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त्यौहारी सीजन से पहले सरकार ने दी आम जनता को राहत, 12% और 28% वाले GST स्लैब खत्म

नई दिल्ली  महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को बड़ी राहत देने की तैयारी है। जीएसटी स्लैब की संख्या घटाकर दो यानी 5% और 18% कर दी जाएगी।12% और 28% वाले स्लैब को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। बता दें कि आज 21 अगस्त 2025 को हुई बैठक में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) ने केंद्र सरकार का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, जिसमें मौजूदा चार GST स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को केवल दो—5% और 18% में बदलने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव में 12% और 28% स्लैब को पूरी तरह से समाप्त करने की सिफारिश की गई है। बता दें कि इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 12% स्लैब में आने वाले अधिकतर सामान और सेवाएं 5% में आ जाएंगी, जबकि 28% स्लैब की लगभग 90% वस्तुएं और सेवाएं 18% में आ जाएंगी। केवल तंबाकू, पान मसाला जैसे सिन गुड्स पर ऊंची दरें जारी रहेंगी। जीएसटी मीटिंग में ऐलान संभव केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मंत्रिसमूह की बैठक में बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "हमने भारत सरकार के 12% और 28% के जीएसटी स्लैब को खत्म करने के दो प्रस्तावों का समर्थन किया है।" सम्राट चौधरी ने कहा कि सभी ने केंद्र द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सुझाव दिए। कुछ राज्यों की टिप्पणियां भी थीं। इसे जीएसटी काउंसिल को भेज दिया गया है। अब आगे का फैसला काउंसिल करेगी। केंद्र सरकार द्वारा 2 स्लैब समाप्त करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया और उसका समर्थन किया गया। हमने केंद्र सरकार द्वारा 12% और 28% के जीएसटी स्लैब को समाप्त करने के दो प्रस्तावों का समर्थन किया है।" क्या होगा सस्ता – जानिए 12% स्लैब से 5% स्लैब में आने वाले सामान 12% वाले टैक्स स्लैब को खत्म करके उन्हें 5% में लाने का मतलब है कि इन पर लगने वाला टैक्स लगभग 7% कम हो जाएगा। इससे ये चीजें सस्ती हो जाएंगी- • कपड़े और रेडीमेड गारमेंट्स (₹1,000 से ऊपर के कपड़े भी अब सस्ते हो सकते हैं) • जूते-चप्पल • प्रिंटिंग और स्टेशनरी आइटम्स • काफी सारे प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स • होम अप्लायंसेज की कुछ कैटेगरी (जिन पर 12% लगता था) इस बदलाव का सीधा असर मध्यम वर्ग और आम उपभोक्ता पर पड़ेगा क्योंकि रोजाना इस्तेमाल वाली कई चीजें इस श्रेणी में आती हैं। 2. 28% स्लैब से 18% स्लैब में आने वाले सामान 28% स्लैब की लगभग 90% चीज़ों को 18% में लाने का मतलब है कि इनकी कीमत पर टैक्स का बोझ 10% कम हो जाएगा। इससे निम्न चीज़ें सस्ती हो सकती हैं- • टू-व्हीलर और कारें (खासकर छोटे वाहन और एंट्री-लेवल मॉडल) • सीमेंट और बिल्डिंग मटेरियल (हाउसिंग और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा फायदा) • कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, टीवी आदि • कुछ पैकेज्ड फूड और बेवरेजेस • पेंट्स और वार्निश इससे न केवल उपभोक्ता को राहत मिलेगी बल्कि रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री में भी तेजी आ सकती है।  

Reliance और Bajaj Finserv की रफ्तार से शेयर बाजार में जोरदार उछाल

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में लगातार चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स (BSE Sensex) जहां खुलने के बाद कुछ ही मिनटों में 200 अंक से ज्यादा की छलांग लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी (NSE Nifty) ने भी ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत की. इस बीच मार्केट ओपन होने के साथ ही मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 1 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया.  तेजी के साथ खुले 1542 शेयर  शेयर मार्केट (Share Market) में कारोबार की शुरुआत के दौरान 1542 कंपनियों के शेयरों ने अपने पिछले बंद के मुकाबले मामूली या तेज बढ़त लेकर ओपनिंग की, जबकि 653 कंपनियों के स्टॉक्स गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. इसके अलावा मार्केट में 146 कंपनियों के शेयर से रही, जिनकी स्थिति में किसी भी तरह का कोई बदलाव देखने को नहीं मिला, यानी इनकी फ्लैट ओपनिंग हुई. शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागने वाले शेयरों में बजाज फिनसर्व, रिलायंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, टाटा मोटर्स और कोटक महिंद्रा बैंक रहे.  82000 के पार खुला सेंसेक्स  बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 81,857.84 की तुलना में उछलकर गुरुवार को 82,220.46 के स्तर पर खुला और लगातार ग्रीन जोन में कारोबार करता दिखाई दिया. सेंसेक्स की तरह ही एनएसई का निफ्टी-50 इंडेक्स भी अपने पिछले कारोबारी बंद 25,050.55 की तुलना में तेजी लेते हुए 25,142 के स्तर पर खुला. खास बात ये है कि अमेरिका से लेकर एशिया तक के बाजार में सुस्ती के बावजूद भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में तेजी का सिलसिला जारी है.  रिलायंस समेत ये 10 शेयर उछले बात करें, सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में सबसे तेज रफ्तार से भागने वाले शेयरों के बारे में, तो बीएसई के लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Bajaj Finserv Share (1.50%), Reliance Share (1.30%) और Trent Share (1.27%) तक उछलकर कारोबार कर रहा था. इसके अलावा मिडकैप कंपनियों में शामिल NIACL Share (7.60%), JSL Share (3.62%), Godrej Properties Share (2.40%) और GoDigit Share (2%) की तेजी लेकर ट्रेड कर रहे थे. स्मॉलकैप में भी हरियाली देखने को मिली और इसमें शामिल Raclgear Share (18%), JWL Share (11%) और Jai Corp Ltd Share (9.78%) चढ़ा.  ये शेयर खुलते ही फिसले यहां बाजार में तेजी के बीच गिरावट के साथ कारोबार करने वाले शेयरों के बारे में बात कर लेना भी जरूरी है, तो बता दें कि लार्जकैप में Eternal Share 1.60% और HUL Share 1.40% फिसलकर कारोबार कर रहा था. तो वहीं एचसीएल टेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और टीसीएस जैसे टेक कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट देखने को मिली. मिडकैप में शामिल Ola Electric Share लगातार दो दिन तूफानी तेजी के साथ भागने के बाद गुरुवार को खुलते ही 5% से ज्यादा फिसल गया, तो Voltas Share में करीब 2% की गिरावट आई. ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) से जुड़ी कंपनी Nazara Tech का शेयर आज भी ओपनिंग के साथ ही 10% फिसल गया. 

