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अन्न उत्पादन को बढ़ावा देगा मप्र

भोपाल  मध्यप्रदेश की तीन फसलों सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी और बैंगनी अरहर को शीघ्र ही जी आई टैग मिलने जा रहा है। तीनों फसलों के प्रस्ताव तैयार कर परीक्षण के लिए भौगोलिक संकेत रजिस्ट्री चैन्नई भेज दिए गए है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में राज्य सरकार अन्न उत्पादन बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जनजातीय बहुल क्षेत्रों में पारंपरिक कोदो-कुटकी को बचाने और उत्पादन करने के लिये किसानों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। औषधीय गुणवत्ता और पौष्ट‍िकता के कारण अब दुनिया अन्न की ओर लौट रही है। ग्लोबल मार्केट में अन्न की मांग बढ़ रही है। अन्न अब किसानों के लिये आर्थ‍िक लाभ देने वाली फसल बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर रानी दुर्गावती  अन्न प्रोत्साहन योजना में किसानों से 1,000 प्रति क्विंटल पर कोदो कुटकी की खरीदी हो रही है। कोदो-कुटकी की खरीद के लिए 22,000 से ज्यादा किसानों का रजिस्ट्रेशन किया गया है। इन किसानों का 21,000 हेक्टेयर क्षेत्र शामिल है। इस योजना में 16 जिलों में पहली बार खरीद की जा रही है। इन जिलों में जबलपुर, कटनी, मंडला, डिंडोरी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, बालाघाट, सिवनी, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं । सिताही कुटकी सिताही कुटकी एक कम अवधि (60 दिन) वाली 'लिटिल मिलेट' (छोटी बाजरा) की देशी किस्म है। यह वर्षा-आधारित क्षेत्रों और देर से बुवाई की स्थितियों के लिए उपयुक्त है। यह सूखे की मार, नमी की कमी, और प्रमुख कीटों (शूट फ्लाई), 'ग्रेन स्मट' व 'ब्राउन स्पॉट' जैसी बीमारियों का सामना करने में सक्षम है। इस प्रकार, यह किसानों को एक स्थिर पैदावार दिलाने में मददगार साबित होती है। सिताही कुटकी की मध्यम ऊँचाई और मोटे तने के कारण फसल के गिरने की समस्या नहीं रहती। इसे पहाड़ी, ऊबड़-खाबड़ तथा कमज़ोर मिट्टी वाली स्थितियों में भी उगाया जा सकता है। डिण्डोरी के 'बैगा' तथा 'गोंड' जनजातियों के किसानों के लिए अच्छी आय दे सकती है। डिंडोरी में 'सिताही कुटकी' की खेती की 10,395 हेक्टेयर क्षेत्र में बढ़ोतरी और 10-11 क्विंटल प्रति हेक्टेयर की स्थिर पैदावार से इस क्षेत्र में लोगों की आजीविका, भोजन और पोषण सुरक्षा में मदद मिली है। जनजातीय ज़िलों के लगभग 60,000 आदिवासी किसान—खासकर डिंडोरी, मंडला, अनूपपुर, छिंदवाड़ा, शहडोल, उमरिया, बालाघाट और जबलपुर के कुछ हिस्सों के किसान पैदावार बढ़ाकर आर्थिक ले सकते हैं। डिंडोरी के पहाड़ी और मुश्किल इलाकों के 54 गाँवों के किसानों को मुनाफ़ा हुआ है। इन इलाकों में दूसरी रबी फ़सलों की खेती नहीं होती। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर ने 'भौगोलिक संकेतक' (GI) टैग के लिए दस्तावेज़ तैयार किया है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर 'सिताही कुटकी' का एक ब्रांड नाम स्थापित होगा। बाज़ार के नए अवसर खुलेंगे। इससे बाजरे की खेती करने वाले जनजातीय किसानों को आर्थ‍िक लाभ होगा। नागदमन कुटकी डिंडोरी जिले में उगाई जाने वाली कुटकी की एक विशिष्ट स्थानीय किस्म है। यह अपने औषधीय गुणों और उच्च पोषण मूल्य के लिए जानी जाती है। बैंगनी अरहर दरअसल अरहर की विशेष किस्म है। इसमें पौधे या फलियों पर बेंगनी रंग की झलक हेती है। इसमें भरपूर प्रोटीन होता है। रोगों से लड़ने की जबरदस्त क्षमता होती है। अच्छी देखभाल होने पर 15 से 20 क्विंटल प्रति हैक्टेयर तक उत्पादन हो सकता है। जीआई टैग से लाभ : औषधीय गुणों और उच्च पोषण मूल्य के लिए जानी जाती है। जीआई टैग मिलने से इस फसल की शुद्धता और गुणवत्ता की गारंटी मिलेगी। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी मांग बढ़ेगी। वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी। इससे बिक्री बढेगी। यह साबित होगा कि फसल स्थापित मानकों के अनुरूप है। जनजातीय क्षेत्रों में उत्पादन जनजातीय जिलों में किसानों को कोदो-कुटकी की सभी प्रकार की किस्मों को बचाने और उनका उत्पादन बढ़ाने के लिये प्रात्साहित किया जा रहा है। सीधी, जबलपुर, डिंडोरी, मंडला, छिंदवाड़ा जैसे जिलों में किसानों को जोड़ा गया है। सहरिया-बहुल श्योपुर जिले में जनजातीय बच्चों में कुपोषण दूर करने के लिए मिलेट आधारित व्यंजनों का उपयोग किया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकताओं और एकीकृत बाल विकास योजना के अमले को मिलेट के व्यंजन बनाने की जानकारी दी गई है और इसके पौष्ट‍िक गुणों से परिचित कराया गया है। जिले में 130 एकड़ में कोदो कुटकी की खेती हो रही है। करीब 200 किसानों को इसमें जोड़ा गया है। इस पहल का परिणाम यह रहा कि 2000 बच्चों का पोषण स्तर बढ़ गया और उनके स्वास्थ्य में सुधार आया। डिण्डोरी के समनापुर ब्लाक की महिला किसानों को कोदो-कुटकी उत्पादन से जोड़ा गया है। प्रत्येक महिला किसान के पास औसत ढाई एकड़ खेती है। इससे 32 गांवों की 1250 महिला किसान जुड़कर खेती कर रही है। पिछले दो सालों में कोदो कुटकी उत्पादन बढ़ा है।  

