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सिद्धू ने परिवार में बांटी दौलत: बेटी को दिया बड़ा भाग, बेटे के हिस्से में क्या आया?

नई दिल्ली पूर्व क्रिकेटर और पंजाब के सीनियर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी संपत्ति का बंटवारा कर दिया है। उन्होंने अपने जीते जी ही बेटे और बेटी के नाम पर संपत्ति बांट दी है। उन्होंने फेसबुक पर इस संबंध में विस्तार से जानकारी दी है। सिद्धू का कहना है कि उन्होंने अपने पटियाला स्थित पैतृक घर को बेटे करन सिद्धू के नाम किया है। वहीं अमृतसर के अपने खुद के बनाए घर को बेटी राबिया को सौंप रहे हैं। इस तरह उन्होंने विरासत को समय रहते ही बांटने का फैसला कर लिया। उनके इस निर्णय की काफी चर्चा हो रही है और संपत्ति में बेटी को भी बड़ा हिस्सा दिए जाने की तारीफ की जा रही है। नवजोत सिंह सिद्धू का पटियाला की यादविंद्र कॉलोनी में बाराबरी गार्डन के पास पैतृक आवास है। वहीं अमृतसर के शानदार घर को उन्होंने अपनी कमाई से तैयार किया था। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि मैंने अपनी पत्नी नवजोत से लंबी चर्चा के बाद इस संबंध में फैसला लिया कि संपत्ति को बांट दिया जाए। उन्होंने अपने इस फैसले की जानकारी देते हुए परिवार के साथ कुछ तस्वीरें भी साझा की हैं। उन्होंने कहा कि मैं ईश्वर में यकीन करता हूं। अमृतसर की जना ने मुझे हमेशा सम्मान दिया है और हम उनके साथ हर वक्त खड़े हैं। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैंने जो मेहनत से कमाया था, उसे बच्चों के बीच बांट रहा हूं। मैंने राजनीति से कुछ भी नहीं कमाया। उन्होंने फेसबुक पर अपनी डिटेल पोस्ट में लिखा, 'मैंने माता पार्वती के आशीर्वाद से यह घर बनवाया था, जो मैंने अमृतसर को दिए अपने वचन का सम्मान करने के लिए किया। मेरे बारे में यहां कुछ लोगों ने कहा था कि मैं यहां प्रवासी पक्षी की तरह आया हूं और चला जाऊंगा। लेकिन मैंने लोगों को भरोसा दिया था कि मैं आपका बनकर यहीं रहूंगा। सांसद के रूप में मैंने यहीं से दो कार्यकाल पूरे किए थे। इसके बाद भी मैं यहीं बना हुआ हूं। अब भी मेरा वादा जारी है।' उन्होंने लिखा कि मैंने बिग बॉस से लेकर स्टार टीवी के साथ हिंदी कमेंट्री और फिर कपिल शर्मा शो तक कमाई की। इस मकान को हमने 2014 में तैयार किया था। राजनीति से एक भी पैसा नहीं कमाया। सारी कमाई मेरी मेहनत की है। इसके आगे वह लिखते हैं, 'करण को मेरे पिता द्वारा बनाया गया पैतृक घर विरासत में मिलेगा और अमृतसर वाला घर राबिया को मिलेगा!' गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू को बीते कुछ सालों में लगातार कई झटके झेलने पड़े थे। एक तरफ गैर-इरादतन हत्या वाले मामले में वह जेल चले गए थे। फिर वह बाहर निकले तो उनकी पत्नी को कैंसर हो गया था। इस बीच उन्होंने बेटे करन की शादी कर दी थी और फिर पत्नी भी कैंसर से उबर गईं। इस तरह एक चुनौतीपूर्ण दौर झेलने के बाद सिद्धू फैमिली में खुशियों का दौर लौटा।  

मंत्री केदार कश्यप का बयान: राज्य में वनों के संरक्षण और संवर्धन के लिए हो रहे निरंतर प्रयास

