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केंद्रीय बजट में महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों के लिए समावेशी दृष्टिकोण : सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। बजट में महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देना सरकार की संवेदनशील एवं दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी, पोषण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बाल संरक्षण से जुड़ी पहलों को मजबूती मिलने से जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन आएगा। इससे न केवल महिलाओं की सामाजिक–आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव भी मजबूत होगी। मंत्री सुश्री भूरिया ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट ‘सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास’ के संकल्प को साकार करेगा, साथ ही राज्यों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में प्रभावी क्रियान्वयन का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार केंद्रीय बजट के प्रावधानों को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।  

सूरजकुंड मेले में उपराष्ट्रपति ने चखा गोहाना का जलेबा का स्वाद

फरीदाबाद. सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव के पहले दिन ही गोहाना का जलेबा ने मेले की चौपाल पर मिठास भर दी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मंच पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण को जलेबा का स्वाद लेने के लिए जलेबा परोसा। सीएम ने कहा कि इसकी मिठास अपनत्व का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जलेबा का स्वाद लेते हुए का कि यह मिठाई नहीं बल्कि हरियाणा की संस्कृति की पहचान और आत्मनिर्भरता की गौरव गाथा है। क्योंकि यह खास जलेबा सिर्फ इसी प्रदेश में मिल सकती है। उपराष्ट्रपति की इस बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जलेबी हमारे प्रदेश की लोकसंस्कृति से भी जुड़ी है। मंच पर मौजूद पर्यटन मंत्री ने कहा कि जलेबा का स्वाद ही ऐसा हैं। जो इसको पूरे देश में खास बना देता हैं। सूरजकुंड मेला हर प्रोडेक्ट को लोकल टू ग्लोबल बना देता हैं। इस मेले में आकर ही गोहाना का जलेबा राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि गोहाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। गोहाना की जलेबी से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। इस दौरान इजिप्ट के एंबेसडर कामिल जायद गलाल और डिप्टी एंबेसडर दालिया तांतवे ने भी जलेबा का स्वाद लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और दर्शकों ने इसे हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया।

विकास और जनकल्याण को समर्पित बजट : जल संसाधन मंत्री सिलावट

भोपाल जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने केंद्रीय बजट 2026-27 का स्वागत करते हुए कहा है कि यह बजट विकास और जनकल्याण को समर्पित है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त किया है और प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। केंद्रीय वित्त मंत्री मती सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का यह बजट देश के समग्र विकास, ग्रामीण सशक्तिकरण, कृषि एवं जल संसाधन प्रबंधन और आधारभूत संरचना के विस्तार की दिशा में सकारात्मक पहल है। बजट में केंद्र प्रायोजित योजनाओं के माध्यम से राज्यों को लाभ पहुँचाने का स्पष्ट दृष्टिकोण दिखाई देता है, जिससे मध्यप्रदेश को व्यापक लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश के विकास में यह बजट मील का पत्थर साबित होगा। मंत्री  सिलावट ने कहा कि जल संरक्षण, सिंचाई, कृषि, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं पर केंद्र सरकार का विशेष फोकस प्रदेश के किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा। इससे जल सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और विकास कार्यों को नई गति प्राप्त होगी। मंत्री  सिलावट ने प्रधानमंत्री  मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री मती सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा और महिलाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जो आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को और सशक्त करता है।  सिलावट ने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वय से केंद्रीय बजट के प्रावधानों का मध्यप्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर रहेगा।  

