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छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए अध्यक्ष के लिए उमेश और सिंहदेव के नाम की चर्चा

रायपुर. कांग्रेस आलाकमान छत्तीसगढ़ में जल्द ही नए अध्यक्ष नियुक्त करने जा रही है, नए अध्यक्ष के लिए दो नामों की चर्चा हो रही है, जिसमें उमेश पटेल और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव का नाम है। कांग्रेस पार्टी के दिल्ली के अंदरूनी सूत्र ने पोस्ट में लिखा, कांग्रेस नेतृत्व कई राज्यों के अध्यक्ष बदलने की तैयारी में है। छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष दीपक बैज को भी बदला जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खेमे से उम्मीदवार उमेश पटेल हैं तो वही दूसरे खेमें की तरफ़ से टीएस बाबा चाहते हैं कि उन्हें राज्य की कमान मिले।हाल ही में उमेश पटेल दिल्ली भी आए थे। मीडिया ने जब इन दोनों नेताओं से छग कांग्रेस में नए अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर सवाल किया तो दोनों नेताओं ने कहा, पार्टी जो जिम्मेदारी देगी निर्वाहन करने तैयार है। उमेश पटेल को लेकर क्या कहते है छग कांग्रेस के कार्यकर्ता छग कांग्रेस के कार्यकर्ता का कहना है कि अब पार्टी के सदस्यों को युवा नेता की जरूरत है, सभी चाहते है कि साफ़ छवि के नेता प्रदेश का नेतृत्व संभाले और पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी को ख़त्म कर विपक्षी पार्टी बीजेपी के खिलाफ तगड़ी रणनीति बनाए। ताकि पार्टी आने वाले विस चुनाव में जीत हासिल कर बिना विवाद-गुटबाजी के सरकार बनाए। टीएस बाबा पर क्या राय? टीएस बाबा के बयान से पार्टी में हमेशा खलबली मची रहती है, हालाँकि टीएस बाबा भी अपनी तगड़ी रणनीति को लेकर जाने जाते है, रमन की जब 15 साल तक सरकार थी तब टीएस बाबा सक्रिय रहे, रमन के कार्यकाल के दौरान टीएस बाबा और भूपेश की जोड़ी खूब जमती रही, लेकिन जब साल 2018 में कांग्रेस पार्टी ने सरक़ार बनाई तब से गुटबाजी शुरू हो गई, जो आज तक जारी है। मीडिया के सामने सिंहदेव ढ़ाई-ढ़ाई साल वाले कमेंटमेंट को बयां करते रहते है।

ग्वालियर और उज्जैन मेला में नई गाड़ी पर 50% टैक्स छूट, जानिए कैसे उठाएं फायदा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में  मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में कई अहम और जनहित से जुड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में सबसे बड़ा निर्णय ग्वालियर व्यापार मेला और उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेला 2026 में नई गाड़ियां खरीदने पर परिवहन टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट देने का रहा। इसके साथ ही प्रदेश के शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिए जाने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। कैबिनेट बैठक के बाद डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मीडिया को बैठक में लिए गए निर्णयों की जानकारी दी। ग्वालियर और उज्जैन में टैक्स पर छूट वहीं, एमपी कैबिनेट ने एक अन्य बड़ा फैसला किया है। ग्वालियर मेला और उज्जैन विक्रमोत्सव से गाड़ी खरीदने पर 50 फीसदी टैक्स में छूट मिलेगी। इसे लेकर लोग लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। ग्वालियर मेला लग भी गया है। अब सरकार की घोषणा के बाद मेले से गाड़ियों की बिक्री की रफ्तार बढ़ेगी।  19 दिन बाद मिली टैक्स छूट को हरी झंडी गौरतलब है कि ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर से शुरू हो चुका था। मेले की शुरुआत के साथ ही नई गाड़ियों की बिक्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवहन टैक्स में 50% छूट का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया था। करीब 19 दिनों बाद इस प्रस्ताव को 13 जनवरी की कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिली, जिससे अब मेले में वाहन खरीदने वाले ग्राहकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। हाईटेक बनी मोहन सरकार की पहली ई-कैबिनेट यह बैठक मोहन सरकार की पहली हाईटेक ई-कैबिनेट बैठक रही। मुख्यमंत्री और सभी मंत्री फाइलों के बजाय टैबलेट लेकर बैठक में पहुंचे। प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किए गए। बता दें कि 6 जनवरी को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर मंत्रियों को टैबलेट वितरित किए गए थे और ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रेजेंटेशन दिया गया था। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम प्रदेश में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने, पेपरलेस कार्यप्रणाली अपनाने, समय की बचत और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। शिक्षकों के लिए बड़ी राहत कैबिनेट ने प्रदेश के शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से लंबे समय से वेतनमान की मांग कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। जनता और व्यापार दोनों को लाभ कैबिनेट के इन फैसलों से जहां एक ओर व्यापार मेलों में वाहन बिक्री को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को आर्थिक स्थिरता और सम्मानजनक वेतन संरचना का लाभ मिलेगा। ये हैं कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले वहीं, कैबिनेट ने स्पेस टेक पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी प्रदान की है। साथ ही दूसरे चरण में 200 सर्वसुविधायुक्त सांदीपनि विद्यालय के स्थापना को मंजूरी दी है। इस पर 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे। रायसेन और राजगढ़ में सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इससे 20 हजार किसानों को लाभ होगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में आज ई-कैबिनेट हुई है। मीटिंग में सीएम से लेकर सभी मंत्री तक टैबलेट लेकर पहुंचे थे। अब फाइलों की जगह टैबलेट में ही सारे दस्तावेज होंगे। मीटिंग शुरू होने से पहले सभी लोगों ने सामूहिक रूप से तस्वीर भी खींचवाई।