रायपुर : जीवन प्रकृति पर आधारित,राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास-मंत्री केदार कश्यप विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञों की चर्चा  विश्व वानिकी दिवस पर कार्यशाला आयोजित रायपुर विश्व वानिकी दिवस 21 मार्च के अवसर पर, वन विभाग और विभिन्न संगठनों द्वारा वन संरक्षण, वृक्षारोपण और पर्यावरण जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं। इन कार्यक्रमों में वैज्ञानिक तकनीक, वनीकरण के महत्व और सतत भविष्य के लिए वनों के प्रबंधन पर विशेषज्ञ चर्चा करते हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप रहे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोगों का जीवन प्रकृति पर आधारित है और राज्य में वनों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने वन क्षेत्र में वृद्धि, वन्यजीवों की संख्या में बढ़ोतरी और राज्य की पहली रामसर साइट की उपलब्धि की सराहना की। साथ ही विभागीय योजनाओं को लक्ष्य आधारित और चरणबद्ध तरीके से लागू करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में टीईआरआई नई दिल्ली द्वारा वन पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं के मूल्यांकन, जलवायु परिवर्तन और पारंपरिक ज्ञान से संबंधित पुस्तकों का विमोचन किया गया।                विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य जलवायु परिवर्तन केंद्र, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा अरण्य भवन, नया रायपुर स्थित दण्डकारण्य सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड विकास मरकाम ने की। उन्होंने कहा कि वनों को न काटे न कटने दे ये सरकार और हम सभी समाज के लोगों का कर्तव्य भी है। अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) अरुण कुमार पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।            अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा ने कहा कि वनों की भूमिका को स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका से जोड़ते हुए जैव विविधता संरक्षण के साथ आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से जुड़े वित्तीय संसाधनों जैसे जीसीएफ, जीईएफ और अन्य योजनाओं के तहत परियोजनाएं तैयार करने पर जोर दिया।            कार्यशाला में तकनीकी सत्र और पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। तकनीकी सत्र में वनों से मिलने वाली पारिस्थितिकी सेवाओं पर प्रस्तुतीकरण, ग्रीन क्लाइमेट फंड परियोजनाओं की जानकारी तथा नाबार्ड द्वारा उपलब्ध वित्तीय सहायता के विकल्पों पर चर्चा की गई। वहीं, पैनल चर्चा में विशेषज्ञों ने वानिकी और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में हो रही प्रगति पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर राष्ट्रीय अनुकूलन कोष परियोजना से जुड़े हितग्राहियों ने भी अपने अनुभव साझा किए।           उल्लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की थीम “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” है, जिसका उद्देश्य वनों के आर्थिक और पर्यावरणीय महत्व को उजागर करना है। यह कार्यशाला राज्य में वन आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का ऐलान: महतारी वंदन योजना के लिए पोर्टल फिर खोला जाएगा, छूटी महिलाओं को मिलेगा मौका

दुर्ग छत्तीसगढ़ की महिला बाल विकास विभाग की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा है कि लोगों को हर चीज मंहगाई के हिसाब से नहीं देखनी चाहिए। मंत्री दुर्ग जिले के भिलाई में आयोजित राज्य स्तरीय महिला सहकारिता सम्मेलन में शामिल होने के लिए पहुंची थीं। मीडिया के सवालों का जबाव देते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई, गैस सिलेंडर के संकट को वैश्निक चुनौती के कारण हो रहा है। मंत्री ने कहा- लोगों को हर चीज केवल महंगाई के नजरिए से नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश इस समय वैश्विक चुनौतियों से गुजर रहा है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती से खड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने महतारी वंदन योजना के लिए भी खुशशबरी दी। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं छूट गई हैं उन्हें इस योजना में शामिल किया जाएगा। तारीख तय नहीं पर नोम जोड़े जाएंगे मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा- सरकार महिलाओं के लिए विशेष योजना चला रही है। उन्होंने कहा कि यहां महिला आबादी को फोकस किया जा रहा है। अभी महतारी वंदन योजना से 70 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है। जिन महिलाओं के नाम छूट गए हैं, उन्हें भी जल्द जोड़ा जाएगा। पोर्टल दोबारा खोला जाएगा और सभी पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी तारीख अभी तय नहीं है, लेकिन नाम जोड़ने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। गैस सिलेंडर के दामों पर क्या बोलीं गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर उन्होंने कहा कि कुछ समय के लिए कठिनाइयां सभी के जीवन में आती हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए बताया कि गैस सिलेंडर बाहर से आने के कारण ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं हर परिस्थिति को संभालने में सक्षम हैं। थोड़ी दिक्कत जरूर है, लेकिन देश सुरक्षित है, यह सबसे बड़ी बात है। गैस के कीमत में वृद्धि अस्थाई है मंत्री ने कहा कि इन्हीं कठिन परिस्थितियों से आगे चलकर जीवन आसान बनता है और सिलेंडर के दाम में वृद्धि अस्थायी है। वहीं, धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर उन्होंने कहा कि यह कानून सर्वसम्मति से पारित हुआ है।  

