samacharsecretary.com

नया Mahindra Udo थ्री-व्हीलर: 3 ड्राइव मोड के साथ बाजार में आया, जानें कीमत और रेंज

मुंबई  महिंद्रा लास्ट माइल मोबिलिटी लिमिटेड (MLMML), जो ऑटोमेकर की छोटी कमर्शियल गाड़ी बनाने वाली कंपनी है, उसने भारत में Mahindra UDO नाम का एक इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर लॉन्च किया है. कंपनी का कहना है कि UDO की प्रेरणा हवाई जहाज़ से मिली है और वह इसे 'ऑटोप्लेन' के तौर पर देखती है. कंपनी का यह भी कहना है कि Mahindra UDO शब्द का हिंदी में मतलब 'उड़ना' है. Mahindra का कहना है कि 1948 से पारंपरिक ऑटो डिज़ाइन में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिसमें ड्राइवरों और यात्रियों के कम्फर्ट का ध्यान नहीं रखा गया है. क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा थ्री-व्हीलर EV मार्केट है, Mahindra UDO के साथ, Mahindra का मकसद ऑटो ड्राइवरों की इज्ज़त बढ़ाना और उनकी प्रोफेशनल इमेज और ओनरशिप एक्सपीरियंस को बदलना है. Mahindra Udo की कीमत और वारंटी Mahindra Udo ऑटो को कंपनी ने 3,84,299 रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा है, लेकिन कुछ समय के लिए, यह इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर 3,58,999 रुपये (एक्स-शोरूम) में बेचा जाएगा. इस पर 1.5 लाख km या 6 साल की वारंटी मिलेगी, जो भी पहले हो. Mahindra का कहना है कि Mahindra Udo इंडस्ट्री की पहली इलेक्ट्रिक ऑटो है, जो 1 लाख km तक फ्री सर्विस के साथ आती है. कंपनी का कहना है कि Udo खरीदने वाले कस्टमर UDAY NXT स्कीम में खुद को एनरोल कर सकते हैं. यह गाड़ी के मालिक को 20 लाख रुपये का एक्सीडेंटल इंश्योरेंस, फाइनेंशियल काउंसलिंग और भी बहुत कुछ देती है. Mahindra Udo का डिजाइन और इंटीरियर Mahindra ने Udo को सेगमेंट में पहली बार फुल मोनोकोक कंस्ट्रक्शन पर बनाया है, जिससे ऑटो का स्ट्रक्चर और भी बेहतर हो गया है. इसमें हेडलैंप, मिरर और एक बड़ी विंडशील्ड के साथ एक स्लीक, एयरोडायनामिक डिज़ाइन दिया गया है, जो इसे सड़क पर एक ऐसी पहचान देता है, जो इसे दूसरे इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा से अलग बनाती है. Mahindra Udo में एर्गोनॉमिक डिज़ाइन वाली सीटें मिलती हैं, जिनमें ड्राइवर और पैसेंजर के आराम का ध्यान रखा गया है. इसमें ड्राइवर के लिए एक पायलट सीट मिलती है, जो इस सेगमेंट की दूसरी गाड़ियों से लगभग 20 परसेंट मोटी है. इस इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर में लंबी यात्राओं के लिए लाउंज जैसे आराम के लिए काफी हेडरूम और लेगरूम है. इसमें इंडिपेंडेंट रियर सस्पेंशन और डुअल फोर्क फ्रंट सस्पेंशन का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह ऑटो बेहतर राइड क्वालिटी दे पाता है. Mahindra Udo की बैटरी, रेंज और फीचर्स नए Mahindra Udo में IP67 रेटेड 11.7kWh लेज़र-वेल्डेड लिथियम-आयन बैटरी का इस्तेमाल किया गया है. यह एक परमानेंट मैग्नेट सिंक्रोनस (PMS) मोटर को पावर देती है. यह इलेक्ट्रिक मोटर 13.41 bhp का पीक पावर आउटपुट और 52 Nm का पीक टॉर्क आउटपुट देती है. रेंज की बात करें तो इस इलेक्ट्रिक ऑटो की असल रेंज 200 km (265 km ARAI-सर्टिफाइड रेंज) है. इतना ही नहीं, यह इलेक्ट्रिक ऑटो तीन राइड मोड्स के साथ आता है, जिसमें रेंज, राइड और रेस शामिल हैं. इस ऑटो की टॉप स्पीड 55 kmph (रेस मोड में) है. फीचर्स की बात करें तो इस ऑटो में हिल होल्ड असिस्ट और क्रीप फ़ंक्शन मिलते हैं. Mahindra Udo में 12-इंच के ट्यूबलेस टायर लगाए गए हैं.

