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सेवा की कहानी: आंगनबाड़ी से मिली जानकारी ने ममता को योजनाओं से जोड़ा, बच्चों के पालन-पोषण को मिला आर्थिक संबल

रायपुर आंगनबाड़ी केंद्र महिलाओं और बच्चों को पोषण एवं अन्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ पात्र परिवारों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की महत्वपूर्ण कड़ी बन रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित ‘आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम’ में खालपारा निवासी ममता ने अपनी ‘सेवा की कहानी’ साझा करते हुए बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से मिली जानकारी और सहयोग से वे विभिन्न योजनाओं से जुड़ीं। योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता आज उनके बच्चों के पालन-पोषण और उनकी जरूरतों को पूरा करने में मददगार बन रही है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने योजना से जोड़ा, आवेदन में भी किया सहयोग ममता ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी देने के साथ आवेदन की पूरी प्रक्रिया समझाई। उनके मार्गदर्शन में ममता ने आवेदन किया, जिसके बाद उन्हें योजना के तहत 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। दूसरी बेटी के जन्म के बाद उन्हें 6 हजार रुपये की सहायता भी मिली। बच्चों के पालन-पोषण में काम आई सहायता राशि परिवार की जिम्मेदारियों के बीच योजनाओं से मिली आर्थिक सहायता ममता के लिए उपयोगी साबित हुई। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग बच्चों के पालन-पोषण और उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने में किया गया। इससे परिवार को बच्चों से जुड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिला। “आंगनबाड़ी से मिली योजनाओं की जानकारी और लाभ” आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम में अपना अनुभव साझा करते हुए ममता ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्र के माध्यम से उन्हें केवल एक योजना ही नहीं, बल्कि शासन की कई योजनाओं और सेवाओं की जानकारी मिली। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने उन्हें योजनाओं के बारे में बताने के साथ आवेदन की प्रक्रिया में भी सहयोग किया। ममता ने कहा, “आंगनबाड़ी के माध्यम से हमें कई लाभ मिले हैं। योजनाओं से मिलने वाली राशि बच्चों के पालन-पोषण में काम आ रही है।” उन्होंने योजनाओं का लाभ मिलने पर प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय तथा सहयोग करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के प्रति आभार व्यक्त किया। हितग्राही और योजनाओं के बीच मजबूत कड़ी बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र सेवा संकल्प अभियान के तहत ममता की यह ‘सेवा की कहानी’ बताती है कि सही समय पर जानकारी और आवेदन में सहयोग किस तरह पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचा सकता है। आंगनबाड़ी केंद्र महिलाओं एवं बच्चों को सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर तक पहुंचाकर पात्र हितग्राहियों को उनसे जोड़ने की प्रभावी कड़ी बन रहे हैं।  

सुकमा वन क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी के संकेत, ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील वन विभाग की टीमें निगरानी में जुटीं