पेट्रोल-डीजल व गैस का पर्याप्त स्टॉक, घबराने की जरूरत नहीं: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की पर्याप्त उपलब्धता होने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और अनावश्यक भंडारण न करने की अपील की है। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य में ईंधन व गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, इसलिए किसी भी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है। साथ ही जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों की नियमित निगरानी की जा रही है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने बताया कि अवैध भंडारण पर कार्रवाई जारी है और शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। प्रशासन ने उपभोक्ताओं से निर्धारित अंतराल पर ही गैस बुकिंग करने तथा आवश्यकतानुसार ही उपयोग करने की अपील की है, ताकि सभी को समय पर सुविधा मिल सके।

बदले की आग में क्रूरता: किसान ने बाघ को जहर देकर मारा, रेडियो कॉलर ने सुलझाई गुत्थी

नर्मदापुरम  सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के बाघ की नजदीकी छिंदवाड़ा जिले में जहर देकर हत्या कर दी गई। छिंदवाड़ा के छाती आम गांव में यह घटना करीब 10 दिन पहले हुई। हत्या का आरोप किसान उदय सिंह पर लगा है। रेडियो कॉलर आईडी से खुला मौत का राज किसान ने बाघ के शव को एक गड्ढे में डालकर उसे पत्तों से ढंक दिया था। बाघ को रेडियो कॉलर आईडी लगी हुई थी। उसकी लोकेशन एक ही स्थान पर आ रही थी। उसे खोजते हुए एसटीआर और छिंदवाड़ा वन विभाग की टीम जब घटनास्थल पर पहुंची तो घटना का राज खुला। छिंदवाड़ा डीएफओ साहिल गर्ग ने बताया शुक्रवार को छाती आम गांव के एक खेत में बाघ की लोकेशन मिली थी। यहां पहुंचने पर कर्मचारियों को बाघ का सड़ चुका शव मिला। खेत के मालिक उदय सिंह से पूछताछ की तो उसने यूरिया का घोल मांस पर डालकर बाघ की हत्या की बात स्वीकार की। चार आरोपित गिरफ्तार, टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर उठे सवाल छिंदवाड़ा वन विभाग ने उदय सिंह के अलावा सहयोगी बिसनलाल शीलू, झिरना माखननगर निवासी मनोहर सिंह, कूचीखोह निवासी कैलाश के विरुद्ध संरक्षित वन्य जीव की हत्या का केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। एसटीआर की क्षेत्र संचालक राखी नंदा ने बताया कि विशेषज्ञों ने शव का पोस्टमार्टम किया और प्रोटोकॉल के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बता दें, मारे गए बाघ को करीब डेढ़ साल पहले ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एसटीआर लाया गया था। कॉलर आईडी वाले बाघ को 10 दिनों तक नहीं ढूंढ पाने पर रिजर्व प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।  

द ट्रेटर्स 2 की शूटिंग के बीच स्वर्णनगरी में दिखा करण जौहर का जलवा और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ फिल्म धुरंधर 2 का खास रिव्यू

