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नई Tata Sierra की कीमतें जारी, वेरिएंट के अनुसार देखें विकल्प

नई दिल्ली स्वदेशी कार निर्माता Tata Motors ने हाल ही में अपनी नई Tata Sierra एसयूवी को बाजार में उतारा था, लेकिन कंपनी ने इसकी कीमत का खुलासा नहीं किया था. अब कंपनी ने इसके ज्यादातर वेरिएंट का खुलासा कर दिया है. हालांकि इसके दो टॉप स्पेक वेरिएंट की कीमत अभी तक सामने नहीं आई है. भारतीय बाजार में Tata Sierra का मुकाबला Hyundai Creta, Maruti Suzuki Victoris, Kia Seltos, Maruti Suzuki Grand Vitara, Toyota Urban Cruiser Hyryder, Honda Elevate, Volkswagen Taigun, Skoda Kushaq और MG Astor जैसी कारों से होने वाला है. बिल्कुल नई Tata Sierra को कार निर्माता कंपनी के लाइन-अप में Tata Harrier से नीचे लेकिन Tata Curvv से ऊपर रखा गया है. फिलहाल इसके टॉप वेरिएंट की कीमतें अभी आनी बाकी हैं, लेकिन अभी की लिस्ट से यह देखना आसान है कि Sierra रेंज कैसे बंटी हुई है और हर वेरिएंट में क्या फीचर्स हैं. Tata Sierra की कीमत इंजन गियरबॉक्स Smart+ Pure Pure+ Adventure Adventure+ Accomplished Accomplished+ 1.5 NA Revotron पेट्रोल मैनुअल 11.49 लाख रुपये 12.99 लाख रुपये 14.49 लाख रुपये 15.29 लाख रुपये 15.99 लाख रुपये       DCT – 14.49 लाख रुपये 15.99 लाख रुपये 16.79 लाख रुपये –     1.5 T-GDI टर्बो-पेट्रोल ऑटोमेटिक – – – – 17.99 लाख रुपये घोषित नहीं हुआ घोषित नहीं हुआ 1.5 Kryojet डीजल मैनुअल 12.99 लाख रुपये 14.99 लाख रुपये 15.99 लाख रुपये 16.49 लाख रुपये 17.19 लाख रुपये       ऑटोमेटिक – 15.99 लाख रुपये 17.49 लाख रुपये – 18.49 लाख रुपये घोषित नहीं हुआ घोषित नहीं हुआ Tata Sierra के वेरिएंट और पावरट्रेन कंपनी ने Tata Sierra को कुल सात ट्रिम्स में बाजार में उतारा है, जिसमें Smart+, Pure, Pure+, Adventure, Adventure+, Accomplished और Accomplished+ शामिल हैं. इस कार के साथ तीन इंजन का विकल्प दिया गाय है, जिसमें पहला 1.5-लीटर टर्बो-पेट्रोल इंजन है, जो 158 bhp की पावर प्रदान करता है और इसे ऑटोमेटिक गियरबॉक्स के साथ जोड़ा जाता है. इसके अलावा, दूसरा विकल्प 1.5-लीटर, नैचुरली-एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन है, जो 105 bhp की पावर देता है और इसके साथ मैनुअल और डुअल-क्लच ऑटोमैटिक गियरबॉक्स का विकल्प दिया जाता है. वहीं तीसरा विकल्प 1.5-लीटर डीज़ल इंजन का है, जिसके साथ मैनुअल या ऑटोमैटिक गियरबॉक्स को जोड़ा गया है और यह इंजन 116 bhp की पावर प्रदान करता है. Tata Sierra के फीचर्स Tata Sierra Smart+ के फीचर्स पर नजर डालें तो इस ट्रिम में LED DRLs और टेल-लैंप, पुश-बटन स्टार्ट, रियर AC वेंट, 17-इंच के व्हील, चार डिस्क ब्रेक और ऑटो होल्ड के साथ इलेक्ट्रॉनिक पार्किंग ब्रेक जैसे ज़रूरी फीचर्स मिलते हैं. वहीं, इसके Pure और Pure+ वेरिएंट में पैनोरमिक सनरूफ, 10-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट, क्रूज़ कंट्रोल, वायरलेस एंड्रॉयड ऑटो/एप्पल कारप्ले, ऑटो हेडलैंप, रेन-सेंसिंग वाइपर और डुअल-ज़ोन क्लाइमेट कंट्रोल जैसे फीचर्स मिलते हैं. इसके अलावा, Adventure और Adventure+ ट्रिम्स की बात करें तो इनमें 18-इंच के व्हील्स, 360-डिग्री कैमरा, टेरेन मोड्स, एक बड़ा डिजिटल डिस्प्ले और लेदरेट ट्रिम के साथ कुछ एक्स्ट्रा कम्फर्ट फीचर्स मिलते हैं. Tata Sierra को कंपनी ने कुल छह कलर ऑप्शन्स में बाजार में उतारा है, जिनमें प्रिस्टीन व्हाइट, प्योर ग्रे, कूर्ग क्लाउड, मुन्नार मिस्ट, बंगाल रूज और अंडमान एडवेंचर शामिल हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके कलर ऑप्शन्स वेरिएंट के हिसाब से अलग-अलग होते हैं.  

