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शादी के मंडप में बवाल: कुत्ते को लेकर भिड़े दोनों पक्ष, लाठी-डंडे चले, चार घायल

फतेहपुर यूपी के फतेहपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक शादी समारोह में कुत्ते को लेकर जमकर बवाल हो गया। वर और वधू पक्ष के बीच विवाद इतना बढ़ा कि मामला हाथापाई तक आ गया। दोनों तरफ से हुई मारपीट में चार लोग घायल हो गए। इसके अलावा शादी भी टूट गई। वहीं, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ये मामला खागा क्षेत्र के कैनाल स्थित एक मैरिज हॉल की है। जानकारी के मुताबिक कल रात 19 फरवरी इस मैरिज हॉल में शादी थी। रात करीब तीन बजे वरमाला के बाद वैवाहिक रस्मों की तैयारी चल रही थी। चर्चा रही कि इसी दौरान कन्या पक्ष के साथ आया पालतू कुत्ता मंडप के पास पहुंच गया। उसे हटाने को लेकर शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। आरोप प्रत्यारोप के बीच दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। लोगों को कमरों में बंद करना पड़ा। इस लेकर मौके पर अफरा तफरी मच गई। दोनों तरफ से हुई मारपीट में महिला समेत चार लोग घायल हो गए। वहीं, महिलाएं बचाव के लिए चिल्लाती रहीं। मैरिज हॉल में मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस ने हालात काबू में किए और घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया। जहां हालत गंभीर देख प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। इस मामले में कोतवाली प्रभारी रमेश पटेल ने बताया कि सूचना पर पुलिस गई थी। कुत्ते को लेकर वर एवं वधू पक्ष में झगड़ा और मारपीट हो गया था। बाद में दोनों ने आपसी समझौता करते हुए शादी तोड़ने का फैसला किया है। लेनदेन कर तोड़ दी शादी गुरुवार को मारपीट के बाद दोनों पक्षों ने आपसी समझौते के अंतर्गत शादी न करने का फैसला किया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पक्षों से मिले उपहार एवं आभूषणों को लौटा दिया। घटना के बाद चर्चा का विषय यही रहा कि जहां विवाह जैसे पवित्र संस्कार को केंद्र में होना चाहिए था, वहां एक कुत्ते की एंट्री ने पूरा माहौल बिगाड़ दिया।  

बायोएग्री को मध्यप्रदेश की जैव-अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने पर होगा मंथन

