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प्राकृतिक खेती में रीवा का नाम रोशन करने में किसान आगे आयें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

अटल सेवा सदन का किया लोकार्पण भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि प्राकृतिक खेती में रीवा का नाम रोशन करने में किसान आगे आयें। स्वयं एवं परिवार के स्वास्थ्य के साथ जमीन के स्वास्थ्य के लिये प्राकृतिक खेती को अपनायें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ग्राम पंचायत मरहा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने 37.50 लाख रूपये की लागत से निर्मित पंचायत भवन (अटल सेवा सदन) का लोकार्पण किया। उन्होंने मरहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्थापित करने की घोषणा की। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि किसान भाई बसामन मामा गौवंश वन्य विहार का भ्रमण करें। वहां प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र में प्राकृतिक खेती के गुर सीखें। अपनी कृषि भूमि में से कुछ भाग में इसे अवश्य अपनाये, इससे आने वाली पीढ़ी को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बसामन मामा के प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र की केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सराहना की है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भी गत वर्षों में रीवा के अपने भ्रमण के दौरान प्रस्तुत धरती माता की पुकार नाटिका के मंथन को गंभीरता से देखा था और अपेक्षा की थी कि किसान प्राकृतिक खेती अपनायें। रीवा जिले में प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित किये गये हैं। बसामन मामा, हिनौती गौधाम व हरिहरपुर में प्राकृतिक खेती के प्रशिक्षण केन्द्रों में आसपास के किसानों को लाभ मिलेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रीवा जिले में एक लाख गौ के आश्रय के लिये संरक्षण गौवंश वन्य विहार बनाये जायेंगे ताकि गौसंरक्षण से प्राकृतिक खेती को जोड़कर किसानों को समृद्ध किया जा सके। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने किसानों को सम्मानित किया। उन्होंने पंचायत परिसर में वृक्षारोपण भी किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।  

बिजली व्यवस्था की परख: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ऊर्जा विभाग की हाई-लेवल समीक्षा बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ऊर्जा विभाग के कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा की। बैठक में उन्होंने राज्य में विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आमजन की मूलभूत आवश्यकता है और इसकी निर्बाध आपूर्ति सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी विद्युत उत्पादक राज्यों में शामिल है और भविष्य की बढ़ती मांग को देखते हुए ऊर्जा अवसंरचना का समयबद्ध विस्तार किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ऑफ-ग्रिड विद्युतीकृत गांवों को शीघ्र ग्रिड से जोड़ने तथा विद्युत अधोसंरचनाओं के सुदृढ़ीकरण कार्यों को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।    साय ने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को विद्युत आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए इसके प्रति उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने सोलर पैनल स्थापना एवं रखरखाव की प्रक्रिया को सरल बनाने, इंस्टालेशन की दैनिक संख्या बढ़ाने और सभी शासकीय भवनों में सोलर पैनल लगाने के निर्देश दिए। साथ ही पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना एवं स्मार्ट मीटर से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। मुख्यमंत्री ने लंबित बिजली बिलों की समीक्षा करते हुए उपभोक्ताओं को भुगतान के लिए अवसर और  सुविधा देने विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने बस्तर के दूरस्थ अंचलों में ग्रिड आधारित विद्युतीकरण को गति देने, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा पीक डिमांड के अनुरूप ट्रांसमिशन क्षमता विस्तार पर भी जोर दिया। बैठक में बताया गया कि पिछले दो वर्षों में ट्रांसफार्मर क्षमता 24,227 एमवीए से बढ़कर 27,820 एमवीए हो गई है तथा 400/220 केवी, 220/132 केवी और 132/33 केवी उपकेंद्रों के उन्नयन सहित कई परियोजनाएं प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सौर सुजला योजना, कुसुम योजना, नियद नेल्ला नार एवं ग्राम विद्युतीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की। ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने पीपीटी के माध्यम से विद्युत उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण, पीएम सूर्यघर, पीएम जनमन, कृषि पंपों के ऊर्जीकरण, मजराटोला विद्युतीकरण एवं नवीकरणीय ऊर्जा से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने आगामी वर्षों में नए उपकेंद्रों की स्थापना, वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या बढ़ाने और अंडरग्राउंड केबल सहित विभिन्न विकास कार्यों की कार्ययोजना प्रस्तुत की।  बैठक में मुख्य सचिव   विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव   सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव   राहुल भगत, सीएसपीडीसीएल, सीएसपीजीसीएल, सीएसपीटीसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध हथियारों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई

विगत 2 सप्ताह में 34 अवैध हथियार एवं सामग्री जब्त भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से अवैध हथियारों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं उपयोग के विरुद्ध निरंतर, योजनाबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी के परिणामस्‍वरूप विगत 2 सप्ताह में प्रदेश के विभिन्‍नजिलोमें पुलिस ने अवैध हथियार रखने, हवाई फायरिंग करदहशत फैलाने एवं संगीन आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अंतरराज्यीय गिरोह के विरूद्ध कार्यवाही कर34फायर आर्म्स, जिंदा कारतूस, वाहन एवं अन्य सामग्री जब्त की है। एसटीएफ ग्वालियर-दो आरोपी अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार एसटीएफ ग्वालियर इकाई ने मुखबिर की सूचना के आधार पर एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए शिवपुरी क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से 03 पिस्टल एवं 04 जिंदा राउंड जप्त किए गए हैं। शिवपुरी– अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री पर निर्णायक कार्रवाई अवैध हथियारों के स्रोत को जड़ से समाप्त करने की दिशा में शिवपुरी जिले के थाना करैरा क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने प्राप्त सूचना के आधार पर अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पर दबिशदेकर मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।पुलिस ने फैक्ट्री से 07 अवैध हथियार, 05 जिंदा कारतूस सहित हथियार निर्माण में प्रयुक्त मशीनें, औजार एवं अन्य सामग्री जब्त की। जब्त की गई सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपये आँकी गई है।आरोपियों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट एवं अन्य धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है। बड़वानी– अंतरराज्यीय गिरोह पर बड़ी कार्रवाई थाना जुलवानिया पुलिस ने महाराष्ट्र के अहमदनगर (अहिल्यानगर) से चोरी कर लौट रहे 05 अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से 05 फायर आर्म्स, 03 जिंदा कारतूस, सोने-चांदी के आभूषण, नगदी एवं अन्य सामग्री सहित 38लाख 91हजाररुपये से अधिक की सामग्री जब्त की है। इसी प्रकार प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी अलग-अलग दिनों में अवैध हथियारों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई। ग्वालियर एवं दतिया जिलों में 05-05 अवैध हथियार, छतरपुर जिले में 03 अवैध हथियार, मुरैना जिले में 02 अवैध हथियारजब्‍त किए हैं।जबकि उज्जैन, सतना, सागर एवं जबलपुर जिलों में01-01 अवैध हथियार जब्त किए गए हैं। इन कार्रवाइयों से जिलों में अलग-अलग मामलों में सार्वजनिक स्थानों पर फायरिंग कर दहशत फैलाने वाले आरोपियों को चिन्हित कर शीघ्र गिरफ्तार किया गया है।देशी कट्टे, पिस्टल (9MM, 32 बोर, 315 बोर), जिंदा राउंड, खाली खोखे, चाकू, खंजर सहित मोटरसाइकिल एवं कारें जब्त की गईं। अवैध हथियार निर्माण में प्रयुक्त मशीनें, औजार एवं अन्य सामग्री बरामद कर उन्हें निष्क्रिय किया गया। मध्यप्रदेश पुलिस अवैध हथियारों एवं आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निरंतर, कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है।  

