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नए साल का पहला आईपीओ, ₹1071 करोड़ का इश्यू, निवेशकों के लिए बड़ी उम्मीदें

मुंबई  बीते साल 2025 में एक के बाद एक कई छोटी-बड़ी कंपनियों ने अपने आईपीओ पेश किए. इनमें से कुछ ने निवेशकों को ताबड़तोड़ कमाई कराई, तो कुछ ने निराश किया. अब नए साल 2026 का पहला आईपीओ (First IPO Of 2026) दस्तक देने वाला है. तो अगर आप IPO Investment का प्लान बना रहे हैं, फिर निवेश के लिए पैसे तैयार रखें. भारत कोकिंग कोल लिमिटेड अपना आईपीओ (Bharat Coking Coal IPO) इसी हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन ओपन करेगी.  9 जनवरी को खुलेगा पहला IPO नए साल में नए निवेश का प्लान करने वालों, खासतौर पर आईपीओ में पैसे लगाने का प्लान बना रहे निवेशकों को लिए अच्छी खबर है. साल का पहला भारत कोकिंग कोल का आईपीओ खुलने वाला है. इसकी सारी डिटेल भी सामने आ गई है. BCCL IPO 9 जनवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन होगा और निवेशक इसमें 13 जनवरी तक पैसे लगा सकेंगे. इसके बाद शेयर बाजार के दोनों इंडेक्स BSE-NSE में इसके शेयरों की लिस्टिंग के लिए 16 जनवरी की संभावित तारीख तय की गई है.  1071 करोड़ साइज, प्राइस बैंड इतना इस साल के पहले आईपीओ के साइज की बात करें, तो भारत कोकिंग कोल का इश्यू मार्केट से 1,071 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में आ रहा है. BCCL IPO एक बुक-बिल्ट इश्यू है और पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है, जिसमें कोल इंडिया लिमिटेड 46.57 करोड़ तक इक्विटी शेयर बेचेगी. IDBI कैपिटल मार्केट्स एंड सिक्योरिटीज लिमिटेड और ICICI सिक्योरिटीज लिमिटेड इस इश्यू के लिए बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं. प्राइस बैंड की अगर बात करें, तो कंपनी ने ये 21 रुपये से 23 रुपये निर्धारित किया है.   ₹14000 से कम में बनें प्रॉफिट पार्टनर सबसे पहले जान लें कि Bharat Coking Coal भारत के कोयला और इस्पात उद्योग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. CRISIL के अनुसार, FY2025 में कंपनी ने देश के घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन का लगभग 58.5% हिस्सा हासिल किया, जिससे यह भारत में इस्पात निर्माण के इस प्रमुख कच्चे माल का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया. इस बड़ी कंपनी के मुनाफे में हिस्सेदार बनने का मौका इसके आईपीओ के जरिए मिल रहा है.  कंपनी की ओर से IPO Lot Size 600 शेयरों का तय किया है, इसका मतलब है कि किसी भी निवेशक को कम से कम इतने शेयरों के लिए बोली लगानी होगी. अब अपर प्राइस बैंड के हिसाब से देखें, तो इतने स्टॉक्स के लिए निवेशकों को महज 13800 रुपये का निवेश करना होगा. इसके बाद अगर आईपीओ निकलता है, तो फिर इसकी लिस्टिंग और उसके बाद होने वाली कमाई में निवेशकों की हिस्सेदारी पक्की हो जाएगी.     ग्रे-मार्केट में अभी से मचाने लगा धमाल साल 2026 का ये पहला आईपीओ अपनी ओपनिंग से पहले ही निवेशकों को तगड़ी कमाई का संकेत दे रहा है. जी हां, ग्रे-मार्केट में ये अभी से गदर मचा रहा है. कोल इंडिया लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी BCCL के शेयर ग्रे-मार्केट में 16.5 रुपये के प्रीमियम पर कारोबार कर रहे हैं, जो इसके प्राइस बैंड की तुलना में 70% के आसपास की बढ़त है. जीएमपी के मुताबिक, लिस्टिंग होती है तो फिर निवेशकों की रकम एक झटके में बढ़कर 23,700 रुपये हो जाएगी यानी एक लॉट पर सीधे 9,900 रुपये की कमाई होगी. 

वेनेजुएला से क्रूड ऑयल पर बैन हटने से तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ेगा? कंपनियों को मिलेगा सस्ता तेल

