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आरटीई की सीटों का आरक्षण के दौरान पोर्टल पर सर्वर एरर ने बढ़ाई परेशान

लुधियाना. निजी स्कूलों के लिए आर.टी.ई. एक्ट के तहत 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का सरकारी फरमान परेशानी का सबब बन गया है। एक तरफ जहां डिप्टी कमिश्नर (डी.सी.) हिमांशु जैन ने 12 जनवरी तक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य की है, वहीं दूसरी तरफ शिक्षा विभाग की तकनीकी खामियों और अधूरी तैयारी ने स्कूलों के पसीने छुड़ा दिए हैं। सोमवार को जब स्कूलों ने विभाग के पोर्टल पर लॉग इन करने की कोशिश की तो तकनीकी गड़बड़ियों के कारण अधिकांश स्कूल रजिस्ट्रेशन करने में नाकाम रहे। पोर्टल का बुरा हाल, पासवर्ड हैड ऑफिस के पास निजी स्कूल प्रबंधकों का कहना है कि विभाग के पास कई स्कूलों का यूडाइस डाटा ही उपलब्ध नहीं है। विडंबना यह है कि कई स्कूलों के पास लॉग इन आई.डी. (यूडाइस कोड) तो है लेकिन पासवर्ड गायब है। जब स्कूलों ने इस संबंध में विभाग से संपर्क किया तो स्थानीय अधिकारियों ने हाथ खड़े करते हुए कहा कि पासवर्ड केवल हैड ऑफिस से ही मिलेगा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि पोर्टल ही तैयार नहीं था, तो स्कूलों पर सख्त समय-सीमा का दबाव क्यों बनाया जा रहा है? लॉग इन के समय लगातार 'सर्वर एरर' आने से स्कूल संचालक मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं। डी.सी. के सख्त आदेश लेकिन विभाग की सुस्त चाल उल्लेखनीय है कि डी.सी. हिमांशु जैन ने लुधियाना के सभी प्राइवेट गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों (अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर) को आर.टी.ई. एक्ट के तहत कमजोर और पिछड़े वर्गों के लिए 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आर.टी.ई. पोर्टल पर स्कूलों को अपनी एंट्री-लैवल सीटें, ट्यूशन फीस और मान्यता (सी.ओ.आर.) नंबर अपलोड करना अनिवार्य है। प्रशासन ने दाखिला प्रक्रिया और फीस वसूली पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है लेकिन विभाग द्वारा प्रदान किया गया तकनीकी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। नियमों का हवाला और दंडात्मक कार्रवाई का डर प्रशासनिक आदेशों के अनुसार, इन आरक्षित सीटों पर केवल परिवहन शुल्क लेने की अनुमति है और किसी भी तरह के टैस्ट या इंटरव्यू पर पाबंदी है। नियमों की अनदेखी पर मान्यता रद्द करने या भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान भी है लेकिन स्कूल संचालकों का तर्क है कि जब विभाग का अपना पोर्टल ही सही ढंग से काम नहीं कर रहा, तो वे समय-सीमा के भीतर जानकारी कैसे अपलोड करें? निजी स्कूलों ने विभाग की इस लचर कार्यप्रणाली पर कड़ा रोष जताया है और मांग की है कि रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाने के साथ तकनीकी समस्याओं को तुरंत हल किया जाए।

