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SIR पर सम्राट चौधरी का विपक्ष पर हमला, बोले- आरोप नहीं, तथ्य के साथ आएं

पटना विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार को प्रेसवार्ता कर भारत निर्वाचन आयोग के पक्ष में सफाई दी। उन्होंने बिहार से देश में शुरू हुए मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाने को दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि देश हो या राज्‍य के नेता प्रत‍िपक्ष बिना फैक्‍ट के आरोप लगा रहे हैं। लोगों को भ्रमि‍त कर रहे हैं राहुल और तेजस्‍वी मुख्यमंत्री ने संवाद कार्यालय में आरोप लगाया कि दोनों नेता एसआईआर को लेकर तथ्यहीन बातें कर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं और वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटका रहे हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसे लेकर राजनीतिक आरोप लगाने के बजाय तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए। चुनाव आयोग ने भी SIR से जुड़े फैसलों को सामूहिक रूप से लिए जाने की बात कही है। यह चुनाव आयोग ने भी स्‍पष्‍ट कर दिया है। ज‍िनकी पार्टी में लोकतंत्र नहीं, वही उठा रहे सवाल सम्राट ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों राजनीति में परिवार के प्रभाव और सत्ता से मिले लाभ की बात करने के बजाय चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग के कथित दुरुपयोग के आरोपों पर भी विपक्ष पर कटाक्ष किया। कहा कि ज‍िनकी पार्टी में लाेकतंत्र नहीं है, वही लोकतंत्र पर सवाल उठा रहे हैं।    मुख्यमंत्री ने कांग्रेस द्वारा पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्तों को चुनाव लड़ाए जाने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए चुटकी ली और कहा कि जिस संस्था के पूर्व प्रमुखों को बाद में राजनीतिक भूमिका में देखा गया। उसी संस्था की निष्पक्षता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। एसआईआर को लेकर विपक्ष पहले भी आयोग पर गंभीर आरोप लगा चुका है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की गरीबी और आर्थिक संकट के लिए लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने चुनाव आयुक्तों को बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियां दीं, वही आज चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है। सम्राट चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि जब तक सत्ता में आप थे, तब तक लोकतंत्र था, लेकिन गरीब घर से आने वाला कोई दूसरा व्यक्ति सत्ता में आता है तो परेशानी होने लगती है।  

राजस्थान में पंचायत चुनाव की तैयारी तेज, भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं को दिया गांव-गांव पहुंचने का संदेश

जयपुर राजस्थान में हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों में शानदार और ऐतिहासिक विजय हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अब पूरी तरह से अपने अगले बड़े राजनीतिक लक्ष्य 'मिशन पंचायती राज चुनाव' की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक धार देने और चुनावी तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। इसी कड़ी में शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रतापगढ़ और उदयपुर दौरे रहे, जहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और उन्हें आगामी ग्रामीण चुनावों के लिए पूरी ऊर्जा, समर्पण और अनुशासन के साथ जुटने का स्पष्ट संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि कार्यकर्ता किसी भी राजनीतिक संगठन की सबसे बड़ी और मूल शक्ति होते हैं, जो पार्टी की विचारधारा और विकास कार्यों को सीधे आम जनता तक पहुंचाने का काम करते हैं। उन्होंने उदयपुर और प्रतापगढ़ के कार्यकर्ताओं की पीठ थपथपाते हुए कहा कि निकाय चुनावों में जनता का मिला यह आशीर्वाद हमारे कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम, जनसंपर्क और अटूट निष्ठा का प्रत्यक्ष परिणाम है। अब इसी सकारात्मक ऊर्जा और जोश को बरकरार रखते हुए हमें पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में भी विजय का परचम लहराना है। 'समर्पण और अनुशासन के साथ गांव-गांव पहुंचें' प्रतापगढ़ और उदयपुर में आयोजित बैठकों और संवाद कार्यक्रमों के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए सांगठनिक कसावट पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आगामी पंचायत और जिला परिषद चुनावों में सफलता हासिल करने के लिए हर कार्यकर्ता को जनसेवा की भावना के साथ मैदान में उतरना होगा। जन-जन का विश्वास: सीएम ने आह्वान किया कि कार्यकर्ताओं को जनता के बीच निरंतर सक्रिय रहना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझकर उनका समाधान करवाने का प्रयास करना चाहिए, ताकि जनता का अटूट विश्वास पार्टी के साथ बना रहे। बूथ स्तर पर मजबूती: संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी की जीत की नींव हमारा बूथ है, और जब बूथ मजबूत होगा तो विजय अपने आप सुनिश्चित होगी। सरकारी योजनाओं का प्रसार: राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों, विकास कार्यों और फैसलों को समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं की है, जिसे उन्हें पूरी ईमानदारी से निभाना होगा। सरकार-संगठन का तालमेल- पंचायत चुनाव में जीत की सीढ़ी राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार के गठन के बाद से ही संगठन और सत्ता के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला है। नगर निकाय चुनावों में मिली जीत ने पार्टी के मनोबल को पहले ही काफी ऊंचा कर दिया है, और अब पंचायती राज चुनावों के जरिए बीजेपी ग्रामीण मतदाताओं के एक बड़े वर्ग को अपने पाले में बनाए रखने की रणनीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के इन दौरों और स्पष्ट निर्देशों से साफ है कि पार्टी किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। पंचायत चुनावों की तारीखों के नजदीक आने के साथ ही राजस्थान की राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है, और अब देखना यह होगा कि विपक्षी दल कांग्रेस इस सांगठनिक आक्रामकता का मुकाबला किस प्रकार करते हैं।