करण जौहर जैसलमेर में ‘द ट्रेटर्स 2’ की शूटिंग के दौरान ‘धुरंधर 2’ की प्राइवेट स्क्रीनिंग देखने पहुंचे। इसके लिए उन्होंने पूरा सिनेमा हॉल बुक कर लिया। जौहर का फिल्म रिव्यू भी सोशल मीडिया पर चर्चा बटोर रहा है। स्वर्णनगरी जैसलमेर में इन दिनों फिल्मी रंग कुछ ज्यादा ही चढ़ा हुआ है। इसकी बड़ी वजह बने बॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर करण जौहर, जो अपने रियलिटी शो की शूटिंग के सिलसिले में शहर पहुंचे हुए हैं। इसी दौरान उनका अचानक शहर के चर्चित सिनेमाघर रमेश टॉकीज पहुंचना सिनेप्रेमियों के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं रहा।  शनिवार शाम को करण जौहर अपनी पूरी टीम के साथ यहां फिल्म ‘धुरंधर 2’ देखने पहुंचे। खास बात यह रही कि उन्होंने इस फिल्म के लिए पूरे सिनेमा हॉल को निजी तौर पर बुक करवा लिया था, जिससे वे बिना किसी व्यवधान के अपनी टीम के साथ फिल्म का आनंद ले सकें। इस दौरान सुरक्षा और गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा गया और आम दर्शकों के लिए सिनेमाघर में एंट्री पूरी तरह बंद रखी गई।  हालांकि जैसे ही शहर में उनके आने की खबर फैली, सैकड़ों प्रशंसक टॉकीज के बाहर जमा हो गए। हर कोई अपने पसंदीदा फिल्ममेकर की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आया। कई फैंस घंटों इंतजार करते रहे और कुछ को उनके साथ फोटो खिंचवाने का मौका भी मिला।   प्राइवेट स्क्रीनिंग में टीम के साथ बिताए खास पल जानकारी के अनुसार, शाम के शो के दौरान करण जौहर और उनकी यूनिट ने साथ बैठकर फिल्म देखी। इंटरवल के दौरान उन्होंने स्नैक्स का आनंद लिया और हल्के-फुल्के अंदाज में बातचीत करते नजर आए। पूरे आयोजन को बेहद निजी रखा गया था, जिसमें केवल चुनिंदा लोग ही शामिल थे। सिनेमा हॉल प्रबंधन ने भी इस खास मौके के लिए बेहतर व्यवस्था की थी, जिसकी खुद करण जौहर ने सराहना की। फिल्म खत्म होने के बाद उन्होंने टॉकीज स्टाफ और संचालक परिवार के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।   सोशल मीडिया पर रिव्यू ने बटोरी सुर्खियां फिल्म देखने के बाद करण जौहर ने सोशल मीडिया पर ‘धुरंधर 2’ को लेकर विस्तृत रिव्यू साझा किया, जो अब खूब चर्चा में है। उन्होंने फिल्म को सिर्फ देशभक्ति या एक्शन तक सीमित नहीं बताया, बल्कि इसकी कहानी, किरदारों की गहराई और भावनात्मक पक्ष की जमकर तारीफ की। उन्होंने फिल्म के निर्देशक आदित्य धर के काम को बेहतरीन बताते हुए कहा कि उनका निर्देशन, तकनीकी पकड़ और सिनेमाई दृष्टि फिल्म को एक अलग स्तर पर ले जाती है।  वहीं, अभिनेता रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस को उन्होंने उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ बताया। करण जौहर के मुताबिक, रणवीर ने अपने हर एक्सप्रेशन, हर सीन और अपनी स्क्रीन प्रेजेंस से यह साबित कर दिया कि वे इंडस्ट्री के सबसे दमदार कलाकारों में से एक हैं।   करण जौहर ने यह भी कहा कि फिल्म देखते हुए उन्हें 70 के दशक के सिंगल स्क्रीन सिनेमा का दौर याद आ गया, जब दर्शक पूरी तरह संतुष्ट होकर थिएटर से बाहर निकलते थे। इस फिल्म ने उन्हें उसी दौर की याद दिला दी और इंडस्ट्री का हिस्सा होने पर गर्व महसूस कराया।   ‘द ट्रेटर्स 2’ की शूटिंग भी बनी चर्चा का केंद्र करण जौहर का जैसलमेर दौरा सिर्फ फिल्म देखने तक सीमित नहीं है। वे यहां अपने चर्चित रियलिटी शो ‘द ट्रेटर्स’ सीजन 2 की शूटिंग के लिए पहुंचे हुए हैं। इस शो की शूटिंग शहर के प्रसिद्ध लग्जरी होटल सूर्यागढ़ पैलेस में चल रही है, जहां पहले सीजन की शूटिंग भी भव्य स्तर पर हुई थी। जैसलमेर की ऐतिहासिक विरासत, सुनहरी रेत और शानदार लोकेशन्स इस शो के लिए परफेक्ट बैकड्रॉप साबित हो रहे हैं। यही कारण है कि एक बार फिर इस शहर को बड़े प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है।  