इंडिगो की गिरावट ने सेंसेक्स को झटका दिया, डिफेंस शेयरों में अचानक उथल-पुथल

मुंबई  शेयर बाजार में हफ्ते के पहले दिन भारी गिरावट (Stock Market Crash) देखने को मिल रही है. सुस्ती के साथ ओपन हुआ बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स (Sensex) मार्केट क्लोज होने से एक घंटे पहले ही करीब 800 अंक फिसल गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी फिसलकर 26,000 के स्तर के नीचे आ गया. बाजार में गिरावट के बीच इंडिगो समेत कई शेयर लाल निशान पर कारोबार करते दिखे, जबकि डिफेंस शेयरों में भी भूचाल नजर आया.  सेंसेक्स-निफ्टी देखते ही देखते क्रैश   शेयर मार्केट (Share Market) में सोमवार को कारोबार की शुरुआत रेड जोन में हुई थी. BSE Sensex अपने पिछले बंद 85,712.37 की तुलना में गिरकर 85,624.84 के लेवल पर ओपन हुआ और इसके बाद ये फिसलते हुए चला गया. खबर लिखे जाने तक दोपहर 2.15 बजे पर सेंसेक्स इंडेक्स 800 अंक फिसलकर 84,875 के लेवल पर आ गया. इसकी तरह NSE Nifty की चाल रही. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 26,186.45 के मुकाबले गिरावट के साथ 26,159 पर ओपन हुआ और 270 अंक की गिरावट लेकर 25,892 के लेवल पर कारोबार कर रहा था.  IndiGo Share में तगड़ी गिरावट शेयर बाजार में गिरावट के साथ हो रहे कारोबार के बीच संकट में फंसी इंडिगो एयरलाइन की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का शेयर (IndiGo Share Crash) 9 फीसदी तक टूट गया. ये एयरलाइन स्टॉक अपने पिछले बंद 5,367.50 रुपये के लेवल से टूटकर 5,110 रुपये पर खुला और फिर सेंसेक्स-निफ्टी की तरह फिसलता ही चला गया. इंडिगो शेयर 9 फीसदी के आसपास गिरकर 4842.5 रुपये पर कारोबार कर रहा था और इसका मार्केट कैप भी गिरकर 1.89 लाख करोड़ रुपये पर आ गया था. 