Bitcoin में तेज गिरावट: आधी हुई वैल्यू, एक्सपर्ट्स जता रहे और 55% फिसलने का अंदेशा

 नई दिल्‍ली बिटकॉइन की कीमतों में इस हफ्ते भी गिरावट तेज रही, लेकिन शनिवार को इसमें 4 फीसदी की तेजी रही और इसकी कीमत  लगभग 68,864 डॉलर पर आ चुकी है. हालांकि एक्‍सपटर्स को इस तेजी पर कुछ खास भरोसा नहीं हो रहा है.  उनका कहना है कि इस बड़ी गिरावट के बीच यह एक छोटी सी उछाल है और गिरावट अभी भी हावी है.  बिटकॉइन अभी भी अपने  रिकॉर्ड स्‍तर से करीब आधा गिर चुका है. क्रिप्टोकरेंसी अक्टूबर में अपने उच्चतम स्तर से लगभग 44% गिर चुकी है, जो पिछले कई महीनों में हुए करेक्शन के कारण हुआ है. शुक्रवार को बिटकॉइन लगभग $69,180 पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले साल के अंत में आई तेजी के दौरान देखे गए स्तरों से काफी नीचे है. अभी और गिर सकता है बिटकॉइन मिड टर्म को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, नेड डेविस रिसर्च (एनडीआर) के रणनीतिकारों ने चेतावनी दी है कि भारी बिकवाली के बाद भी आगे और गिरावट आ सकती है. इस महीने की शुरुआत में ग्राहकों को जारी एक नोट में, एनडीआर ने कहा कि अगर मौजूदा मंदी एक पूरे बिटकॉइन विंटर में बदल जाती है, तो कीमतें मौजूदा स्तरों से काफी नीचे तक गिर सकती हैं.  55 फीसदी तक टूट सकता है बिटकॉइन नेड डेविस रिसर्च के मुख्य रणनीतिकार पैट त्सचोसिक और विश्लेषक फिलिप मौल्स के अनुसार, गंभीर मंदी की स्थिति में बिटकॉइन की कीमत गिरकर 31,000 डॉलर तक जा सकती है. इस तरह की गिरावट का मतलब मौजूदा कीमतों से लगभग 55% की और गिरावट होगी, जिससे हाल के उच्चतम स्तर के करीब निवेश करने वाले निवेशकों को और अधिक ज्‍यादा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.  75 फीसदी तक टूट चुका है बिटकॉन एक्‍सपर्ट्स का कहना है कि बिटकॉइन की ऐतिहासिक गिरावट विश्लेषण पर आधारित है. उन्होंने बताया कि पिछली बड़ी बिकवाली के दौरान, बिटकॉइन में आमतौर पर लगभग 70% से 75% की गिरावट देखी गई है, जब गिरावट लंबे समय तक मंदी के दौर में बदल गई. अगर इतिहास खुद को दोहराता है, तो मौजूदा गिरावट अभी भी जारी रह सकती है. बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के अनुसार, नेड डेविस रिसर्च ने यह भी बताया कि 2011 से लेकर अब तक बिटकॉइन की मंदी के दौर में औसतन लगभग 84% की गिरावट आई है. ये गिरावटें न केवल गहरी थीं, बल्कि लंबी भी रहीं.  औसतन, पिछले बिटकॉइन की मंदी के दौर लगभग 225 दिनों तक चले, जो लंबे समय तक कमजोरी की संभावना को उजागर करते हैं.  