भोपाल अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान, भोपाल में “मध्यप्रदेश की जैव-अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में बायोएग्री” विषय पर हितधारक परामर्श मंथन बैठक आयोजित हुई। मंथन का उद्देश्य राज्य में जीवन-विज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना तथा बायोएग्री इको सिस्टम के विकास के लिये एक कार्यान्वयन योग्य रोडमैप तैयार करने मे सहायता प्रदान करना है। बैठक में कृषक उत्पादक संगठनों (एफपीओ), उद्योगों, स्टार्टअप्स, शोध एवं शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों तथा विभिन्न शासकीय विभागों के 47 प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। बैठक में वेस्ट-टू-वेल्थ, प्रिसिजन एग्रीकल्चर एवं बायो-इनपुट्स, लघु वनोपज प्रसंस्करण एवं न्यूट्रास्यूटिकल्स, कृषि जैव-प्रौद्योगिकी सहित अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया गया। संस्थान के उपाध्यक्ष प्रो. राजीव दीक्षित ने कहा कि “बायो इकोनामी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश का योगदान देश के अन्य राज्यों जैसे महाराष्ट्र आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश की तुलना में अत्यधिक कम है, जबकि अवसरों की बात करें तो वह मध्यप्रदेश में सर्वाधिक उपलब्ध है। मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। बायोइकानामी के अन्य घटकों के साथ ही बायो एग्री कार्य, बायो एनर्जी, इंडस्ट्रियल बायोटेक्नोलॉआदि क्षेत्रों में काम करने की मध्यप्रदेश में अत्यधिक संभावनाएं हैं। प्रदेश में प्रमुख फसलों के साथ अनुमानित 30-35 मिलीयन टन सोयाबीन स्ट्रा, गेहूं स्ट्रा, धान और मक्के का वेस्ट प्रतिवर्ष उत्पादित होता है। इसका बहुत बड़ा भाग अभी ऊर्जा में परिवर्तित नहीं होता। प्रदेश में पशुओं की बड़ी संख्या होने के कारण बायोगैस और कंप्रेस्ड बायोगैस की अपार संभावना है। 30 प्रतिशत से अधिक वन क्षेत्र होने के कारण तेंदूपत्ता वन औषधीय पौधे और अन्य बायो बेस्ड मटेरियल आधारित उद्योग लगाने की अत्यधिक संभावना है।“ भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईसर), भोपाल के निदेशक प्रो. गोबर्धन दास ने बायोएग्री क्षेत्र में संबंधित अपार संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत की ज्ञान परंपरा अभूतपूर्व रही है। इसे जैव-अर्थव्यवस्था में लागू करके प्रदेश का विकास किया जा सकता है। सुशासन संस्थान के मानव संसाधन एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के प्रमुख डॉ. मनोज कुमार जैन ने बताया कि इस परामर्श बैठक से बायोएग्री आधारित मूल्य श्रृंखलाओं की पहचान, नीतिगत सुझाव, कौशल विकास एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन के लिये ठोस कार्ययोजना तैयार होने की अपेक्षा है, जो मध्यप्रदेश को जैव-अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। बाइएकोनोमी सेल के नोडल अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सूर्यवंशी ने कार्यक्रम का संचालन किया और आभार व्यक्त किया। 

विरोध प्रदर्शन में बड़ा हादसा: विजयवर्गीय के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी आग की चपेट में

मैहर  मध्यप्रदेश के मैहर जिले में कांग्रेस द्वारा विरोध प्रदर्शन के दौरान लापरवाही की एक खतरनाक तस्वीर सामने आई है। यहां शुक्रवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का पुतला फूंका जा रहा था, इसी दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। पुतला दहन को रोकने और उसे छीनने की कोशिश कर रहे ट्रैफिक टीआई विक्रम सिंह पाठक अचानक भड़की आग की चपेट में आ गए। हादसे का सबसे शर्मनाक पहलू यह रहा कि जब अन्य पुलिसकर्मी आग की लपटों से घिरे टीआई को बचाने की जद्दोजहद कर रहे थे, तब वहां मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ता बेपरवाह होकर पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाते रहे। इस घटना में टीआई कमर व पीठ के पास से गंभीर रूप से झुलस गए, जिसके बाद उन्हें मैहर के सिविल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। पुतला छीनते वक्त आग में झुलसा पुलिस अफसर प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक दिन पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता उमंग सिंघार को 'औकात' में रहने जैसी बात कही थी। इसी के विरोध में मैहर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेश घई के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन का आयोजन किया गया था। जब कांग्रेसी कार्यकर्ता मंत्री विजयवर्गीय के पुतले पर ज्वलनशील पदार्थ पेट्रोल आदि डालकर आग लगा रहे थे, तभी ट्रैफिक टीआई विक्रम पाठक ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। हालांकि ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग अचानक तेजी से भड़क उठी और टीआई पाठक सीधे उसकी चपेट में आ गए। टीआई का अस्पताल में चल रहा इलाज आग की लपटों ने पलक झपकते ही टीआई विक्रम सिंह पाठक की वर्दी को अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस दर्दनाक हादसे में टीआई की कमर, पीठ, जांघ और हाथ का कुछ हिस्सा बुरी तरह से झुलस गया है। उन्हें तुरंत मैहर सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम आईसीयू में उनका सघन उपचार कर रही है। हालत की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जल्द ही जिला अस्पताल या जबलपुर रेफर किया जा सकता है। घटना की सूचना मिलते ही मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ और पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने तुरंत अस्पताल पहुंचकर घायल टीआई का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। जांच के बाद दोषियों पर दर्ज होगी FIR इस घटना ने पूरे पुलिस महकमे और प्रशासनिक अमले में भारी रोष पैदा कर दिया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर रानी बाटड़ ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी विक्रम पाठक पुतला दहन के दौरान आग में झुलस गए हैं। प्रशासन इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहा है। जो भी लोग इस लापरवाही के दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सार्वजनिक चौराहों पर ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग गलत उधर, पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि इस घटना से पुलिस परिवार आहत है। प्रदर्शनकारियों को यह समझना चाहिए कि सार्वजनिक चौराहों पर पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों का उपयोग किसी की भी जान ले सकता है। हमने मामले का गंभीरता से संज्ञान लिया है। घटनास्थल के वीडियो फुटेज और चश्मदीद गवाहों के आधार पर मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होगी।

