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जनसुराज में बड़ा भूचाल: प्रशांत किशोर के करीबी नेता ने दिया इस्तीफा, जानिए कारण

पटना बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, भोजपुरी गायक एवं अभिनेता रितेश पांडे (Ritesh Pandey) ने जन सुराज पार्टी (Jan Suraj) से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसका ऐलान किया है। रितेश पांडे ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "एक जिम्मेदार भारतीय होने के नाते और अधिकार से मैंने जन सुराज पार्टी के साथ जुड़कर लोक तंत्र के महापर्व में भाग लिया, परिणाम अनुकूल नहीं रहे पर मुझे इसका तनिक भी अफसोस नहीं है क्यों की मैंने अपना काम ईमानदारी से किया"। उन्होंने आगे लिखा कि, "खैर-अब उसी काम के माध्यम से आप सभी का सेवा जारी रखना है जिससे आप लोगो ने मुझ जैसे एक मामूली किसान परिवार के लड़के को इतना प्यार दुलार और सम्मान दे कर यहां तक पहुंचाया और इसमें किसी राजनैतिक दल का सक्रिय सदस्य रहकर काम करना बहुत मुश्किल है। करगहर से लड़ा था चुनाव भोजपुरी गायक ने आगे लिखा, आज मैं जन सुराज पार्टी की सदस्यता से इस्तीफ़ा दे रहा हूं। कम शब्दों में अपनी बात को कहने का प्रयास किया है उम्मीद है आप लोग समझेंगे।" बता दें कि रितेश पांडे ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अपनी किस्मत आजमाते हुए करगहर से चुनाव लड़ा था। उन्होंने जन सुराज की टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन वे जीत हासिल नहीं कर पाए।

डिजिटल पेमेंट के जरिए चल रहा था देह व्यापार, कम उम्र की लड़कियों के शोषण का खुलासा

पटना बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के चर्चित रेड लाइट एरिया चतुर्भुज स्थान में देह व्यापार के एक काले खेल का पर्दाफाश हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यहां नाबालिग लड़कियों से जबरन जिस्मफरोशी कराई जा रही थी। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली की एक संस्था ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के साथ मिलकर एक गुप्त ऑपरेशन चलाया। दिल्ली से बुना गया रेस्क्यू ऑपरेशन का जाल देह व्यापार की यह घिनौनी हकीकत तब सामने आई जब दिल्ली की संस्था रेस्क्यू फाउंडेशन को सूचना मिली कि मुजफ्फरपुर की गलियों में 13 से 17 साल की बच्चियों को बंधक बनाकर रखा गया है। संस्था के अधिकारी संजय प्रसाद गुप्ता ने इसकी जानकारी राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दी। आयोग के निर्देश पर दिल्ली और मुंबई से विशेषज्ञों की एक विशेष टीम मुजफ्फरपुर पहुंची। स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर 8 जनवरी को शुक्ला रोड और मैना गली में अचानक रेड मारी गई। दो ठिकानों पर रेड, 6 बच्चियां बरामद  मैना गली (सबाना खातून का घर): यहां से 13, 16 और 17 साल की तीन लड़कियां रेस्क्यू की गईं। मौके से सबाना खातून और उसकी सहयोगी बानो खातून को गिरफ्तार किया गया। लड़कियों ने बताया कि उनसे जबरन धंधा कराया जाता था और सारा पैसा ये महिलाएं रख लेती थीं। शुक्ला रोड (कुमारी पल्लवी का घर): यहां से भी 17 साल की तीन लड़कियां मिलीं। हालांकि मुख्य आरोपी पल्लवी पुलिस के आने से पहले ही फरार होने में कामयाब रही।   हाईटेक हुआ धंधा: कैश नहीं तो स्कैनर तैयार छापेमारी के दौरान पुलिस तब दंग रह गई जब शुक्ला रोड स्थित ठिकाने से एक ATM/डिजिटल स्कैनर बरामद हुआ। बचाई गई लड़कियों ने खुलासा किया कि पल्लवी बहुत शातिर थी यदि किसी ग्राहक के पास नकद (Cash) नहीं होता था तो वह डिजिटल स्कैनर के जरिए ऑनलाइन पेमेंट लेती थी। आगे की कार्रवाई नगर थानेदार कमलेश कुमार के मुताबिक पुलिस ने इमोरल ट्रैफिकिंग एक्ट (अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पकड़ी गई दोनों महिलाओं को जेल भेज दिया गया है। सभी 6 नाबालिग लड़कियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने पेश किया गया है। अब उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और उन्हें सुरक्षित पुनर्वास केंद्रों में भेजा जाएगा।  