संघर्ष से सफलता तक! बाबूलाल हेम्ब्रम एक-एक पदक जीतकर चमक रहे ट्राइबल गेम्स में

रायपुर. जब पूर्व आर्मी कोच गुरविंदर सिंह ने बाबूलाल हेम्ब्रम को उनकी शारीरिक बनावट के आधार पर अन्य खेल छोड़कर वेटलिफ्टिंग अपनाने की सलाह दी, तब झारखंड के रामगढ़ जिले के केरिबांदा गांव के इस किशोर के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी, इस खेल को जारी रखने के लिए पैसे जुटाना. लेकिन हार मानने के बजाय बाबूलाल ने कंस्ट्रक्शन साइट्स पर बांस और रॉड से अभ्यास शुरू किया. बाद में उन्होंने झारखंड स्टेट स्पोर्ट्स प्रमोशन सोसाइटी (JSPS) के कोचिंग सेंटर में दाखिला लिया, जिसके लिए उन्हें रोज़ 60 किलोमीटर का सफर तय कर कोच गुरविंदर के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेना पड़ता था. खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाले बाबूलाल कहते हैं कि, “2018 में जब मैंने इस खेल को अपनाया, वह समय मेरे लिए बहुत कठिन था. हमारे पास ट्रेनिंग के लिए उपकरण और किट खरीदने के पैसे नहीं थे, इसलिए मैं बांस और लोहे की रॉड से ही अभ्यास करता था. फिर जीएसपीएस और अपने कोच का साथ मिला और आज मैं यहां हूं.” पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे 19 वर्षीय बाबूलाल ने बताया, “मेरी मां एक स्थानीय स्कूल में रसोइया हैं, और पिता छोटे-मोटे काम करते हैं. आर्थिक स्थिति हमेशा चुनौतीपूर्ण रही है. लेकिन मुझे भरोसा है कि खेलो इंडिया जैसे आयोजनों में मिल रही सफलता से हमारी स्थिति बदलेगी.” बाबूलाल हेम्ब्रोम ने उम्र-आधारित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहले ही अपनी छाप छोड़ी है. 2024 में उन्होंने चेन्नई में आयोजित खेलो इंडिया यूथ गेम्स में 49 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता. इसके बाद उन्होंने आईडब्ल्यूएफ़ वर्ल्ड यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप और एशियन जूनियर एवं यूथ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी पदक हासिल किए. अब बाबूलाल सीनियर सर्किट में कदम रख रहे हैं और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स में भारतीय टीम में जगह बनाने का लक्ष्य रख रहे हैं. फिलहाल, वह पटियाला में राष्ट्रीय शिविर का हिस्सा हैं. बाबूलाल ने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में यह रजत पदक मेरे लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है कि मैं सही दिशा में जा रहा हूं. राष्ट्रीय शिविर में लौटकर मैं अपने कोच से भविष्य के लक्ष्यों पर चर्चा करूंगा और उसी के अनुसार तैयारी करूंगा. मेरा सपना है कि मैं कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करूं.”