टोंक में कल 70 KG का दड़ा करेगा झमाझम बारिश की भविष्यवाणी

टोंक/जयपुर.  टोंक जिले के आवां कस्बे में हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर मनाए जाने वाले दड़ा महोत्सव की तैयारियां इन दिनों जोरों पर हैं। राजपरिवार की ओर से आयोजित इस महोत्सव के लिए गढ़ पैलेस में दक्ष कारीगर पिछले 15 दिनों से दड़ा बनाने का कार्य कर रहे हैं। विश्व प्रसिद्ध इस महोत्सव के आयोजनकर्ता राजपरिवार की महारानी विजया देवी और कुंवर कार्तिकेय सिंह ने बताया कि इस वर्ष भी दड़ा महोत्सव का आयोजन परंपरागत धूमधाम से किया जाएगा। ऐसे होता है तैयार लकड़ी के बुरादे, बजरी और टाट से बना यह फुटबॉलनुमा दड़ा तकरीबन 70 किलो वजन का होता है। इसे बनाने में 15 दिन की कड़ी मेहनत लगती है। तैयार होने के बाद इसे पानी में भिगोकर और अधिक मजबूत और सख्त बनाया जाता है। वर्तमान में आवां के विशेषज्ञ ग्रामीण इसकी तैयारी में जुटे हैं। युवा और बुजुर्गों में इसे लेकर खासा उत्साह है। रियासत काल से आवां कस्बे में दड़ा महोत्सव का आयोजन राजपरिवार की ओर से होता आ रहा है। परंपरागत रूप से खेले जाने वाला यह खेल मौजूदा फुटबॉल से मिलता-जुलता है, लेकिन इसमें खिलाड़ियों की संख्या हजारों में होती है। गांव के बीच स्थित गोपाल चौक में खेले जाने वाले इस खेल में दो गोल पोस्ट अखनियां दरवाजा और दूनी दरवाजा होते हैं, जिनकी दूरी लगभग एक किलोमीटर होती है। दड़ा करता है भविष्यवाणी करीब 20 गांवों के तीन हजार लोग इस खेल में भाग लेते हैं, जबकि दस हजार दर्शक मकानों की छतों और चौक में जमा होकर खेल का आनंद लेते हैं। मान्यता है कि यदि दड़ा दूनी दरवाजे की ओर जाता है तो वर्षा अच्छी होती है और साल सुकाल का माना जाता है, जबकि अखनियां दरवाजे की ओर जाने पर अकाल का संकेत माना जाता है। सैनिकों की भर्ती से हुई थी शुरुआत आवां के युवा सरपंच दिव्यांश महेंद्र भारद्वाज ने बताया कि राजस्थानी संस्कृति के प्रतीक इस अद्भुत खेल की शुरुआत एक शताब्दी पहले राव राजा सरदार सिंह ने सेना में वीर योद्धाओं की भर्ती के उद्देश्य से की थी। समय के साथ यह परंपरा महोत्सव के रूप में विकसित हो गई।

चतरा के बलबल मेले में मकर संक्रांति से दिखेगा आस्था और मनोरंजन का संगम

चतरा. प्रसिद्ध ऐतिहासिक बलबल पशु मेला को लेकर प्रशासनिक व स्थानीय स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर मेले का भव्य उद्घाटन किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी बलबल मेले में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मकर संक्रांति के दिन अहले सुबह से ही दूर-दराज के क्षेत्रों से श्रद्धालु बलबल धाम पहुंचकर पवित्र गर्म जल कुंड में स्नान कर पूजा-अर्चना करेंगे। बलबल मेला न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह पशु व्यापार और ग्रामीण संस्कृति का भी प्रमुख मंच माना जाता है। मेले में झारखंड सहित बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे कई राज्यों से पशु व्यापारी पहुंच चुके हैं। यहां गाय, बैल, भैंस, बकरी समेत अन्य पशुओं की खरीद-बिक्री होती है। किसानों और पशुपालकों के लिए यह मेला काफी उपयोगी सिद्ध होता है। मनोरंजन का फुल इंतजाम  मेले में श्रद्धालुओं और आगंतुकों के मनोरंजन के लिए कई आकर्षक साधन लगाए गए हैं। बच्चों के लिए झूले, ब्रेक डांस, ड्रैगन ट्रेन सहित अन्य खेल-तमाशे लगाए गए हैं। वहीं युवाओं और परिवारों के लिए सर्कस, जादू शो, मौत का कुआं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक नृत्य व गीतों की प्रस्तुति से मेले की रौनक और बढ़ गई है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और सुविधा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती की गई है, वहीं साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की तैयारी  स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा शिविर भी लगाया गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को त्वरित सहायता मिल सके।बलबल मेला वर्षों से सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक रहा है। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित यह मेला ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी सहेजता है। प्रशासन और मेला समिति को उम्मीद है कि इस वर्ष का बलबल मेला ऐतिहासिक और यादगार साबित होगा।