सरकारी नौकरी में फायदा! यूपी सरकार दे रही उम्र और अनुभव में विशेष लाभ

लखनऊ सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 32 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 30 को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फैसला मुख्यमंत्री फेलो (CM Fellow) को लेकर रहा, जिसके तहत उन्हें यूपी सरकार की भर्तियों में विशेष राहत दी गई है।कैबिनेट के फैसले के अनुसार, अब सीएम फेलो को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के तहत होने वाली भर्तियों में आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलेगी। इसके साथ ही, उनके अनुभव के आधार पर अतिरिक्त वेटेज (भारांक) भी दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे प्रतिभाशाली युवाओं को प्रशासनिक अनुभव का लाभ मिलेगा और वे बेहतर ढंग से प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले सकेंगे।   बैठक में शिक्षकों के लिए भी बड़ी सौगात का ऐलान किया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के 11 लाख 95 हजार 391 शिक्षक और कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं, माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन 2 लाख 97 हजार 589 शिक्षकों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों की भी घोषणा की गई। विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा और 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट पेश करेंगे।शहरी विकास से जुड़े प्रस्तावों में वाराणसी के 18 वार्डों में सीवरेज लाइन के लिए 266 करोड़ रुपये और गोरखपुर में 721 करोड़ रुपये की लागत से सीवरेज परियोजना को मंजूरी दी गई। साथ ही उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति-2026 को स्वीकृति दी गई, जिसके तहत पुरानी और निष्प्रयोज्य संपत्तियों को तोड़कर नई इमारतें बनाने की अनुमति होगी। बैठक में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए शोक प्रस्ताव भी पारित किया गया। मंत्रिपरिषद ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की।

राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध

रायपुर. राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध राजिम कुंभ (कल्प) 2026 के भव्य आयोजन के लिए संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री   राजेश अग्रवाल ने नए मेला मैदान पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी विभागों को अंतिम निर्देश दिए। उन्होंने 30 जनवरी तक हर हाल में तैयारियां पूर्ण करने का आदेश दिया, ताकि 1 से 15 फरवरी तक निर्बाध आयोजन सुनिश्चित हो। कलेक्टर   बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक   वेदव्रत सिरमौर व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री   अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने और 30 जनवरी तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। राज्यपाल   रमेन डेका सहित मंत्रीगण शुभारंभ में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने विद्युत, परिवहन, स्वास्थ्य व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया, जिसमें रात्रिकालीन बस परिचालन व त्वरित चिकित्सा सुविधा शामिल है। मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध, सख्त कार्रवाई के आदेश राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए। उल्लंघन पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस व परिवहन विभाग को सतत गश्त, यातायात प्रबंधन व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर फ्लैक्स-रेट सूची अनिवार्य करने के आदेश दिए। शाही स्नान व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फोकस शाही स्नान के लिए नदी तट पर बैरिकेटिंग, भीड़ नियंत्रण व मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग को चावल आबंटन व दाल-भात केंद्र संचालन, पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनाती व क्रेन-फायर ब्रिगेड तत्पर रखने को कहा। मेला स्थल पर स्वच्छता, कचरा निस्तारण, धर्मशालाएं व दूरसंचार टावर क्षमता बढ़ाने पर बल दिया। मंत्री  अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ प्रदेश की आस्था, परंपरा व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पिछली कमियों को सुधारने व लापरवाही न बरतने पर जोर देते हुए सभी को तत्परता बरतने का आह्वान किया। उन्होनें आगे कहा कि यह आयोजन व्यवस्थित व ऐतिहासिक रूप से संपन्न होगा, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देगा।

