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उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी

रायपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने छत्तीसगढ़ की मेजबानी में देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के प्रचार-प्रसार के लिए यह वाहन राज्य के सभी जिलों में जाएगी। आयोजन के शुभंकर मोरवीर, थीम-सांग और मशाल के साथ प्रदेशभर में घूम-घूमकर यह लोगों को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की जानकारी देगी। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स के लिए मशाल गौरव यात्रा को दिखाई हरी झंडी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित अपने शासकीय निवास कार्यालय से मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाने के बाद कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि देश में पहली बार हो रहे खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ को मिली है। उन्होंने इसके लिए भारत सरकार तथा केन्द्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य में इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। अगले माह फरवरी में होने वाले इस आयोजन के बारे में लोगों को जानकारी देने आज मशाल गौरव यात्रा को रवाना किया गया है। खिलाड़ियों के चयन के लिए ट्रायल 7-8 जनवरी को खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स में सात खेलों को शामिल किया गया है। इनमें हॉकी, फुटबॉल, तीरंदाजी, तैराकी, कुश्ती, एथलेटिक्स और वेट-लिफ्टिंग शामिल हैं। इन खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भागीदारी करने वाले खिलाड़ियों के चयन के लिए आगामी 7 जनवरी और 8 जनवरी को ट्रायल का आयोजन किया गया है। बिलासपुर स्थित स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य प्रशिक्षण केंद्र बहतराई में तीरंदाजी, तैराकी और एथलेटिक्स के लिए ट्रायल प्रक्रिया आयोजित की गई है। वहीं हॉकी, फुटबॉल, कुश्ती और वेट-लिफ्टिंग के लिए ट्रायल रायपुर के स्वामी विवेकानन्द स्टेडियम कोटा में होंगे। उप मुख्यमंत्री अरुण साव द्वारा मशाल गौरव यात्रा को हरी झंडी दिखाए जाने के दौरान खेल एवं युवा कल्याण विभाग की उप संचालक रश्मि ठाकुर और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।

Punjab News: बढ़ती नशाखोरी को रोकने प्रेगाबालिन कैप्सूल की बिक्री पर लगी रोक

इस दवाई की बिक्री पर लगी रोक, सख्त आदेश जारी कपूरथला. जिला मैजिस्ट्रेट अमित कुमार पांचाल ने इंडियन सिटिजनशिप प्रोटैक्शन कोड-2023 के सैक्शन 163 के तहत प्राप्त अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए और सीनियर सुपरिटेंडैंट ऑफ पुलिस की मांग पर, कपूरथला जिले की सीमा के अंदर बिना लाइसेंस के प्रेगाबालिन कैप्सूल रखने, मंजूर मात्रा से ज्यादा रखने/बेचने, बिना बिल और रिकॉर्ड के खरीदने/बेचने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। आदेशों में कहा गया है कि सुपरिटेंडैंट ने उनके ध्यान में लाया है कि अलग-अलग इंटेलिजेंस रिपोर्ट और नशा करने वालों से संपर्क करने पर पता चला है कि नशा करने वाले लोग बड़ी मात्रा में प्रेगाबालिन कैप्सूल का इस्तेमाल नशा करने के लिए कर रहे हैं। 

शहीद सैनिकों के परिवारों को पंजाब सरकार से बड़ी राहत, 10 परिवारों को मिले सरकारी नौकरी के अवसर

चंडीगढ़   वर्ष 2025 के दौरान पंजाब का रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग शहीद सैनिकों के परिवारों, पूर्व सैनिकों, विधवाओं तथा दिव्यांग सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार तथा कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत के निर्देशों के तहत इस वर्ष रक्षा सेवाएं कल्याण विभाग द्वारा पूर्व सैनिकों की भलाई के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। जिम्मेदारी निभा रही पंजाब सरकार इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए रक्षा सेवाएं कल्याण मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि पंजाब सरकार देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले राज्य के सैनिकों के परिवारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को पूरी संवेदनशीलता और सम्मान के साथ निभा रही है। शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरी उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान 10 शहीद सैनिकों के आश्रितों को पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों में सम्मान और कृतज्ञता की नीति के तहत सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। मंत्री ने कहा कि कारगिल दिवस के अवसर पर ऑपरेशन विजय के दौरान शहीद हुए 65 सैनिकों के परिजनों को सम्मानित कर उनकी शहादत और देश सेवा को स्मरण किया गया। राज्य सरकार के अहम कदम उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शहीद सैनिकों के परिवारों और दिव्यांग सैनिकों को एक्स-ग्रेशिया अनुदान के रूप में 3.66 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। भगत ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान शहीद सैनिकों के परिवारों, गैलेंट्री पुरस्कार विजेताओं तथा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 63.22 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर मंत्री ने कहा कि पूर्व सैनिकों और विधवाओं की पेंशन ‘स्पर्श’ पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी ढंग से जारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पेंशन से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए पंजाब के सभी जिला रक्षा सेवाएं कार्यालयों में 15-दिवसीय सहायता शिविर भी लगाए गए हैं। सैनिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 10 दिव्यांग सैनिकों को इलेक्ट्रिक तीन-पहिया स्कूटर वितरित किए गए हैं, ताकि उनकी आवाजाही और जीवन को सरल बनाया जा सके। मंत्री भगत ने दोहराया कि पंजाब सरकार शहीदों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में और भी नई योजनाएं लागू की जाएंगी।

छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के 11 सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को मिली भावभीनी विदाई

जगदलपुर. बस्तर जिला प्रशासन ने वर्ष के अंतिम दिन बुधवार 31 दिसम्बर को कलेक्टोरेट स्थित आस्था कक्ष में आयोजित एक गरिमामय समारोह में बस्तर जिला अंतर्गत विभिन्न विभागों में कार्यरत रहे अपने 11 सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी। कलेक्टर हरिस एस. के निर्देशानुसार प्रशासन ने संवेदनशीलता और सुशासन का परिचय देते हुए सभी सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही पेंशन भुगतान आदेश, ग्रेच्युटी भुगतान आदेश और भविष्य निधि भुगतान आदेश प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन ने सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को शॉल, श्रीफल और पुष्प गुच्छ भेंट कर आत्मीयता के साथ सम्मानित किया। प्रशासन की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि विदाई की बेला में ही कर्मचारियों के हाथों में उनके पेंशन भुगतान आदेश, ग्रेच्युटी भुगतान आदेश और भविष्य निधि भुगतान आदेश सौंप दिए गए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन ने सेवानिवृत्त हो रहे सहयोगियों की कार्यशैली की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि आप सभी शासकीय सेवा के क्षेत्र में अत्यंत अनुभवी हैं और अपने-अपने कार्यों में पूरी तरह निपुण हैं। भले ही आज आप शासकीय दायित्वों से मुक्त हो रहे हैं, लेकिन आपका संचित अनुभव समाज के लिए अमूल्य है। मेरी आप सभी से अपील है कि सेवानिवृत्ति के बाद भी आप सक्रिय रहें और अपने दीर्घकालीन अनुभवों का लाभ समाज और नई पीढ़ी को प्रदान करते रहें। उन्होंने सभी सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के स्वस्थ, सुदीर्घ और खुशहाल जीवन की कामना करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। विदाई की इस बेला में प्रशासन द्वारा त्वरित गति से किए गए भुगतान और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मिले सम्मान से सेवानिवृत्त शासकीय सेवक बेहद अभिभूत और प्रसन्न नजर आए। हाथों-हाथ पेंशन और ग्रेच्युटी के आदेश प्राप्त करना उनके लिए एक सुखद अनुभव था। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जिला प्रशासन की यह पहल बहुत ही सराहनीय और राहत भरी है, जिससे उन्हें सेवा के अंतिम दिन ही भविष्य की आर्थिक सुरक्षा मिल गई है। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषालय अधिकारी श्री अनिल कुमार पाठक ने पेंशनरों को मिलने वाले समस्त हितलाभों के बारे में विस्तार से बताया और बदलते दौर के साथ तालमेल बिठाने के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट की प्रक्रिया और उपयोगिता समझाई। कार्यक्रम में सहायक कोषालय अधिकारी सुश्री ममता ध्रुव और श्री नरेंद्र सिंह नाग सहित कोषालय एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, सेवानिवृत्त शासकीय सेवकों के परिजन भी मौजूद रहे।

