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फाजिल्का में राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में राज्यपाल करेंगे ध्वजारोहण

फाजिल्का. सीमावर्ती जिला फाजिल्का इस साल गणतंत्र दिवस का सबसे बड़ा मंच बनने जा रहा है। पंजाब सरकार ने 77वें गणतंत्र दिवस का राज्य स्तरीय समारोह पटियाला से बदलकर फाजिल्का में करवाने का निर्णय लिया है, जिसके साथ ही पूरे जिले में उत्साह और तैयारी का माहौल बन गया है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और शहीद भगत सिंह स्टेडियम में ध्वजारोहण करेंगे। प्रशासनिक तंत्र सुरक्षा, परेड और झांकियों की व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। राज्य स्तरीय समारोह की घोषणा के साथ ही फाजिल्का जिला प्रशासन ने तैयारियों को युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। सीमावर्ती होने के कारण फाजिल्का को अक्सर बड़े राज्य स्तरीय कार्यक्रमों से दूर रखा जाता रहा है, ऐसे में इस आयोजन को जिले के लिए एक महत्वपूर्ण पहचान और अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

झारखंड में 50 करोड़ की सरकारी जमीन पर गरजा बुलडोजर

धनबाद. धनबाद में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वाले भू माफिया की हिम्मत इतनी बढ़ी हुई है कि दिन के उजाले में बिनोद बिहारी चौक पर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से दस पक्की दुकानें खड़ी कर दीं। लगभग 50 करोड़ रुपए की इस सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल पिछले एक महीने से चल रहा था। डीसी को सूचना मिलने पर धनबाद अंचल कार्यालय की टीम ने धनबाद थाने की टीम के साथ मिलकर सभी दस अवैध दुकानों को तोड़ दिया। डीसी आदित्य रंजन के निर्देश पर एवं एसडीओ लोकेश बारंगे के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने अभियान चलाकर आठ लेन रोड के बिनोद बिहारी महतो चौक को अतिक्रमण से मुक्त कराया। इस दौरान कार्यपालक दंडाधिकारी नारायण राम तथा धनबाद सीओ रामप्रवेश कुमार ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाई गई दुकानें, अस्थाई निर्माण तथा पक्के निर्माण को हटाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया। जिला प्रशासन के इस अभियान से आसपास अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। विरोध करने पहुंची महिला को हिरासत में लिया: जिस समय दुकानों को तोड़ा जा रहा था, उसी समय एक महिला वहां पहुंचकर हंगामा करने लगी। महिला ने इसे अपनी जमीन बताकर हंगामा करना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद महिला पुलिस की टीम ने उसे हिरासत में लेकर धनबाद थाने के हवाले कर दिया। देर शाम उसे थाने से छोड़ा गया। जिला प्रशासन को सूचना मिली है कि किसी ने इस जमीन को बेचा भी है। इसकी जांच होने के बाद ही पूरा मामले सामने आएगा। सरकारी जमीन पर अवैध रूप से लिया बिजली कनेक्शन : अभियान के दौरान यह भी उजागर हुआ कि सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करने वालों ने बिजली कनेक्शन भी ले रखा था। इसकी भी जांच की जाएगी। मौके से करीब 50 बोरी सीमेंट, स्टोन चिप्स सहित कुछ अन्य निर्माण सामग्री भी जप्त की गई है। डीसी ने सभी सीओ को अपने-अपने अंचल में ऐसा अभियान चलाकर सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने का निर्देश दिया है। विशेषकर अंचल के प्रमुख स्थान तथा उन स्थानों पर, जिसके कारण हमेशा ट्रैफिक जाम होता है। ट्राफिक जाम के कारण अक्सर स्कूली वाहन, एम्बुलेंस सहित जिले की बड़ी आबादी प्रभावित होती है। इस मामले की जानकारी देते हुए धनबाद के कलेक्टर आदित्य रंजन ने बताया कि बिनोद बिहारी चौक के समीप सरकारी जमीन पर कब्जे करने की शिकायत जिला प्रशासन को मिली थी। कई बार लोगों को उस सरकारी जमीन को खाली कर देने की सूचना भी दी गई थी। नोटिस के बाद भी किसी अवैध कब्जाधारी ने अतिक्रमण नहीं हटाया। जिसके बाद आज यह कार्रवाई की गई।