अनामिका बैगा के डॉक्टर बनने का सपना होगा साकार, मोहन सरकार ने दी नीट कोचिंग की सुविधा

सीधी  मध्य प्रदेश के सीधी जिले में सीएम की सभा में रोने वाली आदिवासी छात्रा अनामिका बैगा के लिए अच्छी खबर है। सीएम मोहन यादव ने उसकी फरियाद सुन ली है। साथ ही उसके पढ़ने की व्यवस्था कर दी है। भोपाल के कोचिंग संस्थान में नीट की तैयारी के लिए उसका एडमिशन करवाया जा रहा है। सीएम से मिल नहीं पाई थी अनामिका दरअसल, अपनी फरियाद लेकर सुरक्षा कारणों से अनामिका सीएम से नहीं मिल पाई थी। मगर मीडिया के जरिए मुख्यमंत्री मोहन यादव तक उसकी आवाज पहुंच गई थी। वह अपनी बातें कहते हुए फफक-फफक कर रो रही थी। इसके बाद सीएम ने कहा था कि हम उसकी पढ़ाई की व्यवस्था करेंगे। वह पढ़ लिखकर अच्छा डॉक्टर बनेगी। सीएम के पहल पर निः शुल्क कोचिंग की प्रक्रिया पूरी की गई मीडिया की खबरों रोते हुए नजर आई अनामिका बैगा की तस्वीरों को संज्ञान में लेते हुए प्रभारी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक यह बात पहुंचाई, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने पहल करते हुए अनामिका बैगा तक मदद पहुंचाने के लिए सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को मदद पहुंचाने के लिए निर्देश दिया, जिसके बाद अनामिका के निः शुल्क कोचिंग की प्रक्रिया पूरी की गई. अब सरकार अनामिका बैगा कोचिंग, छात्रावास और अध्ययन सामग्री का खर्च खुद उठाएगी. सीएम ने लिखा, अनामिका की हरसंभव मदद की जाएगी रिपोर्ट के मुताबिक अनामिका बैगा के बारे में मिली सूचना के आधार पर सीएम ने सीधी कलेक्टर को मेडिकल परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग का खर्च में मदद के लिए गुहार कर रही अनामिका बैगा की मदद करने के लिए निर्देश दिया. सीएम मोहन ने एक्स हैंडल पर इसका जिक्र करते हुए आश्वासन दिया कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने के बाद भी राज्य सरकार की ओर से अनामिका को हर संभव सहायता की जाएगी. अनामिका बैगा को नीट की तैयारी के लिए भोपाल के एक कोचिंग संस्थान में निः शुल्क एडमिशन दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, गरीबी का हवाला देकर ही अनामिका ने मुख्यमंत्री जी से मिलकर मदद मांगने पहुंची थी, लेकिन अब अनामिका काफी खुश है. मुख्यमंत्री से मिली मदद के बारे में सुनकर अनामिका का पूरा परिवार भी खुश है.  अनामिका की मदद के लिए सीएम ने कलेक्टर को निर्देश दिया अनामिका बैगा के बारे मिली सूचना के बाद सीधी कलेक्टर को निः शुल्क कोचिंग की सुविधा दिलाने के लिए निर्देशित करने के बाद सीएम मोहन ने एक्स पर लिखा, कल सीधी प्रवास के दौरान बिटिया अनामिका बैगा ने पढ़ाई में मदद के लिए अनुरोध किया. मेरे संज्ञान में आया कि अनामिका अभी NEET की तैयारी कर रही है और कोचिंग की पढ़ाई और छात्रावास के लिए मदद चाहती है. यह संज्ञान में आने के बाद बिटिया के लिए उचित व्यवस्था करने के निर्देश दे दिए गए हैं. भोपाल के कोचिंग संस्थान में अनामिका का नि:शुल्क एडमिशन  उल्लेखनीय है मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अनामिका