पंजाब सरकार की नई सौगात: 22 जनवरी से शुरू होगी योजना, 3 करोड़ लोग होंगे लाभान्वित

फतेहगढ़ पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ के तहत पंजाब में करीब 3 करोड़ लोगों के 10 लाख रुपए तक के बीमा कार्ड बनाए जाएंगे। इस योजना को जिला स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पंजाब सरकार की ओर से 22 जनवरी से विशेष कैंप लगाकर इसकी शुरुआत की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इसके लिए विशेष कमेटियों का गठन किया गया है और लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए घर-घर जाकर पर्चियां वितरित की जाएंगी, ताकि बीमा कार्ड बनवाने की प्रक्रिया आसान हो सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत जिला फतेहगढ़ साहिब में विभिन्न स्थानों पर 169 कैंप लगाए जाएंगे और जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या और भी बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि बीमा कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड और पंजाब का वोटर कार्ड होना अनिवार्य है। साथ ही बच्चों के लिए आश्रित कार्ड होना भी जरूरी है। स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि इस योजना के तहत करीब 650 अस्पतालों को इम्पैनल किया गया है, जिनमें मेडिकल कॉलेज, सभी सरकारी अस्पताल और निजी अस्पताल शामिल हैं। फिलहाल पंजाब सरकार ने इस योजना के लिए 1200 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है, जिसे जरूरत पड़ने पर 1500 करोड़ रुपए तक बढ़ाया जा सकता है। योजना के लागू होने से लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और मरीज निजी अस्पतालों में भी बिना झिझक इलाज करवा सकेंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में लिवर ट्रांसप्लांट शुरू हो चुके हैं, जबकि किडनी ट्रांसप्लांट जल्द ही शुरू किए जाएंगे। नशे के खिलाफ मुहिम और ठंड से बचाव की अपील स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत शुरू की गई दूसरी मुहिम में नशे की दलदल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं, जो किसी न किसी बीमारी से पीड़ित हैं, वे खुद को ठंड से बचाकर रखें और सुबह-सुबह सैर पर जाने से परहेज करें। स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि सर्दी से बचने के लिए घरों में अंगीठी जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं, जिससे मौतों के मामलों में भी बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए घरों की खिड़कियां खुली रखें, ताकि जहरीली गैसों का असर न हो।

मकर संक्रांति पर सीएम विष्णु देव साय की अपील—पतंग उत्सव मनाएं सुरक्षित और पारंपरिक तरीके से

चीनी मांझा प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों से पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि त्योहार के आसपास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए। मुख्यमंत्री साय ने यह भी निर्देशित किया है कि चीनी मांझा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी मिल सके। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर परंपरा, आनंद और सुरक्षा—तीनों का संतुलन बनाए रखें। उन्होंने सभी को मिलकर इस पर्व को हर्ष, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की।

हैरान करने वाली कार्रवाई: लखनऊ नगर निगम ने केंद्रीय संस्थान NBFGR का मुख्यालय किया सील

