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इतिहास रचा सुनेत्रा पवार ने: महाराष्ट्र की पहली महिला डिप्टी CM का भव्य राजतिलक

मुंबई  एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया विधायक दल नेता चुन लिया गया है. इस फैसले के साथ ही उनके आज ही महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. बैठक से पहले ही संकेत मिल गए थे. पार्टी नेता दिलीप वलसे ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी के अन्य नेताओं ने समर्थन दिया. सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद के रूप में विधान भवन पहुंची थीं, जहां सर्वसम्मति से उन्हें पार्टी का नेता बनाए जाने का फैसला लिया गया. इससे पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि दी. पार्टी नेताओं के मुताबिक यह फैसला संगठन और राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है. NCP मर्जर की खबरों के बीच इसलिए लिया फैसला राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार को उनके पति एवं दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तीन दिन बाद शनिवार (31 जनवरी) को महाराष्ट्र में सर्वसम्मति से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक दल की नेता चुना गया। इसके बाद सुनेत्रा पवार को आज (31 जनवरी) राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। इससे पहले NCP विधायक दल की नेता के रूप में सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता दिलीप वालसे पाटिल ने किया। जबकि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने इसका समर्थन किया। बारामती में 28 जनवरी को हुई एक विमान दुर्घटना में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली 'महायुति' सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई। बैठक के दौरान सुनेत्रा पवार ने अपने दिवंगत पति की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। उनके छोटे बेटे जय भी इस अवसर पर मौजूद थे। विधान भवन परिसर में प्रवेश करते समय कई मंत्री और विधायक भावुक दिखाई दिए। लोक भवन ने पुष्टि की है कि सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण समारोह मुंबई में शाम पांच बजे आयोजित किया गया। सुनेत्रा पवार ने साल 2024 में बारामती से लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उन्हें अपनी ननद और NCP (SP) की मौजूदा सांसद सुप्रिया सुले से पराजय का सामना करना पड़ा था। इसके बाद सुनेत्रा पवार राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुईं। डिप्टी सीएम बनने का फैसला क्यों लिया? कुछ लोग जल्दबाजी में डिप्टी सीएम बनने के पीछे की वजह को लेकर हैरान हैं। पार्टी सूत्रों ने News18 को बताया कि सुनेत्रा पवार शुरुआत में इसके लिए तैयार नहीं थीं। लेकिन पार्टी की भलाई और अजित पवार के विजन को आगे बढ़ाने के लिए NCP वफादारों की राय पर विचार करने के बाद भारी मन से वह सहमत हुईं। देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली 'महायुति' सरकार में उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री रहे अजित पवार की 28 जनवरी को बारामती में एक विमान दुर्घटना में चार अन्य लोगों के साथ मौत हो गई थी। NCP सूत्रों के अनुसार, डिप्टी CM अजित पवार की मौत के बाद सुनेत्रा को लगा कि पार्टी प्रमुख के तौर पर अपने पति के विजन को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है। सूत्रों ने कहा, "जब अजित पवार ने बगावत की, तो वह अकेले थे… सुनेत्रा पवार ने एक पत्नी के तौर पर उस पार्टी की रक्षा करना अपना कर्तव्य समझा, जिसे अजित पवार ने सालों की कड़ी मेहनत से बनाया था। दुख की घड़ी में भी, उन्हें लगा कि अपने पति के काम को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।" अजित पवार ने NCP को दो गुटों में बांट दिया था। एक गुट यानी असली NCP अजित पवार का है। जबकि दूसरा NCP (SP) उनके चाचा शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले के नेतृत्व में है। इसके बाद वह BJP-शिवसेना के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए। जबकि SP गुट शिवसेना UBT और कांग्रेस के साथ विपक्ष में रहा।  