GST सुधार से छोटे वाहनों पर असर: कीमतें घटेंगी, राजस्व में 6 अरब डॉलर की कमी

नई दिल्ली स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री द्वारा जब गुड्स एंड सर्विस टैक्स में सुधार (GST Reforms) का ऐलान किया गया, जब से देश भर में कुछ ख़ास वस्तुओं और सर्विसेज के सस्ते होने की चर्चा हो रही है. पीएम मोदी ने लालकिले के प्राचरी से कहा कि, ये जीएसटी रिफॉर्म अक्टूबर में दिवाली से पहले किया जा सकता है, जो आम आदमी के लिए दिवाली गिफ्ट जैसा होगा. इस जीएसटी सुधार के दायरे में वाहन भी शामिल हैं, जिनकी कीमतों में भारी गिरावट की उम्मीद की जा रही है. एचएसबीसी की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वाहनों पर जीएसटी में संभावित कमी से छोटी कारों की कीमतों में उल्लेखनीय कमी आ सकती है. रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि अगर छोटी कारों पर जीएसटी की दर मौजूदा 28% से घटाकर 18% कर दी जाए, तो इन वाहनों की कीमतों में लगभग 8% की कमी देखने को मिल सकती है.  बताया जा रहा है केंद्र सरकार ने जीएसटी स्लैब में सुधार के लिए प्रस्ताव दिया है और यदि यह प्रस्ताव माना जाता है तो छोटी कारों की कीमत में तगड़ी कमी आएगी. इससे फेस्टिव सीजन के मौके पर ऑटो सेक्टर को तगड़ा लाभ मिल सकता है. बशर्ते जीएसटी सुधार में ये ऐलान दिवाली के पहले घोषित किया जाए. इस बार दिवाली 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी. भारत में ज्यादातर लोग इस धनतेरस और दिवाली के मौके पर अपने घर में नए वाहन लाते हैं. मौजूदा समय में, पैसेंजर व्हीकल्स पर 28% से 50% तक जीएसटी टैक्स लगाया जाता है, जो वाहन के साइज, फ्यूल टाइप और इंजन क्षमता पर निर्भर करता है. जीएसटी के अलावा इन वाहनों पर सेस (Cess) भी लगाया जाता है, जो 1% से 5% है. इससे वाहनों की कीमत में और भी इजाफा हो जाता है. ख़बर है कि, छोटी कारें, जिन पर वर्तमान में 28 प्रतिशत जीएसटी और 1-3 प्रतिशत की सेस (Cess) दरें लागू होती हैं, नए बदलाव के बाद ये 18 प्रतिशत टैक्स स्लैब में आ सकती हैं. रिपोर्ट में छोटी कारों की कीमतों में 8% की संभावित गिरावट का अनुमान लगाया गया है, जबकि बड़ी कारों की कीमतों में 3% से 5% तक की कमी की उम्मीद है. रिपोर्ट में जीएसटी में एकसमान कटौती की संभावना पर भी विचार करने की बात कही गई है. अगर सभी वाहन श्रेणियों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया जाए, तो सभी कारों के लिए कीमतों में लगभग 6% से 8% का लाभ हो सकता है.  राजस्वर में 6 अरब डॉलर की कमी हालाँकि, वाहन के साइज के आधार पर मौजूदा उपकर यानी 'Cess' को बनाए रखने का मतलब है कि ऐसी स्थिति की संभावना कम है. रिपोर्ट में सरकार खजाने में होने वाले संभावित नुकसान की तरफ भी इशारा किया गया है. जिसके अनुसार इस तरह की किसी भी व्यापक टैक्स कटौती से सरकार को अनुमानित 5 अरब से 6 अरब अमेरिकी डॉलर के बीच राजस्व में गिरावट का सामना करना पड़ेगा. रिपोर्ट में एक रिवाइज़्ड टैक्सेशन मैकेनिज़्म का भी सुझाव दिया गया है, जिसके तहत छोटी कारों पर 18% की कम दर से कर लगाया जा सकता है, जबकि बड़े वाहनों पर 40% की "स्पेशल रेट" लागू हो सकती है, और मौजूदा उपकर समाप्त कर दिया जाएगा. इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह है कि, वाहनों के साइज और टाइप के अनुसार टैक्सेशन के तरीके को अनुकूलित करना है. जिससे बाजार में संतुलन बना रहे. इस सेग्मेंट में सबसे बड़े खरीदार भारत में 1000 सीसी से लेकर 1500 सीसी (1.0 लीटर से 1.5 लीटर इंजन) वाली कारों की डिमांड सबसे ज्यादा है. जिसमें सबसे सस्ती कार मारुति ऑटो के10 से लेकर हुंडई क्रेटा जैसी एसयूवी शामिल हैं. बीते जुलाई की टॉप 10 बेस्ट सेलिंग कारों की लिस्ट से यदि केवल महिंद्रा स्कॉर्पियो को बाहर कर दें तो कुल 10 में से 9 कारें 1.0 लीटर से 1.5 लीटर इंजन क्षमता के बीच आती हैं. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि, जीएसटी में इस सुधार का आम आदमी को किस कदर लाभ मिलेगा. इस समय कारों पर कितना लगता है GST नए वाहनों के लिए, जीएसटी दरें कार के कैटेगरी और साइज के आधार पर अलग-अलग हैं. 1200 सीसी तक की इंजन क्षमता और 4 मीटर से कम लंबाई वाली छोटी पेट्रोल कारों पर 28% जीएसटी और 1% उपकर लगता है. जबकि छोटी डीजल कारों (1500 सीसी तक, 4 मीटर से कम) पर 3% उपकर के साथ 28% जीएसटी लगता है.  वहीं मिड-साइज की कारों पर कुल 43%, लग्ज़री कारों पर 48% और एसयूवी पर सबसे ज़्यादा 50% तक का टैक्स लगता है. दूसरी ओर, इलेक्ट्रिक वाहनों पर केवल 5% जीएसटी टैक्स लागू होता है. जिससे वे अधिक किफायती हो जाते हैं. जीएसटी से पहले के दौर की तुलना में, छोटी कारों और लग्ज़री कारों पर कर का बोझ कम हुआ है, जबकि मिड-साइज की कारें थोड़ी महंगी हुई हैं. वाहन कैटेगरी इंजन क्षमता और लंबाई GST रेट उपकर  टोटल टैक्स छोटी पेट्रोल कारें 1200 सीसी तक, 4 मीटर से कम 28% 1% 29% छोटी डीजल कारें 1500 सीसी तक, 4 मीटर से कम 28% 3% 31% मिड-साइज कारें 1200 सीसी (पेट्रोल) और 1500 सीसी (डीजल) 28% 15% 43% लग्ज़री कारें 1500 सीसी तक   28% 20% 48% एसयूवी वाहन  1500 सीसी तक, 4 मीटर से ज्यादा  28% 22% 50% इलेक्ट्रिक वाहन  सभी क्षमता वाले  5% 0% 5% संभल जाएगा छोटी कारों का बाजार पिछले कुछ सालों में एंट्री लेवल छोटी कारों का बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हुआ है. 5 लाख रुपये से भी कम कीमत में आने वाली एंट्री लेवल कारें, जिनकी बिक्री वित्तीय वर्ष-16 में 10 लाख से ज्यादा यूनिट्स की थी वो वित्तीय वर्ष-25 में घटकर 25,402 यूनिट पर आ गिरी हैं. कुल कार बिक्री में हैचबैक कारों की हिस्सेदारी आधी रह गई है, जो 2020 में 47 प्रतिशत से घटकर 2024 में 24 प्रतिशत हो गई है. ऐसे में यदि छोटी कारों पर टैक्स का बोझ कम होता है तो लोग इन कारों की तरफ मुखर होंगे और इनकी बिक्री बढ़ने की उम्मीद है. 