रायपुर: विभागों से डेटा समन्वय हेतु कार्यशाला सम्पन्न, डाटा में एकरूपता होना जरूरी

रायपुर आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सचिव  भुवनेश यादव की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में कार्यशाला सह बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में राज्य स्तर पर विभागीय आंकड़ों के मानकीकरण एवं प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार के प्रशासनिक सांख्यिकी एवं नीति प्रभाग राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय दिल्ली ने सूचित किया है कि प्रशासनिक डेटा लिंकिंग के विषय पर राष्ट्रीय विचार-विमर्श हेतु शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। जिसमें राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में डेटा सामंजस्य की प्रगति एवं उससे जुड़े विषयों पर चर्चा होगी।     बैठक में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव  भुवनेश यादव ने विभागों से अपेक्षा की है कि वे शीघ्र ही अपने विभाग की जानकारी उपलब्ध कराऐंगे जिससे डेटा समन्वय की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। कार्यशाला में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की संचालक श्रीमती रोक्तिमा यादव ने बताया कि विभागों में डाटा के आदान प्रदान से डाटा सिस्टम को मजबूत व्यवस्थित होने के साथ नीति निर्माण में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि डाटा में एकरूपता होने से दोहराव नहीं होगा। जिससे नीतियों, योजनाओं और निर्णयों को सटिक डेटा विश्लेषण के आधार पर लागू किया जा सकेगा। बैठक में विभागवार डेटा समेकन की संभावनायें, वर्तमान विभागों के पास उपलब्ध डेटा सहित सेवा वितरण, निगरानी एवं प्रशासनिक डेटा समेकन हेतु कार्ययोजना के संबंध में अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। बैठक में राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी एवं वीडियो कॉन्फ्रेंस से भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के अधिकारी शामिल हुए।

रायगढ़ में अफीम की अवैध खेती पकड़ी गई, दो किसान गिरफ्तार, इस महीने का पांचवां मामला

रायगढ़  छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फिर से अफीम की खेती का मामला सामने आया है। जिले में दूसरी बार अवैध रुप से अफीम की खेती की जानकारी सामने आई है। अफीम की खेती की जानकारी मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और खेत को सील कर दिया। करीब 50 डिसमिल में अफीम की खेती की जा रही है थी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अफीम की खेती का वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया है। जानकारी के अनुसार, लैलूंगा थाना क्षेत्र में 50 डिसमिल में अफीम की खेती की जा रही थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि तीसरा मौके से फरार हो गया। पुलिस के खेत में पहुंचते ही मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर जगतराम नाग और मनोज नाग को गिरफ्तार किया है। जबकि साधराम नाग मौके से फरार हो गया। लोकल व्यापारी से लिए थे बीज सोमवार पुलिस को सूचना मिली थी कि लैलूंगा थाना क्षेत्र के पास अफीम की खेती हो रही है। जिसके बाद पुलिस की टीम यहां पहुंची थी। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अफीम की खेती करने के लिए बीज पत्थलगांव के एक लोकल कारोबारी से लिए थे। पुलिस अधिकारियों ने उस कारोबारी के तलाश की बात कही है। 23 मार्च को तमनार में पकड़ी गई थी खेती दो दिन पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार, झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा यहां 10-12 साल से खेती कर रहा था। उसने आमाघाट के किसान से तरबूज, ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था। तमनार में भी पकड़ी गई थी अफीम की खेती इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी अफीम की खेती का मामला सामने आया था। जानकारी के मुताबिक, झारखंड का रहने वाला एक व्यक्ति, मार्शल सांगा, पिछले 10–12 वर्षों से यहां अफीम की खेती कर रहा था। उसने एक किसान से तरबूज और ककड़ी उगाने के लिए खेत लिया था, लेकिन उसकी देखरेख में अफीम की खेती शुरू हुई। मार्शल सांगा, जो पहले झारखंड में भी अफीम की खेती करता था, ने उसी मॉडल को रायगढ़ में अपनाया। गांववालों में आक्रोश घटना के बाद घटगांव क्षेत्र के लोग हैरान और परेशान हैं, क्योंकि अफीम की खेती जिस इलाके में की जा रही थी, वहां से एक सशक्त सब्जी की बाड़ी का प्रचार हुआ था। लोग इस अवैध गतिविधि के खिलाफ अपनी आवाज उठाते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। भूपेश बघेल ने बोला हमला इस मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा- "रायगढ़ ज़िले के लैलूंगा ब्लॉक के नवीन घट गांव में एक या दो नहीं बल्कि तीन अलग-अलग खेतों में अफीम पाई गई है। अब तो ऐसा लग रहा है कि भाजपा को अपना चुनाव निशान बदलकर “कमल के फूल” की जगह पर “अफ़ीम का फूल” कर लेना चाहिए।' मार्च के महीने में 5वां मामला छत्तीसगढ़ में मार्च के महीने में अफीम की खेती का यह 5वां मामला है। सबसे पहले दुर्ग जिले के सिमोदा गांव में अफीम की खेती का मामला सामने आया था। यह खेती बीजेपी नेता ताम्रकार कर रहा था। उसके बाद बलरामपुर जिले के दो थाना क्षेत्रों में अफीम की फसल मिली थी। अब रायगढ़ के आमाघाट क्षेत्र के बाद लैलूंगा थाना क्षेत्र में अफीम की खेती का मामला सामने आया है।

