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दिल्ली में बड़ा खतराः लाल किला और चांदनी चौक के मंदिर पर लश्कर ए तैयबा का धमाका अलर्ट

नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर आतंकवादियों के निशाने पर है. खुफिया विभाग के सूत्रों ने एक हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आंतकी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के सामने IED हमले की साजिश रच रहे हैं. सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित इस आतंकी संगठन ने चांदनी चौक इलाके में स्थित प्रमुख मंदिरों को भी टारगेट करने की योजना बनाई है. यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अभी चल रही है, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी. खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि लश्कर-ए-तैयबा भारत में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है. सूत्रों का कहना है कि लश्कर ने कश्मीर में बिलाल मस्जिद हमले का बदला लेने के लिए दिल्ली को चुना है, जहां नवंबर 2025 के ब्लास्ट के बाद एक वायरल पोस्ट में LeT ने जिम्मेदारी ली थी. उस पोस्ट में कहा गया था, ‘नई दिल्ली पर हमला लश्कर-ए-तैयबा के बहादुर शेरों ने किया है. यह कश्मीर में शहीदों का बदला है. हम हर मस्जिद के ईंट का बदला लेंगे और हर मंदिर तक पहुंचेंगे.’ लाल किले के सामने IED हमले की साजिश अलर्ट के अनुसार, लश्कर के स्लीपर सेल दिल्ली के लाल किले के मुख्य द्वार के पास भीड़भाड़ वाले इलाके में IED प्लांट करने की योजना बना रहे हैं. लाल किला पहले भी आतंकी हमलों का शिकार रहा है. दिसंबर 2000 में LeT ने लाल किले पर हमला किया था, जिसमें तीन लोग मारे गए थे. नवंबर 2025 के कार ब्लास्ट में भी लाल किले के पास मेट्रो स्टेशन के बाहर विस्फोट हुआ था, जिसमें 13 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हुए थे. जांच एजेंसियों ने इसे ‘आतंकी घटना’ करार दिया था और UAPA (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) के तहत केस दर्ज किया था. खुफिया सूत्रों ने बताया कि लश्कर के हैंडलर्स ISI (इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस) की मदद से पंजाब स्थित गैंगस्टरों के साथ मिलकर IED सप्लाई कर रहे हैं. ये IED हाई-इंटेंसिटी वाले हैं, जो वाहनों या बैग्स में छिपाकर लगाए जा सकते हैं. दिल्ली पुलिस ने अलर्ट के बाद लाल किले के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी है. NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडोज, डॉग स्क्वाड और AI आधारित फेशियल रिकग्निशन कैमरे तैनात किए गए हैं. दिल्ली मेट्रो और रेलवे स्टेशनों पर भी हाई अलर्ट है. चांदनी चौक के मंदिर निशाने पर अलर्ट में विशेष रूप से चांदनी चौक इलाके के मंदिरों को खतरा बताया गया है. लाल किले से सटे चांदनी चौक में कई प्राचीन मंदिर जैसे दिगंबर जैन मंदिर, गौरी शंकर मंदिर और सीस गंज गुरुद्वारा हैं. ये जगहें रोजाना हजारों श्रद्धालुओं से भरी रहती हैं, जिससे हमले की स्थिति में बड़ा नुकसान हो सकता है. सूत्रों के मुताबिक, लश्कर के आतंकी IED या सुसाइड बॉम्बर का इस्तेमाल कर इन मंदिरों को निशाना बना सकते हैं. यह साजिश धार्मिक स्थलों को टारगेट कर साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश है. यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब भारत-पाकिस्तान संबंध तनावपूर्ण हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि लश्कर ISI की मदद से भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहा है. जनता से अपील है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और सतर्क रहें. जांच एजेंसियां साजिशकर्ताओं की तलाश में जुटी हैं, और जल्द ही बड़े खुलासे की उम्मीद है.

160 km/h की रफ्तार, 40 मिनट में मेरठ‑दिल्ली: रैपिड रेल से बढ़ेगा यात्रा का रोमांच, पीएम देंगे सौगात