NCP अपडेट: सुनेत्रा पवार चुनी गईं विधायक दल की नेता, डिप्टी CM पद संभालेंगी आज

मुंबई      एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया विधायक दल नेता चुन लिया गया है. इस फैसले के साथ ही उनके आज ही महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. बैठक से पहले ही संकेत मिल गए थे. पार्टी नेता दिलीप वलसे ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी के अन्य नेताओं ने समर्थन दिया. सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद के रूप में विधान भवन पहुंची थीं, जहां सर्वसम्मति से उन्हें पार्टी का नेता बनाए जाने का फैसला लिया गया. इससे पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि दी. पार्टी नेताओं के मुताबिक यह फैसला संगठन और राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है. परिवार में कोई समस्या नहीं जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या परिवार के सदस्य के तौर पर उन्हें सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने के बारे में भरोसे में लिया गया था, इस पर शरद पवार ने कहा, ‘अगर परिवार पर कोई विपदा आती है, तो परिवार एकजुट रहता है। परिवार में कोई समस्या नहीं है।’ – सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का आधिकारिक नेता चुन लिया गया है. उनके चयन के बाद, पार्टी सभी उपस्थित विधायकों के हस्ताक्षर के साथ एक औपचारिक पत्र राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपेगी. यह पत्र नेतृत्व परिवर्तन की आधिकारिक सूचना का काम करेगा और पार्टी की पूरी एकजुटता और समर्थन को उनकी नियुक्ति के लिए प्रमाणित करेगा. इस कदम से सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने की प्रक्रिया और भी मजबूत हुई है, जबकि पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश भी साफ तौर पर दिखाई देता है. – एनसीपी (अजित गुट) के विधायकों ने शनिवार को सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुन लिया. इसके साथ ही महायुति सरकार में उनके उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे ने रखा, जिसे कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिला. राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को आज शाम 5 बजे राज्यपाल शपथ दिलाएंगे. इस फैसले के साथ सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं. यह फैसला अजित पवार के निधन के बाद पार्टी की नई सियासी दिशा और नेतृत्व को भी दर्शाता है. – अब तक अनुपस्थित रहे विधायक अशुतोष काळे भी विधान भवन पहुंच गए हैं, जो लगभग थकावट के साथ पहुंचे. उनके आने के साथ ही NCP (अजित पवार गुट) के सभी विधायक एकत्रित हो चुके हैं. यह बैठक सुनेत्रा पवार के विधायक दल नेता चुने जाने और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ की प्रक्रिया के लिए अहम मानी जा रही है. – एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में औपचारिक प्रक्रिया की शुरुआत दिवंगत नेता अजित पवार को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. पार्टी नेता सुनील तटकरे ने शोक प्रस्ताव पेश कर अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद दिलीप वलसे पाटिल ने विधायक दल के नए नेता को लेकर अहम प्रस्ताव सदन के सामने रखा, जिसे वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने समर्थन दिया. – राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार विधान भवन पहुंची हैं, जहां एनसीपी की विधायक दल की अहम बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में पार्टी अपना नया नेता चुन सकती है. माना जा रहा है कि इस फैसले से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है. बैठक के नतीजे सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता भी खोल सकते हैं. – महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को एनसीपी नेताओं ने विधायिका दल की अहम बैठक से पहले श्रद्धांजलि अर्पित की. पार्टी की ओर से जारी अंदरूनी दृश्यों में वरिष्ठ नेता, विधायक और सांसद अजित पवार के चित्र पर पुष्प अर्पित करते नजर आए. यह श्रद्धांजलि ऐसे समय दी गई है, जब एनसीपी की बैठक में पार्टी के नए नेता के चुनाव को लेकर चर्चा होनी है. – एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने कहा है कि पार्टी दिवंगत अजित दादा की अस्थियां पूरे महाराष्ट्र में ले जाएगी. उन्होंने हालिया वीडियो और बैठक को लेकर सफाई देते हुए बताया कि यह मुलाकात एक कृषि प्रदर्शनी के दौरान चाय पर हुई थी, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों पर चर्चा हुई. तटकरे के मुताबिक, उसी के बाद अजित दादा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बातचीत की पुष्टि की थी. उन्होंने कहा कि बैठक के बाद पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी. साथ ही तटकरे ने साफ किया कि एनसीपी के विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को लेकर सर्वसम्मति से फैसला लिया है, जो पार्टी की अगली रणनीति के लिए अहम माना जा रहा. – NCP MP प्रफुल्ल पटेल NCP विधायकों की मीटिंग के लिए विधान भवन पहुंचे. महाराष्ट्र की राजनीति में क्या चल रहा है? डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दो गुटों के संभावित विलय पर वरिष्ठ नेता शरद पवार ने बातचीत फिर शुरू की, यह कहते हुए कि अजित पवार अपने जीवनकाल में इसे चाहते थे. इस बीच, अजित पवार के बेटे पार्थ पवार बारामती में शरद पवार के निवास पर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहे, जो परिवार और पार्टी के बीच जारी चर्चा का संकेत है. विधायक दल की बैठक से पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके महाराष्ट्र के प्रति समर्पण और जनता के लिए किए गए कार्यों को याद किया.

कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने 73 जिला महामंत्री बनाए; 18 नए महासचिव और सागर-मऊगंज DCC घोषित

भोपाल  कांग्रेस हाईकमान के साथ हाल ही में हुई बैठक के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस (Madhya Pradesh Congress) संगठन में लंबे समय से लंबित संगठनात्मक नियुक्तियों को तेजी से आगे बढ़ाया गया है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार उठ रही नाराजगी और संगठनात्मक ढिलाई पर असंतोष जताए जाने के बाद प्रदेश में ताबड़तोड़ नियुक्तियों का दौर शुरू हो गया है. इसी क्रम में पार्टी ने 18 जिलों में संगठन महासचिवों की नियुक्ति और 14 प्रकोष्ठों के अध्यक्षों एवं संयोजकों की घोषणा कर दी है. सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हुई बैठक में संगठनात्मक देरी पर नाराजगी जताए जाने के बाद प्रदेश नेतृत्व ने प्राथमिकता के आधार पर जिला इकाइयों का पुनर्गठन शुरू किया. कहां किसे मिली नियुक्ति सागर, छिंदवाड़ा और मऊगंज जिलों की जिला कार्यकारिणी घोषित की गई. पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कई असंतुष्ट नेताओं को भी संगठन में एडजस्ट किया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर मनमुटाव कम किया जा सके. सागर जिले में पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार पचौरी को जिला संगठन महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है. पचौरी पहले भी जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और दोबारा उसी पद के लिए प्रयासरत थे. उन्हें कमलनाथ समर्थक माना जाता है. इसी तरह सिंगरौली ग्रामीण में संकठा सिंह और सिंगरौली शहर में सुरेश कुमार दुबे को संगठन महासचिव बनाया गया है. पार्टी सूत्र बताते हैं कि इन नियुक्तियों में क्षेत्रीय संतुलन, स्थानीय प्रभाव और वरिष्ठ नेताओं को साधने की रणनीति प्रमुख रही. 14 प्रकोष्ठों के प्रमुखों की नियुक्ति कांग्रेस ने 14 प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, संयोजक और समन्वयकों की नियुक्ति की है। अलग-अलग जातियों को साधने के लिए बंगाली समाज, बंजारा समाज, तैलिक साहू राठौर समाज, सर्व विश्वकर्मा समाज, स्वर्णकला, कोली/कोरी समाज, रजक समाज के नेताओं को समन्वयक संयोजक बनाया है। छिंदवाड़ा में ज्यादा फोकस पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी में पदाधिकारियों और सदस्यों को मिलाकर 258 पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। छिंदवाड़ा में कमलनाथ और नकुलनाथ को जिला कांग्रेस कमेटी में संरक्षक बनाया गया है। छिंदवाड़ा की जिला कार्यकारिणी में 73 महामंत्री बनाए पूर्व सीएम कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी(DCC) में पदाधिकारियों और सदस्यों को मिलाकर 258 पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। छिंदवाड़ा में कमलनाथ और नकुलनाथ को जिला कांग्रेस कमेटी में संरक्षक बनाया गया है। छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी में कुल 258 नेताओं की नियुक्ति कार्यवाहक अध्यक्ष- 2 कोषाध्यक्ष-1 कार्यालय मंत्री- 2 प्रवक्ता- 1 मीडिया प्रभारी- 1 सोशल मीडिया प्रभारी उपाध्यक्ष- 33 महामंत्री-73 सचिव- 70 सहसचिव- 3 आमंत्रित सदस्य- 62 विशेष आमंत्रित- 9 कुल पदाधिकारी – 258 छिंदवाड़ा में 258 की नियुक्ति कार्यवाहक अध्यक्ष- 2, कोषाध्यक्ष-1, कार्यालय मंत्री- 2, प्रवक्ता- 1, मीडिया प्रभारी- 1, सोशल मीडिया प्रभारी, उपाध्यक्ष- 33, महामंत्री-73, सचिव- 70, सहसचिव- 3, आमंत्रित सदस्य- 62, विशेष आमंत्रित- 9, कुल पदाधिकारी – 258 की नियुक्ति की गई है। सागर में 23 जिला महामंत्री   उपाध्यक्ष-8, महामंत्री- 23, सचिव- 21, कार्यकारिणी सदस्य- 8, संरक्षक सदस्य- 11, विशेष आमंत्रित सदस्य- 42, प्रवक्ता-2, स्थाई आमंत्रित सदस्य- 23, स्थाई कार्यालय मंत्री-1, सोशल मीडिया अध्यक्ष-1 और निर्वाचन प्रभारी -1 की नियुक्ति की गई है। सागर में 23 जिला महामंत्री बनाए उपाध्यक्ष-8 महामंत्री- 23 सचिव- 21 कार्यकारिणी सदस्य- 8 संरक्षक सदस्य- 11 विशेष आमंत्रित सदस्य- 42 प्रवक्ता-2 स्थाई आमंत्रित सदस्य- 23 स्थाई कार्यालय मंत्री-1 सोशल मीडिया अध्यक्ष-1 निर्वाचन प्रभारी -1 मऊगंज में 23 महामंत्री विंध्य की मऊंगज विधानसभा सीट में कांग्रेस ने उपाध्यक्ष-7, महामंत्री- 23, सचिव- 28 और कोषाध्यक्ष- 1 की नियुक्ति की है। हालांकि इस नियुक्ति से स्थानीय कार्यकर्ता नाराज बताए जा रहे हैं। दरअसल, जिन्हें उम्मीद थी कि पद मिलेगा उन्हें कुछ नहीं मिला। नेताओं की परिक्रमा करने वालों को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव संजय कामले ने कहा कि शेष जिला कार्यकारिणियों की घोषणा भी जल्द की जाएगी. उनका कहना है कि वर्तमान चरण में प्राथमिकता उन जिलों को दी गई जहां संगठनात्मक गतिविधियाँ लंबे समय से रुकी हुई थीं या स्थानीय स्तर पर असंतोष की स्थिति थी. पार्टी अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर प्रदेश में यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले के नेतृत्व में जिला इकाइयों का पुनर्गठन और नियुक्तियों की श्रृंखला जारी है. पार्टी की रणनीति आगामी चुनावी तैयारियों के लिए जिलों में अधिक सक्रिय और मजबूत संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने पर केंद्रित बताई जा रही है.  