हथकरघा बुनकर संघ का 280.33 करोड रुपए का अनुमानित बजट पारित

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा बुनकर संघ की वार्षिक आमसभा में वर्ष 2026-27 के लिए 280.23 करोड़ रुपए का अनुमानित बजट ध्वनि मत से  पारित किया गया। बैठक में विभिन्न शासकीय विभागों से प्राप्त मांग- आदेशों में लगातार आ रही कमी पर गंभीर चिंता जताई गई और विपणन व्यवस्था को मजबूत बनाने सहित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। आमसभा का आयोजन संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन की अध्यक्षता में वीआईपी चौक, रायपुर स्थित एक निजी होटल में हुआ। बैठक में रायगढ़, जांजगीर-चांपा, सक्ती, कोरबा, बिलासपुर, रायपुर, धमतरी, बलौदाबाजार, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद और कांकेर जिलों से 96 प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में वर्ष 2024-25 के वित्तीय प्रतिवेदन और वर्ष 2025-26 में 31 जनवरी 2026 तक के वास्तविक आय-व्यय का अनुमोदन किया गया। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 280.23 करोड़ रुपए का वार्षिक बजट पारित करते हुए संघ की गतिविधियों के विस्तार पर सहमति बनी। मांग आदेश बढ़ाने पर जोर आमसभा में विभागों से मिल रहे मांग आदेशों में कमी को संघ के लिए चुनौती बताया गया। प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास कर शासकीय विभागों से अधिक से अधिक मांग आदेश प्राप्त किए जाएं। साथ ही, वस्त्र उत्पादन नहीं करने वाली निष्क्रिय अथवा अकार्यशील प्राथमिक बुनकर समितियों की सदस्यता समाप्त करने, बुनाई मजदूरी में वृद्धि तथा समितियों के सेवा प्रभार में बढ़ोतरी की मांग भी रखी गई। ऑनलाइन इन्वेंट्री से बढ़ेगी पारदर्शिता ग्रामोद्योग विभाग के सचिव श्याम धावड़े ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री की मंशानुसार विभागीय कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए एनआईसी के माध्यम से ऑनलाइन इन्वेंट्री मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किया गया है। इससे सभी विभाग हाथकरघा संघ में उपलब्ध वस्त्र स्टॉक की जानकारी ऑनलाइन देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों के हित में विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। कोसा-कॉटन के लिए डिज़ाइनर और मार्केटिंग कंसल्टेंट संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश के उत्कृष्ट बुनकरों द्वारा निर्मित कोसा और कॉटन वस्त्रों का मूल्य संवर्धन किया जाएगा। इसके लिए निफ्ट डिज़ाइनरों की सेवाएं ली जा रही हैं और ऑनलाइन मार्केटिंग को बढ़ावा देने के लिए मार्केटिंग कंसल्टेंट नियुक्त किया जा रहा है। इससे हाथकरघा उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है। बिलासा शोरूम का विस्तार संघ द्वारा कोसा और कॉटन वस्त्रों के प्रचार-प्रसार के लिए बस्तर संभाग के जगदलपुर में शोरूम प्रारंभ किया जा चुका है। इसके अलावा अम्बिकापुर, रायगढ़, बिलासपुर, बालोद, डोंगरगढ़ और चन्द्रपुर में शोरूम खोलने की तैयारी है। राज्य के बाहर मुंबई, कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों में भी ‘बिलासा’ शोरूम प्रारंभ करने का प्रस्ताव रखा गया है। बुनकर सम्मेलन में होगा सम्मान बैठक में जानकारी दी गई कि बुनकरों के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन पुरस्कार, वरिष्ठ बुनकर सम्मान और उच्च शिक्षा प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके लिए  मुख्यमंत्री जी से समय लिया जाएगा। राज्य बुनकर संघ की वार्षिक आमसभा में लिए गए निर्णय के संबंध में ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार हाथकरघा और ग्रामोद्योग क्षेत्र को आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कोसा एवं कॉटन उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विपणन तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। मंत्री यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय बढ़ाकर मांग आदेशों में वृद्धि सुनिश्चित की जाए तथा बुनकरों की आय दोगुनी करने की दिशा में ठोस पहल की जाए। आमसभा में संघ के पूर्व अध्यक्ष कमल देवांगन, वित्त विभाग के दिवाकर राठौर, सहकारिता विभाग के उमेश तिवारी, ग्रामोद्योग विभाग के अमृत यादव, संयुक्त संचालक हाथकरघा ए. अयाज़ सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। विभागीय योजनाओं की जानकारी सचिव एम.एम. जोशी ने दी। आभार प्रदर्शन लेखाधिकारी विलास कुमार झाड़े ने किया तथा संचालन गोविन्द देवांगन ने किया।