दिवाली 2025: रोजमर्रा के सामान पर GST कटौती, टीवी-एसी की कीमत में बड़ा राहत

नई दिल्ली  इस त्‍योहारी सीजन में आम आदमी को बड़ी राहत मिलने वाली है. सरकार रोजमर्रा के उपयोग की चीजों पर जीएसटी घटाने का ऐलान कर चुकी है. जीएसटी की नई दरें दिवाली से पहले ही लागू होने की संभावना है. ऐसा होने से बहुत सी चीजों के दाम कम हो जाएंगे. सरकार  32 इंच से बड़े टीवी सेट, एसी और डिशवॉशर पर भी जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर सकती है. जीएसटी घटने से टीवी के रेट दस हजार रुपये तक कम हो जाएंगे. होम अप्लायंस बनाने वाली कंपनियों को इससे इस त्योहारी सीजन में अच्छी बिक्री की उम्मीद है. उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि दिवाली जैसे बड़े त्योहार से पहले जीएसटी में यह कटौती मेगा फेस्टिव सेल्स को बढ़ावा देगी. जानकारों के मुताबिक, जीएसटी में यह कमी उपभोक्ता कीमतों में पिछले कई वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट साबित हो सकती है. खासकर उन खरीदारों के लिए राहत होगी, जिनकी आय शुरुआती श्रेणी के प्रोडक्ट्स की बढ़ती कीमतों के मुकाबले नहीं बढ़ पाई थी और यह बाजार लंबे समय से ठहराव का शिकार था. 2500 रुपये तक घटेगी एसी की कीमत एयर कंडीशनर (AC) पर लगने वाले जीएसटी स्लैब को मौजूदा 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा है. सरकार के इस कदम से एसी की कीमत मॉडल के आधार पर करीब 1500 रुपये से 2500 रुपये तक कम होने की संभावना है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार Blue Star के मैनेजिंग डायरेक्टर बी थियागराजन ने इसे बेहतरीन कदम बताते हुए सरकार से इसे जल्दी लागू करने की अपील की है. ग्राहक को होने वाले लाभ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी कीमत पर करीब 10 फीसदी का असर होगा क्योंकि जीएसटी फाइनल प्राइस पर लगाया जाता है. पैनासोनिक लाइफ सॉल्यूशंस इंडिया के चेयरमैन मनीष शर्मा का कहना है कि अगर एसी और अन्य उपकरणों पर जीएसटी 28 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया जाता है तो बाजार में सीधे 6-7 फीसदी तक की कीमत में कमी आएगी, क्योंकि जीएसटी सामान्यत: बेस प्राइस पर लगता है. यह सरकार का बहुत अच्‍छा कदम है. शर्मा ने कहा कि एसी की कीमत मॉडल के हिसाब से 1500 से 2500 रुपये तक घट जाएगी. गोदरेज अप्लायंसेस का कहना है कि टैक्स स्लैब में यह प्रस्तावित कमी कंजम्पशन को बढ़ाने और अप्लायंस डिमांड को बढ़ावा देने में अहम योगदान देगी. कारें भी होंगी सस्‍ती एंट्री-लेवल हैचबैक, छोटी सेडान और मिनी-एसयूवी को जीएसटी के 18 फीसदी टैक्‍स स्‍लैब में लाया जा सकता है. अभी इनपर 28% जीएसटी और 1-3% सेस लगता है जिससे देय कर 31 फीसदी तक पहुंच जाता है. अगर जीएसटी में कटौती होती है तो मारुति सुजुकी ऑल्टो K10,मारुति सुजुकी S-प्रेसो,रेनॉल्ट क्विड,मारुति सुजुकी वैगन,मारुति सुजुकी डिजायर,हुंडई औरा,टाटा टिगोर,टाटा पंच,हुंडई एक्स्टर और रेनॉल्ट काइगर जैसी गाडियां सस्‍ती हो जाएंगी.

