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श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए 12100 फीट लम्बाई में घाटों का निर्माण, कम से कम पैदल चलने के लिए घाटों के नजदीक बनाई गई पार्किंग

मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए तैयारी पूरी, 1 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन का प्रशासन का अनुमान  श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए 12100 फीट लम्बाई में घाटों का निर्माण, कम से कम पैदल चलने के लिए घाटों के नजदीक बनाई गई पार्किंग 42 पार्किंग स्थल का निर्माण, आवागमन सुगम बनाने के लिए गोल्फ कार्ट और रैपिडो बाइक सेवा होगी मददगार स्वच्छता के लिए 3300 स्वच्छता कर्मी तैनात, मेला क्षेत्र में 25,880 टॉयलेट का निर्माण यातायात एवं भीड़ प्रबन्धन हेतु एआई सर्विलांस बेस्ड अन्तर्जनपदीय एवं अन्तर्राज्यीय कार्ययोजना का विकास प्रयागराज  प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित माघ मेले का दूसरा स्नान पर्व मकर संक्राति 15 जनवरी को है। पौष पूर्णिमा स्नान पर्व में 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को सकुशल स्नान संपन्न कराने के बाद अब मेला प्रशासन ने मकर संक्रांति स्नान पर्व के लिए कमर कस ली है। इसके लिए स्नान घाटों पर विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को कम से कम पैदल चलना पड़े, इसके लिए घाटों के समीप ही पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इस दौरान एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के स्नान का प्रशासन का अनुमान है।  प्रशासन ने तैयार किया भीड़ प्रबंधन का मेगा प्लान  माघ मेला-2024 में इस पर्व पर 28.95 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार लगभग तीन गुना अधिक श्रद्धालुओं के आगमन के अनुमान को देखते हुए मेला प्रशासन ने भी भीड़ प्रबंधन का मेगा प्लान तैयार किया है। माघ मेला अधिकारी ऋषिराज का कहना है भीड़ प्रबन्धन एवं सुगम यातायात के दृष्टिगत इस बार 42 अस्थायी पार्किंग विकसित की गयी है, जिसमें लगभग एक लाख से अधिक वाहन पार्क हो सकेंगे। माघ मेला 2025-26 में कुल 12100 फीट लम्बाई में घाटों का निर्माण किया गया है जिनमें सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं चेंजिंग रूम, पुऑल, कॉसा, शौचालय आदि उपलब्ध हैं। मेला अधिकारी के अनुसार माघ मेले में गंगा में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कानपुर के गंगा बैराज से प्रतिदिन 8000 क्यूसेक जल छोड़ा जा रहा है। प्रयागराज में दोनों नदियों में गिरने वाले सभी 81 नालों की टैपिंग की जा चुकी है। निरंतर गंगा जल की मॉनिटरिंग हो रही है। स्वच्छता , सुरक्षा और सुगम परिवहन को प्राथमिकता शासन के निर्देश पर माघ मेले में स्वच्छता , सुरक्षा और सुगम परिवहन पर विशेष जोर दिया गया है। मेला अधिकारी ऋषिराज बताते हैं कि माघ मेले को खुले में शौच मुक्त (O.D.F.), दुर्गन्ध मुक्त और गंगा में जीरो डिस्चार्ज हेतु लगभग 25,880 शौचालय, 11 हजार डस्टबिन, 10 लाख से अधिक लाइनर बैग, 25 सक्शन गाड़ियां एवं 3,300 सफाई कर्मी तैनात किये गये हैं। श्रद्धालुओं के सुगम एवं सुलभ आवागमन हेतु बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की व्यवस्था की गयी है। माघ मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय बताते हैं कि सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में 17 थाने व 42 पुलिस चौकी, 20 अग्निशमन स्टेशन, 07 अग्निशमन चौकी, 20 अग्निशमन वॉच टावर, 01 जल पुलिस थाना, 01 जल पुलिस कन्ट्रोल रूम तथा 04 जल पुलिस सब कन्ट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।  8 किलोमीटर से अधिक डीप वाटर बैरीकेडिंग एवं 02 किलोमीटर रिवर लाइन (एकल दिशा मार्ग हेतु) लगायी गयी है। मेला क्षेत्र में सुरक्षा के दृष्टिगत पैरा मिलिट्री फोर्स की तैनाती की गयी है। नगर एवं मेला क्षेत्र में पूर्व से स्थापित सीसीटीवी  कैमरों के अतिरिक्त एआई  युक्त कैमरों सहित 400 से अधिक कैमरों के माध्यम से क्राउड मानिटरिंग, क्राउड डेन्सिटी एनालिसिस, इन्सीडेन्ट रिपोर्टिंग, स्वच्छता एवं सुरक्षा निगरानी की व्यवस्था की गयी है।