दयाल ने संभाला पदभार प्रो. मनोज दयाल बने माखनलाल यूनिवर्सिटी के नए कुलपति, उच्च शिक्षा में नए विज़न की उम्मीद

रायपुर कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में प्रो. मनोज दयाल ने संभाला कुलपति का पदभार प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षाविद प्रो. (डॉ.) मनोज दयाल ने आज कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति के रूप में विधिवत कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर रायपुर के संभागायुक्त महादेव कावरे ने कुलपति को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।  कुलपति प्रो. दयाल ने विश्वविद्यालय के प्रेरणास्रोत, अद्भुत संगठन शिल्पी और त्याग-सादगी की प्रतिमूर्ति कुशाभाऊ ठाकरे की प्रतिमा पर श्रद्धा-सुमन अर्पित कर प्रशासनिक एवं अकादमिक कार्यों की समीक्षा की। इस अवसर पर उन्होंने माननीय राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों से परिचय प्राप्त किया। प्रो. दयाल ने ग्रंथालय में शोधार्थियों एवं पीजी विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनके शोध कार्यों की जानकारी ली। विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो स्टेशन रेडियो संवाद 90.8 एफएम में उन्होंने शुभकामना संदेश रिकॉर्ड किया तथा टेलीविजन स्टूडियो और विभिन्न संकाय भवनों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में संचालित पाठ्यक्रमों की कक्षाओं में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संवाद कर शैक्षणिक गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, अधिकारी एवं कर्मचारियों ने नवागत कुलपति का स्वागत एवं अभिनंदन किया।

