samacharsecretary.com

पूर्वी और पश्चिमी यूपी में झमाझम बारिश की संभावना, 7 दिन तक मौसम रहेगा सक्रिय

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो रही है। वहीं, कई जगहों पर लोग अभी भी गर्मी का सामना कर रहे हैं। मौसम विभाग की तरफ से आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश के संभावना जताई गई है। वहीं, कई हिस्सों में आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। यूपी में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई जगहों पर मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश: मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी हिस्से में 5 से 7 जुलाई के दौरान हल्की बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, 8 से 11 जुलाई तक इस हिस्से में झमाझम बारिश हो सकती है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश: प्रदेश के इस हिस्से में 5 से 8 जुलाई के दौरान छिटपुट बारिश हो सकती है। वहीं, 9 से 11 जुलाई के बीच मानसून बढ़ने से पश्चिमी हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, पूरे प्रदेश में 5 जुलाई को आंधी-तूफान के साथ बिजली कड़कने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा, 6 से 8 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।  

छत्तीसगढ़ में मानसून होगा एक्टिव, 7 दिन तक बारिश की संभावना; 3-4 दिन में पूरे प्रदेश को करेगा कवर

रायपुर  छत्तीसगढ़ में शनिवार से मौसम का स्वरूप बदलने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अगले सात दिनों तक बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में भारी बारिश होने के भी संकेत दिए गए हैं, जिसके चलते लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय तीन अलग-अलग मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं। इन सिस्टमों के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसून पूरे छत्तीसगढ़ में पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। लगातार होने वाली बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है, क्योंकि इससे खरीफ फसलों की बुवाई और खेती के अन्य कार्यों को फायदा मिलेगा। हालांकि, अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर परेशानी की स्थिति भी बन सकती है।  अगले एक सप्ताह तक बारिश के आसार मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना बनी हुई है।पिछले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। अगले दो दिनों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। इन जिलों में पहुंच चुका है मानसून अब तक मानसून ने प्रदेश के 18 से अधिक जिलों में दस्तक दे दी है। इनमें शामिल हैं—     रायपुर     दुर्ग     धमतरी     गरियाबंद     महासमुंद     बलौदाबाजार     बेमेतरा     कबीरधाम     राजनांदगांव     मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी     खैरागढ़-छुईखदान-गंडई     कांकेर     कोंडागांव     नारायणपुर     बस्तर     दंतेवाड़ा     सुकमा     बीजापुर अगले 48 घंटे में इन जिलों में मानसून की एंट्री मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों के भीतर मानसून इन जिलों में भी दस्तक दे सकता है—     सरगुजा     सूरजपुर     बलरामपुर     कोरिया     मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर     जशपुर     कोरबा     गौरेला-पेंड्रा-मरवाही     बिलासपुर     मुंगेली     जांजगीर-चांपा     सक्ती     सारंगढ़-बिलाईगढ़     रायगढ़ हालांकि इन क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन भारतीय मौसम विभाग ने अभी तक इन जिलों में मानसून के आधिकारिक प्रवेश की घोषणा नहीं की है। तापमान में भी आएगी गिरावट बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज होने लगी है। पिछले 24 घंटे में बिलासपुर में अधिकतम 39.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम 23.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ।मौसम विभाग का अनुमान है कि लगातार बारिश के चलते अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में और कमी आएगी तथा उमस से लोगों को राहत मिलेगी। अब तक 18 से ज्यादा जिलों में पहुंचा मानसून मानसून ने अब तक 18 से अधिक जिलों में स्ट्राइक किया है। इनमें मुख्य रूप से रायपुर, दुर्ग, धमतरी, गरियाबंद, महासमुंद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, कबीरधाम, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बस्तर, दंतेवाड़ा सुकमा, बीजापुर शामिल हैं। इन जिलों में एंट्री बाकी सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, जशपुर, कोरबा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायगढ़। इन जिलों में अगले 48 घंटों में मानसून एंट्री कर सकता है। हालांकि, इन जिलों में प्री-मानसून की बारिश हो रही है, लेकिन IMD ने आधिकारिक तौर पर मानसून के पहुंचने की घोषणा इन जिलों में नहीं की है। बस्तर में सबसे बेहतर स्थिति; फिर भी 54% तक कम वर्षा प्रदेश में मानसून की पहली दस्तक का असर सबसे पहले बस्तर संभाग में दिखाई दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद यहां सामान्य से कम पानी गिरा है: बस्तर जिला: यहां स्थिति सबसे बेहतर है। 142.7 मिमी सामान्य बारिश के मुकाबले 74.8 मिमी वर्षा हुई है (48% कम) दंतेवाड़ा: 107.7 मिमी सामान्य के मुकाबले 49.9 मिमी बारिश दर्ज हुई है (54% कम) सुकमा: यहां 60.3 मिमी पानी गिरा है, जो सामान्य से 54% कम है। कोंडागांव, बीजापुर: कोंडागांव में 51.9 मिमी और बीजापुर में 28 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। मध्य छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा चिंता रायपुर: 90.1 मिमी के मुकाबले 25.3 मिमी बारिश, 72% कम धमतरी: 112.6 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी दुर्ग: 113.9 मिमी के मुकाबले 34.2 मिमी महासमुंद: 105.4 मिमी के मुकाबले 20.7 मिमी बलौदाबाजार: 81.3 मिमी के मुकाबले सिर्फ 14 मिमी कई जिलों में 80% से ज्यादा बारिश की कमी राजनांदगांव: 100.3 मिमी के मुकाबले 8.3 मिमी, 92% कम (सबसे गंभीर स्थिति) मोहला-मानपुर-चौकी: 95% कम बलौदाबाजार व सारंगढ़-बिलाईगढ़: 83% कमी सक्ती: 83% कम खरीफ सीजन के लिए अगले 10 दिन अहम प्रदेश में मानसून देर से आने और कमजोर होने के कारण बारिश बहुत कम हुई है। इस वजह से ज्यादातर जिलों में अभी तक बोनी (बुवाई) के लायक खेतों में जरूरी नमी नहीं बन पाई है। रायपुर में आज ऐसा रहेगा मौसम रायपुर में आज (शनिवार) गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 37°C और न्यूनतम तापमान 25°C के आसपास रहने का अनुमान है।

