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राहुल गांधी राम मंदिर करेंगे दर्शन! तनुज पुनिया ने बताया यात्रा का कार्यक्रम

बाराबंकी   राहुल गांधी जल्‍द ही राम मंदिर जाएंगे और वहां रामलला के दर्शन करेंगे. बाराबंकी से कांग्रेस सांसद तनुज पुनिया ने इसकी घोषणा की. एक प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में उन्‍होंने इस बात का ऐलान किया. पुनिया ने अभी तक राहुल के राम मंदिर ना आने के सवाल का भी जवाब दिया. उन्‍होंने कहा क‍ि जल्द ही कांग्रेस नेता राहुल गांधी राम मंदिर जाएंगे. अब मंदिर का ध्वज भी लग गया. अब राम मंदिर कंप्लीट हो गया है. अधूरे राम मंदिर में कोई पूजा करने नहीं जाता. अब राहुल गांधी अयोध्या राम मंदिर दर्शन करेंगे. दरअसल, 23 जनवरी को 32 सदस्यीय संसदीय समिति अयोध्या के दौरे पर पहुंचेगी. इस समिति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी शामिल हैं. समिति के अयोध्या आगमन और राहुल गांधी के रामलला के दर्शन को लेकर सियासी और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. कांग्रेस नेता तनुज पुनिया ने इस मुद्दे पर बयान देते हुए कहा है कि अब जब राम मंदिर का निर्माण पूर्ण हो चुका है और मंदिर में ध्वजारोहण भी हो गया है, ऐसे में राहुल गांधी रामलला के दर्शन कर सकते हैं. बता दें कि बीते वर्षों में जब राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा था, तब मंदिर पूरी तरह तैयार नहीं था. अब निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद राहुल गांधी के अयोध्या आगमन और रामलला दर्शन की संभावना जताई जा रही है. इससे पहले वर्ष 2016 में भी राहुल गांधी अयोध्या आए थे, तब उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन किए थे और संतों से आशीर्वाद लिया था, लेकिन रामलला के दर्शन नहीं किए थे. इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी राहुल गांधी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रण दिया गया था. अब एक बार फिर उनके अयोध्या आने को लेकर संत समाज की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने राहुल गांधी के संभावित दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि कालनेमियों को चलो अब सद्बुद्धि आई है. जो लोग भगवान श्रीराम को काल्पनिक बताते थे, जिन्होंने राम मंदिर के विरोध में बड़े बड़े वकील खड़े किए, आज वही लोग रामलला के दर्शन की बात कर रहे हैं. राम के शरण में सभी का स्वागत है, हम भी माला पहनाकर स्वागत करेंगे. महंत राजू दास ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को अपने उन सहयोगी दलों से भी जवाब मांगना चाहिए, जो सनातन धर्म पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते रहे हैं और सनातन की तुलना कोरोना, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों से करते हैं. उन्होंने याद दिलाया कि 2016 में भी राहुल गांधी के अयोध्या आगमन पर संतों ने उनका स्वागत किया था और उनसे विपक्ष में रहते हुए राम मंदिर के पक्ष में आवाज उठाने का आग्रह किया था. वहीं जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने राहुल गांधी के रामलला दर्शन को लेकर स्वागत के साथ-साथ सवाल भी खड़े किए. उन्होंने कहा कि राम जी की शरण में कभी भी, कोई भी आ सकता है. यदि राहुल गांधी रामलला के दर्शन के लिए आ रहे हैं तो उनका स्वागत है. हालांकि इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि ज्योतिषीय दृष्टि से यह दौरा दिखावे जैसा प्रतीत होता है. परमहंस आचार्य ने कहा कि राहुल गांधी इसलिए अयोध्या आ रहे हैं क्योंकि उनके नफरत के हथियार खत्म हो चुके हैं. जनता ने उन्हें तवज्जो नहीं दी, तो कांग्रेस को जीवित रखने के लिए राम के शरण में आने का दिखावा किया जा रहा है.