मेरठ  मेरठ और एनसीआर के लिए 22 फरवरी का दिन ऐतिहासिक साबित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नमो भारत रैपिड रेल और मेरठ मेट्रो को जनता को समर्पित करेंगे। इससे दिल्ली से मेरठ के बीच सफर का समय घटकर लगभग 40 मिनट रह जाएगा। शुक्रवार को एनसीआरटीसी ने मीडिया के लिए विशेष ट्रायल रन आयोजित किया। सराय काले खां से दोपहर 12 बजे रवाना हुई नमो भारत ट्रेन ने 160 किमी प्रति घंटा की अधिकतम रफ्तार से दौड़ते हुए मात्र 39 मिनट में बेगमपुल स्टेशन तक का सफर तय किया। यह सफर नॉन-स्टॉप रहा। स्टॉपेज के साथ 55 मिनट में दिल्ली टू मेरठ सामान्य संचालन के दौरान ट्रेन प्रत्येक स्टेशन पर लगभग एक मिनट के ठहराव के साथ करीब 55 मिनट में दिल्ली से मेरठ पहुंचेगी। ट्रायल के दौरान नमो भारत ने सराय काले खां से गाजियाबाद की दूरी लगभग 15 मिनट में पार की और फिर अगले 15 मिनट में मेरठ साउथ पहुंच गई। वहां से कुछ ही मिनटों में शताब्दीनगर को पार करते हुए बेगमपुल स्टेशन पहुंच गई। इस तेज रफ्तार और समयबद्ध संचालन से रोजाना दिल्ली-गाजियाबाद आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। ट्रायल के दौरान 120 की स्पीड से दौड़ी मेरठ मेट्रो बेगमपुल स्टेशन का दृश्य बेहद आकर्षक रहा। जमीन से लगभग 70 मीटर नीचे बने इस अंडरग्राउंड स्टेशन पर एक ओर नमो भारत खड़ी थी तो सामने मेरठ मेट्रो इंटरचेंज के लिए तैयार दिखाई दी। फ्लोरोसेंट ग्रीन, ब्लू और ऑरेंज थीम वाली तीन कोच की मेरठ मेट्रो 120 किमी प्रति घंटा की रफ्तार तक पहुंचने में सक्षम है। बेगमपुल से मेरठ साउथ तक का सफर मेट्रो से करीब 10 मिनट में पूरा होगा। बिजली बचाने का रोल मॉडल बनेगी रैपिड रेल मेरठ साउथ से नमो भारत के जरिए सात स्टेशनों को पार कर सीधे आनंद विहार तक पहुंचा जा सकेगा। आनंद विहार आरआरटीएस स्टेशन, आईएसबीटी और मेट्रो स्टेशन आपस में जुड़े हुए हैं, जिससे यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी मिलेगी। 82 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया गया है। स्टेशन और डिपो की छतों पर सौर पैनल लगाए गए हैं, जिनसे 15 मेगावॉट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य है। वर्तमान में 5.5 मेगावॉट ऊर्जा तैयार की जा रही है। भविष्य में 110 मेगावॉट का कैप्टिव सोलर प्लांट स्थापित किया जाएगा, जो कुल बिजली जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा पूरा करेगा। इससे हर वर्ष करीब 1.77 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी। पर्यावरण संतुलन की मिसाल बनेंगे स्टेशन साहिबाबाद और गुलधर स्टेशन देश के पहले ऐसे स्टेशन हैं जिन्हें आईजीबीएस नेट जीरो एनर्जी (ऑपरेशन) रेटिंग प्राप्त हुई है। इन स्टेशनों पर जितनी बिजली खपत होती है, उतनी ही सौर ऊर्जा से उत्पादन कर ग्रिड को वापस भेज दी जाती है। साथ ही, पूरे कॉरिडोर में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था की गई है, जिससे पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। नमो भारत और मेरठ मेट्रो के संचालन से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि यह परियोजना आधुनिक, तेज और पर्यावरण अनुकूल सार्वजनिक परिवहन का नया मॉडल भी बनेगी।

मतदाता सूची अपडेट: भोपाल में 3.80 लाख नाम हटाए गए, 120+ उम्र के 125 वोटर्स अब नहीं होंगे शामिल