सौर ऊर्जा से हाई क्वॉलिटी चारा बनाकर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

गो सेवा से लखपति बन गईं झांसी की प्रवेश कुमारी  सौर ऊर्जा से हाई क्वॉलिटी चारा बनाकर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं नए स्टार्टअप से गांवों में शुरू हुई सामूहिक भागीदारी की प्रथा सीएम योगी के आत्मनिर्भर विजन को मिल रही रफ्तार लखनऊ  बुंदेलखंड की धरती अब न केवल शौर्य के लिए, बल्कि महिला उद्यमिता के रूप में भी पहचानी जा रही है। झांसी की प्रवेश कुमारी ने चारा बनाने की यूनिट के जरिये वह मुकाम हासिल किया है, जो आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए उदाहरण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के सपने को धरातल पर उतारते हुए प्रवेश ने सौर ऊर्जा की मदद से उच्च गुणवत्ता वाले पशु चारे की यूनिट स्थापित कर न केवल खुद को आर्थिक रूप से सशक्त किया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है। बिजली खर्चा शून्य, मिल रहा सस्ता और पोषक चारा इस उद्यम की सबसे बड़ी विशेषता इसका ईको-फ्रेंडली होना है। योगी सरकार और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स (DA) के सहयोग से स्थापित यह यूनिट पूरी तरह 18 kW सौर ऊर्जा प्रणाली पर संचालित होती है। इससे बिजली का खर्च शून्य के बराबर है, जिससे चारे की उत्पादन लागत कम आती है। सस्ता और पोषक चारा मिलने से स्थानीय डेयरी किसानों के पशुओं का स्वास्थ्य सुधरा है और दूध उत्पादन क्षमता में भी इजाफा हुआ है। रोजगार और सामूहिक भागीदारी की नई प्रथा प्रवेश कुमारी आज करीब 25,000 रुपये प्रति माह कमा रही हैं। उनके इस स्टार्टअप ने गांव की सामाजिक संरचना को भी बदला है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ा है। गांव की अन्य महिलाओं को स्थायी आय और आर्थिक स्वतंत्रता मिली रही है। जिससे वे भी अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। खरीद से लेकर गुणवत्ता नियंत्रण तक की जिम्मेदारी खुद संभालती हैं यहां आधुनिक मशीनरी और मानकीकृत तकनीकों से पौष्टिक चारा तैयार किया जाता है। साथ ही स्थानीय बाजार की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। प्रवेश केवल उद्यमी नहीं, बल्कि एक कुशल मैनेजर भी हैं। वे कच्चे माल की खरीद से लेकर वित्तीय खातों, उत्पादन योजना और गुणवत्ता नियंत्रण तक की जिम्मेदारी खुद संभालती हैं। उनकी इस सक्रिय शैली और वित्तीय अनुशासन के कारण उनके 'गोमाता कैटल फीड' को पुरस्कृत और सम्मानित किया जा चुका है। छोटे प्रयास से बड़ी शुरुआत शुरुआत एक छोटे प्रयास से हुई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के मार्गदर्शन ने इसे व्यवसाय बना दिया। आज गांव की महिलाएं साथ मिलकर काम कर रही हैं। – प्रवेश कुमारी, महिला उद्यमी

पाली में प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने राज्य बजट में अपेक्षाओं पर किया जनसंवाद