रायपुर सुकमा वनमंडल के सुकमा वन परिक्षेत्र में मवेशी के मारे जाने के बाद बाघ की संभावित मौजूदगी के संकेत मिले हैं। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा पशु चिकित्सकों की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मौके से बाघ के संभावित पगमार्क मिले हैं। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर वन विभाग ने क्षेत्र में बाघ की संभावित आवाजाही की निगरानी तेज कर दी है। डीएफओ श्री अक्षय भोंसले के नेतृत्व में  संभावित आवागमन वाले क्षेत्रों का वन विभाग के अमले द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। कोयाबेकुर, नीलावरम, फूलबगड़ी और केरलपाल पंचायत सहित आसपास के वन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की निर्धारित SOP के अनुरूप निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। संभावित प्रभावित क्षेत्रों में वन विभाग की टीमें तैनात की गई हैं, मुनादी कर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है और कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, ताकि बाघ की गतिविधियों की पुष्टि एवं निगरानी की जा सके। पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों से शाम 4 बजे के बाद जंगल में जाने से बचने और आवश्यकता होने पर समूह में ही जाने की अपील की है। बाघ दिखाई देने पर उसके पास जाने, पीछा करने, भीड़ लगाने, उसे भगाने या स्वयं पकड़ने का प्रयास न करने की सलाह दी गई है। बाघ की संभावित गतिविधि अथवा किसी संदिग्ध घटना की जानकारी तत्काल वन विभाग को देने को कहा गया है। साथ ही अपुष्ट फोटो, वीडियो या सूचनाओं को सोशल मीडिया पर प्रसारित न करने तथा केवल वन विभाग और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि मवेशी की मौत बाघ के हमले से होने की पुष्टि होने पर शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार पात्र पशुपालक को उचित मुआवजा दिया जाएगा। बाघ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-प् में संरक्षित वन्यजीव है और इसके शिकार, हत्या या शिकार के प्रयास पर कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें अधिकतम 7 वर्ष तक का कारावास और जुर्माना शामिल है। विभाग ने ग्रामीणों से घबराने के बजाय सतर्क रहने, अफवाहों से बचने और इस संबंध में किसी भी सूचना को तत्काल वन विभाग के साथ साझा करने की अपील की है।

एशियन गेम्स में ऐश्वर्य की ‘सटीक निशानेबाजी से देश को मिला रजत पदक

भोपाल एशियन गेम्स 2026 में मध्यप्रदेश के निशानेबाज ने एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के प्रतिभावान खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने भारतीय टीम के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में रजत पदक अपने नाम किया। ऐश्वर्य ने नीरज कुमार और रुद्रांक्ष पाटिल के साथ मिलकर भारत को यह पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1762-94x स्कोर के साथ भारत दूसरे स्थान पर भारतीय टीम ने 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम स्पर्धा में 1762-94x का शानदार स्कोर हासिल किया। टीम ने नीलिंग, प्रोन और स्टैंडिंग—तीनों पोजिशन में निरंतरता और सटीकता के साथ निशाना साधते हुए रजत पदक सुनिश्चित किया। चीन ने 1766-95x के स्कोर के साथ स्वर्ण और दक्षिण कोरिया ने 1751-87x के स्कोर के साथ कांस्य पदक जीता। ऐश्वर्य की सटीक निशानेबाजी ने बढ़ाया मध्यप्रदेश का गौरव ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने टीम स्पर्धा के साथ व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में भी दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 589-34x का स्कोर दर्ज करते हुए क्वालिफिकेशन में तीसरा स्थान हासिल किया और व्यक्तिगत फाइनल में जगह बनाई। एशियन गेम्स जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐश्वर्य का यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश की निशानेबाजी प्रतिभा का शानदार उदाहरण है। अकादमी की मेहनत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी के खिलाड़ी ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर की यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित किए जा रहे उच्चस्तरीय खेल प्रशिक्षण और प्रतिभा संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ऐश्वर्य ने अपने प्रदर्शन से न केवल भारतीय टीम की सफलता में योगदान दिया, बल्कि मध्यप्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। खेल मंत्री श्विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि ऐश्वर्य का शानदार प्रदर्शन देश और प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी उपलब्धि प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी है। अब आशी चौकसे पर टिकी निगाहें एशियन गेम्स में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन आगे भी जारी रहने की उम्मीद है। 26 सितंबर को अकादमी की खिलाड़ी आशी चौकसे 50 मीटर राइफल 3-पोजिशन टीम इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। ऐश्वर्य की उपलब्धि के बाद अब आशी से भी देश और प्रदेश को शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है। आशी की स्पर्धा को लेकर खेल प्रेमियों की निगाहें भी टिकी रहेंगी। खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने जताया गर्व खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश की ओर से ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई। विभाग को विश्वास है कि ऐश्वर्य इसी तरह अपनी प्रतिभा, मेहनत और सटीक निशानेबाजी के दम पर आने वाले अंतर्राष्ट्रीय मुकाबलों में भी देश और मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाते रहेंगे।  

