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चेकिंग के दौरान बड़ा खुलासा: 50 लाख नकद जब्त, पुलिस कर रही जांच

दीनानगर. बटाला पुलिस ने बटाला के अलग-अलग इलाकों में नाकाबंदी की, जिसे बटाला पुलिस SP हेडक्वार्टर खुशबीर कौर लीड कर रही थीं। चेकिंग के दौरान बटाला पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये कैश पकड़ा और यह कैश अब पास की पुलिस चौकी में भेज दिया गया है। यह किसका है, यह करीब 50 लाख का कैश कहां से आया और कौन ले जा रहा था और किसे देना था? कहा जा रहा है कि इसकी जांच चल रही है। एस.पी. हेडक्वार्टर कुशवीर कौर ने कहा कि वह अपने रूटीन के तहत रोजाना चेकिंग ऑपरेशन करते हैं। इस चेकिंग ऑपरेशन से उन्हें कई बड़ी सफलताएं मिली हैं, जिनमें से एक यह है कि आज करीब 50 लाख कैश मिला। अब वह जांच करेंगे कि यह कैश कहां से आ रहा था, कौन ले जा रहा था और कहां ले जाया जा रहा था। गाड़ी की चेकिंग के दौरान कई बार उन्हें गैर-कानूनी हथियार और ड्रग्स भी मिले हैं। इससे असामाजिक तत्वों में पुलिस का डर है और आम लोगों का पुलिस पर भरोसा है। 