Punjab News: मनरेगा में बदलाव के खिलाफ PM को AAP भेजेगी 10 लाख मजदूरों की चिट्ठी

चंडीगढ़. पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने मनरेगा कानून में संशोधन के​ खिलाफ अभिया शुरू किया है. पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि एक बार फिर AAP ने खुद को गरीबों और मजदूरों की सच्ची हितैषी साबित किया है. हमने राज्य के 10 लाख से अधिक मनरेगा मजदूर परिवारों की पीड़ा और मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाने के लिए एक ऐतिहासिक पहल शुरू की है. केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) को विकसित भारत रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G-RAM G) अधिनियम से बदल दिया है. उन्होंने कहा, 'पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मंगलवार को आम आदमी पार्टी के विधायक मनरेगा मजदूरों द्वारा लिखे गए लाखों पत्रों के साथ सदन में पहुंचे. इन पत्रों में उन मेहनतकश परिवारों का दर्द और संघर्ष दर्ज है, जो महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं. इस दौरान मनरेगा मजदूर भी विधानसभा में मौजूद रहे, जिससे सदन में गरीबों की आवाज और मजबूत हुई.' आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इन पत्रों को केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इन्हें सीधे प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का फैसला किया है. सरकार का उद्देश्य केंद्र को जमीनी हकीकत से अवगत कराना और मनरेगा मजदूरों की समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित कराना है. पंजाब के मनरेगा मजदूर लंबे समय से कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं. मजदूरी के भुगतान में देरी सबसे बड़ी परेशानी है, जिससे गरीब परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ता है. उन्होंने कहा, 'कई इलाकों में मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल पाता, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है. केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा फंड समय पर जारी न किए जाने के कारण योजना का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है. आम आदमी पार्टी फाइलों में दबकर रह जाने वाली गरीबों की आवाज को सत्ता के शीर्ष तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. यह पत्र अभियान केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की एक ठोस कोशिश है, ताकि मनरेगा फंड समय पर जारी हों और मजदूरों को उनका पूरा हक मिल सके.' आम आदमी पार्टी ने दोहराया है कि वह हमेशा गरीबों और मजदूरों के साथ खड़ी रही है और आगे भी उनके अधिकारों की लड़ाई मजबूती से लड़ती रहेगी.

केंद्रीय पर्यटन मंत्री शेखावत ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव से पर्यटन विकास और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर की चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज नवा रायपुर, सेक्टर-24 स्थित मुख्यमंत्री निवास में केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने सौजन्य भेंट की। मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर सौहार्दपूर्ण एवं रचनात्मक चर्चा हुई।मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय मंत्री शेखावत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें राजकीय गमछा, बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक तथा बेल मेटल से निर्मित स्मृति-चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल उपस्थित थे।

Hariyana News: पुलिस ने नए साल में बदमाशों को दबोचा

सोनीपत. नए साल की शुरुआत होते ही सोनीपत पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। मुरथल थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-44 के पास सीआईए कुंडली की टीम और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। घायल बदमाश की पहचान समीर के रूप में हुई है, जिसे पैर में गोली लगने के बाद सोनीपत के नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, दूसरे आरोपी साजिद को मौके से ही दबोच लिया गया। दोनों आरोपी सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों बदमाश करीब नौ महीने पहले बहालगढ़ थाना क्षेत्र में हुई एक हत्या की वारदात में वांछित थे। सीआईए कुंडली की टीम लंबे समय से इनका पीछा कर रही थी। सूचना मिलते ही टीम ने नेशनल हाईवे 44 के पास घेराबंदी की, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में समीर के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने दोनों के कब्जे से अवैध हथियार बरामद किए। सूचना मिलते ही सोनीपत पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी।