नई Harley-Davidson X440T अब भारत में, एक्स-शोरूम 2.80 लाख रुपये

मुंबई  प्रीमियम मोटरसाइकिल निर्माता कंपनी Harley-Davidson ने अपनी नई Harley-Davidson X440T को लॉन्च कर दिया है. कंपनी ने इस मोटरसाइकिल को 2.80 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर उतारा है. इस कीमत पर, नई X440T, X440 लाइनअप में नया, रेंज-टॉपिंग वेरिएंट हो जाता है, जिसमें स्टैंडर्ड X440 को अब रीपोज़िशन किया गया है. रेगुलर Harley-Davidson X440 को कंपनी दो वेरिएंट में बेच रही है, जिनकी कीमत – X440 Vivid के लिए 2.35 लाख रुपये और X440 S के लिए 2.55 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है. नई X440T की बुकिंग 7 दिसंबर को शुरू कर दी गई है, और इस नए वेरिएंट की डिलीवरी जनवरी 2026 में शुरू होगी. Harley-Davidson X440T के बारे में कंपनी की मौजूदा Harley-Davidson X440 S की तुलना में, नई X440 T लगभग Rs 25,000 ज़्यादा महंगी है. ऐसे में सवाल यह उठता है कि आपको इस अतिरिक्त कीमत पर क्या कुछ मिलने वाला है? नई Harley-Davidson X440T में बड़ा बदलाव पूरी तरह से नया रियर सबफ्रेम और रीडिज़ाइन किया गया टेल सेक्शन दिया गया है. इसमें पिलियन ग्रैब हैंडल बेहतर पिलियन कम्फर्ट के लिए इंटीग्रेटेड हैं. नई X440T अपने बार-एंड मिरर, नए डेकल्स और चार अलग-अलग पेंट ऑप्शन की वजह से भी अलग दिखता है. हालांकि, सबसे ज़रूरी अंतर राइडिंग के मामले में हो सकता है. Harley-Davidson ने नई X440T में राइड-बाय-वायर का फीचर जोड़ा है, जो दो राइड मोड (Road और Rain), स्विचेबल एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम और स्विचेबल ट्रैक्शन कंट्रोल के साथ आता है. नई X440T में एक और खास फीचर शामिल किया गया है, जिसे हार्ले ने ‘पैनिक ब्रेकिंग अलर्ट’ नाम दिया है. इस फीचर के साथ, मोटरसाइकिल के सभी इंडिकेटर, जब डीसेलरेशन रेट 2.4m/s से ज़्यादा होगा, तो स्टैंडर्ड ब्लिंकिंग रेट से 4 गुना तेज़ी से ब्लिंक करके पीछे चल रही गाड़ियों को इमरजेंसी ब्रेक लगाने का सिग्नल देते हैं. Harley-Davidson X440T का इंजन इंजन की बात करें तो इसमें मौजूदा Harley-Davidson X440 का ही 440 cc, ऑयल-कूल्ड, 2-वॉल्व SOHC सिंगल-सिलेंडर इंजन दिया जा सकता है, जो 6,000 rpm पर 27 bhp की पावर और 4,000 rpm पर 38 Nm का अधिकतम टॉर्क पैदा करता है. इस इंजन के साथ 6-स्पीड गियरबॉक्स को जोड़ा जाता है.

RBI की कटौती से मिला मजबूती का संकेत, देश की इकोनॉमी को लेकर SBI चेयरमैन का बड़ा बयान

नई दिल्ली  एसबीआई और आईबीए के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी ने शनिवार को कहा कि केंद्रीय बैंक आरबीआई की ओर से हालिया मौद्रिक नीति समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों से एक क्लियर और कॉन्फिडेंट मैसेज मिलता है कि देश की इकोनॉमी मजबूत बनी हुई है और कम मुद्रास्फीति के साथ विकास के गति तेज बनी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अनुमान को 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत करना दिखाता है कि आरबीआई आशावादी बना हुआ है। शेट्टी ने कहा, "ब्याज दरों में कटौती और भविष्य में कटौती की संभावना को बनाए रखने का निर्णय संभावित अप्रत्याशित झटकों या बाहरी प्रतिकूल परिस्थितियों से अर्थव्यवस्था को बचाने में मदद करता है।" उन्होंने आगे कहा कि आरबीआई का यह कदम निवेश, क्रेडिट और उपभोग को बढ़ावा देते हुए दीर्घकालिक उच्चतर विकास पथ के लिए स्ट्रक्चरल चालकों को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि इस बीच, लिक्विडिटी-मैनेजमेंट उपायों का उद्देश्य मनी-मार्केट रेट्स को स्थिर रखना और उधार लेने की लागत को कम करना है। शेट्टी ने कहा, "रेट कट, न्यूट्रल स्टांस और टारगेटेड लिक्विडिटी इंटरवेंशन का उद्देश्य कीमत और फाइनेंशियल स्थिरता को बनाए रखते हुए आर्थिक गति को बनाए रखना है।" आरबीआई ने दिसंबर की मौद्रिक नीति समिति के नतीजों में चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट घटाकर 5.5 प्रतिशत से 5.25 प्रतिशत कर दिया। इस बीच, एसबीआई रिसर्च की एक लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही में क्रमशः 7.8 प्रतिशत और 8.2 प्रतिशत की मजबूत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि दर दर्ज किए जाने के बाद भारत शेष दो तिमाहियों में 7 प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़ेगा। इसी के साथ, एसबीआई रिसर्च ने समग्र चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।