EU-US समझौतों से खुलेगा 60 ट्रिलियन डॉलर का मौका, पीयूष गोयल का बड़ा बयान

 नई दिल्‍ली कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल ने कहा कि भारत के लिए एक बड़ा मार्केट खुलने जा रहा है. उन्‍होंने कहा कि भारत के लिए अमेरिका और यूरोपीय यूनियन मिलकर एक्सपोर्टर्स के लिए लगभग 55-60 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खोल रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि इन देशों से डील के साथ ही हमने किसानों और 95% से ज्‍यादा खेती की उपज के हितों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा है.  शुक्रवार को एक बिजनेस समिट में बोलते हुए गोयल ने कहा कि AI से नौकरियां जाने के डर को भी खत्‍म किया है. यह इंसानों की जगह नहीं लेगा, सिर्फ काम का तरीका बदल जाएगा और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा. उन्‍होंने कई रिफॉर्म और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी जिक्र किया.    गोयल ने कहा कि आज देश तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन मोड में रिफॉर्म एक्सप्रेस को आगे बढ़ाया है. भारत ने पिछले कुछ महीनों में न्यूज़ीलैंड, UK, ओमान, EU के साथ FTA डील किया है और अमेरिका के साथ एक अंतरिक ट्रेड एग्रीमेंट को फाइनल किया है. सिर्फ अमेरिका में 20 ट्रिलियन का मार्केट  कुछ दिन पहले ही पीयूष गोयल ने कहा था कि अमेरिका के साथ डील के बाद भारत को एक बड़ा मार्केट मिलने जा रहा है. अब भारत के छोटे-मध्‍यम उद्योग से लेकर एग्री और टेक्‍सटाइल इंडस्‍ट्री की अमेरिका में कीफायती दाम पर एंट्री होगी. इस डील से अमेरिका के 20 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट खुल चुका है.  वहीं इससे पहले अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 25 फीसदी दंडात्‍मक टैरिफ को हटाते हुए, रेसिप्रोकल टैरिफ को 18% पर कर दिया. अमेरिकी  राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने इसकी जानकारी दी थी. गौरतलब है कि भारत पर अमेरिका ने रूस तेल खरीदारी को लेकर 25 फीसदी एक्स्‍ट्रा टैरिफ लगा दिया था, जो बढ़कर 50 फीसदी हो गया था. इसके बाद से ही दोनों देशों के साथ डील पर चर्चा चल रही थी और अब इस डील पर मोहर लगने जा रहा है.  27 देशों से फ्री ट्रेड एग्रीमेंट  अमेरिका से अंतरिक व्‍यापार समझौता से पहले भारत ने यूरोपीय यूनियन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया था. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत 27 देशों के समूह यूरोपीय यूनियन और भारत ने दोनों देशों की ज्‍यादातर चीजों पर टैरिफ कम करने पर सहमति जाहिर की है. इन डील्‍स के जरिए 99 फीसदी भारतीय उत्‍पादों पर टैरिफ कम होगा. संवेदनशील चीजों को इस डील से बाहर रखा गया है.

रूस-अमेरिका को पीछे छोड़कर भारत को तेल बेचने में सबसे आगे, रोजाना 1.13 मिलियन बैरल क्रूड

नई दिल्ली फरवरी के पहले हिस्से में सऊदी अरब ने भारत को कच्चा तेल सप्लाई करने में रूस को पीछे छोड़ दिया है. कीमतों में कटौती और कम भाड़ा लागत के चलते सऊदी अरब एक बार फिर भारत का सबसे बड़ा तेल सप्लायर बनकर उभरा है. वैश्विक शिप ट्रैकिंग फर्म केप्लर के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के पहले 10 दिनों में सऊदी अरब ने भारत को औसतन 11.3 लाख बैरल प्रति दिन (बीपीडी) कच्चा तेल भेजा, जबकि रूस की ऑयल सप्लाई 10.9 लाख बीपीडी रही. करीब एक साल बाद सऊदी अरब की सप्लाई फिर 10 लाख बीपीडी के पार पहुंची है. एक महीने में बदल गई पूरी तस्वीर लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी के आंकड़ों पर नजर डालें तो उस वक्त भारत ने रूस से 11.4 लाख बीपीडी तेल आयात किया था. इसके बाद इराक से 10.3 लाख बीपीडी और सऊदी अरब से करीब 7.74 लाख बीपीडी तेल आया था. हालांकि फरवरी की शुरुआत में ही तस्वीर बदलती दिख रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह बदलाव भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए ट्रेड डील के फ्रेमवर्क के बाद सामने आया है. अमेरिका ने भारत पर प्रस्तावित रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने और रूसी तेल खरीद को हतोत्साहित करने के लिए लगाए गए अतिरिक्त शुल्क को हटाने की घोषणा की है. इसके बाद भारत ने रूस पर निर्भरता धीरे-धीरे कम करने के संकेत दिए हैं. 90 फीसदी तेल का आयात करता है भारत भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का करीब 90 प्रतिशत आयात करता है और वह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल खरीदार है. साथ ही भारत चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर भी है, जिसकी रिफाइनिंग क्षमता 258 मिलियन टन प्रति वर्ष है, जो 2030 तक बढ़कर 309 मिलियन टन से ज्यादा होने की उम्मीद है. सऊदी अरब से सप्लाई बढ़ने की एक बड़ी वजह कम ट्रांसपोर्ट लागत भी है. सऊदी अरामको ने प्रति बैरल 30 सेंट का प्रीमियम हटाकर अपने तेल की कीमत को ओमान और दुबई ग्रेड के बराबर कर दिया है. इसके अलावा पश्चिम एशिया से भारत तक तेल पहुंचने में करीब तीन दिन लगते हैं, जबकि अमेरिका से यही समय 45 से 55 दिन तक का होता है. ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि सऊदी अरब के पास अतिरिक्त उत्पादन क्षमता है, जिससे वह जरूरत पड़ने पर तेजी से सप्लाई बढ़ा सकता है. यही वजह है कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने पर जोर दे रहा है. फिलहाल रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों और भू-राजनीतिक दबावों के बीच भारत का झुकाव एक बार फिर सऊदी अरब की ओर बढ़ता दिख रहा है. शुरुआती संकेत यही बताते हैं कि आने वाले महीनों में भारत के तेल आयात मानचित्र में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

