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जिला और तहसील स्तर पर कामर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करें

जिला एवं तहसील स्तर पर भी कामर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करें मंत्रिमण्डल समिति ने की पेट्रोल, डीजल, एलपीजी एवं सीएनजी की आपूर्ति की समीक्षा भोपाल अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम एवं मध्यपूर्व देशों की स्थिति के दृष्टिगत प्रदेश पर पड़ने वाले प्रभाव की समीक्षा के लिये गठित मंत्रिमण्डल समिति की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। बैठक में समिति के सदस्यों ने जिला एवं तहसील स्तर पर कामर्शियल एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति की समीक्षा की। बैठक में समिति के सदस्यों ने कहा कि किसी भी स्तर की अनियमित्ता एवं कालाबाजारी पाए जाने पर तत्काल कार्यवाही करें। शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में एलपीजी की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दें। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। क्रूड ऑयल की पर्याप्त उपलब्धता के कारण प्रट्रोलियम पदार्थों की लगातार आपूर्ति हो रही हैं। बैठक में उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, खाद्य, नागरिक आपूति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप, अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी, आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा और ऑयल कम्पनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव उपस्थित थे। शहरों में 25 और गाँवों में 45 दिन में सिलेंडर बुकिंग बैठक में बताया गया कि घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग शहरों में 25 दिन और गाँवों में 45 दिन के अंतराल में की जा रही है। वर्तमान में गैस बुकिंग की संख्या सामान्य है, जिसकी पूर्ति नियमित रूप से की जा रही है। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की पर्याप्त उपलब्धता है। जिन घरों तक पाईप लाइन पहुँच गई है, उन घरों में पीएनजी कनेक्शन दिये जा रहे है। पिछले 1 दिन में 225 नवीन पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं। 70 प्रतिशत तक दिए जा रहे है कामर्शियल सिलेण्डर बैठक में ऑयल कम्पनी के स्टेट नोडल ऑफिसर श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में भारत सरकार के निर्देशानुसार 70 प्रतिशत की सीमा के अधीन कामर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराये जा रहे है। शुरूआत में 20 प्रतिशत इनकी आपूर्ति हो रही थी। कालाबाजारी पर कार्यवाही प्रदेश में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जा रही है। अभी तक 3226 स्थानों पर कार्यवाही कर 3872 सिलेंडर जब्त किये गये है और 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज की गई है। पीएनजी कनेक्शन विस्तार पर जोर बैठक में जानकारी दी गई कि सभी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं को अगले 3 माह में 2 लाख नये पीएनजी कनेक्शन दिये जाने वाले का लक्ष्य दिया गया है। साथ ही सीजीडी संस्थाओं द्वारा प्रतिदिन किये जा रहे आवेदन एवं उसके विरुद्ध दिये जा रहे पीएनजी कनेक्शन की सतत मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। सीजीडी संस्थाओं को