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ट्रैफिक अनुशासन पर बड़ा कदम: अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई, 117 होल्डिंग एरिया तय

लखनऊ उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा माह चला रहा है। 1 से 31 जनवरी तक चल रहे सड़क सुरक्षा माह के तहत अवैध पार्किंग के खिलाफ प्रदेशव्यापी महा-अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में परिवहन विभाग होल्डिंग एरिया उपलब्ध करवाने के साथ प्रदेशवासियों में जागरूकता फैला रहा है, वहीं दूसरी ओर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन कार्रवाई भी कर रहा है। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने बताया कि सड़क सुरक्षा माह के तहत परिवहन विभाग विशेष रूप से एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे (एनएच), स्टेट हाईवे (एसएच) और अन्य प्रमुख सड़कों के किनारे अवैध रूप से खड़े वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक अभियान चला रहा है। इस दिशा में एक ओर प्रदेश में लगभग 117 पार्किंग स्थल या होल्डिंग एरिया चिन्हित किए गये हैं, वहीं दूसरी ओर दण्डात्मक प्रवर्तन कार्रवाई भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस-वे और हाईवे की शोल्डर लेन अथवा सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े वाहन तेज रफ्तार यातायात के लिए ‘डेथ ट्रैप’ साबित होते हैं। पीछे से आने वाले वाहनों को अचानक रुकावट मिलने से गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं। इसी खतरे को देखते हुए प्रवर्तन टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़कों को पूरी तरह खाली करा कर, वाहनों की पार्किंग होल्डिंग एरिया में सुनिश्चित की जाए। इसके बाद भी नियम का उल्लघंन करने वालों के प्रति दण्डात्मक कर्रवाई की जाए।     परिवहन आयुक्त ने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश के एक्सप्रेस-वे, नेशनल हाईवे, स्टेट हाईवे और अन्य प्रमुख सड़कों पर विशेष जांच अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत 1 से 27 जनवरी के बीच कुल 4,949 वाहनों की जांच की गई, जिनमें से 3,488 वाहनों के विरुद्ध अवैध पार्किंग एवं अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान किए गए। गंभीर मामलों में 55 वाहनों को मौके पर ही सीज किया गया। इसके अतिरिक्त, यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए 1,847 वाहनों को क्रेन की सहायता से सड़कों से हटाया गया। इसके साथ ही विभाग द्वारा जागरूकता अभियान को और मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में एनसीसी, स्काउट गाइड्स और स्वयंसेवी संस्थाओं के युवाओं को यातायात नियमों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे समाज में सड़क सुरक्षा के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने बताय कि विभाग का स्पष्ट संकल्प है कि जागरूकता और सख्त प्रवर्तन के माध्यम से प्रत्येक नागरिक का सफर सुरक्षित बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

नए UGC नियमों पर हंगामा, बागेश्वर महाराज ने BJP सरकार को दी सख्त नसीहत

छतरपुर देश में जारी UGC विरोध के बीच, बागेश्वर धाम के महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हिंदू एकता पर जोर देते हुए कहा कि “सरकार हिंदुओं को बाँटे नहीं, हम सब हिंदू एक हैं; कोई अगड़ा-पिछड़ा नहीं है।” उन्होंने सामाजिक विभाजन से बचने और सभी हिंदुओं को एकजुट रहने की बात कही।  शास्त्री ने कहा कि भारत में असमानता नहीं होनी चाहिए, भारत में समानता होनी चाहिए। भारत सरकार से प्रार्थना है कि भारतीयों को बांटा नहीं जाए बल्कि जोड़ा जाए। हम सब हिंदू एक हैं देश में यूजीसी (UGC) के नए 2026 नियम को लेकर भेदभाव, समानता और उच्च शिक्षा में अधिकारों से जुड़े विवाद का माहौल बन चुका है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने “समानता” नियमावली जारी की है, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति-आधारित भेदभाव को रोकना है, लेकिन इसके कुछ प्रावधानों पर छात्र और सामाजिक समूह विरोध कर रहे हैं और कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं।  साथ ही छात्रों ने लखनऊ यूनिवर्सिटी जैसे कई कैंपसों में नए नियमों के खिलाफ प्रदर्शन भी किए हैं, जिसमें कुछ समूहों ने कहा कि नियम सामान्य वर्ग (जनरल) के खिलाफ भेदभाव पैदा कर सकते हैं।