भारी बारिश की चेतावनी: कल बिगड़ेंगे मौसम के हालात, इन राज्यों में IMD का रेड/ऑरेंज अलर्ट

नई दिल्ली इस साल मानसून ने देशभर में जोरदार दस्तक दी और कई राज्यों में अच्छी से लेकर भारी बारिश देखने को मिली। लगातार हुई बारिश के कारण कई जगह पुराने रिकॉर्ड भी टूट गए। मानसून का औपचारिक सीजन खत्म होने के बाद भी कुछ राज्यों में बारिश का सिलसिला अभी जारी है, जबकि कई इलाकों में ठंड बढ़ने लगी है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 2025 की तरह 2026 में भी बारिश सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। इसी बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी 5 तारीख को कई राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। केरल में मौसम का हाल केरल में हर साल की तरह इस बार भी मानसून सबसे पहले पहुंचा था और राज्य में अच्छी बारिश दर्ज की गई। हालांकि मानसून के बाद भी यहां बारिश पूरी तरह नहीं थमी है। मौसम विभाग के मुताबिक, कल केरल के कई इलाकों में रुक-रुककर तेज बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।   कर्नाटक में बारिश का दौर जारी कर्नाटक में भी मानसून के दौरान अच्छी बारिश हुई थी और अब भी कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जारी है। मौसम विभाग का कहना है कि कल राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है और बादल जमकर बरस सकते हैं। इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार, केरल के अलावा पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कल भारी बारिश होने की संभावना है। मेघालय में सुबह के समय बारिश के साथ ओलावृष्टि हो सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ इलाकों में भी तेज बारिश के आसार हैं।