500 ड्रोन से सजेगा मोहाली का आसमान, गुरु रविदास की जीवन गाथा होगी प्रदर्शित

मोहाली. मोहाली में 29 सितंबर की शाम आसमान रोशनी से जगमगाएगा। गुरु रविदास महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष कार्यक्रम के तहत सेक्टर-79 स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के सामने दशहरा ग्राउंड में करीब 500 ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगे। शाम 6:30 बजे शुरू होने वाले इस ड्रोन शो में रोशनी और तकनीक के माध्यम से गुरु रविदास के जीवन, बाणी और उनकी शिक्षाओं को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। शो को खास बनाने के लिए ड्रोन के माध्यम से आसमान में अलग-अलग आकृतियां और दृश्य तैयार किए जाएंगे। इसका उद्देश्य गुरु रविदास के समानता, भाईचारे और सांझीवालता के संदेश को लोगों तक आकर्षक तरीके से पहुंचाना है। जिला प्रशासन के अनुसार बड़ी संख्या में लोगों और संगत के पहुंचने की संभावना को देख आयोजन स्थल पर सुरक्षा, यातायात और पार्किंग समेत अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासन ने अधिकारियों को सौंपी जिम्मेदारियां डिप्टी कमिश्नर कोमल मित्तल ने आयोजन की तैयारियों को लेकर संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने, यातायात संचालन और पार्किंग प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम मोहाली दमनदीप कौर को विभिन्न विभागों के साथ समन्वय कर पीने के पानी, लंगर, बैठने की व्यवस्था, मेडिकल टीम, सफाई और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है। विधायक कुलवंत सिंह ने मोहालीवासियों से परिवार और बच्चों सहित ड्रोन शो देखने पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्तुति गुरु रविदास के जीवन और मानवता को दिए गए संदेशों को याद करने का विशेष अवसर होगी।

₹200 करोड़ के ग्रीन बॉन्ड पर गहराया संकट, ग्वालियर निगम के सामने निवेशकों की रकम लौटाने की चुनौती