ग्वालियर में दिनदहाड़े फायरिंग से सनसनी, जमीन कारोबारी को लगीं 3 गोलियां

ग्वालियर  देशभर के उच्च न्यायविदों की मौजूदगी के चलते ग्वालियर पुलिस जब पूरे शहर में 'हाई अलर्ट' और कड़े सुरक्षा घेरे का दावा कर रही थी। इसी हाईअलर्ट के बीच मुरार थाना क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देकर पुलिस को खुली चुनौती दे डाली। ऋषि गालव स्कूल के पास सुबह करीब नौ बजे कार और बाइक पर सवार होकर आए सात हथियारबंद बदमाशों ने जिम से लौट रहे जमीन कारोबारी लखन शर्मा निवासी दीनदयाल नगर को घेरकर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। तीन गोलियां लगने से लखन शर्मा लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मकान निर्माण देखने जा रहे कारोबारी पर घात लगाकर हमला घायल लखन शर्मा के दोस्त गज सिंह लोधी ने नईदुनिया को बताया कि सुबह दोनों जिम करने के बाद लाल टिपारा स्थित अपने नए मकान का निर्माण कार्य देखने जा रहे थे। दोनों अपनी-अपनी गाड़ियों में थे और गज सिंह करीब 50 मीटर पीछे था। जैसे ही वे लाल टिपारा रोड स्थित ऋषि गालव स्कूल के पास पहुंचे, पहले से घात लगाए बैठे सात बदमाशों ने लखन को चारों तरफ से घेर लिया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। उसे तीन गोलियां लगी। हमलावर यहां से भाग निकले। जमीन कारोबारी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया। रंजिश से जुड़ा है मामला प्रत्यक्षदर्शी गज सिंह के मुताबिक, वारदात में लखन का एक जिगरी दोस्त भी शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोलीबारी छोटू पठारिया, बलराम पठारिया और गौरव ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर की है। हमले की मुख्य वजह पुराना जमीनी विवाद और आपसी रंजिश बताई जा रही है। पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल, तीन दिन- मुरार में दूसरी गोलीबारी हाई-प्रोफाइल वीवीआईपी दौरे के दौरान हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पुलिस की मुस्तैदी और गश्त पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुरार थाना क्षेत्र में पिछले तीन दिनों के भीतर गोलीबारी की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले जितेंद्र सिंह बैस पर राहुल गुर्जर व उसके साथियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। यह घटना मुरार के सीपी कालोनी क्षेत्र की थी। कैमरों के फुटेज खंगाल रही पुलिस: दो टीमें सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। आरोपी पहले से यहां खड़े थे।  

भारी बारिश को लेकर मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर संभाग के सभी कलेक्टरों से ली स्थिति की जानकारी

रायपुर  बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश और कई क्षेत्रों में जलभराव एवं बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप ने संभाग के सभी जिलों के कलेक्टरों से दूरभाष पर चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने बारिश से प्रभावित क्षेत्रों, नदी-नालों के जलस्तर, आवागमन की स्थिति तथा प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को पूरी सतर्कता से कार्य करने के निर्देश दिए। मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जहां भी जलभराव अथवा बाढ़ की स्थिति बन रही है, वहां प्रशासन तत्काल राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करे। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके लिए भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कलेक्टरों को निचले और संवेदनशील इलाकों तथा नदी-नालों के जलस्तर की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। जिन मार्गों, पुल-पुलियों या रपटों पर पानी बह रहा हो, वहां लोगों को आवागमन न करने दिया जाए। आवश्यकता के अनुसार पुलिस एवं प्रशासन की टीम तैनात कर बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपाय सुनिश्चित किए जाएं। मंत्री  कश्यप ने बस्तर के ग्रामीण, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण संपर्क मार्ग प्रभावित होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तैयार रखी जाएं और राहत दल आवश्यक संसाधनों के साथ सतर्क रहें, ताकि आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई हो सके। मंत्री  कश्यप ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समय पर सहायता पहुंचाना और जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को जिला स्तर पर स्थिति की लगातार समीक्षा करने, आवश्यकतानुसार संसाधनों की तत्काल व्यवस्था करने तथा मैदानी अमले को सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें, ताकि किसी भी प्रभावित परिवार तक सहायता पहुंचाने में विलंब न हो। राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश मंत्री  कश्यप ने कहा कि जिन क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की आवश्यकता हो, वहां राहत शिविरों की समुचित व्यवस्था की जाए। शिविरों में भोजन, पेयजल, आवश्यक दवाइयां और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध हो। बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने बारिश और जलभराव के बाद उत्पन्न हो सकने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को देखते हुए स्वास्थ्य अमले को सतर्क रखने के निर्देश भी दिए। नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील मंत्री  कश्यप ने नागरिकों से अपील की कि भारी बारिश के दौरान तेज बहाव वाले नदी-नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और रास्तों को पार करने का प्रयास न करें। जोखिम वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति या सहायता की आवश्यकता होने पर तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।