भोपाल  स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत नाम जोड़ने, हटाने के लिए बुलाए गए दावे-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज शनिवार को मध्य प्रदेश में मतदाताओं की स्थिति साफ हो जाएगी। जिलों में निर्वाचन अधिकारी मतदाता सूची का प्रकाशन कर बताएंगे कि किस विधानसभा सीट में कितने मतदाताओं के नाम काटे और जोड़े गए हैं। इसके बाद अब चुनाव आयोग की एसआईआर की कार्यवाही भी कम्प्लीट हो जाएगी। अब ऑनलाइन आवेदन के माध्यम से नाम जोड़ने और हटवाने की प्रक्रिया चलती रहेगी। एसआईआर की कार्यवाही पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत उनके मंत्रियों के क्षेत्र से 8 लाख 20 हजार 255 नाम काटे गए थे। इसके बाद नए नाम जोड़ने को लेकर तय समय-सीमा में सिर्फ 1 लाख 69 हजार 753 आवेदन जमा किए गए। सबसे अधिक नाम मंत्री कृष्णा गौर और विश्वास सारंग के विधानसभा क्षेत्र से कटे थे उसी तरह नए नाम जोड़ने के लिए सबसे अधिक आवेदन जमा हुए थे। पूरे प्रदेश की बात करें तो 42 लाख 74 हजार से अधिक नाम काटने की कार्यवाही एसआईआर में की गई और इसके विपरीत नए नाम जोड़ने के लिए सिर्फ 9 लाख 89 हजार 991 लोगों ने आवेदन जमा किए गए थे। नए नाम जोड़ने के लिए जिन विधानसभा क्षेत्रों में दस हजार से अधिक आवेदन जमा किए गए थे, उसमें मंत्री कृष्णा गौर की गोविंदपुरा विधानसभा सीट सबसे आगे है। यहां 17888 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए। इसके बाद मंत्री विश्वास सारंग की सीट नरेला में 15115 नए नाम जोड़ने के आवेदन आए थे। भोपाल जिले की हुजूर विधानसभा सीट जिसके विधायक रामेश्वर शर्मा हैं, वहां से 13024 नए नाम जोड़ने के आवेदन आए। इंदौर जिले में इंदौर 2 विधानसभा सीट से 10446 और इंदौर 5 विधानसभा क्षेत्र से 11040 नाम जोड़ने के लिए आवेदन जमा कराए गए। राऊ सीट के लिए 12700, नागदा खाचरौद सीट के लिए 11047 आवेदन जमा कराए गए। भोपाल में 120+ उम्र के 125 वोटर्स स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) में भोपाल की वोटर संख्या को लेकर तस्वीर साफ हो गई है। पहले सर्वे और फिर दावे-आपत्तियों की सुनवाई के बाद वोटर लिस्ट से 3.80 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह की अध्यक्षता में स्टैंडिंग कमेटी की बैठक होगी। बता दें, 23 दिसंबर को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया। इसके बाद 22 जनवरी तक बूथ लेवल ऑफिसर यानी, बीएलओ अपने-अपने बूथ पर बैठें। इस दौरान उन्होंने नए फॉर्म 6, 7 और 8 प्राप्त किए। एसआईआर में जिन मतदाताओं को 'नो मैपिंग' में रखा गया कि उन्हें नोटिस जारी किए गए और 50 दिन के अंदर उनका रिकॉर्ड देखा। 14 फरवरी तक ये काम पूरा हो गया। अब फाइनल मतदाता सूची शनिवार को जारी होगी। पहले इतनी थी मतदाता संख्या एसआईआर से पहले 27 अक्टूबर 2025 की स्थिति में भोपाल की मतदाता संख्या 21 लाख 25 हजार 908 थी, जो अब 17 लाख 45 हजार 453 हो गई है। इस तरह वोटर लिस्ट से 3 लाख 80 हजार 455 मतदाता कम हो जाएंगे। उम्र के हिसाब से भी आंकड़े जारी होंगे जानकारी के अनुसार, शनिवार को फाइनल वोटर लिस्ट में उम्र के हिसाब से भी आंकड़े जारी होंगे। इनमें शतक यानी, 100 या इससे अधिक उम्र के मतदाताओं की संख्या भी सामने आएगी। इस उम्र की कैटेगिरी में करीब 125 मतदाता हैं। सबसे कम आवेदन वाले विधानसभा में राजनगर और बीना का नाम छतरपुर जिले के राजनगर विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के लिए सबसे कम 1138 आवेदन आए थे। राजनगर कांग्रेस के पूर्व एमएलए विक्रम सिंह नातीराजा का क्षेत्र है। इसके साथ ही बीजेपी में शामिल होने को लेकर विवादों में चल रही कांग्रेस की एमएलए निर्मला सप्रे भी उन विधायकों में शामिल हैं जिनके यहां नए नाम जोड़ने के लिए कम आवेदन जमा हुए थे। बीना विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर के बाद नाम जोड़ने के लिए 1288 आवेदन जमा हुए। इन विधानसभा सीट में भी दो हजार से कम आवेदन आए चुनाव आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक टिमरनी विधानसभा सीट से 1463 आवेदन मिले थे। भगवानपुरा सीट से 1556 और रतलाम ग्रामीण के लिए 1629 आवेदन जमा कराए गए तो जावद सीट के लिए 1649 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए। छतरपुर जिले की मलहरा विधानसभा सीट से 1742 आवेदन आए। पूर्व मंत्री बिसाहू लाल सिंह की सीट अनूपपुर से 1750 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए मिले थे। वहीं शमशाबाद विधानसभा सीट के लिए 1781 आवेदन जमा किए गए। भीकनगांव के लिए 1794, बदनावर सीट से 1799, बड़वाह सीट के लिए 1838 आवेदन नए नाम जोड़ने के लिए आए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के विधानसभा क्षेत्र से 1934 आवेदन जमा हुए थे। मंत्री कृष्णा और सारंग के क्षेत्र में सबसे अधिक नाम कटे एसआईआर में सबसे अधिक नाम गोविन्दपुरा से विधायक और मोहन सरकार में मंत्री कृष्णा गौर के क्षेत्र से काटे गए थे। भोपाल जिले की इस विधानसभा सीट से 97052 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। दूसरे स्थान पर इंदौर-5 से बीजेपी विधायक महेंद्र हार्डिया का विधानसभा क्षेत्र है। मोहन सरकार के मंत्री विश्वास सारंग और कैलाश विजयवर्गीय के क्षेत्र से 81235 और 75014 वोटर्स के नाम काटे गए। एसआईआर में सबसे कम 6034 नाम नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर विधानसभा क्षेत्र से कटे। एसआईआर ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद जो रिपोर्ट सामने आई थी उसके अनुसार मोहन सरकार के पांच मंत्रियों के क्षेत्र में 50 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। इसमें भोपाल के दो विधानसभा क्षेत्र गोविन्दपुरा और नरेला, इंदौर के इंदौर-1, ग्वालियर जिले की ग्वालियर विधानसभा, ग्वालियर दक्षिण विधानसभा, इंदौर जिले की इंदौर -1 विधानसभा शामिल है। मुख्यमंत्री के यहां 37728, विस अध्यक्ष के यहां 13920 नाम कटे थे एसआईआर के ड्राफ्ट प्रकाशन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की विधानसभा सीट उज्जैन दक्षिण से 37728 वोटर्स के नाम काटे गए हैं। मुरैना जिले के दिमनी विधानसभा सीट से विधायक और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के क्षेत्र के 13920 मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटे हैं। कांग्रेस के विधायक और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के विधानसभा क्षेत्र गंधवानी से 14712 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। अटेर विधानसभा कांग्रेस … Read more