ग्वालियर. नगर निगम बीते दो साल से महापौर विहीन चल रही है। यही कारण है कि निगम में अधिकारी-कर्मचारी अपनी मनमानी कर रहे हैं। इसका असर निगम की आय का मुख्य स्त्रोत संपत्तिकर वसूली पर साफ दिखाई दे रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में संपत्तिकर वसूली का निगमायुक्त द्वारा 200 करोड़ रुपए का लक्ष्य दिया गया है। इसमें से अभी तक सिर्फ 55.60 करोड़ की ही संपत्तिकर वसूली की जा सकी है, जो कि बीते वर्ष से भी कम है। साथ ही इसमें 6.32 करोड़ रुपए गारबेज शुल्क से वसूल की गई राशि भी शामिल है। वहीं जिन अधिकारियों पर संपत्तिकर वसूली की जिम्मेदारी है वह पूरे साल तो चैन से अपने कार्यालयों में बैठे रहते हैं और दिसंबर-जनवरी का महीना आते ही संपत्तिकर वसूली के लिए सक्रियता दिखाना शुरू कर देते हैं। यदि इसी तरह संपत्तिकर वसूली के लिए कर संग्रहक, सहायक संपत्तिकर अधिकारी व उपायुक्त सक्रियता दिखाए तो संपत्तिकर का दिया गया लक्ष्य समय पर पूरा हो सकता है। बता दें कि निगम सीमा क्षेत्र में 3.10 लाख संपत्तियां और 1.21 लाख संपत्तियां नामांकित हैं। वहीं डेढ़ लाख से अधिक ऐसे लोग है जो भूमि, भवन स्वामी होने के बाद भी निगम को संपत्तिकर नहीं देता है। वहीं निगम भी ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता है। किराये पर लगाए लड़कों से कराई जा रही हैं वसूली निगम सीमा क्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यालय पर पदस्थ कर संग्रहक व सहायक संपत्तिकर अधिकारी द्वारा खुद न वसूली करते हुए कई जगह पर लड़के लगा रखे हैं। इनसे वह खुलेआम संपत्तिकर की वसूली करवाते हैं। इतना ही नहीं वार्ड में पदस्थ कर संग्रहक (टीसी) व सहायक संपत्तिकर (एपीटीओ) ने इन्हें अपने टैबलेट भी दे रखे हैं और इन्ही के माध्यम से यह घर-घर जाकर वसूली करके पैसा अपने पास रखते हंै। यही हाल क्षेत्रीय क्रमांक-17 पर भी देखा जा रहा है जहां अभी हाल ही ट्रांसफर होकर आए कर संग्रहक खुद वसूली न करते हुए किसी अन्य से वसूली करा रहे हैं। बताया जा रहा है कि वसूली करने वाला उनका बेटा है। यही हाल अन्य क्षेत्रीय कार्यलय पर भी देखा जा रहा है। इन पर है संपत्तिकर वसूली की जिम्मेदारी – ग्वालियर पूर्व विधानसभा – एपीएस भदौरिया उपायुक्त – वसूली अब तक-26.72 करोड़ ग्रामीण विधानसभा – अतिबल सिंह यादव उपायुक्त – वसूली अब तक-8.91 करोड़ ग्वालियर विधानसभा – अमर सत्य गुप्ता उपायुक्त – वसूली अब तक- 8.56 करोड़ ग्वालियर दक्षिण विधानसभा – सतपाल सिंह चौहान उपायुक्त – वसूली अब तक- 11.50 करोड़ लक्ष्य पूरा न करने वालों पर होगी कार्रवाई मैंने संपत्तिकर वसूली को लेकर सभी विधानसभा क्षेत्र के अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक सम्पत्तिकर व कर संग्रहक को साफ शब्दों में हर हाल में दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए कहा गया है। जो कर संग्रहक व सहायक संपत्तिकर अधिकारी वसूली नहीं कर रहा है उन पर हम तत्काल कार्रवाई भी कर रहे हैं। संपत्तिकर में तय किए गए लक्ष्य को हम हर हाल में पूरा करने के लिए प्रयासरत है। किशोर कान्याल, आयुक्त नगर निगम

जिस घर में जन्मे, छोटे से बड़े हुए, खेले-कूदे…,’ कहते-कहते भावुक हुए सीएम डॉ. यादव, अपने ही घर पर आखिर क्यों चलाई गैंती?