गोल्ड-सिल्वर में भारी गिरावट! Valentine’s Day पर चांदी लुढ़की, सोने के दाम भी टूटे—देखें नया रेट

झारखण्ड अगर आप सोना-चांदी खरीदने या गहने बनवाने की सोच रहे हैं, तो पहले ताजा भाव जरूर जान लें। बाजार में इन दिनों सोने और चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। ऐसे में सही जानकारी के बिना खरीदारी करना महंगा पड़ सकता है। रांची में सोना-चांदी के दाम में गिरावट रांची ज्वेलरी एसोसिएशन के अनुसार राजधानी रांची में सोने और चांदी की कीमतों में कमी आई है। आज 22 कैरेट सोना 1,44,300 रुपये प्रति 10 ग्राम और 24 कैरेट सोना 1,51,520 रुपये प्रति 10 ग्राम बिक रहा है। चांदी की बात करें तो आज इसका भाव 2,80,000 रुपये प्रति किलो है। जबकि शनिवार को चांदी 3,00,000 रुपये प्रति किलो बिक रही थी। यानी एक ही दिन में चांदी 20,000 रुपये सस्ती हो गई है। सोना भी हुआ सस्ता रांची में 22 और 24 कैरेट सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है।     22 कैरेट सोना कल 1,46,200 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो आज घटकर 1,44,300 रुपये हो गया है। यानी 1,900 रुपये की कमी आई है।     24 कैरेट सोना कल 1,53,510 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जो आज 1,51,520 रुपये पर आ गया है। यानी 1,990 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। अन्य शहरों में क्या है हाल? बोकारो     22 कैरेट सोना: 1,46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम      24 कैरेट सोना: 1,54,000 रुपये प्रति 10 ग्राम     चांदी: 2,55,000 रुपये प्रति किलो जमशेदपुर     22 कैरेट सोना: 1,42,200 रुपये प्रति 10 ग्राम     24 कैरेट सोना: 1,55,240 रुपये प्रति 10 ग्राम     चांदी: 2,45,630 रुपये प्रति किलो देवघर     22 कैरेट सोना: 1,43,229 रुपये प्रति 10 ग्राम     24 कैरेट सोना: 1,56,250 रुपये प्रति 10 ग्राम     चांदी: 2,45,630 रुपये प्रति किलो कुल मिलाकर, आज सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है। हालांकि बाजार में दाम रोज बदल रहे हैं, इसलिए खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांच लें।  