साध्वी की मौत का खुलासा! 18 दिन की पड़ताल में CCTV और कॉल डिटेल से सामने आया सच

 जोधपुर राजस्थान की चर्चित युवा साध्वी प्रेम बाईसा का मौत को लेकर सवालों का सैलाब उमड़ पड़ा था. क्या उनकी मौत के पीछे कोई साजिश थी? क्या उन्हें जहर दिया गया? या फिर कोई मेडिकल लापरवाही? 18 दिनों तक चली लंबी और पेचीदा जांच, 44 गवाहों के बयान, 106 लोगों की कॉल डिटेल, 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज और 37 से अधिक विसरा नमूनों की पड़ताल के बाद आखिरकार जोधपुर पुलिस ने इस राज से पर्दा उठा दिया. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. क्योंकि मौत की वजह भले सामने आ गई हो, इंजेक्शन का सच सामने आना अभी बाकी है. एक लंबी और चुनौतीपूर्ण तफ्तीश के बाद राजस्थान की मशहूर साध्वी प्रेम बाईसा के मौत के रहस्य से आखिरकार पर्दा हट ही गया. इस मामले में फाइनल ओपिनियन के लिए जोधपुर पुलिस को फॉरेंसिक साइंस लैब्रोटरी यानी एफएसएल की रिपोर्ट का इंतजार था. उस रिपोर्ट के बाद पुलिस ने इसे लेकर फिर से मेडिकल एक्सपर्ट्स से चर्चा की और आखिरकार प्रेम बाईसा की मौत के सच का खुलासा कर दिया.  28 जनवरी को हुई प्रेम बाईसा की मौत के बाद से ही इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म था. प्रेम बाईसा के अनुयायी तो खैर इस मामले में इंसाफ की मांग कर ही रहे थे, खुद प्रेम बाईसा के पिता वीरमनाथ भी बार-बार इस मामले में साजिश की आशंका जताते हुए अपनी बेटी के लिए न्याय मांग रहे थे, ऐसे में पुलिस ने पहले डॉक्टरों के बोर्ड से उनके शव का पोस्टमार्टम करवाया और फिर हिस्टोपैथोलॉजिकल जांच के लिए उनके विसरा के नमूनो को स्टेट फॉरेंसिक साइंस लैब्रोटरी जयपुर भेजा, जिसकी रिपोर्ट 16वें दिन सामने आ गई और 18वें दिन जोधपुर पुलिस ने इस केस को एक तरह से कनक्लूड कर दिया. पुलिस की मानें तो साध्वी प्रेम बाईसा के साथ ना तो कोई साजिश हुई, ना उनके साथ मौत से पहले कोई सेक्सुअल ऑफेंस हुआ और ना ही उन्होंने खुदकुशी की, बल्कि उनकी मौत की वजह कार्डिएक और पल्मॉनरी अरेस्ट बनी. कार्डियो पल्मनॉरी अरेस्ट से मौत बोले तो दिल की धड़कनों का और सांस लेने की क्रिया रुकने के चलते हुई मौत. पुलिस ने साफ किया कि उन्हें पहले से फेफड़े से संबंधित बीमारी थी, ऐसे में कार्डियो पल्मनॉरी अरेस्ट जानलेवा बन गई.  वैसे तो इस मामले में कई पेच थे, लेकिन सबसे बड़ा पेच साध्वी को मौत से ऐन पहले लगाए गए इंजेक्शन का ही था. क्योंकि सामने आई खबरों के मुताबिक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद ही उनकी तबीयत एकाएक बिगड़ी और जब तक उनके पिता और आश्रम के लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक उनकी जान चली गई. ऐसे में इंजेक्शन में दी गई दवाओं की जांच के साथ-साथ पुलिस के लिए उस कंपाउंडर की भूमिका की पड़ताल भी जरूरी थी. पुलिस ने इस दिशा में जांच की भी और शुरुआती तफ्तीश में उसे कंपाउंडर की लापरवाही का पता चला. आपको याद होगा कि 28 जनवरी को साध्वी की तबीयत बिगड़ने पर जोधपुर के एक कंपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित को आश्रम की ओर से साध्वी के इलाज के लिए बुलाया गया था और तब देवी सिंह दो दवाओं के साथ साध्वी के पास पहुंचा था. साध्वी को ये दवाएं पहले भी दी जाती रही हैं. इन दवाओं में डेक्सोना और डायनापार शामिल हैं, लेकिन गौर करने वाली बात ये है कि से शेड्यूल एच की दवाएं हैं, जिन्हें बिना किसी मेडिकल प्रैक्टिशनर यानी डॉक्टर की इजाजत या देख-रेख के बगैर दिए जाने की मनाही है. इसके बावजूद देवी सिंह राजपुरोहित ने ना सिर्फ साध्वी को इन दो दवाओं का इंजेक्शन दिया, बल्कि वो बगैर किसी प्रैस्क्रिप्शन यानी डॉक्टर की पर्ची के खुद ही ये दवाएं लेकर साध्वी के पास पहुंचा था, जो की एक गैरकानूनी हरकत है. जोधपुर पुलिस ने साफ किया कि कंपाउंडर की लापरवाही को लेकर पुलिस ने नए सिरे से मेडिकल बोर्ड से उनकी राय मांगी है, ताकि ये साफ हो सके कि क्या कपाउंडर देवी सिंह राजपुरोहित की ओर से दिया गया इंजेक्शन ही उनकी मौत की वजह बनी या नहीं? पुलिस ने कहा कि इस मामले में मेडिकल बोर्ड की राय आने के बाद ही देवी सिंह राजपुरोहित के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी. साध्वी को 28 जनवरी को 2 इंजेक्शन लगाए गए थे. डायनापार और डेक्सोना. डायनापार यानी डाइक्लोफिनैक और डेक्सोना यानी डेक्सामेथासोन. तेज दर्द, सूजन, चोट और सर्जरी के बाद होने वाले दर्द से निजात दिलाने वाली ये दवाएं आम तौर पर एक साथ दी जाती हैं. लेकिन इसकी शर्त है कि इन्हें डॉक्टर की निगरानी में ही दिया जाना जरूरी है. क्योंकि इन्हें दी जाने में बरती गई मामूली लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. एक्सपर्ट बताते हैं कि कभी-कभार एक ही सीरींज से डाइक्लोफिनैक और डेक्सामेथासोन का इंजेक्शन मरीज के लिए खतरनाक कार्डियोवैस्कुलर इवेंट यानी हार्टफेल की वजह बन जाती है. कई बार इन दवाओं से पेट से संबंधी समस्याएं, सिर चकराने, सिर दर्द या इनफेक्शन यानी संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. यही वजह है कि ये दवाएं सिर्फ डॉक्टर की निगरानी में ही दी जाने की बात कही जाती है. लेकिन साध्वी प्रेम बाईसा के मामले में डॉक्टर की निगरानी वाली बात की अनदेखी की गई. अब सवाल यही है कि क्या साध्वी के शरीर में इन दो दवाओं का रिएक्शन हो गया, जिसके चलती उनकी जान चली गई? पुलिस फिलहाल ये पता लगाने में जुटी है. फिलहाल इंजेक्शन लगाने वाला कपाउंडर बेशक डॉक्टर की पर्ची के मुताबिक ही इंजेक्शन लगाने की बात कह रहा है, लेकिन ये भी सच है कि वो पर्ची पुरानी थी. साध्वी ने 28 जनवरी को किसी डॉक्टर से कोई सलाह नहीं ली थी. अजमेर से प्रोग्राम कर लौटने के बाद जब साध्वी की तबीयत बिगड़ी, तो उन्होंने अपने पिता से ट्रिटमेंट करवा देने की बात कही थी. हालांकि अस्पताल जाने के पिता की पेशकश को उन्होंने ठुकरा दिया था. एफएसएल और हिस्टोपैथोलॉजिकल रिपोर्ट के सामने आने के बाद साध्वी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बनी असमंजस की स्थिति भी काफी हद तक साफ हो गई है. क्योंकि इन रिपोर्ट में बताया गया है कि साध्वी के शरीर में ना तो अंदरुनी या बाहरी चोट के निशान थे और ना ही उनके शरीर में … Read more