हरियाणा का राखीगढ़ी 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल

चंडीगढ़/हिसार. हरियाणा की धरती पर बसी सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे बड़ी पहचान राखीगढ़ी अब एक बार फिर राष्ट्रीय फलक पर है। केंद्रीय बजट में किए गए एलान के बाद राखीगढ़ी को देश के 15 ‘आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों’ की सूची में शामिल करने की घोषणा हुई है। इस फैसले के साथ ही राखीगढ़ी केवल खुदाई और शोध का केंद्र नहीं रहेगी, बल्कि इसे संरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस पहल मानी जा रही है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को आम लोगों से जोड़ने के लिए चयनित पुरातात्विक स्थलों पर विशेष फोकस किया जाएगा। इसी नीति के तहत हिसार जिले की राखीगढ़ी को आइकॉनिक साइट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए पाथ-वे, सूचना तंत्र और गाइड की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आने वाले लोग सभ्यता के अवशेषों के साथ उसका ऐतिहासिक संदर्भ भी समझ सकें। बजट से पहले भी बनी थी जमीन यह पहला मौका नहीं है जब बजट में राखीगढ़ी का जिक्र हुआ हो। केंद्रीय बजट 2025-26 में पहले ही राखीगढ़ी को वैश्विक धरोहर केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए 500 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की जा चुकी है। उस घोषणा के बाद से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा यहां खुदाई और संरक्षण के कार्यों को गति मिली, जिससे इसके ऐतिहासिक महत्व को और मजबूती मिली है। इन बिंदुओं से समझें बजट के बाद राखीगढ़ी को मिलने वाली नई पहचान को – देश के 15 आइकॉनिक पुरातात्विक स्थलों में शामिल किया जाएगा  – संरक्षित टूरिज्म साइट के रूप में विकास, पाथ-वे और गाइड की व्यवस्था – पहले से घोषित 500 करोड़ के आवंटन से संरक्षण और खुदाई को बल – सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे बड़े केंद्र को अंतरराष्ट्रीय पहचान की दिशा टूरिज्म के नजरिये से क्या बदलेगा बजट के बाद राखीगढ़ी में केवल खोदाई स्थल नहीं, बल्कि सुनियोजित पर्यटन ढांचा विकसित करने की योजना है। परिसर के भीतर पाथ-वे बनने से पर्यटकों की आवाजाही आसान होगी। प्रशिक्षित गाइड नियुक्त किए जाएंगे, जो सभ्यता, खुदाई और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की जानकारी देंगे। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्राचीन जीवन-शैली को समझाने का प्रयास किया जाएगा। क्यों खास है राखीगढ़ी राखीगढ़ी को हड़प्पाकालीन सभ्यता की सबसे बड़ी साइट माना जाता है। यहां अब तक हजारों साल पुराने मानव कंकाल, मकानों की दीवारें, कच्ची ईंटें, तांबा, मनके, मोहरें और जल निकासी व्यवस्था के प्रमाण मिल चुके हैं। इन अवशेषों से संकेत मिलता है कि यह नगर सुव्यवस्थित शहरी योजना और तकनीकी समझ के साथ विकसित हुआ था। नदी से नगर तक की कहानी इतिहासकारों के अनुसार राखीगढ़ी प्राचीन सरस्वती नदी प्रणाली के किनारे बसा था। माना जाता है कि इसी नदी की सहायक धाराओं के सूखने के बाद इस नगर का पतन हुआ। खुदाई में मिले सूखे नदी-तल, कुएं और जल संरचनाएं इस थ्योरी को मजबूती देती हैं।

खेलकूद शारीरिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक ऊर्जा को देते हैं बढ़ावा : प्रधान मुख्य वन संरक्षक अम्बाडे

आईएफएस मीट–2026 के अंतर्गत खेलकूद प्रतियोगिताएँ हुईं उत्साहपूर्वक भोपाल आईएफएस मीट–2026 में शनिवार 31 जनवरी 2026 को एक दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन सफलतापूर्वक हुआ। खेल प्रतियोगिताएँ अत्यंत उत्साहपूर्ण, अनुशासित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुईं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अम्बाडे ने कहा कि खेलकूद आयोजन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य एवं सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आपसी सौहार्द, सहयोग और संगठनात्मक एकता को भी सुदृढ़ करते हैं। श्री अम्बाडे ने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना, अनुशासन एवं निष्पक्षता की शपथ दिलाई। खेलकूद कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती डॉ. कल्पना अम्बाडे द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। शपथ के दौरान प्रतिभागियों ने पूर्ण ईमानदारी, अनुशासन एवं खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने, सभी नियमों का पालन करने, निर्णायकों एवं आयोजकों का सम्मान करने तथा जीत–हार को समान भाव से स्वीकार करते हुए आपसी सौहार्द, एकता एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखने का संकल्प लिया। खेल प्रतियोगिता में वॉलीबॉल, क्रिकेट, रस्साकशी, पतंगबाजी सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं। इसके अतिरिक्त महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष खेल गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिनमें लेमन रेस, बोरा रेस, फ्रॉग रेस, म्यूजिकल चेयर, ट्रेजर हंट आदि शामिल रहीं। प्रतियोगिताओं में भारतीय वन सेवा के अधिकारियों एवं उनके परिजन ने अत्यंत उत्साह एवं खेल भावना के साथ सहभागिता की। प्रतिभागियों के जोश और पारिवारिक सहभागिता ने पूरे आयोजन को जीवंत एवं स्मरणीय बना दिया। खेलकूद प्रतियोगिता में आईएफएस अधिकारी एवं उनके परिजन शामिल हुए  

सल्फास के साथ अब नहीं होगी हजारों लोगों की मौत!

