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डॉ. तीजन बाई श्रद्धांजलि समारोह की तैयारियां तेज, शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण

रायपुर. प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव पद्म विभूषण से सम्मानित, विश्वविख्यात पंडवानी गायिका एवं छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की अमूल्य धरोहर स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के गृहग्राम गनियारी स्थित निवास पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं तथा इस दुःख की घड़ी में उन्हें ढांढस बंधाया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार 14 जुलाई को आयोजित होने वाले दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में परिवारजनों एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा कर आवश्यक व्यवस्थाओं की चर्चा की। यादव ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई का निधन केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि समूचे छत्तीसगढ़ और देश की सांस्कृतिक विरासत की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपनी विलक्षण पंडवानी गायन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोककला को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका सांस्कृतिक योगदान, व्यक्तित्व और कला सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि दशगात्र एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिवंगत डॉ. तीजन बाई के प्रशंसकों, कला जगत से जुड़े लोगों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति को देखते हुए बैठक, भोजन, आवागमन सहित सभी व्यवस्थाएं गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने परिवारजनों से आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की तथा आश्वस्त किया कि राज्य शासन इस अवसर पर हर संभव सहयोग प्रदान करेगा। इस अवसर पर महापौर निर्मल कोसरे, ग्रामवासी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

Punjab Weather Update: मानसून की धीमी चाल, गर्मी से राहत नहीं; मोहाली समेत 6 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट

चंडीगढ़  पंजाब में मानसून अगले दो से तीन दिनों में फाजिल्का और मुक्तसर के शेष हिस्सों तक पहुंच जाएगा। इसके साथ ही पूरा पंजाब मानसून की चपेट में आ जाएगा। विभाग ने 12 जुलाई तक राज्य में बारिश की अच्छी गतिविधियों का पूर्वानुमान जताया है। मंगलवार को अधिकतर स्थानों पर मौसम शुष्क रहा, हालांकि कुछ जिलों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बारिश सीमित रहने के कारण गर्मी का असर बना रहा और राज्य में अधिकतम तापमान 1.3 डिग्री बढ़ गया। फरीदकोट में पारा 42.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ ने अगले 48 घंटे अहम बताते हुए आज और 9 जुलाई के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। आज पंजाब के 21 जिलों में बारिश की संभावना है। इनमें 6 जिलों पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर और पटियाला में कई स्थानों पर, जबकि तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब, मोगा और बठिंडा में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। आसमान में बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग की तरफ से पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर और मोहाली में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, पटियाला, तरनतारन, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा और बठिंडा में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।  मौसम विभाग का कहना है कि फाजिल्का और मुक्तसर के कुछ हिस्सों को छोड़कर तीन जुलाई तक मानसून राज्य के अधिकतर इलाकों में पहुंच चुका है। आगामी दिनों में बारिश का दायरा बढ़ने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस व गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।  बिजली की मांग 15 हजार मेगावाट गर्मी अधिक होने की वजह से मंगलवार को बिजली की मांग 15,003 मेगावाट दर्ज की गई। इस दौरान राज्य का अपना बिजली उत्पादन 4,673 मेगावाट रहा, जबकि केंद्रीय पूल से 10,578 मेगावाट बिजली निर्धारित कराई गई। वहीं, ग्रिड की फ्रीक्वेंसी 50.05 हर्ट्ज दर्ज की गई। बांधों में जलस्तर भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के मुताबिक 7 जुलाई को भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,567.02 फीट दर्ज किया गया। बांध में 38,018 क्यूसेक पानी आया, जबकि 23,229 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं, पौंग बांध का जलस्तर 1,318.71 फीट रहा। इसमें 17,875 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज हुई, जबकि 15,500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सारे हिस्सों में पहुंच जाएगा मानसून मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ के डायरेक्टर सुरेंद्र पाल के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पंजाब के बाकी हिस्सों में भी पूरी तरह फैलने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। अब केवल दो जिले ही शेष हैं। मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और इसके असर से राज्य के अधिकांश इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इसके चलते लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। साथ ही, एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिससे मानसून को मजबूती मिलेगी और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है।

भोपाल की शत्रु संपत्ति पर नया खुलासा! पाकिस्तान में रहते हुए बेची गई 30.55 एकड़ जमीन, EOW ने शुरू की जांच