पीएनजी के लाभ एवं पीएनजी कनेक्शन की प्रक्रिया से संबंधित एफएक्यू तैयार कर उपलब्ध कराने के निर्देश नोडल सीजीडी संस्था थिंक गैस को दिये गए हैं। भारत सरकार के गतिशक्ति पोर्टल पर सीजीडी संस्थाओं को पाइप-लाइन अपलोड करने के निर्देश दिये गये। सीजीडी संस्थाएँ जिलेवार एवं लोकेलिटीवाइज कैम्प शेड्यूल कर जिला प्रशासन एवं विभाग को उपलब्ध करायेंगी। शहर के जिन स्थानों में पाइप-लाइन गई है, उसके आस-पास के क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को ऑयल कम्पनी द्वारा अवगत कराया गया है कि वह पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये तत्काल आवेदन करें। इसके बाद पीएनजी कनेक्शन प्राप्त नही करने की स्थिति में आगामी 3 माह में एलपीजी का कनेक्शन बंद किया जा सकता है। जिला आपूर्ति अधिकारियों को एमपीआईडीसी के जिला अधिकारी, जिले में स्थित पॉलीटेक्निक तथा आईटीआई से प्रशिक्षणार्थियों की सूची सीजीडी संस्था को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये हैं। सीजीडी संस्था द्वारा इन प्रशिक्षणार्थियों को वर्तमान वेण्डर के साथ क्लब कर मैन पॉवर बढ़ाया जाएगा। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) में प्रदेश में कार्यरत 10 संस्थाओं को पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जहां घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं की मांग और शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जा रहा है। पीएनजी पाइप लाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, वहां आवासीय परिसर, स्कूल, हॉस्टल, कॉलेज, कम्युनिटी किचन और आंगनवाड़ी केंद्रों को आवेदन प्राप्त होने के 5 दिन में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। पीएनजी कनेक्शन की प्रगति की निगरानी के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर, एडीएम, जिला आपूर्ति अधिकारी और संबंधित सीजीडी संस्थाओं के अधिकारी समीक्षा करेंगे। केन्द्र सरकार के निर्देशानुसार पीएनजी कनेक्शन प्रदाय करने के लिये नगरीय प्रशासन एवं विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, लोक निर्माण एवं म.प्र. औद्योगिक विकास निगम द्वारा सीजीडी संस्थाओं को उनके आवेदन करने के 24 घंटे में पाइप-लाइन बिछाने की आरओयू अनुमति दिये जाने के आदेश जारी किये गये हैं। विभाग द्वारा 10 से अधिक आरओयू आवेदनों की 24 घंटे के अंदर स्वीकृति जारी की गई है। सीजीडी संस्थाओं को घरेलू एवं व्यावसायिक पीएनजी के आवेदनकर्ताओं को पीएनजी कनेक्शन प्राप्त करने के लिये सीजीडी संस्थाओं के कंट्रोल रूम नम्बर इस प्रकार हैं। अवंतिका गैस लिमिटेड – इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर (9424098887), गैल गैस लिमिटेड – देवास, रायसेन, शाजापुर, सीहोर (7880001788), नवेरिया गैस लिमिटेड – धार (07292-223311), थिंक गैस – भोपाल, राजगढ़, शिवपुरी (1800-5727-107), आईओसीएल – गुना (9425991090), मउगंज, रीवा (9424836488), अशोकनगर (9425119522), मुरैना (7223982333), बीपीसीएल – मैहर, सतना शहडोल (9424738607), सीधी, सिंगरौली (9424341954), गुजरात गैस लि. – रतलाम (7412230292) शामिल है। प्रदेश के इन स्थानों से पाइप-लाइन के आस-पास के घरेलू एवं व्यावसायिक उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन के लिये आवेदन कर सकते हैं।  