चंडीगढ़. PGI के डॉक्टरों ने देश के सबसे खतरनाक जहरों में से एक माने जाने वाले सल्फास (एल्युमिनियम फॉस्फाइड) पॉइज़निंग के इलाज में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGI) के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट की इस अहम रिसर्च से इस जानलेवा जहर से पीड़ित मरीजों के बचने की उम्मीद काफी बढ़ गई है। PGI की यह स्टडी देश की पहली ऐसी क्लिनिकल रिसर्च है, जिसमें यह साबित हुआ है कि इंट्रावीनस लिपिड इमल्शन (IV लिपिड) नाम की थेरेपी सल्फास जहर में जान बचाने में असरदार साबित हो सकती है। इस रिसर्च के नतीजे इंटरनेशनल जरनल मेडिकल एंड फार्माकोलॉजिकल साइंसेज के यूरोपियन रिव्यू  में प्रकाशित हुए हैं, जिससे PGI के इस काम को दुनिया भर में पहचान मिली है। सल्फास पॉइज़निंग, जो अनाज को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला जहर है, खासकर उत्तर भारत के खेती वाले राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में एक गंभीर समस्या बनी हुई है। अनाज को सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाला यह ज़हर गलती या आत्महत्या के मामलों में बड़ी संख्या में मौतों के लिए ज़िम्मेदार रहा है। अब तक इसका कोई पक्का और असरदार इलाज नहीं था, जिससे मरीज़ों की हालत अक्सर बहुत गंभीर हो जाती थी। यह रिसर्च PGI के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट में की गई जिसका मार्ग दर्शन प्रो. संजय जैन, इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रमुखी प्रो.संजय जैन ने की थी। इस अध्यन की अगुवाई एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. मंदीप सिंह भाटिया ने की थी जबकि डॉ. सौरभ चंद्रभान शारदा को-इन्वेस्टिगेटर थे। रिसर्च को PGI के मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च सेल से फंडिंग मिली, जो इंस्टीट्यूशन के रिसर्च और इनोवेशन के लिए मज़बूत वचनबद्धता को दिखाता है। नई उम्मीद, आने वाले समय में बचा सकती है हज़ारों जानें  रिसर्च में पता चला है कि जिन मरीज़ों को नॉर्मल इलाज के साथ  आई.वी. लिपिड थेरेपी दी गई, उनमें मौत का खतरा काफी कम हो गया। इसके अलावा, मरीज़ों में खून की गंभीर एसिडिटी जल्दी ठीक हो गई, ब्लड प्रेशर बेहतर कंट्रोल में आ गया और दिल से जुड़ी दिक्कतों में भी सुधार देखा गया। डॉक्टरों के मुताबिक, अगर यह थेरेपी समय पर दी जाए, तो मरीज़ की हालत को बिगड़ने से रोका जा सकता है।  

जनता के हित का बजट, छात्राओं की सुरक्षा, युवाओं के रोजगार और शहरों के विकास का बजट : खाद्य मंत्री राजपूत