भोपाल: ईरानी डेरे पर चलेगा बुलडोजर, हिस्ट्रीशीटर सरदार राजू की संपत्ति होगी जब्त

भोपाल  राजधानी भोपाल के अमन कॉलोनी इलाके में स्थित कुख्यात ईरानी डेरा एक बार फिर पुलिस और प्रशासन के निशाने पर है। वर्षों से अवैध गतिविधियों और अपराधियों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में पहचाने जाने वाले इस इलाके में बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली गई है। अवैध निर्माणों को जमींदोज करने के लिए बुलडोजर (Bulldozer Action) चलाने की कवायद शुरू हो चुकी है, वहीं हिस्ट्रीशीटरों की चल-अचल संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई गई है। इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल अतिक्रमण हटाना है, बल्कि अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश देना भी है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था ईरानी डेरा लंबे समय से हिस्ट्रीशीटर और संगठित अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ था। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड कुख्यात बदमाश राजू है, जिसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। अन्य राज्यों की पुलिस भी सतर्क भोपाल पुलिस द्वारा शुरू की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद देश के अन्य राज्यों की पुलिस भी सतर्क हो गई है और आपसी समन्वय के साथ जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान समय में अमरावती (महाराष्ट्र), श्रीगंगानगर (राजस्थान), झालावाड़ और बड़वानी से पुलिस की विशेष टीमें भोपाल पहुंच चुकी हैं। इन राज्यों की पुलिस को भी ईरानी डेरे से जुड़े अपराधियों की कई संगीन मामलों में तलाश है, जिनमें संगठित अपराध, अवैध वसूली और हिंसक गतिविधियां शामिल हैं। कुख्यात बदमाशों का सेफ हाउस बना ईरानी डेरा पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक ईरानी डेरा लंबे समय से कुख्यात अपराधियों का सुरक्षित अड्डा रहा है। यहां रहने वाले गैंग के सदस्य मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में चोरी, लूट और ठगी जैसी वारदातों को अंजाम देते थे। वारदात के बाद आरोपी यहीं लौटकर छिप जाते थे, जिससे यह इलाका पुलिस के लिए लगातार चुनौती बना हुआ था। खुफिया एजेंसियों (Intelligence Inputs) की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस काफी समय से इस डेरे पर नजर बनाए हुए थी। कॉम्बिंग गश्त में 32 आरोपी गिरफ्तार रविवार 28 दिसंबर को भोपाल पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त (Combing Operation) के तहत ईरानी डेरे को चारों ओर से घेरकर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई में 10 महिलाओं सहित कुल 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों में कई ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके खिलाफ विभिन्न राज्यों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह वही डेरा है जिसे देशभर की चोरी और लूट की वारदातों का सेफ हाउस माना जाता रहा है। हिस्ट्रीशीटर राजू ईरानी मास्टरमाइंड पुलिस जांच में सामने आया है कि पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड हिस्ट्रीशीटर राजू ईरानी है। उसके खिलाफ पहले से ही कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब उसके और उसके सहयोगियों की चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटा रही है। अवैध तरीके से खड़ी की गई संपत्ति को कुर्क (Property Seizure) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 21 चोरी की बाइक बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 21 महंगी बाइक बरामद की हैं। इन बाइकों की कीमत 70 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक बताई जा रही है। बरामद मोटरसाइकिलों में स्पोर्ट्स और लग्जरी सेगमेंट की बाइक शामिल हैं। कई बाइकों पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी, ताकि उनकी पहचान न हो सके। पुलिस के अनुसार, इनमें से कई बाइक अन्य राज्यों से चोरी की गई थीं और उन्हें ईरानी डेरे में छिपाकर रखा गया था। बाहरी राज्यों की पुलिस टीमें भी सक्रिय ईरानी डेरे का नेटवर्क अन्य राज्यों से भी जुड़ा होने के चलते कार्रवाई के बाद बाहरी पुलिस टीमें भी भोपाल पहुंच गई हैं। अमरावती, श्रीगंगानगर, झालावाड़ और बड़वानी से आई पुलिस टीमें जांच में सहयोग कर रही हैं। अलग-अलग राज्यों में दर्ज मामलों के आधार पर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ी जा सकें। अवैध निर्माणों पर चलेगा बुलडोजर पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ प्रशासन ने ईरानी डेरे में बने अवैध निर्माणों को भी चिन्हित कर लिया है। संबंधित विभागों ने दस्तावेजों की जांच के बाद बुलडोजर चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। प्रशासन का कहना है कि नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए सभी अवैध ढांचों को हटाया जाएगा और क्षेत्र को अपराध मुक्त करने के लिए आगे भी सख्त कदम उठाए जाएंगे। संपत्तियों को कुर्क करने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू प्रशासन की कार्रवाई केवल अवैध निर्माण गिराने तक सीमित नहीं है। मास्टरमाइंड राजू और उसके सहयोगियों की चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने की वैधानिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों के आर्थिक ढांचे को तोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह के नेटवर्क दोबारा खड़े न हो सकें। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जल्द ही चिन्हित स्थानों पर अतिक्रमण हटाने और कानून व्यवस्था बहाल करने की कार्रवाई की जाएगी।