Toyota ने पेश की 3-रो इलेक्ट्रिक SUV, जानें क्या होगी भारत में उपलब्धता

मुंबई  जापानी ऑटोमोबाइल कंपनी टोयोटा ने आखिरकार अपनी पहली फ्लैगशिप तीन-रो वाली इलेक्ट्रिक SUV से पर्दा उठा दिया है। लंबे समय से इलेक्ट्रिक सेगमेंट में मौजूद रहने के बावजूद टोयोटा के पास अब तक ऐसी कोई फुल-साइज़ EV नहीं थी, जो सीधे तौर पर फैमिली और प्रीमियम SUV खरीदारों को टारगेट कर सके। इसी खाली जगह को भरने के लिए कंपनी ने नई Toyota Highlander EV को पेश किया है, जिसे 2027 से बिक्री के लिए उतारा जाएगा। इस मॉडल को खास तौर पर Kia EV9 और Hyundai Ioniq 9 जैसी इलेक्ट्रिक SUVs को चुनौती देने के लिए तैयार किया गया है। बदला हुआ डिजाइन, ज्यादा दमदार रोड प्रेजेंस 2027 Toyota Highlander EV को कंपनी की लेटेस्ट डिजाइन लैंग्वेज पर तैयार किया गया है। इसका फ्रंट लुक काफी बोल्ड रखा गया है, जिसमें हैमरहेड-स्टाइल फेस, फुल-लेंथ LED DRL और अलग से सेट किए गए LED हेडलैंप्स देखने को मिलते हैं। साइड प्रोफाइल में शार्प लाइन्स, उभरे हुए फेंडर्स और लंबा ग्लासहाउस इसे एक स्लीक लेकिन मजबूत सिल्हूट देते हैं। पीछे की तरफ कनेक्टेड LED टेललैंप्स और स्पॉइलर इसे मॉडर्न EV पहचान देते हैं। आकार के लिहाज से नई Highlander EV पहले से बड़ी हो गई है। इसकी चौड़ाई और व्हीलबेस में बढ़ोतरी की गई है, जिससे केबिन में तीनों रो के लिए ज्यादा स्पेस मिलता है और थर्ड रो में बैठना पहले के मुकाबले ज्यादा आरामदायक हो गया है। टेक-फॉरवर्ड और प्रीमियम इंटीरियर Toyota Highlander EV का केबिन पूरी तरह मॉडर्न अप्रोच के साथ डिजाइन किया गया है। डैशबोर्ड पर बड़ा 14-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम दिया गया है, जो वायरलेस कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है। ड्राइवर के सामने 12.3-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर मिलता है, जिसमें फुल-स्क्रीन नेविगेशन की सुविधा दी गई है। इसके अलावा हेड-अप डिस्प्ले, 64-कलर एम्बिएंट लाइटिंग और कंपनी का अब तक का सबसे बड़ा पैनोरमिक ग्लासरूफ इसे और प्रीमियम बनाते हैं। फ्रंट सीट्स हीटेड हैं, दूसरी रो में कैप्टन सीट्स दी गई हैं और तीनों रो में चार्जिंग पोर्ट्स की सुविधा मौजूद है, जिससे लंबी यात्राएं ज्यादा सुविधाजनक बनती हैं। पावरट्रेन और रेंज के विकल्प नई Toyota Highlander EV को XLE और Limited वेरिएंट्स में उतारा जाएगा। इसमें फ्रंट-व्हील ड्राइव और ऑल-व्हील ड्राइव, दोनों ऑप्शन मिलते हैं। बेस वेरिएंट में 77 kWh की बैटरी दी गई है, जो सिंगल मोटर सेटअप के साथ एक चार्ज में करीब 462 किलोमीटर तक की रेंज देने में सक्षम है। ऑल-व्हील ड्राइव वर्जन में डुअल मोटर सेटअप मिलता है, जिससे पावर और टॉर्क में बढ़ोतरी होती है, हालांकि रेंज थोड़ी कम हो जाती है। वहीं बड़े 95.8 kWh बैटरी पैक के साथ यह SUV एक चार्ज में 515 किलोमीटर तक चल सकती है, जो इसे लंबी दूरी की फैमिली EV के तौर पर मजबूत बनाता है। भारत में लॉन्च की क्या है संभावना? Toyota Highlander EV को पहले अमेरिकी बाजार में लॉन्च किया जाएगा और इसकी बिक्री 2027 की शुरुआत से शुरू होने की उम्मीद है। फिलहाल कंपनी ने भारत में इसके लॉन्च को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। हालांकि, अगर इसे भारतीय बाजार में लाया जाता है, तो संभावना है कि यह CBU रूट के जरिए पेश की जाए। भारत में इस समय प्रीमियम तीन-रो इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में Kia EV9 अकेली मजबूत दावेदार है, जबकि लग्ज़री सेगमेंट में Mercedes-Benz EQS और Mercedes-Benz EQB मौजूद हैं। ऐसे में अगर Toyota Highlander EV भारत आती है, तो यह सीधे तौर पर Kia EV9 को कड़ी टक्कर दे सकती है।