विवादित पोस्टर से यूपी में बवाल: अखिलेश पर तीखा वार, योगी की तारीफ—राजनीतिक घमासान तेज

 गोंडा उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में चुनावी माहौल के बीच लगाए गए विवादित पोस्टरों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। इन पोस्टरों में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आपत्तिजनक तरीके से दर्शाए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। शहर के कई प्रमुख स्थानों जैसे अंबेडकर चौराहा और एसपी कार्यालय के आसपास ‘यूथ अगेंस्ट माफिया’ नामक संगठन द्वारा ये पोस्टर लगाए गए हैं। फिल्म ‘धुरंधर’ का विलेन ‘रहमान डकैत’ बताया पोस्टरों में अखिलेश यादव को फिल्म ‘धुरंधर’ के विलेन ‘रहमान डकैत’ के रूप में दिखाया गया है। उनकी एडिट की गई तस्वीर लाल टोपी और काले चश्मे के साथ लगाई गई है। इसके नीचे ‘अखिलेश का ल्यारी राज’ लिखा गया है। साथ ही, समाजवादी पार्टी के शासनकाल के दौरान मुजफ्फरनगर और शामली में हुए दंगों से जुड़ी खबरों की कटिंग भी इसमें शामिल की गई है। योगी आदित्यनाथ की कन्या पूजन करते हुए तस्वीर वहीं, पोस्टर के दूसरे हिस्से में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कन्या पूजन करते हुए तस्वीर लगाई गई है, जिसके नीचे ‘धुरंधर सीएम’ लिखा गया है। इसके साथ ही माफिया अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी के खिलाफ की गई कार्रवाई से संबंधित खबरों को भी दर्शाया गया है। पोस्टर में जनता से सवाल किया गया है, ‘आपको क्या चाहिए?’ इन पोस्टरों के जरिए एक ओर सपा शासन को दंगे, अराजकता और माफिया राज से जोड़ने की कोशिश की गई है, तो दूसरी ओर वर्तमान सरकार को सख्त कानून-व्यवस्था वाली सरकार के रूप में प्रस्तुत किया गया है। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कड़ा विरोध जताया विवाद बढ़ने के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने कड़ा विरोध जताया। सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष अफजल खान और पार्टी नेता बृजेश यादव ने मौके पर पहुंचकर पोस्टर हटाए। उन्होंने कहा कि इस मामले में पार्टी पदाधिकारियों से चर्चा के बाद पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।  

IAS जयति सिंह ने दी चेतावनी: मेरे नाम पर किसी तरह का लेन-देन न करें, व्हाट्सएप हैक होने की दी जानकारी

 बड़वानी मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की कलेक्टर का WhatsApp अकाउंट कुछ अज्ञात साइबर जालसाजों ने हैक कर लिया और उनके कॉन्टैक्ट्स को पैसे मांगने वाले मैसेज भेजे।  कलेक्टर जयति सिंह ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, "अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना, सभी नागरिकों को सूचित करना चाहती हूं कि मेरा वॉट्सएप अकाउंट से संबंधित फ्रॉड की सूचना प्राप्त हुई है।  यदि मेरे नंबर से किसी भी प्रकार की धनराशि या अन्य संदिग्ध मांग की जाती है, तो कृपया उस पर बिल्कुल भी विश्वास न करें और कोई ट्रांजेक्शन न करें. इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जा रही है. कृपया सतर्क रहें और इस सूचना को अधिक से अधिक साझा करें।  IAS अफसर जयति सिंह ने इस पोस्ट के साथ WhatsApp चैट के स्क्रीनशॉट भी शेयर किए, जिनमें साइबर अपराधियों की ओर से उनके कॉन्टैक्ट्स को भेजे गए मैसेज दिख रहे थे।  इस हाई-प्रोफाइल हैकिंग के बाद बड़वानी पुलिस तुरंत एक्टिव हो गई है. जिले के एसपी पद्मविलोचन शुक्ला ने एक न्यूज एजेंसी को बताया कि पुलिस कलेक्टर के WhatsApp अकाउंट की हैकिंग की जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अकाउंट किस आईपी (IP) एड्रेस से ऑपरेट किया गया और लिंक के जरिए या ओटीपी (OTP) फिशिंग के जरिए इसे हैक किया गया। 

शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय के 92 विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मों का वितरण