‘अभेद्य’ ऐप से बदलेगा खेल! हरियाणा पुलिस की नई पहल से रंगदारी कॉल्स पर रोक

चंडीगढ़ हरियाणा पुलिस ने साइबर अपराध, धमकी भरे कॉल्स और रंगदारी (Extortion) की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यह देश में अपनी तरह का पहला मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, धमकी भरे संदेशों, स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से बचाने में सक्षम होगा। इस पहल के साथ ही हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां पर इस प्रकार की अनूठी पहल की गई है। इस संबंध में हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने आज पुलिस मुख्यालय, सेक्टर-6, पंचकूला में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ‘अभेद्य’ ऐप के फीचर्स और कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान उनके साथ अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक साइबर एवं पुलिस आयुक्त पंचकूला शिबास कबिराज तथा डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि बदलते समय में अपराधी इंटरनेट आधारित कॉलिंग, फर्जी नंबरों और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर लोगों को डराने और ठगी करने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे में यह ऐप नागरिकों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा। सिंघल ने कहा कि पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने एक्सटॉर्शन कॉल्स पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए योजनाबद्ध रणनीति के तहत कार्य प्रारंभ किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिशा में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत सख्त एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए थे, जिनके अनुरूप पुलिस ने ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि इस मोबाइल ऐप के माध्यम से डॉक्टरों, ठेकेदारों, व्यापारियों सहित आम नागरिकों को व्यापक स्तर पर सुरक्षा और राहत मिलेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो व्यक्ति भय और आतंक का माहौल बनाने का प्रयास करता है, उसे आतंकवादी की श्रेणी में रखकर कठोर कार्रवाई की जाएगी। सिंघल ने बताया कि देश के भीतर से आने वाली कॉल्स को ट्रेस करना अपेक्षाकृत सरल होता है, जबकि विदेशी नंबरों से आने वाली कॉल्स एक बड़ी तकनीकी चुनौती पेश करती हैं। इसी चुनौती से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस के तकनीकी विशेषज्ञों ने दिन-रात मेहनत कर एक सशक्त समाधान विकसित किया, जिसके सफल परीक्षण के बाद आज इसे लॉन्च किया गया है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि यह पूरी तरह हरियाणा पुलिस की इन-हाउस पहल है, जो उनकी तकनीकी क्षमता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने जानकारी दी कि इस ऐप का ट्रायल 25 चयनित उपयोगकर्ताओं द्वारा किया गया, जिसमें इसकी कार्यक्षमता पूरी तरह सफल पाई गई। भविष्य में आवश्यकतानुसार इसमें और सुधार व अपडेट किए जाएंगे। पुलिस अधीक्षक से संपर्क कर प्राप्त करे मोबाइल ऐप का एक्सेस   इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक से संपर्क करना होगा, जिसके उपरांत उसे अधिकृत एक्सेस प्रदान किया जाएगा। यह ऐप एंड्रॉयड एवं एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहेगा। सिंघल ने यह भी बताया कि हरियाणा पुलिस की सक्रिय कार्यवाही के परिणामस्वरूप जनवरी एवं फरवरी 2026 में पिछले वर्ष की तुलना में एक्सटॉर्शन कॉल्स में लगभग 40 प्रतिशत की कमी तथा अपराध में 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस मोबाइल ऐप के शुरू होने से डिजिटल फ्रॉड, साइबर अपराध और एक्सटॉर्शन कॉल्स पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। ऐप की कार्यप्रणाली ‘अभेद्य’ ऐप अज्ञात और संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल्स और संदेशों की पहचान कर उन्हें उपयोगकर्ता तक पहुँचने से पहले ही रोक देता है। यह विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों की निगरानी करता है तथा संदिग्ध पाए जाने पर कॉल को स्वतः रिजेक्ट कर नंबर को ब्लॉक कर देता है। यह ऐप संदिग्ध चैट, वॉयस मैसेज, नोटिफिकेशन और वॉयस नोट को भी डिवाइस से हटा देता है, जिससे उपयोगकर्ता किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव या भय से सुरक्षित रह सके। इतना ही नहीं, विदेशो से आने वाली संदिग्ध कॉल्स पर भी नजर जाएगी। इससे एक तरफ उपयोगकर्ता मानसिक दबाव से दूर रहेगा वही दूसरी तरफ संदिग्ध कॉल करने वाले व्यक्ति को हरियाणा पुलिस द्वारा बैकहैंड से ट्रेस किया जाएगा। अभेद्य-2.0: और मजबूत सुरक्षा प्रणाली प्रेस वार्ता में ‘अभेद्य-2.0’ के बारे में भी जानकारी दी गई, जो इस ऐप का अपडेटेड वर्जन है। इसके माध्यम से न केवल इंटरनेट आधारित  फ्रॉड कॉल्स बल्कि सामान्य कॉल्स पर भी नियंत्रण संभव होगा। इसमें अज्ञात अंतरराष्ट्रीय कॉल्स, संदिग्ध घरेलू कॉल्स (यूजर विकल्प अनुसार), तथा प्राइवेट या हिडन नंबरों को ब्लॉक करने की सुविधा दी गई है, जबकि केवल सेव एवं सत्यापित नंबरों से कॉल की अनुमति होगी। नागरिकों को मिलेगा सीधा लाभ यह ऐप नागरिकों को धमकी भरे कॉल्स, रंगदारी के प्रयासों और साइबर अपराध से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले गुमनाम संचार माध्यमों पर रोक लगेगी और उनकी पहचान एवं ट्रैकिंग कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अधिक आसान हो सकेगी। डिजिटल अरेस्ट पर कड़ा वार: ड्यूल ओटीपी सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा इसके साथ ही उन्होंने बताया कि “डिजिटल अरेस्ट” जैसी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस शीघ्र ही “ड्यूल ओटीपी सिस्टम” लागू करने जा रही है। इस पहल के तहत एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जा रहा है और प्रारंभिक चरण में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के खाताधारकों को इसमें शामिल किया जाएगा। इस व्यवस्था के अंतर्गत किसी भी वित्तीय लेन-देन के लिए आने वाला ओटीपी मूल खाताधारक के साथ-साथ उनके परिजन—जैसे बेटे, बेटी या अन्य विश्वसनीय सदस्य—के पास भी भेजा जाएगा। दोनों की पुष्टि के पश्चात ही ट्रांजेक्शन को स्वीकृति दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, खाताधारकों के बैंक लेन-देन की सीमा (ट्रांजेक्शन लिमिट) भी निर्धारित की जाएगी, जिससे किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी की संभावना को न्यूनतम किया जा सके। सिंघल ने कहा कि इस अभिनव व्यवस्था के लागू होने से “डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में भारतीय रिजर्व बैंक एवं विभिन्न बैंकों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर विस्तृत रूपरेखा तैयार की जा रही है। हरियाणा पुलिस का संकल्प डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस प्रत्येक अपराधी को ट्रेस कर कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ‘अभेद्य’ ऐप का अधिक से अधिक … Read more

वाहन खरीदने वालों को झटका: MP में ई-बाइक और कार की कीमतें बढ़ेंगी, 27 मार्च तक ही राहत