नई दिल्‍ली. अमेरिकी द्वारा वेनेजुएला के राष्‍ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है. अमेरिका की इस कार्यवाही से दुनिया के ज्‍यादातर देश खुश नहीं है, लेकिन खुलकर बस कुछ ही देश इसके खिलाफ बोल रहे हैं. वेनेजुएला पर अमेरिका के इस ‘अघोषित नियंत्रण’ के बाद वेनेजुएला के तेल निर्यात पर लगे कड़े प्रतिबंध (Embargo) हटने की उम्‍मीद जगी है. यदि ऐसा होता है तो क्‍या भारतीय कंपनियों को सस्‍ता तेल मिलेगा? ये वो सवाल है जो हर किसी के जेहन में उभर रहा है. कच्‍चे तेल के व्‍यापार पर नजर रखने वालों का कहना है कि वेनेजुएला के तेल से प्रतिबंध हटते हैं तो यह भारतीय कंपनियों, रिलायंस इंडस्ट्रीज और ओएनजीसी (ONGC) सहित वैश्विक रिफाइनिंग दिग्गजों के लिए ‘लॉटरी’ लगने जैसा होगा. एक सवाल यह भी है कि आखिर यह तेल कंपनियों को कितना सस्ता मिलेगा और वैश्विक बाजार पर इसका क्या असर होगा? वेनेजुएला वर्तमान में दुनिया के सबसे बड़े प्रमाणित तेल भंडार (लगभग 300 बिलियन बैरल) पर बैठा है, जो वैश्विक आपूर्ति का लगभग 17-20% हिस्सा है. विडंबना यह है कि कुप्रबंधन और अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण नवंबर 2025 तक इसका उत्पादन गिरकर मात्र 9.21 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) रह गया है. यह उस देश के लिए चिंताजनक है जिसने 1970 के दशक में 3.5 मिलियन bpd का उत्पादन किया था. अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर 2025 में उत्पादन 1.01 मिलियन bpd था, जो नवंबर में घटकर 8.60 लाख bpd रह गया. करना होगा बड़ा निवेश ट्रंप प्रशासन का मानना है कि यदि प्रतिबंध हटाए जाते हैं तो अमेरिकी तेल कंपनियां वहां के क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को ठीक करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश करेंगी. ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वेनेजुएला के तेल उद्योग की सबसे बड़ी चुनौती इसका जर्जर हो चुका बुनियादी ढांचा है. राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के 12 साल के शासनकाल और उससे पहले ह्यूगो चावेज़ के दौर में भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और निवेश की भारी कमी ने इस ‘सोने की खान’ को कबाड़ में बदल दिया है. इस बुनियादी ढांचे को फिर से खड़ा करने के लिए अगले एक दशक तक हर साल कम से कम 10 अरब डॉलर के निवेश की आवश्यकता होगी. अगर अमेरिकी कंपनियां इतना बड़ा निवेश करती है और बुनियादी ढांचा खड़ा करती है तो इससे न केवल वेनेजुएला में कच्‍चे तेल का उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि बाजार में आपूर्ति बढेगी, जिससे कीमतें स्वाभाविक रूप से नीचे आएंगी. कांटों भरा है रास्‍ता भले ही वेनेजुएला में तेल का खजाना बड़ा है, लेकिन उसे निकालने का रास्ता कांटों भरा है. वुड मैकेंजी (Wood Mackenzie) के अनुमान के अनुसार, वेनेजुएला के ओरिनोको बेल्ट में उत्पादन को 2 मिलियन bpd तक ले जाने के लिए कम से कम 1-2 साल और बेहतर प्रबंधन की आवश्यकता होगी. पूर्ण बहाली के लिए बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण पर $58 बिलियन की लागत आने का अनुमान है. इसमें शेवरॉन, एक्सॉन मोबिल और कोनोकोफिलिप्स जैसी कंपनियों की भूमिका अहम होगी. कोनोकोफिलिप्स जैसी कंपनियों का वहां $10 बिलियन से अधिक का पुराना बकाया है, जिसे वे उत्पादन शुरू होने पर वसूलना चाहेंगी. इसके अलावा एसएलबी (SLB) और हैलीबर्टन जैसी ऑयल सर्विस कंपनियां भी वहां सक्रिय होंगी, जिससे तकनीकी सुधार तेज होगा. भारतीय कंपनियों के लिए ‘डिस्काउंट’ का गणित वेनेजुएला का कच्चा तेल अपनी विशिष्टता के लिए जाना जाता है. यह मुख्य रूप से ‘हैवी’ और ‘हाई-सल्फर’ क्रूड है. इसी विशिष्टता के कारण यह अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की तुलना में हमेशा सस्ते दाम पर मिलता है. जेफरीज (Jefferies) के विश्लेषण के अनुसार, यदि प्रतिबंध हटते हैं और व्यापार सामान्य होता है तो रिलायंस जैसी कंपनियों को वेनेजुएला का क्रूड ब्रेंट की तुलना में $5 से $8 प्रति बैरल के भारी डिस्काउंट पर मिल सकता है. रिलायंस की जामनगर रिफाइनरी दुनिया की सबसे जटिल रिफाइनरियों में से एक है, जो इस तरह के भारी कच्चे तेल को संसाधित कर उच्च गुणवत्ता वाला डीजल और पेट्रोल बनाने में सक्षम है. यह डिस्काउंट रिलायंस के ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) को काफी बढ़ावा देगा. ओएनजीसी (ONGC) की चांदी भारत की सरकारी कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (OVL) का वेनेजुएला के सैन क्रिस्टोबल फील्ड में हिस्सा है. प्रतिबंधों के कारण कंपनी का लगभग $500 मिलियन (करीब 4200 करोड़ रुपये) का लाभांश (Dividend) फंसा हुआ है. प्रतिबंध हटने पर न केवल यह बकाया राशि मिलेगी, बल्कि कंपनी को अपने निवेश पर वास्तविक रिटर्न मिलना भी शुरू हो जाएगा. अमेरिका को सबसे ज्‍यादा लाभ वेनेजुएला से बैन हटने का सबसे बड़ा लाभार्थी अमेरिकी गल्फ कोस्ट की रिफाइनरियां होंगी. भौगोलिक रूप से वेनेजुएला अमेरिका के बेहद करीब है, जिससे मध्य पूर्व (मिडल ईस्ट) की तुलना में परिवहन लागत (Freight Cost) बहुत कम आती है. अमेरिकी रिफाइनरीज को वेनेजुएला के हैवी क्रूड से उच्च लाभ मिलता है क्योंकि इसकी लागत कम होती है और यह डीजल, एस्फाल्ट (डामर) जैसे भारी मांग वाले उत्पादों के लिए सबसे उपयुक्त फीडस्टॉक है. वर्तमान में वेनेजुएला का अधिकांश तेल ‘गुप्त शिपिंग समझौतों’ के जरिए चीन को भारी डिस्काउंट पर बेचा जा रहा है. प्रतिबंध हटने पर यह तेल पारदर्शी तरीके से वैश्विक बाजार में आएगा, जिससे चीन का एकाधिकार खत्म होगा और प्रतिस्पर्धा के कारण कीमतें और भी प्रतिस्पर्धी होंगी. क्या ब्रेंट $60 से नीचे आएगा? शॉर्ट-टर्म में, वेनेजुएला में राजनीतिक उथल-पुथल और अमेरिकी नाकेबंदी के कारण आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे कीमतों में हल्का उछाल आ सकता है. दिसंबर 2025 में अमेरिकी प्रतिबंधों के सख्त प्रवर्तन से निर्यात प्रभावित हुआ, लेकिन वैश्विक बाजार पर इसका असर सीमित रहा क्योंकि फिलहाल दुनिया में तेल की पर्याप्त आपूर्ति है. लॉन्ग-टर्म एंगल काफी अलग है. यदि ट्रंप के नेतृत्व में वेनेजुएला का उत्पादन 2 मिलियन bpd के पार जाता है, तो बाजार में मौजूद मौजूदा ‘सरप्लस’ (अतिरिक्त आपूर्ति) और बढ़ जाएगी. विश्लेषकों का मानना है कि इस अतिरिक्त आपूर्ति के कारण ब्रेंट क्रूड 2026 में $60 प्रति बैरल से नीचे गिर सकता है. यह भारत सहित उन देशों के लिए राहत की खबर होगी जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर हैं.  