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज जन्मदिन पर करेंगे गृह ग्राम में अनुष्ठान

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आज 62वां जन्मदिन है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री आज जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे और अपना जन्मदिन अपने गृह ग्राम बगिया में धार्मिक अनुष्ठान के साथ मनाएंगे। तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री साय सुबह मुख्यमंत्री निवास सिविल लाइन रायपुर से रवाना होकर पुलिस ग्राउंड हेलीपैड से हेलीकॉप्टर द्वारा बगिया के लिए प्रस्थान करेंगे। बगिया हेलीपैड पर आगमन के बाद वे अपने निज निवास पहुंचेंगे, जहां जन्मदिन के अवसर पर सत्यनारायण व्रत कथा का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री साय अपराह्न 3.40 बजे बगिया से प्रस्थान कर हेलीकॉप्टर से रायपुर लौटेंगे और शाम करीब 5.20 बजे मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे। निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन नहर पारा विकास समिति द्वारा गुरुनानक चौक स्थित लाइंस क्लब परिसर में एक निशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित रहेगा। नाट्य मंचन ‘जाणता राजा’ तीसरा नाट्य मंचन ‘जाणता राजा’ का तीसरा प्रदर्शन नाट्य मंडली पुणे एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा किया जाएगा। यह भव्य मंचन साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित होगा। कार्यक्रम शाम 6.30 बजे से प्रारंभ होगा।

