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उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की रतलाम एसएनसीयू टीम के समर्पित प्रयास की सराहना

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे हर नवजात को सुरक्षित जीवन की शुरुआत मिल सके। उन्होंने रतलाम के एसएनसीयू में नवजात की जीवन रक्षा में कार्यरत डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ एवं पूरी टीम के समर्पित प्रयास की सराहना की है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि यह हमारे स्वास्थ्य तंत्र की मजबूती और समर्पण का प्रमाण है। उल्लेखनीय है रतलाम के कांग्सी निवासी श्रीमती हुक्की, पति देवीसिंह, को प्रसव पीड़ा के बाद एमसीएच यूनिट में भर्ती किया गया, जहां 5 फरवरी 2026 को मात्र 26 सप्ताह में समय से पहले डिलीवरी हुई। जन्म के समय बच्चे का वजन केवल 700 ग्राम था और उसके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं होने के कारण उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी। नवजात को तुरंत एसएनसीयू में भर्ती कर सिविल सर्जन डॉ. एम. एस. सागर के मार्गदर्शन और शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. ए.पी. सिंह के नेतृत्व में उपचार शुरू किया गया। शुरुआत में बच्चे को सीपीएपी मशीन के माध्यम से ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया और बाद में नेजल प्रॉन्स से ऑक्सीजन दी जाती रही। उपचार के दौरान बच्चे को कई बार एपनिया यानी सांस रुकने की समस्या हुई, जिसे प्रोटोकॉल के अनुसार नियंत्रित किया गया। कुछ दिनों बाद बच्चे को प्रीमैच्योरिटी के कारण एनीमिया हुआ, जिसके लिए उसे ब्लड ट्रांसफ्यूजन भी देना पड़ा। धीरे-धीरे बच्चे की स्थिति में सुधार आने लगा और नली के माध्यम से मां का दूध देना शुरू किया गया, जिसकी मात्रा समय के साथ बढ़ाई गई। इस दौरान मां हुक्की ने कंगारू मदर केयर को नियमित रूप से अपनाया, जिससे बच्चे के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ और उसका वजन बढ़ने लगा। नर्सिंग स्टाफ की देखरेख में बच्चे को कटोरी-चम्मच से दूध पिलाना भी शुरू किया गया। लगभग 61 दिनों तक निरंतर उपचार, निगरानी और देखभाल के बाद आखिरकार 7 अप्रैल 2026 को नवजात को स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज कर दिया गया। डिस्चार्ज के समय बच्चे का वजन बढ़कर 1300 ग्राम हो चुका था। परिजनों ने पूरी चिकित्सकीय टीम का आभार व्यक्त किया।  

निर्माण बाधाओं को दूर कर किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाने के दिए निर्देश : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल.  उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सर्किट हाउस रीवा में विभिन्न नहर परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि नहर परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं को तत्काल दूर किया जाए, जिससे किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए अविलंब पानी पहुँचाया जा सके। सिंचाई परियोजनाओं का उद्देश्य अंतिम छोर तक के किसानों को लाभान्वित करना है। निर्माण कार्य में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारी समन्वय के साथ काम करें और सुनिश्चित करें कि परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हों। भू-अर्जन, वन विभाग की अनुमति या अन्य स्थानीय स्तर की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाएं। कार्यों की गुणवत्ता और गति की नियमित निगरानी करें। आगामी सीजन को देखते हुए जल वितरण तंत्र को सुदृढ़ बनाएं। बैठक में बहुती नहर परियोजना, त्योंथर बहाव परियोजना, नईगढ़ी माइक्रो सिंचाई परियोजना सहित अन्य नहर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, जल संसाधन विभाग के अधिकारी एवं संबंधित परियोजनाओं के कार्यपालन यंत्री उपस्थित रहे।  