हरियाणा में घायलों का तुरंत इलाज करवाने डायल 112 से जुड़ेगी निजी एंबुलेंस

चंडीगढ़. सड़क दुर्घटना में घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अब निजी अस्पतालों की एंबुलेंस को 112 प्रणाली से जोड़ा जाएगा। वर्तमान में पार्क हास्पिटल ग्रुप की पांच एंबुलेंस इस पायलट माडल में शामिल होकर सफलतापूर्वक सेवाएं दे रही हैं। पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने बताया कि प्रदेश में डायल 112 के माध्यम से पुलिस, स्वास्थ्य और अग्निशमन सेवाओं तक पहुंच और आसान होगी। पंचकूला जिले में शुरू किया गया आटो डिस्पैच पायलट सफल रहा है, जिसके बाद इसे अब पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। कोई भी काल प्राप्त होते ही मानवीय हस्तक्षेप के बिना स्वत: ईआरवी (इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल) भेज दिया जाएगा। इसके अलावा जीपीएस आधारित ईआरवी परफारमेंस आडिट माडयूल को भी लागू किया गया है, जो प्रत्येक घटना के बाद वाहन की गति, प्रतिक्रिया और घटना स्थल से दूरी जैसे महत्वपूर्ण मापदंडों का स्वत: विश्लेषण करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सुधारों का यही क्रम जारी रहा, तो हरियाणा 112 देश के सबसे श्रेष्ठ आपातकालीन सेवा माडल के रूप में स्थापित होगा। एडीजीपी हरदीप दून ने बताया कि 31 दिसंबर 2025 तक इस प्रणाली पर 2.75 करोड़ से अधिक काल दर्ज हुई। यह आंकड़ा दर्शाता है कि नागरिक अब हर आपातकालीन स्थिति में सबसे पहले ‘112’ को ही सहायता के लिए याद करते हैं। औसत रिस्पांस टाइम अब 16 मिनट 14 सेकंड से घटाकर 9 मिनट 33 सेकंड तक आ गया है। 92.60 प्रतिशत कालर्स ने सेवाओं पर संतुष्टि जताई है। डायल-112 को जल्द ही पूरी तरह आटो डिस्पैच आधारित, एआइ संचालित और रियल-टाइम मानिटरिंग से सुसज्जित किया जाएगा, जिसमें निजी एंबुलेंस और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से पहुंचने के लिए उन्नत रूटिंग सिस्टम को शामिल किया जाएगा। तेजी से प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए राज्यभर में ईआरवी की तैनाती, जीपीएस ट्रैकिंग और डिस्पैच सिस्टम को निरंतर अपग्रेड किया गया है, जिसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आये हैं।

अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, गैंगस्टर एक्ट मामले में मिली कानूनी राहत

लखनऊ सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के विधायक अब्बास अंसारी को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में नियमित जमानत दे दी है। अब्बास अंसारी गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे हैं और मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस जमानत में अब्बास अंसारी यूपी से बाहर तो जा सकते हैं, लेकिन उन्हें इससे पहले ट्रायल कोर्ट को जानकारी देनी होगी। इस जानकारी में उन्हें अपना मोबाइल नंबर और कहां जा रहे हैं इसकी पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बाद ही वह कहीं जा सकते हैं। नियमित जमानत देते समय सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अंसारी को अंतरिम राहत देते समय पहले लगाई गई सभी शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। अब्बास अंसारी कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन अन्य मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। इस फैसले से अब वे सभी मामलों में जमानत पर हैं। राज्य की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने पेश किया, लेकिन कोर्ट ने उनके तर्कों को ध्यान में रखते हुए भी जमानत को नियमित कर दिया। यह फैसला अब्बास अंसारी और उनके परिवार के लिए बड़ी कानूनी जीत मानी जा रही है। इससे पहले, सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत की शर्तों में ढील दी थी। अंसारी को लखनऊ में उन्हें अलॉट किए गए सरकारी आवास में रहना था। इसके अलावा, पिछले साल सितंबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा मामले में उनकी जेल की सजा पर रोक लगाने के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में अब्बास अंसारी की सदस्यता भी बहाल कर दी गई थी। अब्बास अंसारी पर 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान नफरत फैलाने वाला भाषण देने का आरोप था। आरोप है कि उन्होंने एक पब्लिक मीटिंग में भड़काऊ बातें कही थीं और सरकारी अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने के बाद वह उनसे हिसाब बराबर करेंगे और उन्हें सबक सिखाएंगे। मुख्तार अंसारी का दशकों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में काफी राजनीतिक प्रभाव रहा था। उन्होंने कई बार मऊ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। मुख्तार अंसारी के निधन के बाद उनके बेटे अब्बास अंसारी ने राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने मऊ सदर सीट जीती थी।

रांची विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में परिचय पत्र न बनने से अभी और होगी देरी