न्यू ईयर ईवन पर करें ये सरल उपाय, धन-समृद्धि से भर जाएगा घर

साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है. आज नए साल का पहला दिन है. हर कोई अपने परिवार के लोगों और दोस्तों को नए साल की शुभकामनाएं दे रहा है. कहा जाता है कि नए साल के पहले दिन की शुरुआत जिस प्रकार से की जाती है, उसका प्रभाव जीवन में साल भर देखने को मिलता है, इसलिए ज्योतिषविदों का मानना है साल के पहले दिन देव-देवताओं को प्रसन्न करने का प्रयास करना चाहिए. इससे पूरे साल देवी-देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है. शास्त्रों में माता लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है. अगर नए साल पर माता लक्ष्मी को प्रसन्न कर लिया जाता है, तो पूरे साल घर में धन की कमी नहीं होती है. ज्योतिषविदों के अनुसार, देवी लक्ष्मी शाम को गोधूलि वेला में धरती पर भ्रमण करती हैं और अपने भक्तों के घर में आती हैं. ये समय संध्या काल में करीब 7 बजे से रात 9 बजे के बीच का होता है. मान्यता है कि अगर नए साल के पहले दिन शाम को कुछ विशेष उपाय करते हुए माता लक्ष्मी का स्वागत किया जाए तो इससे बहुत लाभ होता है. नए साल पर करें ये उपाय सूर्यास्त के बाद घर का प्रमुख द्वार खुला रखें नए साल के पहले दिन सूर्यास्त के बाद घर का प्रमुख द्वार कुछ देर के लिए खुला रखना चाहिए. इससे घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवेश होगा, जिसके प्रभाव से घर में सुख-शांति बनी रहेगी. साथ ही माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा. घर के प्रमुख द्वार पर पांच दीपक जलाएं नए साल के पहले दिन शाम को घर के प्रमुख द्वार पर पांच दीपक जलाने चाहिए. दरवाजे पर जलाए गए दीपकों को माता लक्ष्मी के स्वागत का प्रतीक माना जाता है. ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और सौभाग्य बढ़ता है. शाम को घर में अंधेरा और गंदगी न रखें घर के मुख्य दरवाजे पर शाम को रंगोली अवश्य बनानी चाहिए. वहां साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए. कहते हैं जिस घर में साफ-सफाई होती है, वहीं पर माता लक्ष्मी प्रवेश करती हैं. इसलिए ध्यान रखें कि नए साल साल के पहले दिन शाम को घर के किसी कोने में अंधेरा और गंदगी न रहे.

Punjab News: नए साल पर पंजाब के सरकारी अस्पतालों में 200 सुरक्षा कर्मियों की होगी तैनाती

चंडीगढ. पंजाब के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन (पी.एच.एस.सी.) ने राज्य के सभी जिला अस्पतालों में 200 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। यह फैसला पी.सी.एम.एस. एसोसिएशन द्वारा लंबे समय से डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे संघर्ष और पिछले वर्षों में अस्पतालों के भीतर हुई हिंसक घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नए आदेशों के तहत यह तैनाती जनवरी 2026 से शुरू होगी, जिससे अस्पतालों में सुरक्षित कार्य वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार इन सुरक्षा कर्मियों की भर्ती केवल ‘पैस्को’ (PESCO) एजेंसी के माध्यम से की जाएगी। जनवरी और फरवरी 2026 के पहले दो महीनों के लिए इनकी तनख्वाह का प्रबंध ई.आर.एफ. और अस्पतालों के यूजर चार्ज फंड से किया जाएगा। आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि बठिंडा, श्री मुक्तसर साहिब, एस.बी.एस. नगर और माता कौशल्या अस्पताल पटियाला अपने स्तर पर यूजर चार्ज से भुगतान करेंगे। मार्च 2026 के बाद इन कर्मचारियों की तनख्वाह के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में विशेष प्रावधान करने की जिम्मेदारी निदेशक स्वास्थ्य सेवाओं के जे.सी.एफ.ए. को सौंपी गई है। जिला-वार विवरण के अनुसार लुधियाना को सबसे अधिक 12, जबकि अमृतसर, जालंधर, बठिंडा और पटियाला को 11-11 सुरक्षा गार्ड आवंटित किए गए हैं। अन्य जिलों में यह संख्या 7 से 9 के बीच रखी गई है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार यह सुरक्षा व्यवस्था तीन चरणों में उपलब्ध कराएगी। फिलहाल पहले चरण में जिला स्तर के अस्पतालों को सुरक्षा दी गई है, इसके बाद इसे ब्लॉक और कम्युनिटी हेल्थ सेंटरों तक बढ़ाया जाएगा। साल भर में डॉक्टरों से जुड़े 60 हिंसक मामले पंजाब के अस्पतालों में सुरक्षा की जरूरत क्यों पड़ी, इसका अंदाजा वर्ष 2024-25 के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। इस दौरान राज्य के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और ड्यूटी स्टाफ के साथ करीब 60 बार हाथापाई और झगड़े की घटनाएं सामने आईं। इनमें से लगभग 20 गंभीर मामलों में पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। इन घटनाओं के कारण मेडिकल स्टाफ में भय का माहौल था, जिसके चलते सितंबर 2024 में डॉक्टरों को हड़ताल जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा था।