भूग्राम योजना में 99.34 प्रतिशत परिसंपत्तियां डिजिटल मैप पर दर्ज

 रायपुर,  विकसित भारत जीरामजी योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिसंपत्तियों की पारदर्शी निगरानी और डिजिटलीकरण के लिए संचालित 'भूग्राम' (स्टेज-III) अभियान में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। सुदूर वनांचल अंचलों की भौगोलिक विषमताओं और सीमित नेटवर्क कनेक्टिविटी की चुनौतियों के बावजूद राज्य ने अपनी 99.34 प्रतिशत परिसंपत्तियों का जियो-टैगिंग कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।   केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी 24 सितंबर 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में निर्मित कुल 11,90,327 परिसंपत्तियों में से रिकॉर्ड 11,82,480 परिसंपत्तियों की जियो-टैगिंग पूर्ण की जा चुकी है।  राष्ट्रीय औसत से काफी आगे निकला राज्य जियो-टैगिंग के मामले में छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर रहा है। देश भर में सृजित कुल 3,23,91,318 परिसंपत्तियों में से 3,01,49,345 का जियो-टैग पूरा हुआ है, जिसका राष्ट्रीय औसत 93.08 प्रतिशत है। छत्तीसगढ़ ने 99.34 प्रतिशत का आंकड़ा हासिल कर देश के शीर्ष राज्यों में अपना स्थान मजबूत किया है।   चुनौतियों को पछाड़कर हासिल किया लक्ष्य विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा संभाग के दूरस्थ वनांचल, पहाड़ी क्षेत्रों तथा खराब नेटवर्क वाले इलाकों में जियो-टैगिंग का कार्य बेहद जटिल था। इसके बावजूद मैदानी कर्मचारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और तकनीकी अमले के समन्वय से यह सफलता संभव हुई है। भूग्राम के तहत जीआईएस मैपिंग होने से ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता और रियल-टाइम मॉनिटरिंग को बल मिल रहा है।

भारी बारिश के मद्देनजर कल प्रदेश के सभी स्कूलों में रहेगा अवकाश : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शनिवार 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि भारी बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा आवागमन में कठिनाई की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसी परिस्थितियों में स्कूली बच्चों को किसी प्रकार का जोखिम न उठाना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर के विद्यालयों में अवकाश रखने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अनुरोध किया है कि बच्चों को घर पर ही रखें। साथ ही सतर्क रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों एवं सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।  

यूपी में मौसम को लेकर योगी सरकार अलर्ट, जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता के निर्देश

लखनऊ प्रदेश में बदलते मौसम और भारी बारिश, आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार ने आमजन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट कर दिया है। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। राहत आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जान-माल की सुरक्षा प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का जायजा लें और आमजन से लगातार संवाद बनाए रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे। बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में  तैयारी आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। निर्देशों के अनुसार जिलाधिकारी नागरिकों की सुरक्षा के दृष्टिगत अपने विवेकाधिकार का प्रयोग करते हुए स्कूल, कॉलेज और कम आवश्यक सेवाओं को बंद कर सकते हैं।