रांची. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में वोटर लिस्टर तैयार होने के बावजूद छात्र संघ चुनाव 2025-26 में देरी होगी। इसका कारण यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के परिचय पत्र नहीं बनवा सका। परिचय पत्र बनवाने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी। कई एजेंसियों से कोटेशन मांगे गए। जिसमें एक एजेंसी ने सबसे कम 82 रुपये प्रति आईकार्ड बनाने का प्रस्ताव दिया। मगर विवि के वित्त विभाग ने आईकार्ड के लिए पैसा नहीं दिया। पैसे के अभाव में विवि प्रशासन आईकार्ड नहीं बनवा सका। आईकार्ड नहीं बनने की वजह से चुनावी प्रक्रिया अधर में लटक गई है। जबकि स्टूडेंट इलेक्शन फीस के नाम पर प्रति छात्र 70 रुपये और स्टूडेंट यूनियन फीस के नाम पर प्रति छात्र 30 रुपये छात्रों से वसूले गए है। डीएसपीएमयू में करीब 14,000 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इनसे गत सात साल में करीब 98 लाख रुपये वसूले गए हैं। डीएसपीएमयू प्रशासन छात्रों से राशि वसूलने के बाद भी समय पर आईकार्ड नहीं बनवा सका। जबकि विवि प्रशासन द्वारा छात्र संघ चुनाव को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। वोटर लिस्ट (इलेक्ट्रोल रोल) तैयार कर लिया गया है, जिसमें यूजी- पीजी और बीएड कोर्स के वोटर शामिल हैं। वोटर लिस्ट एप्रूवल के लिए सभी विभागों को भेजा गया। सबकुछ समय पर चल रहा था, मगर आईकार्ड नहीं बनने की वजह से चुनाव में विलंब होगा। वर्ष 2019 में 8,706 छात्रों ने जिन 5 पदों के लिए मतदान किया था, वही चुनाव अब 2025-26 में 16,774 मतदाताओं के साथ दोबारा होना है। इस बार मतदाताओं की संख्या दोगुनी हो चुकी है। ऐसे में इस बार का चुनाव सिर्फ छात्र प्रतिनिधियों के चयन का माध्यम नहीं, बल्कि यह विश्वविद्यालय की प्रशासनिक क्षमता, शैक्षणिक व्यवस्था और छात्र राजनीति की दिशा पर सीधा जनमत बन चुका है। छात्राओं के हाथ में जीत-हार डीएसपीएमयू में कुल मतदाताओं में 8,454 छात्राएं (50.4%) और 8,320 छात्र (49.6%) हैं। डीएसपीएमयू छात्र संघ चुनाव के इतिहास में यह पहला मौका है, जब छात्राएं निर्णायक बहुमत में हैं। यानी छात्र संघ की सत्ता की चाबी छात्राओं के हाथ में है। उनकी संख्या 50 प्रतिशत से अधिक होने के कारण उनकी सुरक्षा सहित अन्य मुद्दे छाए रहेंगे। इसमें गर्ल्स हास्टल, सुरक्षा, समय पर परीक्षा व रिजल्ट, क्वालिटी एजुकेशन, कैंपस इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा। ओबीसी कैटेगरी का सबसे अधिक वोट है। इसी प्रकार यूजी छात्रों का दबदबा पहले से ज्यादा है। पांच पद के लिए होगा मतदान छात्र संघ चुनाव लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार होगा। कुल पांच पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव और उप सचिव के पद के लिए मतदान होगा। चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराया जाएगा।

दिसंबर में गुड्स ट्रैफिक से 572.57 करोड़ रुपये का ओरजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित

दिसम्बर माह में गुड्स ट्रैफिक से 572 करोड़ 57 लाख रूपये का ओरजिनेटिंग रेवन्यू अर्जित किया  जबलपुर  पश्चिम मध्य रेल में जबलपुर, भोपाल एवं कोटा तीनों मण्डलों के माल यातायात में निरंतर वृद्धि हो रही है। महाप्रबंधक के मार्गदर्शन में बेहतर प्रदर्शन करते हुए पश्चिम मध्य रेल ने दिसम्बर माह में 572 करोड़ 57 लाख रूपये माल यातायात से ऑरिजनेटिंग राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की इसी माह में 489 करोड़ 01 लाख रूपये की तुलना में 17 प्रतिशत अधिक है तथा रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य 532 करोड़ 05 लाख रूपये ऑरिजनेटिंग रेवन्यू से लगभग 08 प्रतिशत अधिक है।    इसी प्रकार माल यातायात से दिसंबर माह में मण्डल वाइस बात करे तो जबलपुर मण्डल ने रूपये 398 करोड़ 35 लाख, भोपाल मण्डल ने 102 करोड़ 05 लाख एवं कोटा मण्डल ने रूपये 72 करोड़ 18 लाख का कुल ऑरिजिनेटिंग रेवेन्यू अर्जित किया है। माल यातायात के लिए निम्नलिखित प्रयास किये जा रहे हैं :-  मालगाड़ियों की औसत गति में वृद्धि करके अलग-अलग रेल खण्ड की क्षमता में वृद्धि और इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ाया। साथ ही साथ ऑपरेशनल सुधार भी किए गए।   गतिशक्ति कार्गो टर्मिनल/ साइडिंग को बढ़ाने का निरंतर प्रयास किये जा रहे है।   गुड्स टर्मिनल की वर्किंग में सुधार एवं मालगाड़ियों के डिटेंशन को कम किया गया। इससे मालगाड़ियों के संचालन में तेजी आई और माल ढुलाई में वृद्धि हुई।  माल गोदामों में राउण्ड द क्लॉक यानि चौबीस घंटे लोडिंग एवं अनलोडिंग सेवाएँ शुरू की गईं ।   नए माल गोदामों को विकसित करके उन्नयन कार्य किया जा रहा है।   नई रेल लाइन/दोहरीकरण/तिहरीकरण जैसे अधोसरंचना कार्यों में गति प्रदान की जा रही है।         पश्चिम मध्य रेल द्वारा माल यातायात की उत्तरोत्तर वृद्धि के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है और आगे भी जारी रखेगा।  