भोपाल मध्य प्रदेश में पांच साल के लिए लागू की गई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति-2025 के तहत वित्तीय प्रोत्साहन में कमर्शियल ईवी को टैक्स में वर्ष 2027 तक छूट रहेगी, लेकिन ई-बाइक और ई-कारों पर मिलने वाली छूट 27 मार्च को खत्म हो जाएगी। 27 मार्च, 2025 को लागू ईवी पालिसी में इलेक्ट्रिक दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों पर वाहन कर व पंजीयन शुल्क में एक वर्ष के लिए 100 प्रतिशत छूट दी गई थी। लागत बढ़ने से लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों की ओर लौट सकते हैं। रेट्रोफिटिंग और कमर्शियल वाहनों के लिए प्रावधान इसके साथ ही ईवी नीति में रेट्रोफिटिंग यानी 15 साल पुराने पेट्रोल-डीजल वाहन को ईवी में बदलवाने पर एक साल तक दी गई छूट भी खत्म हो जाएगी। जबकि किट नहीं मिल पाने के कारण रेट्रोफिटिंग का काम ठीक से शुरू भी नहीं हो पाया है। रेट्रोफिटिंग पर दो पहिया को पांच हजार प्रति वाहन, तीन पहिया को 10 हजार और कार को 25 हजार प्रोत्साहन राशि देने का प्रविधान किया गया था। हालांकि, कमर्शियल वाहनों जैसे ई-बस, ट्रक, ट्रैक्टर और एंबुलेंस को दो वर्ष यानी 27 मार्च, 2027 तक के लिए वाहन कर व पंजीयन शुल्क में दी गई छूट लागू रहेगी। पंजीयन लक्ष्य और पांच मॉडल ईवी शहर इधर, पांच साल में दोपहिया वाहनों में 40 प्रतिशत और चार पहिया वाहनों के 15 प्रतिशत ईवी के पंजीयन का लक्ष्य रखा गया था। 27 मार्च को टैक्स में छूट खत्म होने से लक्ष्य प्रभावित हो सकता है। नीति लागू होने से पांच साल की अवधि में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को मॉडल ईवी शहर घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति अवधि के अंत तक 80 प्रतिशत सरकारी वाहनों को ईवी करने का लक्ष्य भी रखा गया है। चार्जिंग स्टेशनों को वित्तीय सहायता देगी सरकार ईवी नीति के तहत सार्वजनिक स्थलों पर चार्जिंग स्टेशनों के लिए वित्तीय सहायता का भी प्रविधान है। राजमार्गों, प्रमुख सड़कों पर प्रत्येक 25 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन, राजमार्गों पर प्रत्येक 100 किमी पर लंबी दूरी/हैवी-ड्यूटी इलेक्ट्रिक वाहन के लिए फास्ट चार्जिंग स्टेशन (दोनों तरफ) लगाए जाएंगे। नीति अवधि के अंत तक सभी पेट्रोल पंपों पर कम से कम एक इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट लगाने का लक्ष्य है। विभिन्न श्रेणियों के लिए निर्धारित लक्ष्य     दो पहिया ईवी- 40%     दोपहिया वाहन ईवी (वाणिज्यिक बेड़ा)- 100%     तीन पहिया ईवी (यात्री और माल ढुलाई)- 80%     चार पहिया ईवी- 15%     ई-बसें- 40%  

दुग्ध व्यवसाय से तरक्की में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर

मिल्क प्रोक्योरमेंट से आत्मनिर्भर बनीं प्रदेश की साढ़े तीन लाख महिलाएं दुग्ध व्यवसाय से तरक्की में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी की महिलाओं ने रचा इतिहास उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बनी तरक्की का आधार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी सरकार में उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाएं तरक्की की नई इबारत लिख रहीं हैं। प्रदेश में दुग्ध संग्रहण और उससे जुड़े कार्यों के माध्यम से करीब साढ़े तीन लाख महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं हैं। इतनी बड़ी संख्या के लिहाज से दुग्ध व्यवसाय के क्षेत्र में यूपी देश में नंबर वन है। यह परिवर्तन उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए संभव हुआ है, जो ग्रामीण महिलाओं के लिए तरक्की का मजबूत आधार बनकर उभरा है। योगी सरकार की अभूतपूर्व योजनाओं के जरिए उत्तर प्रदेश नित नए रिकॉर्ड बना रहा है। मिल्क वैल्यू चेन से मिल रहा अब बेहतर मूल्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में दुग्ध मूल्य श्रृंखला (मिल्क वैल्यू चेन) विकसित होने से अब उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इसके साथ ही किसानों और महिला समूहों को नियमित एवं पारदर्शी भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उनके भरोसे और आय दोनों में वृद्धि हुई है। रोजगार के साथ अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दुग्ध व्यवसाय से गांवों में बड़े स्तर पर रोजगार सृजन हो रहा है। इससे न सिर्फ महिलाओं की आय बढ़ी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है। छोटे स्तर पर शुरू हुआ यह कार्य अब बड़े आर्थिक मॉडल का रूप ले चुका है। महिलाओं का व्यापक सशक्तीकरण सरकार की योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार से जोड़ने की सुविधा दी गई है। इसका परिणाम यह है कि आज ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के जरिए आर्थिक रूप से मजबूत बन रही हैं और परिवार के साथ-साथ समाज में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। प्राथमिकता में ग्रामीण महिलाएं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण महिलाओं को अपनी नीतियों के केंद्र में रखा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में लगातार अभूतपूर्व योजनाओं के जरिए नए रिकॉर्ड बन रहे हैं और महिलाएं विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उत्तर प्रदेश में दुग्ध व्यवसाय के माध्यम से महिलाओं का सशक्तीकरण न केवल एक आर्थिक बदलाव है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन की भी मजबूत नींव बन चुका है। प्रदेश की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर देश के सामने नई दिशा प्रस्तुत कर रहीं हैं।

भोपाल में लॉरेंस गैंग का खौफ, कारोबारी से 10 करोड़ रंगदारी की मांग, जान से मारने की धमकी

भोपाल  कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेटवर्क का खौफ अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया। इंदौर, खरगोन और अशोक नगर के बाद अब भोपाल में भी उसके गुर्गों की सक्रियता सामने आई है। ताजा मामला कोलार रोड क्षेत्र का है, जहां एक कारोबारी को 10 करोड़ रुपए की रंगदारी नहीं देने पर जान से मारने की खुली धमकी दी गई है।  जानकारी के अनुसार, कोलार रोड निवासी कारोबारी और समाजसेवी गौरव जैन को करीब चार दिन पहले एक व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य हैरी बॉक्सर बताते हुए 10 करोड़ रुपए की मांग की। शुरुआत में कारोबारी ने इस कॉल को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन तीन दिन बाद 20 मार्च को उसी नंबर से दोबारा कॉल आया। इस बार आरोपी ने न केवल पैसे की मांग दोहराई, बल्कि मना करने पर गौरव जैन को जान से खत्म करने की धमकी भी दी। खतरे का अंदेशा धमकी को गंभीर मानते हुए गौरव जैन तुरंत कोलार थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि बदमाशों ने व्हाट्सएप ऑडियो कॉल पर खुली चुनौती दी है, जिससे खतरे का अंदेशा बढ़ गया है। संगठित अपराध को लेकर नई चिंता कोलार थाना प्रभारी संजय सोनी ने पुष्टि की है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा। गौरतलब है कि हाल के दिनों में प्रदेश में लॉरेंस गैंग की गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। इंदौर में एक कारोबारी से 15 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी, जबकि खरगोन में 15 लाख रुपए की रंगदारी नहीं देने पर एक कारोबारी के घर पर फायरिंग की घटना सामने आई थी। वहीं, अशोक नगर में पुलिस ने इसी गैंग से जुड़े एक बदमाश को गिरफ्तार भी किया था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। 