भोपाल/उज्जैन  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री जन-कल्याण के लिए कितना समर्पित हैं, वे सादगी कितनी पसंद करते हैं इसका अंदाजा इस बात से लग जाता है कि उन्होंने सिंहस्थ महाकुंभ, उज्जैन के समग्र विकास के लिए अपने पैतृक निवास और जन्मस्थान को भी समर्पित कर दिया। उन्होंने खुद गैंती चलाकर मकान का हिस्सा तोड़ा। पैतृक घर जनता को समर्पित करते वक्त प्रदेश के मुखिया डॉ. यादव भावुक नजर आए। उनका मानना है कि जहां जन्म हुआ हो, उस घर को तोड़ना पड़े तो मन पर असर होता है। लेकिन, विकास के लिए यह बलिदान दिया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह कदम उज्जैन के विकास और जन-सुविधाओं के विस्तार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। गौरतलब है कि सीएम डॉ. यादव 27 सितंबर को अपने पुश्तैनी घर पहुंचे। उन्होंने यहां अपने पैतृक घर के बाहर पूजा-अर्चना की और फिर गैंती लेकर विकास की नई नींव रखी। इसे लेकर उन्होंने मीडिया से कहा कि  जिस घर में छोड़े से बड़े हुए हों, खेले-कूदे हों, उसको तोड़ना पड़े तो मन पर प्रभाव होना स्वाभाविक है। अगर सिंहस्थ के लिए जरूरी है तो हमें यह बलिदान देना ही चाहिए। हम सब मिलकर वो कर रहे हैं। पूरा देश इस बात को देख रहे हैं कि लोग अपने मकान को आनंद से तोड़ रहे हैं। ताकि, दूसरों को मदद मिले। उज्जैन ने पेश किया उदाहरण सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से कहा कि जब मैं पहली बार साइंस कॉलेज से चुनाव जीतकर आया, तब जॉइंट सेक्रेटरी का चुनाव लड़ा, फिर प्रेसिडेंट का चुनाव लड़ा और उसके बाद भी जब-जब चुनाव लड़ा, हर चुनाव में मेरे सामने एक बात रही। आने वाले समय को ध्यान में रखते हुए हमें अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए। मैं मानता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दृष्टि से एक उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वे व्यक्तिगत हितों से परे रहकर नियम, कानून और सुशासन के लिए आवश्यक सभी विषयों को प्राथमिकता देते हैं। उनके सार्वजनिक जीवन से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। उज्जैन के लोगों ने अपना मकान खुद पीछे हटाया, ये आदर्श उदाहरण है। उज्जैन की आबादी 8 लाख है, लेकिन 40 करोड़  लोगों के आने का बोझ है। सबने योगदान दिया । मैं अपनी सरकार को भी धन्यवाद देता हूं। जिसने बिना भेदभाव के चाहे वो हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई, पारसी, सबने अपने देवस्थान तक पीछे किए। इससे सरकार पर विश्वास बनता है।। यही उज्जैन का आदर्श है, इसी से सरकार पर भरोसा बनता है। सार्वजनिक हित पहले बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सार्वजनिक हित को सर्वोपरि माना है। सिंहस्थ की तैयारियों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अपना पैतृक मकान भी परियोजना की निर्धारित सीमा में आ रहा है। उन्होंने अपने घर पर कुदाल चलाकर यह संदेश दिया है कि विकास योजना का असर व्यक्तिगत संपत्ति तक भी पहुंचा है। सड़क चौड़ीकरण की प्रक्रिया में उनके परिवार की संपत्ति भी उसी प्रशासनिक प्रक्रिया के दायरे में है, जो अन्य प्रभावित भवनों पर लागू है। सीएम डॉ. यादव ने दशकों पुरानी पारिवारिक यादों से जुड़े घर के बावजूद सिंहस्थ के लिए जरूरी शहरी बदलाव को सार्वजनिक हित के रूप में देखा। पैतृक मकान का प्रभावित होना उस बड़े बदलाव का हिस्सा है, जिसके तहत सिंहस्थ-2028 से पहले पुराने उज्जैन की सड़क, यातायात और शहरी अधोसंरचना को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। मार्ग का होना है चौड़ीकरण उल्लेखनीय है कि उज्जैन की खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक लगभग 730 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किए जाने की कार्यवाही प्रारंभ की गई है। मार्ग चौड़ीकरण एवं विकास कार्य के लिए राज्य शासन द्वारा प्रदत्त लगभग 9.80 करोड़ रुपए की राशि व्यय की जाएगी। यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण एवं व्यस्त संपर्क मार्गों में शामिल है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान श्रद्धालुओं एवं वाहनों की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए मार्ग का चौड़ीकरण यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।