देश व प्रदेश की जनजातियों के 200 से अधिक लुप्तप्राय वाद्य यंत्रों का किया जा रहा है संरक्षण

लखनऊ  प्रदेश के जंगलों, पहाड़ों और नदियों के किनारे गूंजने वाली जनजातीय वाद्य यंत्रों की धुनें आज आधुनिक संगीत की चकाचौंध में खोती जा रही हैं। लेकिन, उत्तर प्रदेश का लोक एवं जनजातीय संस्कृति संस्थान इन धुनों को फिर से जीवंत करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने के उद्देश्य से संस्थान देश व प्रदेश की जनजातियों के 200 से अधिक लुप्तप्राय वाद्य यंत्रों का संरक्षण कर रहा है। इस दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में संस्थान द्वारा समय-समय पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं। इन प्रदर्शनियों के माध्यम से न केवल वाद्य यंत्रों को सहेजा जा रहा है, बल्कि उन्हें बजाने वाले जनजातीय कलाकारों को भी मंच मिल रहा है।  संरक्षित वाद्य यंत्रों में शामिल हैं प्राचीन ढोलक, नगाड़ा, डफ, ढफली, डमरू व थाली उत्तर प्रदेश के गोंड, थारू, बुक्सा, खरवार, सहरिया, बैगा, अगरिया, चेरो व माहीगीर जैसी जनजातियों के लोकजीवन में संगीत की विशेष भूमिका रही है। मंजीरा, चिमटा, खड़ताल व घुंघरुओं की खनक,  बीन व सारंगी की सुरमयी धुनें इन समुदायों की पहचान रही हैं। डिजिटल दौर में जब ये वाद्य यंत्र धीरे-धीरे विलुप्त हो रहे हैं, ऐसे समय में संस्थान का यह प्रयास सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की मिसाल बन रहा है। इस क्रम में संस्थान द्वारा जनजातियों के प्राचीन ताल वाद्य यंत्रों जैसे ढोलक, नगाड़ा, डफ, ढफली, डमरू, ढक व थाली का संरक्षण किया जा रहा है। वहीं, सुर वाद्यों में बांसुरी, बीन व सारंगी तथा लय वाद्यों में मंजीरा, चिमटा, घुंघरू व खड़ताल जैसे 200 से अधिक पारंपरिक वाद्य यंत्रों को भी संरक्षित किया जा रहा है। कला कुंभ व कला गांव में लगाई गई वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी  प्रदेश के लोक एवं जनजातीय संस्कृति संस्थान ने इस दिशा में पिछले वर्ष प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के अवसर पर कला कुंभ में इन वाद्य यंत्रों को प्रदर्शित किया था, जिसे देश-विदेश से आए कला प्रेमियों और पर्यटकों ने खूब सराहा। इसी तरह यूपी दिवस के अवसर पर कला गांव में भी इन वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसने युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। जनजातीय गौरव बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित जनजातीय भागीदारी महोत्सव में जब पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज सुनाई दी, तो यह स्पष्ट हो गया कि ये प्रयास केवल संरक्षण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि एक खोती हुई विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी हैं। लोक एवं जनजातीय संस्कृति संस्थान की यह पहल संदेश देती है कि परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाकर ही सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखा जा सकता है।

स्टार्टअप्स को मिलेगी नई उड़ान: मैपकास्ट में शुरू हुआ AI आधारित उद्यमिता कार्यक्रम