जयपुर. नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन व पाली जिला प्रभारी श्री झाबरसिंह खर्रा ने सोमवार को आगामी बजट 2026-27 में जिले की अपेक्षाओं को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, एनजीओ, महिला प्रतिनिधियों एवं युवाओं के साथ जनसंवाद किया। इस अवसर पर पाली जिले के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए। जनसंवाद के दौरान हेमावास बांध एवं बांडी नदी से प्राप्त जल का अधिक से अधिक उपयोग किसानों तक पहुंचाने, जल प्रदूषण से निजात के लिए पाली-जालौर-बालोतरा होते हुए पाइपलाइन व्यवस्था विकसित करने तथा प्रदूषित जल को शहर से बाहर ले जाने के सुझाव दिए गए। सीईटीपी के कार्य को सरकार द्वारा सीधे अपने नियंत्रण में लेकर शीघ्र एवं प्रभावी समाधान के लिए आग्रह किया। इस अवसर पर शहर के प्रवेश द्वार रजत विहार के पास नाली निर्माण, बांडी नदी पर स्थित पुल के नवनिर्माण, अतिवृष्टि के समय मुख्य मार्ग बाधित होने की समस्या के समाधान के लिए नए पुल के शीघ्र निर्माण, नगर निगम क्षेत्र में रंगमंच के पुनर्निर्माण तथा सोनाई मांझी बायपास निर्माण को लेकर सुझाव दिए गए। चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए शहर के सरकारी चिकित्सालय में न्यूरोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट एवं नेफ्रोलॉजिस्ट की नियुक्ति, शहर के मध्य स्थित डिस्पेंसरी में हृदय रोग संबंधी प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध  पाली में निर्मित मेडिकल कॉलेज का नाम महाराणा प्रताप की माता जयवंती बाई के नाम पर किए जाने का सुझाव भी दिया गया। इसके अतिरिक्त रोहट एवं मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में खारे पानी की समस्या, पार्षदों को समय पर फंड उपलब्ध कराने, ताकि वार्डों में सफाई एवं निर्माण कार्य सुचारू रूप से हो सकें, स्टार्टअप फाउंडेशन गठन जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री खर्रा ने उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त किया कि जनसंवाद के दौरान प्राप्त सभी सुझावों को गंभीरता से संकलित कर आगामी बजट में यथासंभव शामिल किया जाएगा ताकि पाली जिले के विकास को नई दिशा मिल सके। इस अवसर पर पूर्व उपसभापति महेंद्र बोहरा, सुनील भण्डारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर बजरंग सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर, सीलिंग ओम प्रभा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी भी मौजूद रहे। इसके साथ ही खर्रा ने कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागवार प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा— निर्देश दिए। खर्रा ने बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड, काश्तकारों को ऋण वितरण एवं फसल बीमा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने पंच गौरव योजना के कार्यों, व्यय स्थिति तथा नवीन बास्केटबाल ग्राउंड निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया की जानकारी लेकर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने को कहा। संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एवं अस्वीकृत प्रकरणों में शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए गए। जल मिशन की समीक्षा करते हुए लंबित नल व विद्युत कनेक्शनों को शीघ्र पूर्ण करने के फॉलो-अप शिविरों में लंबित प्रकरणों का तीन दिवस में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला कलक्टर एल. एन. मंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से सड़कों, अटल प्रगति पथ एवं अन्य विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 19 को सीतामढ़ी आएँगे

सीतामढ़ी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 19 जनवरी को जिले में प्रस्तावित समृद्धि यात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अभी तैयारी से शुरू कर दी है। इस कड़ी में पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने जिले में सुरक्षा बलों की कमी को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग में सभी प्रकार की स्वीकृत छुट्टियों को तत्काल प्रभाव से रद कर दिया गया है। बताया गया है कि मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। हालांकि विशेष परिस्थिति या अत्यावश्यक कारणों में सक्षम पदाधिकारी की अनुमति से ही छुट्टी प्रदान की जाएगी। इस निर्णय के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। वहीं आवश्यक सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यहां बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के क्रम में 19 जनवरी को सीतामढ़ी जिले में आएंगे। इस दौरान सीतामढ़ी के अलावा वे बेलसंड भी जाएंगे। वहां बागमती नदी पर मीनापुर-बेलसंड पथ में चंदौली घाट पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल का उद्घाटन के साथ बागमती नदी के बायें तटबंध के किलोमीटर 7.27 से 81.19 तक उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण, सुरक्षात्मक व कालीकरण का निरीक्षण भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री Nitish Kumar हितनारायण उच्चविद्यालय चंदौली बेलसंड में जिले में चल रही महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्यारंभ, उदघाटन व विभिन्न विभागों की ओर से तैयार किए गए स्टाल का निरीक्षण करेंगे तथा विभिन्न लाभुक समूहों से संवाद कर विकास की जमीनी हकीकत से भी रू-ब-रू होंगे। तत्पश्चात इनसभी से प्राप्त फीडबैक के आधार पर शाम में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी समीक्षा भी करेंगे।  डीएम ने किया हास्कूल परिसर का निरीक्षण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के क्रम में आगामी 19 जनवरी को सीतामढ़ी आएंगे। इसे लेकर पूरा प्रशासनिक महकमा तैयारियों में जुट गया है। डीएम रिची पांडेय पूरी प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ सोमवार को बेलसंड पहुंचे। यहां नवनिर्मित बागमती नदी पुल का निरीक्षण करते हुए कहा अधिकारियों को कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री यहां विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व उदघाटन करेंगे। नवनिर्मित बागमती नदी पर मीनापुर-बेलसंड पथ में चंदौली घाट पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल के उदघाटन को लेकर पूरी तैयारी की जा रही है। डीएम पूरी टीम के साथ हितनारायण उच्चविद्यालय चंदौली का निरीक्षण करते हुए विकासात्मक स्टाल के लिए स्थानों को चयन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं जीविका दीदियों का स्टालों को निर्धारण व सुरक्षा को व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। होर्डिंग व पोस्टर लगाने के लिए स्थल का निर्धारण विभागीय एवं सरकार प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित होर्डिंग व पोस्टर लगाने का निर्देश जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी कमल कुमार सिंह हो दिया। डीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि हर हाल में निर्धारित समय से पहले तैयारियां संबंधी सभी कार्य पूर्ण करा लें। इस दौरान हाई स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था व मुख्यमंत्री के आवागमन संबंधी मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिया गया। जीविका दीदियों से लेंगे फीडबैक मुख्यमंत्री अपने समृिद्ध यात्रा के दौरान जीविका दीदियों से फीडबैक लेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री से जीविका दीदियों के लिए संभावित संवाद कार्यक्रम की भी तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, जीविका डीपीएम को इसके लिए आवश्यक तैयारियों करने का निर्देश दिया गया है। मौके पर अपर समाहर्ता संजीव कुमार, डीडीसी संदीप कुमार, डीपीआरओ कमल कुमार सिंह, एसडीओ सदर आनंद कुमार के अलावा कई पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।