सकारात्मक वातावरण बना सकते हैं अच्छे आइडियाज : कुलगुरू तिवारी

भोपाल.  माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलगुरू विजय मनोहर तिवारी ने कहा कि जनसंपर्क का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में काम करने के लिए उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशील होना आवश्यक बताया। तिवारी ने कहा कि पब्लिक रिलेशन के क्षेत्र के लोगों का पब्लिक से कनेक्शन बहुत मजबूत होना चाहिए। अगर उनके पास कोई सकारात्मक विचार हो और वे उसे मीडिया के साथ शेयर करें तो सकारात्मक समाचार तैयार हो सकते हैं और उनके विभाग की भी छवि बेहतर होती है। तिवारी ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारियों को बहुत विनम्र होना चाहिए। प्रथम तकनीकी सत्र में एआई विशेषज्ञ कमलेश माहेश्वरी ने डिजिटल तकनीक के माध्यम से जनसंपर्क को बेहतर ढंग से क्रियान्वित करने पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि आज हर तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का हस्तक्षेप बढ़ रहा है। जनसंपर्क में एआई बहुत सहायक साबित हो रही है। उन्होंने एआई की मदद से किसी प्रेस रिलीज को पाइंटस मे लिखना, उसे संपादित करना भी लाइव डेमो के माध्यम से सिखाया। चैटजीपीटी या जैमिनाई जैसे एआई टूल्स काम करते-करते खुद को अपडेट भी करते रहते हैं। माहेश्वरी ने कहा कि डिजिटल दुनिया में ऑडिएंस को टाकिंग पाइंट्स देना होता है। ऐसे में एआई यह काम बहुत अच्छे से कर सकता है। वह संदर्भों के लिए एक जैसी घटनाओं की एक सीरीज हमें दे सकता है जिसका उपयोग हम किसी सूचना को और इंटरैक्टिव बनाने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एआई पर काम करने के लिए प्रॉम्ट का बिल्कुल सही होना जरूरी है। माहेश्वरी ने एआई और ग्राफिकल टूल्स के बारे में भी विस्तार से समझाया। दूसरे तकनीकी सत्र में शासन में डिजिटल नवाचार ई-आफिस पर विस्तार से जानकारी दी गई। इस सत्र में जनसंपर्क अधिकारियों को ई-आफिस और ई-एचआरएमएस साफ्टवेयर का प्रशिक्षण भी दिया गया। इस पर एनआईसी भोपाल की ओर से धर्मेंद्र जैन, शैलेंद्र सिंह तथा मैपआईटी से मुबारक खान ने प्रशिक्षण दिया। अब डिजिटल दौर में कार्यालय अधिकतर डिजिटल हो गए हैं। ऐसे में अधिकारियों को ई-फाइलिंग नॉलेज मैंनेजमेंट सिस्टम आदि विषयों की जानकारी होना आवश्यक है। धर्मेंद्र जैन ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में भारी संख्या में दस्तावेज बनते हैं। इनका प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण कार्य है। मानवीय तरीके से फाइलों के प्रचलन में बहुत समय लगता है। डिजिटलीकरण और ई-ऑफिस जैसे नवाचार इसे सरल बनाते हैं। तीसरे सत्र में सूचना के अधिकार, प्रेस अधिनियम तथा मीडिया से जुड़े कानूनों, प्रावधानों पर पूर्व सूचना आयुक्त आत्मदीप जी ने जानकारी देते हुए कहा कि सूचना का अधिकार सुशासन में सहायक है। इससे भ्रष्टाचार कम हुआ है। यह आजाद भारत का क्रांतिकारी कानून है। इससे आम आदमी को व्यवस्था से जुड़ी शीर्ष संस्थाओं से भी जानकारियां हासिल करने का अधिकार