छत्तीसगढ़ में PG छात्रों को बड़ी सौगात, मेडिकल के साथ डेंटल की छात्रवृत्ति बढ़ी

रायपुर. मेडिकल और डेंटल के पीजी छात्रों की सालों पुरानी मांग को पूरी करते हुए आखिरकार छत्तीसगढ़ शासन ने उनकी छात्रवृत्ति में वृद्धि कर ही दी है. शासन ने केवल छात्रवृत्ति में बढ़ोतरी ही नहीं की है, बल्कि अब तक मेडिकल पीजी छात्रों की तुलना में कम छात्रवृत्ति पाने के दर्द को दूर करते हुए उन्हें समकक्ष ला दिया है. शासन द्वारा तय नई दर एक अक्टूबर 2026 से प्रभावशील होगी. छत्तीसगढ़ शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने चिकित्सा शिक्षा से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर शासकीय चिकित्सा एवं दंत महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में अध्ययनरत् चिकित्सकों की शिष्या वृत्ति में वृद्धि की है. इस संबंध में विभाग की ओर से 26 सितंबर को आयुक्त, संचालनालय चिकित्सा शिक्षा को पत्र जारी किया है. इसमें पीजी मेडिकल छात्र प्रथम वर्ष के छात्र को दी जा रही 67,500 रुपए के स्थान पर 85,050 रुपए, द्वितीय वर्ष के छात्रों को 71,450 रुपए के स्थान पर 90,027 रुपए और तृतीय वर्ष के छात्र को 74,600 रुपए के स्थान पर 93,996 रुपए देने का प्रावधान किया गया है. इसी तरह पीजी डेंटल छात्र प्रथम वर्ष के छात्र को 53,500 रुपए की जगह 85,050 रुपए, पीजी डेंटल द्वितीय वर्ष के छात्र को 56,700 रुपए की बजाए 90,027 रुपए और पीजी डेंटल तृतीय वर्ष के छात्र को 59,200 रुपए के स्थान पर 93,996 रुपए देने का प्रावधान किया गया है. लड़ाई खत्म नहीं हुई, जारी है – जेडीयू अध्यक्ष — जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. यशवंत सिंह और जेडीए रायपुर अध्यक्ष डॉ. पीयूष श्रीवास्तव ने छात्रवृद्धि में बढ़ोतरी का स्वागत किया है. इसके साथ उन्होंने दोहराया कि उनकी लड़ाई खत्म नहीं हुई है, उनकी 17 सूत्रीय मांग अधूरी है, जिसकी वजह से उनका आंदोलन जारी है. पुराने और नए स्टाइपेंड के आधार पर वृद्धि प्रतिशत में —- पाठ्यक्रम    पुराना    नया    मासिक वृद्धि    वृद्धि % PG मेडिकल प्रथम वर्ष    ₹67,500    ₹85,050    ₹17,550    26.00% PG मेडिकल द्वितीय वर्ष    ₹71,450    ₹90,027    ₹18,577    26.00% PG मेडिकल तृतीय वर्ष    ₹74,600    ₹93,996    ₹19,396    26.00% PG डेंटल प्रथम वर्ष    ₹53,500    ₹85,050    ₹31,550    58.97% PG डेंटल द्वितीय वर्ष    ₹56,700    ₹90,027    ₹33,327    58.78% PG डेंटल तृतीय वर्ष    ₹59,200    ₹93,996    ₹34,796    58.78%

कुरुक्षेत्र से मोरनी तक पर्यटन को नई उड़ान, हरियाणा में विकसित होंगे 20 टूरिज्म हब