Stock Market Update: दुनिया लाल-लाल, भारत की इंडेक्स में हरी चमक, Reliance की उछाल

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में लगातार दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को जोरदार तेजी के साथ कारोबार हो रहा है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (BSE Sensex) जहां खुलने के साथ ही 200 अंक से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स (NSE Nifty) ने भी अपने पिछले बंद के मुकाबले बढ़त लेकर कारोबार शुरू किया. खास बात ये है कि बाजार में तेजी ऐसे समय में देखने को मिली है, जबकि अमेरिकी स्टॉक मार्केट (US Stock Market) से लेकर ज्यादातर एशियाई बाजार तक रेड जोन में कारोबार करते नजर आ रहे हैं.  सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत बीते कारोबारी दिन रॉकेट की रफ्तार से भागने के बाद मंगलवार को भी सेंसेक्स-निफ्टी ग्रीन जोन में ओपन हुए. हालांकि, ग्लोबल मार्केट से भारतीय शेयर बाजार के लिए खराब संकेत मिल रहे थे, क्योंकि अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे और एशियाई बाजारों में हांगकांग के हैंगसेंग को छोड़कर ज्यादातर इंडेक्स लाल निशान पर कारोबार कर रहे थे. Gift Nifty भी 50 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार कर रहा था.  हालांकि, अनुमानों के विपरीस India Stock Market की शुरुआत तेजी के साथ हुई और सेंसेक्स ने अपने पिछले बंद 81,273.75 के मुकाबले चढ़कर 81,319.11 पर ओपनिंग की, फिर मिनटों में ये 81,512.36 तक उछल गया. निफ्टी ने भी पिछले कारोबारी बंद 24,876.95 पर खुलने के बाद 24,936.45 का स्तर छुआ. हालांकि, कुछ देर के कारोबार के बाद शुरुआती तेजी धीमी पड़ती नजर आई, लेकिन दोनों इंडेक्स ग्रीन जोन में बने हुए थे. 1259 शेयरों ने तेजी के साथ की शुरुआत  मार्केट में कारोबार शुरू होने पर करीब 1259 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ शुरुआत की, तो वहीं 951 कंपनियों के शेयर ऐसे रहे जो गिरावट के साथ लाल निशान पर ओपन हुए. इसके अलावा शुरुआती कारोबार में 147 कंपनियों के स्टॉक्स की वैल्यू में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला यानी इनकी ओपनिंग फ्लैट रही. Reliance, NTPC, Bharti Airtel से लेकर Trent, Hero Moto तक के शेयर तेजी से साथ कारोबार करते दिखे. वहीं HCL, Axis Bank, Maruti Suzuki, Bajaj Finance और Tata Motors के शेयर टूटे. मुकेश अंबानी की Reliance ने दिखाया दम बीएसई की लार्जकैप कंपनियों में सबसे तेज भागने वाले शेयरों में देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज आगे रही. RIL Stock शुरुआती कारोबार में ही 2%  से ज्यादा उछलकर 1413.60 रुपये के लेवल पर पहुंच गया. इसके अलावा Bharti Airtel Share भी करीब 2% के आस-पास चढ़कर 1931.80 रुपये पर ट्रेड कर रहा था.  मिडकैप कैटेगरी में जिन कंपनियों के शेयरों ने अपना दम दिखाया, उनमें Ola Electric Share (6.43%), Petronet Share (1.85%) और MRF Stock (1.46%) की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था. इसके अलावा स्मॉलकैप कंपनियों में HLEGLAS Share 14.10%, VTL Share 8.47%, MCloud Share 8.15%, KIOCL Share 6.42% और Eveready Share 5.78% की उछाल लेकर कारोबार कर रहे थे. 