मिला है। आत्मदीप ने इस अवसर पर सूचना के अधिकार में वर्णित विविध प्रावधानों को भी विस्तार से समझाया। कई उदाहरणों के साथ उन्होंने लोकसेवकों के उत्तरदायित्वों पर भी चर्चा की। उन्होंने इस सत्र में प्रश्नोत्तर के माध्यम से भी प्रतिभागी अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। जनसंपर्क के क्षेत्र में काम करने वाले अधिकारियों को लगातार सीखते रहना चाहिए। फील्ड में रहने के कारण रोज होने वाले नए अनुभवों से हम हमेशा नई चीजें सीखते हैं। शासकीय सेवा में हमेशा नई बातें सीखने की आदत सफलता की ओर ले जाती है। ये बातें जनसंपर्क अधिकारियों एवं सोशल मीडिया हैंडलर्स की दक्षता उन्नयन के दो दिवसीय कार्यक्रम में जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक जी.एस. वाधवा ने कही। वे इस प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र में बोल रहे थे। वाधवा ने कहा कि शासकीय सेवा में हमेशा नया सीखना होता है। नित नई परिस्थितियां अधिकारियों को अनुभव संपन्न बनाती हैं। उन्होंने कहा कि हम जब भी किसी किए गए कार्य का मूल्यांकन करते हैं तो हर बार लगता है कि यह काम और बेहतर ढंग से हो सकता था। इस मूल्यांकन से सीख कर हम निकट भविष्य के लिए और अच्छी योजना बनाते हैं। अंतिम सत्र में जनसंपर्क विभाग के उप-संचालक सुनील वर्मा ने जनसंपर्क के लिए सोशल मीडिया के बेहतर उपयोग पर जानकारी दी। सोशल मीडिया का जनसंपर्क के क्षेत्र में बेहतर उपयोग के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के क्षेत्र में काम करने वाले लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अपने लक्षित वर्ग तक सूचनाएं पहुंचाने का प्रमुख माध्यम बना सकते हैं। इस माध्यम की स्पीड, एक्युरेसी और ओपननेस इसे विशेष बनाती है। वर्मा ने प्रदेश के जिला जनसंपर्क कार्यालयों द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से संचार और संवाद के नवाचारों पर भी चर्चा की। विषय विशेषज्ञ वरिष्ठ पत्रकार सुनील शुक्ला ने सोशल मीडिया और जनसंपर्क विषय पर कहा कि ये माध्यम युवा वर्ग की पसंद का मीडिया हैं। इसकी विशेषता इसकी स्पीड और शेयरिंग के फीचर हैं। तमाम डिजिटल माध्यम लक्षित जनमानस तक खबरों को तुरंत पहुंचा सकने में सक्षम हैं। शुक्ला ने कहा कि इन माध्यमों पर हमें किसी भी कंटेंट को डालने से पहले भलीभांति जांच लेना चाहिए। इससे समाचारों और सूचनाओं की विश्वसनीयता बनी रहेगी। उद्घाटन सत्र में उपस्थित अतिथियों तथा विशेषज्ञों का आभार अपर संचालक गणेश कुमार जायसवाल ने माना। इस सत्र में विश्वविद्यालय की कुलसचिव प्रो. पी. शशिकला भी उपस्थित थी। सत्र का संचालन डॉ. लोकेंद्र सिंह ने किया। प्रशिक्षण में जनसंपर्क संचालनालय और प्रदेश के सभी जिला जनसंपर्क अधिकारी उपस्थित थे। प्रशिक्षण का आयोजन जनसंपर्क विभाग एवं एमसीयू की प्रशिक्षण शाखा के तत्वावधान में हुआ। आयोजन का समन्वय डॉ. शलभ श्रीवास्तव ने किया। दूसरे दिन इस प्रशिक्षण के अंर्तगत जनसंपर्क की नीतियों और उनके क्रियान्वयन के व्यवहारिक पहलुओं सहित वित्तीय प्रबंधन पत्र विविध सत्र आयोजित होंगे।  