सुभाष बराला बोले: ‘कांग्रेस के पास नाम के सिवा कुछ नहीं, भाजपा करती है जमीन पर काम’

जींद देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस 'विकसित भारत-जी राम जी' (वीबी-जी राम जी) का विरोध कर रही है और भाजपा सरकार पर मनरेगा को खत्म करके गरीब वर्ग से रोजगार की गारंटी का अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा इसे सुधारात्मक प्रक्रिया बता रही है। इस बीच मंगलवार को भाजपा सांसद सुभाष बराला ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। हरियाणा से राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि कांग्रेस केवल नाम में विश्वास करती है, जबकि भाजपा काम में विश्वास करती है। जब भी देश में अच्छे काम शुरू होते हैं, कांग्रेस विरोध करने का काम करती है। बराला ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 'वीबी-जी राम जी' अधिनियम, 2025 के तहत मनरेगा योजना में सुधार किया गया है। पुरानी मनरेगा में 100 दिनों का रोजगार था, अब नए कानून में 125 दिनों का काम देने का फैसला किया गया है। न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए देने की बात कही गई है, लेकिन कांग्रेस को विकास की बात हजम नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने संविधान बदलने की झूठी बातें फैलाईं और कहा कि मोदी आए तो संविधान खतरे में है। कांग्रेस के ही नेता मनरेगा खत्म करने की झूठी अफवाहें फैलाते थे। बराला ने कहा, "कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू के समय मनरेगा जैसी योजना शुरू की, तब नाम बदलने पर कोई आपत्ति नहीं थी, अब क्यों?" राज्यसभा सांसद ने बताया कि भाजपा ने आजीविका के संसाधनों को बनाए रखने और नए रोजगार स्थापित करने का संकल्प लिया है। नए अधिनियम के तहत भैंस पालन, डेयरी काम, गांव के अंदर तालाबों का सौंदर्यीकरण जैसे कार्य किए जा सकते हैं। यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका और बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। बराला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष मनरेगा के नाम पर राजनीति कर रहा है, जबकि मोदी सरकार ने योजना को आधुनिक और प्रभावी बनाया है। पुरानी योजना में भ्रष्टाचार और कमियां थीं, नए कानून से पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीण मजदूरों को ज्यादा फायदा होगा।