दो-पहिया वाहन खरीदने वालों के लिए खुशखबरी: सरकार देगी बड़ा गिफ्ट, कीमतों में आएगी भारी गिरावट

नई दिल्ली  दोपहिया वाहन अब होंगे सस्ते! सरकार दिवाली तक बाइकों और स्कूटर्स पर GST दर घटाकर सिर्फ 18% करने जा रही है। इससे ग्राहकों को सस्ती गाड़ियां मिलेंगी और कंपनियों की बिक्री भी बढ़ेगी। यह फैसला ऑटो सेक्टर और आम जनता दोनों के लिए फायदेमंद होगा। बाइक और स्कूटर खरीदना अब और आसान हो सकता है। सरकार दिवाली तक टू-व्हीलर पर लगने वाला GST घटाकर 28-31% से केवल 18% करने की तैयारी कर रही है। इससे कीमतों में भारी गिरावट आएगी और आम जनता को जेब पर राहत का बड़ा तोहफा मिलेगा। दिवाली से पहले सरकार का बड़ा तोहफा भारत में दोपहिया वाहन आम आदमी के जीवन का अहम हिस्सा हैं। रोजाना ऑफिस, कॉलेज, स्कूल या छोटे-मोटे कामों के लिए लोग बाइकों और स्कूटर्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन बढ़ती कीमतें लोगों की जेब पर भारी पड़ रही थीं। अब सरकार दिवाली तक जनता को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टू-व्हीलर पर लगने वाला GST घटाकर 28-31% से सीधे 18% किया जा सकता है। वर्तमान स्थिति फिलहाल पेट्रोल से चलने वाले टू-व्हीलर पर 28% GST लगता है। वहीं 350cc से ज्यादा इंजन वाली बाइकों पर 3% अतिरिक्त सेस लगता है, जिससे कुल टैक्स 31% हो जाता है। इस वजह से बाइक और स्कूटर की कीमतें काफी बढ़ जाती हैं और आम लोगों को इसे खरीदना महंगा पड़ता है। नया बदलाव क्या होगा? सरकार GST 2.0 के तहत पूरे टैक्स ढांचे को सरल बनाने की तैयारी कर रही है। मौजूदा 12% और 28% वाली दरें खत्म कर दी जाएंगी और सिर्फ दो टैक्स स्लैब रह जाएंगे। इनमें पहला होगा 5% (जरूरी सामान के लिए) और दूसरा होगा 18% (स्टैंडर्ड गुड्स के लिए)। यानी टू-व्हीलर पर सीधा 18% GST लागू होगा। क्यों जरूरी है यह कदम? दोपहिया वाहन भारत में सिर्फ सुविधा का साधन नहीं, बल्कि जरूरत हैं। गांवों और छोटे शहरों में यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। लंबे समय से ऑटोमोबाइल सेक्टर सरकार से मांग कर रहा था कि टू-व्हीलर को "लक्जरी आइटम" की बजाय "जरूरी साधन" माना जाए। SIAM (Society of Indian Automobile Manufacturers) ने कई बार सुझाव दिया था कि टू-व्हीलर पर GST दर को घटाकर 18% किया जाए। हीरो मोटोकॉर्प और होंडा जैसी बड़ी कंपनियों ने भी यह मांग उठाई थी। ग्राहकों को फायदा अगर यह फैसला लागू होता है, तो आम ग्राहकों को सबसे बड़ा फायदा होगा। बाइक और स्कूटर की कीमतें घट जाएंगी, जिससे मिडिल क्लास और ग्रामीण ग्राहकों के लिए गाड़ियां खरीदना आसान हो जाएगा। साथ ही, किश्तों पर भी कम बोझ पड़ेगा, जिससे ज्यादा लोग नई बाइक लेने के लिए प्रेरित होंगे। कंपनियों को लाभ कंपनियों के लिए भी यह कदम बेहद सकारात्मक साबित होगा। कम कीमतों के चलते बिक्री में बंपर उछाल आएगा। खासकर ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में, जहां अब तक महंगाई की वजह से लोग बाइक लेने से कतराते थे, वहां खरीदारी बढ़ जाएगी। इससे ऑटो सेक्टर में नई जान आएगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अर्थव्यवस्था पर असर बिक्री बढ़ने से बाजार में कैश फ्लो बढ़ेगा। इससे सरकार को भी अप्रत्यक्ष करों के जरिए राजस्व मिलेगा। जब कंपनियों की बिक्री बढ़ेगी तो उत्पादन भी बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह अर्थव्यवस्था के लिए भी एक सकारात्मक संकेत होगा। ग्रामीण भारत को सबसे बड़ा लाभ भारत की आधी से ज्यादा आबादी गांवों में रहती है और वहां दोपहिया वाहन सबसे भरोसेमंद साधन हैं। स्कूल, कॉलेज, खेत और बाजार जाने के लिए लोग स्कूटर और बाइक पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अगर कीमतें कम होंगी तो ग्रामीण बाजार में बिक्री तेजी से बढ़ेगी। दिवाली पर डबल गिफ्ट अगर यह बदलाव दिवाली तक लागू हो गया, तो यह ग्राहकों के लिए डबल गिफ्ट साबित होगा। एक तरफ त्योहार पर नई बाइक खरीदने का मौका मिलेगा और दूसरी ओर जेब पर बोझ भी कम होगा। ऑटो कंपनियां भी दिवाली सेल्स के दौरान स्पेशल ऑफर और डिस्काउंट देती हैं। ऐसे में ग्राहकों को अतिरिक्त फायदा मिलेगा। चुनौतियां भी मौजूद हालांकि, सरकार को टैक्स दर घटाने से राजस्व में कमी का डर भी है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बिक्री बढ़ने से यह घाटा पूरा हो जाएगा। साथ ही, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सरकार को पेट्रोल वाहनों पर टैक्स घटाकर बैलेंस बनाने की जरूरत है।  