भोपाल तत्कालीन भोपाल रियासत के अंतिम नवाब हमीदुल्ला खां की दूसरी पत्नी आफताब जहां बेगम ने पाकिस्तान में रहते हुए 1994 में भोपाल के बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि बेच दी थी।समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को साक्ष्यों सहित शिकायत देकर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शत्रु संपत्ति अधिनियम लागू होने के बावजूद पाकिस्तान निवासी होने का तथ्य छिपाकर करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि का सौदा किया गया, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि भी हो सकती है। सहकारी आवासीय संस्था को बेची जमीन शिकायत में दावा किया है कि 31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को मात्र 30.55 लाख रुपये में बेच दी। सौदे के समय केवल 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए, जबकि शेष 29 लाख रुपये चार किस्तों में लेने का अनुबंध किया गया था।वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। चार किश्तों में लेने का अनुबंध किया गया था अमिताभ अग्निहोत्री ने दावा किया है कि 31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम ने बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि एक सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपये में बेच दी। शिकायत के अनुसार सौदे के समय केवल 1.55 लाख रुपये चेक से लिए गए, जबकि शेष 29 लाख रुपये चार किश्तों में लेने का अनुबंध किया गया था। स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए वर्ष 1959 के राजस्व अभिलेखों के अनुसार आफताब जहां बेगम के नाम बेहटा में लगभग 655 एकड़ और बोरबन क्षेत्र में करीब 102 एकड़ भूमि दर्ज थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान निवासी होने के कारण यह संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती थी। इसलिए इसकी खरीद-बिक्री, नामांतरण, भवन अनुमति और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियों की वैधता की जांच की जानी चाहिए। शिकायत में यह भी मांग की गई है कि बिक्री के समय आफताब जहां बेगम भारत में मौजूद थीं या नहीं, उनके पासपोर्ट और यात्रा अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। साथ ही यह भी जांच की जाए कि भूमि सौदे में काले धन का इस्तेमाल या स्टाम्प ड्यूटी की चोरी तो नहीं हुई। शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कस्टोडियन विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व, कलेक्टर और एडीएम भोपाल को भी भेजी गई है। शिकायत में उठाए गए प्रमुख सवाल     क्या पाकिस्तान निवासी होने के बावजूद भूमि की बिक्री वैध थी?     क्या संबंधित जमीन शत्रु संपत्ति घोषित की जानी चाहिए थी?     क्या नामांतरण और भवन अनुमति नियमों के अनुरूप जारी हुई?     क्या सरकार को स्टाम्प ड्यूटी का नुकसान हुआ?     क्या भूमि सौदे में ब्लैक मनी का इस्तेमाल हुआ? क्या है शत्रु संपत्ति कानून? भारत में शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत उन व्यक्तियों की संपत्तियां, जिन्होंने शत्रु देश की नागरिकता ग्रहण कर ली, केंद्र सरकार के कस्टोडियन के नियंत्रण में लाई जा सकती हैं। हालांकि किसी विशेष संपत्ति पर यह कानून लागू होता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और न्यायालय उपलब्ध अभिलेखों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर करते हैं। शिकायत में यह आरोप उनका आरोप है कि पाकिस्तान निवासी होने के कारण यह संपत्ति शत्रु संपत्ति की श्रेणी में आ सकती थी, इसलिए इसकी खरीद-बिक्री, नामांतरण, भवन अनुमति और अन्य प्रशासनिक स्वीकृतियों की वैधता की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच में यह स्पष्ट किया जाए कि बिक्री के समय आफताब जहां बेगम भारत में मौजूद थीं या नहीं, उनके पासपोर्ट और यात्रा अभिलेखों का सत्यापन किया जाए। यह भी देखा जाए कि भूमि सौदे में काले धन का इस्तेमाल या स्टांप ड्यूटी की चोरी तो नहीं हुई। शिकायत की प्रतिलिपि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय, कस्टोडियन विभाग, प्रमुख सचिव राजस्व, कलेक्टर और एडीएम भोपाल को भी भेजी गई है। यह है शत्रु संपत्ति कानून भारत में शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के तहत उन व्यक्तियों की संपत्तियां, जिन्होंने शत्रु देश की नागरिकता ग्रहण कर ली, केंद्र सरकार के कस्टोडियन के नियंत्रण में लाई जा सकती है। हालांकि, किसी विशेष संपत्ति पर यह कानून लागू होता है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी और न्यायालयों द्वारा उपलब्ध अभिलेखों एवं कानूनी प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।  