धान का 21 क्विंटल प्रति एकड़ के हिसाब से हो रहा उपार्जन

दंतेवाड़ा. खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासन के मंशानुरूप किसानों से निर्धारित मापदंडों के तहत धान की खरीदी की जा रही है और व्यवस्था को लेकर किसान पूरी तरह संतुष्ट हैं। प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया गया है कि प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है और उन अफवाहों का खंडन किया है, जिनमें कहा जा रहा था कि केवल 12 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदा जा रहा है। किसानों को उनकी पूरी उपज के लिए नियमानुसार टोकन जारी किए जा रहे हैं। किसानों से अपील की गई है कि वे केवल इस खरीफ सीजन का साफ-सुथरा और सुखाया हुआ धान ही उपार्जन केंद्रों पर लाएं। पुराने धान को खपाने की कोशिश या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। शासन के संज्ञान में आया है कि कुछ तत्वों द्वारा धान खरीदी को लेकर संगठित रूप से भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गलत अफवाह फैलाकर व्यवस्था को बाधित करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मोखपाल धान खरीदी केंद्र में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों से सीधा संवाद किया है। चर्चा के दौरान किसानों ने बताया कि उन्हें टोकन प्राप्त करने और बारदाना मिलने में कोई समस्या नहीं हो रही है। किसानों ने समिति की कार्यप्रणाली और वहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य जितेन्द्र सोरी, जनपद पंचायत कटेकल्याण अध्यक्ष हपारांम कोवाड़ी, सहकारी समिति अध्यक्ष भीमाराम, और अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। साथ ही प्रशासनिक स्तर पर खाद्य अधिकारी, नायब तहसीलदार, जिला विपणन अधिकारी, सहायक आयुक्त (सहकारिता) ,शाखा प्रबंधक जिला सहकारी बैंक दंतेवाड़ा और कृषि विस्तार अधिकारी ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

अंतरराष्ट्रीय सेमीनार में एम.पी. ट्रांसको के कार्यपालन अभियंता हितेश तिवारी के शोधपत्र को मिली सराहना –

  जबलपुर  अंतरराष्ट्रीय विद्युत ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विषय पर आयोजित 6वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में एम.पी. पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के कार्यपालन अभियंता इंजीनियर हितेश तिवारी द्वारा प्रस्तुत शोधपत्र को व्यापक सराहना मिली है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.) भिलाई के इलेक्ट्रिकल विभाग द्वारा, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एन.आई.टी.) जमशेदपुर के सहयोग से भिलाई में आयोजित इस सम्मेलन में “ऑप्टिमल ग्रिड इंटीग्रेशन प्लानिंग एंड इकोनॉमिक असेसमेंट ऑफ़ ए सोलर- बी.ई.एस.एस. हाइब्रिड सिस्टम” विषय पर यह शोधपत्र प्रस्तुत किया गया।           पी.एच.डी. स्कॉलर एवं एम.पी. ट्रांसको, जबलपुर के योजना एवं डिजाइन विभाग में कार्यपालन अभियंता के पद पर पदस्थ इंजीनियर हितेश कुमार तिवारी, द्वारा प्रस्तुत इस शोध में सौर ऊर्जा एवं बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के ग्रिड एकीकरण की तकनीकी व्यवहारिता एवं आर्थिक मूल्यांकन पर महत्वपूर्ण विश्लेषण किया गया है। इस शोधकार्य का मार्गदर्शन जी.जी.आई.टी.एस. जबलपुर के डॉ. राजीव कुमार चौहान एवं जी.एल.ए. यूनिवर्सिटी, मथुरा के डॉ. संजय कुमार मौर्य द्वारा किया गया। इस सम्मेलन में देश-विदेश के अनेक शोधकर्ताओं एवं प्रसिद्ध विद्युत विशेषज्ञो ने सहभागिता की।  

हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण 31 को ई-नीलामी से बेचेगा फ्लैट और प्लॉट

चंडीगढ़. हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) इस माह कई व्यावसायिक संपत्तियों की बिक्री करेगा। एचएसवीपी ने ई-नीलामी का ब्योरा तैयार कर लिया है। 28 जनवरी से ई-नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। एचएसवीपी ने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की बोली की योजना तय की है। एचएसवीपी ने नीलामी के लिए नियमों में बदलाव किया है। बीते साल 19 सितंबर को संशोधित ई-नीलामी नीति के अनुसार बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसे होटल, बहु मंजिला इमारतों के लिए अब केवल न्यूनतम दो ईएमडी (बयाना राशि जमा करना) ही अनिवार्य होंगी। इस श्रेणी के लिए 31 जनवरी को ई-नीलामी होगी। प्राधिकरण के ब्योरे के अनुसार सभी जोन में आवासीय और व्यावसायिक साइट की बिक्री के लिए 28 जनवरी को ई-नीलामी होगी जिनमें नर्सिंग होम, क्लीनिक, सभी स्कूल साइट आदि शामिल हैं। इसी तरह से गुरुग्राम और रोहतक जोन की आवासीय और व्यावसायिक साइट (सामान्य) के लिए 29 जनवरी को नीलामी होगी।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर में 15.50 करोड़ के कार्यों का किया शुभारंभ

रायपुर. महिला एवं बाल विकास मंत्री और भटगांव विधायक लक्ष्मी राजवाड़े आज सूरजपुर जिले में 15.50 करोड़ रुपये की लागत से किए जा रहे तीन महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों के कार्यप्रारंभ पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुईं। इन कार्यों के शुभारंभ से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा सुदृढ़ होगी और विकास को नई गति मिलेगी। मंत्री राजवाड़े अपने गृह ग्राम बीरपुर से कसलगिरी सड़क निर्माण कार्य के कार्यप्रारंभ पूजन में ग्राम कसलगिरी, पंचायत भवन के पास सम्मिलित हुईं। इसके पश्चात उन्होंने ग्राम केंवटाली से सुन्दरपुर सड़क निर्माण कार्य के शुभारंभ अवसर पर ग्राम केंवटाली चौक में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता की। वहीं ग्राम गंगौटी से शिवपुर सड़क निर्माण कार्य के कार्यप्रारंभ पूजन कार्यक्रम में ग्राम शिवपुर, यादव पारा में भी मंत्री राजवाड़े सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सुदृढ़ सड़कें ग्रामीण विकास की आधारशिला हैं। इन मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी, किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को लाभ होगा तथा स्वास्थ्य, शिक्षा और बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और वंचित वर्ग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। अधोसंरचना विकास के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।क्षेत्र वासियों ने सड़क निर्माण कार्यों के शुभारंभ पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार के प्रति आभार प्रकट किया।

आरा जंक्शन पर RPF ने मानव तस्करों के चंगुल से छुड़ाए 100 बच्चे

आरा. दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत रेल संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ द्वारा लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार की रात आरपीएफ कमांडेंट के निर्देश पर आरा जंक्शन पर एक बड़ी और सराहनीय कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जहां 100 बच्चों को मानव तस्करी के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया गया। इस कार्रवाई का नेतृत्व आरपीएफ निरीक्षक दीपक कुमार ने किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरा जंक्शन से दानापुर–सिकंदराबाद एक्सप्रेस ट्रेन के माध्यम से इन सभी बच्चों को अवैध रूप से दूसरे राज्यों में ले जाने की तैयारी की जा रही थी। ट्रेन के प्रस्थान से पूर्व प्लेटफॉर्म पर इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए आरपीएफ निरीक्षक को शक हुआ और उन्होंने बच्चों से और उनके साथ लोगों से पूछताछ शुरू की। इसमें बच्चों की संख्या असामान्य पाई गई और उनके साथ मौजूद लोगों से जब पूछताछ की गई, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसे पूरा मामला खुल गया और पता चला कि बच्चों को ट्रेन से कहीं ले जाया जा रहा था। आरपीएफ निरीक्षक ने बताया कि बच्चों को सुरक्षित कर लिया गया है और दो लोगों से हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।