चंडीगढ़  हरियाणा अब केवल देश के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जाने का मार्ग नहीं, बल्कि अपने आप में एक आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कुरुक्षेत्र में महाभारत और गीता की विरासत, पिंजौर के ऐतिहासिक उद्यान, सूरजकुंड की समृद्ध शिल्प परंपरा, मोरनी की पहाड़ियां, नारनौल-महेंद्रगढ़ की ऐतिहासिक धरोहर और गांवों की हरियाणवी संस्कृति को एक साथ जोड़कर प्रदेश के पर्यटन को नई पहचान देने की तैयारी है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि हरियाणा से पर्यटक केवल गुजरें नहीं, बल्कि यहां रुकें, घूमें, संस्कृति और विरासत को करीब से जानें तथा ऐसे अनुभव लेकर लौटें कि वे दोबारा यहां आने के लिए लालायित रहें। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार का नया संदेश है ‘घूमण आओ, हरियाणा देखो।’ पर्यटन को होटल और पर्यटन परिसरों तक सीमित रखने के बजाय स्थानीय लोगों, किसानों, शिल्पकारों, गाइड, टैक्सी संचालकों, रेस्तरां और छोटे कारोबारियों से जोड़ने पर जोर है। पारंपरिक हाईवे टूरिज्म से आगे बढ़कर विरासत, आध्यात्मिक एवं तीर्थ, इको, एडवेंचर, ग्रामीण एवं फार्म टूरिज्म, होमस्टे, गोल्फ और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 20 पर्यटन हब एवं गंतव्य क्षेत्रों की पहचान की गई है। विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि हरियाणा पर्यटन निगम के पास 42 पर्यटन परिसरों का नेटवर्क है। 42 रेस्टोरेंट, पांच फास्ट फूड सेंटर और 15 पेट्रोल पंप संचालित किए जा रहे हैं। पर्यटकों तक सीधी पहुंच बनाने के लिए शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मोहाली के आगमन टर्मिनल पर पर्यटक सूचना एवं सुविधा केंद्र शुरू किया गया है। यहां पर्यटकों को हरियाणा के पर्यटन एवं विरासत स्थलों, आध्यात्मिक केंद्रों, पर्यटन सर्किट, होटल-रिसॉर्ट, मेलों और उत्सवों तथा बुकिंग से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। एआई आधारित ‘सरस्वती’ डिजिटल गाइड से पर्यटन को तकनीक का साथ पर्यटन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए एआई आधारित ‘सरस्वती’ डिजिटल गाइड को पर्यटन से जोड़ा गया है। कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ज्योतिसर में महाभारत अनुभव केंद्र और विराट स्वरूप लाइट एंड साउंड शो तैयार किया गया है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला को वर्षभर सक्रिय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। मेला परिसर में विवाह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने तथा सितंबर से दिसंबर के बीच अतिरिक्त मेले के आयोजन का प्रस्ताव है। गांव और खेत बनेंगे पर्यटन के नए केंद्र ग्रामीण और फार्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए 38 फार्म टूरिज्म डेस्टिनेशन और 11 होमस्टे पंजीकृत हैं। इनके माध्यम से पर्यटकों को गांव का जीवन, खेती-किसानी, स्थानीय खान-पान, लोक संस्कृति और हरियाणवी मेहमान नवाजी का अनुभव उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा रहा है। हथिनीकुंड बैराज, टिक्कर ताल और रोहतक की तिल्यार झील को एडवेंचर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां वाटर स्पोर्ट्स, बोटिंग, बनाना बोट, जेट स्कीइंग और कैंपिंग जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ढोसी की पहाड़ियों पर रोपवे का निर्माण भी प्रगति पर है। मेले और उत्सव बनाएंगे वर्षभर पर्यटन का माहौल पर्यटन को किसी एक मौसम या आयोजन तक सीमित न रखकर पूरे वर्ष सक्रिय रखने के लिए विभिन्न मेलों और उत्सवों को पर्यटन कैलेंडर से जोड़ा जा रहा है। इनमें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला, बैसाखी उत्सव, पिंजौर आम मेला, तीज उत्सव, सूरजकुंड दीपावली मेला, भक्ति-सूफी उत्सव, अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव, हरियाणवी संस्कृति उत्सव और खाद्य उत्सव शामिल हैं।  

चुनाव आयोग विवाद के बीच रेखा गुप्ता बोलीं- विपक्ष देश में झूठा माहौल बनाने की कोशिश कर रहा