भोपाल. मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित छह सप्ताह के उद्यमिता विकास कार्यक्रम का शुभारंभ विज्ञान भवन, नेहरू नगर, भोपाल में किया गया। यह प्रशिक्षण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार के प्रवर्तन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में नवाचार, तकनीकी दक्षता एवं उद्यमशील सोच को सशक्त करना है। इसके अंतर्गत प्रतिभागियों को एआई की मौलिक एवं उन्नत अवधारणाओं, आधुनिक टूल्स तथा उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे वे सामाजिक एवं औद्योगिक समस्याओं के समाधान हेतु नवाचारी, स्केलेबल एवं सतत स्टार्ट-अप विकसित कर सकें। कार्यक्रम में अखिल भारतीय सह–संगठन मंत्री, विज्ञान भारती  प्रवीण रामदास ने कहा कि स्टार्ट-अप एवं स्वरोजगार रोजगार सृजन के प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप न केवल युवाओं के कैरियर निर्माण में सहायक होते हैं, बल्कि इनके प्रारंभ होने से अन्य युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित होते हैं।अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान उपाध्यक्ष डॉ. राजीव दीक्षित ने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग व्यापार एवं उद्योग, शिक्षा, सुरक्षा, कृषि तथा स्वास्थ्य सेवा सहित सभी क्षेत्रों में किया जाए। जल संरक्षण विशेषज्ञ  सुनील चतुर्वेदी ने प्रशिक्षणार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम को सामयिक एवं महत्वपूर्ण बताया। महानिदेशक, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद डॉ. अनिल कोठारी ने परिषद द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि युवाओं को तकनीक, विपणन एवं वित्तीय सहायता के माध्यम से स्टार्ट-अप प्रारंभ करने में सहयोग देना परिषद की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। कार्यक्रम में स्टार्ट-अप फाउंडर  प्रदीप कर्मबेलकर भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उद्यमिता की समझ, एमएसएमई सहायता योजनाएं, वित्तीय संस्थान, परियोजना चयन एवं पूर्व-व्यवहार्यता अध्ययन, बाजार सर्वेक्षण, प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट निर्माण, संचार एवं सॉफ्ट स्किल्स विकास, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, जनरेटिव एआई, उत्पादन योजना, कार्यशील पूंजी प्रबंधन, विपणन, वित्त, मानव संसाधन, कानूनी औपचारिकताएं, कराधान तथा नेतृत्व कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रतिभागियों को इंटरएक्टिव टूल्स, ग्राफिक्स एवं ऑगमेंटेड रियलिटी के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम में देश के विभिन्न संगठनों एवं संस्थानों से जुड़े अनुभवी विशेषज्ञ, शासकीय विभागों के अधिकारी, सफल उद्यमी, बैंकर्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, विपणन एवं प्रेरणात्मक विशेषज्ञ तथा उद्यमिता विकास संस्थानों के प्रतिनिधि अपने अनुभव साझा करेंगे। प्रशिक्षण की कार्य प्रणाली में व्याख्यान, केस स्टडी, समूह अभ्यास, प्रस्तुतिकरण, हैंड्स-ऑन सत्र एवं उद्यमियों के साथ संवाद शामिल रहेगा।  

कोठा बैराज परियोजना की प्रगति पर मंत्री सिलावट की कड़ी नजर

भोपाल. जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने बुधवार को विदिशा जिले की कुरवाई तहसील में निर्माणाधीन कोठा बैराज परियोजना के कार्यों का जायजा लिया। इस अवसर पर कुरवाई विधायक  हरि सिंह सप्रे,  हमीर सिंह दांगी सहित अन्य जन-प्रतिनिधि और विभागीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। मंत्री  सिलावट ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संपूर्ण कार्य तय अवधि में पूर्ण गुणवत्‍ता के साथ पूरे किये जायें। मंत्री  सिलावट ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्‍व में सिंचाई के रकबे को बढ़ाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। राज्य सरकार वर्तमान में 54 लाख हैक्‍टेयर सिंचाई से वर्ष 2028-29 तक 100 लाख हैक्‍टेयर क्षेत्र में प्रदेश के अन्‍नदाताओं को सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध करवाने के लिये दृढ़ संकल्‍पित है। मंत्री  सिलावट ने कहा कि विदिशा जिले की कोठा बैराज परियोजना लागत 860 करोड़ है, से विदिशा जिले के कुरवाई तहसील के 77 ग्रामों की 20 हजार 622 हैक्‍टेयर एवं गंजबासौदा तहसील के 6 ग्रामों की 1650 हैक्‍टेयर कुल 22 हजार 272 हैक्‍टेयर क्षेत्र में सूक्ष्‍म सिंचाई प्रणाली द्वारा सिंचाई सुविधा उपलब्‍ध करवाई जायेगी। परियोजना से कुल 83 ग्रामों के 25 हजार 500 कृषक लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही लगभग 325 ग्रामों के लगभग 2.5 लाख आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा भी उपलब्‍ध करवाई जायेगी। परियोजना अंतर्गत बांध का 92 प्रतिशत कार्य एवं पाइप लाइन का 75 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है। मंत्री  सिलावट ने परियोजना को जून 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये हैं। उन्होंने परियोजना की प्रगति की समीक्षा प्रत्‍येक 15 दिवस में मुख्‍य अभियंता स्‍तर पर एवं प्रत्‍येक माह में एक बार राज्‍य स्‍तर पर वी‍डियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्‍यम से भी करने के निर्देश दिये हैं।  