बैगा को नीट की तैयारी के लिए भोपाल के एक कोचिंग संस्थान में नि:शुल्क एडमिशन दिलाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. अनामिका को वर्तमान में नीट परीक्षा की तैयारी के लिए एकेडमी में निःशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री एवं छात्रावास की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. ज्ञान शिखर एकेडमी के डायरेक्टर अनिरुद्ध सिंह तोमर ने खुद अनामिका को सहयोगात्मक प्रस्ताव दिया गया. बकौल सीएम मोहन, बिटिया अनामिका बैगा को आगे भी मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने पर राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहायता की जाएगी. मुझे पूर्ण विश्वास है कि एक दिन बिटिया अनामिका एक विख्यात चिकित्सक के रूप में मध्य प्रदेश का नाम रोशन करेगी. प्रशासन ने सुनिश्चित की अनामिका के भोपाल प्रवास की व्यवस्था मामले पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने बताया कि अनामिका के भोपाल जाने की समस्त व्यवस्थाएं जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जा रही हैं. कलेक्टर के निर्देश पर सीधी जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अनामिका को आवश्यक शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूर्ण कर ली है. साथ ही संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि अनामिका की शिक्षा की राह में किसी प्रकार की बाधा न आए. आदिवासी बेटी अनामिका बैगा ने मुख्यमंत्री का जताया आभार मेडिकल की तैयारी के लिए निः शुल्क कोचिंग, छात्रावास और अध्ययन सामग्री की सुविधा दिलाने के लिए अनामिका बैगा ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है. अनामिका ने कहा कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा किया गया सहयोग उसके सपनों को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम सिद्ध होगा. यह एक संदेश भी है कि राज्य सरकार प्रतिभा, परिश्रम और संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ खड़ी है. भोपाल में होगा एडमिशन सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी ने छात्रा को कलेक्ट्रेट बुलाकर पूरी जानकारी ली थी। साथ ही हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री की पहल पर भोपाल ज्ञान शिखर एकेडमी में अनामिका बैगा प्रवेश कराया जाएगा। जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह आदिवासी बच्ची अनामिका बैगा परिजनों के साथ बुलाकर नीट की तैयारी के लिए प्रवेश की जानकारी दी। इससे छात्रा के चेहरे पर मुस्कान दिखी है। साथ ही सरकार और जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया है। गौरतलब है कि अनामिका बैगा आदिवासी समाज से आती है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। वह गांव से बाहर पढ़ाई के लिए निकली है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जिसकी वजह से आगे की पढ़ाई वह कर पाने में असमर्थ थी। इसी वजह से वह सीएम से मदद मांग रही थी। अब मदद मिल गई है।