राज्यमंत्री गौर ने 90 लाख की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का किया भूमि पूजन

भोपाल.  पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गुरूवार को गोविंदपुरा में विकास कार्यों का भूमि पूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि ये विकास कार्य क्षेत्र के समग्र विकास एवं जनसुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाते हुए नागरिकों का जीवनस्तर बेहतर बना रही है। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 65 में 20 लाख रुपये की लागत से छत्रसाल नगर फेस-3 में बनने वाली बाउंड्रीवॉल, पेविंग ब्लॉक, सीसी रोड और कम्युनिटी हॉल के निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। उन्होंने अर्चना कैम्पस में 8 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सीसीरोड, अपूर्व इंक्लेव में 12 लाख रूपये की लागत से सांस्कृतिक स्टेज, पेविंग ब्लॉक और भवानी धाम पेस-1 में 8 लाख 50 हजार की लागत से सोसाइटी ऑफिस के पास सामुदायिक लाइब्रेरी के कार्य का भूमिपूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने छत्रपति नगर में 7 लाख की लागत से तैयार हो चुके सामुदायिक भवन का लोकार्पण भी किया। राज्यमंत्री ने बताया कि छत्रपति नगर कम्युनिटी हॉल के पास आरसीसी नाली एवं सीसी रोड का निर्माण कार्य 10 लाख रुपये की लागत से कराया जाएगा। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने नरेला जोड़ चौराहे का सौंदयीँकरण के निर्माण कार्य का भूमि पूजन भी किया गया, जिसकी लागत 3 लाख रुपए है। वार्ड स्थित रीगल ट्रेजर कॉलोनी के पार्क में 3 लाख रुपये की लागत से शेड एवं ओपन जिम इक्युपमेंट लगाने का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने न्यू-मिनाल छत्री पार्क में स्टेज बनाने के कार्य एवं पेविंग ब्लॉक लगाने के कार्य की रहवासियों को सौगात दी। चाणक्यपुरी में क्षेत्रवासियों की सुविधा एवं सामाजिक गतिविधियों को सशक्त बनाने के लिए कम्यूनिटी हॉल के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन किया। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों से चर्चा की और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए भी निर्देशित किया। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती शिरोमणी शर्मा, श्रीमती उर्मिला मौर्य, श्री लवकुश यादव, श्री बीकम सिंह बघेल समेत बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।  

काटजू अस्पताल में ‘विश्व स्वास्थ्य दिवस’ पर गर्भ संस्कार एवं गोद भराई कार्यक्रम आयोजित

भोपाल.  विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर काटजू चिकित्सालय, भोपाल में नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे की पहल पर ‘प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान’ (PMSMA) अंतर्गत गर्भ संस्कार सत्र एवं गोदभराई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आरोग्य भारती का सहयोग रहा। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं को योग, संतुलित आहार, सकारात्मक सोच एवं स्वस्थ जीवनशैली के बारे में मार्गदर्शन दिया। डॉ. रचना दुबे ने बताया कि गर्भ संस्कार माँ और शिशु के सर्वांगीण विकास में सहायक है तथा तनाव, रक्तचाप नियंत्रण, बेहतर नींद व पाचन में लाभकारी है। डॉ. दुबे ने कहा कि आज से प्रारम्भ हुआ यह कार्यक्रम निरंतर जारी रहेगा, जिसके अंतर्गत प्रत्येक माह की 9 एवं 25 तारीख को प्रधान मंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को जांच के लिये आने वाली गर्भवती महिलाओं को आरोग्य भारती संस्था के विशेषज्ञों द्वारा गर्भ संस्कार से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें बताई जाएंगी एवं 7 माह पूर्ण कर चुकी महिलाओं को गोदभराई में चिकित्सालय द्वारा पौष्टिक आहार बास्केट प्रदान किया जाएगा जिससे मां एवं बच्चा दोनों स्वस्थ्य जीवन जी सकें।  

सस्ता और सुलभ होगा सफर, गुरुग्राम में 55 रुपये प्रति किमी की दर पर चलेंगी ई-बसें, जीएमडीए ने जारी किया ठेका