मध्यप्रदेश के कारीगरों की दिल्ली हाट में सहभागिता

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना अंतर्गत प्रदर्शनी का आयोजन भोपाल प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के पाँच पारंपरिक कारीगर 31 जनवरी 2026 तक दिल्ली हाट, नई दिल्ली में आयोजित शिल्प एवं हस्तकला प्रदर्शनी में सहभागिता कर रहे हैं। यह सहभागिता भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय द्वारा प्रायोजित है तथा राज्य नोडल विभाग हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प संचालनालय, भोपाल द्वारा समन्वित की जा रही है। मध्यप्रदेश से चयनित ये पाँच कारीगर प्रदेश की जीवंत एवं समृद्ध शिल्प परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनके द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे उत्पादों में इंदौर के पारंपरिक चमड़े के खिलौने, सीहोर के लकड़ी के खिलौने, पारंपरिक लकड़ी की नक्काशीदार मूर्तियाँ, बेतूल की डोकरा (घंटी धातु) कला तथा चमड़े से निर्मित परिधान एवं एसेसरीज़ शामिल हैं। ये सभी शिल्प पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक दक्षता, सांस्कृतिक विरासत एवं क्षेत्रीय पहचान को प्रतिबिंबित करते हैं। कारीगरों का संक्षिप्त परिचय श्री जितेंद्र, बेतूल (म.प्र.) से डोकरा (घंटी धातु) कारीगर हैं, जो पीढ़ियों से अपने परिवार के साथ इस पारंपरिक हस्त ढलाई धातु शिल्प से जुड़े हुए हैं। उनकी कृतियाँ स्थानीय संस्कृति में निहित पारंपरिक शिल्प कौशल को दर्शाती हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से उनके शिल्प को राष्ट्रीय पहचान एवं बेहतर विपणन अवसर प्राप्त हो रहे हैं। श्री केदारनाथ साहू, शहडोल जिले के परंपरागत लकड़ी शिल्पकार हैं। उनकी कारीगरी पारंपरिक शिल्प कौशल को आधुनिक डिज़ाइन दृष्टिकोण के साथ संयोजित करती है, जिससे आकर्षक एवं समकालीन लकड़ी की कलाकृतियाँ निर्मित होती हैं। योजना के माध्यम से उन्हें व्यापक बाजार पहुँच एवं नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं। श्री प्रकाश, पारंपरिक खिलौना निर्माता हैं, जो विशिष्ट शैली के चमड़े जैसे दिखने वाले खिलौनों का निर्माण करते हैं। ये खिलौने क्रूरता-मुक्त सामग्रियों से बनाए जाते हैं, जबकि पारंपरिक तकनीक, बारीकी एवं फिनिश को पूर्णतः संरक्षित रखा गया है। दिव्यांगता के बावजूद उनकी निरंतर साधना एवं समर्पण प्रेरणास्पद है। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से उनके उत्पादों को व्यापक बाजार एवं पहचान मिल रही है। श्री विनोद कुमार शर्मा एवं श्रीमती सविता शर्मा, सीहोर जिले के पारंपरिक लकड़ी के खिलौना निर्माता हैं। लकड़ी के खिलौने सीहोर जिले का ओडीओपी (एक जिला एक उत्पाद) हैं। इनके द्वारा निर्मित खिलौने सरल आकृतियों, चमकीले रंगों एवं समय-परीक्षित निर्माण विधियों के माध्यम से बच्चों एवं वयस्कों दोनों कोआकर्षित करते हैं। योजना के माध्यम से इन्हें व्यापक विपणन मंच उपलब्ध हो रहे हैं। श्री सनी स्वामी, इंदौर के मोची कारीगर हैं, जिन्होंने पारंपरिक रूप से चमड़े के जूते बनाने से अपने कार्य की शुरुआत की। वर्तमान में वे चमड़े के परिधान एवं एसेसरीज़ जैसे जैकेट, लैपटॉप स्लीव, हैंडबैग एवं क्लच का निर्माण कर रहे हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत उन्हें एक लाख का ऋण प्राप्त हुआ, जिससे उनके व्यवसाय का विस्तार संभव हुआ। योजना के विपणन सहयोग से वे नए बाजारों तक पहुँच बना रहे हैं। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से इन कारीगरों को न केवल राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन का अवसर प्राप्त हो रहा है, बल्कि प्रत्यक्ष विपणन, बाजार संपर्क एवं आजीविका सुदृढ़ीकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है।  

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री शर्मा और मंत्री नेताम ने दी शुभकामनाएं

रायपुर. छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि गरियाबंद जिले के जनपद पंचायत अंतर्गत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा की टीम ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय मॉडल यूथ ग्राम सभा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के 800 से अधिक विद्यालयों की सहभागिता रही। एकलव्य आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों को इस सफलता के लिए मुख्यमंत्री   विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विजेता छात्रों, शिक्षकों एवं विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं की क्षमता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है। राष्ट्रीय विजेता दल से आज उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत मंत्री   विजय शर्मा ने सौजन्य मुलाकात कर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता है। विद्यार्थियों ने ग्राम सभा की कार्यप्रणाली, ग्रामीण समस्याओं की पहचान एवं उनके समाधान प्रस्तुत कर अपनी उत्कृष्ट समझ का परिचय दिया है। उपमुख्यमंत्री   शर्मा ने बताया कि इस प्रतियोगिता के अंतर्गत छात्रों द्वारा मॉक ग्राम सभा सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण विकास, निर्णय-प्रक्रिया तथा स्थानीय समस्याओं पर व्यावहारिक चर्चा की गई। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, कोसमबुड़ा की टीम ने इन विषयों पर गहन समझ और प्रभावी प्रस्तुति दी, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। विजेता दल को प्रशस्ति पत्र के साथ संस्थान के विकास हेतु एक करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की गई है। आदिम जाति विकास मंत्री   रामविचार नेताम ने भी इस उपलब्धि को जनजातीय अंचलों में शिक्षा के सशक्तिकरण का सकारात्मक परिणाम बताया। वहीं आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव   सोनमणि बोरा ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे भविष्य के जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव सु  निहारिका बारिक तथा संचालक पंचायत विभाग सु  प्रियंका महोबिया ने विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलाकांत यादव एवं सभी विद्यार्थियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई दी।