2026 की शुरुआत में कारों का धमाका, जनवरी में लॉन्च होंगी 6 नई कारें—यहां देखें लिस्ट

नई दिल्ली साल 2026 के शुरू होते ही वाहन निर्माता कंपनियों ने अपने नए उत्पादों को बाजार में उतारने की तैयारी शुरू कर दी है. कार बनाने वाली कंपनियां जनवरी 2026 में अपने कुछ उत्पाद बाजार में उतारने वाली हैं. इसमें सबसे आगे घरेलू कार निर्माता Mahindra & Mahindra और Tata Motors हैं, जिनमें से Tata Motors चार मॉडल (एक EV सहित) लॉन्च करने वाली है. इसके अलावा घरेलू कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki की पहली EV भी लॉन्च की जा सकती है. इस लिस्ट में Kia India भी शामिल होती, लेकिन आज ही कंपनी ने नई-जनरेशन Kia Seltos को लॉन्च कर दिया है. इसके अलावा, Nissan और Renault जनवरी 2026 में एक-एक नया मॉडल पेश करने वाली हैं. Renault लगभग चार साल बाद अपने एक पॉपुलर नेमप्लेट को फिर से जीवित कर रही है. 1. Mahindra XUV 7XO (लॉन्च: 5 जनवरी, 2026) Mahindra XUV700 के नाम से जानी जाने वाली बेहतरीन एसयूवी को Mahindra XUV 7XO के नाम से जनवरी में लॉन्च किया जा सकता है. इसकी अनुमानित कीमत 14.00 लाख रुपये से 25.00 लाख रुपये के बीच होने वाली है. इसमें महिंद्रा का आजमाया हुआ, 2.0-लीटर, टर्बो-पेट्रोल और 2.2-लीटर टर्बो-डीजल इंजन इस्तेमाल किया जाएगा, जो अपनी मौजूदा ट्यूनिंग में क्रमशः 200hp और 185hp तक की पावर प्रदान करता है. Mahindra XUV 7XO डीजल में ऑल-व्हील ड्राइव का सेटअप दिया जाएगा, जबकि ट्रांसमिशन ऑप्शन में मैनुअल और टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक ऑप्शन मिलते हैं. Mahindra XUV 7XO के खास फीचर्स में ट्रिपल-स्क्रीन सेटअप मिलता है, जैसा कि Mahindra XEV 9e और 9S में मिलता है. आगे के पैसेंजर सीट के लिए पावर्ड 'बॉस' मोड, दो-स्पोक स्टीयरिंग व्हील और हरमन कार्डन ऑडियो शामिल हैं. एक्सटीरियर और इंटीरियर डिज़ाइन में किए गए बदलाव 7XO को XUV700 से अलग पहचानने में मदद करेंगे. 2. Tata Harrier और Safari पेट्रोल वर्जन (लॉन्च: जनवरी के पहले सप्ताह में) नई Tata Sierra में पेश किया गया, Tata Motors का नया 1.5-लीटर 'हाइपरियन' टर्बो-पेट्रोल इंजन अब Tata Harrier और Safari में भी देखने को मिलता है. इन दोनों गाड़ियों में, इस चार-सिलेंडर पेट्रोल इंजन का आउटपुट बढ़ाकर 170hp की पावर और 280Nm का टॉर्क कर दिया गया है. इसे 6-स्पीड मैनुअल या 6-स्पीड टॉर्क-कन्वर्टर ऑटोमैटिक के साथ जोड़ा जा सकता है. संभावना जताई जा रही है कि नई Tata Harrier पेट्रोल की कीमत लगभग 13.00 लाख रुपये से 24.50 लाख रुपये के बीच हो सकती है, जबकि Tata Safari पेट्रोल वेरिएंट की कीमत 14.00 लाख रुपये से 25.50 लाख रुपये के बीच हो सकती है. इन SUVs के टॉप-स्पेक पेट्रोल वेरिएंट में 14.5-इंच का QLED टचस्क्रीन, आगे और पीछे के कैमरों के लिए 'वॉशर' फंक्शन, एक डिजिटल IRVM, और 10-स्पीकर वाला JBL ऑडियो सिस्टम मिलता है. 3. Tata Punch फेसलिफ्ट (लॉन्च: जनवरी के मध्य में) Tata Motors जनवरी 2026 के बीच में Tata Punch फेसलिफ्ट को लॉन्च कर सकती है, जिसकी कीमत 6.00 लाख रुपये से 9.50 लाख रुपये के बीच हो सकती है. अपडेटेड Tata Punch को ज़्यादा मॉडर्न लुक देने के लिए Punch EV से कुछ डिज़ाइन एलिमेंट्स लिए जा सकते हैं, जबकि नए कन्वीनियंस और टेक फीचर्स से ओवरऑल एक्सपीरिएंस बेहतर होगा. 2026 Tata Punch मौजूदा 1.2-लीटर तीन-सिलेंडर इंजन के साथ आएगी, जो लगभग 88hp की पावर और 115Nm का टॉर्क प्रदान करता है, जिसे 5-स्पीड मैनुअल या 5-स्पीड AMT गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जाएगा. 4. Nissan Gravite (लॉन्च: जनवरी के मध्य में) जापानी कार निर्माता Nissan भी अपनी पहली एमपीवी भारत में लॉन्च करने वाली है. नई Nissan Gravite को CMF-A+ प्लेटफॉर्म पर बनाया जाएगा, जिसका इस्तेमाल Renault Triber के लिए किया जाता है. इस कार की अनुमानित कीमत 6.00 लाख रुपये से 9.00 लाख रुपये के बीच होने वाली है. Nissan Gravite के इंजन की बात करें तो इसमें वही 1.0-लीटर, तीन-सिलेंडर पेट्रोल इंजन इस्तेमाल किया जाएगा, जो Renault Triber में इस्तेमाल किया जाता है. यह इंजन 72hp की पावर और 96Nm का टॉर्क उत्पन्न करता है. इसी तरह, संभावना जताई जा रही है कि गियरबॉक्स विकल्पों में 5-स्पीड मैनुअल और 5-स्पीड AMT शामिल होंगे. 5. नई-जनरेशन Renault Duster (लॉन्च: 26 जनवरी) लगभग चार साल पहले Renault ने अपनी Renault Duster की बिक्री और उत्पादन भारत में बंद कर दिया था. अब कंपनी एक बार फिर से इस नेमप्लेट को जीवित करने वाली है. नई-जनरेशन Renault Duster को रिपब्लिक डे 2026 पर नए अवतार में पेश किया जा सकता है. नई Renault Duster के हायर वेरिएंट में 156hp का पावर देने वाला 1.3-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन इस्तेमाल किया जा सकता है, जो ग्लोबल-स्पेक मॉडल में उपलब्ध है. वहीं लोअर वेरिएंट में 1.0-लीटर तीन-सिलेंडर टर्बो-पेट्रोल इंजन मिल सकता है, जो Renault Kiger में इस्तेमाल होता है, यहां यह इंजन 100hp की पावर और 160Nm तक का टॉर्क देता है. हालांकि संभावना यह है कि Renault इस इंजन में कुछ बदलाव कर सकती है ताकि इससे ज़्यादा पावर मिल सके, जिससे इस मिडसाइज़ SUV के बढ़े हुए वज़न की भरपाई हो सके. नई Renault Duster की कीमत 10.00 लाख रुपये से 20.00 लाख रुपये के बीच हो सकती है, और संभावना है कि इंडिया-स्पेक मॉडल अपने ग्लोबल मॉडल से अलग दिखेगा. 6. Maruti Suzuki e-Vitara (लॉन्च: जनवरी के अंत में) लिस्ट में Maruti Suzuki का नाम भी शामिल है, और अगर कोई समस्या नहीं होती है, तो कंपनी भारत में अपनी पहली EV, Maruti Suzuki e-Vitara को जनवरी 2026 में लॉन्च हो सकती है. कीमत की बात करें तो इस कार को लगभग 18.00 लाख रुपये से 25.00 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच उतारा जा सकता है. Maruti e-Vitara के एंट्री-लेवल वेरिएंट में 49kWh बैटरी पैक के साथ 144hp की फ्रंट-माउंटेड इलेक्ट्रिक मोटर हो सकती है. वहीं, इस मारुति EV के टॉप-स्पेक वेरिएंट में 61kWh बैटरी पैक मिलने वाला है, जो 174hp की इलेक्ट्रिक मोटर को पावर देता है, जो फ्रंट व्हील्स को भी चलाती है. बड़े बैटरी पैक वाली ई विटारा की ARAI-क्लेम्ड रेंज 543km है.