अम्बिकापुर : बजटीय देयक जमा करने की अंतिम तिथि 25 मार्च निर्धारित तथा SNA SPARSH से संबंधित भुगतान के लिए 30 मार्च तक का समय

अम्बिकापुर   छत्तीसगढ़ शासन वित्त विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर के निर्देशानुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु कोषालय/उप कोषालय में देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 25 मार्च 2026 तथा SNA SPARSH से संबंधित समस्त भुगतान के लिए कोषालय में देयक प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 30 मर्च 2026 निर्धारित की गई है। उक्त प्रतिबंध भारत से प्राप्त राशि, राजभवन राज्यपाल, विधानसभा सचिवालय/निवास कार्यालय से संबंधित देयकों/उच्च न्यायालय एवं अधीनस्थ न्यायालयों एवं विधायकों के स्वत्वों से संबंधित देयकों पर लागू नहीं होगा। जिले के वरिष्ठ कोषालय अधिकारी ने इस निर्देश के परिपालन में सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों को सूचित है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 अंतर्गत केवल बजटीय देयक 25 मार्च 2026 तक एवं SNA SPARSHसे संबंधित देयक 30 मार्च 2026 कोषालय/उप कोषालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे। ताकि शासन के निर्देशानुसार कार्य किया जा सके। निर्देशों का यथासमय पालन हो इस हेतु कोषालय/उप कोषालय में केवल बजटीय देयक ही निर्धारित तिथि स्वीकार किये जायेंगे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की शुरुआत, खिलाड़ी छत्तीसगढ़ पहुंचने लगे

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू  अरुणाचल के वेटलिफ्टरों का विमानतल पर रंगारंग स्वागत  रायपुर  खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भागीदारी के लिए खिलाड़ियों का छत्तीसगढ़ पहुंचना शुरू हो गया है। आज सवेरे अरुणाचल प्रदेश के वेटलिफ्टरों का 14 सदस्यीय दल रायपुर पहुंचा। इनमें 13 खिलाड़ी और एक सपोर्टिंग स्टॉफ शामिल है। खिलाड़ियों के छत्तीसगढ़ आगमन पर रायपुर के स्वामी विवेकानंद विमानतल पर राऊत नाचा दल की रंगारंग प्रस्तुतियों के बीच खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा साई (SAI) के अधिकारियों ने गुलाब भेंटकर सभी खिलाड़ियों का हार्दिक स्वागत किया। 23 मार्च को कई राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खिलाड़ी बड़ी संख्या में रायपुर पहुंचेंगे। देश में पहली बार खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन छत्तीसगढ़ के तीन शहरों – रायपुर, अंबिकापुर और जगदलपुर में किया गया है। इसमें देशभर के करीब तीन हजार जनजातीय खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक छत्तीसगढ़वासियों को सात खेलों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे। इस दौरान पुरूष और महिला वर्गों में हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती, एथलेटिक्स, तैराकी, तीरंदाजी और वेटलिफ्टिंग की प्रतियोगिताएं होंगी।