मालेरकोटला में आतंक का पर्दाफाश: पंजाब पुलिस ने दो संदिग्ध आतंकी पकड़े, लंबे समय से थे सक्रिय

मालेरकोटला पंजाब पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक ज्वाइंट ऑपरेशन में मालेरकोटला से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर पाकिस्तानी नागरिक बताए जा रहे हैं। मालेरकोटला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नशों के विरुद्ध युद्ध अभियान के तहत हिरासत में लिए गए एक स्थानीय नशा तस्कर से पूछताछ के दौरान इन दोनों के बारे में जानकारी मिली। बताया जा रहा है कि उनकी पहचान जम्मू-कश्मीर में सूचीबद्ध दो वांछित आतंकियों से मेल खाती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन कई पुलिस सूत्रों व थाना संदौड़ के अधीन गांव शेरवानी कोट के निवासियों ने पुलिस कार्रवाई की पुष्टि की है। 15 साल से भारत में रह रहे थे दोनों संदिग्धों की पहचान अब्बू गाबा हुैररा व उस्मान के रूप में हुई है। वह लंबे समय से गांव में किराएदार के तौर पर रह रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि वह 15 वर्षों से अधिक समय से भारत के विभिन्न स्थानों पर रह रहे थे व किसी को भी उनकी देश-विरोधी गतिविधियों या उनके भारतीय होने के दावे पर कोई संदेह नहीं था। माहोराणा स्थित मालेरकोटला की सीआईए विंग की एक टीम ने शेरवानी कोट गांव में छापेमारी कर दोनों को हिरासत में लिया। बाद में उन्हें जम्मू-कश्मीर पुलिस के हवाले कर दिया गया। गांव के सरपंच सिमरनजीत सिंह ने पुष्टि की कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने गांव में छापा मारकर दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया।  ग्रामीणों को नहीं हुआ शक गांव में किसी को भी इन दोनों पर शक नहीं था। ग्रामीणों के अनुसार, ये दोनों लंबे समय से गांव में रह रहे थे। मलेरकोटला में महोराणा की CIA विंग की एक टीम ने शेरवानी कोट गांव में छापा मारा और इन्हें गिरफ्तार किया। मलेरकोटला पुलिस ने हाल ही में देश-विरोधी तत्वों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एक अलग मामले में CIA और साइबर क्राइम यूनिट ने तीन स्थानीय युवकों फरहान अंजुम, अदनान खान और वारिस अली को धर्म के नाम पर युवकों को कट्टरपंथी बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया। इस ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने एक .32 बोर की पिस्तौल, तीन कारतूस और चार मोबाइल फोन बरामद किए। इससे पहले, अधिकारियों ने सीमा पार जासूसी के एक मामले में गुजाला नाम की एक महिला और यामीन मोहम्मद को भी गिरफ्तार किया था। महिला पर एक स्थानीय हैंडलर के तौर पर काम करने का आरोप है, जबकि यामीन मोहम्मद, जिसका कथित तौर पर पाकिस्तान दूतावास से संबंध था, पर पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों को जानकारी देने का आरोप है। पुलिस ने इस ताजा ऑपरेशन का पूरा ब्योरा अभी जारी नहीं किया है, और आगे की जांच जारी है।  