Redmi, Realme और Poco की पहली स्मार्टफोन लॉन्चिंग इस साल, क्या होगा नया?

 नई दिल्ली नए साल की शुरुआत के साथ ही अब न्यू स्मार्टफोन लॉन्च होने जा रहे हैं. दरअसल, 6 जनवरी को रेडमी और रियलमी दोनों ही ब्रांड अपनी न्यू सीरीज के स्मार्टफोन अनवील करने जा रहे हैं. इसके बाद 8 जनवरी को Poco M8 लॉन्च होगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं.  भारत में 6 जनवरी को Redmi Note 15 की लॉन्चिंग है, जिसकी लॉन्चिंग डेट और कई फीचर्स को कंपनी खुद कंफर्म कर चुकी है. यह एक बेस वेरिएंट होगा और प्रो वेरिएंट को आने वाले दिनों में लॉन्च किया जाएगा. 7.35mm की थिकनेस का यूज किया जाएगा. Redmi Note 15 को लेकर कंपनी बता चुकी है कि इसमें बैक पैनल पर 108MP का प्राइमरी कैमरा दिया जाएगा. यह कैमरा कई अच्छे फीचर्स और मोड्स के साथ आएगा. इस हैंडसेट से 4K रिकॉर्डिंग की जा सकेगी. इसमें 5520mAh की बैटरी यूज की जाएगी.  Realme 16 Pro सीरीज की होगी लॉन्चिंग  भारत में 6 जून को ही Realme 16 Pro सीरीज की लॉन्चिंग होगी. इस सीरीज के तहत दो हैंडसेट को लॉन्च किया जाएगा, जिसमें Realme 16 Pro और  16 Pro+ दस्तक देंगे.   Realme 16 Pro+ हैंडसेट में कई अच्छे फीचर्स देखने को मिलेंगे. इसमें Snapdragon 7 Gen 4 चिपसेट, 7,000mAh की बैटरी और 80W का फास्ट चार्जर मिलेगा. इस हैंडसेट में  4D कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले का यूज किया गया है. यह फोन 12GB RAM और 512GB इंटरनल स्टोरेज मिलेगा.  इस हैंडसेट में स्क्वेयर शेप का कैमरा डिजाइन दिया गया है. इसमें 200MP का अपग्रेडेड प्राइमरी कैमरा लेंस और 50MP का पेरिस्कोप लेंस दिया जाएगा. इसमें 7,000mAh की बैटरी होगी.  POCO M8 भारत में 8 जनवरी को होगा लॉन्च  POCO M8 को भारत में 8 जनवरी को लॉन्च किया जाएगा. कंपनी का दावा है कि यह इस सेगमेंट का सबसे स्लिम हैंडसेट है. इसमें 7.35mm की थिकनेस और 178 ग्राम का वजन मिलेगा.   पोको M8 में बैक पैनल पर स्क्वेयर शेप का कैमरा मॉड्यूल मिलेगा. इसमें डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 50MP का प्राइमरी कैमरा दिया गया है. इसके अंदर AI Magic इरेजर का यूज किया गया है. 

सस्ती और दमदार! 80,000 रुपये तक की छूट पर मिल रही है इस SUV की खरीदारी, कीमत 6 लाख से कम