‘बहू गर्म रोटी न दे तो मेरे पास आ जाना’, SDM की मजेदार बात का वीडियो हुआ वायरल

जयपुर सरकारी कार्यक्रमों की तस्वीर दिमाग में लाइए. मंच पर अफसर, सामने कुर्सियों पर बैठे लोग, फाइलें, भाषण और औपचारिक बातें. लेकिन जयपुर के चौमू में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान ऐसा डायलॉग सुनने को मिला कि पूरा माहौल ही बदल गया. मौका था पट्टा वितरण शिविर का. एक बुजुर्ग महिला अपनी जमीन बेटे के नाम कर रही थीं. सारी कागजी प्रक्रिया पूरी हुई, दस्तावेज सौंपे गए और तभी चौमू के एसडीएम आशीष शर्मा ने मुस्कुराते हुए महिला से कहा- अब जमीन दे दी… बहू गर्म रोटी नहीं दे तो मेरे पास आ जाना. बस… इतना सुनना था कि पूरा पंडाल ठहाकों से गूंज उठा. खुद बुजुर्ग महिला भी मुस्कुरा दीं. सबसे मजेदार बात ये रही कि उस समय उनका बेटा और बहू भी वहीं खड़े थे और उन्होंने भी इस बात को हंसी-मजाक में ही लिया. दरअसल, अक्सर यह कहा जाता है कि कई बुजुर्ग अपनी सारी संपत्ति बच्चों के नाम कर देते हैं और बाद में उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ता है. एसडीएम ने इसी सामाजिक धारणा को हल्के-फुल्के अंदाज में छेड़ते हुए यह कमेंट किया था. वहां मौजूद लोगों ने इसे मजाक के तौर पर लिया और माहौल खुशगवार हो गया. VIDEO सोशल मीडिया पर छा गया कार्यक्रम में मौजूद किसी शख्स ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. देखते ही देखते वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. लोग एसडीएम के इस अंदाज की तारीफ कर रहे हैं. कई यूजर्स लिख रहे हैं कि सरकारी कार्यक्रमों में ऐसे हल्के पल कम ही देखने को मिलते हैं. वहीं कुछ लोग इस कमेंट के पीछे छिपे मैसेज की भी चर्चा कर रहे हैं. उनका कहना है कि मजाक के जरिए बुजुर्गों की देखभाल और सम्मान जैसी बात भी सामने आ गई. हालांकि, यह वीडियो सिर्फ इसलिए वायरल नहीं हो रहा कि एसडीएम ने मजेदार बात कही, बल्कि इसलिए भी कि एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम में कुछ पल के लिए माहौल बिल्कुल घरेलू हो गया. और यही वजह है कि चौमू का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है.

दिल्ली में 70 लाख पौधे लगाए जाएंगे, रिज क्षेत्र में लगेंगे पीपल, नीम और बरगद

नई दिल्ली  तीन-चार वर्षों में दिल्ली के रिज क्षेत्र की सूरत बदलने वाली है। यहां से विलायती कीकर और बबूल जैसे पेड़ों को हटाकर उनकी जगह पर्यावरण के अनुकूल और ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, जामुन जैसे देसी प्रजाति के पेड़ लगाए जाएंगे। इस तरह पूरे रिज क्षेत्र को 'दिल्ली का लंग्स' यानी फेफड़ा बनाया जाएगा, जो शहर को स्वच्छ हवा मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाएगा। आम लोगों को प्रकृति से जोड़ने के लिए रिज एरिया में खास तरह के 8 वन भी बनाए जाएंगे और उनमें अलग-अलग तरह के देसी प्रजाति के पेड़-पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही रिज एरिया में मौजूद वॉटर बॉडीज और पुरातात्विक संरचनाओं का संरक्षण भी किया जाएगा। यहां 70 से अधिक छोटे तालाब और कुछ छोटे रेस्तरां भी बनाए जाएंगे। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में पौधरोपण महाअभियान की शुरुआत करते हुए ये जानकारियां साझा कीं। इस अभियान के तहत दिल्ली में 70 लाख पौधे लगाए जाएंगे। प्रदूषण कम करने पर जोर अभियान के तहत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सरकारी विभागों, स्कूलों, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। इसका उद्देश्य सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना भी है। सरकार का कहना है कि इससे राजधानी का हरित क्षेत्र बढ़ेगा, वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और आने वाले वर्षों में दिल्ली को प्रदूषण से राहत दिलाने में मदद मिलेगी।

पारा शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, 7304 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन इसी महीने संभव