नई Skoda Kylaq की बड़ी कामयाबी, बिक्री में सबको पछाड़ ₹8.25 लाख से शुरू कीमत

नई दिल्ली भारतीय ग्राहकों के बीच स्कोडा की कारों को खूब पसंद किया जाता है। अगर बीते महीने यानी जुलाई, 2025 में हुई मॉडल वाइज बिक्री की बात करें तो स्कोडा काइलाक (Skoda Kylaq) ने इसमें टॉप पोजीशन हासिल कर लिया। स्कोडा काइलाक को बीते महीने कुल 3,377 नए ग्राहक मिले। बता दें कि भारतीय मार्केट में स्कोडा काइलाक की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 8.25 लाख से लेकर टॉप मॉडल में 13.99 लख रुपये तक जाती है। कंपनी ने स्कोडा काइलाक को साल 2024 के अंत में लॉन्च किया था। आइए जानते हैं बीते महीने कंपनी के दूसरे मॉडलों की बिक्री के बारे में विस्तार से। सिर्फ 2 यूनिट बिकी स्कोडा सुपर्ब बिक्री की इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर स्कोडा स्लाविया रही। स्कोडा स्लाविया ने इस दौरान 47 पर्सेंट की सालाना बढ़ोतरी के साथ कुल 1,168 यूनिट कार की बिक्री की। जबकि तीसरे नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में स्कोडा कुशाक रही। स्कोडा कुशाक ने इस दौरान 16 पर्सेंट की सालाना गिरावट के साथ कुल 901 यूनिट कार की बिक्री की। इसके अलावा, चौथे नंबर पर बिक्री की इस लिस्ट में स्कोडा कोडियाक रही। स्कोडा कोडियाक ने इस दौरान 56 पर्सेंट की सालाना गिरावट के साथ सिर्फ 106 यूनिट कार की बिक्री की। जबकि 2 यूनिट बेचकर स्कोडा सुपर्ब लास्ट पोजीशन पर रही। कुछ ऐसी है डिजाइन अगर डिजाइन की बात करें तो स्कोडा कायलाक क्लासिक बेस वेरिएंट में बॉडी कलर्ड ORVMs, डोर हैंडल, ORVM पर LED टर्न इंडिकेटर्स, LED हेडलाइट्स, LED DRLs, 16-इंच स्टील व्हील्स के लिए व्हील कवर, ब्लैक-आउट B पिलर और बहुत कुछ मिलता है। धांसू हैं कार के फीचर्स कार के केबिन में हाइट एडजस्टेबल ड्राइवर सीट, टिल्ट और टेलिस्कोपिक स्टीयरिंग व्हील एडजस्ट के साथ एडजस्टेबल फ्रंट एंड रियर हेडरेस्ट जैसे फीचर्स मौजूद हैं। इसके अलावा, एसयूवी में इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और मैनुअल एसी भी दिया गया है। बता दें कि सेफ्टी के लिए एसयूवी को 5-स्टार रेटिंग मिली हुई है। कुछ ऐसा है पावरट्रेन दूसरी ओर एसयूवी के ​​पावरट्रेन में 1.0L 3-सिलेंडर टर्बो पेट्रोल इंजन दिया गया है जो 114 bhp की पीक पावर और 178Nm का पीक टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है। कार के इंजन जो 6-स्पीड MT या AT गियरबॉक्स से जोड़ा गया है।

एयरटेल का नेटवर्क ठप, तीन घंटे से मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं में दिक्कत

मुंबई   Airtel यूजर्स को कॉल और मैसेज करने में दिक्कत हो रही है. हालांकि कुछ यूजर्स एयरटेल नंबर से कॉल कर पा रहे हैं, लेकिन X पर लगातार लोग शिकायत कर रहे हैं. कॉल करने पर Call Failed का मैसेज आ रहा है. मोबाइल इंटरनेट काम कर रहा है. इतना ही नहीं लोगों को Airtel Thanks ऐप का OTP भी बिना रिक्वेस्ट किए ही मिल रहा है.  Airtel के साथ ही Perplexity की के भी कुछ फीचर्स काम नहीं कर रहे हैं. ये उन यूजर्स के साथ हो रहा है जिन्होंने Perplexity का प्लान अपने एयरटेल नंबर से लिया था. दरअसल Airtel ने Perplexity के साथ करार किया है. इसके तहत एयरटेल यूजर्स को एक साल तक के लिए फ्री Perplexity की सर्विस दी जा रही है.  UPDATE: Airtel के प्रवक्ता ने हमे बताया है कि Delhi-NCR में पिछले कुछ घंटों से लोगों को वॉयस कॉलिंग में दिक्कत हो रही थी. हालांकि अब ज्यादातर जगहों पर इसे ठीक कर दिया गया है. इसे पूरी तरह से ठीक करने के लिए इंजीनियर्स काम कर रहे हैं. माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट X पर पिछले कुछ घंटों से Airtel Down ट्रेंड कर रहा है. Airtel ने अपने ऑफिशियल हैंडल से कहा है कि Airtel में नेटवर्क आउटेज हो रहा है और कंपनी इसे ठीक करने की कोशिश कर रही है. कंपनी ने इसके लिए लोगों से माफी भी मांगी है.  कंपनी ने डिलीट किया पोस्ट? हालांकि यूजर्स Airtel पर आरोप लगा रहे हैं कि कंपनी ने पहले Tweet करके बताया कि Airtel में Network Outage है, लेकिन बाद में इस पोस्ट को X से डिलीट कर लिया गया.  डाउनडिटेक्टर के मुताबिक 3.30 बजे से Airtel Outage शुरू हो गया है और अब तक इसे ठीक नहीं किया गया है. यूजर्स लगातार Downdetector पर भी Airtel Outage को रिपोर्ट कर रहे हैं. दिलचस्प ये है कि ये समस्या सिर्फ Delhi-NCR नहीं, बल्कि पूरे देश में हो रही है.  अलग अलग तरह की प्रॉब्लम्स कई बार टेलीकॉम कंपनियों में जब Outage होता है तो नेटवर्क नहीं आते या फिर मोबाइल नेट नहीं चलता है. लेकिन इस बार हुए आउटेज में कई अलग अलग समस्याएं हो रही हैं. कुछ लोग रिपोर्ट कर रहे हैं कि उनका नेटवर्क जीरो हो चुका है, जबकि कुछ लोगों में नेटवर्क स्ट्रेंथ फुल होने के बावजूद ना कॉल आ रही है और ना ही कॉल लग रही है.  क्या Perplexity की वजह से हो रही है परेशानी? X सहित दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग Airtel के साथ Perplexity को भी रिपोर्ट कर रहे हैं. कुछ यूजर्स का कहना है कि उन्हें लगातार OTP आ रहे हैं और एयरटेल के साथ Perplexity का सब्सक्रिप्शन भी ठीक से काम नहीं कर रहा है.  एयरटेल आउटेज से मोबाइल डेटा भी ठप!  धीरे धीरे Airtel Outage बढ़ रहा है और अब लोगों का मोबाइल इंटरनेट भी काम नहीं कर रहा है. पहले नेटवर्क सिग्नल दिख रहे थे, लेकिन अब सिग्नल भी दिखने बंद हो गए हैं. मोबाइल इंटरनेट भी नहीं काम कर रहा है.  OTP ना आने की वजह से लोगों का हो रहा नुकसान सोशल मीडिया और डाउनडिटेक्टर पर लोग शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें जरूरी ट्रांजैक्शन के लिए OTP चाहिए, लेकिन एयरटेल आउटेज की वजह से 3 घंटे से OTP नहीं आ रहा है. कुछ लोगों की ये भी शिकायत है कि उनका Airtel WiFi काम नहीं कर रहा है. 