अमोनिया टैंक ब्लास्ट से दहला प्रयागराज: कोल्ड स्टोरेज गिरा, मजदूरों के फंसे होने की आशंका

 प्रयागराज गंगापार इलाके के फाफामऊ के पास चंदापुर गांव में स्थित कोल्ड स्टोरेज धराशायी हो गया। तेज आवाज के साथ अमोनिया गैस टैंक फटने के चलते हादसा हुआ है। शीतगृह जिस समय गिरा उस समय वहां पर दो दर्जन से अधिक मजदूर मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। दमकलकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। चार मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह शीतालय पूर्व मंत्री अहमद का  बताया जा रहा है।   फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित सपा  नेता  और पूर्व  मंत्री  अंसार  अहमद का कोल्ड स्टोरेज तेज धमाके के साथ धराशायी हो गया। अमोनिया गैस टैंक फटने के  चलते यह हादसा हुआ है। मलबे में डेढ़ दर्जन से अधिक मजदूर दब गए। आनन फानन में सभी को बाहर निकाला गया। इसमें चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। मौके पर  दमकल की कई गाड़ियों के साथ कई एंबुलेंस और  आसपास के थानों की पुलिस फोर्स रेस्क्यू  आपरेशन में जुट गई है। हादसे के चलते मलाक हरहर में लखनऊ हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। मौके पर जिलाधिकारी मनीष कुमा वर्मा, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। मलबे में डेढ़ दर्जन से आशंका जताई जा रहा है। कई लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया है। फाफामऊ समेत आसपास के कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि मौके से निकाले गए चार मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य में जुट गई है। दर्जन भर से अधिक जेसीबी मलबो को हटाकर दबे हुए लोगों को खोज रही है। अमोनिया गैस रिसाव के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल है। टैंकर फटने की आवाज सुनकर लोग थर्रा गए। गैस के चलते बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है। पूर्व मंत्री अंसार अहमद का है कोल्ड स्टोरेज सपा के नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का कोल्ड स्टोरेज बताया जा रहा है। घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है।  मलबे में दबे घायलों को निकालकर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम  ने भी संभाला मोर्चा। मलबे में दबे घायलों को निकालकर पहुंचाया अस्पताल। 

चंडीगढ़ प्रशासन ने जारी की बड़ी चेतावनी, 28 मार्च तक लागू रहेगी सख्त पाबंदी

चंडीगढ़  आगामी वी.वी.आई.पी दौरे और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पूरे केंद्र शासित प्रदेश को ‘नो फ्लाइंग जोन’ घोषित कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 23 मार्च से 28 मार्च तक शहर में ड्रोन और मानव रहित हवाई वाहन (UAV) उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यह फैसला 27 और 28 मार्च को प्रस्तावित वीवीआईपी दौरे को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। अधिकारियों का कहना है कि देश विरोधी तत्वों द्वारा ड्रोन के जरिए IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) जैसे हमलों की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। यह पाबंदी 23 मार्च की आधी रात से लागू होकर 28 मार्च तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, यह आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, एयर फोर्स, एसपीजी और अधिकृत सरकारी एजेंसियों पर लागू नहीं होगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता को जानकारी देने के लिए इन आदेशों को डीसी ऑफिस और जिला अदालतों के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं। 

यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का नया युग, सीएम योगी करेंगे AI-आधारित ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ

यूपी में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का नया युग, सीएम योगी करेंगे एआई-आधारित ‘निवेश मित्र 3.0’ का शुभारंभ कार्यक्रम में 85 कंपनियों को प्रदान किया जाएगा लेटर ऑफ कंफर्ट और एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट सब्सिडी के रूप में सीएम योगी वितरित करेंगे ₹2,781 करोड़ से अधिक की धनराशि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ‘बिजनेस पार्क स्कीम-2025’ का भी करेंगे शुभारंभ डिजिटल, पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल सिस्टम से $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को मिलेगी नई गति लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के क्षेत्र में एक नए युग की ओर बढ़ रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री 24 मार्च को लोक भवन, लखनऊ में उन्नत सिंगल विंडो पोर्टल ‘निवेश मित्र 3.0’ का भव्य शुभारंभ करेंगे। यह पहल प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहित करने, उद्योगों की स्थापना को सरल बनाने और उत्तर प्रदेश को $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ‘यूपी प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025’ का भी शुभारंभ करेंगे।  कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों (मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, सीमेंट, फूड प्रोसेसिंग, आयरन एंड स्टील, ऑटोमोबाइल और सेवाओं) से जुड़ी 85 कंपनियों को लेटर्स ऑफ कम्फर्ट (LoCs), एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट (ECs), भूमि आवंटन पत्र और कुल ₹2,781.12 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। साथ ही, औद्योगिक विकास को नई गति देते हुए डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट, ट्रांसफर यानी डीबीएफओटी (पीपीपी) फ्रेमवर्क पर आधारित अभिनव 'प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल शेड्स योजना' का भी अनावरण किया जाएगा, जो निवेशकों को तत्काल उत्पादन शुरू करने में मदद करेगा। नेक्स्ट-जनरेशन ‘निवेश मित्र 3.0’: तेज, पारदर्शी और स्मार्ट सिस्टम निवेश मित्र 3.0 को एक नेक्स्ट-जनरेशन डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है, जो उद्योगों को स्वीकृतियों और क्लीयरेंस की प्रक्रिया को पहले से अधिक तेज़, पारदर्शी और सहज बनाएगा। यह प्लेटफॉर्म निवेश मित्र 2.0 की मजबूत नींव पर आधारित है, जिसमें 43 विभागों की 530 से अधिक सेवाएं एकीकृत थीं। नए संस्करण में सेवाओं को तर्कसंगत बनाते हुए 40 से अधिक विभागों की 200 से कम सेवाओं तक सीमित किया गया है, जिससे अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त कर कार्यकुशलता बढ़ाई गई है। एआई और डिजिटल सुविधाओं से लैस होगा प्लेटफॉर्म निवेशकों को बेहतर अनुभव देने के लिए इस पोर्टल में कई उन्नत तकनीकी सुविधाएं जोड़ी गईं हैं, जिनमें एआई-आधारित चैटबॉट द्वारा त्वरित सहायता, आवेदन की स्थिति पर रियल-टाइम एसएमएस अलर्ट, एकीकृत कम्बाइंड एप्लिकेशन फॉर्म (CAF), जीआईएस-आधारित लैंड बैंक से उपयुक्त भूमि की पहचान और ग्राउंड-ब्रेकिंग से लेकर उत्पादन तक ऑनलाइन ट्रैकिंग शामिल है। इसके साथ ही नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) के साथ एकीकरण से केंद्र और राज्य स्तर की स्वीकृतियों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित होगा। प्रक्रियाओं में बड़ा सरलीकरण प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए आवेदन प्रणाली में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। इसके तहत, लगभग 25% कम फील्ड, 15% कम दस्तावेज, करीब 20% कम प्रक्रियात्मक चरण को शामिल किया गया है। इन सुधारों से अनुमोदन प्रक्रिया अधिक तेज और निवेशक अनुकूल बनेगी। निवेश मित्र: सफलता की मजबूत नींव वर्ष 2018 में शुरू होने के बाद से निवेश मित्र पोर्टल ने 21 लाख से अधिक आवेदनों का निस्तारण किया है और 97% की प्रभावशाली सफलता दर हासिल की है। नया संस्करण इस सफलता को और आगे बढ़ाते हुए डिजिटल गवर्नेंस और डेटा-ड्रिवन सिस्टम को मजबूत करेगा। ‘निवेश मित्र 3.0’ और नई नीतियों के माध्यम से प्रदेश में निवेश का माहौल और मजबूत होगा, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह पहल उत्तर प्रदेश को देश के सबसे आकर्षक निवेश गंतव्यों में स्थापित करने के साथ-साथ ‘आत्मनिर्भर भारत’ और $1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमओयू से बढ़ेगा कौशल और उद्यमिता का दायरा कार्यक्रम के दौरान इन्वेस्ट यूपी और Xylemx LLP एवं Maker Ghat के बीच एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके अलावा, द कन्वर्जेंस फाउंडेशन के साथ स्किल कनेक्ट सेल के लिए भी एमओयू किया जाएगा, जिससे उद्योग और कौशल विकास के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’ समेत प्रदेश सरकार और इन्वेस्ट यूपी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही देश भर के निवेशक भी कार्यक्रम के दौरान उपस्थित रहेंगे।