सिनेमा को मिला मुख्यमंत्री का समर्थन: डॉ. यादव ने ‘गोदान’ का ट्रेलर–पोस्टर जारी किया

भोपाल . मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री निवास में गौमाता पर केंद्रित फिल्म 'गोदान' का ट्रेलर लाँच किया और फिल्म के पोस्टर का विमोचन किया। यह फिल्म आगामी 6 फरवरी को रिलीज होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं जनप्रतिनिधियों के साथ फिल्म "गोदान" देखने जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं बाल्यकाल से गोपालन और गोसेवा से जुड़े हैं। गौमाता न सिर्फ दूध देती है बल्कि वातावरण को सकारात्मक बनाए रखने का कार्य करती है। गो सेवा से जो संतोष प्राप्त होता है, उसकी तुलना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि गौ माता का महत्व हमारी संस्कृति में आज से नहीं भगवान राम और कृष्ण के युग से सर्वोपरि रहा है। मध्यप्रदेश सरकार ने गौशालाओं के प्रबंधन, आधुनिक तकनीक का उपयोग कर बड़ी गौशालाओं के संचालन, गौवंश संरक्षण, गोपालकों को दूध के विक्रय पर समुचित लाभ दिलवाने की व्यवस्था की है। उच्च शिक्षा में पशुपालन से संबंधित पाठ्यक्रमों को समावेश कर युवाओं को भी प्रेरित किया जा रहा है। गौशालाओं को प्रति गाय आहार के लिए 20 रुपए के स्थान पर 40 रुपए प्रदान की जा रही है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ अनुबंध, गोपालकों को प्रति लीटर 8 रुपए तक लाभ प्रदान करने और जबलपुर एवं ग्वालियर के दुग्ध संयंत्रों को नवीनीकृत करने के प्रयास शामिल हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामधेनू फिल्म प्रोडेक्शन और इसके निर्माता, निर्देशक  विनोद चौधरी सहित  अजीत प्रसाद महापात्र,  शान्तनु शुक्ला, डॉ. इन्द्रेश प्रताप सिंह, डॉ. मधुसूदन शर्मा,  वेदपाल झा को फिल्म निर्माण के लिए बधाई दी। इस अवसर पंचगव्य उत्पाद भी लांच किए गए।