रांची  राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में पारा शिक्षकों (सहायक अध्यापकों) के लिए आरक्षित 7304 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी. इसके लिए मंगलवार को कार्मिक विभाग ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को अधियाचना भेज दी. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग इस माह के अंत तक नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित करेगा. सितंबर तक परीक्षा और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. राज्य के प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति में पारा शिक्षकों के लिए 50 प्रतिशत पद आरक्षित हैं. शिक्षकों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले माह राज्य सरकार को पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित रिक्त पदों पर नियुक्ति करने का आदेश दिया था. 50% पदों पर सिर्फ पारा शिक्षकों से आवेदन अदालत ने राज्य में सहायक शिक्षकों और सहायक आचार्यों के कुल रिक्त पदों में से 50 प्रतिशत पद विशेष रूप से पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित करते हुए चार सप्ताह के भीतर अधिसूचना जारी करने का निर्देश दिया था. अदालत ने स्पष्ट किया था कि इन पदों के लिए केवल पारा शिक्षकों से ही आवेदन आमंत्रित किए जाए. वरिष्ठता नहीं, परीक्षा के आधार पर होगी बहाली दरअसल पारा शिक्षकों ने वरिष्ठता के आधार पर अपनी सेवाओं को सरकारी शिक्षक के रूप में नियमित करने की मांग की थी. शीर्ष अदालत ने उनकी सेवाओं को नियमित करने संबंधी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि ऐसा करना भर्ती का एक नया तरीका तैयार करना होगा, जो कानूनन सही नहीं होगा. हालांकि, न्यायालय ने शिक्षा विभाग को रिक्त पदों पर पारा शिक्षकों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया था. इसके बाद विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है. नियुक्ति के लिए पारा शिक्षकों को सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली, 2022 के तहत परीक्षा देनी होगी. नियमावली के अनुरूप उन्हें आयु सीमा में भी छूट दी जायेगी. परीक्षा कुल 400 अंकों की होगी. नियुक्ति के लिए पद श्रेणी    सीधी नियुक्ति    बैकलॉग नियुक्ति कक्षा 1 से 5    1,909    847 कक्षा 6 से 8    4,197    351 कौन शामिल हो सकेंगे परीक्षा में? परीक्षा में वही पारा शिक्षक शामिल हो सकेंगे, जिन्होंने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटीइटी) उत्तीर्ण की है. कक्षा एक से पांच और छह से आठ के लिए अलग-अलग परीक्षाएं आयोजित की जायेंगी. कक्षा छह से आठ के लिए तीन विषयों में स्नातक प्रशिक्षित शिक्षकों की नियुक्ति होगी. इनमें गणित एवं विज्ञान, भाषा तथा सामाजिक विज्ञान विषय शामिल हैं. अब तक 13 हजार पारा शिक्षक बन चुके हैं सरकारी शिक्षक राज्य में अब तक लगभग 13 हजार पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक बन चुके हैं. राज्य में 26 हजार सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है. इनमें 13 हजार पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित हैं. वर्तमान नियुक्ति प्रक्रिया में अब तक लगभग सात हजार पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक बने हैं. इनमें गैर-पारा शिक्षक श्रेणी के पदों पर चयनित अभ्यर्थी भी शामिल हैं.

Punjab News: जालंधर के हुक्का बारों पर छापा, भारी मात्रा में फ्लेवर्ड तंबाकू जब्त; ADCP बोले- नशे का कारोबार नहीं होगा बर्दाश्त

जालंधर  जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने 'युद्ध नशा विरुद्ध' अभियान के तहत अर्बन एस्टेट इलाके में चल रहे अवैध हुक्का बारों पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में फ्लेवर्ड तंबाकू, हुक्के और अन्य संबंधित सामान बरामद किया।  एडीसीपी राकेश यादव ने बताया कि मंगलवार शाम पुलिस को इस मामले में गुप्त सूचना मिली थी। उसी के आधार पर एसीपी वेस्ट और एसीपी मॉडल टाउन की निगरानी में कार्रवाई की योजना तैयार की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन अलग-अलग थानों की पुलिस टीमों को शामिल कर एक संयुक्त टीम बनाई गई। इसके बाद पुलिस ने पूरी तैयारी के साथ अर्बन एस्टेट इलाके के संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामान बरामद तलाशी के दौरान पुलिस टीम को हुक्का बार के अंदर से भारी मात्रा में प्रतिबंधित फ्लेवर्ड तंबाकू, कई हुक्के और अन्य संबंधित सामान बरामद हुआ। पुलिस ने बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई के लिए सील कर दिया है। तीन लोग हिरासत में, पूछताछ जारी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके पर मौजूद तीन लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि अवैध कारोबार के मुख्य संचालक और इसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। अवैध कारोबारियों को सख्त चेतावनी एडीसीपी राकेश यादव ने स्पष्ट किया कि जालंधर शहर में किसी भी तरह के अवैध काम और नशे के कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस 'युद्ध नशा विरुद्ध' अभियान के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है और ऐसे तत्वों के खिलाफ आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। जनता से सहयोग की अपील पुलिस ने आम जनता से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। एडीसीपी ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में इस तरह का अवैध कारोबार या नशे की बिक्री की जानकारी मिलती है, तो लोग तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और उसकी सुरक्षा का ध्यान रखा जाएगा।