सुनेत्रा के डिप्टी CM बनने की चर्चा तेज, शरद पवार का बड़ा बयान– NCP के विलय पर तोड़ी चुप्पी

मुंबई  NCP प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में मौत के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को आज महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगी. अब सुनेत्रा के डिप्टी सीएम पद की शपथ लेने पर शरद पवार ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. साथ ही उन्होंने दोनों एनसीपी पार्टियों के विलय को लेकर भी बड़ा बयान दिया है. शरद पवार से जब पूछा गया कि क्या सुनेत्रा आज शपथ लेंगी तो उन्होंने कहा, 'मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. ये फैसला उनकी पार्टी ने ही लिया होगा, क्योंकि कुछ नाम सामने आ रहे हैं- जैसे प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे, संभव है कि इन्हीं लोगों ने ये तय किया हो. पार्टी के स्तर पर कोई आंतरिक निर्णय लिया गया होगा.' 'दोनों NCP का हो विलय' शरद पवार ने दोनों एनसीपी की मिलने की बात करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में सभी को ये ध्यान रखना होगा कि हालात का सामना कैसे किया जाए. किसी न किसी को आगे आना ही पड़ेगा. पिछले चार महीनों से दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियों के एक होने को लेकर चर्चा चल रही है. इस प्रक्रिया का नेतृत्व अजित पवार और जयंत पाटिल कर रहे थे. अब ये होगा या नहीं इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता. दोनों दल साथ आएं यही अजित की इच्छा थी. 'मुझे नहीं है जानकारी….' उन्होंने ये भी कहा कि एनसीपी को आगे क्या करना है, ये उनका फैसला है. ये मैं तय नहीं करूंगा. मेरी सुनेत्रा पवार के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. मुझे लगता है कि सुनील तटकरे, छगन भुजबल और प्रफुल पटेल ने पहल कर मुख्यमंत्री से इस बारे में चर्चा की होगी. आज सुबह मैंने अखबार में पढ़ा कि प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे ने मुख्यमंत्री से चर्चा की है, लेकिन इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं थी. बारामती के गोविंद बाग में हुई थी बैठक वहीं, दोनों पार्टियों के विलय को लेकर शरद और अजित पवार के बीच बारामती के गोविंद बाग में बैठक हुई थी. ये बैठक 17 जनवरी को हुई थी और 12 फरवरी को दोनों पार्टियों के विलय पर अंतिम मोहर लगाई जानी थी. मुंबई पहुंचीं सुनेत्रा पवार दूसरी ओर बताया जा रहा है कि सुनेत्रा पवार मुंबई पहुंच चुकी हैं. दोपहर को एनसीपी विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें उन्हें विधायक दल का नेता चुना जाएगा. इसके बाद शाम लगभग 5 बजे राज भवन या लोक भवन में  शपथ ग्रहण समारोह होगा. सूत्रों का ये भी कहना है कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुति सरकार ने सुनेत्रा पवार के नाम को स्वीकार कर लिया है और सुनेत्रा को अजित पवार के पद की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है. हालांकि, पोर्टफोलियो का वितरण बाद में हो सकता है. उन्हें छह महीने के अंदर विधानसभा चुनाव लड़ना होगा. एक पार्टी नेता ने कहा, 'ये फैसला पार्टी स्तर पर लिया गया है. प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे ने मुख्यमंत्री से चर्चा की होगी. सुनेत्रा पवार के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हुई, लेकिन पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए किसी को आगे आना जरूरी था.'