लखनऊ लखनऊ नगर निगम (एलएमसी) ने हाउस टैक्स नहीं देने पर केंद्र सरकार के ही एक दफ्तर पर ताला मारकर उसे सील कर दिया है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBFGR) पर नगर निगम का करोड़ से ऊपर रुपया बकाया है, जिसका भुगतान कई बार नोटिस देने के बाद भी नहीं हुआ है। निगम के अधिकारियों ने सोमवार की सुबह तेलीबाग स्थित एनबीएफजेआर के मुख्यालय पर ताला मार दिया। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर नगर निगम इस समय बड़े बकाएदारों के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है।   नगर निगम जोन–4 की जोनल अधिकारी शिल्पा कुमारी ने सोमवार को नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्स (एनबीएफजीआर) का परिसर सील कर दिया। कृषि मंत्रालय के इस संस्थान पर नगर निगम का हाउस टैक्स मद में कुल 1 करोड़ 36 लाख 65 हजार 932 रुपये बकाया था। कई बार नोटिस और पत्राचार के बावजूद बकाया राशि जमा नहीं करने पर लखनऊ नगर निगम ने यह अभूतपूर्व कदम उठाया है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बकाया कर की वसूली को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी, चाहे बकाएदार निजी हो या सरकारी विभाग। नेशनल ब्यूरो ऑफ फिश जेनेटिक रिसोर्स (एनबीएफजीआर) भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने 1983 में इलाहाबाद (प्रयागराज) में एक किराए के परिसर में राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो की स्थापना की थी। ब्यूरो का स्थायी कार्यालय 1990 में लखनऊ के तेलीबाग इलाके में बना और तब से वो यहीं से चल रहा है। संस्थान का मुख्यालय 52 एकड़ में फैला है, जिसमें प्रशासनिक भवन के अलावा प्रयोगशाला, खेत और आवासीय परिसर भी शामिल हैं। संस्थान मछली आनुवंशिक संसाधनों का मूल्यांकन और संरक्षण करता है। मछली के संरक्षण के लिए भी यहां रिसर्च होता है।  

50 वर्षों बाद धमतरी के आदिवासी अंचल में रबी खेती की वापसी

35 एकड़ में रागी उत्पादन से बदली खेती की तस्वीर रायपुर, धमतरी जिले के वनाच्छादित एवं आदिवासी बहुल उच्चहन क्षेत्र में कृषि के इतिहास में एक नई इबारत जुड़ गई है। गंगरेल बांध के ऊपरी क्षेत्र में स्थित ग्राम डांगीमांचा और खिड़कीटोला में लगभग 50 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रबी सीजन में संगठित रूप से खेती की शुरुआत की गई है। कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि सुधार एवं विस्तार कार्यक्रम “आत्मा” योजना के तहत इन दोनों गांवों में कुल 35 एकड़ रकबा में लघु धान्य फसल रागी (मिलेट) की खेती की जा रही है।      विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्चहन क्षेत्र में रागी की खेती की पहल को ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में पोषणयुक्त लघु धान्य फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आत्मा योजना के माध्यम से कृषकों को आधुनिक तकनीक, SMI (Systematic Millets Intensification) पद्धति और बीज उत्पादन की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में मिलेट आधारित खेती का विस्तार करते हुए किसानों को बाजार से जोड़ने के लिए सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने की योजना है।      विगत सप्ताह जिले में आयोजित मिलेट महोत्सव के बाद आज आत्मा एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम स्तर पर कृषक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत तुमराबहार के सरपंच श्री दीपक राम ध्रुव, संबंधित विभागीय अधिकारी, 40 महिला कृषक एवं 32 पुरुष कृषक उपस्थित रहे। कृषक पाठशाला में रागी फसल की उन्नत खेती से जुड़ी SMI पद्धति, बीज उत्पादन, फसल एवं पोषक तत्व प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण तथा उत्पादन लागत कम कर अधिक लाभ अर्जित करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही रागी के पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ तथा इसकी बाजार संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।      कार्यक्रम के दौरान कृषकों को मिलेट आधारित आजीविका सुदृढ़ीकरण, जलवायु अनुकूल खेती और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित कृषकों ने क्षेत्र में रागी की खेती के सफल प्रयोग को भविष्य में और अधिक विस्तार देने की सहमति व्यक्त की।

दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिये जिला स्तर पर शिविर आयोजित होंगे