खाद्य मंत्री ने कहा, केंद्रीय बजट में एमपी को बड़ी राहत, बेटियों से लेकर शहरों तक विकास की सौगात भोपाल केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट को मध्यप्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने जनता को समर्पित, विकासोन्मुख और समावेशी बजट बताया है। मंत्री  राजपूत ने कहा कि बजट में मध्यप्रदेश को मिली सौगातें राज्य के शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, शहरी विकास और रोजगार के नए द्वार खोलेंगी। हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल निर्माण की घोषणा से विशेषकर जनजातीय और ग्रामीण अंचलों की छात्राओं को सुरक्षित आवास मिलेगा, जिससे वे बिना किसी बाधा के उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी। यह निर्णय बेटियों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। खाद्य मंत्री  राजपूत ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास हेतु किए गए बड़े आवंटन से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर जैसे शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा, जिससे आम नागरिकों को बेहतर जीवन सुविधाएं, रोजगार और व्यापार के अवसर मिलेंगे।  राजपूत ने एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और कंटेंट क्रिएशन के क्षेत्र में स्कूलों एवं कॉलेजों में लैब स्थापना के निर्णय को युवाओं के लिए भविष्य के रोजगार का रोडमैप बताते हुए कहा कि यह बजट नई पीढ़ी को तकनीक और नवाचार से जोड़ने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला और मध्यम वर्ग, सभी को राहत देने वाला है और “विकसित भारत” के संकल्प को और मजबूत करता है।  

आर्थिक प्रगति को बढ़ाने, जन सामान्य की उम्मीदों को पूरा करने और सबका साथ सबका विकास की भावना के अनुरूप है बजट

विकास को मिलेगी और अधिक गति गरीब, युवा, अन्नदाता और महिलओं पर विशेष फोकस शहरी विकास, तीर्थ स्थल सुधार, महिला छात्रावास निर्माण, अस्पतालों के अपग्रेडेशन और टेक्सटाईल्स क्षेत्र की सौगातों से प्रदेश को मिलेगा विशेष लाभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का बजट विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में प्रभावी कदम है। बजट में गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं और महिलाओं पर विशेष फोकस है। यह बजट विकास को और अधिक गति देगा तथा भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक अर्थव्यवस्था में उच्च स्थान दिलवाले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। आर्थिक प्रगति को बढ़ाना, जन सामान्य की उम्मीदों को पूरा करना और सबका साथ सबका विकास बजट की मुख्य विशेषता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास और सभी शहरी आर्थिक क्षेत्रों पर 5 साल में 5000 करोड़ रुपए खर्च करने, छोटे शहरों में तीर्थ स्थल विकसित करने, प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास के निर्माण और जिला अस्पतालों को अपग्रेड करने की व्यवस्था से प्रदेश को बहुत लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डेली कॉलेज इंदौर में केंद्रीय बजट पर विषय-विशेषज्ञों से संवाद और विचारों के आदान-प्रदान के बाद केन्द्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट की सभी क्षेत्रों में सराहना हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में वस्त्र उद्योग सेक्टर में रिफॉर्म पर बल दिया गया है, इससे मध्य प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री  मोदी ने मध्यप्रदेश को पीएम मित्र पार्क के रूप में टैक्सटाइल क्षेत्र की बड़ी सौगात दी है। इससे तीन लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिलने के साथ ही 6 लाख किसानों को लाभ होगा। इस पार्क से प्रदेश का मालवा निमाड़ अंचल नई उड़ान के लिए तैयार है। केंद्र सरकार की वस्त्र उद्योग सेक्टर की दूरगामी नीतियों से संपूर्ण राष्ट्र के साथ मध्यप्रदेश को भी विशेष लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 के लिए प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री  मोदी तथा केंद्रीय वित्त मंत्री का अभिवादन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बजट में इनकम टैक्स में छोटे करदाताओं के लिए प्रक्रिया आसान करने की व्यवस्था है। राजकोषीय घाटे का 4.3% का लक्ष्य रखा गया है। राज्यों के लिए एक लाख 40 हजार करोड़ रुपए का अनुदान रखा गया है, जिससे मध्यप्रदेश को भी लाभ प्राप्त होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत को बायोफार्मा हब बनाया जाएगा। क्लिनिकल ट्रायल स्थलों का भी विकास होगा। केंद्रीय बजट में केयर इकोसिस्टम पर विशेष ध्यान देने के प्रावधान किए गए हैं। इससे बुजुर्गों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था होगी। गंभीर बीमारियों की दवाएँ भी सस्ती होंगी, जिससे सभी वर्गों को राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय बजट में विनिर्माण क्षेत्रों का रणनीतिक विकास करने को प्राथमिकता दी गई है, इससे भारत ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। देश में रिसर्च एंड डेवलपमेंट और ए.आई. के अधिक से अधिक इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर पर्याप्त गाइड उपलब्ध कराने की व्यवस्था से पर्यटन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। पुरातत्व की दृष्टि से संरक्षित स्थलों को खोलने के निर्णय से देश-विदेश के लोग हमारी समृद्ध प्राचीन विरासत से परिचित और प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि विदेशी पर्यटकों को टैक्स में दी गई राहत से वैश्विक स्तर पर पर्यटन के क्षेत्र में भारत का महत्व बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मोदी सरकार 3.0 का तीसरा बजट सबका साथ- सबका विकास की भावना के अनुरूप है।  