राज्यपाल पटेल के मुख्य आतिथ्य में हुआ गणतंत्र दिवस समारोह का गरिमामयी समापन

ध्वनि, अनुशासन और परंपरा का अनुपम संगम, बीटिंग द रिट्रीट भोपाल राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में मध्यप्रदेश में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह का गरिमामयी समापन गुरुवार को ऐतिहासिक ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह के साथ हुआ। जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान में इस भव्य समारोह का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश पुलिस ब्रास बैंड एवं आर्मी ब्रास बैंड द्वारा राष्ट्र भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना से ओत-प्रोत संगीतमय प्रस्तुतियों से संयम, एकरूपता और सैन्य परंपरा की गरिमा को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। उल्लेखनीय है कि ‘बीटिंग द रिट्रीट’ सैन्य एवं अर्ध सैनिक बलों की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली के साथ केवल भोपाल में ही इस ऐतिहासिक समारोह का आयोजन किया जाता है। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय, मुख्य सूचना आयुक्त श्री विजय यादव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव गृह श्री शिव शेखर शुक्ला, महानिरीक्षक पुलिस श्री इरशाद वली, कमांडेंट सातवीं वाहनी श्री हितेश चौधरी सहित आर्मी, पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल श्री पटेल के आगमन पर पुलिस ब्रास बैंड द्वारा स्वागत धुन प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात निरीक्षक श्री सुनील कटारे के नेतृत्व में आयोजित ब्रास बैंड कॉन्सर्ट में “वंदे-मातरम्” से आरंभ होकर, “मेरे देश की धरती”, “पंख होते तो उड़ आती रे”, “पल-पल दिल के पास”, “तेरी झलक अशर्फी”, “ये देश है वीर जवानों का”, “अजीब दास्तां है ये”, “ये शाम मस्तानी”, “संदेशे आते हैं”, “हे अपना दिल तो आवारा” की प्रस्तुति पुलिस बैंड द्वारा दी गई। सदाबहार और आधुनिक गीतों की लोकप्रिय धुनों के अनूठे संगम ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। राष्ट्र भक्ति फ्यूज़न की अंतिम प्रस्तुति पर तालियों की गूंज से आयोजन स्थल उत्साह से भर उठा। मध्यांतर के बाद पुलिस और आर्मी बैंड की संयुक्त प्रस्तुति ने कार्यक्रम को नई ऊँचाइयाँ प्रदान की। बैंड डिस्प्ले में मास्ड बैंड, आर्मी ब्रास बैंड और पुलिस ब्रास बैंड ने फेनफेयर, क्विक मार्च और स्लो मार्च पर सटीक तालमेल के साथ मार्च पास्ट किया। रिट्रीट से पूर्व मास्ड बैंड की ड्रम रोल प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। समारोह के अंतिम चरण में उप निरीक्षक सुश्री सुनीति सिंह के नेतृत्व में महिला टुकड़ी ने ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज का अवरोहण किया। “सारे जहाँ से अच्छा” की मधुर धुन, राष्ट्रगान तथा रंगीन रोशनी और आतिशबाजी के साथ कार्यक्रम का भव्य समापन हुआ।  

राज्य शिक्षा केन्द्र ने घोषित किए जिला स्तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड के परिणाम

