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बड़ी जिम्मेदारी! Rinku Singh को मिला रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर पद, जानें वेतन और कामकाज

नई दिल्ली स्‍टार क्रिकेटर रिंकू सिंह अब क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी बन गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्‍हें जल्‍द नियुक्ति पत्र देंगे। आईपीएल 2026 की तैयारियों में जुटे रिंकू मंगलवार को नियुक्ति पत्र नहीं ले सके। वह जल्द ही मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपना नियुक्ति पत्र प्राप्त करेंगे। इससे पहले मंगलवार को रिंकू सिंह को दोहरी खुशखबरी मिली थी। उन्हें आईपीएल 2026 सीजन से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स की उप-कप्तानी सौंपी गई। फिर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उन्हें क्षेत्रीय खेल अधिकारी नियुक्त किया गया। केकेआर के अहम प्‍लेयर हैं रिंकू रिंकू सिंह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी और शानदार फील्डिंग के दम पर केकेआर के लिए अहम खिलाड़ी रहे हैं। वह 2026 टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का भी हिस्सा थे। भारत ने अहमदाबाद में खेले गए फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को हराकर अपना तीसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता था। इससे पहले भारत ने 2007 और 2024 में भी यह खिताब जीता था। सीएम ने की तारीफ मुख्यमंत्री योगी ने रिंकू की तारीफ करते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने सरकारी सेवा में खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी है। अब तक हमने विभिन्न पुलिस पदों के लिए 500 से अधिक खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र दिए हैं। क्रिकेट और एशियाई खेलों में उनके प्रदर्शन के लिए रिंकू सिंह को क्षेत्रीय खेल अधिकारी के रूप में नियुक्ति पत्र दिया गया है। वह पहले से ही एक शिविर का हिस्सा हैं, इसलिए वह वहां गए हैं। आज यहां कई अन्य खिलाड़ियों को भी नियुक्ति पत्र मिले हैं।" रिंकू सिंह को क्षेत्रीय खेल अधिकारी के रूप में कौन-कौन से पद मिलेंगे? क्षेत्रीय खेल अधिकारी (RSO) द्वितीय श्रेणी का राजपत्रित अधिकारी होता है। वह खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, खेल स्टेडियमों की देखरेख करने और नई प्रतिभाओं को निखारने के लिए जिम्मेदार होता है। क्षेत्रीय खेल अधिकारी के रूप में रिंकू सिंह का वेतन कितना होगा? क्षेत्रीय खेल अधिकारी के रूप में रिंकू का वेतन 70,000 रुपये से 80,000 रुपये के बीच हो सकता है। 5 सिक्‍स लगाकर बने स्‍टार आईपीएल 2023 के अंतिम ओवर में गुजरात टाइटंस के यश दयाल को लगातार पांच छक्के लगाकर केकेआर को रोमांचक जीत दिलाने के बाद रिंकू रातों रात स्टार बन गए। तब से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक, एशिया कप और हाल ही में टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। रिंकू के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल, भाला फेंक खिलाड़ी अजीत सिंह, धावक सिमरन और पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता प्रवीण कुमार सहित 6 अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को रोजगार देने जा रही है। 

हैरान कर देने वाली घटना! आम तोड़ने पर गार्ड ने 12 साल के बच्चे को पीट-पीटकर किया अधमरा