दुर्ग में तांत्रिक ने युवती का अपहरण कर रेप करने वाला आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग. जिले में युवती से रेप करने वाला तांत्रिक 2 महीने बाद पकड़ाया है। आरोपी हेमंत अग्रवाल (41) खुद को तांत्रिक बताकर परिवार के संपर्क में आया था। उसने समस्याएं दूर करने का दावा किया और युवती को अपने प्रभाव में ले लिया। शादी का झूठा भरोसा देकर वह युवती को पत्नी की तरह साथ रखने लगा और उससे रेप करता था। मामला जामुल थाना क्षेत्र का है। 19 नवंबर 2025 को आरोपी दिनदहाड़े युवती को घर से उठाकर ले गया था। 21 नवंबर को पुलिस ने दोनों को बरामद किया, लेकिन आरोपी थाने से फरार हो गया था। 13 जनवरी 2026 को आरोपी बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा में दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने पहुंचा पुलिस के जाल में फंस गया। पूरे मामले की जड़ भी तंत्र-मंत्र ही है। पीड़िता के अनुसार आरोपी खुद को तांत्रिक बताकर परिवार के संपर्क में आया था। उसने समस्याएं दूर करने का दावा किया और धीरे-धीरे युवती को अपने प्रभाव में ले लिया। शादी का झूठा भरोसा देकर वह युवती को पत्नी की तरह साथ रखने लगा और उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। आरोपी ने युवती के अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लंबे समय तक शोषण किया। उसने आर्य समाज में युवती की मर्जी के बिना जबरन शादी करवाई। इस दौरान युवती दो-तीन बार गर्भवती हुई, लेकिन आरोपी ने दबाव डालकर जबरन गर्भपात कराया। 19 नवंबर 2025 को आरोपी दिनदहाड़े युवती को घर से उठाकर कोंडागांव और दंतेवाड़ा ले गया, फिर रायपुर पहुंचा। 21 नवंबर को पुलिस ने दोनों को बरामद किया, लेकिन भिलाई-3 थाने से आरोपी मौका पाकर फरार हो गया था। दो महीने की फरारी के बाद अब वही तंत्र-मंत्र, जिस पर आरोपी खुद भरोसा करता था, उसकी गिरफ्तारी का कारण बना। आरोपी अमलेश्वर का रहने वाला है। जामुल थाना में अपराध क्रमांक 918/2025 धारा 85, 115(2), 64(2)(एम), 138, 351(3), 89 बीएनएस के तहत मामला दर्ज है। तंत्र-मंत्र की दुनिया में उलझा फरार तांत्रिक आखिरकार अपने ही जैसे दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने की वजह से पुलिस के जाल में फंस गया। दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र के अपहरण, दुष्कर्म और धोखाधड़ी के सनसनीखेज मामले में आरोपी हेमंत अग्रवाल (41) की गिरफ्तारी का सबसे अहम एंगल यही रहा कि वह अपनी फरारी के दौरान बारनवापारा के जंगलों में दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने गया, और यही उसकी सबसे बड़ी चूक साबित हुई। पुलिस ने आरोपी को बलौदाबाजार जिले के गीतपुरी इलाके से गिरफ्तार किया, जहां वह नाम बदलकर छिपा हुआ था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का पैदल जुलूस निकाला और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया। फरारी के दौरान आरोपी लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदल रहा था। मोबाइल फोन अधिकतर बंद रखता था, ताकि पुलिस उसे ट्रेस न कर सके। इसी बीच वह बारनवापारा के जंगलों में रहने वाले एक दूसरे बैगा-तांत्रिक से मिलने और दवा लेने गया। पुलिस को इसी गतिविधि का इनपुट मिला। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने उड़ीसा, बारनवापारा और बलौदाबाजार इलाके में उसकी तलाश में भटकती रही। दो पुलिसकर्मी लगातार कई दिनों तक एक ही लोकेशन पर सिविल ड्रेस में निगरानी करते रहे। पुलिस को पता था कि बैगा-तांत्रिक से मिलने के बाद आरोपी वापस जरूर लौटेगा। बारनवापारा के एक इलाके में दूसरे तांत्रिक से मिलने का इनपुट छोटा था, लेकिन पुलिस के लिए निर्णायक साबित हुआ। जामुल थाना पुलिस ने अंदाजा लगाया कि आरोपी जंगल से लौटकर गीतपुरी बलौदाबाजार जरूर आएगा। इसी इंतजार में पुलिस के जवान कई दिनों तक उसका इंतजार करते रहे। आखिरकार वह गीतपुरी आया और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