मुंबई  नए साल की शुरुआत के साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर में ग्राहकों के लिए बेहतरीन ऑफर्स का दौर शुरू हो गया है। हुंडई ने जनवरी 2026 में अपने कई मॉडलों पर आकर्षक डिस्काउंट ऑफर जारी किए हैं और इसी कड़ी में कंपनी की पॉपुलर माइक्रो एसयूवी Hyundai Exter भी जबरदस्त बेनिफिट्स के साथ उपलब्ध है। कंपनी की ओर से दी जा रही जानकारी के अनुसार इस एसयूवी पर ग्राहकों को कुल मिलाकर 80,000 रुपये तक का फायदा मिल सकता है। यह ऑफर सीमित समय के लिए है और 31 जनवरी 2026 तक लागू रहेगा। ग्राहक इससे जुड़ी पूरी जानकारी और सटीक ऑफर्स के लिए अपने नजदीकी हुंडई डीलरशिप से संपर्क कर सकते हैं। Hyundai Exter वर्तमान समय में माइक्रो एसयूवी सेगमेंट की सबसे आकर्षक कारों में से एक मानी जाती है और भारतीय बाजार में इसका सीधा मुकाबला Tata Punch जैसी मजबूत कार से होता है। एक्सटर के आकर्षक डिजाइन, फीचर्स और किफायती प्राइस सेगमेंट की वजह से कंपनी इसे नए ग्राहकों तक और ज्यादा पहुंचाना चाहती है और यही वजह है कि नए साल में इस पर इतना बड़ा ऑफर दिया जा रहा है। अगर इसके इंजन और परफॉर्मेंस की बात करें तो Hyundai Exter में 1.2 लीटर नेचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया जाता है जो लगभग 83bhp की पावर और 114Nm का पीक टॉर्क जेनरेट करता है। यही नहीं, कंपनी इसमें CNG का विकल्प भी देती है, जिससे यह बजट और माइलेज दोनों के लिहाज से खरीदारों के लिए बेहद आकर्षक बन जाती है। फीचर्स की बात करें तो एक्सटर में 8-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, क्रूज कंट्रोल, सिंगल पेन सनरूफ जैसे प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं। सुरक्षा के लिहाज से कार में 6 एयरबैग शामिल किए गए हैं, जो इस सेगमेंट में इसे और मजबूत बनाते हैं। कीमत की बात करें तो Hyundai Exter की एक्स-शोरूम कीमत लगभग 5.68 लाख रुपये से शुरू होकर 9.61 लाख रुपये तक जाती है। ऐसे में डिस्काउंट के बाद यह एसयूवी और भी ज्यादा किफायती साबित होती है और 6 लाख रुपये से कम बजट में SUV लेने वालों के लिए यह बड़ा मौका बन सकता है।

केंद्र सरकार का नया फैसला: 10 रुपये वाली सिगरेट की कीमत में हो सकती है बढ़ोतरी, जानें क्यों

 नई दिल्‍ली केंद्र सरकार ने तंबाकू और तंबाकू से बने उत्‍पाद पर एक्‍साइज ड्यूटी लगाने का ऐलान किया है, जो 1 फरवरी 2026 से लागू होंगे. ऐसे में अगर आप सिगरेट पीते हैं तो अब आपको ज्यादा भुगतान करना पड़ सकता है.आपको कितना ज्‍यादा भुगतान करना होगा, यह स‍िगरेट ब्रांड के आधार पर ही नहीं, बल्कि सिगरेट की लंबाई पर भी निर्भर करेगा.  साल 2017 में GST लागू होने के बाद स‍िगरेट पर यह सबसे ज्‍यादा कर  है. सिगरेट पर 40% जीएसटी के ऊपर एक्‍साइज टैक्‍स को लगाया जाएगा, जो सिगरेट की लंबाई और फिल्‍टर है या नहीं, इस हिसाब से तय होगा. जितनी लंबी सिगरेट होगी, उतना ज्‍यादा भुगतान करना होगा.  क्‍या है नए टैक्‍स रेट्स?      1 फरवरी से लागू होने टैक्‍स नियम के अनुसार, एक्‍साइस ड्यूटी प्रति 1000 सिगरेट के हिसाब से लागू होगा. यह कितना लगेगा यह उस सिगरेट की लेंथ पर निर्भर होगा.       नॉन फिल्‍टर सिगरेट,  लंबाई 65 मिमी तक ₹2,050 प्रति हजार होगा      नॉन-फिल्टर सिगरेट, लंबाई 65 मिमी से अधिक और 70 मिमी तक ₹3,600 प्रति हजार लगेगा.      फिल्टर सिगरेट, लंबाई (फिल्टर मिलाकर) 65 मिमी तक ₹2,100 प्रति हजार लगेगा.     फिल्‍टर सिगरेट, लंबाई (फिल्टर के साथ) 65 मिमी से अधिक और 70 मिमी तक ₹4,000 प्रति हजार लगेगा.      फिल्टर सिगरेट, लंबाई (फिल्टर के साथ) 70 मिमी से अधिक और 75 मिमी तक ₹5,400 प्रति हजार लगेगा.  अन्य सिगरेट पर ₹8,500 प्रति हजार तक एक्‍साइज लागू होगा. तंबाकू ऑप्‍शनल वाले सिगरेट पर एक्‍साइज ड्यूटी ₹4,006 प्रति हजार लागू होगा. इसी तरह, तंबाकू विकल्पों के सिगारिलो 12.5% या ₹4,006 प्रति हजार, जो भी अधिक हो, वह लागू होगा. अन्य 12.5% या ₹4,006 प्रति हजार, जो भी ज्‍यादा होगा, वह लगेगा.  हर सिगरेट पर कितने बढ़ेंगे दाम? एक्‍साइज ड्यूटी के हिसाब से कैलकुलेशन करें तो नॉन फिल्‍टर वाली छोटी सिगरेट (65 मिमी तक) पर 2.05 रुपये की बढ़ोतरी होगी.  फिल्‍टर वाली छोटी सिगरेट (65 मिमी तक) के दाम 2.10 रुपये  बढ़ जाएंगे. 65-70 मिमी तक वाली सिगरेट के दाम में  3 से 4 रुपये तक का इजाफा होगा. प्रीमियम सिगरेट (70-75 मिमी) में करीब 5 रुपये तक का इजाफा हो सकता है.  10 रुपये का सिगरेट अब कितने का?  वहीं एक्‍सपर्ट की बात माने तो, उनका कहना है कि सरकार के इस फैसले से सिगरेट के दाम में 20 से लेकर 50 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है. अगर छोटी  सिगरेट है तो उसपर 20 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है और मध्‍यम वाले सिगरेट पर 30 फीसदी का इजाफा हो सकता है. वहीं प्रीमियम सिगरेट पर 50 फीसदी का इजाफा हो सकता है.  इस हिसाब से देखा जाए तो 10 रुपये वाली सिगरेट पर 2 रुपये का इजाफा हो सकता है, जिस कारण यह सिगरेट 12 रुपये की मिल सकती है. वहीं अगर 15 रुपये की सिगरेट है तो यह 18 रुपये या 19 रुपये में मिल सकती है. 20 रुपये वाली सिगरेट के दाम 23 से 25 रुपये तक हो सकते हैं.    किन सिगरेट पर ज्‍यादा होगा असर?  एक्‍साइज ड्यूटी बढ़ने का पूरा भार कंपनियां ग्राहकों पर डाल सकती हैं, जिस कारण कस्‍टमर्स को सिगरेट पीने पर ज्‍यादा भुगतान करना होगा. इस बढ़ोतरी का ज्‍यादा असर प्रीमियम, लंबी और फ्लेवर एड वाले सिगरेट पर पड़ सकता है. सरकार का उद्देश्‍य सिगरेट पर एक्‍स्‍ट्रा ड्यूटी लगाकर तंबाकू मार्केट में टैक्‍स चोरी को रोकना और सरकार की आय बढ़ाना है. 