दिल्ली एयरपोर्ट 6 दिन के लिए रहेगा बंद, यात्रियों को होगी भारी परेशानी

नई दिल्ली सर्दी में कोहरे से होने वाली परेशानी अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि अब दिल्ली एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों को 6 दिन मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं। गणतंत्र दिवस के सुरक्षा प्रोटोकॉल के मद्देनजर 21 जनवरी से दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस बंद होने के कारण यात्रियों को यात्रा में और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने मंगलवार को 21 जनवरी से 6 दिनों के लिए 1020 घंटे से 1245 घंटे तक के लिए एक नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है। 2 घंटे 25 मिनट के इस बंद से हजारों उड़ानें प्रभावित होंगी और कनेक्शन बाधित होंगे। इसके चलते यात्रियों को देरी और कैंसलेशन का सामना करना पड़ेगा और एयरलाइंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यह प्रैक्टिस गणतंत्र दिवस पर हर साल होने वाली ड्रेस रिहर्सल और परेड के लिए है। इसमें कर्तव्य पथ पर परेड, फ्लाईपास्ट और संस्कृति और मिलिट्री हार्डवेयर का प्रदर्शन शामिल होता है। मंगलवार को जारी किए गए नोटैम के मुताबिक बंद होने में सिर्फ 8 दिन बचे हैं। इससे एयरलाइंस को अपनी उड़ानों को एडजस्ट करने, मिस-कनेक्टिंग यात्रियों को वेरिफाई कर उन्हें दूसरे रास्ते से भेजने या रिफंड और बदलाव देने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, जो एयरलाइंस के लिए एक महंगा सौदा होगा। कितनी उड़ानों पर होगा असर? एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम द्वारा शेयर किए गए डेटा से पता चलता है कि इस दौरान 600 से ज्यादा फ्लाइट्स पर असर पड़ेगा। यह वक्त दिल्ली में सबसे बिजी समय में से एक होता है, जब देशभर से आने वाले पैसेंजर यूरोप और भारत में दूसरी जगहों के लिए दोपहर की फ्लाइट्स पकड़ने के लिए लैंड करते हैं। कैंसलेशन, रीशेड्यूलिंग और रुकावटों की वजह से रोजाना हजारों पैसेंजर पर इसका असर पड़ने की उम्मीद है। क्यों किया जा रहा बंद? गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्लाईपास्ट में शामिल विमानों के ही गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा कारणों से इस तरह के पूरे बंद जरूरी होते हैं। जिन उड़ानों पर असर पड़ेगा, यह जरूरी नहीं कि वो सब कैंसिल ही हों। हालांकि, उनके टाइम में जरूर बदलाव होगा। इसके अलावा, पैसेंजर्स को दूसरे टाइम पर दूसरी फ्लाइट में एडजस्ट किया जाएगा। इस वक्त दिल्ली में कोहरा भी देखने को मिलता है, इसलिए जब किसी दिन विजिबिलिटी कम हो जाती है, तो इतने कम समय में इतनी सारी फ्लाइट्स और यात्रियों को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। यात्रियों के लिए सुझाव अगर आपकी फ्लाइट तय समय और तारीख पर दिल्ली से आने या जाने वाली है, तो सुनिश्चित करें कि आपकी कॉन्टैक्ट डिटेल्स अपडेट हों ताकि एयरलाइंस बदलावों या कैंसलेशन के बारे में जल्द से जल्द आपसे संपर्क कर सकें। उड़ान रद्द होने पर एयरलाइंस आमतौर पर दूसरे ऑप्शन या पूरा रिफंड देती हैं। आखिरी समय में बदलाव को देखते हुए, विमान के किराए टिकट बुक करते समय की कीमत से अधिक हो सकते हैं, इसलिए दूसरे ऑप्शन चुनना ज्यादा समझदारी होगी।  

