसे प्रेरणा बनाएं। महाराज जी कहते हैं कि भगवान सब देख रहे हैं। मेहनत का फल जरूर मिलेगा। अपना फोकस काम पर रखें, तो डिमोटिवेशन नहीं होगा। भक्ति और सत्संग से मन मजबूत बनाएं महाराज जी सलाह देते हैं कि आलोचना से परेशान हो, तो रोज सत्संग सुनें और भक्ति करें। राधा-कृष्ण की भक्ति करें, हनुमान चालीसा पढ़ें। सत्संग सुनने से मन में सकारात्मकता आती है और आलोचना का असर कम होता है। महाराज जी कहते हैं कि जब मन भगवान में लग जाता है, तो दुनिया की बातें छोटी लगने लगती हैं। भक्ति से मन इतना मजबूत हो जाता है कि आलोचना छू नहीं पाती है। परिवार और भगवान पर फोकस करें, तो डिमोटिवेशन दूर हो जाएगा। प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, आलोचना करने वाले खुद जल रहे हैं, आपको जलने की जरूरत नहीं है। राधा नाम जपें, मेहनत करें और मन शांत रखें। आलोचना से डिमोटिवेट होना छोड़ देंगे, तो जीवन में सफलता और सुख आएगा।

मकर संक्रांति विशेष: सूर्य देव को अर्घ्य देते समय न करें ये भूल, वरना नहीं मिलेगा शुभ फल

हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है. इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसे ‘उत्तरायण’ की शुरुआत माना जाता है. इस दिन दान-पुण्य और पवित्र नदियों में स्नान के साथ-साथ सूर्य उपासना का विधान है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव को जल अर्पित करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और कष्टों का निवारण होता है. लेकिन, अर्घ्य देते समय कुछ नियमों का पालन करना अनिवार्य है. सूर्य देव को अर्घ्य देने का तरीका ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: संक्रांति के दिन सूर्योदय से पूर्व स्नान कर साफ या लाल रंग के वस्त्र धारण करें. तांबे के लोटे का प्रयोग: सूर्य को जल देने के लिए हमेशा तांबे के पात्र का ही उपयोग करें. अन्य धातुओं (जैसे प्लास्टिक या स्टील) का उपयोग वर्जित है. जल में मिलाएं ये चीजें: लोटे में शुद्ध जल भरें और उसमें लाल फूल, कुमकुम, अक्षत (सादे चावल) और थोड़ा काला तिल जरूर डालें. मकर संक्रांति पर तिल का विशेष महत्व है. अर्घ्य देने की मुद्रा: दोनों हाथों से लोटे को पकड़कर अपने सिर के ऊपर ले जाएं और धीरे-धीरे जल की धार छोड़ें. दृष्टि का ध्यान: जल गिरते समय आपकी दृष्टि जल की धार के बीच से सूर्य देव पर होनी चाहिए. इससे निकलने वाली किरणें स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती हैं. परिक्रमा: अर्घ्य देने के बाद उसी स्थान पर खड़े होकर तीन बार क्लॉकवाइज (घड़ी की दिशा में) परिक्रमा करें. भूलकर भी न करें ये गलतियां ! पैरों में जल गिरना: सबसे बड़ी गलती यह होती है कि अर्घ्य देते समय जल के छींटे पैरों पर पड़ते हैं. इससे बचने के लिए किसी गमले या बड़े बर्तन में जल अर्पित करें और बाद में उसे पौधों में डाल दें. देर से अर्घ्य देना: मकर संक्रांति पर दोपहर में अर्घ्य देना लाभकारी नहीं माना जाता. कोशिश करें कि सूर्योदय के एक घंटे के भीतर ही जल अर्पित कर दें. बिना जूते-चप्पल के रहें: अर्घ्य देते समय पैर नंगे होने चाहिए. जूते या चप्पल पहनकर सूर्य देव को जल देना अपमानजनक माना जाता है. मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म में मकर संक्रांति केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सूर्य उपासना, पुण्य संचय और आत्मशुद्धि का महापर्व माना जाता है. यह पर्व उस शुभ क्षण का प्रतीक है जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण होते हैं.धार्मिक दृष्टि से इसे देवताओं का दिन और सकारात्मक ऊर्जा का आरंभ माना गया है. भगवान सूर्य इस दिन अपने पुत्र शनि देव के घर जाते हैं. ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक है. इस दिन खिचड़ी का दान करना और तिल-गुड़ का सेवन करना बेहद शुभ माना जाता है.