सरकार का इंडिगो पर सख्त कदम, 7 दिसंबर तक रिफंड लौटाने का आदेश, CEO पर गिरी गाज

इंडिगो को मंत्रालय का अल्टीमेटम: 7 दिसंबर तक यात्रियों को लौटाएं रिफंड सरकार का इंडिगो पर सख्त कदम, 7 दिसंबर तक रिफंड लौटाने का आदेश, CEO पर गिरी गाज  नई दिल्ली नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिया है कि वह यात्रियों के सभी लंबित रिफंड बिना किसी देरी के तुरंत लौटा दे. मंत्रालय ने तय समयसीमा के साथ आदेश दिया है कि कैंसिल या बाधित हुई उड़ानों से जुड़े सभी रिफंड 7 दिसंबर, रविवार रात 8 बजे तक पूरी तरह निपटा दिए जाएं. मंत्रालय ने एयरलाइंस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन यात्रियों की यात्रा फ्लाइट रद्द होने से प्रभावित हुई है, उनसे किसी भी प्रकार का री-शेड्यूलिंग शुल्क न लिया जाए. आदेश का पालन न करने पर तत्काल नियामकीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. स्पेशल पैसेंजर सपोर्ट एंड रिफंड सेल उड़ानों में आई गड़बड़ियों के बाद यात्रियों की शिकायतों का तेज समाधान सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को स्पेशल पैसेंजर सपोर्ट एंड रिफंड सेल बनाने को कहा है. ये सेल प्रभावित यात्रियों से खुद संपर्क करेंगे, ताकि रिफंड और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था बिना बार-बार फॉलो-अप किए ही पूरी हो सके. जब तक संचालन पूरी तरह सामान्य नहीं होता, ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम जारी रहेगा. सीईओ को हटाए जाने की तैयारी, एयरलाइंस पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले 3 दिनों से कड़ी आलोचना के घेरे में है जबरदस्त कैंसिलेशन, घंटों की देरी और देशभर के एयरपोर्ट्स पर अफरा तफरी ने एविएशन सिस्टम हिला दिया है. अब सरकार इस पूरे संकट को बेहद गंभीर मान रही है और पहले से ही नाराज यात्रियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार इंडिगो सीईओ पीटर एल्बर्स (Peter Elbers) को हटाने की सिफारिश करने पर गंभीरता से विचार कर रही है. ऊपर से एयरलाइन पर भारी पेनल्टी की तैयारी है जिसे इंडस्ट्री में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा सकता है. फ्लाइट कटौती पर भी बड़ा फैसला सूत्रों के अनुसार सरकार एयरलाइन के ऑपरेशंस में सीधी कटौती करने जा रही है. इंडिगो की कई रूट्स पर फ्लाइट अलॉटमेंट कम कर दिए जाएंगे. एयरलाइन को केवल उतनी ही उड़ानें चलाने की अनुमति दी जाएगी जिनमें वह पूरा क्रू उपलब्ध करा सके. इस बीच आरोप यह भी है कि इंडिगो पिछले कई महीनों से जरूरत से ज्यादा भरा हुआ शेड्यूल चला रही थी. सरकार का मानना है कि ओवरस्ट्रेस्ड ऑपरेशंस ने ही इस बड़े ऑपरेशनल मेल्टडाउन को जन्म दिया जिसके कारण हजारों यात्रियों को तकलीफ उठानी पड़ी. इंडिगो अधिकारियों को फिर बुलाया गया हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि एयरलाइन के टॉप अधिकारी आज फिर से नागरिक उड्डयन मंत्रालय में तलब किए गए हैं. शाम 6 बजे एक और जरूरी मीटिंग होगी जिसमें मंत्रालय यह जानना चाहता है कि एयरलाइन ने हालात काबू में लाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं. अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि अगर इंडिगो तुरंत सुधार नहीं दिखाती तो आगे की कार्रवाई और कड़ी होगी. PMO को भी भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट सूत्रों का कहना है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस पूरे संकट पर प्रधानमंत्री कार्यालय को अलग से ब्रीफ करने की तैयारी कर चुका है. संकेत साफ हैं कि केंद्र सरकार इस बार मामले को हल्के में नहीं लेने वाली है. यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं और डीजीसीए पर कड़ा दबाव है कि वह तुरंत कार्रवाई करे. ऐसे में माना जा रहा है कि एयरलाइन के खिलाफ और भी कड़े कदम जल्द देखने को मिल सकते हैं. बैगेज लौटाने के लिए 48 घंटे की समयसीमा मंत्रालय ने इंडिगो को यह भी निर्देश दिया है कि कैंसिलेशन या देरी की वजह से यात्रियों से अलग हुए सभी बैगेज का पता लगाकर उसे 48 घंटे के भीतर यात्रियों के घर या दिए गए पते पर पहुंचाया जाए. इसके साथ ही एयरलाइंस को यात्रियों को बैगेज की स्थिति, उसकी ट्रैकिंग और डिलीवरी टाइमलाइन के बारे में स्पष्ट सूचना देने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर नियमों के अनुसार मुआवजा भी देना होगा. मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए निगरानी और व्यवस्था और मजबूत की गई है. वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, छात्रों, मरीजों और जरूरी यात्रा कर रहे यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. मंत्रालय ने भरोसा दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य संचालन बहाल किया जाएगा.  

एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर 1257 करोड़ का जुर्माना, यूरोपीय संघ का कड़ा कदम

 लंदन यूरोपीय संघ के नियामकों ने शुक्रवार को एलन मस्क के सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर डिजिटल नियमों का पालन न करने के लिए 12 करोड़ यूरो (लगभग 14 करोड़ डॉलर) का जुर्माना लगाया। यूरोपीय आयोग ने यह निर्णय दो साल पहले सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद लिया है। यह जांच 27 सदस्यीय यूरोपीय संघ के डिजिटल सेवा अधिनियम (डीएसए) के तहत की गई थी। ⁠डीएसए एक व्यापक कानून है जो सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन मंच से कहता है कि यूरोप के उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए वे ज्यादा जिम्मेदारी लें और अपनी साइट पर आने वाली हानिकारक या गैर-कानूनी सामग्री तथा उत्पादों को तुरंत हटाएं। अगर वे ऐसा नहीं करते तो बहुत भारी जुर्माना लग सकता है। आयोग ने कहा कि वह सोशल मीडिया मंच एक्स को डीएसए की पारदर्शिता आवश्यकताओं के तीन अलग-अलग उल्लंघनों के कारण दंडित कर रहा है। नियामकों ने कहा कि ‘एक्स’ के नीले टिक निशान नियमों का उल्लंघन करते हैं क्योंकि उनका भ्रामक डिजाइन उपयोगकर्ताओं को धोखाधड़ी और गलत जानकारी के जोखिम में डाल सकता है।

टैक्स के बाद सरकार का अगला मास्टरस्ट्रोक! वित्त मंत्री ने इस बड़े बदलाव पर दिया इशारा

मुंबई  इनकम टैक्ससेशन में बदलाव के बाद अब सरकार का अगला फोकस कस्टम ड्यूटी सिस्टम में बदलाव का है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट (HTLS) 2025 में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बजट 2026 से पहले उनकी अगली बड़ी प्राथमिकता कस्टम्स विभाग में व्यापक सुधार करना है। उन्होंने इसे अपना नेक्स्ट बिग क्लीन-अप असाइनमेंट बताया। समिट के 23वें संस्करण में एडिटर-इन-चीफ आर.सुकुमार से बातचीत के दौरान उन्होंने देश की आर्थिक चुनौतियों, सुधारों और आगामी लक्ष्यों पर विस्तार से चर्चा की। आगामी बजट के संदर्भ में वित्त मंत्री ने कहा कि कस्टम्स सिस्टम का ओवरहॉल अब आवश्यक हो गया है। इससे न केवल व्यापार सुगमता बढ़ेगी बल्कि भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और आयात-निर्यात प्रक्रिया और पारदर्शी व सरल होगी। उन्होंने संकेत दिया कि इस दिशा में बड़े कदम जल्द ही दिखने वाले हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि कस्टम्स विभाग को भी उसी तरह पारदर्शी और आधुनिक बनाया जाए, जैसा बदलाव सरकार ने आयकर प्रशासन में फेसलेस सिस्टम के रूप में लागू किया था। उन्होंने कहा कि पहले आम धारणा थी कि आयकर की दरें समस्या नहीं हैं। असली परेशानी टैक्स प्रशासन के तरीके से होती है, जो कभी-कभी दर्दनाक और कष्टदायक बन जाता था। इसी वजह से टैक्स टेररिज्म जैसी नकारात्मक अभिव्यक्ति प्रचलन में आई। लेकिन अब ऑनलाइन और फेसलेस सिस्टम ने आयकर प्रक्रिया को काफी सहज बनाया है। वित्त मंत्री ने बताई सरकार की सफलताएं इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने समिट में उन प्रमुख बाधाओं का भी जिक्र किया जिन्हें सरकार ने पिछले वर्षों में पार किया है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के बाद अर्थव्यवस्था को संभालना, वैश्विक युद्धों के कारण खाद्यान्नों पर पड़ा असर, सीमाई तनाव, चुनावी वर्ष में आवश्यक सरकारी खर्च और जम्मू-कश्मीर के बैंकिंग तंत्र व अर्थव्यवस्था को पुनर्स्थापित करना जैसी बड़ी चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटा गया। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद जिस तरह से जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था को फिर से खड़ा किया गया, वह सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। आपको बता दें कि समिट में राजनीति और मनोरंजन जगत की बड़ी हस्तियां शामिल होने वाली हैं।