RIL को अमेरिकी मंजूरी, वेनेजुएला से कच्चा तेल आयात का रास्ता साफ

 नई दिल्‍ली अमेरिका ने रिलायंस इंडस्‍ट्रीज को वेनुजुएला में तेल खरीदने के लिए लाइसेंस दे दिया है. अब रिलायंस बिना किसी अनुमति या सैक्‍शन के वेनेजुएला में तेल खरीद सकेगी. रॉयटर्स की रिपोर्ट में सोर्स के हवाले से ये जानकारी दी गई है. वहीं जनवरी में ही रिलायंस ने लाइसेंस के लिए अप्‍लाई किया था और अब लाइसेंस दे दिया गया है.  रिलायंस ने जनवरी में यह लाइसेंस पाने के लिए आवेदन किया था, और इससे पहले कंपनी ने करीब 2 मिलियन बैरल वेनेजुएला से कच्चा तेल खरीदा था, जो कि अप्रैल में डिलीवरी होने की उम्मीद है, ये खरीद व्यापारिक कंपनियों Vitol और Trafigura से हुई थी, जिन्होंने इसी तरह के लाइसेंस प्राप्त किए थे.  महीने की शुरुआत में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद, अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि वाशिंगटन कराकास और वाशिंगटन के बीच 2 अरब डॉलर के तेल आपूर्ति समझौते और देश के तेल उद्योग के लिए एक महत्वाकांक्षी 100 अरब डॉलर की पुनर्निर्माण योजना को सुविधाजनक बनाने के लिए वेनेजुएला के ऊर्जा उद्योग पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देगा. इस फैसले के बाद अब भारत को तेल बेचने के लिए रिलायंस को लाइसेंस देने की खबर आई है. अमेरिकी लाइसेंस मिलने का मतलब है कि अब रिलायंस इडस्‍ट्रीज वेनेजुएला से भारी मात्रा में तेल बिना रोक-टोक के खरीद सकती है. वेनेजुएला के तेल से रूसी तेल की भरपाई रिलायंस को लाइसेंस देने से वेनेजुएला के तेल निर्यात में तेजी आ सकती है और दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स के संचालक के लिए कच्चे तेल की लागत कम हो सकती है. रॉयटर्स की रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि वेनेजुएला के तेल खरीदकर रिलायंस रूसी तेल की भरपाई करेगा.  सस्‍ते भाव पर मिल सकता है कच्‍चा तेल RIL को यह लाइसेंस अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के एनर्जी सेक्टर में लगे प्रतिबंधों को ढील देने की कड़ी में मिला है. जो कि वेनेजुएला और अमेरिकी सरकार के बीच एक बड़े तेल सप्लाई डील और ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को डेवलेप करने की योजना के तहत है. इससे रिलायंस को सस्ते भाव पर कच्चे तेल मिल सकता है, क्योंकि वेनेजुएला का तेल आमतौर पर ब्रेंट रेफरेंस के मुकाबले डिस्काउंट पर मिलता है. अमेरिका ने हटाया 25% टैरिफ  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारत पर लगाए गए 25% दंडात्मक टैरिफ को हटा दिया था और कहा था कि भारत वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदेगा. रिपोर्र्ट्स का दावा है कि रिलायंस समेत भारतीय रिफाइनरियां अप्रैल में डिलीवरी के लिए रूसी तेल की खरीद से बच रही हैं. रिफाइनिंग एवं व्यापार सूत्रों के अनुसार, वे लंबे समय तक ऐसे व्यापार से दूर रहने की उम्मीद कर रही हैं, एक ऐसा कदम जो नई दिल्ली को वाशिंगटन के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में मदद कर सकता है.

शेयर बाजार में रिकॉर्ड भागीदारी, NSE पर खुले 25 करोड़ से ज्यादा अकाउंट

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के मुताबिक, भारत में कुल ट्रेडिंग अकाउंट्स (UCCs) की संख्या 25 करोड़ (250 मिलियन) के आंकड़े को पार कर गई है. यह दिखाता है कि अब आम भारतीय नागरिक बचत के पारंपरिक तरीकों को छोड़कर शेयर बाजार पर ज्यादा भरोसा जता रहे हैं. Indian Share Market Growth: इतनी तेजी से कैसे बढ़े निवेशक?  रिपोर्ट के अनुसार, बाजार में निवेशकों की एंट्री अब और भी तेज हो गई है. पिछले एक करोड़ अकाउंट सिर्फ दो महीनों में जुड़े हैं. वहीं, कुल खातों का 20% हिस्सा यानी 5 करोड़ अकाउंट तो पिछले महज 16 महीनों में खुले हैं. इसका मुख्य कारण मोबाइल ऐप के जरिए आसान ट्रेडिंग, कम फीस और बढ़ता डिजिटल इंडिया है. आज एक मिडिल क्लास व्यक्ति भी अपने फोन से सीधे शेयर बाजार में निवेश कर पा रहा है. Indian Share Market Growth: कौन से राज्य हैं सबसे आगे? निवेश के मामले में महाराष्ट्र अभी भी नंबर वन बना हुआ है. यहां राज्यों की हिस्सेदारी कुछ इस प्रकार है:     महाराष्ट्र: 4.2 करोड़ अकाउंट (सबसे ज्यादा 17% हिस्सा)     उत्तर प्रदेश: 2.8 करोड़ अकाउंट (दूसरे स्थान पर)     गुजरात: 2.2 करोड़ अकाउंट     पश्चिम बंगाल और राजस्थान: 1.4 करोड़ अकाउंट प्रत्येक हैरानी की बात यह है कि देश के टॉप 5 राज्य ही मिलकर लगभग आधा (49%) शेयर बाजार संभाल रहे हैं. क्या SIP के जरिए भी बढ़ रहा है निवेश? जी हां, लोग अब सिर्फ सीधे शेयर ही नहीं खरीद रहे, बल्कि म्यूचुअल फंड (SIP) के जरिए भी बाजार में पैसा लगा रहे हैं. अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच करीब 6 करोड़ नए SIP अकाउंट खुले हैं. हर महीने औसतन 28,766 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि SIP के जरिए बाजार में आ रही है, जो पिछले साल के मुकाबले काफी ज्यादा है. क्या निवेशकों का पैसा सुरक्षित है? NSE ने निवेशकों की सुरक्षा और जागरूकता पर भी जोर दिया है. साल 2025 में लगभग 23,000 जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए. साथ ही, ‘इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड’ (IPF) भी 18.5% बढ़कर 2,791 करोड़ रुपये हो गया है, ताकि किसी गड़बड़ी या धोखाधड़ी होने पर छोटे निवेशकों का पैसा सुरक्षित रहे.

धड़ाम से गिरे सोने के दाम, 22 कैरेट सोना सस्ता हुआ, चांदी के रेट में भी गिरावट

इंदौर  13 फरवरी 2026 को सोना और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट आई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, गुरुवार शाम को 916 शुद्धता यानी 22 कैरेट गोल्ड का दाम ₹1,42,575 प्रति 10 ग्राम था, जो शुक्रवार को घटकर ₹1,33,920 प्रति 10 ग्राम आ गया है. वहीं, चांदी (999, प्रति किलो) के रेट में भी शुक्रवार को 17 हजार रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है.सोने चांदी का भाव में आज यानि 13 फरवरी 2026 को बड़ी गिरावट रिकॉर्ड हो रही है। अंतर्राष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट कॉमेक्स पर मार्केट ओपन होते ही गोल्ड और सिल्वर रेट में बड़ी गिरावट देखने, को मिली है। एमसीएक्स पर भी कल यानि 12 फरवरी को मार्केट क्लोज होने तक चांदी के भाव में 9% से ज्यादा की गिरावट रिकॉर्ड हुई थी। सोने का भाव भी 4% से ज्यादा गिर गए। मार्केट के जानकारों का कहना है कि भू राजनीतिक तनाव, अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की नीतियों और महंगाई के आंकड़ों से सोने चांदी की चाल तय होगी। इसके अलावा डॉलर की स्थिति भी कमोडिटी मार्केट को प्रभावित कर रही है। Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट                               शुद्धता               गुरुवार शाम का रेट     शुक्रवार सुबह का रेट     जानें कितना सस्ता हुआ गोल्ड/सिल्वर सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     155650                         152751                     ₹2899 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     155027                         152139                     ₹2888 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     142575                         133920                     ₹8655 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     116738                         114563                     ₹2175 सस्ता सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     91055                           89359                       ₹1696 सस्ता चांदी (प्रति 1 किलो)     999                    259133                         241945                      ₹17188 सस्ता IBJA रेट (गुरुवार, 12 फरवरी 2026) गुरुवार को सोने का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹156147 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹155650 प्रति 10 ग्राम गुरुवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता): सुबह का रेट: ₹260614 प्रति किलो शाम का रेट: ₹259133 प्रति किलो कॉमेक्स पर कैसा है सोना चांदी का हाल कॉमेक्स पर मार्केट ओपन होने के बाद सोने का भाव $4,953.00 प्रति औन्स से नीचे आ गया। कल गोल्ड रेट $5,081.50 प्रति औन्स और सिल्वर रेट $82.515 प्रति औन्स के साथ ओपन हुए थे, लेकिन उसके बाद भी गिरावट जारी रही। आज सिल्वर रेट गिरावट के साथ $74.865 प्रति औन्स पर ओपन हुआ है। घरेलू कमोडिटी मार्केट का हाल MCX पर गुरुवार को 02 अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना एक दिन में 4.07% की गिरावट के बाद 1,52,300 रुपये प्रति दस ग्राम पर क्लोज हुआ था। इसके अलावा 05 मार्च 2025 डिलीवरी वाली चांदी MCX पर एक दिन में 9.84% की बड़ी गिरावट के बाद 2,37,136 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। कमोडिटी मार्केट में जारी है उठापटक इस महीने की शुरुआत से ही सोने, चांदी, तांबे जैसी कीमती धातुओं की कीमतों में वोलैटिलिटी बनी हुई है। निवेशकों के साथ ही आम जनता भी स्थिरता का इंतजार कर रहे हैं। फेड रिजर्व बैंक की पॉलिसी, भू राजनीतिक तनाव में कमी, डॉलर की कीमतों में उतार चढ़ाव से मार्केट काफी प्रभावित होता है इसीलिए बाजार के जानकारों द्वारा निवेशकों को यह सलाह दी जाती है कि ऐसे वोलेटाइल मार्केट में निवेश करने से पहले हर छोटी बड़ी अपडेट पर नजर बनाकर रखें। इस समय सतर्क रुख अपनाना जरूरी है।  इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी किए गए दाम देश में सर्वमान्य हैं लेकिन इनकी कीमतों में जीएसटी शामिल नहीं होती है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी के रेट टैक्स समेत होने की वजह से ज्यादा होते हैं. IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित रेट शनिवार और रविवार के साथ-साथ केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की ओर से जारी कीमतों से अलग-अलग प्योरिटी के सोने के स्टैंडर्ड भाव की जानकारी मिलती है. ये सभी रेट टैक्स और मेकिंग चार्ज के पहले के हैं.