भोपाल दिव्यांग बच्चों की पहचान के लिये जिला स्तर पर स्कीनिंग कैम्प आयोजित किए जाएंगे। शिविरों में स्वास्थ्य विभाग जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता बच्चों को चिन्हित कर प्रमाण-पत्र प्रदान करने की कर्रवाई करेंगे। प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि जुवेनाइल जस्टिस कमेटी के निर्देशानुसार कोई भी दिव्यांग बच्चा चिन्हांकन एवं लाभ से वंचित न रहे, के ध्येय वाक्य के आधार पर प्रत्येक दिव्यांग बच्चे की पहचान, स्क्रीनिंग एवं प्रमाणन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। सभी जिले में स्क्रीनिंग कैम्प आयोजित करने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिया गया है। यह कैम्प आगामी एक माह में आयोजित किया जाना है। शिविरों के आयोजन में विधिक सेवा प्राधिकरण, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग एवं स्कूल शिक्षा समन्वित प्रयास करेंगे। उन्होंने निर्देश दिये है कि शिविर आयोजन की तिथियों को प्रचार-प्रसार किया जाए इससे अधिकाधिक सहभागिता हो सकें। प्रत्येक जिला अपनी माइक्रो प्लानिंग की जानकारी सामाजिक न्याय विभाग के साथ-साथ रजिस्टार/सचिव जुवेनाइल जस्टिस कमेटी उच्च न्यायालय जलबलपुर को भी भेजे।  