मंत्री सिलावट ने निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया

निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में करें पूर्ण: जल संसाधन मंत्री सिलावट विभागीय कार्यों की समीक्षा की भोपाल जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा है की प्रदेश में विभिन्न निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं का कार्य समय से पूरा किया जाए। वरिष्ठ अधिकारी परियोजनाओं के कार्य का निरंतर निरीक्षण करें और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें। कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो। मंत्री सिलावट ने मंत्रालय स्थित अपने प्रतिकक्ष में बुधवार को विभाग के अंतर्गत धसान केन कछार सागर में निर्माणाधीन वृहद एवं मध्यम परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव जल संसाधन डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता विनोद कुमार देवड़ा, मुख्य अभियंता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कार्य से संबंधित निर्माण ऐजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि वरिष्ठ अधिकारी स्वीकृत परियोजनाओं को समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करें और प्रति 15 दिन में कार्य की समीक्षा करें। बैठक में बताया गया कि परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सागर, पन्ना, दमोह एवं छतरपुर जिले की लगभग 81 हजार हैक्टेयर में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मंत्री सिलावट द्वारा कछार के अंतर्गत आपचंद, मंझगाय, सतधारू, पवई, रूंज एवं काठन सिंचाई परियोजनाओं से सिंचाई सम्बन्धी व्यवस्थाओं के निर्देश दिये गये।  

कुबेरेश्वर धाम में रुद्राक्ष वितरण 15 जनवरी से 15 मार्च तक बंद, जानिए कारण

सीहोर  प्रदीप मिश्रा के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में 14 से 20 फरवरी तक होने वाले रुद्राक्ष महोत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों और आयोजन समिति के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में फैसला लिया गया कि भारी भीड़ के चलते सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुबेरेश्वर धाम में 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। आपात स्थिति के लिए मिनी आईसीयू और एम्बुलेंस की तैनाती भी की जाएगी। 15 जनवरी से 15 मार्च तक नहीं बांटे जाएंगे रुद्राक्ष बैठक में फैसला लिया गया कि कुबेरेश्वर धाम में अगले दो महीनों तक रुद्राक्ष नहीं बांटे जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 15 जनवरी से 15 मार्च तक रुद्राक्ष वितरण पर पूरी तरह रोक रहेगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंहए आईजी अभय सिंह, कलेक्टर बालागुरू के. और पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला के साथ कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। लाखों लोगों के आने की संभावना अधिकारियों ने कहा कि रुद्राक्ष महोत्सव में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन और समिति को मिलकर सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करनी होंगी। किसी भी तरह की लापरवाही भक्तों की सुरक्षा में बड़ी बाधा बन सकती है। अतः सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएं। बैठक में एक प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तावित सुविधाओं, सेवाओं और पूरी कार्ययोजना का खाका भी पेश किया गया। बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स तैनात करने के निर्देश बैठक में आयोजन समिति को निर्देश दिए गए कि वे पर्याप्त पार्किंग, रास्तों पर दिशा सूचक बोर्ड, भोजन का उचित प्रबंध और बड़ी संख्या में वॉलेंटियर्स की तैनाती सुनिश्चित करें। मुख्य सड़कों और हाईवे पर जाम से बचने के लिए प्रभावी डायवर्जन प्लान लागू करने, पार्किंग क्षेत्रों को अलग-अलग जोन में बांटने और वहां से कथा स्थल तक श्रद्धालुओं के सुरक्षित आने-जाने की व्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया ताकि अव्यवस्था न फैले। जगह-जगह बोर्ड लगाने के निर्देश प्रशासन ने भीड़ पर काबू पाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ पीने के पानी, साफ-सफाई और बिजली की निर्बाध आपूर्ति के कड़े निर्देश दिए हैं। मोबाइल नेटवर्क, सूचना प्रसारण सिस्टम और एलईडी स्क्रीन को दुरुस्त रखने को कहा गया है ताकि श्रद्धालुओं को कथा सुनने और जरूरी जानकारी पाने में कोई दिक्कत न हो। यही नहीं रुद्राक्ष वितरण बंद रहने की जानकारी प्रमुख जगहों पर बोर्ड लगाकर और मीडिया के जरिए पहुंचाई जाए ताकि लोग परेशान न हों। एम्बुलेंस, डॉक्टर और उपचार केंद्र लगाने के निर्देश आयोजन स्थल पर पर्याप्त एम्बुलेंस, डॉक्टर और जरूरी दवाओं के साथ प्राथमिक उपचार केंद्र लगाने के निर्देश दिए गए। इमरजेंसी से निपटने के लिए मिनी आईसीयू तैयार रखने और मरीजों को बड़े अस्पताल भेजने की व्यवस्था करने को कहा गया है।अधिकारियों ने पंडित प्रदीप मिश्रा के साथ कथा स्थल, पंडाल प्रवेश और निकास द्वारों का निरीक्षण किया। उन्होंने पार्किंग, भोजनशाला और कंट्रोल रूम का भी जायजा लिया गया। जरूरी सुधार के निर्देश दिए गए।