नई दिल्ली चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े हालिया विवाद के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर हमला बोला है. मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष देश में एक ऐसा झूठा माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसका हकीकत से कोई दूर-दूर तक वास्ता नहीं है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया से बातचीत करते हुए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया और कहा कि उनका एकमात्र मकसद जनता को भ्रमित करना है.  उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष अपनी नाकामियों, देश के खिलाफ किए गए कृत्यों और चल रहे विकास कार्यों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बेतुके मुद्दे खड़े कर रहा है, जिनका कोई आधार नहीं है. सीएम रेखा ने सवाल उठाया कि आज विपक्ष चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर सवाल उठा रहा है, उन पर बेबुनियाद आरोप लगा रहा है और गिरफ्तारियों की मांग कर रहा है, जबकि उनके अपने शासनकाल में चुनाव आयोग कैसे काम करता था, ये किसी से छिपा नहीं है. उस दौर में आयोग पूरी तरह से सरकारों के इशारों पर चलता था. पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है चुनाव आयोग चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज आयोग पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपने कर्तव्यों का पालन कर रहा है. वर्तमान व्यवस्था में आयोग के तीनों कमिश्नर हर फैसले पर पूरी तरह से एकमत होकर फैसला लेते हैं. चुनाव आयोग ने पहले ही सभी तथ्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ जनता के सामने रख दिया है, जिससे ये साफ हो जाता है कि हर फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है. आयोग का कामकाज बेहद तारीफ के काबिल और निष्पक्ष है. राहुल गांधी पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग विपक्ष के तेवर पर नाराजगी जताते हुए सीएम रेखा गुप्ता ने सीधे तौर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं द्वारा जिस तरह की गतिविधियां चलाई जा रही हैं और अनर्गल बयान दिए जा रहे हैं, वो देशद्रोह से कम नहीं है. मुख्यमंत्री ने मांग की है कि ऐसे नेताओं के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाना चाहिए ताकि देश की संस्थाओं पर उंगली उठाने वालों को कड़ा संदेश मिल सके.

सरधना के किसान का 29 लाख रुपये से अधिक पहुंचा फूल उत्पादन का कारोबार

ग्रेटर नोएडा  इंडिया एक्सपो मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में मेरठ की खेती और कृषि आधारित उद्यमिता लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के किसानों की पॉलीहाउस में तैयार फसल, फूल और शहद के उत्पादों को देखकर देश-विदेश से आए खरीदार और आगंतुक जानकारी ले रहे हैं। जरबेरा और गुलाब के फूलों के साथ कमल ककड़ी, शिमला मिर्च और बैंगन जैसी फसलों ने लोगों का ध्यान खींचा है। खास बात यह है कि प्रदर्शनी में उत्पादों के प्रदर्शन के साथ किसानों को नए बाजार और कारोबार के अवसर भी मिल रहे हैं। सरधना तहसील के खेड़ा गांव निवासी रविन्द्र कुमार पांच एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस के माध्यम से फल और सब्जियों का उत्पादन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर उन्होंने संरक्षित खेती को अपनाया। इससे उनके कृषि कारोबार का सालाना आंकड़ा 29 लाख रुपये से अधिक पहुंच गया है। उनके पॉलीहाउस में 300 से 400 ग्राम तक वजन वाली पीली, हरी और लाल शिमला मिर्च तैयार हो रही है। इस फसल की दिल्ली की आजादपुर मंडी में मांग है। ट्रेड शो ने बढ़ाई फूलों की मांग, कंपनियों ने संपर्क किया रविन्द्र कुमार ने बताया कि वह पिछले वर्ष भी ट्रेड शो में शामिल हुए थे। प्रदर्शनी में अपने उत्पादों को बाजार और खरीदारों के सामने रखने से उन्हें नई पहचान मिली। इस बार भी कई इवेंट कंपनियों ने जरबेरा और गुलाब के फूलों की आपूर्ति के लिए उनसे संपर्क किया है। कुछ कंपनियों की ओर से समझौता ज्ञापन (एमओयू) के लिए भी बातचीत की गई है। उनका कहना है कि सरकार की योजनाओं से किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीक और बाजार आधारित उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने भी उद्यान विभाग के आउटलेट का निरीक्षण कर किसानों के उत्पाद देखे और उनका उत्साहवर्धन किया। आउटलेट पर मेरठ की फसलों के साथ कृषि से जुड़े अन्य उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं। मेरठ के शहद को मिला अंतरराष्ट्रीय बाजार उद्यान विभाग के आउटलेट पर मेरठ के रेनट्रॉव नैचुरल के शहद उत्पाद भी लोगों की रुचि का केंद्र बने हुए हैं। युवा उद्यमी राखी अघेरा और उनके भाई भारत अघेरा ने बताया कि पिछले वर्ष उनकी कंपनी को इंडोनेशिया, मलेशिया और वियतनाम से 46 टन शहद का आर्डर मिला था। ट्रेड शो में इस बार भी उन्हें नए कारोबार और बेहतर आर्डर मिलने की उम्मीद है। आउटलेट की व्यवस्था में लगे वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक संजय सिंह ने कहा कि मेरठ के किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए ट्रेड शो केवल उत्पादों के प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि सीधे खरीदारों और कारोबारी संस्थानों से संपर्क का अवसर भी बन रहा है। पॉलीहाउस की सब्जियों और फूलों से लेकर शहद तक, मेरठ के उत्पाद यहां खेती को बाजार से जोड़ने की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं।