किसी की पेंशन बंद नहीं, सत्यापन के बाद पुनः प्रारंभ हो जाएगी: अविनाश गहलोत

जयपुर. सामाजिक न्याय एवं अधिकरिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले सभी लाभार्थियों से वार्षिक सत्यापन शीघ्र करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी लाभार्थी की पेंशन बंद नहीं की गई है। सत्यापन के अभाव में रोकी भी गई है तो वार्षिक सत्यापन के बाद पुनः आरंभ हो जाएगी। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुशासन में विभाग की मंशा ज्यादा से ज्यादा पात्र पेंशनर्स को नियमित सामजिक सुरक्षा पेंशन उपलब्ध कराने की है। विभाग हर वो प्रक्रिया अपनाता है जिससे पेशनर्स को बिना किसी परेशानी के सुगमता से पेंशन मिलती रहे। सामाजिक न्याय मंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के सभी लाभार्थियों  को प्रति वर्ष स्वयं का भौतिक सत्यापन करवाना आवश्यक होता है। भौतिक सत्यापन का कार्य 1 नवम्बर से 31 दिसम्बर की अवधि में संचालित किया जाता है। इस अवधि में वार्षिक सत्यापन नहीं करवाने वाले पेंशनर्स की पेंशन का भुगतान रोका जा सकता है। लेकिन सत्यापन के बाद रुकी हुई पेंशन फिर से चालू हो जाती है। गहलोत ने कहा कि लाभार्थी घर से भी एन्ड्राइड मोबाइल पर Rajasthan social pension and Aadhar face RD एप के जरिए लाभार्थी के फेस रिकाग्निशन के आधार पर भौतिक सत्यापन कर सकते हैं। इसके अलावा लाभार्थी वार्षिक भौतिक सत्यापन के लिए ई-मित्र कियोस्क/ई-मित्र प्लस आदि केन्द्रों पर अंगुली की छाप (Finger Print Impression – Biometrics) से करवा सकते हैं। इसके लिए लाभार्थी को ई-मित्र कियोस्क पर निर्धारित शुल्क 50 रुपए एवं ई-मित्र प्लस पर 10 रुपए का भुगतान करना होता है। उन्होंने बताया कि यह सुविधा पूरी तरह से निःशुल्क है।

रांची नगर निगम 6 साल बाद भी पाइप लाइन से नहीं कर पाया पानी और गैस की सप्लाई

रांची. रांची नगर निगम के अंतर्गत वार्ड नंबर 51 देवीनगर हेसाग हटिया में जल संकट को लेकर आयोजित जागरण आपके द्वार कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान वार्डवासियों ने एक स्वर में वर्षों से लंबित बुनियादी सुविधाओं को लेकर नाराजगी जताई और प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों ने बताया कि हेसाग क्षेत्र में करीब छह साल पहले पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन आजतक नल में एक बूंद पानी नहीं पहुंचा। पानी की यह समस्या सालों से बनी हुई है, लेकिन गर्मी के मौसम में यह विकराल रूप ले लेती है। लोगों को मजबूरी में कुएं और बोरिंग पर निर्भर रहना पड़ता है। कई परिवारों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के इलाकों तक जाना पड़ता है। गर्मी के दिनों में प्रशासन द्वारा टैंकर के माध्यम से पानी आपूर्ति करने का दावा किया जाता है, लेकिन यह व्यवस्था नाकाफी साबित होती है। टैंकर से मिलने वाला पानी जरूरत के हिसाब से बेहद कम होता है, जिससे अक्सर लोगों के बीच विवाद की स्थिति भी बन जाती है। महिलाओं और बच्चों को पानी के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। गैस पाइपलाइन बिछा, लेकिन कनेक्शन का सालों से इंतजार पेयजल के साथ-साथ गैस पाइपलाइन का मुद्दा भी लोगों के गुस्से की बड़ी वजह है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में गैस पाइपलाइन तो बिछा दी गई है, लेकिन अब तक गैस कनेक्शन चालू नहीं किया गया। आज भी लोग गैस कनेक्शन का इंतजार कर रहें है। आज भी लोग रसोई गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। कई बार पूरा दिन सिलेंडर के इंतजार में निकल जाता है। वार्ड में बुनियादी ढांचे की हालत भी बेहद खराब है। कई गलियों में सड़कें टूटी हुई हैं, बरसात में कीचड़ और गर्मी में धूल से लोगों का जीना मुश्किल हो जाता है। नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर बहता रहता है। स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं, जिससे रात में अंधेरा छाया रहता है और असामाजिक तत्वों का डर बना रहता है। इसके अलावा बिजली के जर्जर खंभे और झूलते तार किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहे हैं। डोर-टू-डोर कचरा उठाव की व्यवस्था भी नियमित नहीं है, जिससे जगह-जगह कचरे का ढेर लगा रहता है और बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। वृद्धा पेंशन व विधवा पेंशन दोंनों ही बनना बंद सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में भी वार्ड पिछड़ा हुआ है। पिछले कई वर्षों से वार्ड की कई महिलाओं का वृद्धा पेंशन और विधवा पेंशन कार्ड नहीं बन पाया है। बार-बार आवेदन देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही, जिससे गरीब और जरूरतमंद महिलाएं आर्थिक तंगी झेलने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि निकाय चुनाव नहीं होने के कारण वार्ड की समस्याओं को उठाने और समाधान कराने वाला कोई जनप्रतिनिधि नहीं है। अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम नहीं होता।     छह साल से पानी की पाइपलाइन पड़ी है, लेकिन आज तक नल से पानी नहीं आया। गर्मी में हालत बद से बदतर हो जाती है। प्रशासन सिर्फ कागजों पर काम दिखा रहा है। -पूजा देवी     गैस पाइपलाइन बिछने के बाद भी कनेक्शन नहीं मिला। आज भी सिलेंडर के लिए लाइन में लगना पड़ता है। महिलाओं का समय और मेहनत दोनों बर्बाद हो रहा है। – रीना गुप्ता     टैंकर से पानी मिलता है, लेकिन वह बहुत कम होता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए पानी जुटाना सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। लोग पाइपलाइन सेवा शुरू करने की मांग कर रहें है। – सीता शर्मा     सड़क और नाली की हालत खराब है। बरसात में घर से निकलना मुश्किल हो जाता है। शिकायत करने पर कोई सुनने वाला नहीं है। मुख्य सड़क पर वर्षेा से स्ट्रीट लाइट खराब है। -सुनील गुप्ता     स्ट्रीट लाइट खराब रहने से रात में डर लगा रहता है। महिलाएं और बच्चियां बाहर निकलने से डरती हैं। शिकायत करने पर भी कोई सुनने वाला नहीं है। लोग सिर्फ टैक्स भर रहें है। – रामचंद्र शर्मा     बिजली के झूलते तार कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं, लेकिन विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। कई नए मोहल्ले में बिजली के खंभे नही है। आवेदन के बाद भी खंभा नहीं लग रहा है। – मुन्नी देवी     डोर-टू-डोर कचरा उठाव सही से नहीं होता। गंदगी की वजह से बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। स्मार्ट सिटी में चौ-चौराहों पर कचरे फेंकने को मजबूर है। सुनने वाला मौन है। – प्रीति देवी     गरीबों की कोई सुनवाई नहीं है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द जलापूर्ति, गैस कनेक्शन और अन्य बुनियादी सुविधाएं बहाल करने की मांग करती हूं। ताकि वार्डवासियों को राहत मिल सके। -साधु कुमार