रांची से लापता दोनों बच्चे स्लम बस्ती से बरामद

रांची. रांची में बीते कई दिनों से लापता बच्चे रामगढ़ के चितरपुर की स्लम बस्ती से बरामद कर लिए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए संदिग्धों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इस मामले की जानकारी देते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि लड़का को बजरंग दल के युवकों ने देखा उसके बाद उसे अपने पास रखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंची और दोनों बच्चों को बरामद कर लिया। बच्चों के साथ पकड़े गए आरोपियों से रामगढ़ एसपी पूछताछ कर रहे हैं। बता दें कि रांची के जगन्नाथपुर मौसीबाड़ी खटाल से दो जनवरी को अंश और अंशिका लापता हुए थे। दोनों बच्चे की तलाश में रांची पुलिस की टीम दिल्ली, मुंबई, बंगाल, बिहार और यूपी के इलाके में लगातार छापेमारी कर रही थी। क्या बोले सीएम सोरेन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दो मासूम बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराना बेहद राहत भरा और सराहनीय कार्य है। पिछले कुछ दिन व्यक्तिगत रूप से काफी परेशान करने वाले रहे, लेकिन अंततः पुलिस को सफलता मिली। दूसरे राज्य में हुई समान घटनाओं के तार जोड़कर रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच बनाई। रांची पुलिस व झारखंड पुलिस की टीम को बधाई और अंश और अंशिका के परिवार को शुभकामनाएं। डीजीपी तदाशा मिश्रा ने टीम को ‘डीजी डिस्क’ देने की घोषणा की झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने रांची पुलिस को इस बड़ी कामयाबी के लिए बधाई दी है। एडीजी मनोज कौशिक के नेतृत्व में गठित रांची पुलिस की विशेष टीम ने अपहरण किए गए दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया है। डीजीपी ने कहा कि इस सफलता के पीछे पुलिस टीम की कड़ी मेहनत और ठोस रणनीति रही है। बच्चों की तलाश के लिए पुलिस ने सघन अभियान चलाते हुए ऑटो, ट्रेन और निजी वाहनों सहित सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाए थे। साथ ही, अपराधियों की सूचना देने पर दो-दो लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी। डीजीपी ने बताया कि मीडिया में हुए व्यापक प्रचार-प्रसार और पुलिस की सक्रियता के कारण अपराधियों पर भारी दबाव बन गया था। इसी वजह से वे बच्चों को लेकर झारखंड से बाहर भागने में असफल रहे और अंततः पुलिस ने उन्हें रामगढ़ से बरामद कर लिया। इस सराहनीय कार्य के लिए ऑपरेशन में शामिल पूरी टीम को ‘डीजी डिस्क’ से सम्मानित किया जाएगा। मामले का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि इस अपहरण के पीछे मानव तस्करी में शामिल एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय था। पुलिस ने इस मामले में अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो झारखंड के बाहर के रहने वाले हैं। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और इनके संपर्कों का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।