Shattila Ekadashi 2026 Date: षटतिला एकादशी 13 या 14 जनवरी को मनेगी?

नई दिल्ली. हर माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन तिल का दान करने का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, षटतिला एकादशी (Shattila Ekadashi 2026) व्रत करने से साधक को सभी पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। षटतिला एकादशी 2026 डेट और टाइम वैदिक पंचांग के अनुसार, षटतिला एकादशी व्रत 14 जनवरी को किया जाएगा और अगले दिन यानी 15 जनवरी को व्रत का पारण किया जाएगा। माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 13 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 17 मिनट पर माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का समापन – 14 जनवरी को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर षटतिला एकादशी 2026 व्रत पारण का टाइम एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर किया जाता है। 15 जनवरी को व्रत का पारण करने का समय सुबह 07 बजकर 15 मिनट से 09 बजकर 21 मिनट तक है। द्वादशी तिथि पर मंदिर या गरीब लोगों में विशेष चीजों का दान जरूर करना चाहिए। षटतिला एकादशी पूजा विधि सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़ें धारण करें। मंदिर की सफाई करें और गंगाजल का छिड़काव कर शुद्ध करें। भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति को स्थापित करें। श्रीहरि को चंदन, पीले फूल, माला अर्पित करें। दीपक जलाकर आरती करें। मंत्रों का जप करें। पंजीरी और पंचामृत आदि का भोग लगाएं। जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए प्रभु से कामना करें। इन बातों का रखें ध्यान एकादशी के दिन चावल और तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी न करें।  इसके अलावा काले रंग के कपड़े धारण न करें। किसी से वाद-विवाद न करें। तुलसी के पत्ते न तोड़े। ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करें। ऐसा माना जाता है कि व्रत कथा का पाठ न करने से साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। 

लाइफ में कामयाबी का फॉर्मूला: पर्सनैलिटी में शामिल करें ये खास बातें

सक्सेज होना तो सभी चाहते हैं लेकिन इसके लिए जरूरी है सही दिशा में कदम बढ़ाना। लगातार मेहनत और बार-बार प्रयास। लेकिन कड़ी मेहनत और बार-बार प्रयास कहां किए जाएं ये भी पता होना जरूरी है। कुछ लोग इसलिए सफल नहीं हो पाते क्योंकि उनके व्यक्तित्व में कमी होती है। अगर आप के अंदर ये कमियां हैं तो इन्हें दूर कर अपनी पर्सनैलिटी को और भी ज्यादा निखारा जा सकता है। साथ ही लाइफ में सफलता हासिल करने में भी मदद मिलेगी। अच्छा श्रोता बनना है जरूरी हमेशा अपनी बात रखने के साथ दूसरों की बातें सुनना भी जरूरी होता है। कई बार हम लोगों को ध्यान से ना सुनकर लाइफ के जरूरी लेसन मिस कर देते हैं। इसलिए हमेशा धैर्य से सुनने की कोशिश करें। किताबें पढ़ें और इंटरेस्ट बढ़ाएं किताबें पढ़ने से केवल नया ज्ञान ही नही मिलता बल्कि ये आपको नई चीजों को जानने समझने और उसमे इंटरेस्ट बढ़ाने में भी मदद करता है। इससे आपका नॉलेज बढ़ेगा और आपकी पर्सनैलिटी में चार चांद लगेंगे। नए लोगों से मिलें हमेशा नयी जगह जाने और नये लोगों से मिलने को लेकर खुद को रोकना नहीं चाहिए। जितना नये लोगों से मिलेंगे आपको अपने बारे में और भी ज्यादा समझ आएगी। नये लोगों से मिलते वक्त आपकी बॉडी लैंग्वेज, सुनने की क्षमता, समझने की क्षमता और आपकी नॉलेज का भी टेस्ट होता है। जो कि पर्सनैलिटी को निखारने में मदद करता है। दूसरों की इज्जत है जरूरी आपको भले ही लगे कि आपको बहुत सारी नॉलेज है लेकिन इसका मतलब नहीं कि आप दूसरों का सम्मान ना करें। या उनके ज्ञान को कम समझें। खुद बातों, विचारों पर टिके रहना और दूसरों को सम्मान देना आपकी पर्सनैलिटी को और भी निखारेगा। दूसरों को सपोर्ट करें जब भी आप लो फील करते हैं तो किसी ना किसी की मदद चाहते हैं। उसी तरह से हमेशा दूसरों को सपोर्ट करने और इनकरेज करने का काम करें।  