वैश्विक बिकवाली का असर, भारतीय बाजार में भारी गिरावट; इन शेयरों को लगा तगड़ा झटका

मुंबई  अमेरिका से भारतीय शेयर बाजार तक कोहराम मचा हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह AI को लेकर चिंता अब ग्‍लोबल स्‍तर पर आ चुकी है. एआई से मार्केट में भारी गिरावट देखी जा रही है. खासकर आईटी कंपनियों के लिए तो बड़ा संकट खड़ा हो चुका है. शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भी खुलते ही तेजी से गिरा.  सेंसेक्‍स 772.19 अंक या 0.92% टूटकर 82,902.73 पर कारोबार कर रहा था. वहीं निफ्टी 0.78 फीसदी या 200.30 अंक गिरकर  25,606.90 पर कारोबार कर रहा था. सबसे ज्‍यादा गिरावट आईटी शेयरों में देखी जा रही है. टीसीएस इंफोस‍िस, एचसीएल टेक से लेकर महिंद्रा टेक के शेयर करीब 6 फीसदी तक गिरे हैं.   BSE के टॉप 30 शेयरों में से 24 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. बाकी 6 शेयरों में तेजी है, जो मामूली तेजी पर हैं. Infosys में करीब 6 फीसदी, टीसीएस में 5 फीसदी से ज्‍यादा की गिरावट आई है. एचसीएल टेक 4.14 फीसदी और टेक महिंद्रा के शेयरों में करीब 3 फीसदी की गिरावट है.   बीएसई के 3,337  शेयरों में से 847 शेयरों में तेजी और 2,327 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं. 163 शेयर अनचेंज हैं. 41 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर और 106 शेयर 52 सप्‍ताह के निचले स्‍तर पर हैं. वहीं 55 शेयरों में लोअर सर्किट और 79 शेयरों में अपर सर्किट है.                 अमेरिकी बाजार में 90 लाख करोड़ स्‍वाहा वहीं अमेरिका में लगातार तीसरे दिन गिरावट आई है. वहीं अब एशियाई मार्केट में भी गिरावट हावी है. निवेशकों को डर है कि नए AI टूल्स कई पारंपरिक बिजनेस मॉडल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है और कंपनियों के मुनाफे को कम कर सकता है. AI का सबसे ज्‍यादा असबर ट्रकिंग, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सॉफ्टवेयर से जुड़े शेयरों में देखने को मिल रहा है. रिपोर्र्ट्स का दावा है कि अमेरिकी बाजार में आई गिरावट से करीब एक ट्रिलियन डॉलर या 90 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए हैं.  अमेरिकी बाजार में कोहराम  अमेरिकी मार्केट में गुरुवार को डॉऊ जोंस 669.42 अंक या 1.34% गिरकर 49,451.98  पर क्‍लोज हुआ. नैसडैक में सबसे ज्‍यादा गिरावट रही, जो 469.32  अंक या 2.03% टूटकर 22,597.15 पर बंद हुआ. S&P 500 इंडेक्‍स 1.57% या 108.71 अंक टूटकर 6,832.76  पर क्‍लोज हुए.