Terror Module Exposed: ISIS और अल कायदा कनेक्शन सामने, पाकिस्तान में मिल रही ट्रेनिंग

जोधपुर. आंध्र प्रदेश पुलिस ने देश के अलग-अलग राज्यों से 12 ऐसे लोगों को पकड़ा है, जिन पर अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआइएस) और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और सीरिया (आइएसआइएस) जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है। दिल्ली और आंध्र प्रदेश पुलिस ने संयुक्त रूप से इस नेटवर्क का खुलासा किया है। इसमें जोधपुर का जीशान भी शामिल है। खुफिया एजेंसियां अलर्ट आतंकी कनेक्शन सामने आने के बाद जोधपुर की खुफिया एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। जीशान के संपर्क में रहे नागौरी गेट निवासी हसन नामक युवक की भी तलाश की जा रही है। जीशान के पकड़े जाने के बाद से ही हसन फरार है और उसका मोबाइल भी बंद बताया जा रहा है। सदर बाजार थानाप्रभारी माणकराम विश्नोई ने जानकारी दी कि आरोपी के संपर्क में आए लोगों पर लगातार नजर रखी जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जांच की जा रही है। आंध्र प्रदेश पुलिस के एसीपी रामचन्द्रर राव के अनुसार, आंध्र प्रदेश और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आंध्र प्रदेश के मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ, मिर्जा सोहेल बेग और मोहम्मद दानिश, बिहार के शादमान दिलखुश और अजमानुल्लाह खान, दिल्ली के रोहिणी निवासी लकी अहमद, पश्चिम बंगाल के मीर आसिफ अली, राजस्थान के जीशान, कर्नाटक के अब्दुल सलाम, महाराष्ट्र के शाहरुख खान और शियाज उर रहमान तथा तेलंगाना की सैदा बेगम को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क की विस्तृत जांच जारी है। गेमिंग एप के जरिए ग्रुप में हुए शामिल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने एक गेमिंग ऐप के जरिए एक्यूआइएस और आइएसआइएस के विदेशी संचालकों से संपर्क स्थापित किया और धीरे-धीरे उनके नेटवर्क से जुड़ गए। यह भी आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया पर राष्ट्रीय ध्वज को आइएसआइएस के झंडे से बदलकर पोस्ट किया। इसके साथ ही उन्होंने आइएसआइएस की सराहना की और भारत को इस्लामिक स्टेट में बदलने जैसी बातें भी साझा कीं। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि वे एक महीने के भीतर ट्रेनिंग में भाग लेने के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहे थे। जिहादी विचार किया सोशल मीडिया पर वायरल इस मामले में विजयवाड़ा के तीन युवकों को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि इन युवकों ने युवाओं को कट्टरपंथ की ओर आकर्षित करने और जिहाद के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से ‘अल मलिक इस्लामिक यूथ’ नामक एक सोशल मीडिया ग्रुप बनाया था। आंध्र प्रदेश पुलिस के अनुसार, वे कथित तौर पर गजवा-ए-हिंद की अवधारणा पर काम कर रहे थे और अलग-अलग राज्यों में अपना नेटवर्क फैलाने में लगे हुए थे। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क के माध्यम से कम पढ़े-लिखे लोगों को भी निशाना बनाया गया और उनका ब्रेनवॉश किया गया। आरोपियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर जिहाद से जुड़ी गतिविधियों और विचारों को फैलाने का प्रयास किया। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।

पंजाब बनेगा संकटमोचक, देशभर में भेजेगा अनाज, सीएम का दावा- पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं

चंडीगढ़  वैश्विक हालात और सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के बीच पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पबड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब एक बार फिर संकटमोचक बनकर सामने आएगा और राज्य के गोदामों में पड़ा गेहूं-चावल देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए तैयार है। इसके लिए केंद्र सरकार जरूरत पड़े तो स्पेशल ट्रेनें चलाए। सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल बैठक में, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे, पंजाब ने साफ तौर पर कहा कि राज्य के पास पर्याप्त अनाज भंडार है और इसे तुरंत उठाया जाए ताकि नई फसल की खरीद में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि पंजाब के पास करीब 171 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 139 लाख मीट्रिक टन चावल का स्टॉक मौजूद है, जिसे पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत देशभर में भेजा जा सकता है। सीएम ने जोर देकर कहा कि स्पेशल ट्रेनों के जरिए तेजी से उठान जरूरी है, क्योंकि आने वाले दिनों में नई फसल मंडियों में पहुंचेगी। पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों को खारिज किया सीएम मान ने पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में किसी भी तरह की कमी नहीं है। फिलहाल पंजाब में 12 दिन का पेट्रोल, 14 दिन का डीजल और 6 दिन का एलपीजी स्टाक उपलब्ध है, जो सामान्य जरूरतों के लिए पर्याप्त है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराकर घरों में ईंधन स्टोर न करें, यह खतरनाक हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि घटाने की मांग केंद्र से की गई है। साथ ही उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगाने और सप्लाई चेन को सुचारू रखने की बात भी रखी गई। सीएम ने कहा कि पंजाब एक बार्डर स्टेट है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर संसाधन मिलना चाहिए। कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी तरह की पैनिक स्थिति नहीं है। उन्होंने मीडिया से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील करते हुए कहा कि अपुष्ट खबरों से बचा जाए। साथ ही चेतावनी दी कि कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिमांड (पंजाब की प्रमुख मांगें)     स्पेशल ट्रेनों से तुरंत अनाज उठान     पेट्रोलियम सप्लाई बाधित न हो, केंद्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहल करे     गांवों में एलपीजी सिलेंडर की वेटिंग अवधि कम हो     बार्डर स्टेट होने के कारण पंजाब को प्राथमिकता     उद्योगों पर किसी तरह की पाबंदी न लगे सप्लाई व स्टाक     पेट्रोल: 12 दिन का स्टॉक     डीजल: 14 दिन का स्टॉक     एलपीजी: 6 दिन का स्टॉक     गेहूं: 171 लाख मीट्रिक टन     चावल: 139 लाख मीट्रिक टन     कवरड स्टोरेज क्षमता: 155 लाख मीट्रिक टन     27 मार्च तक 1497 चेकिंग, 301 LPG सिलेंडर जब्त  

बाड़मेर के लाल और प्रयागराज की बेटी की शाही शादी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई दिग्गज होंगे शामिल

केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नजदीकी माने जाते हैं. वहीं अंशिका वर्मा 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. केके बिश्ननोई की शादी की रस्में शुरू उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात दो चर्चित आईपीएस अधिकारियों की प्रेम कहानी अब शादी में बदलने जा रही है. काफी दिन से चर्चा के बाद अब दोनों शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई और बरेली साउथ की पुलिस अधीक्षक अंशिका वर्मा कल 29 मार्च को जोधपुर में पारंपरिक रीति-रिवाज से सात फेरे लेंगे. केके बिश्नोई यूपी कैडर के 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नजदीकी माने जाते हैं. वहीं अंशिका वर्मा 2021 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. दोनों की मुलाकात गोरखपुर पोस्टिंग के दौरान हुई थी. शादी की तैयारियां बिश्नोई के पैतृक गांव बाड़मेर के धोरीमना में जोरों पर हैं. यहां 27 मार्च से विवाह रस्में शुरू हो चुकी हैं. घी पिलाने, हल्दी और संगीत कार्यक्रम बड़े उत्साह के साथ आयोजित हो रहे हैं. 30 मार्च को जोधपुर में रिसेप्शन शनिवार धोरीमना में बारात सभा होगी और 29 मार्च को बारात धोरीमन्ना से जोधपुर के लिए रवाना होगी जहां विवाह संस्कार संपन्न होगा. 30 मार्च को जोधपुर के लहरिया रिसोर्ट में भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा. इस शाही शादी में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कई दिग्गज नेता तथा वरिष्ठ अधिकारी शामिल होने वाले हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई वीवीआईपी मेहमानों को आमंत्रित गया है. प्रयागराज की रहने वाली हैं अंशिका केके बिश्नोई बाड़मेर जिले के धोरीमना गांव के मूल निवासी हैं जबकि अंशिका वर्मा प्रयागराज की रहने वाली हैं. दोनों अधिकारियों की 25 मार्च को संभल में सगाई की रस्म हुई थी. स्थानीय स्तर पर इस जोड़ी की शादी को लेकर काफी उत्साह है और शुभचिंतक उन्हें नई जिंदगी की शुभकामनाएं दे रहे हैं.