जनजातीय सशक्तिकरण पर फोकस: राज्यपाल का भारिया समुदाय से संवाद

भोपाल. राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन अभियान एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और जीवन स्तर में सुधार है। उन्होंने उपस्थित समुदाय को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। योजनाओं का लाभ उठाकर, प्रगति करने का आह्वान किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए। पीएम जनमन अभियान अंतर्गत पीएम आवास निर्माण में देश में अग्रणी रहने पर उन्होंने छिंदवाड़ा जिला प्रशासन की सराहना की। राज्यपाल  पटेल बुधवार को छिंदवाड़ा जिले की तामिया तहसील की ग्राम पंचायत भोड़ियापानी में आयोजित संवाद कार्यक्रम में भारिया जनजातीय समुदाय से आत्मीय संवाद के दौरान कही। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास के प्रयासों में सभी का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने सिकल सेल एवं क्षय रोग की समय पर जांच, उपचार और जागरूकता पर बल दिया। शासन द्वारा मरीजों को नि:शुल्क दवाएं मिलने की जानकारी दी। दवाओं के नियमित सेवन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जिले में तुलनात्मक रूप से कम संख्या में जनजातीय समुदाय के प्रभावित होने के दृष्टिगत जिले को सिकल सेल मुक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। इस दिशा में जागरूकता के प्रसार की आवश्यकता बताई। राज्यपाल  पटेल का कार्यक्रम के प्रारंभ में पारंपरिक मोर मुकुट पहनाकर विधायक अमरवाड़ा  कमलेश प्रताप शाह, राज्य भारिया प्राधिकारण अध्यक्ष  दिनेश कुमार अंगारिया ने अभिनंदन किया। स्थानीय नागरिकों एवं छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सैला व गैंडी लोकनृत्य से स्वागत किया। कन्या आश्रम में छात्राओं से की चर्चा राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने ग्राम पंचायत में संचालित आदिवासी नवीन कन्या आश्रम की रहवासी छात्राओं से आत्मीय चर्चा की उन्हें मन लगाकर पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल ने भारिया हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के हितलाभ वितरित किए राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के 11 स्व-सहायता समूहों को 47 लाख रुपये की सहायता चेक वितरित किए। बिरसा मुंडा स्वरोजगार, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण, मुख्यमंत्री दुधारू पशु, मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजनाओं हितलाभ और सिकल सेल मरीजों को डिजिटल प्रमाणपत्र, टीबी मरीजों को फूड बास्केट वितरित किए। हिंसक वन जीवों से बचाव के लिए असाधारण साहसिक कार्य के लिए कुंवाखुट्टी की कक्षा 9वीं की छात्रा कु. कपूरी भारती को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। राज्यपाल ने पंचायत में ‘स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ सेवा का शुभारंभ किया राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने स्वच्छ भारत एवं जल जीवन मिशन को धरातल पर उतारने की जिला पंचायत की अभिनव पहल ‘स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स प्लस’ सेवा का पंचायत भोड़ियापानी में शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि इस सेवा का राज्यपाल द्वारा 26 सितंबर 2024 को शुभारंभ किया गया था। उनको बताया गया कि सेवा के अंतर्गत व्यक्तिगत, संस्थागत शौचालयों की नियमित सफाई एवं आवश्यक मरम्मत के कार्य निर्धारित सुविधा शुल्क पर किए जा रहे है। वर्तमान में 55 हजार यूनिट व्यक्तिगत एवं संस्थागत शौचालयों की सफाई के द्वारा कार्य में संलग्न 50 साथियों द्वारा 55 लाख रूपये से अधिक की आय अर्जित की गई है। राज्यपाल ने जनमन आवास और होम-स्टे का किया अवलोकन राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने तामिया के भोड़ियापानी में जनमन आवास योजना हितग्राही मती राजवती भारती के घर पारंपरिक ग्रामीण खाद्य पदार्थों का सेवन किया। ग्राम चिमटीपुर में होम-स्टे का निरीक्षण किया। उनको हितग्राही  रूपलाल पन्द्राम ने बताया कि होम-स्टे में प्रति माह लगभग 15 से 20 पर्यटक रुकते हैं। उन्हें अच्छा लाभ हो रहा है। राज्यपाल ने स्वास्थ्य शिविर और जैविक उत्पाद प्रदर्शनी का अवलोकन किया राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने तामिया की ग्राम पंचायत भोड़ियापानी में सिकल सेल एवं गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत लगे स्वास्थ्य जांच शिविर का अवलोकन कर मरीजों से संवाद किया। उन्हें नियमित उपचार की सलाह दी। उन्होंने दो एकड़ में प्राकृतिक खेती से केले की उन्नत फसल से 8 लाख की आय अर्जित करने वाले किसान पूरनलाल इनवाती का उत्साहवर्धन किया। “एक जिला एक उत्पाद” पहल तथा “पातालकोट आजीविका उत्पाद” ऑनलाइन मंच के नवाचार और कृषि, उद्यानिकी व राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जैविक और प्राकृतिक उत्पाद प्रदर्शनी की सराहना की। 

राष्ट्रीय मंच पर जबलपुर की उपलब्धि: EMRS PGT को मिला तृतीय पुरस्कार

भोपाल. नई दिल्ली में 28 जनवरी, 2026 को मॉडल यूथ ग्राम सभा (एमवाईजीएस) पुरस्कार समारोह आयोजित हुआ। इसमें देश के विजेता स्कूलों और छात्रों को सम्मानित किया गया। समारोह में केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल और केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार शामिल हुए। विद्यालय की प्राचार्य  अविनाश रानी, शिक्षकगण एवं विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यालय परिवार ने इस सफलता को टीम वर्क, अनुशासन और नेतृत्व विकास का परिणाम बताया। समारोह में 28,000 से अधिक छात्रों ने सहभागिता की। सहभागिता करने वालो छात्रों ने ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की कार्यवाही में भाग लिया था। मॉडल यूथ ग्राम सभा पहल का उद्देश्य युवा नेतृत्व और सहभागी शासन व्यवस्था को सशक्त बनाना है। पंचायती राज मंत्रालय, जनजातीय मंत्रालय एवं शिक्षा मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मॉडल यूथ ग्राम सभा कार्यक्रम में जिले के विद्यालय ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय में मॉडल यूथ ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में स्थानीय स्वशासन की समझ विकसित करना एवं नेतृत्व क्षमता को प्रोत्साहित करना था। विद्यालय के शिक्षक अभिषेक त्रिपाठी एवं राज रौशन (टीजीटी सामाजिक विज्ञान) ने विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया। उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के विद्यार्थियों ने मॉडल यूथ ग्राम सभा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसके परिणामस्वरूप विद्यालय को जबलपुर जोन स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ। इसके पश्चात राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भी विद्यालय ने प्रथम स्थान हासिल किया तथा राष्ट्रीय स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया।  