​बड़वानी  जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से भविष्य की पीढ़ी की आँखों की रोशनी संवारने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुरेखा जमरे, सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना और डी.पी.एम. डॉ. विमलेश चोयल के मार्गदर्शन में उत्कृष्ट विद्यालय बड़वानी में नेत्र स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन किया गया। ​700 छात्र-छात्राओं का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण ​उप जिला कार्यक्रम प्रबंधक (अंधत्व) अनिल राठौर के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम ने विद्यालय के लगभग 700 विद्यार्थियों के नेत्रों की सघन जाँच की। इस टीम में नेत्र सहायक दीपक सोनी, रविंद्र टेकाम और जयनारायण कुशवाह शामिल थे। जाँच के दौरान 102 विद्यार्थियों में दृष्टिदोष पाया गया, जिसके बाद उनके चश्मे के नंबरों का सटीक निर्धारण किया गया। ​निःशुल्क चश्मे पाकर खिले विद्यार्थियों के चेहरे ​स्वास्थ्य परीक्षण के अगले चरण में, आज दिनांक 7 अप्रैल 2026 को जिला चिकित्सालय बड़वानी की ओर से दृष्टिदोष वाले 92 विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मे प्रदान किए गए। चश्मा मिलने से न केवल विद्यार्थियों को पढ़ाई में सुगमता होगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। ​सहयोग और जागरूकता ​इस पुनीत कार्य में उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य  अनिल मिश्र, खुशबू सेनानी एवं समस्त विद्यालय स्टाफ का विशेष योगदान रहा। ​प्राचार्य की पहल:  अनिल मिश्र द्वारा प्रतिवर्ष विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के शिविर आयोजित कर निःशुल्क चश्मे वितरित करवाए जाते हैं, जो सामुदायिक सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। ​विशेष सलाह: कार्यक्रम के दौरान अनिल राठौर और अनिल मिश्र ने बच्चों को परामर्श दिया कि वे अपनी आँखों की नियमित जाँच करवाएं और डिजिटल स्क्रीन का उपयोग सीमित करें। ​"बच्चों की दृष्टि ही उनके उज्ज्वल भविष्य का आधार है। समय पर आँखों की जाँच और सही उपचार से पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सकता है।"  

शिक्षामित्रों का मानदेय ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 और अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय ₹9,000 से बढ़ाकर ₹17,000 किया गया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा पर मुहर लगाते हुए योगी कैबिनेट ने मंगलवार को शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों शिक्षा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार, वर्ष 2017 में ₹10,000 निर्धारित किए गए शिक्षामित्रों के मानदेय को अब बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। इसी प्रकार अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय को बढ़ाकर अब ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। बढ़ा हुआ मानदेय अप्रैल माह से लागू हो जाएगा। इस निर्णय से प्रदेश सरकार पर कुल 1475.27 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। यह निर्णय उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र 2026 के प्रथम सत्र में मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में लिया गया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि बढ़ा हुआ मानदेय वर्ष में 11 माह के लिए देय होगा। 1.43 लाख शिक्षामित्रों को मिलेगा लाभ कैबिनेट के निर्णय की जानकारी देते हुए बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 1,42,929 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इनमें से 1,29,332 शिक्षामित्रों का मानदेय अब तक केंद्र सरकार से समग्र शिक्षा अभियान के तहत 60:40 अनुपात में प्राप्त होता था। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत केंद्रांश के लिए भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा तथा अनुमोदन प्राप्त न होने की स्थिति में बढ़े हुए मानदेय के कारण इन पर आने वाला अतिरिक्त ₹1138.12 करोड़ का व्यय राज्य सरकार वहन करेगी। वहीं शेष 13,597 शिक्षामित्र, जिनका भुगतान पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा किया जाता है, उनके लिए ₹119.65 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार भी प्रदेश सरकार उठाएगी। करीब 25 हजार अनुदेशक होंगे लाभान्वित संदीप सिंह ने बताया कि इसी प्रकार अंशकालिक अनुदेशकों को भी बड़ी राहत दी गई है। वर्ष 2017 में निर्धारित ₹9,000 मानदेय को बढ़ाकर अब ₹17,000 प्रतिमाह कर दिया गया है। प्रदेश के 13,769 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। इस वृद्धि से राज्य सरकार पर ₹217.50 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा और मई माह में दिए जाने वाले भुगतान में यह वृद्धि शामिल होगी।

हर शनिवार लगेगा तहसील स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर

बिलासपुर बिलासपुर में आयोजित साप्ताहिक टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, दीर्घकालिक योजना और जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। निजी स्कूलों में मान्यता प्रमाण पत्र प्रदर्शित करने, साप्ताहिक जनसमस्या निवारण शिविर शुरू करने और जल संरक्षण सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति देने पर विशेष जोर दिया गया।       जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में आयोजित साप्ताहिक टीएल बैठक में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी निजी स्कूलों को अपने परिसर में मान्यता संबंधी प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी स्पष्ट रूप से लिखने को कहा गया कि स्कूल सीबीएसई या छत्तीसगढ़ बोर्ड से मान्यता प्राप्त है, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को सही जानकारी मिल सके और किसी प्रकार की धोखाधड़ी की आशंका न रहे। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई कर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जनसमस्याओं के त्वरित समाधान के लिए हर सप्ताह शनिवार को तहसील स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन शिविरों में वे स्वयं उपस्थित रहेंगे। यह अभियान इसी माह से प्रारंभ होकर लगभग दो माह तक संचालित किया जाएगा। अधिकारियों को इसकी समुचित तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।           बैठक में कलेक्टर ने इस वर्ष के बजट में प्रावधानित कार्यों के लिए डीपीआर (विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन) तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव तैयार करते समय स्थल का निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए और केवल अल्पकालिक नहीं, बल्कि आगामी 20 से 30 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई जाएं। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि किसी भी सरकारी योजना के तहत भवन या आवास निर्माण से पहले वहां तक पहुंचने के लिए सड़क सुविधा सुनिश्चित की जाए, अन्यथा निर्माण की उपयोगिता प्रभावित होती है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर ने सरकारी निर्माण एजेंसियों को सूखे तालाबों से मिट्टी एवं मुरूम उठाने के निर्देश दिए, ताकि तालाबों की गहराई बढ़े और जल संचयन में मदद मिले। साथ ही उन्होंने अनियमित रूप से अन्य स्थानों से मिट्टी उत्खनन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। ग्रामीण क्षेत्रों में सोखता गड्ढे बनाकर जल रिचार्ज करने, कच्चे नाला बांध बनाकर वर्षा जल को रोकने के उपाय अपनाने पर भी बल दिया गया। इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन के कार्यों में तेजी लाकर निर्धारित लक्ष्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

जनदर्शन में सुनीं गई लोगों की समस्याएं अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जनदर्शन में नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे और एडीएम शिव कुमार बनर्जी ने ग्रामीणों की  समस्याएं गंभीरता से सुनीं। अधिकांश मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।           जनदर्शन में तखतपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत विजयपुर के ग्रामीणों ने प्राथमिक शाला विजयपुर के प्रधान अध्यापक भरत ध्रुव को पद से हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान अध्यापक द्वारा शराब का सेवन कर शाला में दुर्व्यवहार एवं विद्यार्थियों को पढ़ाने में कोताही बरती जा रही है। पूर्व में भी प्रधान अध्यापक की शिकायत की गई परंतु आज दिनांक तक किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। डीईओ को मामले की जांच कर शीघ्र ही कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। रतनपुर की अंकिता कमलसेन एवं सिंघरी की प्रतिभा कोशले ने स्वयं का रोजगार स्थापित करने शासन की योजना अंतर्गत लोन दिलाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वह एक शिक्षित महिला है और सिलाई कार्य जानती है। उन्हें सिलाई मशीन एवं अन्य सामग्री खरीदने रूपयों की आवश्यकता है। लीड बैंक मैनेजर को आवश्यक कार्यवाही करने कहा। मेण्ड्रा के सूरज सूर्यवंशी सहित ग्रामवासियों ने ग्राम मेण्ड्रा के वार्ड 4 एवं 5 में हो रही पेयजल की समस्या से अवगत कराया। पीएचई विभाग को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।        बेलतरा तहसील के बाम्हू निवासी परसराम ने जपदर्शन में आवेदन देकर बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रथम किश्त की राशि प्राप्त हो चुकी है, किन्तु दूसरे एवं तीसरे किश्त की राशि आज दिनांक तक नहीं मिलने के कारण उनके आवास का कार्य अधूरा है। उन्होंने शेष बची किश्त की राशि दिलाने की मांग की है। प्रकरण को बिल्हा के जनपद पंचायत सीईओ को भेजते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए है। ग्राम ऊनी की किरण वैष्णव ने बताया कि कुंआ की सफाई करने के दौरान उनके पति एवं पुत्र विद्युत तार की चपेट में आ गए जिससे उनकी मृत्यु हो गई। श्रीमती किरण ने इस संबंध में उचित मुआवजा राशि दिलाने गुहार लगाई गई।  विद्युत विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा है। सिंद्यरी के दिनेश कुमार ने गांव के दूजराम के द्वारा किये गये अवैध कब्जे की शिकायत कलेक्टर से की है। उन्होंने बताया कि दूजराम द्वारा पक्का मकान बनाकर रास्ता अवरूद्ध कर बंद कर दिया गया है। रास्ता बाधित होने के कारण आवाजाही में उन्हें एवं ग्रामीणों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। मामले को संबंधित अधिकारी को सौंपते हुए कार्रवाई करने के निर्देश दिए। 

अब आसमान से देखिए बिहार: हेली टूरिज्म प्लान तैयार, 8 बड़े स्थलों को जोड़ा जाएगा

पटना. बिहार में पर्यटन को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य सरकार अब ऐसी सुविधा शुरू करने जा रही है, जिससे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान ही नहीं, बल्कि बेहद तेज भी हो जाएगा। हेली टूरिज्म से बदलेगा यात्रा का अनुभव नागरिक उड्डयन विभाग की पहल पर बिहार में हेली टूरिज्म सेवा शुरू करने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत राज्य के आठ प्रमुख पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ा जाएगा, जिससे लंबी और थकाऊ यात्राओं से राहत मिलेगी। इन प्रमुख स्थलों को जोड़ा जाएगा इस सेवा में बोधगया, नालंदा, वैशाली, राजगीर, पटना साहिब, पावापुरी, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और विक्रमशिला जैसे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल शामिल होंगे। सीनियर सिटिजन और विदेशी पर्यटकों को खास फायदा हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से इन जगहों तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। यह सुविधा खासतौर पर सीनियर सिटिजन, विदेशी पर्यटकों और वीआईपी यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। 5 साल का होगा अनुबंध, बनेंगे नए हेलीपैड नागरिक उड्डयन विभाग ने इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) आमंत्रित कर चुकी है। हेलीकॉप्टर ऑपरेटर कंपनी के साथ पांच वर्षों का अनुबंध किया जाएगा, जिसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है। इसके तहत हेलीपैड समेत अन्य जरूरी बुनियादी ढांचे का विकास किया जाएगा। प्रत्येक हेलीकॉप्टर में 5-6 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। एयर कनेक्टिविटी भी होगी मजबूत राज्य सरकार हवाई बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। माना जा रहा है कि विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से बिहार की पहचान अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत होगी। यह रोजगार के अवसर बढ़ाने और राज्य की अर्थव्यवस्था को गति देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

कोर्ट की अहम टिप्पणी: AI आधारित जानकारी पर फैसले नहीं, पंजाब हाईकोर्ट ने दिए निर्देश

चंडीगढ़. पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों से कहा है कि वे फैसले लिखने और कानूनी शोध करने के लिए चैटजीपीटी, जेमिनी और कोपायलट जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों का उपयोग न करें । पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को सोमवार (6 अप्रैल, 2026) को उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार-जनरल द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश ने उनसे कहा है कि वे अपने अधीन कार्यरत न्यायिक अधिकारियों को निर्देश दें कि वे निर्णय लिखने और कानूनी शोध के लिए चैटजीपीटी, जेमिनी, कोपायलट, मेटा इत्यादि सहित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) उपकरणों का उपयोग न करें। इन निर्देशों का उल्लंघन गंभीर रूप से देखा जाएगा। इससे पहले, गुजरात उच्च न्यायालय ने किसी भी प्रकार के निर्णय लेने, न्यायिक तर्क, आदेश तैयार करने, निर्णय तैयार करने, जमानत संबंधी सजा पर विचार करने या किसी भी महत्वपूर्ण न्यायिक प्रक्रिया के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग पर रोक लगा दी थी । शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को जिला न्यायिक न्यायाधीशों के एक सम्मेलन में अनावरण की गई गुजरात उच्च न्यायालय की एआई नीति के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग न्यायिक तर्क के प्रतिस्थापन के रूप में नहीं, बल्कि न्याय वितरण की गति और गुणवत्ता में सुधार के लिए किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि चीफ जस्टिस ने विनती की है कि अपने अधीन काम कर रहे न्यायिक अधिकारियों को यह आदेश दिया जाए कि वह फैसले लिखने और कानूनी खोज के लिए Chat GPT, Gemini, Copilot, Meta आदि सहित किसी भी AI टूल्स का इस्तेमाल न करें। इन आदेशों का उल्लंघन गंभीरता से लिया जाएगा।  

BSP में टर्बाइन ब्लास्ट: 8 मजदूर जख्मी, पीछे के रास्ते से सुरक्षित निकाले गए कर्मचारी

दुर्ग. स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के भिलाई स्टील प्लांट में आज आग लगने से मौके पर हड़कंप मच गया। इस घटना में 8 मजदूरों को चोटें आई है। घटना की सूचना पर आधा दर्जन से ज्यादा फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची है। उच्च अधिकारी भी घटना स्थल पर पहुंचे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टर्बाइन में ब्लास्ट हुआ, फिर आग फैलती गई। इसकी चपेट में कुछ कर्मचारी आए हैं। पीछे के रास्ते से बीएसपी कर्मचारी किसी तरह बाहर निकल सके। दो बीएसपी कर्मचारी और तीन ठेका श्रमिक को हल्की चोट आई है। एक बीएसपी कर्मचारी का पैर फ्रैक्चर हुआ है। घालयों का प्राथमिक उपचार मेन मेडिकल पोस्ट में करने के बाद सेक्टर 9 हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। यहां एक्सरे, ईसीजी आदि किया जा रहा है। केबल के सहारे उतकर मजदूरों ने बचाई जान पीबीएस 2 में आग लगने का कारण अब तक पता नहीं चल सका है। आग की चपेट में 2 नियमित कर्मचारी और 8 ठेका मजदूर आए थे। चारों तरफ से आग ने घेर लिया था। किसी तरह जान बचाने के लिए ऊपर-नीचे भागते रहे, लेकिन रास्ता नहीं मिला। छत पर भी गए, लेकिन वहां धुआं से कुछ समझ में नहीं आया। इसके बाद केबल को खोलकर विंडो में बांधा गया। इसके सहारे सबको बारी-बारी से नीचे टीन शेड पर उतारा गया। इस तरह सबकी जान बच सकी। सेक्टर 9 हॉस्पिटल में चल रहा घायलों का इलाज केबल से हथेली रगड़ खाने से छिल गई है, जिससे कर्मचारी जख्मी हुए हैं। एक कर्मचारी का पैर फ्रैक्चर हो गया है। घायलों का प्राथमिक उपचार मेन मेडिकल पोस्ट में करने के बाद सेक्टर 9 हॉस्पिटल लाया गया है। घायलों में कीर्ति कुमार भगत, महेंद्र कुशवाहा, महेंद्र जायसवाल, वैभव, ओमेंद्र कुमार तिस्दा, सुशांत, मनीष, अवधेश और शिव मोहन त्रिपाठी शामिल हैं।