शरद पवार के बड़े नेता बोले, NCP का विलय तय, ऐलान मात्र समय की बात

 मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा खुलासा करते हुए एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे ने कहा है कि दोनों एनसीपी के एक साथ विलय की बातचीत लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी. खडसे के मुताबिक पिछले तीन से चार महीनों से अजित पवार और अन्य नेताओं के साथ लगातार चर्चा चल रही थी और विलय को लेकर सहमति बन चुकी थी. एकनाथ खडसे ने कहा कि शरद पवार गुट की ओर से यह तय किया गया था कि स्थानीय निकाय और पंचायत चुनाव ‘घड़ी’ चुनाव चिन्ह पर लड़े जाएंगे. औपचारिक रूप से मर्जर की घोषणा करने की भी पूरी योजना थी. हालांकि इसी बीच यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई, जिसके चलते यह प्रक्रिया रुक गई. प्लेन क्रैश में अजित पवार का निधन बुधवार सुबह महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और एनसीपी के मुखिया अजित पवार का एक प्लेन क्रैश में निधन हो गया था. उनका विमान बारामती में लैंड करने की कोशिश कर रहा था. हादसे में कोई नहीं बचा और प्लेन में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई. गुरुवार को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान के मैदान पर उनका अंतिम संस्कार हुआ.  एनसीपी के वरिष्ठ नेता अनिल देशमुख ने भी कहा कि दोनों एनसीपी गुटों के विलय को लेकर लगातार बैठकें हुई थीं. उन्होंने बताया कि यह अजित पवार की आखिरी इच्छा थी कि एनसीपी के दोनों गुट एक साथ आएं और अब इस इच्छा को पूरा किया जाना चाहिए. नगर निगम चुनाव में मिलाया था हाथ जनवरी में हुए महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में कुछ सीटों पर अजित पवार और शरद पवार साथ मिलकर लड़े थे, जिनमें पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ शामिल हैं. हालांकि किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं हुई थी. अब खडसे ने दावा किया है कि दोनों दलों के विलय की बातचीत अंतिम चरण में थी.

राज्य राजनीति में हलचल: NCP और CM फडणवीस के बीच नए पदों पर मंथन

मुंबई राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। जानकारी सामने आई कि विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी नेताओं ने मुख्यमंत्री के साथ विधायक दल के नेता और उपमुख्यमंत्री की नियुक्ति समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश इकाई प्रमुख सुनील तटकरे, मंत्री छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे शामिल थे। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा, "हमने मुख्यमंत्री के साथ नए विधायक दल के नेता और उपमुख्यमंत्री के चुनाव पर चर्चा की। नए नेता को चुनने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाई जाएगी।" उन्होंने आगे कहा, "हमने मुख्यमंत्री फडणवीस को सूचित किया है कि कैबिनेट पोर्टफोलियो और नेतृत्व के संबंध में जल्द से जल्द फैसला लिया जाना चाहिए। हम अपने सभी पार्टी विधायकों से सलाह लेने के बाद अपना रुख तय करेंगे।" प्रफुल्ल पटेल ने यह स्पष्ट किया कि पार्टी विधायकों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य की कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने दिवंगत अजित पवार की पत्नी और सांसद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने के बारे में कोई औपचारिक संकेत नहीं दिया है। उन्होंने कहा, "हमने आज मुख्यमंत्री के साथ सुनेत्रा पवार के नाम पर चर्चा नहीं की। यह पार्टी का आंतरिक मामला है। हमारा मानना ​​है, जिसे जनता और हमारे विधायक भी मानते हैं कि एक उचित फैसला लिया जाना चाहिए।" एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष ने आगे कहा, "परिवार अभी भी शोक में है। कुछ अनुष्ठान पूरे होने के बाद हम आज रात या कल सुबह सुनेत्रा पवार से बात करेंगे।" पटेल ने दोहराया कि उपमुख्यमंत्री पद के बारे में कोई भी फैसला पार्टी के विधायकों की भावनाओं पर आधारित होगा। उन्होंने कहा, "यह पद जल्द से जल्द भरा जाएगा और एक उपयुक्त फैसला लिया जाएगा।" इससे पहले, एनसीपी नेता नरहरि जिरवाल ने गुरुवार को बारामती में अजित पवार के अंतिम संस्कार के बाद पत्रकारों से कहा था कि सुनेत्रा पवार को अगला उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि इससे यह सुनिश्चित होगा कि पवार परिवार की राजनीतिक विरासत जारी रहे।