मुख्यमंत्री साय बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित ले रहे उच्च स्तरीय बैठक

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ले रहे हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय इसमें बस्तर अंचल के समग्र विकास पर केंद्रित योजनाओं की रूपरेखा बनाने में लगे हैं. जानकारी के अनुसार इस बैठक का केंद्र बिंदु बस्तर में शांति और विकास तथा शासन की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लोगों तक लाभ पहुँचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता में रखा जा रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बस्तर को मुख्यधारा से जोड़ने मूलभूत सुविधाओं को तेजी से विस्तार देने पर मंथन किया जा रहा है. बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद हैं.

बिल्लू की “सुंदरा” भैंस ने 29.650 किलो दूध देकर जीता बुलेट

अंबाला. अंबाला के साहा कस्बे के रहने वाले रवींद्र सिंह जिसे लोग बिल्लू के नाम से जानते है। उन्होंने डेयरी फार्म का काम कर अपनी पहचान दूर दूर तक बना ली है।  बता दें कि बिल्लू हालांकि कम पढ़ें लिखे है लेकिन बचपन से ही उन्हें पशुओं का शौक रहा है । बिल्लू के बजुर्ग शुरू से ही भैंसों का व्यावसाय करते है लेकिन बिल्लू ने इसे अपना प्रोफेशन बना लिया है। बिल्लू ने एक साल पहले वर्ल्ड की सबसे महंगी भैंस 51 लाख 30 हजार में खरीदी थी और जब से उन्होंने ये भैंस खरीदी तब से मेलों में प्रतियोगिता में ले जाने लगा। ताजा मामला कुरुक्षेत्र में हुई DFA डेयरी फार्म एसोसिएशन हरियाणा की और से चल रहे तीन दिवसीय पशु मेला रविवार को संपन्न हुआ जिसमें हरियाणा के इलावा पंजाब  राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कईं अन्य राज्यों से किसान अपने उन्नत नस्ल के पशुओं के साथ पहुंचे । इस मेले में बिल्लू की भैंस ने 29.650 किलो ग्राम दूध देकर पहला इनाम जीता जिसमें उनको बुलेट दिया गया । जब हमारी टीम ने बिल्लू से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारे पिता जी पहले अपने हिसाब से पशु रखते थे लेकिन उनको ब्रीड के बारे में नहीं पता था लेकिन पशुओं में सबसे ज्यादा होता है ब्रीड अगर हमारे पास अच्छे पशु है तो हम मेले में प्रतियोगिता लड़ सकते है। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में हमने दो प्रतियोगिता जीती जिसमें ट्रैक्टर जीता और एक बात दो लाख रुपए जीते । उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र में हमने प्रतियोगिता जीती जिसमें हमारा पहला इनाम आया और हमने बुलेट बाइक जीती। सबसे बड़ी बात ये है कि इस प्रतियोगिता में हम सभी पशु पालक बड़े प्यार से रहे । बिल्लू ने अपनी इस भैंस का नाम सुंदरा रखा हुआ है जो सभी को काफी पसंद आ रहा है। बिल्लू ने ये भैंस पवित्र सरदार से 51लाख 30 हजार में खरीदी थी। उन्होंने बताया कि इस भैंस ने अभी तक सभी की इज्जत रखी है । उन्होंने बताया कि लोग अपने बच्चों को विदेश भेजते है लेकिन मैने अपने बच्चों को भी इसी व्यावसाय में लगाया है । उन्होंने कहा कि ये धंधा बहुत अच्छा है और इससे लोगों को दूध भी मिलेगा और हमारी इनकम भी अच्छी होगी।