ब्यावरा के ग्राम लखनवास में किया 26.79 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने शनिवार को विभिन्न कार्यों का भूमि-पूजन एवं शिलान्यास किया। ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम लखनवास को उन्होंने 26 करोड़ 79 लाख रुपए की लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ग्रामीण विकास के प्रति संकल्पित होकर उन्हें सशक्त एवं समृद्ध बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में लखनवास से दूधिया दीवान (नरसिंहगढ़) मार्ग (7.70 किलोमीटर) के उन्नयन एवं चौड़ीकरण कार्य का शुभारंभ किया गया। इस सड़क के विकसित होने से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी, साथ ही व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान बनेगी। साथ ही ग्राम लखनवास में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण किया। जिससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। कार्यक्रम के अंतर्गत ग्राम पंचायत गांगाहोनी, आमडोर, पाडलीगुसाई, लखनवास, सीलखेड़ा, भंवास, पातलापानी, तरेना, बगवाज, बेरियाखेड़ी, सेमलापार, टोडी, चुकल्या, खेजड़ामहाराजा, कुंडीखेड़ा, आगर एवं सुंदरपुरा में विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण भी किया गया। इन कार्यों से ग्रामीण अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी और स्थानीय स्तर पर विकास को नई दिशा प्राप्त होगी। इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री  बद्रीलाल यादव,  दिलवर यादव,  इंदर सिंह लववंशी,  जसवंत गुर्जर,  नारायण सिंह सालरियाखेड़ी,  दिनेश मीना,  श्याम सिंह चौहान,  बलवान सिंह,  इंदर सिंह सौंधिया,  रामगोपाल मीना,  राजू गुप्ता,  बिट्टू सक्सेना,  आशीष मीना, जनपद सीईओ  आर.के. मंडल, एसडीओ  प्रवीण भील समेत बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।  

PHED की बड़ी पहल: लखीसराय के 23 पंचायतों तक पहुंचेगा साफ गंगाजल, 500 करोड़ की योजना शुरू

लखीसराय लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने जिले में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ी पहल की है। सतही गंगा बहु ग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत जिले की 23 पंचायतों के 293 वार्ड के लोगों को सीधे गंगा जल उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत सूर्यगढ़ा प्रखंड के बरियारपुर के समीप एक संप (जल संग्रहण केंद्र) का निर्माण किया जाएगा। बेगूसराय जिले के शाम्हो प्रखंड स्थित गंगा नदी से पाइपलाइन के माध्यम से गंगा जल को संप तक लाया जाएगा। इसके बाद वहां स्थापित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में गंगा जल को शुद्ध कर पाइप लाइन के जरिए संबंधित वार्डों में निर्मित पानी टंकियों तक पहुंचाया जाएगा। टंकियों से पाइपलाइन के जरिये हर घर तक नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। योजना के पूर्ण होने से ग्रामीण क्षेत्रों में जल जनित बीमारियों पर अंकुश लगेगा तथा लोगों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा। जिले के सूर्यगढ़ा एवं चानन प्रखंड के 10-10, रामगढ़चौक प्रखंड के दो एवं पिपरिया प्रखंड के एक पंचायत में गंगा जल से लोगों की प्यास बुझाने की योजना है। निम्न पंचायत व आबादी को लाभान्वित करने की है योजना सूर्यगढ़ा प्रखंड के 10 पंचायत     अलीनगर पंचायत के पांच वार्डों की 3,154 आबादी     कसबा पंचायत के 17 वार्डों की 10,355 आबादी     चौरा राजपुर पंचायत के नौ वार्डों की 6,944 आबादी     बरियारपुर पंचायत के 17 वार्डों की 9,678 आबादी     अरमा पंचायत के 11 वार्डों की 7,365 आबादी     श्रीकिशुन पंचायत के 18 वार्डों की 12,902 आबादी     घोसैठ पंचायत के 12 वार्डों की 9,883 आबादी     लोसघानी पंचायत के 12 वार्डों की 9,436 आबादी     महेशपुर पंचायत के 13 वार्डों की 5,785 आबादी     मदनपुर पंचायत के 14 वार्डों की 7,573 आबादी चानन प्रखंड के 10 पंचायत     जानकीडीह पंचायत के 13 वार्डों की 9,481 आबादी     खुटुकपार पंचायत के 14 वार्डों की 10,178 आबादी     महेशलेटा पंचायत के 15 वार्डों की 11,809 आबादी     लाखोचक पंचायत के 15 वार्डों की 11,735 आबादी     गोड्डीह पंचायत के 15 वार्डों की 11,243 आबादी     संग्रामपुर पंचायत के 13 वार्डों की 9,643 आबादी     मलिया पंचायत के 13 वार्डों की 9,415 आबादी     इटौन पंचायत के 13 वार्डों की 10,986 आबादी     भलुई पंचायत के 13 वार्डों की 10,270 आबादी     कुंदर पंचायत के 15 वार्डों की 12,386 आबादी रामगढ़चौक प्रखंड के दो पंचायत     गेरूआ पुरसंडा पंचायत के 16 वार्डों की 11,922 आबादी     नोनगढ़ पंचायत के 13 वार्डों की 5,066 आबादी पिपरिया प्रखंड के एक पंचायत     सैदपुरा पंचायत अंतर्गत पवई गांव के चार के वार्डों की 2,795 आबादी     परियोजना को शीघ्र धरातल पर उतारने के लिए जल्द ही निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। श्रीनिवास सिंह, सहायक अभियंता, पीएचईडी, लखीसराय  