नए साल में भी सोने-चांदी का जलवा, चांदी में ₹5656 और गोल्ड में ₹954 की जोरदार तेजी

मुंबई इस नए साल में भी सोने-चांदी का जलवा बरकरार है। आज चांदी के भाव 5656 रुपये उछलकर 234906 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए। सोने के भाव में भी 954 रुपये की तेजी दर्ज की गई है। जीएसटी समेत चांदी अब 241953 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। जबकि, 24 कैरेट गोल्ड का रेट अब जीएसटी समेत 138447 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। गुरुवार 1 जनवरी को चांदी बिना जीएसटी 229250 रुपये पर बंद हुई। इसी तरह सोना बिना जीएसटी 133461 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। आज बिना जीएसटी सोना 134415 रुपये पर खुला। सोना 29 दिसंबर 2025 के ऑल टाइम हाई 138181 से 3746 रुपये सस्ता हो चुका है। जबकि, चांदी 243483 से 8532 रुपये टूटी है। यह रेट आईबीजेए द्वारा जारी किए गए हैं। आईबीजेए दिन में दो बार रेट जारी करता है। एक बार दोपहर 12 बजे के करीब दूसरा 5 बजे के आसपास। अभी यह रेट दोपहर 12 बजे वाला है। कैरेट के हिसाब से गोल्ड के भाव आज 23 कैरेट गोल्ड भी 950 रुपये चढ़कर 133877 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर खुला। जीएसटी संग इसकी कीमत अब 137893 रुपये हो गई है। अभी इसमें मेकिंग चार्ज नहीं जुड़ा है। 22 कैरेट गोल्ड की कीमत 874 रुपये महंगा होकर 123124 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। जीएसटी संग यह 126817 रुपये है। 18 कैरेट गोल्ड 715 रुपये की तेजी के साथ 100811 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है और जीएसटी के साथ इसकी कीमत 103825 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है। 14 कैरेट गोल्ड का रेट भी 558 रुपये बढ़ा है। आज यह 78633 रुपये पर खुला और जीएसटी समेत यह 80991 रुपये पर है।

Gig Workers के लिए बड़ी खुशखबरी, Swiggy-Zomato डिलीवरी बॉय को मिलेगा सोशल सिक्योरिटी कवर और सरकारी सुविधाएं