मंगला पशु बीमा योजना में 21 हजार पशुओं का होगा बीमा

जयपुर. राजस्थान में मंगला पशु बीमा योजना पशु पालकों का 'मंगल' कर रही है। प्रथम चरण की कामयाबी के बाद अब इसका दूसरा चरण भी प्रारंभ कर दिया गया है। इस बार भी जिले में 21 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य रखा गया है। राजस्थान सरकार ने छोटे पशुपालकों को पशु हानि से बचाने के लिए मंगला पशु बीमा योजना शुरू की है। इसके तहत पशु पालक 2 बड़े पशु गाय, भैंस अथवा 10 छोटे पशु बकरी भेड़ का निःशुल्क बीमा करवा सकते हैं। योजना के तहत बीमा का लाभ उठाने के लिए पशुपालकों को कोई प्रीमियक शुल्क भी नहीं देना पड़ेगा। जानकारी के अनुसार योजना के तहत पशु के बीमारी, प्राकृतिक आपदा व अन्य कारण से मृत्यु होने जाने पर अधिकतम 40 हजार रुपए की बीमा राशि दी जाती है। लॉटरी में चयनित पशुओं को पशुपालन विभाग हेल्थ सर्टिफिकेट जारी करता है। पहले फेज के दौरान भी विभाग को 21 हजार पशुओं का बीमा करने का लक्ष्य मिला था। जिसके तहत विभाग ने जिले में लगभग 20 हजार पशुओं का रजिस्ट्रेशन भी कराया था, लेकिन इन रजिस्ट्रेशनों में पशु पालकों के गलफत के कारण लगभग 4 से 5 हजार रजिस्ट्रेशन कैंसिल किए गए थे। यानी विभाग गत सीजन 16 हजार पशुओं का ही आंकड़ा प्राप्त कर सका था। जिसमें सबसे ज्यादा 15 हजार 383 पंजीयन भैंसों के किए गए थे। इसके बाद 2 हजार 990 गाय, 2 हजार 103 बकरी और 656 भेड़ों के रजिस्ट्रेशन किए गए थे। अभी तक 36 प्रतिशत ही कार्य गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभाग को 21 हजार पशुओं का रजिस्ट्रेशन करने का लक्ष्य मिला है। जिसके तहत अभी तक जिले भर में 8,478 पशुओं का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। जिसमें धौलपुर ग्रामीण क्षेत्र में 2,073 तो शहरी क्षेत्र में 169 पशुओं का बीमा योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इसके अलावा राजखेड़ा में ।,266, सैंपऊ में ।,177, सरमथुरा ग्रामीण में 565 तो शहरी में 46, बसेड़ी में 679, बाड़ी में 1063 मनियां में 33 पशुओं का रजिस्ट्रेशन सहित टोटल 7 हजार 71 पशुओं के पंजीयन कराया गया हैं। देखा जाए तो अभी तक लगभग 36 प्रतिशत ही कार्य हो सका है। मार्च 2026 तक रखी है समय सीमा शासन ने योजना के तहत लक्ष्य को हासिल करने के लिए मार्च तक की समय सीमा रखी है। समय सीमा को देखते हुए पशुओं के रजिस्ट्रेशन का कार्य धीमा ही लग रहा है, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी लक्ष्य हासिल नहीं होने पर रजिस्ट्रेशन की समय सीमा को फिर बढ़ा दिया जाएगा, जिससे कि विभाग लक्ष्य को हासिल कर सके। गत वर्ष शुरू हुई मंगला पशु बीमा योजना राज्य सरकार ने मंगला पशु बीमा योजना की शुरुआत गत वर्ष की थी। मंगला पशु बीमा योजना में पशु की अकाल मृत्यु पर जनाधार कार्डधारक पशुपालक को बीमा क्लेम के रूप में 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि योजना में पशुपालकों को किसी भी प्रकार का प्रीमियम भी नहीं देना होता है यानी योजना निःशुल्क है। मंगला पशु बीमा योजना का द्वितीय चरण प्रारंभ मंगला पशु बीमा योजना द्वितीय चरण प्रारंभ हो गया है। पहले चरण की तरह इस चरण में भी लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। जिससे योजना का लाभ अधिक से अधिक पशुपालकों को मिल सके। डॉ. संतराम मीणा, संयुक्त निदेशक पशु चिकित्सालय धौलपुर

महिला बाल विकास मंत्री ने प्रथम दिवस देखी फिल्म, युवाओं से की प्रेरणा लेने की अपील