MP Rain: उमरिया में भारी बारिश के बाद जोहिला बांध लबालब, दो गेट खोले गए; मनमोहक नजारा देखने पहुंचे सैकड़ों लोग

उमरिया  उमरिया में बीते कई दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिसकी वजह से नाले और नद‍ियां लगातार उफान पर होने को आतुर हैं. शहडोल संभाग के अलग-अलग हिस्सों में अच्छी खासी बारिश के चलते संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित जोहिला बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है. स्थिति को देखते हुए मंगलवार को बांध के दो गेट लगभग दो-दो मीटर तक खोल दिए गए।  जोहिला बांध के दो गेट खोले उमरिया में भी झमाझम बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. इसका असर अब नदी नालों पर भी दिख रहा है. नदी नाले उफान पर आ रहे हैं, उमरिया के संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र स्थित जोहिला बांध का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है, मंगलवार को जोहिला बांध के दो गेट लगभग एक-एक मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा गया है।  सुरक्षा के कड़े इंतेजाम ताप विद्युत केंद्र के अधिकारी मनोज त्रिपाठी ने कहा, "बढ़ते जल स्तर को देखते हुए दो गेट खोले गए हैं. स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है. बांध से पानी छोड़े जाने के बाद अब जिला प्रशासन भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है. प्रशासन ने आम जनता को नदी नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्र के नजदीक न जाने की सलाह दी है. अनावश्यक रिस्क लेने से भी मना किया है।  पुलिस बल और बांध कर्मचारियों की तैनात जोहिला बांध के जो दो गेट खोले गए हैं. यह कदम सुरक्षा सुनिश्चित करने जलस्तर को कंट्रोल करने के मकसद से उठाया गया है. लगातार हो रही बारिश के कारण जलस्तर में वृद्धि दर्ज की जा रही है, गेट खोलने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग बांध का नजारा देखने पहुंचने लगे, इस दौरान कई लोग अपने मोबाइल फोन से वीडियो तस्वीर बनाते भी देखे गए।  सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बांध परिसर में बैरिकेडिंग की गई है. इसके साथ पुलिस बल और बांध कर्मचारियों को भी तैनात किया गया था, जिससे किसी भी तरह के अप्रिय घटना से बचा जा सके. अधिकारियों ने बताया कि अगर बारिश का दौर जारी रहता है और बांध के जलस्तर में और वृद्धि होती है तो और भी गेट खोले जा सकते हैं।  उमरिया में अधीक्षक भू अभिलेख ने बताया है कि, बीते 24 घंटे में 51.8 मिलीमीटर बरसात दर्ज की गई है. जिले में 1 जून से लेकर के 7 जुलाई तक 215.8 मिली मीटर वर्षा रिकार्ड की गई है।  मध्य प्रदेश के विदिशा शहर में मानसून की शुरुआती जोरदार बारिश ने स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका के दावों की जमीनी हकीकत सामने ला दी है. मंगलवार रात को हुई तेज बारिश के बाद शहर के कई मुख्य मार्ग और चौराहे जलमग्न हो गए. ड्रेनेज सिस्टम की नाकामी के चलते सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।  पहली ही बारिश में नगर पालिका के दावे फेल विदिशा शहर के बीचों-बीच स्थित सड़कों पर पानी का भराव इतना ज्यादा है कि, नीचे के गहरे गड्ढे वाहन चालकों को नजर नहीं आ रहे हैं. साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पानी से लबालब भरी सड़कों पर गाड़ियां और मोटरसाइकिलें अनियंत्रित होकर कूद रही हैं. कई दोपहिया वाहन चालक इन गड्ढों के कारण संतुलन खो रहे हैं, जिससे हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। 