बलौदाबाजार एक आम तोड़ने की मामूली-सी बात ने ऐसी दर्दनाक तस्वीर सामने ला दी, जिसने इंसानियत को झकझोर दिया है। 12 वर्षीय दिनेश्वर साहू, जो बचपन की सहज शरारत में निजी सीमेंट कंपनी परिसर से आम तोड़ रहा था, उसे इस कदर सजा दी गई कि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे की घटना में निजी सीमेंट कंपनी रवान के एक सुरक्षा गार्ड ने बच्चे को पकड़कर बेरहमी से जमीन पर पटक-पटक कर पीटा। मासूम का शरीर इस बर्बरता को सह नहीं सका—हड्डियों और अंदरूनी अंगों को गंभीर चोटें आईं, शरीर पर खून के निशान और खरोंच साफ नजर आए। घटना के बाद बच्चा करीब 24 घंटे तक बेहोश रहा, जिसकी हालत बेहद नाजुक बनी रही। फिलहाल उसका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद मामला और भी भयावह हो गया जब कुछ लोगों ने उन्हें रिपोर्ट दर्ज न कराने के लिए डराया-धमकाया। गाली-गलौज और “बुरा अंजाम भुगतने” की चेतावनी देकर दबाव बनाया गया। लेकिन समाज और ग्रामीणों के साथ आने के बाद परिवार ने हिम्मत जुटाई और थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस घटना ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। जिला साहू संघ के पदाधिकारी अस्पताल पहुंचे और बच्चे का हाल जाना। संघ के अध्यक्ष सुनील साहू ने इसे “अमानवीय और शर्मनाक” बताते हुए कहा कि एक मासूम के साथ ऐसी क्रूरता किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोपी गार्ड समेत दबाव बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा। संरक्षक रेवाराम साहू ने भी सवाल उठाया—“आम तोड़ना क्या इतना बड़ा अपराध है कि बच्चे को मौत के मुंह में धकेल दिया जाए?” उन्होंने इसे गुंडागर्दी करार देते हुए कठोर कार्रवाई की जरूरत बताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कसडोल विधायक संदीप साहू और जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमित्रा घृतलहरे भी अस्पताल पहुंचे और पीड़ित से मुलाकात कर पुलिस अधिकारियों से सख्त कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले भी कंपनी से जुड़े लोगों द्वारा एक अन्य बच्चे के साथ मारपीट हुई थी, जिसकी बाद में मौत हो गई थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं सुरक्षा और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। फिलहाल पुलिस ने एक गार्ड को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य आरोपियों की जांच जारी है। लेकिन सवाल अब भी वही है—क्या एक आम की कीमत एक मासूम की जान से ज्यादा हो सकती है?  

वर्ल्ड रिकॉर्ड की ओर अक्षरधाम! 26 मार्च को अनोखी ‘वन-लेग’ प्रतिमा का भव्य उद्घाटन