शेयर बाजार में बड़ा रिवर्सल, सेंसेक्स 746 अंक ऊपर गया

मुंबई  शेयर बाजार (Stock Market) में लंबे समय बाद सोमवार को रौनक लौटी और सेंसेक्स-निफ्टी जबर्दस्त तेजी के साथ बंद हुए. ट्रंप टैरिफ और India-US Trade Tension के बीच बीते छह हफ्तों से शेयर मार्केट में सुस्ती देखने को मिल रही थी. इस गिरावट पर ब्रेक लगाते हुए BSE Sensex सप्ताह के पहले कारोबारी दिन 746 अंकों की उछाल के साथ क्लोज हुआ, जबकि NSE Nifty 221 अंक की तेजी लेकर बंद हुआ. इस बीच टाटा मोटर्स से लेकर मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस तक के शेयरों ने अपना दम दिखाया और बाजार को सपोर्ट किया.   आखिरी घंटे में तूफानी तेजी शेयर मार्केट (Share Market) में सोमवार को ग्रीन जोन में कारोबार की शुरुआत हुई और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 79,857.79 की तुलना में मामूली तेजी लेकर 79,885.36 के लेवल पर ओपन हुआ और कभी सुस्ती, तो कभी तेजी के साथ ट्रेड करता दिखा, लेकिन मार्केट में आखिरी कारोबारी घंटे में ये तूफानी तेजी के साथ भागते हुए 80,636.05 के लेवल तक पहुंच गया. बाजार बंद होने पर सेंसेक्स 746.29 अंकों की बढ़त लेकर 80,604.08 पर बंद हुआ.  सेंसेक्स की तरह ही नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी अपने पिछले बंद 24,363 की तुलना में मामूली बढ़त लेकर 24,371.50 पर खुला और फिर तेज रफ्तार से भागते हुए 24,600 तक पहुंचा. हालांकि, क्लोजिंग की बात करें, तो Nifty 221.75 अंकों की तेजी लेकर 24,585.05 पर क्लोज हुआ.  इन 10 बड़े शेयरों से बाजार को बल सोमवार को बाजार को सपोर्ट करने में बीएसई की लार्जकैप कंपनियों का बड़ा रोल रहा, इसमें शामिल जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, उनमें सबसे आगे टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Motors Share (3.24%), Eternal Share (2.84%), Trent Share (2.49%), SBI Share (2.45%), LT Share (1.70%), SunPharma Share (1.63%), Reliance Share (1.28%), Kotak Bank Share (1.33%), Adani Ports Share (1.25%) और HDFC Bank Share (1.21%) की तेजी लेकर बंद हुए.  मिडकैप और स्मॉलकैप का ये हाल बाजार में तेजी के बीच बीएसई का मिडकैप 350 अंकों की बढ़त में रहा और इसमें शामिल Paytm Share (5.65%), PolicyBazar Share (5.06%), Ashok Leyland Share (3.94%) और Indian Bank Share (3.45%) चढ़कर क्लोज हुआ. वहीं दूसरी ओर स्मॉल कैप 179 अंकों की तेजी में रहा, जिसमें शामिल Yatra Share (20%), TGVSL Share (15.50%), Dee Dev Share (13.97%) और Doms Share (9.65%) की बढ़त में रहा.   