Haryana RTE News: 1107 निजी स्कूल हुए ब्लैकलिस्ट, नियमों के उल्लंघन पर सरकार का बड़ा एक्शन

हिसार. शिक्षा निदेशालय की बार-बार चेतावनी देने के बावजूद आखिरकार 22 जिलों के 1107 निजी स्कूलों पर गाज गिर चुकी है। मुख्यमंत्री के आदेश पर उपरोक्त स्कूलों को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। साथ ही दाखिले करने की पावर भी छीन ली गई है। खास बात है कि मुख्यमंत्री ने उपरोक्त ब्लैक लिस्ट में शामिल निजी स्कूलों पर ताला जड़ने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। कारण यह है कि प्रदेश के 1107 निजी स्कूल मान्यता से संबंधित दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। निदेशालय की बार-बार चेतावनी के बावजूद आरटीई के तहत नियमों को पालन नहीं किया, जिस पर निदेशालय ने उपरोक्त कार्रवाई कर दी है। कैथल, गुरुग्राम व हिसार में सर्वाधिक अवैध स्कूल होंगे बंद शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी रिपोर्ट में सर्वाधिक कैथल में 162, गुरुग्राम में 99 व हिसार में 98 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। सबसे कम फतेहाबाद में है जहां 10 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। शिक्षा मंत्री के गृह जिला पानीपत में 92 निजी स्कूल अवैध चल रहे हैं, जिसे बंद करने के आदेश जारी हो चुके हैं। ब्लैक लिस्ट होने वाले निजी स्कूलों का ब्योरा जिला     ब्लैक लिस्ट संख्या कैथल     162 गुरुग्राम     99 हिसार     98 पानीपत     92 भिवानी     76 फरीदाबाद     70 जींद     67 रोहतक     63 करनाल     57 यमुनानगर     51 सोनीपत     45 महेंद्रगढ़     33 पलवल     30 झज्जर     28 चरखी दादरी     23 कुरुक्षेत्र     22 अंबाला     20 रेवाड़ी     16 सिरसा     16 नूंह मेवात     15 पंचकूला     14 फतेहाबाद     10 कुल योग     1107 413 निजी स्कूलों को दिया था मौका, मानक अधूरे मिले प्रदेश में 413 निजी स्कूलों को मर्सी चांस दिया गया था, जो मानकों को पूरा करने का दावा कर रहे थे। लेकिन मान्यता से संबंधित दस्तावेज मांगे तो संतोषजनक जवाब न मिलने पर इन स्कूलों पर भी कार्रवाई की गई है। तीन साल से अवैध स्कूल शिक्षा निदेशालय की आंखों में धूल झोंक कर रहे हैं। मौलिक शिक्षा निदेशक मनिता मलिक ने कहा कि हमने प्रदेश के 1107 निजी स्कूलों को ब्लैक लिस्ट कर दिया है। सर्वाधिक कैथल में 162, गुरुग्राम में 99 व हिसार में 98 निजी स्कूलों पर कार्रवाई की गई है। अब अगली प्रक्रिया में इन स्कूलों पर ताला जड़ा जाएगा।

Punjab-Haryana High Court: 25 साल पुराने केस में आरोपी को नाबालिग माना, सजा को लेकर सुनाया अहम फैसला

चंडीगढ़. पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने 25 साल पुराने दुष्कर्म मामले में दोषी को बड़ी राहत देते हुए उसकी सजा घटाकर पहले से भुगती गई अवधि तक सीमित कर दी है। अदालत ने कहा कि आरोपित वारदात के समय किशोर था। ऐसे में दोषसिद्धि बरकरार रहेगी, लेकिन सजा तय करते समय उसकी उम्र और मामले की विशेष परिस्थितियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मामला हरियाणा के यमुनानगर का है। वर्ष 1999 में दर्ज इस मामले में ट्रायल कोर्ट ने आरोपी शिव कुमार को दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। आरोपित ने फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी। अपील की सुनवाई के दौरान उसकी आयु का परीक्षण कराया गया, जिसमें सामने आया कि घटना के समय वह किशोर था। हाईकोर्ट ने कहा कि यौन अपराध गंभीर हैं और दोषसिद्धि में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है। हालांकि सजा तय करते समय अपराध के साथ-साथ आरोपित की उम्र, सुधार की संभावना और बीते लंबे समय जैसे पहलुओं पर भी विचार करना आवश्यक है।