भ्रष्टाचार पर सख्ती: 1.19 करोड़ की गड़बड़ी उजागर, 8 पंचायत सचिव निलंबित

गौरेला. मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ने गौरेला जनपद के 8 पंचायत सचिवों द्वारा 15वें वित्त आयोग मद की कुल 1 करोड़ 19 लाख 56 हजार रुपये की अनियमित भुगतान संबंधित वेन्डर को करने पर निलंबित कर दिया है. गुरुवार को जारी अलग-अलग निलंबन आदेश में कहा गया है कि पंचायत सचिवों का यह कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 के नियम के विपरीत होने पर पंचायत सेवा अनुशासन और अपील नियम 1999 में प्रदत्त अधिकारों को प्रयोग करते हुए उन्हें निलंबित किया जाता है. निलंबित किए गए पंचायत सचिवों में ग्राम पंचायत तेन्दुमुढ़ा के सचिव उमा शंकर उपाध्याय, ग्राम पंचायत नेवरी नवापारा के सचिव भैयालाल करसायल, ग्राम पंचायत ठाड़पथरा के सचिव नान्हूदास बघेल, ग्राम पंचायत आमाडोब के सचिव ओंकार भानू, ग्राम पंचायत पूटा के सचिव रतन सिंह, ग्राम पंचायत आमगांव के सचिव राधेश्याम मरावी, ग्राम पंचायत साल्हेघोरी के सचिव राजकुमार शर्मा और ग्राम पंचायत हर्राटोला के सचिव त्रिलोक सिंह शामिल हैं. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत गौरेला निर्धारित किया गया है. निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी. निलंबन आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत तेन्दुमुढ़ा के सचिव द्वारा 29 लाख 98 हजार 445 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत नेवरी नवापाऱा के सचिव द्वारा 26 लाख 13 हजार 200 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत ठाड़पथरा के सचिव द्वारा 23 लाख 26 हजार 700 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत आमाडोब के सचिव द्वारा 10 लाख 91 हजार 400 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत पूटा के सचिव द्वारा 10 लाख 72 हजार 378 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत आमगांव के सचिव द्वारा 6 लाख 40 हजार 182 रुपये का अनियमित भुगतान करने, ग्राम पंचायत साल्हेघोरी के सचिव द्वारा 6 लाख 69 हजार रुपये और ग्राम पंचायत हर्राटोला के सचिव द्वारा 5 लाख 47 हजार 700 रुपये का अनियमित भुगतान करने संबंधित वेन्डर को किया गया है.

बड़े नशा नेटवर्क पर पुलिस का शिकंजा, हैदराबाद-सरगुजा कनेक्शन उजागर

मनेन्द्रगढ़ नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में चिरमिरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय कुख्यात रसल एक्का गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हैदराबाद से जुड़ा था कनेक्शन पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि यह गिरोह ATM और डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार का पैसा संचालित कर रहा था। इस तरीके से न सिर्फ सप्लाई चेन, बल्कि पूरे फाइनेंशियल नेटवर्क को भी छुपाया जा रहा था। जांच में सामने आया कि नशे का सामान हैदराबाद से सरगुजा संभाग तक सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस ने पहले कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड रसल एक्का को रायपुर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वैंदला वासु (हैदराबाद), रजत कुमार (सूरजपुर) को भी गिरफ्तार कर लिया। ATM के जरिए चलता था पूरा नेटवर्क गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। नशीले इंजेक्शनों की बिक्री से मिली रकम को ATM ट्रांजेक्शन के जरिए अलग-अलग खातों से निकालकर नेटवर्क में बांटा जाता था, जिससे पुलिस की नजर से बचा जा सके। इस खुलासे के बाद पुलिस ने न सिर्फ तस्करी, बल्कि पूरे फाइनेंशियल ऑपरेशन को भी ट्रैक कर तोड़ दिया। चिरमिरी पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता माना जा रहा है। इससे सरगुजा संभाग में सक्रिय अंतरराज्यीय नशा तस्करी की एक बड़ी चेन खत्म हो गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