शिक्षक बनने का सुनहरा मौका: छत्तीसगढ़ में 5000 पदों पर भर्ती की तैयारी

रायपुर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता एवं सहायक शिक्षक विज्ञान (प्रयोगशाला) के कुल 5000 पदों पर भर्ती का विज्ञापन शीघ्र ही जारी किया जाएगा। शासन ने परीक्षा आयोजन के लिये छत्तीसगढ़ व्यापम को अधिकृत किया है एवं विभाग द्वारा विज्ञापन जारी करने संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण कर आवश्यक प्रपत्र व्यापम को उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही सीधी भर्ती 2023 की भर्ती प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार स्कूल शिक्षा विभाग में 5,000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया फरवरी 2026 में शुरू करने जा रही है। इन पदों के लिए चयन व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद यह भर्ती राज्य के विभिन्न स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए की जा रही है। शिक्षा विभाग के इस फैसले से राज्य भर के सरकारी स्कूलों में टीचरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी । भर्ती प्रक्रिया के बारे में डिटेल्ड गाइडलाइंस आने वाले दिनों में जारी की जाएगी। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के माध्यम से न केवल हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। खास बात यह है कि इसमें व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक और प्रयोगशाला सहायक जैसे कई पद शामिल किए जा रहे हैं, जिससे अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवारों को अवसर मिलेगा। ज्ञातव्य है कि स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षक सीधी भर्ती 2023 अंतर्गत सहायक शिक्षक पद के पांचवें चरण की भर्ती प्रक्रिया में माननीय न्यायालय के निर्देशानुसार सेवा समाप्त किये गये 2621 बी.एड. अर्हताधारियों के स्थापन पर डीएड अर्हताधारियों अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर प्रदान किया गया है।

छत्तीसगढ़ रेल मार्ग पर असर: वॉशेबल एप्रन कार्य के चलते 10 ट्रेनें रद्द, 18 का बदला रूट

बिलासपुर  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मंडल के गोंदिया स्टेशन में वॉशेबल एप्रन कार्य का हवाला दे रेलवे प्रबंधन ने दस यात्री ट्रेनों को निरस्त किया है, वहीं 18 ट्रेनें इस दौरान परिवर्तित मार्ग से चलेंगी. रद्द होने वाली गाड़ियां     03 से 22 मई तक टाटानगर से छूटने वाली 18109 टाटानगर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस नहीं चलेगी.     05 से 24 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 18109 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-टाटानगर एक्सप्रेस नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक डोंगरगढ़ से छूटने वाली 68711 डोंगरगढ़-गोंदिया पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68712 गोंदिया-डोंगरगढ़ पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68713 गोंदिया-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 68716 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-गोंदिया पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 68714 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-बालाघाट पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक बालाघाट से छूटने वाली 68715 बालाघाट-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)- पैसेंजर नहीं चलेगी.     03 से 22 मई तक रायपुर से छूटने वाली 58205 रायपुर-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) पैसेंजर नहीं चलेगी.     04 से 23 मई तक नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 58206 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रायपुर पैसेंजर नहीं चलेगी. परिवर्तित मार्ग से चलने वाली गाड़ी     02, 04, 06, 09, 11, 13, 16 एवं 18 मई को रीवा से छूटने वाली 11754 रीवा-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट-नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) होकर चलेगी.     03, 05, 07, 10, 12, 14, 17 एवं 19 मई को नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) से छूटने वाली 11753 नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी)-रीवा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जबलपुर-नैनपुर-बालाघाट- नेताजी सुभाष चंद्र बोस (इतवारी) होकर चलेगी. बीच में समाप्त होने वाली गाड़ियां     02 से 22 मई तक बरौनी से छूटने वाली 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस दुर्ग एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 23 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 15232 गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस गोंदिया एवं दुर्ग के बीच रद्द रहेगी.     02 से 22 मई तक मुंबई से छूटने वाली 12105 मुंबई-गोंदिया एक्सप्रेस अंजनी एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 23 मई तक बरौनी से छूटने वाली 12106 गोंदिया-मुंबई एक्सप्रेस गोंदिया एवं अंजनी के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक जबलपुर से छूटने वाली 51707 जबलपुर-गोंदिया एक्सप्रेस बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 51708 गोंदिया-जबलपुर एक्सप्रेस गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68813 गोंदिया-तिरोड़ी मेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक तिरोड़ी से छूटने वाली 68814 तिरोड़ी-गोंदिया मेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68809 गोंदिया-तिरोड़ी मेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक तिरोड़ी से छूटने वाली 68810 तिरोड़ी-गोंदिया मेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 68811 गोंदिया-कटंगी मेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 68812 कटंगी-गोंदिया मेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 78803 गोंदिया-कटंगी डेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 78804 कटंगी-गोंदिया डेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 78805 गोंदिया-कटंगी डेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 78806 कटंगी-गोंदिया डेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक गोंदिया से छूटने वाली 78809 गोंदिया-कटंगी डेमू गोंदिया एवं बिरसोला के बीच रद्द रहेगी.     03 से 22 मई तक कटंगी से छूटने वाली 78810 कटंगी-गोंदिया डेमू बिरसोला एवं गोंदिया के बीच रद्द रहेगी.  