सोते-सोते हिल उठा मकान! फर्श चीरकर निकला पानी का फव्वारा, इलाके में हड़कंप

बिलासपुर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक खौफनाक वीडियो सामने आया है। यहां एक घर में अचानक जमीन फटी और चारों तरफ पानी ही पानी फैल गया। पानी की धारा इतनी तेज फूटी की वहां खड़ा शख्स डर गया और मौके से भाग गया। यह घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। अब इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। क्या है वायरल वीडियो में वायरल वीडियो एक घर के अंदर का है घर के हॉल में एक शख्स जा रहा था होता है। इस दौरान अचानक पानी आने लगता है और थोड़ी ही देर में घर की फर्श फाड़कर जमीन की तेज धार निकल आती है। जमीन से निकली तेज धार से शख्स खौफ में आ जाता है और घर के अंदर भाग जाता है। क्या थी वजह बताया जा रहा है कि घर के बगल में ही एक प्लांट में बोरिंग का काम चल रहा था। बोरिंग के चलते तेज प्रेशर बना और इसका असर बगल के घर में भी देखने को मिला। घर में फर्श फट गई और तेज पानी की धार से पूरा घर पानी-पानी हो गया।

केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की दिशा में होगा महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

प्रधानमंत्री  मोदी का माना आभार और केंद्रीय वित्त मंत्री मती सीतारमण को दी बधाई भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने केंद्रीय बजट 2026-27 को विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण को नई गति देगा। बजट में समग्र राष्ट्र दृष्टिकोण और पंच प्राण के सिद्धांत को मूर्त रूप दिया गया है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने प्रधानमंत्री  मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया और केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक बजट के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बजट का उद्देश्य समग्र और सर्वस्पर्शी विकास को सुनिश्चित करना है, ताकि देश के हर क्षेत्र और नागरिक तक विकास की लहर पहुँच सके। उन्होंने कहा कि पूंजीगत व्यय को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया गया है, जिससे बुनियादी ढांचे, परिवहन, ऊर्जा और डिजिटल संपर्क को मजबूती मिलेगी तथा रोजगार के अवसरों और उत्पादन में वृद्धि होगी। साथ ही, सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत के करीब रखा है, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित होगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्वास्थ्य के क्षेत्र को बजट में विशेष प्राथमिकता देने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बायोफार्मा शक्ति पहल के तहत अगले पांच वर्षों में 10 हज़ार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है, जिससे भारत बायोलॉजिक और बायोसिमिलर दवाओं में आत्मनिर्भर बनेगा। साथ ही, आयुष और पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों के लिए पांच क्षेत्रीय आयुष मेडिकल हब और तीन नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे स्वास्थ्य शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और वैश्विक स्वास्थ्य पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास के लिये बजट में महत्वपूर्ण प्रावधान किये गये हैं। स्वास्थ्य शिक्षा और एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल क्षेत्र में प्रशिक्षण देने, 1.5 लाख केयरगिवर्स प्रशिक्षित करने और 1 हज़ार से अधिक क्लिनिकल ट्रायल साइटस स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में दक्ष कर्मचारियों की पूर्ति होगी और स्वास्थ्य अनुसंधान की क्षमता बढ़ेगी। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि मध्यम वर्ग और करदाताओं के लिए बजट में दिये गये संकेतों से आर्थिक गतिविधियों में सुगमता और पारदर्शिता बढ़ेगी। डिजिटल संपर्क, ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों के लिए ब्रॉडबैंड, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में निवेश को प्राथमिकता देने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्यमिता में बेहतर अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि इस बजट में यह स्पष्ट है कि “सबका साथ, सबका विकास” नीति निर्माण का आधार है। यह बजट आर्थिक विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा, सामाजिक समावेशन और तकनीकी प्रगति को एकसाथ जोड़कर देश के सभी नागरिकों तक विकास की लहर पहुँचाने का प्रयास करता है।