दिल्ली दिल्ली का स्वामि‍नारायण अक्षरधाम 26 मार्च को एक ऐसे ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है, जो विश्व रिकॉर्ड के साथ-साथ आध्यात्मिक चेतना का नया केंद्र बनेगा। वैश्विक आध्यात्मिक संस्था BAPS के वर्तमान प्रमुख महंतस्वामी महाराज के सान्निध्य में भगवान स्वामिनारायण (तपोमूर्ति श्रीनीलकंठवर्णी) की 108 फीट ऊंची विशाल प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। विश्व की पहली 'एक चरण' पर टिकी 108 फीट की प्रतिमा पंचधातु (मुख्य रूप से कांस्य) से निर्मित यह प्रतिमा कला और इंजीनियरिंग का अद्भुत संगम है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पूरी प्रतिमा 'एक पैर' पर खड़ी है, जो भगवान नीलकंठवर्णी की कठिन तपस्या का प्रतीक है।  ऊंचाई: 108 फीट (8 फीट ऊंचे बेस पर स्थापित)। निर्माण: अक्षरधाम के शिल्पी संतों और करीब 50 कुशल कारीगरों ने एक वर्ष के कड़े पुरुषार्थ से इसे तैयार किया है। महत्व: यह प्रतिमा मुक्तिनाथ (नेपाल) में भगवान द्वारा की गई चार महीने की उस कठोर तपस्या को जीवंत करती है, जो उन्होंने लोक-कल्याण के लिए की थी। महंतस्वामी महाराज का दिल्ली आगमन और उत्सव की धूम ब्रह्मस्वरूप महंतस्वामी महाराज 19 मार्च को दिल्ली पधारे, जिसके बाद से ही अक्षरधाम में उत्सव का माहौल है। 21 मार्च: भव्य स्वागत सभा का आयोजन किया गया। 22 मार्च: पंचकुला और कुरुक्षेत्र के नवनिर्मित मंदिरों की मूर्ति प्रतिष्ठा के साथ संतों-भक्तों ने 'फूलों की होली' का आनंद लिया। 23 मार्च: आगामी सितंबर में पेरिस (फ्रांस) में स्थापित होने वाली प्रतिमा का विशेष पूजन किया गया। नीलकंठवर्णी: 11 वर्ष की आयु में 12,000 KM की पदयात्रा भगवान स्वामिनारायण ने मात्र 11 वर्ष की अल्पायु में गृह त्याग कर 'नीलकंठवर्णी' के रूप में संपूर्ण भारत की यात्रा की थी। हिमालय से रामेश्वरम और जगन्नाथ पुरी से द्वारका तक, उन्होंने 7 वर्षों में 12,000 किलोमीटर से अधिक की पैदल यात्रा कर तप, त्याग और करुणा का संदेश फैलाया। यह तपोमूर्ति उन्हीं वैश्विक मूल्यों (मैत्री, सुहृद्भाव और मानव सेवा) को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी। विश्व शांति महायज्ञ और लोकार्पण का समय महोत्सव का शुभारंभ 25 मार्च की सुबह ‘श्रीनीलकंठवर्णी विश्व शांति महायज्ञ’ के साथ हुआ। इस वैदिक अनुष्ठान में भाग लेने के लिए अमेरिका, यूके, अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया सहित दुनिया भर से 300 से अधिक संत दिल्ली पहुंचे हैं। महंतस्वामी महाराज ने आकाश में श्वेत कबूतर उड़ाकर विश्व शांति और युद्धों की समाप्ति की प्रार्थना की।  

पंजाब शिक्षा विभाग में क्लर्क भर्ती पर सवाल, 63 में से सिर्फ दो पास, फेल अभ्यर्थियों को लास्ट चांस

होशियारपुर (पंजाब) फरवरी 2026 में भाषा विभाग पंजाब द्वारा आयोजित इस परीक्षा में कुल 63 उम्मीदवार शामिल थे। इनमें से केवल दो ही उम्मीदवार पंजाबी और अंग्रेजी दोनों टाइपिंग टेस्ट पास कर सके, जिससे उनकी नौकरी पक्की होने की राह आसान हुई है। पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुकंपा आधार पर नियुक्त क्लर्कों के लिए आयोजित टाइपिंग टेस्ट का परिणाम घोषित कर दिया है। जो परिणाम आया है वह बेहद ही निराशाजनक और हैरान कर देने वाला है। नतीजों ने कर्मचारियों के प्रदर्शन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फरवरी 2026 में भाषा विभाग पंजाब द्वारा आयोजित इस परीक्षा में कुल 63 उम्मीदवार शामिल थे। इनमें से केवल दो ही उम्मीदवार पंजाबी और अंग्रेजी दोनों टाइपिंग टेस्ट पास कर सके, जिससे उनकी नौकरी पक्की होने की राह आसान हुई है। एक उम्मीदवार ने आंशिक सफलता हासिल करते हुए अंग्रेजी टाइपिंग टेस्ट पास किया, लेकिन पंजाबी (रावी फॉन्ट) में असफल रहा। परिणामों का सबसे चिंताजनक पहलू बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का अनुपस्थित रहना रहा। 63 में से 40 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल ही नहीं हुए। विभागीय सूत्रों के अनुसार, बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद इस तरह की अनुपस्थिति प्रशासनिक कार्यों को प्रभावित कर रही है। बाकी 20 उम्मीदवार परीक्षा में असफल रहे, जिनमें से अधिकांश पंजाबी टाइपिंग (रावी फॉन्ट) में निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर सके। विभाग ने असफल या अनुपस्थित रहे उम्मीदवारों को एक अंतिम अवसर देते हुए जून 2026 में पुनः टाइपिंग टेस्ट आयोजित करने की घोषणा की है। इच्छुक उम्मीदवारों को 15 अप्रैल 2026 तक अपने नाम संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के माध्यम से भेजने होंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगली परीक्षा के लिए आवेदन केवल रावी फॉन्ट में ही स्वीकार किए जाएंगे, जिससे निर्धारित मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। फरवरी 2026 टाइपिंग टेस्ट का संक्षिप्त विवरण कुल उम्मीदवार: 63 अनुपस्थित: 40 असफल: 20 पूर्ण रूप से पास: 2 आंशिक रूप से पास: 1