ज़्यूरिख एयरपोर्ट ग्रुप के सहयोग से नेट-ज़ीरो कॉन्सेप्ट पर विकसित हो रहा जेवर एयरपोर्ट

योगी सरकार की पहल से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बनेगा देश का सबसे ‘ग्रीन’ एयरपोर्ट ज़्यूरिख एयरपोर्ट ग्रुप के सहयोग से नेट-ज़ीरो कॉन्सेप्ट पर विकसित हो रहा जेवर एयरपोर्ट टर्मिनल भवन को खास तरह से किया गया है डिजाइन, ऊर्जा, पानी और कचरे की खपत रहेगी न्यूनतम 20% पार्किंग क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए फास्ट और स्टैंडर्ड चार्जिंग की सुविधा 82.94 एकड़ में सोलर फार्म, 51,966 मेगावाट नवीकरणीय ऊर्जा से होगा संचालन आरएनजी प्लांट, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और वेस्ट मैनेजमेंट से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी नई दिशा लखनऊ/ग्रेटर नोएडा  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) न सिर्फ हवाई कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित करेगा। सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जेवर एयरपोर्ट को भारत का पहला IGBC ग्रीन कैंपस प्रमाणित एयरपोर्ट बनने का गौरव प्राप्त हुआ है, जो बड़ी उपलब्धि है। यह एयरपोर्ट ज़्यूरिख एयरपोर्ट ग्रुप के सहयोग से विकसित किए गए नेट-ज़ीरो कॉन्सेप्ट पर आधारित है। स्टैंडर्ड और फास्ट चार्जिंग की सुविधा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशों के तहत एयरपोर्ट का टर्मिनल भवन इस तरह डिजाइन किया गया है कि ऊर्जा, पानी और कचरे की खपत न्यूनतम हो। एयरपोर्ट पार्किंग के 20 प्रतिशत हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए स्टैंडर्ड और फास्ट चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है।एयरसाइड संचालन के लिए उपयोग होने वाले सभी वाहन 100 प्रतिशत इलेक्ट्रिक होंगे और इनके चार्जिंग प्वाइंट्स कई स्थानों पर लगाए जाएंगे। 82.94 एकड़ में फैला सोलर फार्म योगी सरकार के ग्रीन एनर्जी विजन के अनुरूप  परिसर में 82.94 एकड़ में फैला सोलर फार्म विकसित किया जा रहा है, जिसकी क्षमता 51,966 मेगावाट-घंटा होगी। इससे एयरपोर्ट को बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा प्राप्त होगी। साथ ही दो स्थानों पर बनाए जा रहे रेन वाटर हार्वेस्टिंग पौंड टिकाऊ जल स्रोत उपलब्ध कराएंगे। एयरपोर्ट में आरएनजी प्लांट लगाने की भी योजना है, जिससे एयरपोर्ट वाहन, डीजी सेट और अन्य प्रणालियां ग्रीन फ्यूल पर संचालित हो सकेंगी। वहीं एक व्यापक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली कचरे के पृथक्करण, रीसाइक्लिंग और वैज्ञानिक उपचार को बढ़ावा देगी। एनवायरनमेंट मॉनिटरिंग प्लान भी तैयार पर्यावरण सुरक्षा के लिए एक एनवायरनमेंट मॉनिटरिंग प्लान भी तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से हर महीने वायु, पानी, मिट्टी, कचरा और सीवेज के मानकों की निगरानी की जाएगी। जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के साथ ही न सिर्फ निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि योगी सरकार के ग्रीन इन्फ्रास्ट्रक्चर और सतत विकास के संकल्प को भी नई उड़ान देगा।