नारायणपुर में पीएम-जनमन से कच्चे मकानों से पक्के आशियाने तक का सफर

रायपुर        ​सरकार के ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत विशेष रूप से कमजोर एवं पात्र जनजातीय परिवारों के जीवन में एक नया सबेरा देखने को मिल रहा है। नारायणपुर जिले की ग्राम पंचायत कोहकामेटा के दूरस्थ क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जनमन (पीएम-जनमन) आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार कर उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन दे रही है।    ​ वर्षों से मिट्टी के कच्चे घरों में रह रहे परिवारों के लिए मौसम की हर मार—चाहे वह मूसलाधार बारिश हो या तेज हवाएं—एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी। आर्थिक तंगी के कारण पक्का मकान बनाना इन ग्रामीण परिवारों के लिए एक दूर की कौड़ी जैसा था।वर्षाकाल में टपकती छतों और ढहती दीवारों की चिंता से मुक्त होकर अब ग्राम कोहकामेटा की श्रीमती मोडडे बाई पति श्री मसीया राम और ग्राम किहकाड़ की श्रीमती गंगाबती पति श्री सुकालू का परिवार अपने मजबूत, ढलाई वाले पक्के मकानों में सुरक्षित जीवन व्यतीत कर रहा है।  ​मोडडे बाई बताती हैं कि मिट्टी के कच्चे घर में बारिश के दिनों में हर समय डर बना रहता था, लेकिन योजना के तहत आवास स्वीकृति मिलने के बाद अब मजबूत छत वाला घर बनकर तैयार है। यह नया घर केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि उनके परिवार के लिए स्थायित्व और सम्मानजनक जीवन का आधार बन गया है। ठीक इसी तरह ग्राम किहकाड़ की गंगाबती के लिए भी यह पक्का आशियाना एक बड़े बदलाव की शुरुआत लेकर आया है। कच्चे घर की जगह अब मजबूत ढलाई वाली पक्की छत तैयार हो चुकी है, जिससे उनका परिवार हर मौसम में पूरी तरह सुरक्षित है।   ​प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) को मूलभूत सुविधाओं से जोड़कर उनके जीवनस्तर में सुधार लाना है। नारायणपुर जिले में यह योजना केवल पक्के मकान ही नहीं दे रही, बल्कि इन परिवारों के मन में सुरक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद को भी मजबूत कर रही है। पक्का आवास मिलने पर दोनों परिवारों ने शासन-प्रशासन के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की है। यह सफलता की कहानी इस बात का जीवंत प्रमाण है कि विकास की मुख्यधारा से दूर रह रहे परिवारों तक जब योजनाएं पहुँचती हैं, तो उनके जीवन में वास्तविक और स्थायी बदलाव आता है।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ

रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई पद एवं गोपनीयता की शपथ छत्तीसगढ़ प्रदेश लोक कलाकार कल्याण संघ के शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने लोक कलाकारों की सुविधाओं और उनकी कला को आगे बढ़ाने के लिए स्टूडियो निर्माण के संबंध में आश्वासन भी दिया।   उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध लोक कला, संस्कृति और परंपराओं से है। लोक कलाकार अपनी प्रतिभा और कला के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि लोक कला को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए कलाकारों को बेहतर अवसर और सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कलाकारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कलाकारों के लिए स्टूडियो निर्माण की दिशा में आवश्यक सहयोग और पहल का आश्वासन दिया। स्टूडियो उपलब्ध होने से कलाकारों को अपनी कला के अभ्यास, प्रशिक्षण, रिकॉर्डिंग और प्रस्तुतियों की तैयारी के लिए बेहतर सुविधा मिल सकेगी।   इस दौरान संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने तथा छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष  कैलाश चंद्रवंशी,  मनीराम साहू, संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी, बड़ी संख्या में लोक कलाकार और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।