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया जन-मन सभागार का भूमि पूजन मुख्यमंत्री निवास परिसर में बनेगा विशाल ऑडिटोरियम

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्म दिवस पर मुख्यमंत्री निवास परिसर में निर्मित होने वाले जन-मन सभागार और चिंतन भवन का भूमि पूजन किया। मुख्यमंत्री निवास परिसर में विद्यमान डोम के स्थान पर विशाल ऑडिटोरियम कानिर्माण होना है। इसका क्षेत्रफल 2226.70 वर्गमीटर होगा। इसमें दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ ही वीआईपी लाउंज होगा। अन्नप्रसादम के नाम से बनने वाले भोजन क्षेत्र में लगभग दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था प्रस्तावित है। जन-मन सभागार में साउंड सिस्टम, एलईडी स्क्रीन्स, ध्वनि इन्सुलेशन के लिए एकोस्टिक पैनल की विशेष व्यवस्था होगी। इसके साथ ही समत्व भवन में प्रथम तल पर गेस्ट हाऊस-चिंतन का निर्माण किया जाएगा। चिंतन के रूप में विकसित हो रहे गेस्ट हाऊस में दो कक्ष, डाइनिंग रूम, वीआईपी लाउंज आदि होंगे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव  सुखबीर सिंह तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

870 युवा अधिकारियों को दी बधाई, कहा – संवेदनशीलता, ईमानदारी और दक्षता से निभाएं जनसेवा का दायित्व

रायपुर कैबिनेट मंत्री  राजेश अग्रवाल ने चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा पुलिस अधिकारियों से की मुलाकात चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने नव-नियुक्त युवा पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर प्रशिक्षण पूर्ण करने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक परिधान नहीं, बल्कि विश्वास, कर्तव्य और त्याग का प्रतीक है, जिसे धारण करने वाले प्रत्येक अधिकारी पर समाज की सुरक्षा और न्याय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। कैबिनेट मंत्री  राजेश अग्रवाल ने चंदखुरी स्थित राज्य पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा पुलिस अधिकारियों से की मुलाकात मंत्री  अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब एक सामान्य नागरिक निश्चिंत होकर सोता है, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस निभाती है। जब अंधेरे में कोई भयभीत होता है, तो उसे उम्मीद भी पुलिस से ही होती है। ऐसे में पुलिस केवल एक संस्था नहीं, बल्कि समाज के विश्वास का आधार है। उन्होंने आगे कहा कि आज 870 युवा प्रशिक्षु अधिकारी ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहां से वे छत्तीसगढ़ की सुरक्षा, शांति और न्याय व्यवस्था की मजबूत रीढ़ बनने जा रहे हैं। यह केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे राज्य के विश्वास और अपेक्षाओं का प्रतीक है। राज्य में बदलते सुरक्षा परिदृश्य का उल्लेख करते हुए मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने पिछले वर्षों में नक्सलवाद जैसी बड़ी चुनौती पर प्रभावी नियंत्रण पाया है। उन्होंने इसके लिए देश के नेतृत्व और सुरक्षा बलों के साहस व समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब चुनौतियां बदल चुकी हैं। साइबर अपराध, संगठित अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा सोशल मीडिया के माध्यम से फैलती अफवाहें नई चुनौतियां हैं, जिनसे निपटने के लिए पुलिस अधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष और संवेदनशील बनना होगा। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि इस बैच में लगभग एक चौथाई बेटियों की भागीदारी प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने महिला अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और सशक्तिकरण की नई पहचान बताया। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से अपेक्षा की कि वे जनता के साथ संवेदनशीलता और सम्मान का व्यवहार करें तथा अपने कार्य में ईमानदारी और निष्पक्षता को सर्वाेपरि रखें। उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छा पुलिस अधिकारी वही होता है, जो अपनी टीम को साथ लेकर चलता है और संकट की घड़ी में सबसे आगे खड़ा रहता है। साथ ही, जहां भी उनकी नियुक्ति हो, वहां की स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करते हुए जनता के साथ विश्वास का रिश्ता बनाना चाहिए। अपने संबोधन के अंत में मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि “डर पैदा मत कीजिए, विश्वास पैदा कीजिए। शक्ति का प्रदर्शन मत कीजिए, न्याय का संरक्षण कीजिए। वर्दी केवल तन पर नहीं, बल्कि अपने चरित्र और आत्मा में धारण कीजिए।” उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिस दिन कोई नागरिक यह कहे कि “पुलिस है, इसलिए मैं सुरक्षित हूं”, उसी दिन एक पुलिस अधिकारी की वर्दी सार्थक होगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. पंकज शुक्ला सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में मंत्री  अग्रवाल ने सभी नव-नियुक्त अधिकारियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें साहस, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संदेश दिया।