गुरुग्राम गुरुग्राम में यात्रियों की सुविधा के लिए जुलाई से 100 नई ई-बसें शुरू की जाएंगी। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने इसके लिए पीएमआई इलेक्ट्रो मोबीलिटी को ठेका दे दिया है। वर्तमान में चल रही 150 सीएनजी बसें पुरानी होने के कारण अक्सर खराब हो जाती हैं जिससे लोगों को काफी परेशानी होती है। नई ई-बसों का संचालन 55.47 रुपये प्रति किलोमीटर की दर पर होगा जो मौजूदा बसों के खर्च से काफी कम है। इन बसों के लिए सेक्टर-10 में डिपो तैयार है। सड़कों पर दौड़ेंगी 100 ई-बसें अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम में जुलाई से 100 ई-बसें सड़कों पर दौड़ेंगी। इसको लेकर गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ने पीएमआई इलेक्ट्रो मोबीलिटी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड को ठेका स्वीकृति पत्र जारी कर दिया है। प्रति किलोमीटर 55 रुपये 47 पैसे आएगा खर्च 55 रुपये 47 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से बस संचालन की एवज में इस कंपनी को गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) की तरफ से भुगतान किया जाएगा। मौजूदा समय में गुरुग्राम में 150 सीएनजी बस हैं। करीब आठ साल पुरानी बस होने की वजह से आए दिन इसमें खराबी आती रहती है। रोजाना 15 से 20 बस बीच रास्ते में दम तोड़ रही है। पुरानी बसों पर खर्च ज्यादा यही नहीं इन बसों को करीब 95 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है। जीएमडीए ने पीएम ई-सेवा के तहत सब्सिडी पर 100 ई-बस मुहैया कराने का आग्रह दो साल पहले किया था। गत 16 फरवरी को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ई-बस के संचालन को लेकर उच्चस्तरीय खरीद समिति की बैठक में ठेकेदार कंपनी से नेगोसिएशन हुई थी। इसके बाद सिटी बसों के संचालन का रास्ता साफ हो गया था। यात्री फिलहाल परेशान बस कम होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। द्वारका एक्सप्रेसवे डिवेलपमेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी सुनील सरीन ने बताया कि पिछले दो साल से जीएमसीबीएल और जीएमडीए से सिटी बस के संचालन की मांग कर रहे हैं। उनसे आग्रह किया है कि यशो भूमि और द्वारका मेट्रो स्टेशन को सिटी बस सेवा से जोड़ा जाए। ई-बस डिपो तैयार गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने कहा कि कई-बस के आते ही इनका संचालन शुरू कर दिया जाएगा। सेक्टर-10 में ई-बस डिपो तैयार किया जा चुका है। सेक्टर-48 में भी ई-बस डिपो जल्द बनकर तैयार हो जाएगा। बसों के आने के बाद परिवहन सेवा बेहतर होगी। लोगों को आवागमन में राहत मिलेगी। बस रूट भी तैयार ई-बस संचालन को लेकर सेक्टर-10 में ई-बस डिपो बनकर तैयार हो चुका है। बिजलीघर भी बन चुका है। डीएचबीवीएन से बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया जा चुका है। सेक्टर-48 में ई-बस डिपो निर्माणाधीन है। ई-बस के संचालन को लेकर जीएमसीबीएल की तरफ से बस रूट तैयार किए जा चुके हैं।

बड़ा प्रशासनिक बदलाव: 14 जिलों के कलेक्टर बदले, भोपाल की जिम्मेदारी प्रियंक को

भोपाल मध्यप्रदेश में गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए मोहन सरकार ने 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। इस बदलाव में प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि वर्तमान कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री कार्यालय में सचिव पद के साथ आयुक्त सह-संचालक, नगर एवं ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटा कर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग आयोग में सचिव बनाया गया है। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बड़े भाई स्वर्गीय भुलऊ प्रसाद कौशिक को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने बिलासपुर के परसदा स्थित विधायक निवास में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पहुंचकर स्व. भुलऊ प्रसाद कौशिक के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और कहा कि स्वर्गीय भुलऊ प्रसाद कौशिक का स्नेह, संस्कार और त्याग परिवार की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि उनका सरल, स्नेहमयी और विनम्र व्यक्तित्व सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें। इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित  थे।

मंत्री टेटवाल ने ग्लोबल स्किल्स पार्क का भ्रमण कर प्रगतिरत कार्यों और योजनाओं की समीक्षा की

भोपाल.  कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल ने संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क का भ्रमण कर संस्थान के प्रगतिरत कार्यों, निर्माण गतिविधियों एवं विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उनके साथ राजगढ़ के विधायक अमर सिंह यादव भी उपस्थित रहे। मंत्री टेटवाल ने स्किल पार्क की अधोसंरचना, प्रशिक्षण सुविधाओं और निर्माणाधीन कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति पर चर्चा की और निर्देश दिए कि सभी प्रगतिरत कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे युवाओं को बेहतर और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। साथ ही उन्होंने संस्थान में संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं की भी समीक्षा की। पुस्तकालय स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री टेटवाल ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी सहभागिता, रचनात्मकता और अनुशासन की सराहना की तथा उन्हें आगे भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। मंत्री टेटवाल ने इंडिया स्किल्स 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र विनीत शर्मा को बधाई और शुभकामनाएं दीं । उन्होंने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे विद्यार्थी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को दर्शाते हैं। मंत्री टेटवाल ने स्किल पार्क के वर्ष 2025 बैच के उन विद्यार्थियों से भी संवाद किया, जिनका चयन ट्राइडेंट एवं एसआरएफ जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में हुआ है। उन्होंने विद्यार्थियों के प्रशिक्षण अनुभव, प्लेसमेंट प्रक्रिया और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए उन्हें अपने कौशल को निरंतर निखारने और रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया। मंत्री टेटवाल ने कहा कि कौशल विकास को रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है और स्किल पार्क जैसे संस्थान इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल को मजबूत कर प्रदेश और देश के विकास में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।  