झारखंड के निकाय चुनाव में अब तीन संतान और फरारी वाले मैदान में नहीं उतर पाएंगे

रांची. झारखंड में 2026 के नगर निकाय चुनाव की हलचल तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिनके चलते कई संभावित उम्मीदवार सीधे चुनावी दौड़ से बाहर हो जाएंगे। आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने सभी जिलों को निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि कुछ खास श्रेणियों के लोग मेयर, अध्यक्ष या वार्ड पार्षद के लिए नामांकन नहीं दाखिल कर पाएंगे। ये हैं वो मुख्य नियम जो उम्मीदवारों को रोकेंगे उम्र का खेल: वार्ड पार्षद बनने के लिए कम से कम 21 साल की उम्र जरूरी है, जबकि मेयर या अध्यक्ष पद के लिए न्यूनतम 30 साल। नामांकन के समय अगर उम्र कम हुई तो नामांकन फौरन रिजेक्ट! दो बच्चे वाली लिमिट टूटेगी तो बाहर अगर किसी की तीसरी या उससे ज्यादा संतान 9 फरवरी 2013 के बाद पैदा हुई है, तो वो चुनाव नहीं लड़ पाएगा। हालांकि, अगर तीसरा बच्चा पैदा होने के बाद नहीं रहा (मृत्यु हो गई) तो उम्मीदवार योग्य रहेगा। जुड़वां बच्चे और गोद लिए बच्चे भी गिनती में शामिल होंगे। 9 फरवरी 2013 से पहले दो से ज्यादा बच्चे थे और उसके बाद कोई और नहीं हुआ, तो कोई समस्या नहीं। यह नियम जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए है। लगातार तीन बैठकें मिस कीं? अब बाहर पहले निकाय में चुने गए कोई भी सदस्य अगर बिना वजह लगातार तीन बैठकों में गैरहाजिर रहा हो, तो अगले चुनाव में टिकट नहीं मिलेगा। आयोग रिकॉर्ड चेक करेगा। फरार हैं छह महीने से ज्यादा? नामांकन नामंजूर किसी आपराधिक केस में अगर कोई छह महीने से अधिक समय से फरार घोषित है, तो वो चुनावी मैदान में नहीं उतर सकेगा। पुलिस और कोर्ट रिकॉर्ड से जांच होगी। खर्च का हिसाब नहीं दिया? पिछले चुनाव में अगर किसी ने चुनाव खर्च का पूरा ब्योरा समय पर नहीं जमा किया या गड़बड़ी पाई गई, तो आयोग उसे अयोग्य घोषित कर सकता है। अतिरिक्त सख्ती: नामांकन के वक्त अगर उम्मीदवार पर नगर निकाय या जिला प्रशासन का कोई होल्डिंग टैक्स, शुल्क या किराया बकाया है, तो नामांकन रद्द हो जाएगा। बकाया चुकाना अनिवार्य है, साथ में नो ड्यूज सर्टिफिकेट भी लगेगा। गलत शपथ-पत्र देने पर सख्त कार्रवाई होगी। झारखंड के 48-49 शहरी निकायों (नगर निगम, परिषद, पंचायत) में फरवरी-मार्च 2026 में चुनाव संभावित हैं। आरक्षण सूची भी जारी हो चुकी है, जैसे रांची में मेयर ST के लिए आरक्षित। आयोग ने सभी डीसी को इन नियमों का पालन कराने के सख्त निर्देश दिए हैं।