राहुल नहीं करेंगे अगुवाई! कांग्रेस की अगली यात्रा के लिए नया चेहरा तय, पार्टी ने खेला बड़ा दांव

गुवाहाटी देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने असम में विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसके तहत पार्टी ने एक बड़ा मेगा प्लान तैयार किया है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी राज्य के ज्यादातर जिलों से होकर गुजरने वाली एक मेगा यात्रा निकालने की तैयारी में है जिसका नेतृत्व राहुल गांधी नहीं बल्कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई करेंगे। इस यात्रा को फरवरी माह में शुरू करने की तैयारी है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, हालांकि, इस यात्रा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता अलग-अलग चरणों में विभिन्न स्थानों पर शामिल होंगे।   सूत्रों के मुताबिक, विधानसभा चुनावों से ठीक पहले होने वाली यह यात्रा हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएगी, जिसमें बस-यात्रा के साथ-साथ पदयात्रा, नुक्कड़ सभाएं और बड़ी जनसभाएं शामिल होंगी। इसके जरिए पार्टी सीधे जनता से संवाद स्थापित करने और सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। सूत्रों का कहना है कि यात्रा के नाम और तारीख को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है। संभावना है कि संसद सत्र के समाप्त होने के बाद इस यात्रा की शुरुआत की जाएगी। कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रही उल्लेखनीय है कि असम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पूरी ताकत झोंक रही है और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को चुनावी राज्य में अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि संगठन को मजबूत किया जा सके और चुनावी बढ़त हासिल की जा सके। गौरव गोगोई न केवल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं बल्कि लोकसभा में सदन के उपनेता भी हैं। इसलिए पार्टी उन्हें ही आगे रखकर और चुनावी चेहरा बनाकर उतरने का प्लान बना रही है, जबकि भाजपा राहुल गांधी पर गमछा विवाद के बाद हमला बोल रहे हैं। पार्टी गौरव गोगोई को आगे रखकर भाजपा के एजेंडे को कमतर करना चाह रही है। अमित शाह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला दूसरी तरफ, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है और शुक्रवार को दावा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम की जनसांख्यिकी में बदलाव आया था और कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार इस प्रवृत्ति को खत्म करने के लिए काम कर रही है। शाह ने करेनग चापोरी में ताकाम मिसिंग पोरिन केबांग द्वारा आयोजित 10वें ‘मिसिंग युवा महोत्सव’ के समापन समारोह को संबोधित करते हुए लोगों से आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा को वोट देने की अपील की ताकि राज्य को घुसपैठ से पूरी तरह मुक्त किया जा सके। कांग्रेस पर घुसपैठ करवाने के आरोप उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस शासन के दौरान असम की जनसांख्यिकी पूरी तरह बदल गई। घुसपैठियों की आबादी शून्य से बढ़कर 64 लाख हो गई और सात जिलों में घुसपैठिए बहुसंख्यक हो गये।’’ शाह ने कहा कि मोदी सरकार राज्य में जनसांख्यिकीय प्रवृत्ति को पलटने के लिए विभिन्न तरीकों से काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप असम में घुसपैठ रोकना चाहते हैं, तो भाजपा सरकार को तीसरी बार चुनकर अवैध प्रवासियों के खिलाफ लड़ाई में मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के हाथों को मजबूत करें। असम में भाजपा सरकारों ने अतिक्रमण की गई 1.26 लाख एकड़ भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराया है।’’

पवार परिवार को नई ताकत: सुनेत्रा पवार ने डिप्टी सीएम पद स्वीकारा, पावरफुल विभाग मिलने के संकेत

मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है. सूत्रों के मुताबिक सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है. बताया जा रहा है कि यह फैसला सरकार के भीतर सत्ता संतुलन और आगामी राजनीतिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. सुनेत्रा पवार की नियुक्ति से महायुति सरकार में एक बार फिर नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. जानकारी के मुताबिक सुनेत्रा उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ राज्य सरकार में आबकारी और खेल मंत्रालय भी अपने पास रखेंगी. बताया जा रहा है कि कल शनिवार को शाम 5 बजे सुनेत्रा पवार का शपथ ग्रहण होगा. इस बीच, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की विधानमंडल दल यानी CLP की बैठक कल दोपहर 2 बजे बुलाई गई है. इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें नेतृत्व और आगे की राजनीतिक रणनीति को लेकर औपचारिक चर्चा हो सकती है.   इधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी अहम जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं. सूत्रों के अनुसार फडणवीस आगामी बजट सत्र से पहले राज्य के वित्त मंत्रालय का प्रभार अपने हाथ में लेंगे. माना जा रहा है कि बजट तैयारियों और आर्थिक नीतियों पर मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है. एनसीपी नेताओं ने रखा था प्रस्ताव सूत्रों का कहना है कि NCP के वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव पार्टी की भविष्य की दिशा तय करने के मकसद से रखा था. खास तौर पर 7 फरवरी को होने वाले पुणे जिला परिषद चुनाव को देखते हुए यह कदम रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है. इसी प्रस्ताव को सुनेत्रा द्वारा स्वीकार किया गया है. बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर पवार परिवार के भीतर भी चर्चा हुई, जिसके बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद स्वीकार करने पर सहमति दी. पार्टी के भीतर इसे संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सियासी संदेश देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, अब तक सरकार या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में माना जा रहा है कि CLP बैठक के बाद इस पर मुहर लग सकती है.

राहुल और खरगे से मुलाकात के बाद थरूर की सफाई, बोले— ‘मेरे रुख को गलत समझा गया’

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को कहा कि कुछ मुद्दों पर उनके रुख को मीडिया द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के समर्थन के रूप में भले ही देखा जाए, लेकिन वह इसे केवल सरकार या भारत के समर्थन के रूप में देखते हैं। थरूर ने कहा कि उन्होंने पहले भी स्पष्ट किया है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय मामलों पर उन्हें राजनीति के बारे में बात करना पसंद नहीं है और इसके बजाय वह देश के बारे में बात करना पसंद करते हैं। थरूर ने बीते दिनों कांग्रेस लीडरशिप मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की थी, जिसके बाद उन्होंने कहा था कि सबकुछ ठीक है।   तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद थरूर ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘यह कोई नयी बात नहीं है, मैं हमेशा से यही कहता आया हूं।’’ पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष और पहलगाम हमले के बाद की गई राजनयिक पहल पर उनकी टिप्पणियों को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। उनकी टिप्पणियां कांग्रेस के रुख से भिन्न थीं और पार्टी के कई नेताओं ने उनकी मंशा पर सवाल उठाते हुए उन पर निशाना साधा था। थरूर ने पत्रकारों से बातचीत में यह भी स्वीकार किया कि पार्टी के किसी सदस्य को पार्टी की विचारधारा के विरुद्ध नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘मैं संसद में हमेशा पार्टी के साथ खड़ा रहा हूं, इसलिए चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।’’ जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या वह स्पष्ट रूप से कह सकते हैं कि वह कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगे, तो थरूर ने कहा, ‘‘मैं कह सकता हूं कि मैं कांग्रेस में ही रहूंगा और कहीं नहीं जा रहा हूं। मैं (केरल में) चुनाव प्रचार का हिस्सा रहूंगा और यूडीएफ की जीत के लिए काम करूंगा।’’ उन्होंने पूछा, ‘‘लेकिन, मुझे इस तरह के बयान देने के लिए क्यों कहा जा रहा है?’’ थरूर ने अपनी शिकायतों के निवारण के लिए बृहस्पतिवार को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने कहा कि ‘‘सब ठीक है’’ और ‘‘सब एक साथ हैं।’’ थरूर हाल ही में कोच्चि में एक कार्यक्रम में उनके साथ हुए व्यवहार और केरल में कुछ नेताओं द्वारा उन्हें ‘दरकिनार’ करने के प्रयासों से नाराज बताए जा रहे थे। यह मुलाकात केरल विधानसभा चुनावों से पहले हुई है, जो कांग्रेस के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। कांग्रेस पिछले 10 साल से राज्य में विपक्ष में है और इस बार वह जीत हासिल करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।  

सौरभ भारद्वाज की विवादित टिप्पणी: आखिर LG के लिए ऐसी कठोर कामना क्यों?