CBI ने सेंधवा में कई ठिकानों पर मारा छापा, नाबार्ड लोन घोटाले के राज खुलेंगे

बड़वानी  सेंधवा में बुधवार उस समय हड़कंप मच गया, जब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने नाबार्ड भोपाल से जुड़े करीब 13 करोड़ रुपए के कथित लोन धोखाधड़ी मामले में छापा मारा. कार्रवाई के दौरान शहर के कई इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात रहा. सीबीआई की टीम ने सेंधवा की जगन्नाथपुरी कॉलोनी स्थित उद्योगपति के निवास सहित अन्य ठिकानों पर छापेमारी की. कोलकाता सीबीआई में पहले से एफआईआर छापे के दौरान उद्योगपति के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा. किसी को अंदर जाने और अंदर से बाहर आने की अनुमति नहीं मिली. सीबीआई छापे से पूरे शहर में हलचल तेज रही. रामकटोरा क्षेत्र में भी सीबीआई की एक अन्य टीम ने दबिश दी. छापे में क्या-क्या मिला, इस बारे में सीबीआई या स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कोई जानकारी नहीं दी. इस मामले में कोलकाता स्थित सीबीआई पहले ही एफआईआर दर्ज कर चुकी है. कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर परियोजना के लिए लिया लोन कोलकाता सीबीबीआई की एफआईआर में सेंधवा के उद्योगपतियों पर गंभीर आरोप हैं. एफआईआर के मुताबिक उद्योगपतियों ने सरकारी कर्मचारियों से मिलकर धोखाधड़ी की. आपराधिक साजिश और दस्तावेजों की जालसाजी के आरोप हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 में आरोपियों ने नाबार्ड की फूड प्रोसेसिंग फंड योजना के तहत सेंधवा के समीप जामली गांव में कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर परियोजना स्थापित करने के लिए करीब 13 करोड़ रुपए का ऋण लिया था. बैंक की लोन राशि कंपनियों के खातों में जमा की इस परियोजना की कुल लागत 31 करोड़ रुपए से अधिक थी. परियोजना के लिए केंद्र सरकार के फूड प्रोसेसिंग मंत्रालय द्वारा लगभग 10 करोड़ रुपए का अनुदान भी स्वीकृत किया गया था. आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी समझौतों और कागजी लेनदेन के जरिए ऋण राशि को अन्य कंपनियों और बैंक खातों में स्थानांतरित कर दिया. साथ ही, समय-समय पर परियोजना की समय-सीमा बढ़वाकर बैंक अधिकारियों को गुमराह किया गया. सितंबर 2024 में एनपीए घोषित हुआ खाता लगातार अनियमितताओं के चलते सितंबर 2024 में ये लोन खाता एनपीए (नॉन परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया गया. इसके बाद ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर नाबार्ड बैंक द्वारा सीबीआई को जांच के लिए पत्र भेजा गया. सीबीआई छापे के बाद और बड़े खुलासे होने की संभावना है. फिलहाल सीबीआई टीम दस्तावेजों की जांच और साक्ष्य एकत्र करने में जुटी हुई है. 

प्रभारी मंत्री बिश्नोई ने जनसंवाद में सुनी ग्रामीणों की परिवेदनाएं

जयपुर. प्रभारी मंत्री के.के. विश्नोई की अध्यक्षता में सिरोही जिले के पालडी एम. में रात्रि चौपाल एवं जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। उन्होंने रात्रि चौपाल में आमजन की परिवेदनाओं को सुना और संबंधित को निस्तारण के लिए निर्देशित किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि आमजन के समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वीबीजीरामजी गांवों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने का एक सशक्त माध्यम है इससे गांवों में प्रगति का पथ अग्रसर होगा। वीबीजीरामजी से भारत के विकसित भारत में बदलने की संकल्पना सत्य सिद्ध होगी। गांव मजबूत होंगे तभी देश मजबूत होगा। किसान एवं श्रमिकों के समृद्ध होने से भारत विकसित होगा। यह योजना सिर्फ रोजगार की योजना न हो के गांवों को सशक्त करने का माध्यम है। प्रभारी मंत्री ने इस दौरान ग्रामीणों की परिवेदनाओं को सुनते हुए उन्हें शीघ्र राहत प्रदान करने के लिए अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि एवं प्रशासन दोनो ही सामुहिक रूप से क्षेत्र के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए सतत प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा नियमित रूप से क्षेत्र के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की बात कही एवं बताया कि भारत अब विश्व में अपनी विशेष पहचान कायम करते हुए निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर हो रहा है। रात्रि चौपाल में विभिन्न योजनाओं के तहत लाभार्थियों को संबंधित दस्तावेज एवं लाभ प्रदान किया गया। रात्रि चौपाल में राजस्व विभाग द्वारा 3 सम्मानजनक नाम दर्ज किए गए। जिसमें बजट घोषणा क्रियान्विति के तहत राजकीय कृषि महाविद्यालय सिरोही उच्च शिक्षा विभाग राजस्थान को 30 हेक्टेयर भूमि यानि 185 बीघा भूमि आवंटन के भू अभिलेख उपलब्ध कराए व भूमि का कब्जा सुपुर्द दस्तावेज राजकीय महाविद्यालय के सहायक आचार्य को सौपा गया। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग द्वारा 4 स्वामित्व कार्ड, 2 जन्म प्रमाण पत्र व 1 विवाह प्रमाण पत्र संबंधित को सौपा गया। महिला अधिकारिता विभाग तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा लाडो योजना के लाभार्थियों का स्वागत एवं अभिनन्दन किया गया। वही आयुष्मान कार्ड के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लाभार्थियों की गोद भराई की गई। पशुपालन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की पॉलिसी का वितरण किया गया। उद्यानिकी विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं में अनुदान की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति के दस्तावेज प्रदान किए गए। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत 31 हजार का चैक पंकुदेवी भगाराम मेघवाल को व मुद्रा ऋण योजना के तहत अनाराम हिरागर को 50 हजार रूपये अनुदान का चैक प्रदान किया गया। सांसद लुंबाराम चौधरी ने रात्रि चौपाल में विभिन्न विभागों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान पशुपालकों, किसानों सहित विभिन्न वर्ग की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रत्येक पात्र को लाभान्वित होने की बात कही। जिला प्रमुख अर्जुनराम पुरोहित ने रात्रि चौपाल में प्रभारी मंत्री बिश्नोई का स्वागत करते हुए कहा कि रात्रि चौपालों के माध्यम से जनता की समस्याओं का निस्तारण करना एक अनुपम पहल है उन्होंने इस दौरान उपस्थित सभी पात्र को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी प्रेरित किया।