आज खत्म होगा झारखंड निकाय चुनाव का प्रचार, 23 फरवरी को मतदाता करेंगे फैसला

रांची झारखंड के 48 नगरीय निकायों में होने वाले चुनाव के तहत सोमवार 23 फरवरी को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। इससे पहले चुनाव प्रचार की समय सीमा शनिवार 21 फरवरी की शाम को समाप्त हो जाएगी। यानी इसके बाद चुनाव प्रचार थम जाएगा, हालांकि उम्मीदवार इसके बाद मतदाताओं से व्यक्तिगत रूप से घर-घर पहुंचकर जनसंपर्क कर सकेंगे। उधर धनबाद में इंडिया गठबंधन के दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव मैदान में हैं जिससे मुकाबला रोचक होने की उम्मीद है। झारखंड में नगरीय निकायों के चुनाव के लिए प्रचार का सिलसिला चरम पर पहुंच गया है। शनिवार को शाम 5 बजे प्रचार का शोर थम जाएगा। वोटिंग 23 फरवरी को होगी। झारखंड में 48 नगरीय निकायों के चुनाव 23 फरवरी को होने हैं। इन निकायों में राजधानी रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बोकारो और देवघर जैसे बड़े शहरों के नगर निगम भी शामिल हैं। नगरीय निकायों के चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन चुनावों के नतीजों से इस बात का परीक्षण होगा कि राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाला सत्ताधारी इंडिया गठबंधन जिसमें कांग्रेस सहित कुछ और दल शामिल है, किस स्थिति में है। बीजेपी इस चुनाव में काफी जोर लगा रही है। धनबाद नगर निगम के चुनाव में राज्य के सत्ताधारी इंडिया गठबंधन में शामिल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार तय करने के बजाय अपने-अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। यानी राज्य की सत्ता में शामिल ये सभी दल धनबाद में एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसी स्थिति कुछ अन्य निकायों के चुनाव में भी देखी जा रही है। उम्मीदवार राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि सभी को अलग चिह्न आवंटित किए गए हैं। खास तौर पर नगर निगमों की सत्ता पर कब्जा करने के लिए सभी मुख्य पार्टियां जोर लगा रही हैं। निकाय चुनाव घोषित तौर पर तो गैर दलीय आधार पर हो रहे हैं, लेकिन वास्तव में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों की ओर से समर्थित उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हो रहा है।

मेरठ में पीएम मोदी की जनसभा आज, शहर में लागू हुआ रूट डायवर्जन प्लान

मेरठ मेरठ में 22 फरवरी को प्रस्तावित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक डायवर्जन प्लान जारी किया है। इसके तहत कार्यक्रम के दिन भारी वाहनों (कमर्शियल) के साथ-साथ निजी कारों और बसों के लिए भी रास्तों में बदलाव किया गया है। यह प्लान सुबह 08:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक पूरी तरह प्रभावी रहेगा। गाजियाबाद से मेरठ: राजनगर एक्सटेंशन, दुहाई, मुरादनगर और मोदीनगर से मेरठ की ओर आने वाले भारी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। ये वाहन दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे या पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे का उपयोग कर सकेंगे।  मुजफ्फरनगर से मेरठ: सठेड़ी पुलिस चौकी पुल से भारी वाहन एनएच-58 होकर अपने गंतव्य को जा सकेंगे।  मुरादाबाद/हापुड़ से मेरठ: टियाला अंडरपास से भारी वाहन किठौर और परीक्षतगढ़ होते हुए बिजनौर या मुजफ्फरनगर की ओर निकाले जाएंगे।  शहर के अंदर: बिजली बम्बा चौराहा से शाप्रिक्स माॅल की ओर सभी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। परतापुर इंटरचेंज और काशी टोल प्लाजा पर भी भारी वाहनों के लिए विशेष पाबंदियां रहेंगी। मेरठ-परतापुर से मोदीनगर की ओर जाने वाली सड़क रहेगी बंद मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन: मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन मेरठ शहर से रुड़की रोड, मोदीपुरम पुल, सरधना पुल, रोहटा पुल, बागपत पुल- एनएच-58 से काशी टोल प्लाजा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे होते हुए जा सकेगे। मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन :  बिजली बंबा चौराहे से होते हुए हापुड़ से दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे मार्ग से भी दिल्ली जा सकेगे। दिल्ली से मेरठ शहर में आने वाले वाहन: दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे से काशी टोल प्लाजा से एनएच-58 होते हुए बागपत पुल, रोहटा पुल, सरधना पुल, मोदीपुरम, रुड़की रोड होते हुए मेरठ शहर में आ सकेगे। दिल्ली से मेरठ शहर आने वाले वाहन : दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे होते हुए हापुड़ से बिजली बंबा चौराहे से भी मेरठ शहर में आ सकेगे। मेरठ से दिल्ली आने व जाने वाले वाहन : परतापुर इन्टरचेंज से दिल्ली रोड होते हुए मेरठ शहर में प्रवेश नहीं कर सकेगे। यातायात प्रबंधन के दौरान किसी भी प्रकार की आपात कालीन सेवाऐ एवं एम्बुलेंस बाधित नहीं रहेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रमण कार्यक्रम के कारण मेरठ-परतापुर से मोदीनगर की ओर कोई भी वाहन नहीं चलेगा। मेरठ-मोदीनगर-दिल्ली मार्ग बंद रहेगा। अभी तक दिल्ली के न्यू अशोक नगर तक पहुंच रही नमो भारत रेल अगले तीन दिनों में सराय काले खां तक पहुंचने लगेगी। इससे यात्रियों की नमो रेल के साथ भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो और बस तक सीधी पहुंच होगी। शुक्रवार को इस ट्रेन का ट्रायल रन होगा। अधिकारियों का कहना है कि शुक्रवार पहली बार नमो रेल सरायकाले खां से बेगमपुल तक चलेगी।उद्घाटन के साथ ही आम लोग के लिए कॉरिडोर खोल दिया जाएगा जिससे सराय काले खां मेगा ट्रांसपोर्ट हब से यात्री अपनी मंजिल के लिए आसानी से दूसरा वाहन पकड़ सकेंगे। मेरठ साउथ नमो स्टेशन से आगे बेगमपुल स्टेशन तक जाना भी संभव होगा।   बस, कार और निजी वाहनों के लिए मार्ग  दिल्ली/गाजियाबाद से: मोदीनगर से कादराबाद पुलिस चौकी से आगे बाएं मुड़कर कार/बस पार्किंग स्थल की ओर जा सकेंगे।  मुजफ्फरनगर/शामली से: गंगनहर पटरी होते हुए सिवालखास पुल से बाएं मुड़कर पार्किंग की ओर जा सकेंगे।  हापुड़ से: थाना खरखौदा तिराहे से मोहिउद्दीनपुर होते हुए पार्किंग स्थल पहुंचेंगे।  मवाना/परीक्षितगढ़ से: मवाना से आने वाले वाहन दौराला और गंगनहर पटरी मार्ग से होते हुए सिवालखास पुल के रास्ते पार्किंग तक जा सकेंगे। बार-बार बदलता रहा ट्रैफिक प्लान यातायात पुलिस ने बृहस्पतिवार देर रात करीब 10 बजे ट्रैफिक प्लान जारी किया था। इसके कुछ देर बाद इस प्लान को बदल दिया गया और रात 12 बजे नया प्लान जारी किया। इसके कुछ देर बाद इसमें भी संशोधन कर दिया गया।  