कुदरत की मार और अन्नदाता का दर्द,उत्तर प्रदेश में बारिश-बिजली से 20 मौतें, मुख्यमंत्री ने दिए तुरंत मुआवजे के निर्देश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों से मौसम बदल चुका है. जहां अप्रैल में चिलचिलाती धूप होनी चाहिए वहीं अब बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हो रही है. इसने जहां लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दी, वहीं खेतों में खड़ी मेहनत पर पानी फेर दिया. खासकर गेहूं की फसल, जो इस समय कटाई के दौर में थी, इस बदले मौसम की सबसे बड़ी मार झेल रही है. कई जिलों से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे किसानों के दर्द को साफ बयां कर रही हैं कहीं खेतों में पानी भरा है, तो कहीं ओलों ने सुनहरी बालियों को जमीन पर गिरा दिया है. किसान, जो कुछ दिन पहले तक अच्छी पैदावार की उम्मीद में जुटे थे, अब नुकसान का हिसाब लगाने में लगे हैं. लखनऊ के निगोहा इलाके समेत कई जगहों से खबरें हैं कि बारिश और ओलावृष्टि ने खड़ी और कटी दोनों तरह की फसल को नुकसान पहुंचाया है. जिन खेतों में कटाई हो चुकी थी, वहां भीगने से गेहूं के दाने काले पड़ने का खतरा बढ़ गया है. वहीं, जिन खेतों में फसल अभी खड़ी थी, वहां ओलों ने बालियों को झुका दिया या पूरी तरह गिरा दिया. किसानों का कहना है कि इस बार करीब 40 फीसदी तक नुकसान की आशंका है. यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि उनके पूरे साल की मेहनत और उम्मीदों पर पड़ा गहरा असर है. कई किसानों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कटाई का काम ठप पड़ गया है. मजदूर खाली बैठे हैं और मशीनें खेतों में नहीं उतर पा रहीं. इससे फसल का नुकसान और बढ़ने की आशंका है. सीएम योगी ने लिया संज्ञान मौसम के इस बदले मिजाज ने सिर्फ फसलों को ही नहीं, बल्कि किसानों की मानसिक स्थिति को भी प्रभावित किया है. एक ओर कर्ज और लागत का दबाव है, दूसरी ओर पैदावार घटने का डर. ऐसे में उनके सामने आने वाले समय को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है. इसी बीच, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति को गंभीरता से लिया है. उन्होंने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे फील्ड में सक्रिय रहें और किसानों के संपर्क में बने रहें. मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि इस आपदा का असर किसानों पर न्यूनतम होना चाहिए और हर प्रभावित व्यक्ति तक राहत पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है. सभी जिलाधिकारियों से मांगी  रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया है कि वे खुद गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लें. सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर जाकर नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाए. राजस्व विभाग, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों को संयुक्त रूप से सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मुआवजा प्रक्रिया में देरी न हो. सरकार की ओर से यह भी सुनिश्चित करने की बात कही गई है कि जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें समयबद्ध तरीके से मुआवजा मिले. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है. 20 लोगों की मौत, 33 पशुओं की भी गई जान केवल फसल नुकसान ही नहीं, बल्कि इस दौरान हुई जनहानि और पशुहानि को भी गंभीरता से लिया गया है. पिछले एक हफ्ते में प्रदेश में अति वर्षा और आकाशीय बिजली की वजह से करीब 20 लोगों की मौत, 12 लोग घायल और 33 पशुओं की मौत की खबर सामने आई है. इन सभी मामलों में मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिलाधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को मुआवजा वितरित करना शुरू कर दिया है. सरकार ने यह भी कहा है कि जिन परिवारों के घर इस आपदा में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराया जाएगा. वहीं, कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं.