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ऑनलाइन लगान भुगतान का असर, बिहार सरकार के खजाने में आए ₹570 करोड़, सारण जिला फिसड्डी

 पटना राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-राजस्व वसूली में 2020 से 2021 के बाद हर फाइनेंशियल इयर में बढ़ोतरी दर्ज की. साल 2024 से 2025 में विभाग ने 570 करोड़ रुपए की वसूली की और बांका जिला सबसे आगे रहा.  पांच साल में बिहार के भू-राजस्व वसूली में दोगुनी से अधिक बढ़ोतरी हुई है. साल 2020-21 में भू-राजस्व से राज्य सरकार को 253.31 करोड़ रुपए मिले थे. जबकि 2024-25 में यह वसूली 570 करोड़ रुपए हुई. इसमें बांका जिला पहले स्थान पर रहा, जबकि सबसे निचले पायदान पर सारण जिला रहा. पांच साल में करीब 316.69 करोड़ रुपए अधिक भू-राजस्व मिला इस तरह पांच साल में करीब 316.69 करोड़ रुपए से अधिक भू-राजस्व प्राप्त हुआ. जानकारी के मुताबिक, 2025 से 2026 में भू-राजस्व वसूली का लक्ष्य करीब सात सौ करोड़ रुपए रखा गया था. लेकिन फाइनेंशियल इयर की समाप्ति के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अब तक इसकी प्राप्ति का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है. भू-राजस्व वसूली की अधिकतर प्रक्रिया ऑनलाइन सूत्रों के अनुसार, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भू-राजस्व वसूली में फाइनेंशियल इयर 2020-21 के बाद हर फाइनेंशियल इयर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है. फिलहाल भू-राजस्व वसूली की अधिकांश प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो चुकी है. इस कारण लोगों को अब भू-राजस्व भुगतान के लिए अंचल कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे. इसके साथ ही अब कहीं से भी बैठकर लोग ऑनलाइन अपने भू-राजस्व का भुगतान कर पा रहे हैं. इस कारण विभाग को भी बैंक अकाउंट के माध्यम से इसकी प्राप्ति हो रही है. भू-राजस्व की यह वसूली कृषि भूमि पर किसानों से लगान और पट्टा शुल्क के रूप में हुई. साथ ही सरकारी जमीन को पट्टे पर देकर जमीन और उसके उपयोग से आय के रूप में प्राप्ति हुई.

बैंक्वेट हॉल के बेसमेंट में चल रहा था मौत का खेल, 5 घंटे चली छापेमारी के बाद अवैध ओटी और प्रसव कक्ष सील

 पलामू पलामू जिले में अवैध रूप से चल रहे क्लिनिक के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. नावाजयपुर थाना क्षेत्र स्थित बिंदा बैंक्वेट हॉल के बेसमेंट में संचालित एक अवैध क्लिनिक को सील कर दिया गया. यह कार्रवाई सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर की गयी. जिला उपायुक्त समीरा एस के निर्देश पर संबंधित अधिकारियों की टीम ने छापेमारी कर पूरे क्लिनिक को बंद कराया. पांच घंटे चली छापेमारी, कई चौंकाने वाले खुलासे प्रशासनिक टीम ने करीब पांच घंटे तक क्लिनिक में सघन जांच अभियान चलाया. इस दौरान कई आपत्तिजनक और चौंकाने वाले तथ्य सामने आये. क्लिनिक के भीतर एक अस्थायी ऑपरेशन थिएटर और प्रसव कक्ष पाया गया, जहां अवैध तरीके से सर्जरी और डिलीवरी करायी जाती थी. जांच में कई प्रतिबंधित दवाएं भी बरामद की गयीं, जो बिना अनुमति के इस्तेमाल की जा रही थीं. बिना डिग्री चला रहा था क्लिनिक जांच में सामने आया कि पंडवा निवासी सेवक मेहता इस क्लिनिक का संचालन कर रहा था, जबकि उसके पास किसी प्रकार की मेडिकल डिग्री नहीं है. इसके बावजूद वह वर्षों से मरीजों का इलाज कर रहा था और गंभीर मामलों में ऑपरेशन तक कर देता था. यह खुलासा बेहद गंभीर है, क्योंकि इससे गरीब मरीजों की जान को लगातार खतरा बना हुआ था. एलोपैथिक दवाओं का अवैध भंडारण छापेमारी के दौरान एक कमरे में बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दवाओं का भंडार भी मिला. जबकि क्लिनिक के बाहर “दिशा आरोग्य धाम जयपुर आयुर्वेद संस्थान” लिखा हुआ था. इससे स्पष्ट होता है कि मरीजों को भ्रमित कर इलाज किया जा रहा था. इसके अलावा डॉक्टर के ओपीडी कक्ष से गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी बरामद हुए, जो नियमों के उल्लंघन को दर्शाते हैं. कर्मचारियों ने किया बड़ा खुलासा मौके पर मौजूद दो अस्पताल कर्मियों से पूछताछ में यह सामने आया कि सेवक मेहता ने कभी मेडिकल की पढ़ाई नहीं की है. इसके बावजूद वह खुद को डॉक्टर बताकर मरीजों का इलाज करता था. यह भी पता चला कि क्लिनिक में नियमित रूप से प्रसव और अन्य सर्जिकल प्रक्रियाएं की जाती थीं. अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई इस कार्रवाई में पाटन बीडीओ सह सीओ डॉ अमित कुमार झा, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमित कुमार आजाद और नावाजयपुर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार मेहता सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. सभी की देखरेख में क्लिनिक को सील किया गया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की गयी. बार-बार सामने आ रहे ऐसे मामले पलामू जिले में अवैध क्लिनिक का यह कोई पहला मामला नहीं है. जिला प्रशासन लगातार ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद कई क्लिनिक नाम बदलकर फिर से संचालित होने लगते हैं. यह स्थिति स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करती है. गरीब मरीजों की जान से खिलवाड़ सबसे चिंताजनक बात यह है कि ऐसे अवैध क्लिनिकों में गरीब और अनजान मरीज इलाज के लिए जाते हैं, जहां उनकी जान जोखिम में डाल दी जाती है. बिना प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा ऑपरेशन और प्रसव कराना गंभीर लापरवाही है, जिससे कई बार जानलेवा परिणाम सामने आते हैं. कुल मिलाकर, इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि लोगों की जान के साथ खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सके.

मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना: ससौली-छिरोपारा के ग्रामीणों को मिली सुगम आवागमन की सुविधा

रायपुर मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए आवागमन का सशक्त माध्यम बन रही है। सरगुजा जिले के विकासखंड लुण्ड्रा के ग्राम ससौली और छिरोपारा के निवासियों के लिए अब जिला मुख्यालय अंबिकापुर तक की राह न केवल आसान हुई है, बल्कि उनके समय और श्रम की भी बड़ी बचत हो रही है। कई किलोमीटर का पैदल सफर अब हुआ समाप्त ग्राम ससौली छिरोपारा निवासी  गिरवर यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के प्रारंभ होने से पहले उन्हें बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता था। मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लगभग 8 से 10 किलोमीटर तक पैदल चलकर लुण्ड्रा आना पड़ता था। उन्होंने बताया कि पहले बस पकड़ने के लिए घंटों पैदल चलना पड़ता था। कई बार देरी होने पर बस छूट जाती थी, जिससे पूरा दिन खराब हो जाता और जरूरी काम भी रुक जाते थे। लेकिन जब से ’अंबिकापुर से कोरांधा-उरदरा’ मार्ग पर मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा शुरू हुई है, हमारी जिंदगी बदल गई है।“ समय पर काम और सुरक्षित वापसी योजना के तहत संचालित बस अब सीधे गांव के करीब से होकर गुजर रही है। ग्रामीण अब आसानी से बस में सवार होकर समय पर जिला मुख्यालय पहुंचते हैं, दिनभर अपना काम निपटाते हैं और उसी बस से सुरक्षित अपने घर वापस लौट आते हैं। इस सुविधा ने न केवल आर्थिक रूप से राहत दी है, बल्कि बुजुर्गों, महिलाओं और छात्रों के लिए आवागमन को बेहद सुविधाजनक बना दिया है। योजना के लिए शासन का जताया आभार पहुंचविहीन क्षेत्रों को जिला मुख्यालय से जोड़ने की इस सार्थक पहल के लिए क्षेत्र के ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। ससौली और छिरोपारा के  गिरवर यादव ने इस संवेदनशील निर्णय के लिए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

सोनारडीह मामले के बाद एक्शन में धनबाद एसडीएम, आधा दर्जन ठिकानों पर छापेमारी कर अवैध मुहाने भरने के दिए निर्देश

धनबाद धनबाद में सोनारडीह भूधसान के बाद प्रशासन अवैध कोयला खनन के खिलाफ सख्त हो गया है. एसडीएम लोकेश बारंगे के नेतृत्व में कई स्थानों पर छापेमारी कर कोयला और वाहनों की जब्ती की गई और अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए.  झारखंड के धनबाद में सोनारडीह भूधसान मामले धनबाद एसडीएम (सदर अनुमंडल दंडाधिकारी) लोकेश बारंगे के नेतृत्व में अवैध कोयला खनन और संबंधित गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई की गई. अभियान में कौन कौन थे शामिल इस अभियान में माइनिंग अधिकारी, बाघमारा अंचल अधिकारी गिरजनंद किस्कू, बीसीसीएल कतरास क्षेत्र के महाप्रबंधक सुधाकर प्रसाद, उमंग ठक्कर, अशोक कुमार, प्रेम शर्मा, कतरास थाना प्रभारी प्रवीण कुमार, तेतुलमारी थाना प्रभारी विवेक चौधरी और अन्य पुलिस बल शामिल थे. कई स्थानों पर छापेमारी, कोयला और वाहन जब्त धनबाद एसडीएम ने गजली टांड, रामकनाली के सूर्य मंदिर और तेतुलमारी के खास सिजुआ सहित आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर कोयला और वाहन जब्त करने के आदेश दिए. उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध मुहाने को भराई करवाकर फोटो और वीडियो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. एसडीएम श्री बारंगे ने कहा कि 100 प्रतिशत कार्रवाई होनी चाहिए.

पठानकोट के जसनूर सिंह ने CDS-2 परीक्षा में ऑल इंडिया 1 रैंक हासिल कर बढ़ाया मान, एयरफोर्स और नेवल एकेडमी में चयन

पठानकोट  पठानकोट के जसनूर सिंह ने यूपीएससी की सीडीएस-2 परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है। जसनूर सिंह ने इंडियन मिलिट्री अकादमी में सातवां, इंडियन एयरफोर्स अकादमी और इंडियन नेवल अकादमी में पहला स्थान हासिल किया है। परिवार और टीचर्स ने बढ़ाया हौसला जसनूर की शुरूआती स्कूलिंग सैंट जोसेफ कान्वेंट स्कूल पठानकोट और फिर महाराजा रणजीत सिंह आर्म फोर्सर्सेस प्रिपरेटरी इंस्टट्यूट में हुई। जसनूर अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और टीचर्स को देते हैं। उन्होंने बताया कि डायरेक्टर मेजर जनरल एचएस चौहान ने उनका काफी स्पोर्ट किया। जसनूर का मानना है कि काफी यूथ डिफेंस में जाना चाहते हैं, पढ़ने के टाइम उन्हें पढ़ना चाहिए। खेलने के टाइम खेलना चाहिए। बाहर की दुनिया से बात करनी चाहिए। एक्सपोज़र लेना चाहिए। मेहनत करें सफलता जरूर मिलेगी। एनडीए में मिली थी असफलता अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए जसनूर ने बताया कि उनका यह सफर पांच साल पहले शुरू हुआ था। उन्होंने पहले एनडीए परीक्षा भी उत्तीर्ण करने का प्रयास किया था, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिली। एयरफोर्स ज्वाइन करेंगे जसनूर ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद उन्होंने सीडीएस परीक्षा दी और पूरे देश में एयरफोर्स और नेवी में पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने एयरफोर्स ज्वाइन करने की बात कही और अन्य युवाओं से भी कड़ी मेहनत करने की अपील की। बेहद खुश हैं जसनूर के माता-पिता जसनूर सिंह के माता-पिता, दविंदर सिंह और सुखजीत कौर ने अपने बेटे की लगातार मेहनत पर गर्व व्यक्त किया। माता-पिता जसनूर सिंह का सफलता से काफी खुश हैं और कामना करते हैं कि वह सफलता की बुलंदियों को छुएगा। जसनूर ने यह भी बताया कि उनके बड़े भाई ने भी इस सफर में उनका बहुत साथ दिया। बचपन से था जसनूर का सपना – पिता जसनूर के पिता और दवा कारोबारी दविंदर सिंह का कहना है कि सबसे पहले हम उस परमात्मा वाहेगुरु का धन्यवाद करते हैं,जिन्होंने हमें यह खुशी दी। उन्होंने कहा कि शुरू से ही जसनूर का सपना था कि वह इंडियन डिफेंस जॉइन करे। इसके लिए वह प्लस वन से ही प्रयास कर रहा था। उसने NDA की परीक्षा 2 बार दी और दोनों बार लिखित परीक्षा पास की। लेकिन इंटरव्यू में सफल नहीं हो पाया। फिर भी उसने हिम्मत नहीं हारी। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई जसनूर के पिता ने बताया कि उसने चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई शुरू की और साथ ही CDS की तैयारी भी जारी रखी। इसके लिए उसने ऑनलाइन क्लासेस और कोचिंग भी ली। CDS की लिखित परीक्षा पास करने के बाद उसका एयरफोर्स इंटरव्यू देहरादून में हुआ, जो 3 दिन चलता है। उसने SSB इंटरव्यू भी पास कर लिया। 3 दिन देहरादून में चला इंटरव्यू इसके बाद उसका मेडिकल हुआ, जो एयरफोर्स पायलट के लिए सबसे कठिन माना जाता है और वह भी उसने दिल्ली में सफलतापूर्वक पास कर लिया। लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को मिलाकर ऑल इंडिया स्तर पर मेरिट लिस्ट बनती है। जिसमें जसनूर सिंह ने पूरे भारत में रैंक नंबर 1 प्राप्त किया। यह पठानकोट और पूरे पंजाब के लिए गर्व का क्षण है।  

राजभवन में रेडक्रॉस प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट, सेवा कार्यों को लेकर संवाद

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल  रमेन डेका राज्यपाल   रमेन डेका के आज सरायपाली प्रवास के दौरान रेडक्रास एवं एन सी सी के पदाधिकारियों ने भेंट की। कलेक्टर एवं पदेन अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह एवं अनुपमा आनंद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली के दिशा-निर्देशन एवं सभापति संदीप दीवान (इंडिया रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला शाखा महासमुंद) के मार्गदर्शन तथा जिला संगठक डा अशोक गिरि गोस्वामी के नेतृत्व में  भारतीय रेडक्रास सोसायटी ज़िला शाखा महासमुन्द अन्तर्गत पदाधिकारियों ने मुलाकात की।              सभी ने रेडक्रास गीत गाकर राज्यपाल  का स्वागत किया। रेडक्रॉस काउंसलर्स एवं वालेंटियर्स की टीम ने राज्यपाल एवं पदेन अध्यक्ष इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी (राज्य शाखा, रायपुर) का स्वागत किया। राज्यपाल ने किया पौध रोपण             इस अवसर पर राज्यपाल  रमेन डेका ने रेस्ट हाउस परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पीपल का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

योगी सरकार में आज़मगढ़ की चमकी पहचान, निज़ामाबाद की ब्लैक पॉटरी को मिला वैश्विक सम्मान

योगी सरकार में चमकी आज़मगढ़ की पहचान: निज़ामाबाद की ब्लैक पॉटरी को मिला वैश्विक सम्मान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना बनी वैश्विक ब्रांड, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में बढ़ी मांग कॉमन फैसिलिटी सेंटर की सुविधा मिलने के बाद ब्लैक पॉटरी का व्यापार तेजी से बढ़ा आजमगढ़  आज़मगढ़ जनपद अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहां के निज़ामाबाद क्षेत्र की ब्लैक पॉटरी (काली मिट्टी की कारीगरी) विश्वभर में अपनी अनूठी पहचान बनाए हुए है। इस शिल्प में प्रयुक्त विशेष प्रकार की चिकनी मिट्टी स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध होती है, जो इस कला को और भी विशिष्ट बनाती है।      निज़ामाबाद क्षेत्र में 200 से अधिक कारीगर परंपरागत शिल्प से जुड़े हुए हैं। ये कारीगर अपने हुनर से विभिन्न प्रकार के उत्पाद जैसे फूलदान, बर्तन, चायदान, शक्करदान और सजावटी वस्तुएँ तैयार करते हैं। इन उत्पादों की मांग देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि ये वस्तुएं उपयोगी होने के साथ-साथ सौंदर्य की दृष्टि से भी बेहद आकर्षक होती हैं।      आज़मगढ़ का यह शिल्प उद्योग न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक रूप से भी स्थानीय लोगों के जीवन का एक मजबूत आधार है। जिले की अर्थव्यवस्था में कृषि के साथ-साथ यह प्राचीन उद्योग भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। निज़ामाबाद की फैंसी पॉटरी विशेष रूप से अपनी नक्काशी और चमकदार काले रंग के लिए प्रसिद्ध है।      कुम्हार समुदाय द्वारा बनाए जाने वाले मिट्टी के बर्तन और देवी-देवताओं की प्रतिमाएं जैसे गणेश, लक्ष्मी, शिव, दुर्गा और सरस्वती मेलों और त्योहारों के दौरान विशेष रूप से लोकप्रिय रहती हैं। इन कलाकृतियों में पारंपरिक आस्था और कलात्मकता का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है।     ब्लैक पॉटरी की सबसे खास विशेषता इसका गहरा काला रंग है, जो एक विशेष प्रक्रिया से प्राप्त किया जाता है। कारीगर पहले तैयार बर्तन को मिट्टी और वनस्पति के घोल में डुबोते हैं, जिससे उसका आधार रंग बनता है। इसके बाद उसे विशेष तकनीक से पकाया जाता है और आकर्षक चमक देने के लिए पारा, रांगा और सीसा जैसे तत्वों का उपयोग किया जाता है।    इस दिशा में योगी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में “एक जिला एक उत्पाद” योजना के माध्यम से आज़मगढ़ की ब्लैक पॉटरी को नई पहचान और व्यापक बाजार मिला है, जिससे कारीगरों को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बेहतर विपणन अवसर प्राप्त हो रहे हैं तथा उनकी आय में निरंतर वृद्धि हो रही है। यही कारण है कि यह पारंपरिक कला आज के आधुनिक समय में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखते हुए प्रगति के पथ पर अग्रसर है। इस अनमोल धरोहर के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रदेश सरकार लगातार प्रयासरत है और कारीगरों को निरंतर प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है, ताकि यह कला आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और जीवंत बनी रह सके।  निज़ामाबाद के ब्लैक पॉटरी फाउंडेशन के निदेशक संजय कुमार यादव बताते हैं कि योगी सरकार के कारण उन्हें कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) की सुविधा प्राप्त हुई। इस सुविधा के मिलने के बाद उनका व्यापार तेजी से बढ़ा है। आधुनिक मशीनों की उपलब्धता के कारण अब वे अपने ऑर्डर समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा कर पा रहे हैं। वे कहते हैं कि यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ODOP (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) योजना का परिणाम है। आज ब्लैक पॉटरी न केवल देश में, बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुकी है। कॉमन फैसिलिटी सेंटर से मिली सुविधा   कॉमन फैसिलिटी सेंटर की स्थापना से उत्पादन प्रक्रिया काफी आसान हो गई है। यहां कच्चे माल से लेकर सभी आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। कारीगर वहां आकर अपने उत्पाद तैयार करते हैं, उन्हें पैक करते हैं और फिर बाजार में अपने निर्धारित मूल्य पर बेचते हैं। इस सुविधा के कारण वे बड़े से बड़े ऑर्डर को सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम हुए हैं, जिससे उनके व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

गौतम अडाणी ने सीएम योगी से मुलाकात की, डेढ़ घंटे तक निवेश और प्रोजेक्ट्स पर हुई चर्चा, अयोध्या में परिवार संग रामलला के दर्शन

लखनऊ  प्रख्यात उद्योगपति गौतम अदाणी ने उत्तर प्रदेश के एकदिवसीय दौरे पर गुरुवार को अयोध्या में दिन में सपरिवार राम दरबार में दर्शन-पूजन के बाद देर शाम लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट की। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद गौतम अदाणी ने उनके 'विकसित उत्तर प्रदेश' के रोडमैप को बेहद प्रभावशाली बताया। मुख्यमंत्री से भेंट करने के बाद गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया पर अपने विचार को पोस्ट भी किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के बाद जाने माने उद्योगपति गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट किया “कुछ दूरदृष्टियां राष्ट्रों का स्वरूप बदल देती हैं। मुख्यमंत्री योगी जी द्वारा विकसित उत्तर प्रदेश के रोडमैप को सुनना एक अविस्मरणीय क्षण था। 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था, 2047 तक 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था। यह उत्तर प्रदेश की क्षमता का प्रमाण है। अदाणी समूह को बिजली, रक्षा, हवाई अड्डों, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक पार्कों और डेटा केंद्रों में निवेश के माध्यम से उत्तर प्रदेश के परिवर्तन में योगदान देने पर गर्व है। हम उस भविष्य के निर्माण में सहयोग करने के लिए यहां हैं। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की और उत्तर प्रदेश के भविष्य को लेकर उनके बड़े विजन की सराहना की। मुलाकात के बाद उन्होंने साफ किया कि उनका अदाणी ग्रुप उत्तर प्रदेश के कायाकल्प में एक बड़ी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके इस ट्वीट ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को वर्ष 2030 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और वर्ष 2047 तक छह ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक वृद्धि का प्रमुख इंजन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अडानी ने अपने ट्वीट में कहा कि यह केवल एक आर्थिक लक्ष्य नहीं है। यह उत्तर प्रदेश की क्षमताओं और संभावनाओं का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने यह भी लिखा कि राज्य में तेजी से विकसित हो रहा इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर नीतियां और निवेश के अनुकूल वातावरण इसे उद्योगों के लिए आकर्षक बना रहे हैं।अडानी समूह ने उत्तर प्रदेश के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी का भरोसा जताया है। समूह बिजली, रक्षा, हवाई अड्डों, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक पार्क और डेटा सेंटर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश कर रहा है। इन परियोजनाओं से रोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ साथ राज्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।इसी बीच अडानी गुरुवार को परिवार समेत अयोध्या भी पहुंचे। वहां उन्होंने रामलला के दर्शन और पूजन किए। अपने परिवार के साथ उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने परंपरा और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने गुरुकुल को एआई आधारित लैब विकसित करने में सहयोग देने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण भारत की आस्था और विकास का प्रतीक है और यह देश को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।अडानी ने स्पष्ट किया कि उनका समूह उत्तर प्रदेश के इस परिवर्तनकारी सफर में एक मजबूत साझेदार के रूप में काम करेगा। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के तहत यह पहल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी। गौतम अदाणी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'विकसित उत्तर प्रदेश' के रोडमैप को बेहद प्रभावशाली बताया है। अदाणी ग्रुप उत्तर प्रदेश में केवल इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर ही नहीं, बल्कि रक्षा और तकनीक जैसे भविष्य के क्षेत्रों में भी भारी निवेश कर रहा है। कंपनी के निवेश पोर्टफोलियो में एनर्जी, पावर, एयरपोर्ट, डिफेंस और लॉजिस्टिक्‍स जैसे सेक्‍टर शामिल हैं। अदाणी ग्रुप ने वर्ष 2022 के इन्वेस्टर्स समिट में उत्तर प्रदेश में 70,000 करोड़ के निवेश का ऐलान किया था, जिससे कम से कम 30,000 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। गुरुकुल महाविद्यालय में छात्रों से मुलाकात की गौतम अडाणी ने अयोध्या के गुरुकुल महाविद्यालय में छात्रों से मुलाकात की। उन्हें सम्मानित किया। गुरुकुल की पुरानी और आधुनिक परंपरा के बारे जाना। उन्होंने कहा कि मैंने बच्चों के साथ समय बिताया। गुरुकुल आज के युग में हमारी संस्कृति को जागृत रखने का काम कर रहा है। अडाणी फाउंडेशन AI के इस दौर में इस गुरुकुल संस्कृति को संरक्षित करने में हर संभव सहयोग देगा। लखनऊ में योगी से मुलाकात करेंगे इसके बाद, गौतम अडाणी लखनऊ के लिए रवाना हो गए। यहां सीएम योगी से मुलाकात करेंगे। इससे पहले गौतम अडानी 22 जनवरी 2024 को अयोध्या आए थे। रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे।

योगी सरकार की पहल से बदली हमीरपुर की कीर्ति की जिंदगी

योगी सरकार की पहल से बदली हमीरपुर की कीर्ति की जिंदगी संगठन की शक्ति: प्रेरणा कैंटीन से कीर्ति  ने खड़ा किया खुद का व्यवसाय सरकारी पहल से बदली दिशा: आत्मनिर्भरता बनी पहचान लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की योजनाएं आज ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहीं हैं। हमीरपुर जनपद की कीर्ति इसकी जीवंत मिसाल बनकर उभरीं हैं। एक समय अध्यापिका और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करने वाली कीर्ति ने जब महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने का निर्णय लिया, तो यह उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। वर्ष 2018 में समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी, बल्कि समाज में खुद की एक नई पहचान भी बनाई। आज वही कीर्ति “प्रेरणा कैंटीन” के माध्यम से न सिर्फ खुद सशक्त हुईं हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर दे रहीं हैं। 'प्रेरणा कैंटीन: सामूहिक प्रयास से बना 1.25 करोड़ के टर्नओवर का मॉडल वर्ष 2025 अगस्त में कीर्ति ने 10 महिलाओं के साथ मिलकर हमीरपुर के दरियापुर स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय में “प्रेरणा कैंटीन” की शुरुआत की। लगभग 11 लाख रुपये के निवेश से शुरू हुआ यह प्रयास आज उनके लिए सफल उद्यम बना, जिसका टर्नओवर 1.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वर्तमान में कैंटीन से 8 महिलाएं जुड़ीं हैं। हर महीने प्रत्येक महिला को लगभग ₹8,000 वेतन मिल जाता है। यह कैंटीन केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि पोषण और स्वच्छता का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण है जहां 332 बच्चों को रोजाना पौष्टिक नाश्ता, दूध और भोजन बेहद किफायती दर पर उपलब्ध कराया जाता है। शिक्षकों के लिए भी भोजन की व्यवस्था है। कीर्ति का मानना है कि स्वच्छ और पौष्टिक भोजन ही स्वस्थ समाज की नींव है, और इसी सोच के साथ वह पूरी जिम्मेदारी से इस कार्य को आगे बढ़ा रही हैं। आत्मनिर्भरता से प्रेरणा तक: योगी सरकार की योजनाओं ने बदली दिशा कीर्ति सिंह की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाओं विशेषकर स्वयं सहायता समूह और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की उपयोगिता का प्रमाण है। कीर्ति ने पहले बैंक सखी के रूप में काम करते हुए अनुभव हासिल किया और अब उद्यमिता के क्षेत्र में कदम रखकर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। कीर्ति का कहना है कि योगी सरकार की इस पहल ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत ऋण के लिए भी आवेदन किया है, जिससे वे अपने इस व्यवसाय को और विस्तार देना चाहतीं हैं। कीर्ति का यह सफर बताता है कि जब सरकार की योजनाएं सही हाथों तक पहुंचतीं हैं और उनमें मेहनत व संकल्प जुड़ जाता है, तो बदलाव निश्चित होता है। आज वह न केवल आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रहीं हैं।

नूंह से हिसार तक बदले गए जिला पुलिस कप्तान, एंटी करप्शन ब्यूरो को और मजबूत करने की कवायद

 चंडीगढ़  हरियाणा सरकार ने बृहस्पतिवार रात को पुलिस प्रशासन में व्यापक फेरबदल किया है। प्रदेश सरकार ने 24 आइपीएस और पांच एचपीएस अधिकारियों के तबादले किए। नूंह, हिसार, रोहतक, पलवल, चरखी दादरी, फतेहाबाद, डबवाली और नारनौल के जिला पुलिस अधीक्षकों को बदलकर उनके स्थान पर नई नियुक्तियां की गई हैं। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर कमिश्नरेट क्षेत्रों में डीसीपी स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो में आधा दर्जन नये आइपीएस व एचपीएस अधिकारियों की नियुक्तियां कर उसे मजबूत बनाया गया है। पिछले दिनों राज्य सरकार ने वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों की जिम्मेदारी में बदलाव किया था और उसके बाद कई आइएएस अधिकारियों के भी तबादले किए थे। पुलिस अधीक्षकों के तबादलों की सूची का पिछले काफी समय से इंतजार किया जा रहा था। यह वीडियो भी देखें इन आइपीएस अधिकारियों के हुए तबादले आईपीएस अधिकारी – पुरानी पोस्टिंग – नई पोस्टिंग     1. राजेश कुमार – एसपी नूंह – एसपी स्टेट क्राइम ब्यूरो     2. डा. अर्पित जैन – डीसीपी मुख्यालय गुरुग्राम – एसपी नूंह     3. सुरेंद्र भौरिया – एसपी रोहतक – एसपी एल एंड ओ     4. शशांक कुमार सावन – एसपी हिसार – एआइजी प्रशासन पुलिस मुख्यालय     5. मकसूद अहमद – अवकाश से वापसी – एसपी स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (मुख्यालय)     6. नितिश अग्रवाल – एडीसी गवर्नर एवं एसपी लोकायुक्त – एसपी पलवल     7. वरुण सिंगला – एसपी पलवल – एसपी सिक्योरिटी सीआइडी     8. अर्श कुमार वर्मा – एसपी चरखी दादरी – एसपी स्टेट विजिलेंस ब्यूरो एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (मुख्यालय)     9. सिद्धार्थ जैन – एसपी फतेहाबाद – एसपी हिसार     10. नितिका खट्टर – एसपी डबवाली – एसपी फतेहाबाद     11. पूजा वशिष्ठ – एसपी नारनौल – एसपी स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (मुख्यालय)     12. गौरव राजपुरोहित – डीसीपी पूर्वी गुरुग्राम – एसपी रोहतक     13. जसलीन कौर – डीसीपी झज्जर – एसपी डबवाली     14. मेधा भूषण – एसपी स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो – डीसीपी सोनीपत     15. दीपक जेवरिया – डीसीपी मानेसर – एसपी नारनौल     16. दीप्ति गर्ग – कमांडेंट चतुर्थ बटालियन आइआरबी मानेसर – डीसीपी झज्जर     17. लोगेश कुमार पी – डीसीपी झज्जर – एसपी चरखी दादरी     18. प्रबीना – डीसीपी सोनीपत – डीसीपी मानेसर, कमांडेंट चतुर्थ बटालियन मानेसर का अतिरिक्त कार्यभार     19. राजेश कुमार मोहन – डीसीपी यातायात गुरुग्राम – डीसीपी क्राइम फरीदाबाद     20. शुभम सिंह – डीसीपी झज्जर – डीसीपी क्राइम झज्जर     21. प्रतीक गहलोत – एडीशनल एसपी कुरुक्षेत्र – डीसीपी यातायात गुरुग्राम     22. सोनाक्षी सिंह – एडीशनल एसपी जींद – डीसीपी सोनीपत     23. कुमारी उत्तम – एडीशनल एसपी हिसार – डीसीपी एनआइटी फरीदाबाद     24. प्रतीक अग्रवाल – एडीशनल एसपी रोहतक – डीसीपी बल्लभगढ़ इन एचपीएस अधिकारियों के हुए तबादले आईपीएस अधिकारी – पुरानी पोस्टिंग – नई पोस्टिंग     1. ममता खर्ब – एडीशनल एसपी पलवल – एसपी स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो मुख्यालय     2. सिद्धार्थ ढांडा – एसपी एल एंड ओ मुख्यालय – एसपी टेलीकाम पंचकूला     3. संदीप कुमार – एसपी स्टेट क्राइम ब्रांच – डीसीपी पूर्वी गुरुग्राम     4. धारणा यादव – एसपी स्टेट क्राइम ब्रांच – डीसीपी झज्जर     5. अनिल कुमार – एसपी स्टेट विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो – कमांडेंट पांचवीं बटालियन एचएपी मधुबन