iPhone 17 अगले महीने लॉन्च, कीमत में होने वाला इजाफा कर सकता है जेब पर भारी

मुंबई  टेक दुनिया की निगाहें एक बार फिर एप्पल पर टिकी हैं, क्योंकि कंपनी अगले महीने iPhone 17 सीरीज़ लॉन्च करने की तैयारी में है. इस बार की लाइनअप में चार मॉडल शामिल होने की उम्मीद है, iPhone 17, iPhone 17 Pro, iPhone 17 Pro Max और एक नया, पतला व हल्का मॉडल iPhone 17 Air. ये सभी नए iOS 26 पर आधारित होंगे. भले ही आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है, लेकिन एप्पल का इतिहास बताता है कि सितंबर के पहले हफ़्ते में लॉन्च इवेंट होगा, जिससे प्रशंसकों का वार्षिक उत्साह चरम पर पहुंच जाएगा. कीमतों की अनिश्चितता इस साल लॉन्च को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है, कीमतों को लेकर अनिश्चितता. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत और चीन पर 'पारस्परिक टैरिफ' नीति लागू की है. चीन से आने वाले iPhones पर 20% टैरिफ लगाया गया है, जबकि भारत से आयात पर कोई शुल्क नहीं है. इसका सीधा असर एप्पल की सप्लाई चेन और उत्पाद कीमतों पर पड़ सकता है. विश्लेषकों की चेतावनी जीएफ सिक्योरिटीज के विश्लेषक जेफ पु का मानना है कि iPhone 17 की कीमत अमेरिका में पिछले साल के मुकाबले अधिक हो सकती है. उनका तर्क साफ है. उत्पादन लागत बढ़ने पर उसका बोझ अंततः ग्राहकों तक पहुंचता है. चीन में उत्पादन पर टैरिफ लगने से एप्पल के लिए भारत में उत्पादन का महत्व और बढ़ गया है. टिम कुक की रणनीति  एप्पल के सीईओ टिम कुक ने हाल ही में व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में $100 अरब के अमेरिकी उत्पादन निवेश की घोषणा की. इससे कंपनी को नए टैरिफ के बोझ से आंशिक राहत मिल सकती है. हालांकि, इसका भारत में एप्पल के उत्पादन विस्तार पर असर पड़ना तय है. वर्तमान में भारत में एप्पल का उत्पादन iPhone फ्लैगशिप मॉडल का लगभग 14% है, जो पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ा है. भारत में इतनी हो सकती है iPhone 17 Pro MAX की कीमत लीक रिपोर्ट्स की मानें तो इस बार ऐप्पल आईफोन को ज्यादा कीमत में लॉन्च करेगा। रिपोर्ट के अनुसार, iPhone 17 Pro MAX की भारत में कीमत 1,64,999 रुपये के आस पास हो सकती है। सटकी कीमत तो लॉन्चिंग के दौरान ही पता चलेगी। एक्स पर किए गए पोस्ट के अनुसार, फोन को पांच कलर में लाया जाएगा। इसमें ब्लैक, व्हाइट, ग्रे, डार्क ब्लू और ऑरेंज शामिल हैं। डिजाइन में होगा यह बदलाव डिजाइन की बात करें तो फोन 8.7mm मोटा हो सकता है। फोन में आयताकार कैमरा आईस्लैंड देखने को मिलेगा। इसके अलावा, कंपनी इस बार फोन में टाइटेनियम फ्रेम की जगह एल्युमीनियम फ्रेम देगी। स्मार्टफोन के खास फीचर्स भी लीक हो गए हैं। इस स्मार्टफोन में 6.9 इंच का OLED डिस्प्ले दिया जा सकता है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz होगा। फोन में कंपनी लेटेस्ट चिपसेट A19 Pro दे सकती है। इसके अलावा, इसमें ऐप्पल इंटेलीजेंस और 12GB RAM जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है। स्मार्टफोन को इस बार बड़े बैटरी पैक के साथ लाया जा सकता है। इसमें 5000mAh की बैटरी और 50W MagSafe चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। कैसा होगा फोन का कैमरा सेटअप? फोटोग्राफी के लिए आईफोन 17 प्रो मैक्स के बैक साइड में 48MP का मेन कैमरा दिया जा सकता है। साथ ही, हैंडसेट में 48MP का टेलीफोटो लेंस और 48MP का अल्ट्रा वाइड एंगल सेंसर मिलने की उम्मीद है। फोन में 24MP का सेल्फी कैमरा मिल सकता है। लीक रिपोर्ट्स की मानें तो फोन को 8 या 9 सितंबर, 2025 को लॉन्च किया जा सकता है। संभावित कीमतें  चीन के टेक टिपस्टर इंस्टेंट डिजिटल के अनुसार, iPhone 17 सीरीज़ की कीमतों में लगभग $50 का इजाफा हो सकता है. संभावित कीमतें इस प्रकार हो सकती हैं- iPhone 17: $849 (लगभग ₹89,900) iPhone 17 Air: $949 (लगभग ₹99,900) iPhone 17 Pro: $1,199 (लगभग ₹1,45,900) iPhone 17 Pro Max: $1,249 (लगभग ₹1,64,900) ये कीमतें कई हाई-एंड लैपटॉप, यूरोप ट्रिप या प्रीमियम फर्नीचर के बराबर हैं. लॉन्च शेड्यूल पारंपरिक अंदाज में, एप्पल सितंबर के पहले सप्ताह में मीडिया इनवाइट भेजेगा. इवेंट के कुछ दिन बाद प्री-ऑर्डर विंडो खुलेगी और फिर बिक्री 12 या 19 सितंबर (दोनों गुरुवार) में से किसी एक दिन शुरू हो सकती है. एप्पल हमेशा अपने शेड्यूल में स्थिरता बनाए रखता है, जिससे बाजार की उत्सुकता बनी रहती है. iPhone 17 से जुड़ी उम्मीदें इस साल के लॉन्च में न केवल डिजाइन और फीचर्स बल्कि राजनीति और व्यापारिक नीतियों का भी गहरा असर देखने को मिलेगा. iOS 26 के साथ, यह देखना दिलचस्प होगा कि तकनीक में क्या बड़े बदलाव आए हैं. चाहे आप तकनीकी अपग्रेड के लिए उत्साहित हों, नए रंग विकल्पों के लिए या सिर्फ शेखी बघारने के लिए, iPhone 17 का लॉन्च साल का सबसे चर्चित टेक इवेंट बनने जा रहा है.