एकादशी व्रत 2026: जनवरी में कौन सी एकादशी कब है, यहां देखें पूरी जानकारी

सनातन धर्म की हर तिथि पावन और विशेष होती है. हर तिथि पर किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित व्रत और पूजन किया जाता है. ऐसी ही पावन तिथि है एकादशी. ये तिथि हर माह में दो बार पड़ती है. पहली बार कृष्ण और दूसरी बार शुक्ल पक्ष में. एकादशी की तिथि जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है. हर एकादशी पर व्रत और श्री हरि का पूजन किया जाता है. एकादशी का व्रत बहुत विशेष होता है. साल में 24 एकादशी व्रत पड़ते हैं. एकादशी व्रत को करने से जीवन के संकटों से मुक्ति प्राप्त होती है और सुख-समृद्धि बढ़ती है. मृत्यु के बाद मोक्ष और वैकुंठ धाम में स्थान प्राप्त होता है. साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस माह में कब कौन सी एकादशी का व्रत रखा जाएगा? षटतिला एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, आज से माघ माह की शुरुआत हो चुकी है. इस माह के कृष्ण पक्ष में षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 13 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 17 मिनट से शुरू होगी. इस तिथि का समापन 14 जनवरी को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर होगा. ऐसे में 14 जनवरी को षटतिला एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन मकर संक्रांति का पर्व भी रहेगा. जया एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर जया एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इस माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 28 जनवरी को दोपहर 04 बजकर 35 मिनट पर होगी. वहीं इस तिथि का समापन 29 जनवरी को 01 दोपहर 55 मिनट पर होगा. ऐसे में 29 जनवरी को जया एकादशी व्रत रखा जाएगा. अवश्य रखें व्रत से जुड़ी इन बातों का ध्यान एकादशी के दिन घर और मंदिर की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इस दिन चावल और तामसिक चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए. अन्न-धन और अन्य चीजों का दान करना चाहिए. भगवान विष्णु के भोग में तुलसी के पत्ते डालने चाहिए. एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि पर ही करना चाहिए.