पंजाब को दहलाने की साजिश रचते हथियारों सहित 6 गिरफ्तार

तरनतारन. गणतंत्र दिवस से पहले पंजाब में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश को तरनतारन पुलिस ने नाकाम कर दिया है। पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार, गोलाबारूद और नशीले पदार्थ बरामद करते हुए करीब आधा दर्जन आरोपियों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा हलका तरनतारन के गांव कक्का कंडियाला में गत देर रात करीब 1 बजे पुलिस ने बड़े स्तर पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने नई तकनीक के 6 विदेशी पिस्तौल, असॉल्ट राइफल के मैगजीन, भारी मात्रा में हेरोइन और लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। सबसे अहम बात यह है कि आरोपियों के पास से रॉकेट लॉन्चर जैसा खतरनाक हथियार भी मिला है, जिसका इस्तेमाल किसी बड़े हमले के लिए किया जाना था। डी.एस.पी. (डिटेक्टिव) जगजीत सिंह ने बताया कि पुलिस रोजाना कार्रवाई करती रहती है, लेकिन इतनी बड़ी बरामदगी के बारे में आधिकारिक जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए ही दी जाएगी। उम्मीद है कि मंगलवार को एस.एस.पी. सुरिंदर लांबा इस मामले में बड़ा खुलासा कर सकते हैं।

MP Cabinet की बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगी मुहर, सीएम ने किसे दी बड़ी सौगात?