मुख्यमंत्री ने किया स्टार्ट-अप प्रदर्शनी का शुभारंभ

नवाचारों को प्रोत्साहन हमारा संकल्प, युवा ही देश को देते हैं नई दिशा 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ प्रोत्साहन राशि और 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ ऋण राशि की अंतरित एमएसएमई और 4 प्रमुख संस्थाओं के बीच हुए लांग टर्म एमओयू रवीन्द्र भवन में हुई मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्राचीन काल से ही हम व्यापार-व्यवसाय की भरपूर समझ रखते हैं, क्योंकि पुरूषार्थ, उद्यमिता, नवाचार और व्यापार हम भारतीयों के संस्कारों में ही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश नए-नए अवसरों का प्रदेश है। युवा ही देश को नई सोच और नई दिशा की ओर ले जाते हैं। इनके नवाचार ही विकास का आधार बनते हैं। इसलिए नवाचारों को प्रोत्साहन देना, हमने हमारा संकल्प निहित किया है। भारत में 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई है, जो देश की जीडीपी में 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं। कुल निर्यात में एमएसएमई की हिस्सेदारी 45 प्रतिशत तक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में स्टार्ट-अप का योगदान अतुलनीय है। भारत, दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम बन चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारा देश, दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के सबके सहयोग से भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को रवीन्द्र भवन में आयोजित 2 दिवसीय मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट के दौरान 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ रूपए से अधिक की प्रोत्साहन राशि तथा मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना में 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ रूपए से अधिक की ऋण राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न सफल और विकासशील स्टार्ट-अप के फाउंडर्स और इंक्यूबेटर्स को सम्मानित किया। समिट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के साथ फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन के साथ पंचवर्षीय एमओयू सहित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, कार्वी स्टार्ट-अप लैब्स और स्टार्ट-अप मिडिल ईस्ट के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी हस्ताक्षरित किये गये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश में स्थापित सफल स्टार्ट-अप पर केंद्रित एक बुकलेट का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंच से 4 स्टार्ट-अप के फाउंडर्स को मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना एवं म.प्र. स्टार्ट-अप नीति तथा कार्यान्वयन योजना-2025 में क्रमश: बैंक ऋण और निवेश सहायता राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि युवा साथियों के स्टार्ट-अप के प्रोत्साहन के लिए यह 2 दिवसीय आयोजन अद्भुत है। अपनी क्षमता और योग्यता के बल पर भारत ने आज नया मुकाम हासिल किया है। इसमें सभी कुशाग्र बुद्धिवाले युवाओं का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि देश के महान वैज्ञानिक डॉ. जगदीश चंद्र बोस ने सबसे पहले दुनिया को बताया कि पौधों में प्राण होते हैं। उन्होंने कैस्ट्रोग्राफी के माध्यम से पौधों जीवन से जुड़े कई रहस्यों से पर्दा उठाया था। वैज्ञानिक डॉ. बोस वर्ष 1895 में कलकत्ता में तरंगों की खोज का डेमोस्ट्रेशन किया था। इसके बाद मार्कोनी को इसी खोज के लिए नोबेल पुरस्कार मिला, यद्यपि यह खोज डॉ. बोस ने ही की थी। अंतर सिर्फ इतना था कि उनके स्टार्ट-अप को हमारे लोगों ने पहचान नहीं दिलाई। उनके कार्य को दो-दो वैज्ञानिकों ने अनुसरण किया। लेकिन अब प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में देशभर में सभी तरह के स्टार्ट-अप और रिसर्च को प्रोत्साहन मिल रहा है। वर्ष 2022 में इंदौर से इस कार्य के लिए एक पोर्टल लॉन्च किया गया। नवाचारों और स्टार्ट-अप को प्रोत्साहन देने वाली नीतियां मध्यप्रदेश में लागू हैं। आज इंदौर में ही 2200 से अधिक स्टार्ट-अप काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के युवा निरंतर नवाचार कर रहे हैं। राज्य सरकार जीवन की मूलभूल समस्याओं का समाधान करने के साथ सभी प्रकार के नवाचारों को भी प्रोत्साहित कर रही है। भारत को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए केन्द्र सरकार के साथ राज्य सरकारों भी लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि युवाओं के दम पर हम बहुत जल्द दुनिया की तीसरी और फिर नंबर-1 अर्थव्यवस्था बनकर रहेंगे।  सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि युवा शक्ति अपनी क्षमताओं के बल पर दुनिया को बदल सकती है। स्वामी विवेकानंद ऐसे संत थे, जिन्होंने युवा शक्ति को पहचाना और उन्हें राष्ट्र के विकास के लिए प्रेरित किया। बाल्यकाल में मिलने वाली हार-जीत से हमें भविष्य की सीख मिलती है। राज्य सरकार ने स्टार्ट-अप पॉलिसी 2025में नवाचारों को प्रोत्साहित करने की शुरुआत की है। नए विचारों के साथ स्टार्ट-अप शुरू करने वाले उद्यमियों को इन्क्यूबेशन सेंटर के माध्यम से 10 हजार रुपए की प्राथमिक सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार हर वक्त नए स्टार्ट-अप और नए आइडियाज के साथ खड़ी है। प्रदेश में कृषि, उद्यमिता, नगरीय निकायों में नवाचारों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश अब नवाचारों और अवसरों का प्रदेश बन चुका है। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने कहा कि स्वामी विवेकानंद युवाओं के लिए प्रेरणा थे। आज जेन-जी और जेन-अल्फा की दुनिया के युवा स्टार्ट-अप स्थापित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पहली बार 16 जनवरी 2016 को भारत में स्टार्ट-अप इंडिया, स्टैंड-अप इंडिया की शुरुआत की। अब राज्य सरकार की नीतियां ऐसी हैं कि स्टार्ट-अप की सभी समस्याएं इनमें समाहित हो गई हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप को विभिन्न प्रकार के अनुदान दिए जाने के साथ कंपनी स्थापना में भी सहयोग प्रदान किया जाता है। प्रदेश में अब एक दिन में कोई कंपनी शुरू हो सकती है, जबकि जर्मनी जैसे विकसित देश में इसके लिए 22 दिन लगते हैं। देश के युवाओं की कल्पना को आकार देने का काम स्टार्ट-अप ने किया है। युवाओं के सपनों को नए पंख लग गए हैं और वे जॉब क्रिएटर बन चुके हैं। भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इको-सिस्टम है। स्टार्ट-अप ने भारत की अर्थव्यवस्था को नई ऊड़ान दी है। हमारी समस्याओं को हमारे बीच के नवाचारी उद्यमी ही समझ सकते हैं। युवा उद्यमी समाज की समास्याओं को पहचानें और स्टार्ट-अप के माध्यम से उन्हें सॉल्व करें। तकनीक से स्वयं को हमेशा अपडेट रखें। असफलता से कभी न डरें। राज्य सरकार युवाओं के साथ … Read more

मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट: सीएम डॉ. यादव ने उद्यमियों से सीधा संवाद किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवाओं के विचारों और सपनों के अनुरूप व्यापार-व्यवसाय को गति देने के लिए राज्य सरकार सहयोग करने को सदैव तत्पर है। प्रदेश की स्टार्ट-अप नीति में सभी आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुरूप व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत @ 2047 की संकल्पना को साकार करने के लिए राज्य में सभी व्यवस्थाएं तदनुसार क्रियान्वित की जा रही हैं। प्रदेश के युवा अपनी पहल और नवाचार से देश ही नहीं विदेशों में भी अपना नाम और स्थान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप शिखर सम्मेलन के प्रतिभागियों से रविंद्र भवन के प्रतिकक्ष में राउंड टेबल मीटिंग में यह विचार व्यक्त किए। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप तथा मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन साथ थे। अविष्कार कैपिटल के श्री विनित राय, इंश्योरेंस देखो के अंकित अग्रवाल, आईवीकैप वैंचर्स की सुश्री अंजू गुप्ता, मेडीदेवा टेक्नोलॉजी के डॉ. विशेष कासलीवाल, बेटी इनोवेटिव की संस्थापके सुश्री पूजा दुबे पांडे, आदि ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने स्टार्ट-अप के संबंध में अवगत कराया।  

योग शारीरिक व्यायाम ही नहीं वैज्ञानिक प्रक्रिया भी है : उप मुख्यमंत्री देवड़ा

युवा दिवस पर मॉडल हाई स्कूल में आयोजित किया गया सामूहिक सूर्य नमस्कार का जिला स्तरीय कार्यक्रम. जबलपुर स्वामी विवेकानंद जी की जयंती “युवा दिवस” पर आज पंडित लज्जा शंकर झा शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मॉडल  में आयोजित सामूहिक सूर्य नमस्कार के जिला स्तरीय कार्यक्रम में डेढ़ हजार से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सामूहिक सूर्य नमस्कार एवं प्राणायाम किया। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी, डॉ अभिलाष पांडे एवं संतोष वरकड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा मुकेश गोंटिया, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा के नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय, जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत भी शामिल हुये और विद्यार्थियों के साथ सूर्य नमस्कार और प्राणायाम किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया।  मुख्यमंत्री देवड़ा ने अपने संबोधन में युवाओं और विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद जी जयंती पर  बधाई  और शुभकामनाएं दी तथा उनके आदर्श एवं सिद्धांतों को अपनाकर शक्तिशाली राष्ट्र के निर्माण और भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के चेतना पुरुष थे। स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढियों को हमेशा मार्गदर्शन देते रहेंगे। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने योग और सूर्य नमस्कार को व्यावहारिक जीवन में उतारने और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताये हुये कहा योग एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जो मन को नियंत्रित कर सत्य तक पहुँचने में मदद करती है। इससे मन और शरीर स्वस्थ्य रहता है। योग के माध्यम से व्यक्ति अपने उच्चस्तर स्वरूप को पहचानता है और अपनी क्षमताओं का विकास करता है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने भारत और अमेरिका (शिकागो विश्व धर्म संसद) में योग का प्रचार किया और विश्व व्यापी बनाया। स्वामी विवेकानंद ने  योग को शारीरिक व्यायाम  ही नहीं बल्कि इसे सम्पूर्ण आध्यात्मिक विज्ञान माना है।  सामूहिक सूर्य नमस्कार के जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का सन्देश आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारित किया गया। स्वामी विवेकानंद जी द्वारा शिकागो धर्म सम्मेलन में दिए गए भाषण का हिंदी अनुवाद भी कार्यक्रम में प्रसारित किया गया। सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम के प्रारम्भ में राष्ट्रगीत वन्देमातरम का रेडियो से प्रसारण किया गया। आकाशवाणी भोपाल से प्रसारित सन्देश के अनुरूप स्कूली बच्चों ने सूर्य नमस्कार के आसन किये साथ ही प्राणायाम भी किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान की प्रस्तुति से हुआ। सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम के समापन पर जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने आभार प्रदर्शन किया । कार्यक्रम का संचालन संदीपा स्थापक पचौरी ने किया। प्रारम्भ में कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर जिला शिक्षा अधिकारी एवं मॉडल स्कूल के प्राचार्य ने अतिथियों का स्वागत किया । जिले के मुख्य कार्यक्रम के साथ ही जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में स्थित सभी शैक्षणिक संस्थाओं में भी आज सामूहिक सूर्य नमस्कार के कार्यक्रम का आयोजन किया गया।