इंदौर पुलिस का निर्देश: संक्रांति पर बिना मांझा पतंग उड़ाने की अपील

इंदौर  इंदौर में चीनी मांझे की वजह से तीन लोगों की जान जा चुकी है। परेशान पुलिस और प्रशासन ने अब एक अजीब फरमान निकाल दिया है जिससे संक्रांति के पहले व्यापारी और पतंग उड़ाने वाले दोनों अजीब स्थिति में आ गए हैं। फरमान यह है कि आप पतंग तो बेच सकते हैं पर मांझा नहीं बेचना है। शहर के प्रमुख बाजारों में पतंग तो है पर मांझा नहीं है। मांझे की चरखी तो है पर उसमें मांझा नहीं है। इन सबके बीच व्यापारियों का कहना है कि एक दिन की कमाई से ही पूरा घर चलता है पर यह आदेश सालभर की कमाई बर्बाद कर देगा।  क्या है आदेश पुलिस ने प्रमुख पतंग बाजारों में पोस्टर और बैनर लगवाए हैं। इन पर लिखा है कि यहां पर किसी भी तरह का मांझा या धागा नहीं मिलेगा। सिर्फ पतंग ही उपलब्ध है। दुकानदारों को यह आदेश हर दुकान पर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ में पुलिस थानों के नंबरों के बैनर और पोस्टर भी लगाए गए हैं। इन पर लिखा है कि कोई भी दुकानदार यदि चाइनीज मांझा बेचते हुए दिखे तो आप तुरंत सूचना दें। आपका नाम गोपनीय रखा जाएगा।  क्यों आया यह फरमान पुलिस और व्यापारियों ने बताया कि कुछ बाजारों में लगातार चाइनीज मांझे के बिकने की जानकारी मिल रही थी। पुलिस के छापे में भी कई बाजारों में चाइनीज मांझे मिले। इसके बाद पुलिस ने इन सभी बाजारों में हर दुकान पर मांझे के बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया।  व्यापारी बोले, धंधा चौपट हो गया व्यापारियों ने कहा कि सालभर का धंधा एक ही दिन में होता है। हम इंदौर से पूरे मप्र में पतंग और धागा भेजते हैं। अचानक से आए इस आदेश ने हमारा धंधा ही चौपट कर दिया है। इसकी वजह से हम बड़ा नुकसान होगा।  कुछ बाजारों में बेचने की अनुमति  पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार इंदौर के कुछ बाजारों में मांझा बेचने की अनुमति दी गई है। यहां पर पूरे समय पुलिसकर्मी मौजद हैं। उनकी देखरेख में ही मांझा बेचने की अनुमति दी गई है। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने यह निर्णय लिया है।  एक महीने में तीन की जान गई, कई घायल इंदौर में एक महीने के दौरान ही चाइनीज मांझे से तीन लोगों की जान जा चुकी है। इसके साथ में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लगातार पक्षियों के मरने की भी सूचना मिल रही है। इन सब वजहों से चाइनीज मांझे के उपयोग पर सजा तय की गई है।  बेचने और उपयोग करने वाले दोनों पर पुलिस कार्ऱवाई होगी कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि चाइनीज मांझा बेचने और उपयोग करने वाले दोनों ही लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। इंदौर हाईकोर्ट ने इस मामले में स्पष्ट आदेश दिए हैं कि दोनों पर ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।