81वीं जीएचआरडीएन बैठक में मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0, मैट्स विश्वविद्यालय में हुआ आयोजन

मैट्स विश्वविद्यालय में 81वीं जीएचआरडीएन बैठक के अंतर्गत मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0 का आयोजन, देशभर के प्रमुख मानव संसाधन विशेषज्ञों की भागीदारी रायपुर  मैट्स विश्वविद्यालय में जीएचआरडी मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0 का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मानव संसाधन क्षेत्र के अग्रणी नेताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों तथा पेशेवरों का एक भव्य संगम रहा, जिसमें छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह शिखर सम्मेलन मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में उभरती प्रवृत्तियों, चुनौतियों तथा नवाचारों पर विचार-विमर्श का एक प्रभावी मंच बना। इस अवसर पर माननीय कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, माननीय कुलपति प्रोफेसर के. पी. यादव, आदरणीय महानिदेशक श्री प्रियेश पगारिया तथा आदरणीय कुलसचिव श्री गोकुलानंद पांडा की गरिमामयी उपस्थिति एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए इस महत्वपूर्ण और प्रभावशाली कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री सुरेंद्र गेडाम (आईएसटीडी नागपुर) रहे। कार्यक्रम का समन्वय श्री एस. के. लाजेवर (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ प्रकरण) तथा श्री सुरेश (सचिव, छत्तीसगढ़ प्रकरण) द्वारा किया गया। साथ ही इस कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. उमेश गुप्ता, प्राध्यापक एवं अधिष्ठाता, वाणिज्य एवं प्रबंधन संकाय ने की। इस शिखर सम्मेलन में विभिन्न उद्योगों से आए विशिष्ट अतिथि वक्ताओं तथा मानव संसाधन क्षेत्र के नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। प्रमुख अतिथियों में श्री डी. के. मोहंती (समूह मानव संसाधन प्रमुख, नीको), डॉ. राज्जू कुमार (एन एक्सिडेंटल इंजीनियर), श्री अभिषेक सिंह (सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञ, यूनिसेफ), श्री श्याम वर्मा (निदेशक, मिरेकल्स) तथा श्री साइमन जॉर्ज (प्रमुख – शिक्षण एवं विकास / प्रशासन, एसआरयू) शामिल रहे। उनके विचारों और अनुभवों ने चर्चा को अत्यंत समृद्ध बनाया तथा शिक्षा जगत और उद्योग जगत से आए प्रतिभागियों को प्रेरित किया। इस शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न उद्योगों और कॉर्पोरेट क्षेत्रों के प्रतिष्ठित मानव संसाधन पेशेवरों के साथ आयोजित एक रोचक विचार गोष्ठी रही। इस चर्चा में समकालीन मानव संसाधन कार्यप्रणालियों, भविष्य के कार्यबल की प्रवृत्तियों, नेतृत्व विकास, डिजिटल परिवर्तन तथा बदलते व्यावसायिक वातावरण में प्रतिभा प्रबंधन की रणनीतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस चर्चा में छत्तीसगढ़ के विभिन्न उद्योगों से आए बड़ी संख्या में मानव संसाधन पेशेवरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे यह शिखर सम्मेलन अत्यंत संवादात्मक और ज्ञानवर्धक अनुभव बन गया। अनुभवी मानव संसाधन नेताओं और उभरते पेशेवरों के बीच विचारों के आदान-प्रदान ने सीखने, संपर्क स्थापित करने तथा सहयोग का एक सशक्त मंच प्रदान किया। इस कार्यक्रम के सफल आयोजन में मैट्स विश्वविद्यालय के प्रशिक्षण एवं नियुक्ति प्रकोष्ठ की समर्पित टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने कार्यक्रम की योजना बनाने और उसे सुचारू रूप से संपन्न कराने में उल्लेखनीय योगदान दिया। जीएचआरडी मानव संसाधन शिखर सम्मेलन 4.0 का समापन सभी वक्ताओं, विचार गोष्ठी के प्रतिभागियों, गणमान्य अतिथियों तथा उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए हुआ, जिन्होंने इस आयोजन को अत्यंत सफल बनाया। यह शिखर सम्मेलन उद्योग और शिक्षा जगत के मध्य सहयोग को सुदृढ़ करने तथा मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में नेतृत्व और उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के प्रति मैट्स विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को पुनः स्थापित करता है।