बीमा क्लेम घोटाले पर हरियाणा सरकार ने कृषि सयुंक्त निदेशक को किया निलंबित

चंडीगढ़. फसल बीमा क्लेम घोटाले के खिलाफ चल रही कानूनी लड़ाई में किसानों को बड़ी सफलता मिली है। कृषि विभाग हरियाणा के संयुक्त निदेशक राजीव मिश्रा को घोटाले में प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव पंकज अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से बीमा क्लेम घोटाले में शामिल अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का रास्ता खुल गया है और किसानों को लंबे समय से लंबित बीमा राशि मिलने की उम्मीद जगी है। यह महत्वपूर्ण निर्णय हरियाणा सचिवालय, चंडीगढ़ में हुई SGRC (स्टेट ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी) की सुनवाई के दौरान लिया गया। इस सुनवाई में किसानों की ओर से अपीलार्थियों के पैरोकार किसान नेता डॉ. बलवीर सिंह ठाकन ने बीमा कंपनी और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ मजबूत और तथ्यात्मक दलीलें पेश कीं। डॉ. ठाकन के सटीक और प्रभावी तर्कों के आगे बीमा कंपनी के अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिससे पूरे मामले की गंभीरता उजागर हो गई। सुनवाई के दौरान फसल बीमा क्लेम घोटाले की मुख्य आरोपी कंपनी क्षेमा जनरल इंश्योरेंस द्वारा समय पर जवाब प्रस्तुत न करने पर मुख्य सचिव ने कंपनी के अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई। यह स्पष्ट संकेत है कि सरकार अब इस घोटाले को लेकर कोई ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। इस कार्रवाई का सीधा लाभ भिवानी-दादरी जिले के उन हजारों किसानों को मिलने की संभावना है, जिनका खरीफ फसल 2023 का बीमा क्लेम अब तक अटका हुआ था। संयुक्त निदेशक के निलंबन के बाद यह माना जा रहा है कि घोटाले में शामिल अन्य दोषी अधिकारियों पर भी शिकंजा कसेगा और किसानों का बकाया बीमा क्लेम जल्द जारी होने का रास्ता साफ होगा। किसान संगठनों ने इस कार्रवाई को सत्य और संघर्ष की जीत बताया है और उम्मीद जताई है कि अब सरकार किसानों के हक की राशि बिना किसी और देरी के दिलाएगी।

एमपी में हिजाब वाली PM को लेकर सियासी घमासान, IAS नियाज खान ने ओवैसी के बयान पर दिया जोरदार जवाब

भोपाल  एआईएमआईएम प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी के 'हिजाब वाली प्रधानमंत्री' के बयान पर मध्य प्रदेश में भी सियासत शुरु हो गई है। एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी नियाज खान ने असदुद्दीन ओवैसी के बयान का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि, भारत सेकुलर देश है। यहां हिजाब वाली देशभक्त मुस्लिम प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन सकती ? आईएएस नियाज खान के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा और सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है। IAS नियाज खान ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- 'भारत सेकुलर देश है। यहां हिजाब वाली देशभक्त मुस्लिम प्रधानमंत्री क्यों नहीं बन सकती ? भारत ने हमेशा देशभक्त और काबिल मुस्लिम को सम्मान दिया है। मैं ओवैसी जी से सहमत हूं।' इतनी ही नहीं उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए कहा- 'भारत ने हमेशा मुस्लिमों के प्रति सहिष्णुता दिखाई है। हिंदुओं ने ही अब्दुल कलाम साहब को आसमान में बैठाया है।' आईएएस अधिकारी की इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हो रही है। उनके इस बयान के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। नियाज खान मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। वे 2015 बैच के आईएएस हैं। इससे पहले वो राज्य सेवा में प्रशासनिक अधिकारी थे। उन्हें प्रमोट कर आईएएस अफसर बनाया गया और मध्य प्रदेश कैडर दिया गया। नियाज खान 7 नॉवेल लिख चुके हैं। उन्हीं के एक नॉवेल पर 'आश्रम' वेब सीरीज भी बनी है, जिसका क्रेडिट नहीं मिलने पर उन्होंने निर्माता के खिलाफ कोर्ट केस भी कर दिया था। वे अकसर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। उन्होंने 'ब्राह्मण द ग्रेट' किताब लिखकर सनातन धर्म और ब्राह्मणों को महान बताया था, उसपर भी खासा सियासत हुई थी।

मुजफ्फरपुर के नए निगम आयुक्त ऋतुराज ने स्वच्छ गंगा मिशन और एआइ से निगरानी को बताया प्राथमिकता