खाद्य मंत्री राजपूत ने कहा, पेट्रोल पंपों में स्टॉक की कमी नहीं, आपूर्ति लगातार जारी

पेट्रोल पंपों में स्टॉक की कमी नहीं, आपूर्ति निर्बाध जारी : खाद्य मंत्री राजपूत भोपाल खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि 24 मार्च 2026 को प्रदेश के कुछ जिलो में पेट्रोल पंपों पर आम जनता के बीच अफवाह की स्थिति के कारण  लाईनें लगने तथा उपभोक्ताओं द्वारा पेट्रोल की पैनिक खरीद का मामला संज्ञान में आया था। उन्होंने बताया है कि पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल एवं डीजल के स्टॉक की कोई कमी नहीं है। पेट्रोल, डीजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। डिपो से भी पेट्रोल पंपों को निरंतर आपूर्ति की जा रही है। किसी भी प्रकार की अफवाह से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। घबराहट में न तो खरीदारी करें और न ही किसी प्रकार का संग्रह करें। ऑयल कंपनी द्वारा अवगत कराया है कि, आज की स्थिति में प्रदेश में पेट्रोल/डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, वर्तमान में पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हो रही है। राज्य स्तर से नियंत्रण कक्ष एवं प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी कर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।  

11 नेशनल अवार्ड पाने वाले परिवार का बना खास गिफ्ट, CM भजनलाल ने PM मोदी को किया भेंट

देश में शारदीय नवरात्रि की धूम है और इसी पावन मौके पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। संसद परिसर में हुई इस शिष्टाचार भेंट की चर्चा अब गलियारों में जोरों पर है, क्योंकि इसमें राजनीति के साथ-साथ भारतीय शिल्प कला का एक बेजोड़ संगम देखने को मिला है। 11 नेशनल अवार्ड वाले जांगिड़ परिवार का कमाल दरअसल, मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी को चंदन की लकड़ी से बनी मां दुर्गा की एक बेहद खूबसूरत और दिव्य प्रतिमा भेंट की है। सूत्रों ने बताया कि इस मूर्ति के पीछे एक बड़ी गौरवशाली कहानी छिपी है। इसे जयपुर के मशहूर कलाकार मोहित जांगिड़ ने तैयार किया है। गौरतलब है कि मोहित का परिवार पिछली चार पीढ़ियों से चंदन की नक्काशी का काम कर रहा है और इस हुनर के लिए इस परिवार के 11 सदस्यों को अब तक ‘नेशनल अवार्ड’ मिल चुका है। नक्काशी में दिखी भक्ति और शक्ति सूत्रों के अनुसार, जब पीएम मोदी ने इस प्रतिमा को देखा तो वे इसकी बारीकी देख दंग रह गए। पूरी प्रतिमा को शुद्ध चंदन की लकड़ी पर उकेरा गया है। इसमें जयपुर की सदियों पुरानी शिल्पकला की झलक साफ दिखती है। नवरात्रि के समय मां दुर्गा की यह भेंट शक्ति और भक्ति का प्रतीक मानी जा रही है।