भोपाल   मध्य प्रदेश की मोहन कैबिनेट (MP Cabinet) की बैठक 13 जनवरी मंगलवार को आयोजित की गई। मंत्रालय में आयोजित MP Cabinet में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई। सीएम ने बैठक से पहले की अभियान पर बात बता दें कि सीएम डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक से पहले प्रदेश में शुरू किए गए समाधान अभियान पर बात की। इसके तहत 16 विभागों की 91 हितग्राहीमूलक योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को घर-घर जाकर जोड़ा जाएगा। सीएम ने कहा कि अभियान का पहला चरण 12 जनवरी से शुरू किया गया है। जो 16 फरवरी तक जारी रहेगा। लेकिन संपूर्ण अभियान31 मार्च तक चलाया जाएगा। अभियान के तहत घर-घर जाकर आवेदन लिए जाएंगे। वहीं दूसरे चरण में 16 फरवरी से 16 मार्च तक क्लस्टर शिविर आयोजित किए जाएंगे। वहीं तीसरे चरण में 17 मार्च से 26 मार्च तक विकास खंड स्तर पर शेष आवेदन और शिकायतों के साथ ही प्राप्त आवेदनों का निपटारा भी किया जाएगा। चौथे चरण में जिला स्तर पर आयोजन वहीं समाधान अभियान के चौथे चरण में जिला स्तर पर 26 मार्च से 31 मार्च तक आयोजन किए जाएंगे। इसके तहत शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें भी सभी अनिराकृत शेष आवेदनों और शिकायतों के साथ ही नए आवेदनों को भी सुलझाया जाएगा। सीएम ने बैठक से पहले ही मंत्रियों को दिए निर्देश सीएम मोहन यादव ने अभियान को लेकर कैबिनेट बैठक से पहले ही अभियान को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी मंत्रीगणों को अपने-अपने जिलों में अभियान की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा है। बता दें कि मोहन सरकार की यह पहली हाईटेक कैबिनेट बैठक है। जिसमें वे स्वयं और सभी मंत्रीगण फाइलों के बजाय टैबलेट अपने साथ लेकर मंत्रालय पहुंचे। सभी ने अपने प्रस्ताव टैबलेट पर देखकर ही प्रजेंट किए और सीएम ने भी टैबलेट देखकर ही उनके प्रस्तावों पर चर्चा की। बताते चलें कि सीएम मोहन यादव की पहल पर मध्य प्रदेश में ई-कैबिनेट की प्रक्रिया शुरु करने के उद्देश्य से मंत्रीगणों को टैबलेट वितरित किए थे। वहीं मंत्री परिषद के समक्ष ई-टैबलेट एप्लिकेशन का प्रजेंटेशन किया था। सीएम ने तब कहा था ई कैबिनेट की पहल ई गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है ये पेपरलेस प्रक्रिया। ताकि इससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। परिवहन टैक्स में छूट का प्रस्ताव मंजूर परिवहन विभाग के प्रस्ताव पर ग्वालियर व्यापार मेला 2026 में ऑटोमोबाइल बेचने पर परिवहन टैक्स में 50 फीसदी की छूट दिए जाने पर हुई चर्चा। बाद में सर्वसम्मत से प्रस्ताव मंजूर स्पेस टेक नीति पर लगी मुहर स्पेस टेक नीति 2026 के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट डेटा, ड्रोन, जियो-स्पेशल एप्लीकेशन, स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना और प्रोत्साहन देना है। इसके जरिए रिसर्च, इनोवेशन और निजी निवेश को आकर्षित करने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना है। सोलर एनर्जी के ये तीन अहम प्रोजेक्ट्स मंजूर MP Cabinet बैठक में जिन तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, उनमें राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को स्थायित्व के साथ ही पीक डिमांड के समय निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है, इसमें ये परियोजना शामिल हैं… 1- सोलर सह 4 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना 2- सोलर सह 6 घंटे की 300 मेगावाट विद्युत प्रदाय स्टोरेज परियोजना 3- 24 घंटे 200 मेगावाट सोलर सह स्टोरेज परियोजना एमपी के लाखों शिक्षकों को बड़ी राहत, सीएम ने दी बड़ी सौगात शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के लिए चतुर्थ श्रेणी क्रमोन्नत वेतन मान योजना लागू करने को मंजूरी दी गई। इसके तहत सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक तथा नए शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षक शामिल होंगे। इस पर 322.34 करोड़ का अनुमानित व्यय आएगा। सरकार का ये फैसला एमपी के 1.21 लाख से ज्यादा शिक्षकों के लिए राहत भरा रहा। जामा मस्जिद भूमि आवंटन पर पुनर्विचार कैबिनेट बैठक में इंदौर के मध्य स्थित जामा मस्जिद क्षेत्र से जुड़े भूमि आवंटन के मुद्दे पर चर्चा की गई। एमपी में खोले जाएंगे 200 नए सांदिपनी विद्यालय MP Cabinet में स्कूल शिक्षा विभाग के सांदिपनी विद्यालय खोले जाने की योजना के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत एमपी में कुल 200 नए सांदिपनी विद्यालय खोले जाने हैं। इसमें करीब 3660 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रथम चरण में 275 विद्यालयों को स्वीकृति मिली थी। हर स्कूल की स्थापना पर 17-18 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। ये अहम प्रस्ताव भी हुए पास     2026-27 की नई आबकारी नीति के लिए मंत्रिपरिषद समिति के गठन को मंजूरी     मध्य प्रदेश माल और सेवा कर अधिनियम 2017 के तहत जारी अधिसूचनाओं को मंजूरी     मोहनपुरा विस्तारीकरण(सारंगपुर) सिंचाई परियोजना को प्रशासकीय मंजूरी     सुल्तानपुर उद्धहन सिंचाई परियोजना को मंजूरी     खरनार गांव के 11 हजार से ज्यादा से ज्यादा हेक्टेयर में सिचाई होगी। 10 हजार से ज्यादा किसान परिवारों को लाभ होगा।