मौसम का कहर: 4 दिन तक इन राज्यों में होगी जोरदार बारिश

  हिमाचल प्रदेश  इस साल मानसून का सीजन देशभर में शानदार रहा। कई राज्यों में इतनी बारिश हुई कि पुराने रिकॉर्ड टूट गए और पानी की किल्लत भी दूर हो गई। मानसून के दौरान अच्छी बारिश और मौसम के ठंडे अंदाज़ ने लोगों को गर्मी से राहत दी। मानसून के बाद अब भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है और मौसम अब नया रूप दिखाने वाला है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान जोरदार बारिश हुई। मानसून के जाने के बाद कुछ समय बारिश रुकी रही, लेकिन पिछले दिनों फिर से बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में भी मानसून का मौसम शानदार रहा और अच्छी बारिश हुई। मानसून के बाद बारिश रुक गई थी, लेकिन अब राज्य में फिर से बादल बरस रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों में उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना जताई है। अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट IMD ने कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें शामिल हैं: केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पंजाब, कराईकल, अंडमान-निकोबार, माहे, पुडुचेरी, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख। इन राज्यों में अगले 4 दिन भारी बारिश होने की संभावना है। राजस्थान में मौसम का हाल राजस्थान में ठंड का असर सुबह और रात के समय ज्यादा महसूस किया जा रहा है। राज्य में तेज शीतलहर चल रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ठंड का असर अभी बना रहेगा। 21 दिसंबर को नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से कई जिलों में बारिश और सुबह के समय कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। IMD ने लोगों को सलाह दी है कि बारिश और कोहरे के दौरान सड़क और यातायात में सतर्क रहें और मौसम अपडेट पर नजर रखें।

बरसात की चेतावनी: छत्तीसगढ़ के जिलों में बढ़ सकता है नदियों का जलस्तर, नागरिक रहें सतर्क

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र ने आगामी 24 घंटे के लिए प्रदेश में कई जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। चेतावनी के अनुसार गरियाबंद और धमतरी जिलों में एक-दो स्थानों पर बहुत भारी से सीमांत भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा कोंडागांव, कांकेर, बस्तर, महासमुंद, बालोद और नारायणपुर जिलों में भी एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। रायपुर, बलौदा बाजार, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, जांजगीर-चांपा, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी जिलों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, बेमेतरा, कबीरधाम और खैरागढ़-छुईखदान-गंडाई जिलों में भी मध्यम से भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में बना निम्न दबाव का क्षेत्र बंगाल की खाड़ी के मध्य भाग में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण आने वाले 2-3 दिनों तक दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। आज गुरुवार को 4 जिलों के लिए ऑरेंज और 19 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। रायपुर में आकाश सामान्यतः मेघमय रहने के साथ गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 28 डिग्री सेल्सियस और 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने बताया कि इस बार बारिश का दौर 20 अक्टूबर तक जारी रहेगा। नदियों में जलस्तर में वृद्धि की चेतावनी मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान नदियों में जलस्तर में वृद्धि होगी और नालों का ओवरफ्लो होने की संभावना है। खनन क्षेत्रों में सड़कें फिसलन भरी होंगी, और नम मिट्टी के कारण भूस्खलन व पेड़ों के गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। शहरों में सड़कों पर जलभराव से यातायात प्रभावित हो सकता है। रेल और सड़क मार्गों में बाधा आने, कृषि क्षेत्रों में फसलें गिरने और निचले इलाकों में कीचड़ भरी सड़कें और जलभराव होने की संभावना है। भारी वर्षा के कारण दृश्यता में कमी आएगी और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने जनता से अपील की है कि बहते पानी में कभी भी न जाएँ और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में वाहन चलाने से बचें। निचले पुलों को पार करते समय सावधानी बरतें और जलस्तर की जांच अवश्य करें। कृषि क्षेत्रों में अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करें। वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई और खनन क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा पर विशेष ध्यान दें।