1 से 20 फरवरी के बीच विद्यार्थियों एवं मार्गदर्शी शिक्षकों को किया जाएगा सम्मानित भोपाल प्रदेश के समस्त शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 2 से 8 तक के विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, बौद्धिक विकास एवं शैक्षिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित शैक्षिक ओलम्पियाड के जिला स्तरीय परिणाम राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा घोषित कर दिए गए हैं। घोषित परिणामों के अनुसार प्रत्येक जिले से प्रत्येक विषय एवं प्रत्येक कक्षा से एक प्रथम स्थान प्राप्त विद्यार्थी को जिला विजेता के रूप में चयनित किया गया है। जिला स्तर पर 1 से 20 फरवरी 2026 के बीच सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। विजेता विद्यार्थियों के साथ उनके मार्गदर्शी शिक्षकों को भी सम्मानित किया जाएगा। प्रत्येक जिले में कुल 32 विद्यार्थियों को जिला स्तरीय शैक्षिक ओलम्पियाड विजेता के रूप में सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि शैक्षिक ओलम्पियाड के अंतर्गत जिला स्तर की परीक्षाएं दिनांक 16 एवं 17 जनवरी 2026 को प्रदेश के समस्त विकासखंडों पर आयोजित की गई थीं, जिनमें लगभग 2 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे।  

कौशल विकास को रोजगार से जोड़ने की दिशा में आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 अहम कदम साबित होगा : मंत्री टेटवाल

आईटीआई संबद्धता मानदंड-2025 पर हुई राज्य स्तरीय कार्यशाला नई दिल्ली, म.प्र. और छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि हुए शामिल भोपाल कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गौतम टेटवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में कौशल प्रशिक्षण को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखते हुए उसे सीधे रोजगार और उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना रोजगारोन्मुख कौशल विकास संभव नहीं है। नवीन आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 इसी दिशा में एक ठोस और दूरदर्शी पहल है, जो प्रशिक्षण संस्थानों को अधिक सक्षम, उत्तरदायी और उद्योग-उपयोगी बनाएगा। यह बात राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने ग्लोबल स्किल पार्क में आईटीआई संबद्धता-2025 पर आयोजित कार्यशाला में कही। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए संबद्धता मानदंडों से प्रशिक्षण प्रणाली में एकरूपता आएगी और संस्थानों के संचालन में स्पष्टता सुनिश्चित होगी। इससे न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि उद्योगों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप कुशल मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य को कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कौशल प्रशिक्षण केवल संख्या तक सीमित न रहे, बल्कि उसकी गुणवत्ता और उद्योग से प्रासंगिकता भी सुदृढ़ हो। राज्यमंत्री श्री टेटवाल ने राज्य संचालनालयों, शासकीय एवं निजी आईटीआई प्रबंधन तथा उद्योग प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे इन संबद्धता मानदंडों को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ अपनाएं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर यह राज्य-स्तरीय कार्यशाला मध्यप्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोज़गार निर्माण बोर्ड द्वारा संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को नवीन संबद्धता मानदंडों की स्पष्ट, व्यवहारिक और प्रक्रियात्मक जानकारी प्रदान करना रहा। कार्यशाला में यह तथ्य उभरकर सामने आया कि संशोधित मानदंडों के माध्यम से आईटीआई संस्थानों की संबद्धता प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। नए आईटीआई की स्थापना, ट्रेड एवं यूनिट की स्वीकृति, नवीनीकरण, निरीक्षण व्यवस्था और मूल्यांकन प्रणाली को सरल एवं स्पष्ट किया गया है, जिससे संस्थानों को अनावश्यक प्रक्रियागत जटिलताओं से राहत मिलेगी। कार्यशाला में प्रशिक्षण संस्थानों, उद्योग जगत और शासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कौशल विकास को वास्तविक रोजगार से जोड़े जाने पर सार्थक संवाद हुआ। आईटीआई संबद्धता मानदंड–2025 इस समन्वय को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम बनेंगे। कार्यशाला में केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय (डीजीटी) नई दिल्ली, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्य के अधिकारी, प्रशिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि, शासकीय एवं निजी आईटीआई, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्रतिनिधि तथा उद्योग जगत से जुड़े हितधारकों की सहभागिता रही। महानिदेशालय प्रशिक्षण (DGT), नई दिल्ली के प्रतिनिधियों द्वारा संबद्धता मानदंडों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिसमें प्रक्रियाओं और प्रावधानों की चरणबद्ध रूप से जानकारी दी गई।