जनवरी 05, 2026 राशिफल: आज जानें आपकी राशि का हाल

मेष राशि- इस समय आपके अंदर काम करने की अच्छी ऊर्जा रहेगी। जो काम लंबे समय से टलते आ रहे थे, उन्हें निपटाने का मन बनेगा। आप खुद को पहले से ज्यादा एक्टिव और आत्मविश्वासी महसूस करेंगे। हालांकि कभी-कभी जल्दबाज़ी या गुस्सा नुकसान करा सकता है, इसलिए थोड़ा ठहरकर सोचना जरूरी है। घर के मामलों में आपकी बात मानी जाएगी, लेकिन सबको साथ लेकर चलना बेहतर रहेगा। पैसों में धीरे-धीरे सुधार होगा और सेहत भी सामान्य रहेगी, बस नींद और खान-पान का ध्यान रखें। वृषभ राशि- आप इस समय शांति और स्थिरता चाहेंगे। बेवजह की भागदौड़ या झंझट से दूर रहना ही आपको सुकून देगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन हल्का रहेगा। काम में चीजें धीरे चलेंगी, लेकिन सही दिशा में जाएंगी। पैसों के मामले में सोच-समझकर फैसले लें, फालतू खर्च से बचें। रिश्तों में अगर थोड़ा झुककर बात करेंगे तो माहौल और बेहतर हो जाएगा। सेहत ठीक रहेगी, बस आलस्य हावी न होने दें। मिथुन राशि- इस समय आपका दिमाग काफी तेज चलेगा। नई बातें सीखने, लोगों से मिलने और बातचीत करने का मन रहेगा। दोस्तों या पुराने संपर्कों से कोई अच्छा मौका मिल सकता है। काम में आइडिया अच्छे आएंगे, बस ध्यान रखें कि एक साथ बहुत कुछ न पकड़ लें। रिश्तों में बातों से गलतफहमी भी हो सकती है, इसलिए साफ़ बोलना ज़रूरी है। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी और सेहत भी सामान्य, बस मोबाइल और स्क्रीन से थोड़ा ब्रेक लें। कर्क राशि- आप भावनात्मक रूप से थोड़े संवेदनशील रहेंगे। छोटी-छोटी बातें दिल पर लग सकती हैं, इसलिए खुद को संभालकर रखें। परिवार और घर से जुड़ी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें अच्छे से निभाएंगे। काम में धीरे-धीरे लेकिन पक्की प्रगति होगी। पैसों को लेकर ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है, बस खर्च पर नजर रखें। सेहत में हल्की थकान महसूस हो सकती है, इसलिए आराम को नजरअंदाज न करें। सिंह राशि- इस समय आपका आत्मविश्वास काफी मजबूत रहेगा। लोग आपकी बातों को ध्यान से सुनेंगे और आपकी सलाह को महत्व देंगे। कामकाज में पहचान और तारीफ मिल सकती है। बस ध्यान रखें कि आत्मविश्वास अहंकार में न बदले। रिश्तों में थोड़ा प्यार और अपनापन दिखाएंगे तो संबंध और मजबूत होंगे। पैसों की स्थिति ठीक रहेगी और सेहत भी अच्छी, बस ज्यादा तनाव न लें। कन्या राशि- जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें संभाल भी अच्छे से लेंगे। मेहनत का फल मिलने लगेगा, भले थोड़ा समय लगे। काम में स्थिरता रहेगी और भरोसा बढ़ेगा। घर और काम दोनों जगह संतुलन बनाकर चलना ज़रूरी है। पैसों में स्थिति मजबूत रहेगी और सेहत सामान्य, बस खुद को ज्यादा थकाएं नहीं। तुला राशि- आप इस समय प्रैक्टिकल रहेंगे और चीज़ों को सही तरीके से संभालना चाहेंगे। अटके हुए काम निपटाने के लिए यह अच्छा समय है। काम में आपकी मेहनत और समझदारी साफ़ दिखेगी। पैसों में धीरे-धीरे सुधार होगा और खर्चों पर कंट्रोल रहेगा। रिश्तों में छोटी बातों को लेकर ज़्यादा सोचने से बचें। सेहत के मामले में खुद पर ज्यादा दबाव न डालें और आराम के लिए भी समय निकालें। वृश्चिक राशि- आप अलग सोच रखेंगे और अपने तरीके से काम करना चाहेंगे। नए आइडिया और नई योजनाएं दिमाग में आएंगी। दोस्तों या नेटवर्क से फायदा हो सकता है। बस जिद या टकराव से बचें। पैसों में स्थिति ठीक रहेगी। सेहत के लिए नींद और आराम पर ध्यान देना जरूरी है। धनु राशि- आप संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे, लेकिन कभी-कभी मन थोड़ा उलझ सकता है। रिश्तों में साफ और खुलकर बात करना फायदेमंद रहेगा। काम में धैर्य रखें, जल्दबाजी नुकसान दे सकती है। पैसों में स्थिति सामान्य रहेगी, न बहुत फायदा न बहुत नुकसान। सेहत में थोड़ा उतार-चढ़ाव रह सकता है, इसलिए अपनी दिनचर्या ठीक रखें। मकर राशि- आपके अंदर गहराई से सोचने की क्षमता बढ़ेगी। कोई पुराना मुद्दा या उलझन सुलझ सकती है। काम में फोकस अच्छा रहेगा, लेकिन भावनाओं पर कंट्रोल रखना जरूरी है। भरोसेमंद लोगों के साथ ही अपनी बातें साझा करें। पैसों के मामले में संभलकर चलें। सेहत में सुधार के संकेत हैं, बस तनाव को खुद पर हावी न होने दें। कुंभ राशि- मन थोड़ा खुला-खुला रहेगा और कुछ नया करने की इच्छा होगी। यात्रा या किसी नई योजना की शुरुआत हो सकती है। काम में सीखने को मिलेगा और आगे के रास्ते साफ होते दिखेंगे। पैसों में धीरे-धीरे सुधार होगा। सेहत के मामले में खान-पान और दिनचर्या पर ध्यान देना जरूरी है। मीन राशि- आप भावनात्मक और कल्पनाशील रहेंगे। किसी अपने की बात दिल को छू सकती है। काम में शुरुआत थोड़ी धीमी लग सकती है, लेकिन बाद में सुधार आएगा। खुद पर भरोसा रखें और बेवजह की चिंता छोड़ें। पैसों में संतुलन बना रहेगा। ध्यान, शांति और थोड़ा अकेला समय आपको मानसिक सुकून देगा।