मुंबई  भारत में तेजी से बढ़ती ‘गिग इकोनॉमी’ को अब कानूनी सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी पूरी हो चुकी है. नए सोशल सिक्योरिटी कोड में जोमैटो, स्विगी, और ब्लिंकिट के डिलीवरी बॉय और कैब ड्राइवर आदि को भी सामाजिक सुरक्षा (Social Security) के दायरे में लाया गया है. इसके लिए सरकार ने ड्रॉफ्ट नियम जारी कर दिए हैं. इन ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, सामाजिक सुरक्षा का लाभ पाने के लिए किसी एक ही कंपनी (एग्रीगेटर) से जुड़े वर्कर को एक साल में कम से कम 90 दिन उसी कंपनी के साथ काम करना अनिवार्य होगा. वहीं, जो लोग एक से ज्यादा प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हैं, उनके लिए यह सीमा 120 दिन तय की गई है. अगर कोई व्‍यक्ति एक ही दिन में तीन अलग-अलग कंपनियों के लिए काम करते हैं, तो उसे तीन दिन गिना जाएगा, जिससे 120 दिन का कोटा पूरा करना आसान हो जाएगा. नए साल के मौके पर गिग वर्कर्स की हड़ताल के चलते जहां स्विगी और जोमैटो ने पीक ऑवर्स और साल के आखिरी दिनों में इंसेंटिव देने का ऐलान किया है। वहीं, सरकार से भी उनके लिए अच्छी खबर आई है। सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी कवर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस संबंध में नियमों का एक ड्राफ्ट जारी किया गया है। कौन होगा पात्र? सरकार ने गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए नए नियमों का एक ड्राफ्ट जारी करके उस पर सार्वजनिक सुझाव मांगे हैं। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, इस ड्राफ्ट में कहा गया है कि अगर कोई गिग वर्कर किसी एक कंपनी या ऐप के साथ एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 90 दिन काम करता है, तो वह सोशल सिक्योरिटी का लाभ उठाने का पात्र होगा। जबकि एक से ज्यादा एग्रीगेटर्स के साथ जुड़े वर्कर्स के लिए यह अवधि 120 दिन होगी। कंपनियों की होगी रजिस्‍ट्रेशन की जिम्‍मेदारी कंपनियों (एग्रीगेटर्स) की यह जिम्मेदारी होगी कि वे अपने साथ काम करने वाले हर छोटे-बड़े वर्कर का विवरण सरकारी पोर्टल पर अपडेट करें. इसमें वे वर्कर्स भी शामिल होंगे जो किसी थर्ड-पार्टी एजेंसी या सहयोगी कंपनी के जरिए काम पर लगे हैं. क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी? नए नियमों का उद्देश्य गिग वर्कर्स को वह सुरक्षा देना है जो अब तक केवल सरकारी या बड़ी निजी कंपनियों के कर्मचारियों को मिलती थी. इसके तहत निम्नलिखित लाभ प्रस्तावित हैं:     स्वास्थ्य और जीवन बीमा: वर्कर्स को मुफ्त या रियायती दरों पर स्वास्थ्य बीमा मिलेगा.     दुर्घटना कवर: काम के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की व्यवस्था होगी.     आयुष्मान भारत: श्रम मंत्रालय ने इन वर्कर्स को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे उन्हें 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा.     पेंशन की सुविधा: भविष्य में सरकार ऐसी योजना ला सकती है जिसमें वर्कर और कंपनी दोनों मिलकर योगदान देंगे, ताकि रिटायरमेंट के बाद वर्कर को पेंशन मिल सके. कौन-कौन होंगे पात्र योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ सीमाएं भी तय की गई हैं. ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, गिग वर्कर जैसे ही अपनी 60 वर्ष की आयु पूरी कर लेगा, वह इन सामाजिक सुरक्षा लाभों के लिए अयोग्य हो जाएगा. यानी यह सुरक्षा मुख्य रूप से कामकाजी उम्र के लोगों के लिए है. इसके अलावा, लाभ बरकरार रखने के लिए हर साल काम के न्यूनतम दिनों (90 या 120 दिन) की शर्त पूरी करनी होगी. यदि कोई वर्कर एक वित्तीय वर्ष में पर्याप्त काम नहीं करता है, तो अगले साल वह इन सुविधाओं से वंचित रह सकता है. निगरानी के लिए बनेगा नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड इन सभी नियमों को जमीन पर उतारने और वर्कर्स की समस्याओं को सुनने के लिए एक ‘राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड’ बनाने का प्रस्ताव है. यह बोर्ड केवल कागजी काम नहीं करेगा, बल्कि इसकी जिम्मेदारी होगी कि वह देश में गिग वर्कर्स की सही संख्या का पता लगाए और बदलती अर्थव्यवस्था के हिसाब से नई कल्याणकारी नीतियां बनाए. इस बोर्ड में सरकार के साथ-साथ श्रमिक संगठनों और कंपनियों के 5-5 प्रतिनिधि शामिल होंगे, ताकि दोनों पक्षों की बात सुनी जा सके. कैसे होगी दिनों की गिनती? ड्राफ्ट के अनुसार, गिग कर्मचारियों के दिनों की गिनती अलग-अलग की जाएगी। उदाहरण के तौर पर यदि कोई वर्कर एक ही दिन में स्विगी और जोमैटो दोनों के लिए काम करता है, तो उसे दो दिन माना जाएगा। काम की गिनती उसी दिन से शुरू हो जाएगी जब वर्कर ने प्लेटफॉर्म से पैसे कमाए, कितने कमाए इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ड्राफ्ट में यह भी कहा गया है कि 16 साल से अधिक उम्र के प्रत्येक गिग वर्कर्स के पास आधार से लिंक रज‍िस्‍ट्रेशन होना अनिवार्य है। इन शर्तों का पालन जरूरी सरकार की तरफ से कहा गया है कि प्रत्येक कंपनी या एग्रीगेटर को अपने गिग वर्कर्स से जुड़ी जानकारी केंद्र के पोर्टल पर देनी होगी, ताकि यूनिवर्सल अकाउंट नंबर बनाया जा सके। हर पंजीकृत गिग वर्कर को डिजिटल या फिजिकल आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। ड्राफ्ट में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि 60 साल की उम्र होने या पिछले वित्त वर्ष में 90/120 दिनों के काम की शर्त पूरी न करने की स्थिति में सोशल सिक्योरिटी के फायदे मिलना बंद हो जाएंगे। क्या मिलेंगी सुविधाएं? सोशल सिक्योरिटी के तहत गिग वर्कर्स को कई तरह के फायदे मिलेंगे। उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस और एक्सीडेंट बीमा जैसी सुविधाएं मिलेंगी। गिग वर्कर्स आयुष्मान भारत का भी हिस्सा बनेंगे। इसके अलावा, बाद में वे प्लेटफॉर्म और गिग वर्कर्स, दोनों के योगदान के आधार पर पेंशन के लिए योग्य होंगे। श्रम मंत्रालय ने पहले ही 'ई-श्रम' पोर्टल पर गिग वर्कर्स का रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है।

सोने और चांदी के रेट में बदलाव, चांदी में आई भारी उछाल, जानिए ताजे दाम

इंदौर   साल 2026 की शुरुआत भारतीय सर्राफा बाजार के लिए काफी हलचल भरी रही है। जहाँ साल 2025 में कीमती धातुओं की कीमतों ने आसमान छुआ था, वहीं नए साल के दूसरे दिन यानी 2 जनवरी 2026 को बाजार में मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। आज सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। आज भारत में सोने और चांदी की कीमतें  पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की चाल लगभग एक जैसी बनी हुई थी, लेकिन आज यह सिलसिला टूट गया। शुक्रवार को देश में 24 कैरेट सोने की औसत कीमत ₹1,36,764 रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास रही। वहीं, 22 कैरेट सोना, जिसका उपयोग गहने बनाने में सबसे ज्यादा होता है, ₹1,25,367 रुपये के स्तर पर पहुँच गया। दूसरी ओर, चांदी के खरीदारों के लिए थोड़ी राहत की खबर है। आज एक किलो चांदी का भाव गिरकर 2,37,900 रुपये हो गया है। जानकारों का मानना है कि ग्लोबल फैक्टर्स और औद्योगिक मांग में बदलाव के कारण चांदी की कीमतों में यह नरमी देखी जा रही है। एमसीएक्स पर सोना हुआ मजबूत शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर सोने का भाव 0.63 फीसदी यानी 856 रुपये की तेजी के साथ 1,36,660 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता दिखाई दिया। अच्छी हाजिर मांग और वैश्विक संकेतों के चलते निवेशकों का रुझान सोने की ओर बढ़ा है। अनिश्चित वैश्विक हालात में सोना एक बार फिर सेफ हैवन एसेट बनकर उभरा है। चांदी में जबरदस्त उछाल आज चांदी की कीमतों में भी रिकॉर्डतोड़ तेजी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर चांदी का भाव 2.76 फीसदी या 6,502 रुपये की छलांग के साथ 2,42,375 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। इंडस्ट्रियल डिमांड और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले मजबूत संकेतों ने चांदी को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुख वैश्विक स्तर पर कॉमेक्स पर सोना 1.07 फीसदी या 46.60 डॉलर की तेजी के साथ 4,387.70 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा। वहीं चांदी ने भी शानदार प्रदर्शन किया और कॉमेक्स पर इसका भाव 3.47 फीसदी बढ़कर 73.05 डॉलर प्रति औंस पहुंच गया। सिल्वर स्पॉट में भी 2.48 फीसदी की मजबूती दर्ज की गई। निवेशकों के लिए संकेत विशेषज्ञों के मुताबिक डॉलर की कमजोरी और ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं आगे भी सोने-चांदी को सपोर्ट दे सकती हैं। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आने वाले वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर टिकी हुई है।