मुजफ्फरपुर. ऋतुराज प्रताप सिंह ने नगर आयुक्त का पदभार संभाल लिया। उपनगर आयुक्त अमीत कुमार ने उनको प्रभार सौंपा। पदभार संभालने के बाद उन्होंने कहा कि शहर का स्वच्छ, स्वस्थ एवं सुंदर बनाना उनका लक्ष्य होगा। शहर की विकास योजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों की शिकायतों को संज्ञान में लेकर तत्काल दूर किया जाएगा। पदभार संभालने के बाद महापौर निर्मला देवी से औपचारिक मुलाकात की। महापौर ने भी बुके देकर उनका स्वागत किया। वहीं, एक दर्जन पार्षदों ने भी नगर आयुक्त को बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद नगर आयुक्त ने कार्यालय के सभी शाखा का निरीक्षण किया और कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया। बताते चलें कि विक्रम विरकर के तबादले के बाद एक माह तक नगर आयुक्त का पद खाली था। निगम कार्यालय से निकलने के बाद नगर आयुक्त ने कंपनीबाग स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर पहुंच मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी कंपनी के प्रबंध निदेशक का कार्यभार भी संभाला। उन्होंने कमांड सेंटर का निरीक्षण किया। नए नगर आयुक्त के सामने होंगी कई चुनौतियां पदभार संभालने के बाद नए नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह के सामने कई चुनौतियां होंगी। सबसे बड़ी चुनाैती नगर निगम बोर्ड एवं सशक्त स्थायी समिति की बैठकों में लिए गए लंबे समय से लंबित निर्णयों के अनुपालन की होगी। उनके सामने नगर निगम आडिटोरियम के विकास के लिए 13.67 करोड़ एवं घिरनी पोखर के विकास के लिए 2.62 करोड़ रुपये की योजना को जमीन पर उतारने की होगी। पूर्व नगर आयुक्त ने शहरवासियों को नये साल पर एआइ आधारित स्मार्ट निगरानी व्यवस्था देने की घोषणा की थी जिसे पूरा करने की कवायद करनी होगी। मुजफ्फरपुर में स्वच्छता सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 3.86 करोड़ रुपये से शौचालय का निर्माण कार्य में पूरा करना होगा। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन-2 के अंतर्गत 77.40 करोड़ रुपये से फरदो नाला के पानी का उपचार कर व्यवसायिक उपयोग के लिए किए जा रहे प्रयास को पूरा कराना होगा। शहरवासियों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए ठोस कचरा प्रबंधन की दिशा में 50 टन प्रतिदिन क्षमता वाले मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी के निर्माण की कवायद करनी होगी। स्मार्ट सिटी की बची योजनाओं को तेजी से पूरा कराने के लिए उनको प्रयास करना होगा। सिटीज-2.0 योजना को जमीन उतारने की बड़ी चुनौती उनके सामने होगी।