अक्टूबर में भारत का अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात 300% बढ़ा

नई दिल्ली   भारत का अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात अक्टूबर में सालाना आधार पर 300 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 1.47 अरब डॉलर हो गया है। यह जानकारी सरकारी डेटा में दी गई। अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात ऐसे समय पर बढ़ा है, जब देश वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अस्थिरता एवं टैरिफ का सामना कर रहा है। पिछले साल समान अवधि में भारत का अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात 0.46 अरब डॉलर था। डेटा के मुताबिक, देश का यूएस को समार्टफोन निर्यात चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में 10.78 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल समान अवधि में 3.60 अरब डॉलर था। भारत ने अमेरिका को अप्रैल में 1.65 अरब डॉलर, मई में 2.29 अरब डॉलर, जून में 1.99 अरब डॉलर, जुलाई में 1.52 अरब डॉलर, अगस्त में 0.96 अरब डॉलर, सितंबर में 0.88 अरब डॉलर के स्मार्टफोन का निर्यात किया था। भारत की यूएस को शिपमेंट लगातार बढ़ रही है। इसमें सालाना आधार पर वृद्धि देखी जा रही है। पिछले साल अमेरिका को शिपमेंट अप्रैल में 0.66 अरब डॉलर, मई में 0.76 अरब डॉलर, जून में 0.59 अरब डॉलर, जुलाई में 0.49 अरब डॉलर, अगस्त में 0.39 अरब डॉलर और सितंबर में 0.26 अरब डॉलर था। वैश्विक स्तर पर भी भारत के स्मार्टफोन निर्यात में तेज वृद्धि देखी जा रही है। यह चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्टूबर अवधि में सालाना आधार पर 49.35 प्रतिशत बढ़कर 15.95 अरब डॉलर हो गया है,जो कि पिछले साल समान अवधि में 10.68 अरब डॉलर था। पिछले महीने इंडिया सेलुलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) की रिपोर्ट में जानकारी दी गई थी कि भारत का स्मार्टफोन निर्यात बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 95 प्रतिशत बढ़कर 1.8 अरब डॉलर को पार कर गया है। आईसीईए के चेयरमैन पंकज मोहिंद्रू ने निर्यात में हो रही इस लगातार बढ़ोतरी को लेकर कहा था कि यह प्रदर्शन दिखाता है कि भारत के मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की नींव मजबूत हो रही है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, भारत से निर्यात होने वाले सभी सामानों की लिस्ट में इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम अब तीसरे स्थान पर हैं। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में ग्रोथ से हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी।