पेंशन में देरी खत्म! बिहार सरकार का बड़ा फैसला, रिटायर्ड कर्मचारियों को समय पर भुगतान

पटना. बिहार सरकार ने सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की पेंशन प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने के लिए अब नए नियम बनाए हैं। विभागों को सेवानिवृत्त होने वाले कार्मिक के पेंशन फॉर्म के साथ एक चेक लिस्ट बनानी होगी और इसके बाद इसे महालेखाकार (एजी) कार्यालय को भेजना होगा। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार की जानकारी में यह बात लाई गई थी कि महालेखाकार कार्यालय को अक्सर अधूरे या गलत भरे हुए पेंशन फॉर्म भेजे जाते हैं। जिसे मजबूरी में महालेखाकर को सरकार को वापस कर देना पड़ता है। इस वजह से कर्मचारियों को पेंशन और अन्य सेवांत लाभ मिलने में अनावश्यक देरी होती है। जिसके बाद अब सरकार ने समस्या दूर करने के लिए एक जांच सूची (चेक लिस्ट) तैयार की गई है। सरकार लेकर आई नया नियम अब हर विभाग को यह सुनिश्चित करना होगा कि पेंशन फॉर्म पूरी तरह सही और पूरा भरा हो। इस जांच सूची को भरकर पेंशन फॉर्म के साथ अनिवार्य रूप से भेजना होगा। सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त, जिला पदाधिकारी और कोषागार अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यालयों को इस आदेश का सख्ती से पालन कराने के लिए जरूरी निर्देश दें। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिहार सचिवालय सेवा नियमावली, 2010 के अनुसार जिस विभाग में कर्मचारी कार्यरत हैं, वही विभाग उसके रिटायरमेंट से जुड़े सभी लाभों के लिए जिम्मेदार होगा। सरकार को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से पेंशन में होने वाली देरी खत्म होगी और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर उनका हक मिल सकेगा।

बेटियों के सुरक्षित और सशक्त भविष्य के लिए सामाजिक विषयों से कराया गया अवगत

रायपुर मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने 600 छात्राओं को दिखाई द केरल स्टोरी 2 महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक  लक्ष्मी राजवाड़े के मार्गदर्शन में सूरजपुर जिले में विभिन्न महाविद्यालयों की लगभग 600 छात्राओं को सामाजिक विषय पर आधारित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ दिखाई गई।  मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बदलते सामाजिक परिवेश में बेटियों को शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छात्राओं को समाज में घटित होने वाली विभिन्न परिस्थितियों और चुनौतियों की जानकारी मिलना जरूरी है, ताकि वे सही निर्णय लेने में सक्षम बन सकें और अपने जीवन को सुरक्षित एवं सशक्त दिशा दे सकें। उन्होंने कहा कि बेटियों का आत्मविश्वास और जागरूकता ही उनके सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी ताकत है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं ने सहभागिता करते हुए सामाजिक मुद्दों पर आधारित इस फिल्म को देखा और महत्वपूर्ण संदेशों से अवगत हुईं। मंत्री  राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दे रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और पहलों के जरिए बेटियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश की हर बेटी शिक्षा, सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़े तथा समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने फिल्म के माध्यम से सामाजिक विषयों को समझने और स्वयं को सतर्क एवं आत्मविश्वासी बनाने की बात कही। उन्होंने इस पहल के लिए मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन उन्हें जीवन में जागरूक और जिम्मेदार बनने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण, महाविद्यालय के प्राध्यापक, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।