चंडीगढ़ के पार्क होंगे हाईटेक, ₹3 करोड़ से VIP सेक्टरों जैसी सुविधाओं का प्लान

चंडीगढ़. चंडीगढ़ नगर निगम के वार्ड नंबर 34 के अधीन पड़ते सेक्टर-45 व 46 के पार्कों की सुंदरता बढ़ाने के लिए अब इनमें आकर्षक पशु आकृतियों वाली टोपियरी लगाई जाएंगी। रविवार को वार्ड-34 के पार्षद गुरप्रीत सिंह गाबी ने आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों, वार्ड के वरिष्ठ नागरिकों और नारी शक्ति के सदस्यों के हाथों सेक्टर-45 ए में मकान नंबर 127 के सामने स्थित पार्क से विधिवत रूप से टोपियरी लगाने के कार्य का शुभारंभ किया गया। सेक्टर-45 व 46 के पार्कों का होगा नवीनीकरण गुरप्रीत सिंह गाबी ने बताया कि सेक्टर-45 व 46 के विभिन्न पार्कों में टोपियरी आकृतियां लगाई जाएंगी, जिससे पार्कों को नया रूप मिलेगा और उनकी सुंदरता में इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि अभी तक वार्ड के इन पार्कों में इस तरह की पशु आकृतियां नहीं लगाई गई थीं। आमतौर पर टोपियरी का इस्तेमाल वीआईपी सेक्टरों, बड़े पार्कों और ग्रीन बेल्ट में किया जाता रहा है, लेकिन अब सेक्टर-45 व 46 के पार्कों में भी लोग इनकी सुंदरता का आनंद ले सकेंगे। पार्क में बनेगा जिम होगी साज-सज्जा उन्होंने कहा कि टोपियरी खासकर बच्चों को आकर्षित करती हैं और पार्कों में सेल्फी प्वाइंट के रूप में भी लोगों को पसंद आती हैं। पार्कों में घूमने, व्यायाम और जॉगिंग के लिए आने वाले लोगों के लिए भी ये आकर्षण का केंद्र बनेंगी। गाबी ने बताया कि सेक्टर-45 व 46 के पार्कों की साज-सज्जा और सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करीब तीन करोड़ रुपये के विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य पार्कों में आने वाले वॉकर, जिम करने वालों और जॉगिंग करने वालों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। मनोरंजन के साथ रहेंगे फिट भी उन्होंने बताया कि सेक्टर-46सी के श्रब गार्डन में नया जॉगिंग ट्रैक बनाया जा रहा है। इसके अलावा अलग-अलग प्रकार के ओपन जिम उपकरण और झूले भी लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ शारीरिक रूप से भी चुस्त-दुरुस्त रहने की सुविधाएं मिल सकें। इस अवसर पर वार्डवासी एम.एल. कालरा, सुखविंदर सिंह, वनीत गर्ग, सुखपाल कौर, सी.एस. भसीन, श्रीमती कांता जिंदल, श्रीमती कालरा, मुक्ता मणि, गुरशरण भसीन, पंकज गुप्ता, तरक्की लाल बहल, राजीव मित्तल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।