रायपुर महिला बाल विकास मंत्री ने प्रथम दिवस देखी फिल्म, युवाओं से की प्रेरणा लेने की अपील राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा पर बनी फिल्म ‘शतक’ के रिलीज के पहले दिन महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने फिल्म देखी। इस फिल्म में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा, संगठन की शक्ति, अनुशासन, सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों की समृद्ध परंपरा का भावनात्मक एवं प्रभावशाली चित्रण किया गया है। यह फिल्म राष्ट्र जीवन में संघ के योगदान, त्याग और समर्पण की प्रेरक गाथा को दर्शाती है। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि रिलीज के पहले दिन ‘शतक’ फिल्म देखकर मुझे अत्यंत गर्व और आत्मिक संतोष का अनुभव हुआ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सेवा, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वाेपरि रखते हुए समाज को एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि ‘शतक’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और संगठन की शक्ति का जीवंत दस्तावेज है। राजवाड़े ने प्रदेश के सभी नागरिकों, विशेषकर युवाओं से आग्रह किया है कि वे इस प्रेरणादायी फिल्म को अवश्य देखें और राष्ट्र निर्माण के इस महान विचार से प्रेरणा लें।

सुकमा का ट्रांसफॉर्मेशन—नक्सल प्रभावित क्षेत्र अब बन रहा आत्मनिर्भरता का मॉडल

रायपुर आकांक्षा प्रोजेक्ट के तहत 35 युवा रोजगार हेतु चेन्नई रवाना नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाले सुकमा जिले से आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत 35 युवा (16 युवतियां एवं 19 युवक) प्रतिष्ठित बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार प्राप्त करने हेतु चेन्नई के लिए रवाना हुए। यह अवसर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में युवाओं के सशक्तिकरण की दिशा में संचालित प्रयासों का परिणाम है। जिला प्रशासन द्वारा कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में संचालित ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित युवाओं को लाइवलीहुड कॉलेज परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर युवाओं में उत्साह, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। एमओयू के माध्यम से रोजगार के अवसर जिला प्रशासन ने निजी क्षेत्र में रोजगार के ठोस अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चेन्नई स्थित ड्राइव मैनेजमेंट सर्विसेज के साथ एक विशेष एमओयू किया है। इस साझेदारी के माध्यम से सुदूर अंचलों के युवाओं को राष्ट्रीय स्तर की कंपनियों में रोजगार का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह पहल उन युवाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है, जिन्हें अब तक अवसरों की सीमित उपलब्धता के कारण प्रतिस्पर्धात्मक मंच नहीं मिल पाता था। *महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम* चयनित युवाओं में 16 युवतियों की भागीदारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह पहल न केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन का भी संकेत है। पहली बार जिले से बाहर रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलने से युवाओं में आत्मविश्वास और आत्मसम्मान की भावना सुदृढ़ हुई है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘आकांक्षा – सशक्त युवा, सशक्त सुकमा’ कार्यक्रम केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि युवाओं के आत्मविश्वास को नई उड़ान देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि सुकमा का प्रत्येक युवा कौशलयुक्त बने और उसे आजीविका के लिए श्रेष्ठ मंच प्राप्त हो। ग्राम आसिरगुड़ा, कोंटा निवासी सोड़ी बसंती ने बताया कि यह उनके जीवन का गौरवपूर्ण क्षण है। पहली बार घर से बाहर जाकर रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिला है, जिससे वे अपने परिवार की आर्थिक सहायता कर सकेंगी।बोरगुड़ा निवासी सोनिया नुप्पो ने जिला प्रशासन की इस पहल को सराहनीय बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। गौरतलब है कि सुकमा जिला प्रशासन भविष्य में भी रोजगार मेलों, कौशल विकास प्रशिक्षण एवं उद्योग साझेदारियों के माध्यम से युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल नक्सल प्रभावित क्षेत्र की पहचान से आगे बढ़कर सुकमा को एक सशक्त, आत्मनिर्भर और अवसरों से परिपूर्ण जिले के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर महिला आयोग की सदस्य सुश्री दीपिका सोरी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुंद ठाकुर, लाइवलीहुड कॉलेज के प्रभारी अधिकारी श्री कैलाश कश्यप सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा 7 दिन तक 1.50 लाख रुपए का कैशलेस उपचार