हरियाणा पुलिस ने गैंगस्टर कल्चर बढ़ा रहे 67 गाने किए डिलीट

चंडीगढ़. हरियाणा में गिरोह संस्कृति और हथियारों की हिंसक छवि को बढ़ावा देने वाले गीतों पर स्पैशल टास्क फोर्स (एस.टी.एफ.) व साइबर यूनिट की ऐतिहासिक कार्रवाई ने डिजिटल स्पेस में बड़ा बदलाव लाया है। एस.टी.एफ. और साइबर टीमों द्वारा की गई गहन जांच में पाया गया कि ऐसे गीत युवाओं को प्रभावित करते हैं, गैंगस्टरों की दिखावटी चमक-दमक को महिमामंडित करते हैं और अपराध की ओर आकर्षित करते हैं। इस खतरनाक रुझान को रोकते हुए हरियाणा पुलिस ने यू-ट्यूब, स्पॉटिफाई, अमेजन म्यूजिक, गाना और जियोसावन जैसे प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध 67 आपत्तिजनक गीतों पर कार्रवाई की जिसके बाद अधिकांश डिजीटल कंटेंट हटाया गया या ब्लॉक कर दिया गया। हरियाणा पुलिस का संदेश साफ है कि यह सिर्फ शुरूआत है और आगे भी ऐसे कंटेंट के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। अपराध रोकथाम के साथ युवाओं को बचाना भी लक्ष्य : डी.जी.पी. हरियाणा के डी.जी.पी. अजय सिंघल ने इस कार्रवाई को युवाओं और समाज के हित में उठाया गया महत्त्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा हरियाणा पुलिस का लक्ष्य केवल अपराध रोकना नहीं बल्कि युवाओं को अपराध की दुनिया में कदम रखने से भी बचाना है। अपराध संस्कृति को बढ़ावा देने वाले गाने अपराधियों को एक आदर्श के रूप में प्रस्तुत करते हैं और उनकी जिंदगी में ऐशो-आराम की छवि दर्शाते हैं जबकि सच्चाई बिल्कुल इससे विपरित है। ऐसे अपराधियों का जीवन केवल और केवल कठिनाइयों व चुनौतियों से भरा होता है और आखिरकार एक दिन वे कानून की गिरफ्त में जरूर आते हैं। कई बार उनकी आपराधिक प्रवृति का खमियाजा उनके परिजनों को भी भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट नीति बनाई है कि किसी भी प्लेटफॉर्म पर ऐसा कंटेंट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 67 गीतों पर कार्रवाई हमारे बड़े अभियान का हिस्सा है और आने वाले समय में इस दिशा में और भी सख्ती देखने को मिलेगी। उन्होंने कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील करते हुए कहा कि वे सामाजिक जिम्मेदारी को समझें और ऐसा कंटेंट न बनाएं जो युवा पीढ़ी को गलत दिशा में ले जाए। हिंसा व गैंगस्टर संस्कृति का महिमामंडन न करें कलाकार एस.टी.एफ. आई.जी. सतीश बालन का कहना है कि युवा वर्ग पर डिजिटल कंटेंट के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस ने कलाकारों और गीतकारों के साथ बैठकें भी आयोजित की हैं, जिसमें उन्हें हिंसा, गैंगस्टर संस्कृति और हथियारों के महिमामंडन से बचने की सलाह दी गई है। ऐसी सामग्री केवल अपराध की सोच को जन्म देती है और समाज में असुरक्षा फैलाती है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अपराधियों की पोस्ट को लाइक व शेयर करने वाले लोगों पर भी एस.टी.एफ. व साइबर की टीम द्वारा कड़ी नजर रखी जाती है। ऐसे प्लैटफार्म का इस्तेमाल करके गैंगस्टर युवाओं को अपने गैंग में शामिल करते हैं और उन्हें अपराध की दुनिया में मरने के लिए छोड़ देते हैं। ऐसे में हमारा प्रयास है कि युवाओं को ऐसा करने से रोका जाए ताकि वे अपनी प्रतिभा का इस्तेमाल देशहित में करें न कि अपराध जगत को बढ़ावा देने में।

पंजाब लोक भवन में लोहड़ी पर साथ दिखे सीएम मान और हरियाणा के सीएम सैनी

चंडीगढ़. पंजाब लोक भवन में पारंपरिक लोहड़ी उत्सव धूमधाम से मनाया गया।इस समारोह का आयोजन पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया द्वारा किया गया। समारोह में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. आशीम कुमार घोष, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंदर कल्याण, पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरजोत सिंह बैंस एवं संजीव अरोड़ा, राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक मित्तल एवं सरदार सतनाम सिंह संधू, चंडीगढ़ की महापौर हरप्रीत कौर बबला, चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद सहित पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। लोहड़ी की शुभकामनाएं देते हुए राज्यपाल ने इस पर्व के सांस्कृतिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्सव आपसी सौहार्द को बढ़ावा देते हैं, सामाजिक एकता को सुदृढ़ करते हैं और हमारी सभ्यतागत मूल्यों को संरक्षित रखने में सहायक होते हैं। उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NZCC) द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोहड़ी से जुड़े लोक नृत्य एवं लोक गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। पंजाब लोक भवन के लॉन को पारंपरिक विरासत गांव की तर्ज पर सजाया गया, जिससे उत्सव का माहौल और भी जीवंत हो उठा। समारोह के दौरान पंजाबी लोकनायक दुल्ला भट्टी (राय अब्दुल्ला ख़ान भट्टी) की वीर गाथा को भी श्रद्धा एवं गौरव के साथ स्मरण किया गया। इस अवसर पर गणमान्य अतिथियों एवं आमंत्रितों के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया। राज्यपाल ने लोहड़ी के पावन अवसर पर पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ के लोगों के लिए शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की शुभकामनाएं दीं।

हॉस्टल मेस में खराब खाना बांटने पर घासीदास यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने कुलपति निवास घेरा