राजस्थान में 2 रुपए घटे सरस दूध के भाव

जयपुर. सवाई माधोपुर एवं करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड ने आम उपभोक्ताओं को राहत देते हुए सरस दूध की कीमतों में कमी की घोषणा की है। संघ के प्रबंध संचालक सुरेश कुमार सेन ने बताया कि दुग्ध क्रय दरों में कमी होने के कारण यह निर्णय किया है। अब सरस गोल्ड दूध का एक लीटर पैक 68 रुपए में और टीएम दूध का एक लीटर पैक 52 रुपए में उपलब्ध होगा। पहले इनकी कीमत क्रमशः 70 रुपए और 54 रुपए थी। नई दरें 13 जनवरी से लागू होंगी और उपभोक्ता सरस बूथ व शॉप एजेंसियों से दूध प्राप्त कर सकेंगे। गुणवत्ता पर विशेष जोर संघ ने स्पष्ट किया है कि कीमतों में कमी के बावजूद दूध की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उपभोक्ताओं तक शुद्ध और पौष्टिक दूध पहुंचाना ही संघ का उद्देश्य है। दूध की कीमतों में कमी से आमजन को सीधी राहत मिलेगी। रोजाना सरस दूध का उपयोग करने वाले परिवारों के लिए यह निर्णय आर्थिक दृष्टि से सहायक साबित होगा। संघ के अनुसार उपभोक्ताओं को उचित दर पर गुणवत्तायुक्त दूध उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। साथ ही किसानों से खरीदे जाने वाले दूध की दरों में आई कमी का लाभ सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया है।

हरियाणा में जीरो डिग्री तक पारा लुढ़कने से जमी बर्फ

हिसार/पानीपत. हरियाणा में कड़ाके की ठंड और उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। सोमवार को गुरुग्राम जिला प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह इस सीजन की अब तक की सबसे सर्द रात रही। मौसम विभाग ने हालात को देखते हुए प्रदेश के 12 जिलों में गंभीर शीतलहर और ठंडे दिन का रेड अलर्ट जारी किया है। घने कोहरे के कारण कई जिलों में दृश्यता 0 से 50 मीटर तक सिमट गई। चार जिलों में पारा जमाव बिंदु के करीब हैं। खेतों में जमा पाला दक्षिण-पश्चिम हरियाणा में पाले का असर सबसे अधिक दक्षिणी और पश्चिमी हरियाणा में ठंड व पाले का प्रकोप सबसे अधिक रहा। कई जगह पारा गिरने से पाला जम रहा है। इससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। झज्जर जिले के गांव गोरिया के खेतों में जमा पाला। क्षेत्र में कई जगह सुबह के समय सफेद बर्फ की परत भी दिखी। गुरुग्राम के बाद नारनौल में न्यूनतम तापमान 1.2 डिग्री, भिवानी में 1.5 डिग्री, सोनीपत में 1.6 डिग्री और सिरसा में 1.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हिसार में तापमान 2.6 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया, जिससे खेतों में पाला पड़ने की स्थिति बनी। ट्रेनें लेट, बाजारों में सन्नाटा कोहरे के कारण प्रदेश में 25 से अधिक ट्रेनें देरी से चलीं। भीषण ठंड में बाजारों की गतिविधियां प्रभावित रहीं, लोग घरों में ही दुबके रहे। सोमवार तड़के राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (अंबाला-दिल्ली) और राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (हिसार-रोहतक) कोहरे की चपेट में रहे। क्यों अचानक बढ़ी ठंड मौसम विशेषज्ञों के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद आसमान साफ हो गया। इसके बाद उत्तर-पश्चिमी हवाओं की गति बढ़ने से मैदानी इलाकों में रेडिएशन कूलिंग तेज हुई। इसी कारण रात के तापमान में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। करनाल में हादसा, युवक की मौत घने कोहरे के कारण करनाल के इंद्री क्षेत्र के धूमसी गांव में बड़ा हादसा हुआ। टी-पाइंट के पास एक कार अनियंत्रित होकर जोहड़ (तालाब) में जा गिरी। हादसे के समय कार में केवल एक युवक सवार था, जिसकी डूबने से मौत हो गई। सोमवार सुबह क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया। दो से तीन डिग्री लुढ़केगा पारा मौसम विभाग का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे में अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत और रोहतक में ठंडे दिन की स्थिति बनी रहेगी। 14 जनवरी के बाद एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी संभव है।