मध्य प्रदेश को मिलेगी नई रेललाइन, 108 गांव होंगे प्रभावित; सरकार ने तय की 2030 की डेडलाइन

इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर से बुदनी के बीच बन रही नई ब्रॉडगेज रेल लाइन रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। पहले से ही करीब पांच साल देरी का सामना कर रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति जमीन अधिग्रहण की सुस्त प्रक्रिया के कारण थमी हुई है। कई गांवों में मुआवजा और सीमांकन संबंधी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पाने से निर्माण कार्य तय गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा। हालात ऐसे हैं कि अब इस रेल लाइन को पूरा करने का लक्ष्य बढ़ाकर साल 2030 तक कर दिया गया है। जिससे क्षेत्रवासियों को सीधी रेल कनेक्टिविटी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। परियोजना में खर्च हो चुके हैं 2 हजार करोड़ यह 205 किमी का सेक्शन 342 किमी लंबी इंदौर-जबलपुर नई विद्युत रेल लाइन परियोजना का अहम हिस्सा है, जिसे 2016-17 में मंजूरी मिली और 2018 में काम शुरू हुआ। शुरुआती लक्ष्य 2024-25 था, लेकिन फंड की कमी, जमीन अधिग्रहण और न्यायिक अड़चनों के कारण अब नई समयसीमा 2029-30 तय की गई है। करीब 7,400 करोड़ रुपए की इस परियोजना पर अब तक लगभग 2,000 करोड़ खर्च हो चुके हैं और प्रगति 30% दर्ज की गई है। निर्माण कार्य रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा तीन पैकेज में किया जा रहा है-मांगलिया गांव से खेरी, खेरी से पीपलिया नानकर और पीपलिया नानकर से बुदनी का काम चल रहा है। 75 किमी कम होगा सफर नई लाइन बनने के बाद इंदौर से जबलपुर की दूरी करीब 75 किमी कम हो जाएगी। अभी यात्रियों को भोपाल होकर लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। नई कनेक्टिविटी से समय की बचत होगी और ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 130 किमी प्रति घंटा तक हो सकेगी। इससे मालवा और महाकौशल क्षेत्र के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा, साथ ही माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।   परियोजना में 80 सुरंगें परियोजना में 80 बड़े पुल और दो सुरंगें (1.24 किमी और 8.64 किमी) प्रस्तावित हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस रूट पर कोई लेवल क्रॉसिंग नहीं होगी, अंडरपास और ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। सुरंगों का डिजाइन वन्यजीव क्षेत्र को सुरक्षित रखते हुए तैयार किया गया है। योजना के अनुसार 2027-28 में बुदनी से सलकनपुर, 2028-29 में मांगलिया गांव से खेरी और 2029-30 तक पूरा ट्रैक तैयार करने का लक्ष्य है। 108 गांवों की जमीन अधिग्रहित कुल 205 किमी में से 186 किमी राजस्व और सरकारी भूमि का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। शेष वन क्षेत्र की अनुमति मार्च 2025 में मिल गई। 108 गांवों में अधिग्रहण कर लगभग 721 करोड़ रुपए मुआवजा दिया जा चुका है।