बिलासपुर. न्यायधानी बिलासपुर में स्थित गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी आए दिन चर्चा में रहती है। पिछले कुछ समय से यूनिवर्सिटी में कुछ ऐसे मामले हुए हैं, जिसकी हर तरफ चर्चा होती रही है। वहीं वहीं एक बार फिर से गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों ने हंगामा किया है। इतना ही नहीं हंगामा करने वाले छात्रों ने कुलपति के निवास को घेर दिया और जमकर नारेबाजी की। अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, गुरु घासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के आंबेडकर हॉस्टल के छात्रों ने देर रात कुलपति निवास का घेराव कर दिया और जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने हॉस्टल मेस की बदहाल व्यवस्था को लेकर ये प्रदर्शन किया। छात्र खानें की ख़राब क्वालिटी से नाराज है। छात्र लगातार मांग कर रहे हैं कि, खाने की क्वालिटी ठीक की जाए, लेकिन उनकी मांगो पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इन्ही सब से आक्रोशित छात्रों ने बीती रात कुपलपाती निवास का घेराव कर दिया। आपकी जानकरी के लिए बता दें कि, हाल ही में, तात्या भील बॉयज़ हॉस्टल के मेस में नाश्ता लेने गए बीटेक छात्र हर्ष अग्रवाल पर रसोइए द्वारा चाकू से हमले की कोशिश का मामला सामने आया था। रसोइए का हाथ में चाकू लेकर छात्र को दौड़ाते हुए सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। नाश्ते का समय समाप्त होने के बाद नाश्ता मांगने को लेकर छात्र और मेस कर्मियों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि मेस में काम करने वाले दीपेंद्र और दीपक केवट ने छात्र के साथ मारपीट की और चाकू लेकर उसे दौड़ाने लगे।

हरियाणा में हाइड्रोजन ट्रेन के तकनीकी ट्रायल के कारण देरी

चंडीगढ़. सोनीपत-जींद स्टेशन के बीच प्रस्तावित बहुप्रतीक्षित हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल तकनीकी परीक्षणों के चलते जनवरी में पूरा होता नजर नहीं आ रहा है। ट्रैक, ट्रेन और हाइड्रोजन प्लांट से जुड़े तकनीकी पहलुओं में आ रही – जटिलताओं के कारण ट्रायल की समय-सीमा आगे बढ़ सकती है। ऐसे में अब हाइड्रोजन ट्रेन के फरवरी में ही ट्रैक पर दौड़ने की संभावना है। पहले जनवरी के अंत तक ट्रायल शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन मौजूदा प्रगति को देखते हुए यह – कार्य फरवरी में पूरा होने की संभावना बन रही है। दरअसल, हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन से पहले केवल ट्रैक की जांच ही नहीं, बल्कि ट्रेन की कार्यक्षमता, सुरक्षा मानकों और इंधन आपूर्ति प्रणाली की भी बारीकी से टेस्टिंग की जानी है। खास तौर पर हाइड्रोजन गैस के भंडारण और उपयोग को लेकर अतिरिक्त सामभानी बरती जा रही है। हाइड्रोजन गैस अत्यधिक संवेदनशील होती है और इसमें मौजूद नमी ट्रेन के इंजन व फ्यूल सेल सिस्टम को प्रभावित कर मकती है। इसी समस्या के समाधान के लिए हाइड्रोजन प्लांट में विशेष हीटर लगाए जाएंगे, ताकि गैस में मौजूद नमी को पूरी तरह सुखाया जा सके। हाइड्रोजन ट्रेन 360 किलोग्राम हाइड्रोजन ईंधन में करीब 180 किलोमीटर का सफर तय करने में सक्षम होगी। जींद से सोनीपत की दूरी लगभग २० किलोमीटर है। ट्रेन की अधिकतम गति 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। संचालन से पहले सुरक्षा नियंत्रण उपकरण, स्पीड सेसर और कंट्रोल सिस्टम को अलग-अलग गति स्तरों पर परखा जाएगा, ताकि ट्रेन निधारित मानकों के अनुरूप सुरक्षित रूप से संचालित हो सके। स्टेशनरी ट्रायल के बाद रनिंग ट्रायल किया जाएगा, जिसमें अभी कुछ और समय लग सकता है। अभी सोनीपत ट्रैक और हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल होना की है। इनकी टेस्टिंग को जाएगी। इन कायों में अभी समय लगेगा। बिजेंद्र कुमार, एसएसई, नई दिल्ली रेलवे प्रबंधन इस परियोजना में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहता और न ही सुरक्षा से समझौता। इसी कारण सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद ही हाइड्रोजन ट्रेन के ट्रायल को अंतिम रूप दिया जाएगा।