रायपुर पीएम राहत योजना के तहत प्रावधान परिवहन मंत्री  केदार कश्यप के निर्देशानुसार भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश में तैयारी तेज कर दी गई है। इसी क्रम में परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने आज सभी जिले के पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और डायल 112 के अधिकारियों की वर्चुअल बैठक ली। बैठक में सचिव  एस. प्रकाश ने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को योजना के तहत 7 दिनों तक अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए तक का कैशलेस उपचार तुरंत उपलब्ध कराया जाए।  परिवहन मंत्री  केदार कश्यप ने कहा कि प्रदेश के लगभग 1000 अधिकृत अस्पतालों के साथ-साथ अन्य सक्षम अस्पतालों को भी इस योजना से जोड़ा जाए, ताकि जरूरतमंदों को समय पर उपचार मिल सके। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि अस्पतालों के उपचार संबंधी भुगतान 10 दिनों के भीतर कर दिए जाएं। परिवहन सचिव  एस. प्रकाश ने अधिकारियों से कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए जिलों में आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि सड़क दुर्घटना में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि यदि दुर्घटना होती है, तो घायल व्यक्ति को ‘गोल्डन ऑवर’ में त्वरित उपचार मिलना अत्यंत आवश्यक है। योजना का उद्देश्य इसी महत्वपूर्ण समय में उपचार उपलब्ध कराकर पीड़ितों की जान बचाना है। राज्य सरकार द्वारा योजना के त्वरित क्रियान्वयन से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर और निःशुल्क उपचार का लाभ मिल सकेगा, जिससे अनेक बहुमूल्य जीवन बचाए जा सकेंगे। बैठक में एनआईसी के राज्य अधिकारी  अरविंद यादव और  अमित देवांगन ने पावर पॉइंट के माध्यम से प्रस्तुति और वीडियो के माध्यम से योजना के बेहतर क्रियान्वयन की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, डायल 112 और जिला प्रशासन की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की विस्तृत जानकारी दी। वर्चुअल बैठक में बस्तर, मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी सहित सभी जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी एवं संबंधित अधिकारी शामिल हुए। बैठक में उप परिवहन आयुक्त  मनोज कुमार ध्रुव तथा अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) से  दिनेश टांक भी उपस्थित थे।

कोटा में 22 बीघा वन भूमि पर बने हिस्ट्रीशीटर के अवैध निर्माण ध्वस्त

कोटा. राजस्थान में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का सिलसिला जारी है। कोटा शहर में शुक्रवार सुबह वन विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए रानपुर थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क के अवैध अतिक्रमण को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त किया। टीम ने वन विभाग की जमीन पर किए गए पक्के और कच्चे निर्माण को हटाया। डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क ने लंबे समय से वन विभाग की करीब 22 बीघा जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था। ​हिस्ट्रीशीटर ने सरकारी जमीन पर मकान, बाड़े और खेती जैसी गतिविधियाँ संचालित कर रही थी। ऐसे में कोटा शहर पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस जाब्ते की मौजूदगी अतिक्रमण हटाया और सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। आगे भी जारी रहेगा अभियान उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से हार्डकोर अपराधियों और अवैध कब्जाधारियों को सख्त संदेश दिया जा रहा है कि कानून सर्वोपरि है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और माफिया तत्वों पर लगाम कसने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अवैध हथियारों के साथ किया था गिरफ्तार गौरतलब है कि रानपुर थाना पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर कालू भड़क को 12 फरवरी को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से 7 हथियार और 27 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इनमें दो देसी पिस्टल मय मैगजीन, चार अतिरिक्त मैगजीन तथा पांच देसी कट्टे शामिल थे।