Kia Seltos लॉन्च: साइज में बढ़ोतरी और नए फीचर्स, अब सिएरा से होगी मुकाबला

मुंबई  नए साल की शुरुआत के साथ ही कारों की लॉन्चिंग भी शुरू हो चुकी है. इस साल की सबसे पहली कार के तौर पर साउथ कोरियन कार निर्माता कंपनी किआ ने आज अपनी नई Kia Seltos को पेश किया है. दमदार डिजाइन, नए फीचर्स और भरोसेमंद इंजन के साथ यह मिड साइज SUV अब आधिकारिक तौर पर बिक्री के लिए उपलब्ध है. नई किआ सेल्टॉस की शुरुआती कीमत 10.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है, जो इंट्रोडक्टरी प्राइस है. यानी भविष्य में कंपनी इस एसयूवी की कीमतों में इजाफा करेगी. पिछले मॉडल के मुकाबले इसकी शुरुआती कीमत तकरीबन 20,000 रुपये ज्यादा है. पिछला मॉडल 10.79 लाख रुपये की कीमत से शुरू होता था. 11 दिसंबर से इसकी बुकिंग 25,000 रुपये के टोकन अमाउंट पर शुरू हो चुकी है और मिड जनवरी से डिलीवरी भी शुरू हो जाएगी. एक्सटीरियर और इंटीरियर में बदलाव नई Kia Seltos में कंपनी की ‘अपोजिट यूनाइटेड’ डिजाइन फिलॉसफी देखने को मिलती है. सामने की ओर चौड़ी ग्रिल दी गई है, जिसमें हेडलाइट्स को शामिल किया गया है. वर्टिकल LED DRL, ग्लॉस ब्लैक बॉडी क्लैडिंग, रिट्रैक्टेबल डोर हैंडल, ब्लैक्ड आउट पिलर और पीछे की तरफ LED लाइट बार इसे बिल्कुल नया लुक देते हैं. साइज में पहले से ज्यादा बड़ी डायमेंशन की बात करें तो नई Seltos की लंबाई 4,460 मिमी, चौड़ाई 1,830 मिमी और ऊंचाई 1,635 मिमी है. इसका व्हीलबेस 2,690 मिमी का है. पुराने मॉडल के मुकाबले यह SUV लंबाई में 95 मिमी, चौड़ाई में 30 मिमी और व्हीलबेस में 80 मिमी बड़ी हो गई है, जिससे केबिन स्पेस और भी बेहतर हुआ है. कैसा है कार का केबिन नई किआ सेल्टॉस के इंटीरियर की बात करें तो, अंदर की ओर दो बड़े 12.3 इंच के डिस्प्ले मिलते हैं, जिनके बीच 5 इंच की HVAC स्क्रीन दी गई है. इसमें नया थ्री स्पोक फ्लैट बॉटम स्टीयरिंग व्हील है, जिस पर ऑफसेट Kia लोगो दिया गया है. सेंटर कंसोल पर फिजिकल बटन भी मिलते हैं, जिससे इस्तेमाल आसान हो जाता है. इंजन और परफार्मेंस इंजन के मामले में नई Seltos अपने पुराने मॉडल जैसी ही है. इसमें 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन 115hp पावर के साथ, 1.5 लीटर डीजल इंजन 116hp पावर के साथ और 1.5 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन 160hp पावर के साथ मिलता है. पेट्रोल इंजन के साथ 6 स्पीड मैनुअल और CVT का विकल्प है. डीजल में 6 स्पीड मैनुअल और 6 स्पीड ऑटोमैटिक मिलता है. टर्बो पेट्रोल के साथ 6 स्पीड iMT और 7 स्पीड DCT गियरबॉक्स दिए गए हैं.  फीचर्स और सेफ्टी में कोई कमी नहीं नई Kia Seltos में वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो और एप्पल कार प्ले की सुविधा मिलती है. इसके अलावा वेंटिलेटेड फ्रंट सीट्स, 64 कलर एंबिएंट लाइटिंग, ड्यूल जोन क्लाइमेट कंट्रोल, लेवल-2 ADAS, 10 वे पावर ड्राइवर सीट, 360 डिग्री कैमरा, पैनोरमिक सनरूफ, वायरलेस चार्जिंग, 8 स्पीकर Bose साउंड सिस्टम और कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी जैसे फीचर्स मिलते हैं.  सेफ्टी के लिए इसमें 6 एयरबैग, ESC, फ्रंट और रियर डिस्क ब्रेक, हिल होल्ड असिस्ट, TPMS, ISOFIX चाइल्ड सीट माउंट और रिवर्स कैमरा स्टैंडर्ड दिए गए हैं. Kia का दावा है कि नए K3 प्लेटफॉर्म के चलते इसकी बॉडी ज्यादा मजबूत हुई है, जिससे इसे Bharat NCAP में 5 स्टार रेटिंग मिलने की उम्मीद है. Kia ने यह भी कन्फर्म किया है कि आने वाले समय में Seltos का पेट्रोल हाइब्रिड वर्जन भी आएगा, जो 2027 तक लॉन्च हो सकता है. हाइब्रिड वेरिएंट में ज्यादा बेहतर माइलेज की उम्मीद है, जो कि इस सेग्मेंट काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. हाल ही में Tata Sierra के नए हाइपेरियन पेट्रोल वेरिएंट ने इंदौर के NATRAX ट्रैक पर 29.9 किमी प्रतिलीटर तक का माइलेज रिकॉर्ड बनाया है.  Kia Seltos की प्राइसिंग और वेरिएंट नई Kia Seltos की कीमत 10.99 लाख रुपये से शुरू होकर 19.99 लाख रुपये तक जाती है. इस एसयूवी को कंपनी ने कुल एचटीई, एचटीके, एचटीएक्स और जीटीएक्स सहित कई वेरिएंट में पेश किया है. यह SUV बाजार में क्रेटा, वोक्सवैगन टाइगुन, स्कोडा कुशाक, मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाइराइडर, होंडा एलिवेट, एमजी एस्टर और टाटा सिएरा जैसी गाड़ियों को सीधी टक्कर देती है.