राजस्थान के राज्यपाल बागडे से मिले मिजोरम के गवर्नर

जयपुर. राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से बुधवार को मिजोरम के राज्यपाल विजय कुमार सिंह ने लोकभवन पहुंचकर मुलाकात की। इस दौरान दोनों ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की। राज्यपाल से उनकी यह शिष्टाचार भेंट थी। भारतीय सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस मनाया श्रीगंगानगर. भारतीय सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक (वेटरन्स डे) दिवस 14 जनवरी 2026 को सैनिक विश्राम गृह श्रीगंगानगर में मनाया गया। इसमें मुख्य अतिथि वेटरन कर्नल श्री संदीप शर्मा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी श्री आत्मेश बेनीवाल की अध्यक्षता में दो मिनट का मौन व कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सेना मेडल आॅ केप्टेन रामकिशन यादव, श्रीमती रतना कंवर वीरांगना शहीद सुगन सिंह, श्रीमती सरस्वती देवी माता शहीद काॅन्सटेबल सुभाष, वरिष्ठ पूर्व सैनिक सूबेदार मेजर किशनलाल लिम्बा को शाॅल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जिले के पूर्व सैनिक, वीरांगनाएं एवं उनके आश्रित भूतपूर्व सैनिक सहित अन्य मौजूद रहे। 

हरियाणा सरकार आपराधिक मामलों को जल्द निपटाने दलील व्यवस्था को करेगी प्रभावी

चंडीगढ़. आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे की दिशा में हरियाणा सरकार ने दलील (प्ली बार्गेनिंग) व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने का फैसला किया है। कानून के तहत आरोप तय होने की तारीख से 30 दिन के अंदर आरोपी प्ली बार्गेनिंग के लिए आवेदन कर सकता है। इससे वर्षों तक चलने वाले मुकदमों का समय रहते समाधान संभव हो सकेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्ली बार्गेनिंग एक न्याय हितैषी कानूनी व्यवस्था है जिसका उद्देश्य ऐसे आपराधिक मामलों का जल्दी निपटारा करना है जिनमें अधिकतम सजा सात वर्ष या उससे कम है। इस प्रक्रिया में अदालत की निगरानी में अभियोजन पक्ष और आरोपी आपसी सहमति से समाधान पर पहुंचते हैं और इसके बाद अदालत कानून के अनुसार फैसला सुनाती है। डॉ. मिश्रा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 के अध्याय-23 में शामिल इन प्रावधानों को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए हरियाणा पुलिस और अभियोजन विभाग को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं गृह विभाग ने सभी जिलों में   जांच अधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और अभियोजन कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण और क्षमता-विकास कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में प्ली बार्गेनिंग के कानूनी प्रावधानों, प्रक्रिया और नैतिक मानकों की जानकारी दी जाएगी, ताकि इसका सही, एकरूप और कानूनसम्मत उपयोग सुनिश्चित हो सके। डॉ. सुमिता मिश्रा ने पुलिस और अभियोजन एजेंसियों के बीच निरंतर समन्वय पर भी जोर दिया। इसके लिए समय-समय पर समीक्षा बैठकें की जाएंगी, ताकि प्रगति की निगरानी हो और सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान किया जा सके।