प्रदेश का नाम रोशन: पाँच जिलों से 23 मैत्री कार्यकर्ता हुए शामिल

भोपाल. नई दिल्ली में आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मध्यप्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग में कार्यरत ‘मैत्री’ कार्यकर्ताओं को धर्म-पत्नियों के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में भारत सरकार द्वारा आमंत्रित किया गया था। इस अवसर पर विदिशा, देवास, रतलाम, नीमच, मंदसौर एवं बैतूल जिलों के कुल 23 मैत्री कार्यकर्ता विभागीय नोडल अधिकारियों के नेतृत्व में कार्यक्रम में शामिल होकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस भारत सरकार द्वारा केंद्रीय पशुपालन एवं डेयरी मंत्री   राजीव रंजन सिंह के साथ मैत्री कार्यकर्ताओं का संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान विदिशा जिले के   शैलेंद्र भार्गव एवं देवास जिले के   लोकेंद्र सिंह ठाकुर से मंत्री   सिंह ने प्रत्यक्ष संवाद किया। संवाद में मैत्री कार्यकर्ताओं द्वारा जमीनी स्तर पर किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली गई तथा योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सुझाव भी आमंत्रित किए गए। सभी मैत्री कार्यकर्ता धर्म-पत्नियों के साथ कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में उपस्थित रहे और इस ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बने। मैत्री कार्यकर्ताओं ने यह अवसर प्रदान करने के लिए भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश पशुपालन एवं डेयरी विभाग का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विभाग की ओर से नोडल अधिकारी के रूप में डॉ. श्रद्धा परिहार, डॉ. प्रीति मकवाना, डॉ. संदीप कुमरे तथा   रविंद्र सिंह गौर भी मैत्री कार्यकर्ताओं के साथ कार्यक्रम में उपस्थित रहे।  

खेलों के जरिए अनुशासन और सीख का विकास: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल. उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि खिलाड़ी को खेल में जीतने के साथ सीखना भी चाहिए। हार-जीत से परे रहकर अपनी टीम के लिये अपना सर्वोत्तम देना ही खिलाड़ी का दायित्व है। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने स्पोर्टस कॉम्पलेक्स रीवा में खेलो एमपी यूथ गेम्स में फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि खेल भावना से खेलना चाहिए। हार-जीत से कोई फर्क नहीं पड़ता। जीतने पर घमण्ड न हो तथा हारने पर निराशा न हो। समभाव से अपना योगदान देकर सीखने की ललक के साथ प्रतियोगिता में भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को अच्छे मैदान व खेल के आयोजन आवश्यक हैं। रीवा में खेल के मैदानों की कमी नहीं है और खेल प्रतियोगिताएँ भी आयोजित हो रही हैं जिनके माध्यम से खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर यह आयोजन हो रहा है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दी। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने कहा कि स्पोर्टस कॉम्पलेक्स में अप्रैल माह तक साढ़े दस करोड़ रूपये लागत के सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण हो जायेगा। उप मुख्यमंत्री   शुक्ल ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। रीवा के स्पोर्टस कॉम्पलेक्स, टीआरएस मैदान और सैनिक स्कूल ग्राउण्ड में प्रदेश के संभाग के खिलाड़ी फुटबॉल मैच खेल रहे हैं। रीवा से भी 400 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने राज्य स्तर पर गये हैं। इस अवसर पर विधायक मनगवां इंजी. नरेन्द्र प्रजापति, पुलिस अधीक्षक   शैलेन्द्र सिंह चौहान, संभागीय खेल अधिकारी   एम.के. धोलपुरी सहित खेल प्रेमी तथा संभागों के खिलाड़ी व कोच उपस्थित रहे।