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक सौरभ भारद्वाज एलजी वीके सक्सेना पर भगवान के प्रकोप और उन्हें पीड़ा मिलने की कामना कर रहे हैं। दिल्ली के पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने आप सरकार को पंगु बनाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि जानबूझकर ऐसे अधिकारियों की तैनाती की गई जिससे कामकाज में बाधा आए। उन्होंने भाजपा और पीएम मोदी पर भी निशाना साधा है। दरअसल, सौरभ भारद्वाज की यह प्रतिक्रिया उस घटनाक्रम पर आई है जिसके तहत जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने दिल्ली जल बोर्ड के 4 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। आप नेता का कहना है कि उनकी सरकार से जो अधिकार छीन लिए गए थे उसका इस्तेमाल अब भाजपा सरकार कैसे कर रही है।   'ईश्वर से मेरी प्रार्थना' शीर्षक के साथ एक पोस्ट में सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले दस लंबे वर्षों से दिल्ली की AAP सरकार को जानबूझकर पंगु बना दिया गया। एक चुनी हुई राज्य सरकार की बुनियादी और जायज शक्तियों को छीनकर मोदी प्रशासन ने गवर्नेंस को एक संघर्ष में बदल दिया। उन्होंने कहा, ‘BJP और उसकी केंद्र सरकार ने बार बार यह तर्क दिया कि चूंकि दिल्ली एक राजधानी है इसलिए अधिकारियों के ट्रांसफर की शक्ति राज्य सरकार को नहीं दी जा सकती। उन्होंने चुनी हुई सरकार के प्रतिनिधियों के लिए भ्रष्ट या लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक ऐक्शन लेना असंभव बना दिया।’ 'सुप्रीम कोर्ट ने अधिकार लौटाए तो कानून बनाकर छीना' भारद्वाज ने कहा कि जब मई 2023 में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने न्यायपूर्ण तरीके से ये शक्तियां दिल्ली सरकार को लौटा दी थीं तब उन्हें एक अनैतिक और असंवैधानिक कानून के जरिए फिर से छीन लिया गया। केंद्र सरकार ने मतदाताओं की आवाज को दबा दिया। उन्होंने पूछा कि आज आज उसी कानून के रहते एक मंत्री अधिकारियों का ट्रांसफर और सस्पेंशन कैसे कर सकता है? 'भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता को संरक्षण' भारद्वाज ने कहा कि एजी साब ने सिस्टेमैटिक तरीके से अकुशल और लापरवाह अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों में तैनात किया था। भ्रष्टाचार और खुलेआम अनुशासनहीनता की अनगिनत शिकायतों के बावजूद उन अधिकारियों को LG द्वारा संरक्षण दिया गया और वे संवेदनशील पदों पर बने रहे। यह एक क्रूर विडंबना है कि मंत्रियों को एक चपरासी तक का तबादला करने की अनुमति नहीं दी गई फिर भी उनसे हर दिन डिलीवरी के बारे में सवाल पूछे गए। जानबूझकर ऐसी बाधाएं पैदा कीं जिससे गरीबों को कष्ट: भारद्वाज आप नेता ने पीएम पर निशाना साधाते हुए कहा, ‘यह श्री नरेंद्र मोदी के असली चेहरे और उनके गवर्नेंस के स्टाइल को उजागर करता है। यह एक ऐसे नेता को उजागर करता है जो राजनीतिक लाभ के लिए अपने ही देश के लोगों को दंडित करने के लिए तैयार है। इस प्रशासन ने जानबूझकर ऐसी बाधाएं पैदा कीं जिससे लाखों गरीब निवासियों को भारी कष्ट झेलना पड़ा। CS नरेश कुमार और हेल्थ सेक्रेटरी एसबी दीपक कुमार जैसे अधिकारियों की हरकतों ने (LG विनय सक्सेना के संरक्षण में) सबसे कमजोर वर्ग के लिए बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं का गला घोंट दिया। उन्होंने कैंसर के मरीजों या डायलिसिस पर निर्भर लोगों तक को नहीं बख्शा। यह पूरी तरह से संवेदनहीन और निर्दयी है।’ भारद्वाज ने कहा- भगवान के प्रकोप का सामना करना पड़े भारद्वाज ने एलजी और अन्य अधिकारियों को पीड़ा मिलने की प्रार्थना की। उन्होंने लिखा, 'मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि गरीबों की इस पीड़ा को पैदा करने के लिए जिम्मेदार सभी लोग (एलजी दिल्ली, नरेश कुमार और एसबी दीपक कुमार और अन्य) भगवान के प्रकोप का सामना करें और उन्हें उनकी इस क्रूरता के लिए वैसी ही पीड़ा मिले।'