पेंशन बंद हुई? चिंता ना करें, बस ये काम करें और फिर शुरू हो जाएगी रकम

नई दिल्ली देशभर में करोड़ों पेंशन भोगियों को हर साल अपनी पेंशन जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र यानी लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना अनिवार्य होता है। इस वर्ष लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2025 तय की गई थी। लेकिन अनेक पेंशनर्स किसी न किसी कारण यह प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं कर सके, जिसके चलते 1 दिसंबर से उनकी पेंशन अस्थायी रूप से रोक दी गई है। अब क्या करें पेंशनर्स? यदि अंतिम तिथि छूट गई है तो चिंता की बात नहीं है। नियमों के अनुसार, जैसे ही पेंशनर्स लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर देते हैं, उनकी रुकी हुई पेंशन फिर से शुरू कर दी जाती है। यानी आपकी पेंशन बंद नहीं होगी, केवल प्रमाणपत्र जमा होने तक रोकी रहती है। लाइफ सर्टिफिकेट कैसे जमा करें? 1. ऑफलाइन तरीका जो पेंशनर्स बैंक के जरिए सर्टिफिकेट जमा करना चाहते हैं, उन्हें बैंक शाखा में जाना होगा। साथ ले जाएं:     आधार कार्ड     पेंशन आईडी     बैंक पासबुक     पासपोर्ट साइज फोटो बैंक कर्मचारी आपकी पहचान की पुष्टि करने के बाद आपका लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर देंगे। 2. ऑनलाइन तरीका (घर बैठे सुविधा) तकनीक की मदद से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना अब बेहद सरल हो गया है। आप यह कार्य जीवन प्रमाण ऐप या जीवन प्रमाण पोर्टल के माध्यम से कर सकते हैं। प्रक्रिया:     ऐप/पोर्टल पर जाएँ     आधार नंबर दर्ज करें     बायोमेट्रिक सत्यापन करें इसके तुरंत बाद आपका सर्टिफिकेट ऑनलाइन जमा हो जाएगा। 80 वर्ष से अधिक और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए खास सुविधा बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों की सुविधा को देखते हुए बैंक और पोस्ट ऑफिस घर पर ही लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सेवा प्रदान करते हैं। संबंधित कर्मचारी उनके घर पहुंचकर पहचान की पुष्टि करते हैं और प्रक्रिया पूरी करते हैं।  

पायलटों के अवकाश नियमों में ढील: DGCA के फैसले से इंडिगो की उड़ान पर मंडरा रहा संकट होगा कम?

नई दिल्ली  उड़ान में दिक्कतों का सामना कर रही प्राइवेट सेक्टर की एयरलाइन इंडिगो समेत अन्य एविएशन कंपनियों को विमानन नियामक डीजीसीए ने बड़ी राहत दी है। डीजीसीए ने कहा कि वह उस आदेश को वापस ले रहा है जिसमें कहा गया था कि चालक दल के सदस्यों के अनिवार्य आराम के घंटों को साप्ताहिक अवकाश से अलग रखना जरूरी होगा। इसमें कहा गया है कि परिचालन में मौजूदा व्यवधानों और विभिन्न एयरलाइंस द्वारा इस संबंध में दिए गए अनुरोधों को देखते हुए यह फैसला किया गया है। बता दें कि पिछले कुछ दिनों में निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगों की उड़ानें बड़ी संख्या में रद्द हुई हैं। एयरलाइन ने शुक्रवार को अकेले दिल्ली हवाई अड्डे पर यहां से जाने वाली 135 और यहां आने वाली 90 घरेलू उड़ानें रद्द कर दी हैं। इंडिगो ने इस व्यवधान के लिए मुख्य रूप से डीजीसीए के नये नियमों को जिम्मेदार ठहराया है जिसमें चालक दल के लिए हर सप्ताह कम से कम 48 घंटे अनिवार्य आराम का प्रावधान किया गया है। उसने गुरुवार को डीजीसीए के साथ बैठक में नियम के अनुपालन फरवरी तक रियायत की मांग की थी। साथ ही बताया था कि अगले दो-तीन दिन तक उड़ानों का रद्द होना जारी रहेगा। इसके बाद 8 दिसंबर से वह अपनी उड़ानों की संख्या में कटौती कर रही है। इंडिगो का बढ़ा संकट बता दें कि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो का परिचालन पूरी तरह चरमरा गया है। शुक्रवार को 400 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और कई यात्री हवाई अड्डों पर तीन दिनों तक फंसे हुए हैं। हवाई अड्डों पर अराजकता का माहौल दिखा। इंडिगो की कई उड़ानें 12 घंटे से अधिक देरी से चलीं, यात्रियों ने विरोध प्रदर्शन किया और सामान खोने की शिकायतें भी सामने आईं। पायलटों की कमी और योजनागत कमियों के कारण आज व्यवधान का चौथा दिन है। रोजाना करीब 2,300 उड़ानें संचालित करने वाली इंडिगो की समय पर उड़ान भरने की दर (ओटीपी) मंगलवार के 35 प्रतिशत से गिरकर बुधवार को 19.7 प्रतिशत पर आ गई।