Toll Hike Alert: जयपुर हाईवे पर 1 अप्रैल से बढ़ेगा शुल्क, पास धारकों पर भी असर

जयपुर. नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने जयपुर से अलग-अलग शहरों के लिए जाने वाले नेशनल हाईवे की टोल दरों में बढ़ोतरी की है। ये बढ़ोतरी 1 अप्रेल से लागू होगी जिसके बाद जयपुर में रिंग रोड, जयपुर-किशनगढ़, जयपुर-सीकर और जयपुर दौसा हाईवे के टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को 5 से 20 रुपए तक अधिक शुल्क चुकाना होगा। हालांकि टोल बढ़ोतरी में LMV श्रेणी के वाहनों को छूट दी गई है। एलएमवी वाहनों को राहत NHAI की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, इन सभी टोल बूथ पर कार, SUV के लिए टोल दरों में कोई बढ़ोतरी फिलहाल नहीं की गई है। हल्के वाहनों पर टोल टैक्स पुरानी दरों से लगेगा। टोल शुल्क में अधिकांश बढ़ोतरी कॉमर्शियल या उससे बड़े भारी वाहनों के लिए हुई है। 5 से लेकर 20 रुपए तक ज्यादा टोल शुल्क एनएचएआइ से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, टोल शुल्क में बढ़ोतरी 5 से लेकर 20 रुपए तक की गई है। रिंग रोड पर प्राइवेट के अलावा हल्के कॉमर्शियल गाड़ियों के लिए बढ़ोतरी नहीं की गई है। यहां केवल भारी कॉमर्शियल गाड़ियों के लिए टोल रेटों में 5 से लेकर 20 रुपए तक बढ़ोतरी की गई है। जयपुर के इन टोल बूथ पर बढ़ाया शुल्क ​NHAI से जारी नोटिफिकेशन में जयपुर से दिल्ली जाने वाले पुराने हाईवे पर दौलतपुरा, मनोहरपुर और शाहजहांपुर टोल प्लाजा पर, जबकि जयपुर-किशनगढ़ हाईवे पर ठीकरिया, बड़गांव, रिंग रोड पर सीतारामपुरा, हिंगोनिया और जयपुर-सीकर हाईवे पर टाटियावास टोल बूथ पर बढ़ोतरी की है। सालाना पास भी 75 रुपए महंगा हाईवे पर एलएमवी वाहनों के टोल शुल्क में NHAI ने भले ही बढ़ोतरी नहीं की है लेकिन, कार,एसयूवी के लिए बनने वाले सालाना पास की कीमतों में 75 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। टोल की यह नई दरें भी आगामी एक अप्रेल से ही लागू होंगी। अभी सालाना पास 3 हजार रुपए में बनता है, जिसमें एक साल या 200 टोल बूथ पार करने की लिमिट होती है। ऐसे तय होती है टोल रेट हाईवे पर टोल टैक्स की दरें होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) के आधार पर तय की जाती हैं। हर साल के अंत में इंडेक्स का मूल्यांकन कर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए रेट जारी करता है। टोल की राशि सड़क की लंबाई और उस पर बने इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे फ्लाईओवर, अंडरपास, टनल आदि के आधार पर भी तय होती हैं। जिस हाईवे पर ज्यादा सुविधाएं होती हैं, वहां टोल भी ज्यादा लगता है।